हरियाणा के धार्मिक और पर्यटन स्थल: परीक्षा नोट्स
एचएसएससी और सीईटी परीक्षाओं के लिए हरियाणा के धार्मिक तथा पर्यटन स्थलों के नोट्स: कुरुक्षेत्र, पानीपत, पिंजौर, मोरनी, नारनौल और पक्षी नामधारी परिसर।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

हरियाणा छोटे क्षेत्र में असामान्य रूप से अधिक दर्शनीय स्थल समेटे हुए है: महाभारत का क्षेत्र, दिल्ली का भाग्य तय करने वाले दो युद्धक्षेत्र, एक मुगल सीढ़ीदार उद्यान, राज्य का एकमात्र पर्वतीय स्थल, और पक्षियों के नाम पर बने सड़क किनारे के पर्यटक परिसरों की शृंखला। इस अध्याय से प्रश्न लगभग सदा मिलान प्रकार के होते हैं, स्थल के साथ जिला अथवा स्थल के साथ उसका निर्माता, अतः दोहराने का सुरक्षित तरीका जिलेवार पढ़ना है।
कुरुक्षेत्र, सर्वाधिक पवित्र क्षेत्र
धार्मिक दृष्टि से कुरुक्षेत्र राज्य का केंद्र है, और वह एक स्थल नहीं बल्कि स्थलों का समूह है। ज्योतिसर वह स्थान है जहां परंपरा मानती है कि कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया, जिसे अक्षय वट नामक प्राचीन बरगद तथा रथ की प्रतिमा चिह्नित करती है। ब्रह्म सरोवर सबसे बड़ा सरोवर है, और उसके तट पर गीता जयंती महोत्सव होता है। सन्निहित सरोवर को सात सरस्वतियों का संगम माना जाता है, और वहां अमावस्या पर स्नान विशेष पुण्यकारी समझा जाता है। थानेसर नगर में स्थानेश्वर महादेव मंदिर तथा भद्रकाली मंदिर है, जो शक्तिपीठों में गिना जाता है, और उनके पास भिन्न प्रकार के दो स्मारक खड़े हैं: हर्ष का टीला, जो हर्षवर्धन से जुड़ा टीला है, और शेख चिल्ली का मकबरा, जो दारा शिकोह से जुड़े मुगलकालीन गुरु का है। जिले में श्रीकृष्ण संग्रहालय, पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र तथा कल्पना चावला तारामंडल भी हैं, और 48 कोस परिक्रमा व्यापक पवित्र क्षेत्र को चिह्नित करती है।
पानीपत और युद्धक्षेत्र के नगर
पानीपत तीन युद्धों की स्मृति संजोता है। बाबर ने 1526 के प्रथम युद्ध के बाद काबुली बाग मस्जिद बनवाई, जिसमें इब्राहिम लोदी मारा गया, और इब्राहिम लोदी का मकबरा भी नगर में है। काला आम 1761 के तृतीय युद्ध का क्षेत्र चिह्नित करता है, जो मराठों तथा अहमद शाह अब्दाली के बीच हुआ। पानीपत सूफी संत बू अली शाह कलंदर की दरगाह के कारण तीर्थस्थल भी है, और वहां प्राचीन देवी मंदिर भी है।
पिंजौर, मोरनी और उत्तर की पहाड़ियां
पंचकूला जिले का पिंजौर उद्यान, जिसका नाम पटियाला के शासक यादविंद्र सिंह के नाम पर यादविंद्र उद्यान रखा गया, वह मुगल चारबाग है जिसे औरंगजेब के दूध भाई नवाब फिदाई खान ने ढलान पर उतरती सीढ़ियों में बनवाया; उसके पास का भीमा देवी मंदिर परिसर, अपने तक्षित फलकों के कारण, उत्तर भारत का खजुराहो कहा जाता है। उसी जिले की मोरनी पहाड़ियां हरियाणा का एकमात्र पर्वतीय स्थल हैं, जिनके नीचे टिक्कर ताल झीलें हैं। पंचकूला में माता मनसा देवी मंदिर भी है, जो मनीमाजरा के शासक ने उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभ में बनवाया, तथा नाडा साहिब गुरुद्वारा, जहां गुरु गोबिंद सिंह भंगाणी के युद्ध के बाद रुके थे। अंबाला जिले में पंजोखरा साहिब गुरु हरकिशन से जुड़ा है।
यमुनानगर, हिसार और दक्षिण
यमुनानगर में आदि बद्री है, जिसे परंपरा सरस्वती के उद्गम का स्थान मानती है, कपाल मोचन, जहां कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेला लगता है, तथा कलेसर राष्ट्रीय उद्यान अपने साल वनों के साथ। हिसार की स्थापना फिरोज शाह तुगलक ने 1354 में हिसार-ए-फिरोजा के रूप में की, और वहां उसका महल परिसर, गुजरी महल, जहाज कोठी तथा बरसी गेट बचे हैं; निकट ही हांसी का असीगढ़ किला, अग्रवाल समाज के लिए पवित्र अग्रोहा टीला, तथा हड़प्पाकालीन राखीगढ़ी हैं। दक्षिण में महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में शाह कुली खान द्वारा बनवाया जल महल, इब्राहिम खान सूर का मकबरा, बीरबल का छत्ता तथा फिरोज शाह तुगलक के समय उठाया गया चोर गुंबद है, जबकि राजस्थान सीमा पर ढोसी पहाड़ी ऋषि च्यवन के आश्रम से पहचानी जाती है।
झीलें, आर्द्रभूमियां और पक्षी परिसर
फरीदाबाद में सूरजकुंड है, तोमर राजा सूरजपाल को श्रेय दिया जाने वाला पुराना जलाशय, जहां प्रत्येक फरवरी में अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला लगता है, और उसके पास बड़खल झील; बल्लभगढ़ का नाहर सिंह महल 1857 के बाद फांसी दिए गए राजा की स्मृति दिलाता है। गुरुग्राम में शीतला माता मंदिर, दमदमा झील, सोहना के गंधक जलस्रोत तथा सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान हैं; झज्जर में भिंडावास आर्द्रभूमि है, और रोहतक में टिल्यार झील तथा अस्थल बोहर में बाबा मस्तनाथ का मठ। सुल्तानपुर और भिंडावास दोनों 2021 में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की रामसर सूची में जोड़े गए।
राज्य पर्यटन विभाग की एक आदत परीक्षकों को सहज प्रश्न देती है: उसके पर्यटक परिसरों के नाम पक्षियों पर रखे गए हैं। ब्लू जे समालखा में है, स्काईलार्क पानीपत में, किंगफिशर अंबाला में, मैगपाई फरीदाबाद में, डबचिक होडल में और जंगल बैबलर धारूहेड़ा में, और यही क्रम शेष शृंखला में भी चलता है।
| स्थल | जिला | किसके लिए प्रसिद्ध |
|---|---|---|
| ज्योतिसर | कुरुक्षेत्र | गीता उपदेश स्थल, अक्षय वट |
| काबुली बाग मस्जिद | पानीपत | प्रथम युद्ध के बाद बाबर द्वारा, 1526 |
| पिंजौर अथवा यादविंद्र उद्यान | पंचकूला | फिदाई खान का मुगल सीढ़ीदार उद्यान |
| मोरनी पहाड़ियां | पंचकूला | हरियाणा का एकमात्र पर्वतीय स्थल |
| आदि बद्री | यमुनानगर | सरस्वती का पारंपरिक उद्गम |
| चोर गुंबद | महेंद्रगढ़ (नारनौल) | तुगलककालीन मकबरा |
| सूरजकुंड | फरीदाबाद | तोमर जलाशय, फरवरी का शिल्प मेला |
परीक्षा की दृष्टि से
लगभग प्रत्येक प्रश्न स्थल और जिले का मिलान होता है, अतः जिला ही याद करना आवश्यक है: कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर और ब्रह्म सरोवर, पानीपत में काबुली बाग तथा काला आम, पंचकूला में पिंजौर और मोरनी, यमुनानगर में आदि बद्री और कपाल मोचन, महेंद्रगढ़ में नारनौल के स्मारक, फरीदाबाद में सूरजकुंड। दूसरा प्रकार पूछता है किसने क्या बनवाया: बाबर और काबुली बाग मस्जिद, फिदाई खान और पिंजौर उद्यान, फिरोज शाह तुगलक और हिसार, शाह कुली खान और जल महल। तीसरा प्रकार किसी पर्यटक परिसर का पक्षी नाम पूछता है, और चौथा मेले को उसके स्थान से जोड़ता है, जैसे शिल्प मेला सूरजकुंड के साथ और कपाल मोचन कार्तिक पूर्णिमा के साथ।
महत्वपूर्ण तथ्य
| गीता उपदेश स्थल | ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र, अक्षय वट बरगद के साथ |
|---|---|
| सबसे बड़ा सरोवर | ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र; गीता जयंती महोत्सव |
| सात सरस्वतियां | सन्निहित सरोवर, कुरुक्षेत्र; अमावस्या स्नान |
| कुरुक्षेत्र का शक्तिपीठ | भद्रकाली मंदिर, थानेसर |
| शेख चिल्ली का मकबरा | थानेसर, कुरुक्षेत्र; दारा शिकोह से जुड़े गुरु |
| हर्ष का टीला | थानेसर का टीला, हर्षवर्धन से संबद्ध |
| काबुली बाग मस्जिद | पानीपत, प्रथम युद्ध के बाद बाबर द्वारा, 1526 |
| काला आम | पानीपत, पानीपत के तृतीय युद्ध का क्षेत्र, 1761 |
| पानीपत की सूफी दरगाह | बू अली शाह कलंदर |
| पिंजौर उद्यान | पंचकूला; नवाब फिदाई खान द्वारा; यादविंद्र उद्यान नाम |
| उत्तर भारत का खजुराहो | भीमा देवी मंदिर परिसर, पिंजौर |
| एकमात्र पर्वतीय स्थल | मोरनी पहाड़ियां, पंचकूला, टिक्कर ताल के साथ |
| सिख तीर्थ | पंचकूला में नाडा साहिब; अंबाला में पंजोखरा साहिब |
| सरस्वती का उद्गम | आदि बद्री, यमुनानगर |
| कपाल मोचन मेला | यमुनानगर, कार्तिक पूर्णिमा पर |
| हिसार-ए-फिरोजा | फिरोज शाह तुगलक द्वारा 1354 में स्थापित; गुजरी महल |
| नारनौल के स्मारक | शाह कुली खान का जल महल, बीरबल का छत्ता, चोर गुंबद |
| ढोसी पहाड़ी | महेंद्रगढ़; ऋषि च्यवन का आश्रम |
| सूरजकुंड | फरीदाबाद; तोमर राजा सूरजपाल; फरवरी में शिल्प मेला |
| 2021 की रामसर आर्द्रभूमियां | गुरुग्राम का सुल्तानपुर और झज्जर का भिंडावास |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भगवद्गीता का उपदेश स्थल माना जाने वाला ज्योतिसर किस जिले में है?
- A.पानीपत
- B.कुरुक्षेत्र
- C.करनाल
- D.जींद
उत्तर देखें
ज्योतिसर कुरुक्षेत्र नगर से कुछ किलोमीटर दूर है, और परंपरा उसे युद्धक्षेत्र का वह स्थान मानती है जहां कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानीपत की काबुली बाग मस्जिद किस शासक ने बनवाई?
- A.बाबर
- B.हुमायूं
- C.अकबर
- D.शेरशाह सूरी
उत्तर देखें
उसने 1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध में अपनी विजय के उपलक्ष्य में पानीपत में काबुली बाग मस्जिद तथा उसके चारों ओर का बाग बनवाया, जिस युद्ध में अंतिम लोदी सुल्तान इब्राहिम लोदी मारा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पिंजौर उद्यान, जिसे यादविंद्र उद्यान भी कहा जाता है, हरियाणा के किस जिले में है?
- A.अंबाला
- B.पंचकूला
- C.यमुनानगर
- D.कुरुक्षेत्र
उत्तर देखें
पिंजौर पंचकूला जिले में शिवालिक की ढलान पर है, और वहां का उद्यान वह मुगल चारबाग है जिसे औरंगजेब के दूध भाई नवाब फिदाई खान ने उतरती सीढ़ियों में बनवाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा का एकमात्र पर्वतीय स्थल कौन सा है?
- A.मोरनी पहाड़ियां
- B.ढोसी पहाड़ी
- C.तोशाम पहाड़ी
- D.कलेसर
उत्तर देखें
हरियाणा में यही एक स्थान पर्वतीय स्थल के रूप में विकसित है, और उसके नीचे जुड़वां टिक्कर ताल झीलें हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सरस्वती का उद्गम स्थल पारंपरिक रूप से माना जाने वाला आदि बद्री किस जिले में है?
- A.कुरुक्षेत्र
- B.यमुनानगर
- C.पंचकूला
- D.कैथल
उत्तर देखें
आदि बद्री यमुनानगर जिले की शिवालिक तलहटी में है, और परंपरा उसे वह स्थान मानती है जहां सरस्वती प्रकट होती है, इसीलिए राज्य ने वहां नदी तथा एक जलाशय पर कार्य आरंभ किया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुगलकालीन स्मारक शेख चिल्ली का मकबरा किस स्थान पर है?
- A.कुरुक्षेत्र का थानेसर
- B.महेंद्रगढ़ का नारनौल
- C.हिसार का हांसी
- D.गुरुग्राम का फर्रुखनगर
उत्तर देखें
मुगल राजकुमार दारा शिकोह से जुड़े सूफी गुरु शेख चिल्ली का मकबरा थानेसर में ऊंचे चबूतरे पर खड़ा है, जिसका गुंबद श्वेत संगमरमर का है और पास ही मदरसे का आंगन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा पर्यटन का ब्लू जे नामक पर्यटक परिसर किस स्थान पर है?
- A.समालखा
- B.होडल
- C.धारूहेड़ा
- D.अंबाला
उत्तर देखें
हरियाणा पर्यटन अपने सड़क किनारे के परिसरों के नाम पक्षियों पर रखता है, और समालखा का परिसर ब्लू जे है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ऋषि च्यवन के आश्रम से पहचानी जाने वाली ढोसी पहाड़ी हरियाणा के किस जिले में है?
- A.भिवानी
- B.महेंद्रगढ़
- C.रेवाड़ी
- D.चरखी दादरी
उत्तर देखें
ढोसी पहाड़ी महेंद्रगढ़ जिले में हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर ज्वालामुखीय उत्पत्ति की एक पृथक पहाड़ी है, और परंपरा उस पर ऋषि च्यवन का आश्रम मानती है, जिनसे च्यवनप्राश का नाम पड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मूलतः हिसार-ए-फिरोजा नामक हिसार नगर तथा उसका गुजरी महल किस शासक ने बनवाया?
- A.इल्तुतमिश
- B.फिरोज शाह तुगलक
- C.अलाउद्दीन खिलजी
- D.पृथ्वीराज चौहान
उत्तर देखें
उसने क्षेत्र की सिंचाई के लिए यमुना और सतलुज से नहरें भी निकालीं, और उसी क्षेत्र में फतेहाबाद तथा फिरोजपुर की स्थापना की, इसीलिए हरियाणा के मध्यकालीन इतिहास में उसका नाम बार-बार आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तुगलककालीन मकबरा चोर गुंबद हरियाणा के किस नगर में है?
- A.नारनौल
- B.सोहना
- C.कैथल
- D.झज्जर
उत्तर देखें
चोर गुंबद नगर के ऊपर एक ऊंचाई पर बना वर्गाकार गुंबदयुक्त मकबरा है, जिसे फिरोज शाह तुगलक के समय जमाल खान नामक अफगान अमीर ने उठाया, और उसकी ऊंचाई ने उसे यात्रियों के लिए पहचान चिह्न बना दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरियाणा में भगवद्गीता का उपदेश कहां दिया गया माना जाता है?
कुरुक्षेत्र जिले के ज्योतिसर में, जहां अक्षय वट नामक प्राचीन बरगद तथा कृष्ण और अर्जुन के रथ की प्रतिमा उस स्थान को चिह्नित करती है। ज्योतिसर कुरुक्षेत्र के स्थलों के समूह में एक है, जिसमें ब्रह्म सरोवर, सन्निहित सरोवर तथा थानेसर का स्थानेश्वर महादेव मंदिर भी हैं।
पिंजौर उद्यान किसने बनवाया और अब वह किस नाम से जाना जाता है?
उसे औरंगजेब के दूध भाई नवाब फिदाई खान ने पंचकूला जिले के पिंजौर में ढलान पर उतरती सीढ़ियों में मुगल चारबाग के रूप में बनवाया। बाद में पटियाला के यादविंद्र सिंह के नाम पर उसका नाम यादविंद्र उद्यान रखा गया, और उसके पास भीमा देवी मंदिर परिसर है।
हरियाणा का एकमात्र पर्वतीय स्थल कौन सा है?
पंचकूला जिले की मोरनी पहाड़ियां, जो राज्य के सुदूर उत्तर में शिवालिक शृंखला में हैं। उनके नीचे टिक्कर ताल झीलें हैं, और यमुनानगर का कलेसर अपने साल वन के साथ तथा मोरनी के आसपास का शिवालिक क्षेत्र हरियाणा के पर्वतीय और वन गंतव्य हैं।
पानीपत के कौन से स्मारक वहां लड़े गए युद्धों से जुड़े हैं?
काबुली बाग मस्जिद 1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध के बाद बाबर ने बनवाई, जिसमें इब्राहिम लोदी मारा गया, और इब्राहिम लोदी का मकबरा भी नगर में है। काला आम मराठों तथा अहमद शाह अब्दाली के बीच 1761 के तृतीय युद्ध का क्षेत्र चिह्नित करता है।
सूरजकुंड शिल्प मेला कहां लगता है?
फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड में, तोमर राजा सूरजपाल को श्रेय दिए जाने वाले पुराने जलाशय के पास। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला वहां प्रत्येक फरवरी में लगता है, जिसमें देश भर से तथा सहभागी देशों से शिल्पकार आते हैं, और बड़खल झील निकट ही है।
हरियाणा के पर्यटक परिसरों के नाम पक्षियों पर क्यों हैं?
राज्य पर्यटन विभाग ने राजमार्गों पर अपने सड़क किनारे के परिसरों के लिए पक्षियों के नाम अपनाए, अतः प्रत्येक किसी पक्षी के नाम से जाना जाता है: समालखा में ब्लू जे, पानीपत में स्काईलार्क, अंबाला में किंगफिशर, फरीदाबाद में मैगपाई, होडल में डबचिक और धारूहेड़ा में जंगल बैबलर आदि। परीक्षक परिसर और उसका स्थान पूछते हैं।
स्रोत
- हरियाणा जिला गजेटियर: कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकूला और महेंद्रगढ़ — राजस्व विभाग, हरियाणा सरकार
- हरियाणा के केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- राज्य के पर्यटन गंतव्य तथा पर्यटक परिसर — हरियाणा पर्यटन निगम
- भारत की रामसर आर्द्रभूमियां: सुल्तानपुर और भिंडावास — पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार





