हरियाणा की अर्थव्यवस्था और राज्य बजट: तथ्य और अनुच्छेद
हरियाणा की अर्थव्यवस्था तथा बजट के पूरे नोट्स: कृषि और उद्योग, गुरुग्राम की सेवाएं, राज्य के कर, बजट के अनुच्छेद तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

हरियाणा 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग होकर बना और छह दशकों में देश के सर्वाधिक औद्योगिक तथा उच्च आय वाले राज्यों में गिना जाने लगा, जहां प्रति व्यक्ति आय बड़े राज्यों में सबसे ऊपर रहने वालों में है। इसकी अर्थव्यवस्था तीन आधारों पर खड़ी है: उत्तर और पश्चिम का हरित क्रांति वाला कृषि क्षेत्र, गुरुग्राम तथा फरीदाबाद के आसपास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का औद्योगिक और सेवा गलियारा, तथा बढ़ता सेवा क्षेत्र, जिसका राज्य के उत्पादन में सबसे बड़ा हिस्सा है। इस नोट में यही संरचना और फिर राज्य बजट समझाया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 202 से 207 तथा राज्य के राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून पर आधारित है।
राज्य की अर्थव्यवस्था का स्वरूप
सकल राज्य मूल्य वर्धन में हिस्से के आधार पर हरियाणा में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा है, उसके बाद उद्योग और फिर कृषि, जबकि कृषि आज भी अपने उत्पादन हिस्से से कहीं अधिक श्रमशक्ति को रोजगार देती है। राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण और सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान, जिन पर बजट बनता है, आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्लेषण विभाग तैयार करता है। हरियाणा की सबसे बड़ी सुविधा उसकी स्थिति है: राज्य का बड़ा भाग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आता है, जिससे सड़क और वायु संपर्क, बाजार तथा कंपनियों के कार्यालय मिलते हैं, इसलिए गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जिले राज्य के राजस्व में अनुपात से अधिक योगदान देते हैं।
कृषि और सहयोगी क्षेत्र
हरियाणा उन दो राज्यों में था जहां 1960 के दशक के अंत में हरित क्रांति ने जड़ पकड़ी, और गेहूं तथा चावल आज भी इसकी मुख्य फसलें हैं। केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल देने वाले अग्रणी राज्यों में यह सम्मिलित है, इसलिए इसका खरीद तंत्र बड़ा है: हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड नियंत्रित मंडियां चलाता है और राज्य बनने के बाद 1966 में स्थापित शीर्ष सहकारी संस्था हैफेड खाद्यान्न की खरीद तथा प्रसंस्करण करती है। गन्ना, सरसों, बाजरा, कपास और सब्जियां अन्य महत्वपूर्ण फसलें हैं। पशुपालन सशक्त है, जिसमें मुर्रा भैंस राज्य की प्रसिद्ध नस्ल है और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता ऊंची है। दो राज्य उपाय प्रायः पूछे जाते हैं: वर्ष 2018 की भावांतर भरपाई योजना, जिसमें अधिसूचित सब्जियों का बाजार भाव संरक्षित मूल्य से नीचे जाने पर अंतर की राशि उत्पादक को दी जाती है, तथा वर्ष 2020 की मेरा पानी मेरी विरासत, जो भूजल बचाने के लिए धान से हटकर दूसरी फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देती है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीद और मुआवजे के लिए फसल का पंजीयन होता है।
उद्योग और सेवाएं
हरियाणा राष्ट्रीय महत्व का औद्योगिक राज्य है, विशेष रूप से वाहन उद्योग में। गुरुग्राम और मानेसर के कार संयंत्र, फरीदाबाद के ट्रैक्टर तथा इंजीनियरिंग कारखाने और गुरुग्राम-धारूहेड़ा पट्टी के दोपहिया संयंत्र राज्य को कारों, ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिलों का बड़ा उत्पादक बनाते हैं।
- गुरुग्राम: सूचना प्रौद्योगिकी, व्यापार प्रक्रिया प्रबंधन, कंपनियों के कार्यालय और स्थावर संपदा।
- फरीदाबाद: इंजीनियरिंग सामान, ट्रैक्टर, वाहन कलपुर्जे और टायर।
- पानीपत: हथकरघा और गृह सज्जा वस्त्र, जिसे बुनकरों का नगर कहा जाता है, तथा वर्ष 1998 में आरंभ इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी।
- यमुनानगर: प्लाईवुड और कागज; हिसार: इस्पात तथा स्टेनलेस स्टील; बहादुरगढ़: जूते और सिरेमिक; रेवाड़ी: पीतल के बर्तन।
औद्योगिक क्षेत्र और आदर्श औद्योगिक नगर वर्ष 1967 में स्थापित हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम विकसित करता है, और राज्य की औद्योगिक नीति का ढांचा वर्ष 2020 की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति है। अर्थव्यवस्था को आकार देने वाली आधारभूत संरचना में लगभग 136 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे है, जो दिल्ली के पश्चिमी परिधीय मार्ग के रूप में वर्ष 2018 में पूर्ण रूप से खुला, राज्य के दक्षिण से निकलने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, तथा पलवल और सोनीपत के बीच प्रस्तावित हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर।
राज्य बजट और संविधान
हरियाणा का बजट राज्य का वार्षिक वित्तीय विवरण है, जिसे वित्त विभाग तैयार करता है और वित्त मंत्री 1 अप्रैल से आरंभ होने वाले वित्तीय वर्ष से पहले विधानसभा में प्रस्तुत करते हैं।
| अनुच्छेद | प्रावधान |
|---|---|
| अनुच्छेद 199 | राज्य विधानमंडल में धन विधेयक की परिभाषा |
| अनुच्छेद 202 | वार्षिक वित्तीय विवरण, अर्थात राज्य बजट, सदन के समक्ष रखना |
| अनुच्छेद 203 | विधानमंडल में प्रक्रिया: अनुदान मांगों पर मत होता है, भारित व्यय पर नहीं |
| अनुच्छेद 204 | विनियोग विधेयक, जिसके बिना राज्य की संचित निधि से धन नहीं निकल सकता |
| अनुच्छेद 205 | अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदान |
| अनुच्छेद 206 | लेखानुदान, प्रत्यायानुदान और अपवादानुदान |
| अनुच्छेद 207 | वित्त विधेयकों के लिए राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक |
| अनुच्छेद 266 और 267(2) | राज्य की संचित निधि तथा लोक लेखा; राज्य विधान से राज्य की आकस्मिकता निधि |
| अनुच्छेद 293 | राज्य का ऋण लेना, केंद्र का ऋण बकाया रहने तक केंद्र की सहमति से |
प्राप्तियां, व्यय और राजकोषीय नियम
हरियाणा की प्राप्तियां दो प्रकार की हैं। स्वयं का कर राजस्व राज्य वस्तु एवं सेवा कर, मदिरा पर आबकारी शुल्क, स्टांप शुल्क तथा पंजीयन शुल्क, वाहन कर और विद्युत शुल्क से आता है, और कर संग्रह के प्रयास में हरियाणा देश के मजबूत राज्यों में है। इसमें स्वयं का करेतर राजस्व, अनुच्छेद 280 के अंतर्गत वित्त आयोग की सिफारिश से केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा, तथा केंद्रीय अनुदान जुड़ते हैं। व्यय को राजस्व व्यय, जिसमें मुख्यतः वेतन, पेंशन, ब्याज और सब्सिडी आते हैं, तथा पूंजीगत परिव्यय, जिससे सड़क, नहर और भवन जैसी संपत्तियां बनती हैं, के रूप में पढ़ा जाता है। वर्ष 2005 का हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम राज्य को राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के लगभग 3 प्रतिशत के भीतर रखने तथा ऋण सीमित रखने को बाध्य करता है, और केंद्र की अनुमति से अतिरिक्त उधारी पर छूट मिलती है। वर्ष बीतने पर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक लेखों की संपरीक्षा करते हैं और प्रतिवेदन विधानसभा की लोक लेखा समिति के पास जाता है, जिससे बजट भाषण से आरंभ हुआ जवाबदेही का चक्र पूरा होता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला, अर्थव्यवस्था की संरचना और नगरों का मिलान: सबसे बड़ा क्षेत्र कौन, कौन-सा नगर किस उद्योग से जुड़ा है, कारों के लिए गुरुग्राम तथा मानेसर, हथकरघा और वर्ष 1998 की इंडियन ऑयल रिफाइनरी के लिए पानीपत, प्लाईवुड के लिए यमुनानगर, पीतल के लिए रेवाड़ी, तथा हैफेड एवं एचएसआईआईडीसी की भूमिका। दूसरा, राज्य बजट के संवैधानिक अनुच्छेद, जिनमें परीक्षक संघ का अनुच्छेद राज्य के स्थान पर रख देता है: 112 बनाम 202, 110 बनाम 199, 292 बनाम 293। श्रृंखला 199, 202, 203, 204, 205, 206, 207 के साथ 266, 267(2), 280 और 293 याद करें। तीसरा, राज्य के राजकोषीय तथा कृषि उपाय: वर्ष 2005 का राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम बनाम संघ का वर्ष 2003 का अधिनियम, 3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का नियम, भूजल के लिए वर्ष 2020 की मेरा पानी मेरी विरासत और सब्जियों के मूल्य के लिए वर्ष 2018 की भावांतर भरपाई योजना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| राज्य का गठन | 1 नवंबर 1966, पंजाब से अलग होकर |
|---|---|
| मूल्य वर्धन में सबसे बड़ा क्षेत्र | सेवा क्षेत्र, उसके बाद उद्योग और फिर कृषि |
| मुख्य फसलें | गेहूं और चावल, साथ में गन्ना, सरसों, बाजरा, कपास तथा सब्जियां |
| प्रसिद्ध पशु नस्ल | मुर्रा भैंस |
| शीर्ष खरीद सहकारी संस्था | हैफेड, राज्य सहकारी आपूर्ति तथा विपणन संघ, वर्ष 1966 से |
| औद्योगिक विकास संस्था | एचएसआईआईडीसी, वर्ष 1967 में स्थापित |
| औद्योगिक नीति | हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति, 2020 |
| राज्य की एकमात्र रिफाइनरी | इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी, वर्ष 1998 में आरंभ |
| कार निर्माण पट्टी | गुरुग्राम और मानेसर |
| पश्चिमी परिधीय एक्सप्रेसवे | कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे, लगभग 136 किलोमीटर, वर्ष 2018 में पूर्ण रूप से खुला |
| फसल विविधीकरण योजना | मेरा पानी मेरी विरासत, 2020 |
| मूल्य अंतर योजना | भावांतर भरपाई योजना, 2018, अधिसूचित सब्जियों के लिए |
| राज्य बजट | अनुच्छेद 202 के अंतर्गत वार्षिक वित्तीय विवरण |
| विनियोग विधेयक | अनुच्छेद 204 |
| अनुपूरक अनुदान और लेखानुदान | अनुच्छेद 205 तथा 206 |
| राज्य की संचित निधि और आकस्मिकता निधि | अनुच्छेद 266 तथा 267(2) |
| राज्य का ऋण | अनुच्छेद 293, केंद्र का ऋण बकाया रहने तक केंद्र की सहमति से |
| राजकोषीय कानून | हरियाणा एफआरबीएम अधिनियम, 2005; राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के लगभग 3 प्रतिशत |
| मुख्य स्वयं के कर | राज्य जीएसटी, मदिरा पर आबकारी, स्टांप तथा पंजीयन शुल्क, वाहन कर, विद्युत शुल्क |
| वित्तीय वर्ष | 1 अप्रैल से 31 मार्च |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
हरियाणा के सकल राज्य मूल्य वर्धन में सबसे बड़ा हिस्सा किस क्षेत्र का है?
- A.कृषि
- B.खनन और उत्खनन
- C.उद्योग
- D.सेवा क्षेत्र
उत्तर देखें
पूरे देश की तरह हरियाणा में भी सेवा क्षेत्र, जिसमें व्यापार, परिवहन, स्थावर संपदा, वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी और लोक प्रशासन आते हैं, सकल राज्य मूल्य वर्धन में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है, और गुरुग्राम की कंपनी तथा सूचना प्रौद्योगिकी अर्थव्यवस्था इसका बड़ा भाग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा का प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी तथा कारपोरेट केंद्र और राज्य राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत कौन-सा नगर है?
- A.गुरुग्राम
- B.अंबाला
- C.करनाल
- D.हिसार
उत्तर देखें
दिल्ली से लगे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित गुरुग्राम में राज्य की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी और व्यापार प्रक्रिया प्रबंधन कंपनियां, कंपनियों के मुख्यालय, मॉल तथा ऊंचे मूल्य की स्थावर संपदा हैं, साथ ही कार निर्माण भी, इसलिए राज्य के वस्तु एवं सेवा कर, स्टांप शुल्क और पंजीयन राजस्व में…
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा का पानीपत किस पारंपरिक उद्योग के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है?
- A.प्लाईवुड और कागज
- B.हथकरघा तथा गृह सज्जा वस्त्र
- C.पीतल के बर्तन
- D.जूते और सिरेमिक
उत्तर देखें
पानीपत को बुनकरों का नगर कहा जाता है और यह कंबल, कालीन, दरी तथा गृह सज्जा वस्त्रों का राष्ट्रीय केंद्र है, जिनमें बहुत कुछ पुनर्चक्रित सूत से बनता है; विभाजन के बाद यहां बसे बुनकरों से यह व्यापार बढ़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा में स्थित पानीपत रिफाइनरी किस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की है?
- A.भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड
- B.हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड
- C.इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड
- D.तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम
उत्तर देखें
वर्ष 1998 में आरंभ पानीपत रिफाइनरी इंडियन ऑयल की रिफाइनरी है और हरियाणा की एकमात्र रिफाइनरी है; बाद में इसके साथ नेफ्था क्रैकर तथा पेट्रोरसायन संकुल भी बना, जिससे पानीपत वस्त्र नगर के साथ ऊर्जा और पेट्रोरसायन केंद्र भी बन गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी राज्य का वार्षिक वित्तीय विवरण, अर्थात राज्य बजट, संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत विधानमंडल के समक्ष रखा जाता है?
- A.अनुच्छेद 112
- B.अनुच्छेद 199
- C.अनुच्छेद 202
- D.अनुच्छेद 266
उत्तर देखें
अनुच्छेद 202 के अनुसार राज्यपाल किसी वित्तीय वर्ष के लिए राज्य की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का वार्षिक वित्तीय विवरण विधानमंडल के सदन या सदनों के समक्ष रखवाते हैं, और यही विवरण हरियाणा का बजट कहलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा की संचित निधि से धन किस अनुच्छेद के अंतर्गत पारित विनियोग अधिनियम के बिना नहीं निकाला जा सकता?
- A.अनुच्छेद 203
- B.अनुच्छेद 204
- C.अनुच्छेद 205
- D.अनुच्छेद 206
उत्तर देखें
विधानमंडल अनुदान मांगों पर मत देने के बाद अनुच्छेद 204 के अंतर्गत विनियोग विधेयक लाता है, जिससे स्वीकृत राशियों और भारित व्यय के लिए राज्य की संचित निधि से निकासी का प्राधिकार मिलता है, और ऐसे अधिनियम के बिना उस निधि से धन नहीं निकल सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा सहित किसी राज्य सरकार द्वारा ऋण लेने का विषय संविधान के किस अनुच्छेद में है?
- A.अनुच्छेद 266
- B.अनुच्छेद 280
- C.अनुच्छेद 292
- D.अनुच्छेद 293
उत्तर देखें
अनुच्छेद 293 राज्य को अपनी संचित निधि की प्रत्याभूति पर भारत के भीतर, विधानमंडल द्वारा निर्धारित सीमा तक ऋण लेने की अनुमति देता है, और यदि केंद्र द्वारा दिया या प्रत्याभूत ऋण बकाया हो तो आगे ऋण लेने के लिए भारत सरकार की सहमति आवश्यक करता है, जिससे राज्यों की…
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?
- A.1998
- B.2003
- C.2005
- D.2012
उत्तर देखें
बारहवें वित्त आयोग की इस सलाह के बाद कि ऋण राहत के पात्र होने के लिए राज्य ऐसे कानून बनाएं, हरियाणा ने वर्ष 2005 में अपना राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम बनाया; यह अधिनियम राज्य को राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के लगभग 3 प्रतिशत के भीतर रखने…
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा में मारुति सुजुकी के कार संयंत्र गुरुग्राम तथा किस स्थान पर हैं?
- A.मानेसर
- B.बावल
- C.खरखौदा
- D.धारूहेड़ा
उत्तर देखें
कंपनी के हरियाणा में पुराने संयंत्र गुरुग्राम और मानेसर में हैं; मानेसर उसी जिले में दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर है और कार संयंत्र तथा उसके कलपुर्जा आपूर्तिकर्ताओं के चारों ओर आदर्श औद्योगिक नगर के रूप में विकसित हुआ, जिससे गुरुग्राम-मानेसर पट्टी देश के यात्री कार निर्माण का केंद्र बन गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्ष 2020 में आरंभ हरियाणा की मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य क्या है?
- A.सभी किसानों को निःशुल्क बिजली देना
- B.भूजल बचाने के लिए किसानों को धान छोड़कर दूसरी फसल लेने को प्रोत्साहित करना
- C.ओलावृष्टि से फसल हानि का बीमा करना
- D.प्रत्येक गांव को नहर से जोड़ना
उत्तर देखें
वर्ष 2020 में आरंभ मेरा पानी मेरी विरासत योजना उन खंडों के किसानों को प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देती है जहां भूजल बहुत नीचे चला गया है, यदि वे अधिक पानी लेने वाले धान के स्थान पर मक्का, दलहन, कपास या सब्जियां लें या कृषि वानिकी अपनाएं; उद्देश्य फसल विविधीकरण…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरियाणा की अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान किस क्षेत्र का है?
सकल राज्य मूल्य वर्धन में सबसे बड़ा हिस्सा सेवा क्षेत्र का है, जिसे गुरुग्राम की सूचना प्रौद्योगिकी, कारपोरेट तथा स्थावर संपदा अर्थव्यवस्था से बल मिलता है; उसके बाद उद्योग और फिर कृषि, जो अपने उत्पादन हिस्से से बहुत अधिक श्रमिकों को रोजगार देती है।
हरियाणा का राज्य बजट किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्रस्तुत होता है?
अनुच्छेद 202 के अंतर्गत, जिसमें अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का वार्षिक वित्तीय विवरण विधानमंडल के समक्ष रखना आवश्यक है। अनुच्छेद 203 मतदान की प्रक्रिया, अनुच्छेद 204 विनियोग विधेयक, अनुच्छेद 205 अनुपूरक अनुदान और अनुच्छेद 206 लेखानुदान का विषय है।
वर्ष 2005 का हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम क्या अपेक्षा करता है?
यह राज्य को राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के लगभग 3 प्रतिशत के भीतर रखने, राजस्व घाटा समाप्त करने तथा ऋण सीमित रखने को बाध्य करता है और बजट के साथ राजकोषीय विवरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा करता है। संघ का ऐसा अधिनियम वर्ष 2003 का है।
हरियाणा के नगर किन उद्योगों के लिए जाने जाते हैं?
गुरुग्राम सूचना प्रौद्योगिकी तथा कंपनियों के कार्यालयों के लिए, गुरुग्राम और मानेसर यात्री कारों के लिए, फरीदाबाद ट्रैक्टर तथा इंजीनियरिंग सामान के लिए, पानीपत हथकरघा और इंडियन ऑयल रिफाइनरी के लिए, यमुनानगर प्लाईवुड तथा कागज के लिए, हिसार इस्पात के लिए, बहादुरगढ़ जूते एवं सिरेमिक के लिए और रेवाड़ी पीतल के बर्तनों के लिए।
हरियाणा के स्वयं के कर राजस्व के मुख्य स्रोत क्या हैं?
राज्य वस्तु एवं सेवा कर, मदिरा पर आबकारी शुल्क, स्टांप तथा पंजीयन शुल्क, मोटर वाहन कर और विद्युत शुल्क। इनके साथ स्वयं का करेतर राजस्व, अनुच्छेद 280 के अंतर्गत वित्त आयोग की सिफारिश से केंद्रीय करों में हिस्सा तथा केंद्रीय अनुदान जुड़ते हैं।
मेरा पानी मेरी विरासत योजना क्या है?
यह हरियाणा की वर्ष 2020 की योजना है, जो भूजल बहुत नीचे जा चुके खंडों में अधिक पानी लेने वाले धान के स्थान पर मक्का, दलहन, कपास या सब्जियां लेने अथवा कृषि वानिकी अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देती है।
स्रोत
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 199 से 207, 266, 267, 280 तथा 293 — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय
- वित्त विभाग, हरियाणा सरकार: बजट दस्तावेज और राजकोषीय विवरण — हरियाणा सरकार
- आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्लेषण विभाग, हरियाणा: आर्थिक सर्वेक्षण तथा राज्य घरेलू उत्पाद — हरियाणा सरकार





