प्राचीन हरियाणा: राखीगढ़ी, कुरुक्षेत्र और वैदिक काल
परीक्षा के लिए प्राचीन हरियाणा के नोट्स: राखीगढ़ी और बनावली जैसे हड़प्पा स्थल, ब्रह्मावर्त, वैदिक काल, कुरुक्षेत्र, यौधेय तथा हर्षवर्धन का थानेसर।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

हरियाणा उत्तर भारत की सबसे पुरानी बसी हुई भूमि पर स्थित है। जब सरस्वती और दृषद्वती बहती थीं, तब यहां हड़प्पा काल के गांव और नगर बसे थे, ऋग्वेद के मंत्र इन्हीं दो नदियों का नाम लेते हैं, और कुरुक्षेत्र के मैदान ने महाभारत को उसका युद्धक्षेत्र दिया। केवल 1966 में बने राज्य के लिए यह बहुत लंबी स्मृति है, और राज्य के प्रश्नपत्र इसी से प्रश्न बनाते हैं। इस अध्याय में तीनों परतें क्रम से दी गई हैं, हड़प्पा स्थल, वैदिक काल, और उसके बाद थानेसर के हर्षवर्धन तक के राज्य।
हरियाणा के हड़प्पाकालीन स्थल
भारत के किसी भी राज्य से अधिक हड़प्पाकालीन स्थल हरियाणा से मिले हैं, क्योंकि सरस्वती और दृषद्वती के सूखे पाट, जिन्हें आज घग्घर और चौतांग कहते हैं, बस्तियों की घनी श्रृंखला लिए हुए थे। याद रखने योग्य स्थल थोड़े ही हैं।
| स्थल | जिला | किस बात के लिए प्रसिद्ध |
|---|---|---|
| राखीगढ़ी | हिसार | भारत का सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन स्थल, कई टीलों में फैला |
| बनावली | फतेहाबाद | मिट्टी का हल का प्रतिरूप; पूर्व हड़प्पा से उत्तर हड़प्पा तक तीनों चरण |
| कुणाल | फतेहाबाद | पूर्व हड़प्पा स्तर; चांदी के मुकुट और आभूषण |
| भिरड़ाना | फतेहाबाद | सबसे निचले स्तर से हकड़ा मृद्भांड, क्षेत्र के प्राचीनतम में |
| फरमाना | रोहतक | खुदाई में मिला बड़ा हड़प्पाकालीन कब्रिस्तान |
| मिताथल | भिवानी | उत्तर हड़प्पा कालीन बस्ती |
| सीसवाल | हिसार | पूर्व हड़प्पा चरण की सीसवाल संस्कृति का नामकरण इसी से |
| बालू | कैथल | रसोई की आरंभिक फसलों के वनस्पति अवशेष |
राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हिसार जिले में है और इसमें राखी खास तथा राखी शाहपुर नाम के दो गांव आते हैं, जो दृषद्वती के सूखे पाट पर बसे हैं। इसके टीलों की खुदाई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए अमरेंद्र नाथ ने 1997 से 2000 के बीच की, और बाद की खुदाइयों का नेतृत्व वसंत शिंदे ने किया। क्षेत्रफल में यह भारत का ज्ञात सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन स्थल है, गुजरात के धौलावीरा से भी बड़ा, और यहां से नियोजित गलियां, नालियां, अग्निकुंड, अन्नागार, मुहरें, चूड़ी बनाने की कार्यशालाएं और एक कब्रिस्तान मिले हैं। इसी कब्रिस्तान के एक कंकाल से प्राप्त प्राचीन डीएनए पर 2019 में प्रकाशित शोधपत्र ने बहुत ध्यान खींचा, क्योंकि उस व्यक्ति के जीनोम में स्टेपी पशुपालकों का अंश नहीं मिला। वर्ष 2020 के केंद्रीय बजट में राखीगढ़ी को उन पांच पुरातात्विक स्थलों में गिनाया गया जिन्हें संग्रहालय सहित प्रतिष्ठित स्थल के रूप में विकसित किया जाना है।
वैदिक काल और ब्रह्मावर्त
ऋग्वेद सरस्वती को नदियों में श्रेष्ठ कहता है और उसके साथ दृषद्वती का नाम लेता है। मनुस्मृति इन्हीं दो नदियों के बीच की भूमि को ब्रह्मावर्त कहती है, देवताओं की बनाई पवित्र भूमि, और वही भूमि आज का हरियाणा मैदान है। सप्त सिंधु अर्थात सात नदियों का क्षेत्र इसके उत्तर और पश्चिम में था। उत्तर वैदिक काल में भरत और पुरु मिलकर कुरु जन बने, और कुरु देश अपने पूर्व के पांचाल के साथ उत्तर वैदिक ग्रंथों का केंद्र बना; ब्राह्मण ग्रंथ और आरंभिक उपनिषद इसी पृष्ठभूमि के हैं। इस काल की पुरातत्व पहचान चित्रित धूसर मृद्भांड संस्कृति है, और कुरुक्षेत्र जिले के भगवानपुरा की खुदाई में उत्तर हड़प्पा मृद्भांड तथा चित्रित धूसर मृद्भांड एक ही स्तर में मिले, जो उन थोड़े स्थानों में है जहां दोनों संस्कृतियों का मेल दिखता है।
कुरुक्षेत्र
भगवद्गीता की पहली ही पंक्ति कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहती है, और परंपरा महाभारत के अठारह दिन के युद्ध को इसी मैदान पर रखती है। इस क्षेत्र की तीर्थयात्रा अड़तालीस कोस की परिक्रमा है, जो अनेक सरोवरों और मंदिरों को जोड़ती है। ज्योतिसर को वह स्थान माना जाता है जहां कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया, ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर यहां के बड़े सरोवर हैं, और थानेसर में स्थाणेश्वर महादेव मंदिर है। गीता जयंती हर वर्ष यहीं मनाई जाती है। थानेसर, प्राचीन स्थाण्वीश्वर, पुष्यभूति अथवा वर्धन वंश की राजधानी था। प्रभाकरवर्धन यहीं से शासन करता था, और उसका पुत्र हर्षवर्धन, जो 606 में गद्दी पर बैठा, बाद में अपनी राजधानी कन्नौज ले गया। हर्ष के दरबारी कवि बाणभट्ट ने हर्षचरित में थानेसर का वर्णन किया, और हर्ष के काल में आए चीनी यात्री ह्वेनसांग ने थानेसर तथा स्रुघ्न, अर्थात यमुनानगर जिले का आज का सुघ, दोनों देखे।
वैदिक काल और हर्ष के बीच
ईसा के आसपास की शताब्दियों में यह भूमि यौधेय गणराज्य के अधीन थी, और रोहतक के खोखराकोट से मिले सिक्कों के सांचे उनका सबसे प्रसिद्ध अवशेष हैं। हिसार जिले का अग्रोहा पुराना व्यापारिक नगर है जिसके सिक्कों पर अगोदक अंकित मिलता है, और परंपरा उसे महाराजा अग्रसेन से जोड़ती है। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में आज जो अशोक स्तंभ खड़ा है, उसे चौदहवीं शताब्दी में फिरोजशाह तुगलक यमुनानगर जिले के टोपरा से लाया था, और इसी स्तंभ पर काम करते हुए जेम्स प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी लिपि पढ़ी थी। ये सब अवशेष मिलकर हरियाणा को ऐसा राज्य बनाते हैं जहां हड़प्पा से मुगल काल तक हर युग ने कुछ न कुछ छोड़ा है।
परीक्षा की दृष्टि से
हरियाणा के प्रश्नपत्र इस विषय से स्थल और खोज की जोड़ियां पूछते हैं, इसलिए एक तालिका बनाकर याद करें, राखीगढ़ी के साथ हिसार, बनावली के साथ मिट्टी का हल, कुणाल के साथ चांदी के मुकुट, भिरड़ाना के साथ हकड़ा मृद्भांड, फरमाना के साथ कब्रिस्तान, मिताथल के साथ भिवानी और सीसवाल के साथ सीसवाल संस्कृति। सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न राखीगढ़ी का जिला है और सबसे बड़ा जाल फतेहाबाद है, जहां तीन अन्य स्थल हैं। वैदिक भाग से सरस्वती और दृषद्वती के बीच का ब्रह्मावर्त, कुरु पांचाल देश, चित्रित धूसर मृद्भांड तथा भगवानपुरा पूछे जाते हैं। कुरुक्षेत्र से धर्मक्षेत्र, ज्योतिसर और अड़तालीस कोस परिक्रमा; परवर्ती काल से खोखराकोट के यौधेय सांचे, अग्रोहा, ह्वेनसांग द्वारा देखा गया स्रुघ्न, फिरोजशाह तुगलक द्वारा ले जाया गया टोपरा स्तंभ तथा प्रभाकरवर्धन और हर्षवर्धन का थानेसर। सामान्य प्रश्नपत्र वैदिक साहित्य भी पूछते हैं, इसलिए चारों वेद और उनके ब्राह्मण ग्रंथ भी तैयार रखें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| राखीगढ़ी | हिसार जिला; भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल; गांव राखी खास और राखी शाहपुर |
|---|---|
| बनावली | फतेहाबाद; मिट्टी के हल का प्रतिरूप; खुदाई आर. एस. बिष्ट द्वारा |
| कुणाल | फतेहाबाद; पूर्व हड़प्पा स्तर से चांदी के मुकुट और आभूषण |
| भिरड़ाना | फतेहाबाद; सबसे निचले स्तर से हकड़ा मृद्भांड |
| फरमाना | रोहतक; खुदाई में मिला बड़ा हड़प्पाकालीन कब्रिस्तान |
| ब्रह्मावर्त | सरस्वती और दृषद्वती के बीच की भूमि, मनुस्मृति में उल्लिखित |
| भगवानपुरा | कुरुक्षेत्र जिला; उत्तर हड़प्पा मृद्भांड के साथ चित्रित धूसर मृद्भांड |
| कुरुक्षेत्र | भगवद्गीता का धर्मक्षेत्र; ज्योतिसर, ब्रह्म सरोवर, सन्निहित सरोवर |
| थानेसर | प्राचीन स्थाण्वीश्वर, पुष्यभूति अथवा वर्धन वंश की राजधानी |
| हर्षवर्धन | 606 में राज्यारोहण; बाणभट्ट ने हर्षचरित लिखा; ह्वेनसांग आया |
| खोखराकोट, रोहतक | यौधेयों के सिक्कों के सांचे |
| टोपरा, यमुनानगर | फिरोजशाह तुगलक द्वारा दिल्ली ले जाए गए अशोक स्तंभ का मूल स्थान |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
वैदिक आर्य सप्त सिंधु नामक क्षेत्र में रहते थे, जिसका अर्थ है सात नदियों से सिंचित क्षेत्र। इन सात में एक नदी झेलम है। उसका प्राचीन नाम क्या था?
- A.अस्किनी
- B.परुष्णी
- C.विपाश
- D.वितस्ता
उत्तर देखें
ऋग्वेद में झेलम को वितस्ता कहा गया है, और वह सप्त सिंधु की सात नदियों में से एक है, अर्थात उस भूमि की नदी जहां ऋग्वेद के मंत्र रचे गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गायत्री मंत्र के नाम से प्रसिद्ध मंत्र का सबसे प्राचीन उल्लेख निम्नलिखित में से किस ग्रंथ में मिलता है?
- A.भगवद्गीता
- B.अथर्ववेद
- C.ऋग्वेद
- D.मनुस्मृति
उत्तर देखें
गायत्री मंत्र सबसे पहले ऋग्वेद के तीसरे मंडल में आता है और उसका श्रेय ऋषि विश्वामित्र को दिया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शतपथ ब्राह्मण और तैत्तिरीय ब्राह्मण किस वेद के ब्राह्मण ग्रंथ हैं?
- A.सामवेद
- B.अथर्ववेद
- C.ऋग्वेद
- D.यजुर्वेद
उत्तर देखें
शतपथ ब्राह्मण शुक्ल यजुर्वेद का है और तैत्तिरीय ब्राह्मण कृष्ण यजुर्वेद का, इसलिए दोनों यजुर्वेद के ब्राह्मण ग्रंथ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ऋग्वैदिक काल में निम्नलिखित में से कौन से तीन देवता विशेष रूप से महत्वपूर्ण थे?
- A.रुद्र, विष्णु और इंद्र
- B.अग्नि, इंद्र और सोम
- C.इंद्र, वरुण और रुद्र
- D.अग्नि, इंद्र और विष्णु
उत्तर देखें
ऋग्वेद में सबसे अधिक सूक्त इन्हीं तीनों को समर्पित हैं। युद्ध के देवता और पुरंदर इंद्र को सर्वाधिक सूक्त मिले हैं; अग्नि, जो आहुति को देवताओं तक पहुंचाती है, उसके बाद है; और सोम, जो औषधि भी है और देवता भी, उसे पूरा नवां मंडल समर्पित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हड़प्पाकालीन स्थल राखीगढ़ी हरियाणा के किस जिले में स्थित है?
- A.फतेहाबाद
- B.हिसार
- C.रोहतक
- D.भिवानी
उत्तर देखें
राखीगढ़ी हिसार जिले में है और राखी खास तथा राखी शाहपुर नाम के दो गांवों की भूमि पर फैला है, जो दृषद्वती के सूखे पाट पर हैं, जिसे आज चौतांग कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा के किस हड़प्पाकालीन स्थल से मिट्टी के हल का प्रतिरूप मिला है?
- A.बनावली
- B.कुणाल
- C.सीसवाल
- D.बालू
उत्तर देखें
फतेहाबाद जिले के बनावली से, जिसकी खुदाई आर. एस. बिष्ट ने की, मिट्टी के हल का प्रतिरूप मिला, जो हड़प्पा जगत में जुते हुए खेतों का सबसे स्पष्ट प्रमाण है; दूसरा प्रसिद्ध प्रमाण राजस्थान के कालीबंगा में मिला जुता हुआ खेत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मनुस्मृति के अनुसार ब्रह्मावर्त किन दो नदियों के बीच की भूमि थी?
- A.गंगा और यमुना
- B.सरस्वती और दृषद्वती
- C.सतलुज और व्यास
- D.यमुना और चंबल
उत्तर देखें
मनुस्मृति ब्रह्मावर्त को देवताओं द्वारा बनाई गई वह पवित्र भूमि कहती है जो सरस्वती और दृषद्वती के बीच है, और वही पट्टी आज के हरियाणा का मैदान है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कुरुक्षेत्र का ज्योतिसर परंपरा के अनुसार किस घटना से जुड़ा है?
- A.हर्षवर्धन का राज्याभिषेक
- B.कृष्ण द्वारा अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश
- C.ऋग्वेद की रचना
- D.दाशराज्ञ युद्ध
उत्तर देखें
कुरुक्षेत्र नगर से थोड़ी दूर स्थित ज्योतिसर को परंपरा वह स्थान मानती है जहां महाभारत युद्ध से पहले कृष्ण ने अर्जुन को गीता सुनाई थी, और वहां का पुराना वटवृक्ष उसका साक्षी बताया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में आज खड़ा अशोक स्तंभ फिरोजशाह तुगलक हरियाणा के किस स्थान से लाया था?
- A.अग्रोहा
- B.टोपरा
- C.सुघ
- D.थानेसर
उत्तर देखें
यह स्तंभ चौदहवीं शताब्दी में फिरोजशाह तुगलक यमुनानगर जिले के टोपरा से दिल्ली लाया और अपने नए नगर फिरोजाबाद में स्थापित किया, जहां वह आज भी फिरोजशाह कोटला में खड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा का थानेसर किस वंश की राजधानी था?
- A.यौधेय
- B.पुष्यभूति अथवा वर्धन
- C.तोमर
- D.चौहान
उत्तर देखें
कुरुक्षेत्र जिले का थानेसर, प्राचीन स्थाण्वीश्वर, पुष्यभूति वंश की राजधानी था, जिसे राजाओं के नामों के अंत के कारण वर्धन वंश भी कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन स्थल कौन सा है?
हरियाणा के हिसार जिले का राखीगढ़ी, जो क्षेत्रफल में गुजरात के धौलावीरा से भी बड़ा है। यह दृषद्वती के सूखे पाट पर है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए इसकी खुदाई अमरेंद्र नाथ ने 1997 से 2000 के बीच की थी।
हड़प्पा पुरातत्व में बनावली का क्या महत्व है?
क्योंकि वहां से मिट्टी के हल का प्रतिरूप मिला, जो हड़प्पा जगत में जुते खेतों का सबसे स्पष्ट प्रमाण है, और क्योंकि उसके स्तरों में पूर्व हड़प्पा, परिपक्व हड़प्पा तथा उत्तर हड़प्पा तीनों चरण मिलते हैं। यह फतेहाबाद जिले में है और इसकी खुदाई आर. एस. बिष्ट ने की थी।
ब्रह्मावर्त क्या था?
मनुस्मृति सरस्वती और दृषद्वती के बीच की भूमि को ब्रह्मावर्त कहती है, देवताओं की बनाई पवित्र भूमि। इन नदियों की पहचान सूखी घग्घर और चौतांग से की जाती है, इसलिए ब्रह्मावर्त आज के हरियाणा का मैदान है।
थानेसर से किसने शासन किया?
पुष्यभूति अथवा वर्धन वंश ने। प्रभाकरवर्धन ने थानेसर को शक्ति बनाया, उसके बाद थोड़े समय राज्यवर्धन रहा, और 606 में हर्षवर्धन गद्दी पर बैठा, जो बाद में राजधानी कन्नौज ले गया।
फिरोजशाह कोटला का अशोक स्तंभ कहां से आया था?
हरियाणा के यमुनानगर जिले के टोपरा से। फिरोजशाह तुगलक ने चौदहवीं शताब्दी में उसे दिल्ली मंगवाकर अपने नगर फिरोजाबाद में स्थापित किया, और उस पर अशोक के सातों स्तंभ लेख अंकित हैं।
स्रोत
- भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग एक (कक्षा 12), अध्याय 1: ईंटें, मनके तथा अस्थियां — एनसीईआरटी
- उत्खनन: हरियाणा — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण





