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GK नोट्सहरियाणाहरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा

हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा

हरियाणा की कार्यपालिका और विधानमंडल पर नोट्स: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, चंडीगढ़ में 90 सीटों वाली विधानसभा तथा अनुच्छेद 153 से 212 के प्रावधान।

लेखक · प्रकाशित · 6 मिनट

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हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा — GK24 title card
हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा — GK24 title card

हरियाणा 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत बना, जिसने पुराने पंजाब का भाषायी आधार पर विभाजन किया और चंडीगढ़ को संघ राज्यक्षेत्र बनाते हुए दोनों राज्यों की राजधानी घोषित किया। नए राज्य की सरकार उसी ढांचे पर चलती है जो संविधान का भाग VI प्रत्येक राज्य के लिए निर्धारित करता है: अनुच्छेद 153 से 162 के अंतर्गत संवैधानिक प्रधान के रूप में राज्यपाल, अनुच्छेद 163 से 167 के अंतर्गत वास्तविक शक्ति रखने वाले मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद, तथा अनुच्छेद 168 से 212 के अंतर्गत विधानमंडल। हरियाणा ने एक ही सदन चुना, इसलिए उसके विधानमंडल में राज्यपाल और विधानसभा ही हैं। धर्मवीर राज्य के प्रथम राज्यपाल और पंडित भगवत दयाल शर्मा प्रथम मुख्यमंत्री थे। एचएसएससी, एचपीएससी, हरियाणा सीईटी और एसएससी के प्रश्नपत्र सीटों की संख्या, अनुच्छेद, प्रथम पदाधिकारी तथा मंत्रिपरिषद की सीमा पूछते हैं।

हरियाणा के राज्यपाल

अनुच्छेद 153 कहता है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा, और 1956 के सातवें संशोधन के बाद एक ही व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। राज्यपाल की नियुक्ति अनुच्छेद 155 के अंतर्गत राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करते हैं, वह निर्वाचित नहीं होता; अनुच्छेद 156 पांच वर्ष का कार्यकाल देता है परंतु कहता है कि वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, अर्थात कार्यकाल सुरक्षित नहीं है। अनुच्छेद 157 योग्यताएं तय करता है: व्यक्ति भारत का नागरिक हो और पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो। अनुच्छेद 158 कहता है कि वह संसद या किसी राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा, कोई लाभ का अन्य पद धारण नहीं करेगा, और उसके वेतन तथा भत्ते राज्य की संचित निधि पर भारित हैं जिन्हें कार्यकाल में घटाया नहीं जा सकता। शपथ अनुच्छेद 159 के अंतर्गत राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं, जो हरियाणा के लिए चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं। उसकी शक्तियों में अनुच्छेद 200 के अंतर्गत विधेयकों पर अनुमति शामिल है, जहां वह अनुमति दे सकता है, रोक सकता है, धन विधेयक से भिन्न विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है या राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख सकता है; अनुच्छेद 213 की अध्यादेश शक्ति, जिसका प्रयोग सदन के सत्र में न रहने पर होता है और जिसका अध्यादेश सदन के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद प्रवर्तन में नहीं रहता; तथा अनुच्छेद 161 की क्षमादान शक्ति, जिसके अंतर्गत वह मृत्युदंड का निलंबन, परिहार या लघुकरण कर सकता है परंतु मृत्युदंड के मामले में अथवा सेना न्यायालय द्वारा दंडित मामले में क्षमा नहीं दे सकता।

मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद

अनुच्छेद 163 कहता है कि राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद होगी, सिवाय उन विषयों के जिनमें वह स्वविवेक से कार्य करता है। अनुच्छेद 164 के अंतर्गत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करते हैं, और मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है; मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं। अनुच्छेद 164 की दो सीमाएं बार-बार पूछी जाती हैं। पहली, खंड (1A), जो 2003 के इक्यानवेवें संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया, कहता है कि मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों के पंद्रह प्रतिशत से अधिक और बारह से कम नहीं होगी; हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों के साथ यह सीमा तेरह मंत्री बनती है। दूसरी, खंड (4), जो कहता है कि जो मंत्री लगातार छह मास तक विधानमंडल का सदस्य नहीं रहता, वह मंत्री नहीं रहता। अनुच्छेद 165 राज्यपाल द्वारा नियुक्त महाधिवक्ता का प्रावधान करता है, अनुच्छेद 166 कहता है कि समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राज्यपाल के नाम से व्यक्त की जाएगी, और अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री का कर्तव्य बनाता है कि वह मंत्रिपरिषद के निर्णय राज्यपाल को बताए और ऐसा कोई विषय, जिस पर किसी मंत्री ने अकेले निर्णय किया है, परिषद के विचार के लिए रखे।

हरियाणा विधानसभा

अनुच्छेद 168 यह संसद पर छोड़ता है कि राज्य को एक सदन दिया जाए या दो, और हरियाणा में अधिकांश राज्यों की तरह केवल विधानसभा है; विधान परिषद नहीं है। सदन चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में विधान भवन में बैठता है, वह परिसर जिसे ली कोर्बूज़िए ने बनाया था और जो 2016 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हुआ, और इसे पंजाब के साथ साझा किया जाता है। विधानसभा 1966 में अविभाजित पंजाब विधानमंडल के हरियाणा क्षेत्र से लिए गए 54 सदस्यों के साथ आरंभ हुई, 1967 के आम चुनाव में 81 सीटों तक पहुंची और 1977 से उसमें 90 सीटें हैं। इनमें से 17 अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं; हरियाणा में अनुसूचित जनजाति की कोई सीट नहीं है क्योंकि राज्य में कोई जनजाति अधिसूचित नहीं है। राज्य लोकसभा में 10 और राज्यसभा में 5 सदस्य भेजता है। अनुच्छेद 170 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे निर्वाचित 500 से अधिक और 60 से कम नहीं सदस्यों वाली विधानसभा की अनुमति देता है, अनुच्छेद 172 प्रथम बैठक की तिथि से पांच वर्ष का कार्यकाल देता है जब तक पहले विघटन न हो, और अनुच्छेद 173 अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 25 वर्ष तय करता है। अनुच्छेद 174 के अंतर्गत राज्यपाल सदन को इस प्रकार आहूत करते हैं कि एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की प्रथम बैठक के बीच छह मास से अधिक का अंतर न हो, और अनुच्छेद 176 उनसे प्रत्येक आम चुनाव के बाद के प्रथम सत्र तथा प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र में अभिभाषण की अपेक्षा करता है।

प्रक्रिया, पदाधिकारी और याद रखने योग्य संख्याएं

बिंदुहरियाणा में स्थिति
राज्य का गठन1 नवंबर 1966, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966
प्रथम राज्यपालधर्मवीर
प्रथम मुख्यमंत्रीपंडित भगवत दयाल शर्मा
विधानमंडल के सदनएक, विधानसभा (अनुच्छेद 168)
विधानसभा की सदस्य संख्या1977 से 90 सीटें; 1966 में 54 और 1967 में 81
आरक्षित सीटें17 अनुसूचित जातियों के लिए, अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई नहीं
मंत्रियों की अधिकतम संख्या13, अर्थात 90 का पंद्रह प्रतिशत (अनुच्छेद 164(1A))
गणपूर्तिकुल सदस्यों का दसवां भाग या दस सदस्य, जो अधिक हो (अनुच्छेद 189)
संसद में सीटेंलोकसभा में 10, राज्यसभा में 5

विधानसभा अनुच्छेद 178 के अंतर्गत अपने सदस्यों में से एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष चुनती है, और इनमें से किसी को चौदह दिन की सूचना के बाद सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है। अनुच्छेद 188 प्रत्येक सदस्य से राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष शपथ लेने की अपेक्षा करता है, और अनुच्छेद 193 उस व्यक्ति पर प्रतिदिन पांच सौ रुपये का दंड लगाता है जो शपथ लेने से पहले अथवा निरर्हित होने के बाद बैठता और मत देता है। अनुच्छेद 190 के अंतर्गत यदि कोई सदस्य अनुमति के बिना साठ दिन अनुपस्थित रहे तो उसका स्थान रिक्त हो जाता है, और अनुच्छेद 192 के अंतर्गत निरर्हता का प्रश्न राज्यपाल तय करते हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग की राय लेनी होती है और उसी के अनुसार कार्य करना होता है; दलबदल के आधार पर निरर्हता का निर्णय दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अध्यक्ष करते हैं। धन विधेयक अनुच्छेद 207 के अंतर्गत केवल राज्यपाल की सिफारिश पर पुरःस्थापित किया जा सकता है, और वार्षिक वित्तीय विवरण, अर्थात राज्य का बजट, अनुच्छेद 202 के अंतर्गत सदन के समक्ष रखा जाता है। हरियाणा ने भारतीय राजनीति का एक प्रसिद्ध वाक्यांश भी दिया: आया राम गया राम शब्द 1967 के दलबदल से आए, जब गया लाल ने पंद्रह दिन में तीन बार दल बदला, और यह प्रसंग 1985 के दलबदल विरोधी कानून की पृष्ठभूमि का हिस्सा है।

परीक्षा की दृष्टि से

एचएसएससी, एचपीएससी और हरियाणा सीईटी के प्रश्नपत्र इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न मिलाते हैं। पहला, संख्याओं का समूह: राज्य गठन का 1 नवंबर 1966, विधानसभा की 90 सीटें और पूर्व के 54 तथा 81, अनुसूचित जाति की 17 सीटें, लोकसभा की 10 और राज्यसभा की 5 सीटें, तथा मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या 13। दूसरा, अनुच्छेद: राज्यपाल के लिए 153, 155, 156, 157, 158, 159, 161, 200 और 213, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के लिए 163, 164, 165, 166 और 167, तथा विधानसभा के लिए 168, 170, 172, 173, 174, 176, 178, 188, 189, 190, 192, 193, 202 और 207। तीसरा, प्रथम पदाधिकारी। सामान्य भ्रमजाल हैं: राज्यपाल को निर्वाचित बताना; अनुच्छेद 156 के प्रसादपर्यंत प्रावधान को भुलाकर पांच वर्ष को सुनिश्चित कार्यकाल मानना; राज्यपाल की शपथ राष्ट्रपति के स्थान पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के बजाय किसी और के समक्ष बताना; मंत्रियों की सीमा को जीती गई सीटों का पंद्रह प्रतिशत मानना; और हरियाणा में विधान परिषद होने का दावा।

महत्वपूर्ण तथ्य

राज्य गठन1 नवंबर 1966, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत
राजधानीचंडीगढ़, पंजाब के साथ साझा संघ राज्यक्षेत्र
प्रथम राज्यपालधर्मवीर
प्रथम मुख्यमंत्रीपंडित भगवत दयाल शर्मा
विधानमंडलएकसदनीय: राज्यपाल और विधानसभा (अनुच्छेद 168)
विधानसभा सदस्य संख्या1977 से 90 सीटें; 1966 में 54 और 1967 में 81
आरक्षित सीटें17 अनुसूचित जातियों के लिए; अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई नहीं
विधानसभा कार्यकालप्रथम बैठक से पांच वर्ष (अनुच्छेद 172)
चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु25 वर्ष (अनुच्छेद 173)
अधिकतम मंत्री13, अर्थात 90 का पंद्रह प्रतिशत (अनुच्छेद 164(1A))
न्यूनतम मंत्रीबारह, अनुच्छेद 164(1A) के अंतर्गत
राज्यपाल की नियुक्तिराष्ट्रपति द्वारा, अनुच्छेद 155 के अंतर्गत
राज्यपाल की न्यूनतम आयु35 वर्ष (अनुच्छेद 157)
राज्यपाल की शपथपंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष (अनुच्छेद 159)
गणपूर्तिसदस्यों का दसवां भाग या दस, जो अधिक हो (अनुच्छेद 189)
संसद में सीटेंलोकसभा 10 और राज्यसभा 5

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.हरियाणाआसान

हरियाणा किस तिथि को पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया?

  1. A.1 नवंबर 1956
  2. B.1 नवंबर 1966
  3. C.15 अगस्त 1966
  4. D.26 जनवरी 1967
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1 नवंबर 1966

हरियाणा उसी तिथि को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत बना, जिसने पुराने पंजाब राज्य का भाषायी आधार पर विभाजन किया, चंडीगढ़ को संघ राज्यक्षेत्र बनाकर दोनों राज्यों की साझा राजधानी घोषित किया और पर्वतीय क्षेत्र हिमाचल प्रदेश को दे दिए।

Q2.हरियाणाआसान

हरियाणा विधानसभा में वर्तमान में कितनी निर्वाचित सीटें हैं?

  1. A.54
  2. B.81
  3. C.90
  4. D.117
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 90

हरियाणा विधानसभा में 90 निर्वाचित सीटें हैं, जो 1977 से हैं, और इनमें 17 अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई नहीं, क्योंकि राज्य में कोई जनजाति अधिसूचित नहीं है।

Q3.हरियाणामध्यम

हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?

  1. A.राव बीरेंद्र सिंह
  2. B.पंडित भगवत दयाल शर्मा
  3. C.चौधरी बंसी लाल
  4. D.चौधरी देवी लाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पंडित भगवत दयाल शर्मा

सही उत्तर है B, पंडित भगवत दयाल शर्मा, जिन्होंने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत 1 नवंबर 1966 को राज्य बनने पर हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पद ग्रहण किया।

Q4.हरियाणामध्यम

हरियाणा के प्रथम राज्यपाल कौन थे?

  1. A.धर्मवीर
  2. B.बी. एन. चक्रवर्ती
  3. C.बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती
  4. D.रंजीत सिंह नरूला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धर्मवीर

सही उत्तर है A, धर्मवीर, जो सिविल सेवा के वरिष्ठ सदस्य थे और 1 नवंबर 1966 को राज्य के गठन पर हरियाणा के प्रथम राज्यपाल बने।

Q5.हरियाणामध्यम

मुख्यमंत्री सहित हरियाणा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?

  1. A.12
  2. B.13
  3. C.15
  4. D.18
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 13

संविधान (इक्यानवेवां संशोधन) अधिनियम, 2003 से जोड़ा गया अनुच्छेद 164(1A) कहता है कि किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

Q6.हरियाणामध्यम

किसी राज्य के राज्यपाल को पद की शपथ कौन दिलाता है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  3. C.उस राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
  4. D.विधानसभा के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उस राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

अनुच्छेद 159 कहता है कि प्रत्येक राज्यपाल अपना पद ग्रहण करने से पहले उस राज्य के संबंध में क्षेत्राधिकार रखने वाले उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, अथवा उनकी अनुपस्थिति में उस न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश, की उपस्थिति में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा।

Q7.हरियाणामध्यम

किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु क्या निर्धारित है?

  1. A.25 वर्ष
  2. B.30 वर्ष
  3. C.35 वर्ष
  4. D.40 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 35 वर्ष

अनुच्छेद 157 राज्यपाल के पद के लिए केवल दो योग्यताएं रखता है: व्यक्ति भारत का नागरिक हो और उसने पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर ली हो।

Q8.हरियाणाकठिन

विधानमंडल का सत्र न चलने पर किसी राज्य का राज्यपाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है?

  1. A.अनुच्छेद 123
  2. B.अनुच्छेद 200
  3. C.अनुच्छेद 213
  4. D.अनुच्छेद 356
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 213

यह राज्यपाल को अध्यादेश प्रख्यापित करने देता है जब राज्य की विधानसभा का सत्र न चल रहा हो और उनका यह समाधान हो जाए कि ऐसी परिस्थितियां हैं जिनमें तुरंत कार्रवाई आवश्यक है।

Q9.हरियाणामध्यम

हरियाणा लोकसभा और राज्यसभा में क्रमशः कितने सदस्य भेजता है?

  1. A.10 और 5
  2. B.13 और 6
  3. C.14 और 7
  4. D.10 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 10 और 5

हरियाणा में लोकसभा के लिए 10 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं और राज्यसभा में 5 सीटें हैं, जो संविधान की चौथी अनुसूची के अंतर्गत आवंटित हैं और हरियाणा विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा एकल संक्रमणीय मत से भरी जाती हैं।

Q10.हरियाणाकठिन

किसी राज्य का वह मंत्री, जो राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, कितनी अवधि के बाद पद पर नहीं रहता?

  1. A.लगातार तीन मास
  2. B.लगातार छह मास
  3. C.लगातार नौ मास
  4. D.एक वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगातार छह मास

अनुच्छेद 164(4) उपबंध करता है कि जो मंत्री लगातार छह मास की किसी अवधि तक राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं रहता, वह उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।

Q11.हरियाणामध्यम

दल बदलने वाले विधायकों के लिए प्रयुक्त राजनीतिक वाक्यांश आया राम गया राम किस राज्य की राजनीति से निकला?

  1. A.पंजाब
  2. B.हरियाणा
  3. C.बिहार
  4. D.उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हरियाणा

यह वाक्यांश नवगठित राज्य में 1967 के दलबदल से आया, जब विधानसभा के सदस्य गया लाल ने पंद्रह दिन के भीतर तीन बार दल बदला, और उस अवसर पर की गई टिप्पणी ने भाषा को दलबदल के लिए स्थायी अभिव्यक्ति दे दी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा विधानसभा में कितनी सीटें हैं?

नब्बे निर्वाचित सीटें, जो 1977 से हैं। सदन 1966 में अविभाजित पंजाब विधानमंडल के हरियाणा क्षेत्र से लिए गए 54 सदस्यों के साथ आरंभ हुआ और 1967 के आम चुनाव के बाद उसमें 81 सीटें थीं। 90 में से 17 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं।

क्या हरियाणा में विधान परिषद है?

नहीं। हरियाणा का विधानमंडल एकसदनीय है जिसमें राज्यपाल और विधानसभा हैं। अनुच्छेद 168 यह विकल्प संसद पर छोड़ता है, जो अनुच्छेद 169 के अंतर्गत राज्य विधानसभा के संकल्प पर परिषद बना या समाप्त कर सकती है, और हरियाणा में परिषद कभी नहीं रही।

हरियाणा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या कितनी है?

मुख्यमंत्री सहित तेरह। 2003 के इक्यानवेवें संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया अनुच्छेद 164(1A) मंत्रिपरिषद को विधानसभा के कुल सदस्यों के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करता है, और 90 का पंद्रह प्रतिशत 13.5 होता है, जिसे 13 पढ़ा जाता है। यही खंड बारह मंत्रियों की न्यूनतम सीमा भी तय करता है।

हरियाणा के राज्यपाल को शपथ कौन दिलाता है?

अनुच्छेद 159 के अंतर्गत चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, अथवा उनकी अनुपस्थिति में उस न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश। राष्ट्रपति अनुच्छेद 155 के अंतर्गत राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं परंतु शपथ नहीं दिलाते।

हरियाणा के प्रथम राज्यपाल और प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?

धर्मवीर प्रथम राज्यपाल और पंडित भगवत दयाल शर्मा प्रथम मुख्यमंत्री थे, और दोनों ने 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत राज्य बनने पर पद ग्रहण किया।

आया राम गया राम वाक्यांश कहां से आया?

1967 की हरियाणा की राजनीति से, जब विधायक गया लाल ने पंद्रह दिन के भीतर तीन बार दल बदला। यह वाक्यांश विधायकों के दलबदल का पर्याय बन गया और 1985 के बावनवें संशोधन से जोड़े गए दलबदल विरोधी कानून की पृष्ठभूमि के रूप में उद्धृत किया जाता है।

स्रोत

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