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राजस्थान की नदियां और झीलें: चंबल, लूनी और सांभर

राज्य परीक्षाओं के लिए राजस्थान की नदियां और झीलें: चंबल, बनास, लूनी, माही, घग्घर, खारे और मीठे पानी की झीलें, बांध, रामसर स्थल और एमसीक्यू।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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राजस्थान की नदियां और झीलें: चंबल, लूनी और सांभर — GK24 title card
राजस्थान की नदियां और झीलें: चंबल, लूनी और सांभर — GK24 title card

राजस्थान के भूगोल का पहला अध्याय जल है, क्योंकि राज्य में जल सबसे कम है। अरावली पर्वतमाला अपवाह को बांटती है: उसके पूर्व और दक्षिण पूर्व की नदियां चंबल और यमुना के रास्ते बंगाल की खाड़ी की ओर जाती हैं, दक्षिण पश्चिम की नदियां लूनी और माही के रास्ते अरब सागर की ओर जाती हैं, और उत्तर पश्चिम में राज्य के बड़े भाग का कोई निकास ही नहीं है, इसलिए वहां की धाराएं रेत में समा जाती हैं। यह आंतरिक अपवाह राजस्थान के बहुत बड़े हिस्से में फैला है, और इससे ही खारी झीलें तथा प्रत्येक बांध और तालाब का महत्व समझ में आता है। परीक्षा में नदी का उद्गम, झील का जिला और उसे बनवाने वाले शासक का नाम पूछा जाता है।

चंबल तंत्र की नदियां

चंबल राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी और एकमात्र सदावाहिनी नदी है। यह मध्य प्रदेश की विंध्य श्रेणी में महू के निकट जानापाव पहाड़ी से निकलती है, चित्तौड़गढ़ में चौरासीगढ़ के पास राजस्थान में प्रवेश करती है और कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली तथा धौलपुर से गुजरकर उत्तर प्रदेश में यमुना में मिल जाती है; इसका प्राचीन नाम चर्मण्वती था। इस पर बनी चार संरचनाएं बार बार पूछी जाती हैं: मध्य प्रदेश का गांधी सागर बांध, चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा का राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज। राजस्थान में इसकी मुख्य सहायक नदियां बनास, कालीसिंध, पार्वती और मेज हैं, और चंबल के बीहड़ तथा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य का घड़ियाल भी इसी कहानी का भाग हैं।

बनास पूरी तरह राजस्थान में बहने वाली सबसे बड़ी नदी है, जिसकी लंबाई लगभग 480 किलोमीटर है। यह राजसमंद जिले में कुंभलगढ़ के निकट अरावली की खमनोर पहाड़ियों से निकलती है और सवाई माधोपुर में रामेश्वर घाट पर चंबल में मिलती है। इसके नाम का अर्थ वन की आशा है, और इसकी सहायक नदियां बेड़च, जो उदयपुर की आयड़ को लाती है, तथा कोठारी, खारी, डाई, मोरेल और कालीसिल हैं। टोंक जिले में बनास पर बना बीसलपुर बांध जयपुर, अजमेर और टोंक के पेयजल का स्रोत है।

अरब सागर और आंतरिक अपवाह की नदियां

लूनी पश्चिमी राजस्थान की जीवन रेखा है। यह अजमेर के निकट नाग पहाड़ियों से निकलती है, जहां इसे सागरमती कहा जाता है, सरस्वती अर्थात सरसुती के मिलने के बाद लूनी नाम पाती है, और गुजरात में कच्छ के रण में समा जाती है। इसका जल ऊपरी भाग में मीठा और बालोतरा के नीचे खारा है, इसीलिए पुराने ग्रंथ इसे लवणवारी अर्थात खारी नदी कहते हैं। इसकी सहायक नदियां बाएं किनारे पर जोजरी तथा दाएं किनारे पर लीलड़ी, गुहिया, बांडी, सूकड़ी, जवाई, खारी और सागी हैं। माही मध्य प्रदेश से बांसवाड़ा में प्रवेश करती है, इसे वागड़ की गंगा कहा जाता है, इसमें सोम, जाखम और अनास मिलती हैं, और बांसवाड़ा में इस पर माही बजाज सागर बांध बना है। पश्चिमी बनास और साबरमती भी दक्षिणी अरावली से निकलकर गुजरात चली जाती हैं।

आंतरिक अपवाह की नदियां वे हैं जो लुप्त हो जाती हैं। घग्घर, जिसे मृत नदी कहा जाता है और वैदिक सरस्वती से जोड़ा जाता है, कालका के निकट शिवालिक से निकलती है, हनुमानगढ़ के तलवाड़ा में राजस्थान में प्रवेश करती है और सूरतगढ़ तथा अनूपगढ़ के पास रेत में खो जाती है; इसके सूखे पाट को नाली कहते हैं। सीकर और झुंझुनूं की कांतली, जयपुर और अलवर की साबी तथा जैसलमेर की काकनेय का अंत भी इसी प्रकार होता है। बीकानेर और चूरू जिलों में कोई नदी नहीं है।

खारे पानी की झीलें

  • सांभर: राजस्थान की सबसे बड़ी खारी झील और भारत की सबसे बड़ी अंतःस्थलीय लवण झील, जो जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों में फैली है, मेंढा, रूपनगढ़, खारी और खंडेल से भरती है, और 1990 से रामसर स्थल है।
  • नागौर की डीडवाना, बाड़मेर की पचपदरा, बीकानेर की लूणकरणसर, तथा कुचामन, डेगाना और सुजानगढ़: इनसे सदियों से नमक बनाया जाता रहा है।

मीठे पानी की झीलें और उनके निर्माता

झीलजिलायाद रखने योग्य बात
जयसमंद या ढेबरउदयपुरमहाराणा जयसिंह ने गोमती पर बनवाई; राजस्थान की सबसे बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झील
राजसमंदराजसमंदमहाराणा राजसिंह ने बनवाई; नौचौकी पर राज प्रशस्ति उत्कीर्ण है
पिछोलाउदयपुरचौदहवीं शताब्दी में एक बंजारे ने खुदवाई; इसमें जगमंदिर और जगनिवास हैं
फतहसागरउदयपुरइसके टापुओं पर नेहरू उद्यान और सौर वेधशाला है
आनासागरअजमेरअर्णोराज ने बनवाई; किनारे दौलत बाग है
फॉयसागरअजमेर1892 में अकाल राहत कार्य के रूप में बनी, अभियंता फॉय के नाम पर
पुष्करअजमेरब्रह्मा मंदिर और कार्तिक पूर्णिमा का मेला
नक्कीसिरोहीमाउंट आबू में, राजस्थान की सबसे ऊंची झील
कायलाना और बालसमंदजोधपुरकायलाना प्रताप सिंह ने बनवाई; बालसमंद बारहवीं शताब्दी की पुरानी झील है
सिलीसेढ़अलवरकिनारे पर महल, जो अब होटल है

राज्य के दो आर्द्रभूमि क्षेत्र रामसर स्थल हैं: भरतपुर का केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान और सांभर झील। परीक्षा के लिए तीन जोड़ियां तैयार रखें: नदी और उद्गम, बांध और नदी, झील और निर्माता। लगभग प्रत्येक प्रश्न इसी रूप में आता है।

परीक्षा की दृष्टि से

राजस्थान के प्रश्नपत्र इस अध्याय को जोड़ियों के रूप में पूछते हैं। सर्वाधिक पूछे जाने वाले बिंदु: सबसे लंबी और एकमात्र सदावाहिनी नदी (चंबल) तथा राज्य के भीतर पूरी बहने वाली सबसे बड़ी नदी (बनास) का अंतर; अजमेर की नाग पहाड़ियों से लूनी का उद्गम और उसका खारा निचला भाग; मृत नदी और वैदिक सरस्वती के रूप में घग्घर; बांध और नदी की जोड़ी, अर्थात बनास पर बीसलपुर, चंबल पर राणा प्रताप सागर, माही पर माही बजाज सागर और पाली में जवाई पर जवाई बांध; झील और निर्माता की जोड़ी, अर्थात जयसमंद के साथ महाराणा जयसिंह और राजसमंद के साथ महाराणा राजसिंह; तथा सांभर, डीडवाना, पचपदरा और लूणकरणसर खारी झीलें अपने जिलों के साथ। भूलें हैं लूनी को सबसे लंबी नदी बताना, चंबल को राजस्थान में निकलने वाली नदी मानना, और यह भूल जाना कि बीकानेर तथा चूरू में कोई नदी नहीं है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सबसे लंबी और एकमात्र सदावाहिनी नदीचंबल, उद्गम मध्य प्रदेश में महू के निकट जानापाव पहाड़ी
राजस्थान के भीतर सबसे बड़ी नदीबनास, लगभग 480 किलोमीटर, राजसमंद की खमनोर पहाड़ियों से
बनास का चंबल से संगमरामेश्वर घाट, सवाई माधोपुर
बीसलपुर बांधटोंक जिले में बनास पर; जयपुर, अजमेर और टोंक का पेयजल
लूनी का उद्गम और अंतअजमेर के निकट नाग पहाड़ियों से सागरमती के रूप में; अंत कच्छ के रण में
लूनी की एकमात्र बाएं किनारे की सहायक नदीजोजरी
माहीमध्य प्रदेश से बांसवाड़ा में प्रवेश; वागड़ की गंगा; माही बजाज सागर बांध
मृत नदीघग्घर, वैदिक सरस्वती; प्रवेश तलवाड़ा, हनुमानगढ़; पाट का नाम नाली
सबसे बड़ी खारी झीलसांभर, जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों में; 1990 से रामसर स्थल
अन्य खारी झीलेंडीडवाना (नागौर), पचपदरा (बाड़मेर), लूणकरणसर (बीकानेर)
सबसे बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झीलजयसमंद या ढेबर, उदयपुर, महाराणा जयसिंह द्वारा निर्मित
राजस्थान की सबसे ऊंची झीलनक्की झील, माउंट आबू, सिरोही जिला
राजस्थान के रामसर स्थलकेवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर और सांभर झील
नदी रहित जिलेबीकानेर और चूरू

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.राजस्थानआसान

राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी और राज्य की एकमात्र सदावाहिनी नदी कौन सी है?

  1. A.लूनी
  2. B.बनास
  3. C.चंबल
  4. D.माही
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चंबल

यह मध्य प्रदेश की विंध्य श्रेणी में महू के निकट जानापाव पहाड़ी से निकलती है, चित्तौड़गढ़ जिले में राजस्थान में प्रवेश करती है और कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली तथा धौलपुर से बहकर यमुना में मिलती है, और मालवा के पठार की अधिक वर्षा से भरती रहने के कारण वर्ष…

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Q2.राजस्थानमध्यम

पूरी तरह राजस्थान में बहने वाली सबसे बड़ी नदी बनास किन पहाड़ियों से निकलती है?

  1. A.कुंभलगढ़ के निकट खमनोर पहाड़ियां
  2. B.अजमेर के निकट नाग पहाड़ियां
  3. C.महू के निकट जानापाव पहाड़ी
  4. D.बोदी वेस्ट हिल्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कुंभलगढ़ के निकट खमनोर पहाड़ियां

बनास राज्य में लगभग 480 किलोमीटर उत्तर पूर्व की ओर बहती है और सवाई माधोपुर के रामेश्वर घाट पर चंबल में मिलती है, तथा मार्ग में बेड़च, कोठारी, खारी, डाई, मोरेल और कालीसिल को साथ लेती है; इसके नाम का अर्थ वन की आशा है।

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Q3.राजस्थानमध्यम

अजमेर के निकट अपने उद्गम पर लूनी नदी किस नाम से जानी जाती है?

  1. A.सरसुती
  2. B.सागरमती
  3. C.जोजरी
  4. D.चर्मण्वती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सागरमती

लूनी अजमेर के निकट नाग पहाड़ियों से निकलती है और अपने पहले भाग में सागरमती कहलाती है; गोविंदगढ़ के पास सरसुती के मिलने के बाद संयुक्त धारा लूनी कहलाती है और अंत में गुजरात में कच्छ के रण में फैल जाती है।

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Q4.राजस्थानमध्यम

राजस्थान की किस नदी को मृत नदी कहा जाता है और वैदिक सरस्वती से जोड़ा जाता है?

  1. A.कांतली
  2. B.घग्घर
  3. C.साबी
  4. D.बेड़च
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. घग्घर

यह कालका के निकट शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है, हनुमानगढ़ जिले के तलवाड़ा में राजस्थान में प्रवेश करती है और सूरतगढ़ तथा अनूपगढ़ के पास रेत में खो जाती है, इसलिए यह कभी समुद्र तक नहीं पहुंचती और मृत नदी कहलाती है; इसके सूखे पाट को स्थानीय भाषा में नाली…

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Q5.राजस्थानआसान

जयपुर और अजमेर के पेयजल का मुख्य स्रोत बीसलपुर बांध किस नदी पर बना है?

  1. A.बनास
  2. B.चंबल
  3. C.लूनी
  4. D.कालीसिंध
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बनास

बीसलपुर बांध टोंक जिले में बनास पर बना है और जयपुर, अजमेर, टोंक तथा बीच के कस्बों को पेयजल देता है, जिससे यह पूर्वी राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजना बन जाती है।

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Q6.राजस्थानमध्यम

माही बजाज सागर बांध राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  1. A.बांसवाड़ा
  2. B.डूंगरपुर
  3. C.उदयपुर
  4. D.प्रतापगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बांसवाड़ा

माही मध्य प्रदेश से बांसवाड़ा जिले में राजस्थान में प्रवेश करती है, जहां उस पर माही बजाज सागर बांध बना है, जो राजस्थान और गुजरात की संयुक्त परियोजना है; इस नदी को वागड़ की गंगा कहा जाता है और इसमें सोम, जाखम तथा अनास मिलती हैं।

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Q7.राजस्थानआसान

राजस्थान की सबसे बड़ी खारी झील और भारत की सबसे बड़ी अंतःस्थलीय लवण झील कौन सी है?

  1. A.डीडवाना
  2. B.पचपदरा
  3. C.सांभर
  4. D.लूणकरणसर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सांभर

यह झील जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों में फैली है, मेंढा, रूपनगढ़, खारी और खंडेल धाराओं से भरती है, सदियों से इससे नमक बनाया जाता रहा है, और 1990 में इसे रामसर स्थल घोषित किया गया, जहां शीत ऋतु में राजहंस आते हैं।

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Q8.राजस्थानमध्यम

ढेबर कहलाने वाली जयसमंद झील किस शासक ने बनवाई थी?

  1. A.महाराणा जयसिंह
  2. B.महाराणा राजसिंह
  3. C.महाराणा प्रताप
  4. D.महाराणा कुंभा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. महाराणा जयसिंह

सही उत्तर A, मेवाड़ के महाराणा जयसिंह है, जिन्होंने सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में गोमती नदी पर बांध बनाकर उदयपुर जिले में यह झील बनवाई; यह राजस्थान की सबसे बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झील है, इसके चारों ओर जयसमंद अभयारण्य है और किनारों पर संगमरमर की छतरियां तथा हवा…

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Q9.राजस्थानआसान

राजस्थान की सबसे ऊंची झील नक्की किस जिले में स्थित है?

  1. A.सिरोही
  2. B.उदयपुर
  3. C.अलवर
  4. D.जोधपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सिरोही

नक्की झील सिरोही जिले में राजस्थान के एकमात्र पर्वतीय स्थल माउंट आबू पर है, और इसे नाखूनों से खोदे जाने की लोक कथा से इसका नाम मिला; इसके किनारे टॉड रॉक है और इसी में महात्मा गांधी की अस्थियां विसर्जित की गई थीं।

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Q10.राजस्थानमध्यम

राजस्थान की कौन सी दो आर्द्रभूमियां रामसर स्थल के रूप में सूचीबद्ध हैं?

  1. A.केवलादेव घना और सांभर झील
  2. B.पिछोला और फतहसागर
  3. C.सिलीसेढ़ और रामगढ़
  4. D.जयसमंद और राजसमंद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवलादेव घना और सांभर झील

भरतपुर का केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान, जो पहले भरतपुर के शासकों का बदक शिकार क्षेत्र था, 1981 में सूचीबद्ध हुआ, विश्व धरोहर स्थल भी है और शीतकालीन प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है; सांभर खारी झील 1990 में सूचीबद्ध हुई और वहां राजहंस आते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान की सबसे लंबी नदी कौन सी है?

चंबल, जो राज्य की एकमात्र सदावाहिनी नदी भी है। यह मध्य प्रदेश की विंध्य श्रेणी में महू के निकट जानापाव पहाड़ी से निकलती है, चित्तौड़गढ़ जिले में राजस्थान में प्रवेश करती है और उत्तर प्रदेश में यमुना में मिलती है, तथा मार्ग में बनास, कालीसिंध, पार्वती और मेज को साथ लेती है।

पूरी तरह राजस्थान में बहने वाली सबसे बड़ी नदी कौन सी है?

बनास, जिसकी लंबाई लगभग 480 किलोमीटर है। यह राजसमंद जिले में कुंभलगढ़ के निकट अरावली की खमनोर पहाड़ियों से निकलती है और सवाई माधोपुर में रामेश्वर घाट पर चंबल में मिलती है। जयपुर और अजमेर को जल देने वाला बीसलपुर बांध टोंक जिले में इसी पर है।

लूनी को खारी नदी क्यों कहा जाता है?

क्योंकि इसका जल केवल ऊपरी भाग में मीठा रहता है। बाड़मेर में बालोतरा के नीचे यह खारी मिट्टी से बहती है और जल खारा हो जाता है, इसलिए पुराने ग्रंथ इसे लवणवारी या लवणवती कहते हैं। यह अजमेर के निकट नाग पहाड़ियों से सागरमती के रूप में निकलती है और कच्छ के रण में समाप्त होती है।

राजस्थान की सबसे बड़ी खारी झील कौन सी है?

सांभर, जो जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों में फैली है और भारत की सबसे बड़ी अंतःस्थलीय लवण झील भी है। इसे मेंढा, रूपनगढ़, खारी और खंडेल धाराएं भरती हैं, सदियों से इसके खारे जल से नमक बनाया जाता रहा है, और यह 1990 से रामसर स्थल है।

जयसमंद और राजसमंद झीलें किसने बनवाईं?

उदयपुर जिले की जयसमंद, जिसे ढेबर भी कहा जाता है, महाराणा जयसिंह ने गोमती नदी पर बनवाई और वह राजस्थान की सबसे बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झील है। राजसमंद महाराणा राजसिंह ने बनवाई, और उसके बांध पर बनी नौचौकी में राज प्रशस्ति उत्कीर्ण है।

राजस्थान के रामसर स्थल कौन से हैं?

दो: भरतपुर का केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान, जो विश्व धरोहर स्थल भी है और प्रवासी पक्षियों के शीतकालीन आवास के रूप में प्रसिद्ध है, तथा सांभर झील, जहां राजहंस आते हैं। केवलादेव 1981 में और सांभर 1990 में सूचीबद्ध हुई।

स्रोत

  • भारत: भौतिक पर्यावरण (कक्षा ग्यारह), अपवाह तंत्र अध्याय — एनसीईआरटी
  • सांभर झील रामसर स्थल सूचना पत्र — रामसर अभिसमय सचिवालय
  • राजस्थान के नदी बेसिन — जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार
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