हरियाणा का गठन (1966): अधिनियम, आयोग और प्रमुख तथ्य
हरियाणा के गठन पर नोट्स: अलग राज्य की मांग, फजल अली, हुकम सिंह और शाह आयोग, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966, चंडीगढ़, सात जिले तथा राज्य के प्रथम पदाधिकारी।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

हरियाणा 1 नवंबर 1966 को अस्तित्व में आया, जब पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत तत्कालीन पंजाब राज्य के हिंदीभाषी जिलों को अलग करके नया राज्य बनाया गया। यह विषय एचएसएससी, एचपीएससी और हरियाणा पुलिस की परीक्षाओं का स्थायी प्रश्न है, और गठन की तिथि, अधिनियम, इसके पीछे के आयोग तथा राज्य के पहले पदाधिकारी एसएससी और रेलवे की सामान्य जागरूकता में भी पूछे जाते हैं। इन नोट्स में मांग का इतिहास, उसकी जांच करने वाली समितियां, 1966 के अधिनियम ने वास्तव में क्या किया, पहले दिन राज्य का स्वरूप और पुनर्गठन से बचे हुए प्रश्न क्रम से दिए गए हैं।
अलग हरियाणा की मांग क्यों उठी
यमुना और घग्गर के बीच के भाग में हरियाणवी, बांगरू और अहीरवाटी बोली जाती थी, जो हिंदी के साथ रखी जाने वाली बोलियां हैं, जबकि उससे उत्तर-पश्चिम के जिलों में पंजाबी बोली जाती थी। 1947 के बाद दोनों हिस्से एक ही पंजाब राज्य में रहे। दक्षिणी और पूर्वी जिलों के नेताओं का तर्क था कि नहरी पानी, उद्योग, महाविद्यालय और सरकारी नौकरियां पंजाबीभाषी क्षेत्र को मिलती हैं, इसलिए उन्होंने अपने लिए एक हिंदीभाषी प्रांत की मांग रखी। दूसरी ओर पंजाबी सूबा आंदोलन पंजाबीभाषी राज्य के लिए दबाव बना रहा था। दोनों मांगें करीब बीस वर्ष साथ-साथ चलीं और 1966 के अधिनियम ने एक ही बार में दोनों का उत्तर दिया।
नाम भी पुराना है। दिल्ली में मिले 1328 ईस्वी के एक संस्कृत अभिलेख में इस क्षेत्र को हरियाणक कहा गया है, और प्रचलित व्युत्पत्ति हरियाणा को हरि अर्थात ईश्वर और अयन अर्थात निवास से जोड़ती है। आंदोलन के नेताओं ने इस नाम को फिर चलाया और राज्य बनने से बहुत पहले हरियाणा प्रांत की बात करने लगे।
धर आयोग से राज्य पुनर्गठन अधिनियम तक
- 1948 का भाषायी प्रांत आयोग, जिसके अध्यक्ष एस. के. धर थे, केवल भाषा के आधार पर प्रांतों की सीमा बदलने के विरुद्ध था।
- 1949 की जे.वी.पी. समिति, जो जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और पट्टाभि सीतारमैया के नाम से बनी, भी इसी मत पर रही।
- राज्य पुनर्गठन आयोग 1953 में फजल अली की अध्यक्षता में बना, जिसके सदस्य एच. एन. कुंजरू और के. एम. पणिक्कर थे; इसने 1955 में रिपोर्ट दी और पंजाबी सूबा तथा अलग हरियाणा, दोनों मांगें ठुकरा दीं।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 ने उलटे पेप्सू अर्थात पटियाला एवं पूर्वी पंजाब राज्य संघ को पंजाब में मिला दिया, जिससे पंजाब और बड़ा द्विभाषी राज्य बन गया।
- 1957 का क्षेत्रीय फार्मूला पंजाबी और हिंदी क्षेत्रों के विधायकों की अलग क्षेत्रीय समितियां बना गया। यह एक ही राज्य के भीतर का समझौता था और किसी पक्ष को संतुष्ट नहीं कर सका।
हुकम सिंह समिति और शाह आयोग
1965 में संसद ने पंजाबी सूबा की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष सरदार हुकम सिंह की अध्यक्षता में एक समिति बनाई। समिति ने यह सिद्धांत स्वीकार किया कि पंजाब का पुनर्गठन भाषा के आधार पर होना चाहिए। इससे विभाजन करना है या नहीं, यह प्रश्न तय हो गया और केवल सीमा कहां खींची जाए, यही बचा।
यह प्रश्न शाह आयोग को सौंपा गया, जो 23 अप्रैल 1966 को उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. सी. शाह की अध्यक्षता में बना। आयोग ने तहसील को इकाई माना और 1961 की जनगणना के भाषा संबंधी आंकड़ों को आधार बनाया, तथा 31 मई 1966 को अपनी रिपोर्ट दी। आयोग ने चंडीगढ़ को, जो तब अंबाला जिले की खरड़ तहसील में था, पंजाब के साथ रखा; संसद ने यह सिफारिश नहीं मानी और नगर को केंद्रशासित प्रदेश बनाकर दोनों नए राज्यों की संयुक्त राजधानी बना दिया।
पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 ने क्या किया
| प्रावधान | परिणाम |
|---|---|
| नया राज्य | पंजाब के हिंदीभाषी जिले 1 नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य बने |
| चंडीगढ़ | केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया और पंजाब तथा हरियाणा की संयुक्त राजधानी, जिसका प्रशासक पंजाब का राज्यपाल होता है |
| पर्वतीय क्षेत्र | शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल एवं स्पीति तथा आसपास के जिलों के कुछ भाग हिमाचल प्रदेश में जोड़े गए |
| उच्च न्यायालय | पंजाब उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बना, जो दोनों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के लिए साझा है |
| नदी जल और बिजली | भाखड़ा-नांगल और ब्यास परियोजनाओं के अधिकार उत्तराधिकारी राज्यों में बांटे गए और इन्हें चलाने के लिए भाखड़ा प्रबंध बोर्ड बना, जिसका नाम 1976 में भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड हुआ |
| प्रतिनिधित्व | हरियाणा को लोकसभा की 10 और राज्यसभा की 5 सीटें मिलीं; इसकी विधानसभा में 1977 से 90 सीटें हैं |
पहले दिन का हरियाणा
नया राज्य सात जिलों से शुरू हुआ: अंबाला, गुड़गांव, हिसार, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़ और रोहतक। इसका क्षेत्रफल 44,212 वर्ग किलोमीटर था, जो देश का लगभग 1.3 प्रतिशत है; इस तरह हरियाणा क्षेत्रफल में छोटे राज्यों में आता है, भले अर्थव्यवस्था में उसका वजन बड़ा हो। राजभाषा हिंदी थी और राजधानी चंडीगढ़, जो पंजाब के साथ साझा थी।
कांग्रेस के पंडित भगवत दयाल शर्मा ने 1 नवंबर 1966 को पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी धर्म वीरा पहले राज्यपाल बने। इस क्षेत्र के तत्कालीन पंजाब विधायकों से पहली विधानसभा बनी, जिसके पहले अध्यक्ष राव बिरेंद्र सिंह थे। नए राज्य का पहला आम चुनाव 1967 में हुआ और कांग्रेस की सरकार बनी, जो कुछ सप्ताह में गिर गई; इसके बाद राव बिरेंद्र सिंह पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने और उसी वर्ष राष्ट्रपति शासन लगा। उन महीनों के दलबदल से आया राम, गया राम मुहावरा बना, जो हरियाणा के विधायक गया लाल के नाम पर चला, क्योंकि उन्होंने पंद्रह दिन में तीन बार दल बदला।
1966 ने क्या अनसुलझा छोड़ा
- चंडीगढ़। केंद्र के 1970 के निर्णय में नगर पंजाब को देने और हरियाणा को अपनी राजधानी बनाने के लिए केंद्रीय सहायता देने की बात थी। 1985 के राजीव-लोंगोवाल समझौते में हस्तांतरण के लिए 26 जनवरी 1986 की तिथि तय हुई, पर यह कभी नहीं हुआ, इसलिए नगर संयुक्त राजधानी बना हुआ है।
- नदी जल। अधिनियम के जल प्रावधानों से हरियाणा को रावी और ब्यास के पानी में हिस्सा मिला। 1981 में तय और 1982 में शुरू हुई सतलुज-यमुना संपर्क नहर कभी पूरी नहीं हुई और विवाद एक से अधिक बार उच्चतम न्यायालय पहुंचा।
- जिले। 1966 के सात जिलों का कई बार विभाजन हुआ: फरीदाबाद 1979 में, पंचकूला 1995 में और चरखी दादरी 2016 में बाईसवें जिले के रूप में बना।
हरियाणा दिवस हर वर्ष 1 नवंबर को मनाया जाता है। यही तिथि वर्तमान स्वरूप के पंजाब की तथा 1956 में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश की और 2000 में छत्तीसगढ़ की स्थापना की तिथि भी है, और परीक्षक इसी संयोग से सुमेलित प्रश्न बनाते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से परीक्षक चार बातें पूछते हैं। पहली, तिथि और कानून: 1 नवंबर 1966 तथा पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966, जिसमें 1 नवंबर 1956 और राज्य पुनर्गठन अधिनियम विकल्प के रूप में जाल बनते हैं। दूसरी, समितियों का क्रम और किसने क्या किया: धर 1948, जे.वी.पी. 1949, फजल अली 1953-55, हुकम सिंह 1965 और शाह 1966; प्रश्नों में फजल अली और शाह आयोग आपस में बदल दिए जाते हैं। तीसरी, प्रथम पदाधिकारी: पहले मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा, पहले राज्यपाल धर्म वीरा, पहले विधानसभा अध्यक्ष और पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह। चौथी, परिणाम: चंडीगढ़ का केंद्रशासित प्रदेश और संयुक्त राजधानी होना, पर्वतीय क्षेत्र हिमाचल प्रदेश को जाना, साझा उच्च न्यायालय, भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड और 1966 के सात जिले, जिनकी सूची में फरीदाबाद या पंचकूला डालकर भ्रमित किया जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| स्थापना दिवस | 1 नवंबर 1966, हरियाणा दिवस के रूप में मनाया जाता है |
|---|---|
| कानून | पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 (अधिनियम संख्या 31, 1966) |
| राज्य पुनर्गठन आयोग | 1953, अध्यक्ष फजल अली; सदस्य एच. एन. कुंजरू और के. एम. पणिक्कर; रिपोर्ट 1955 |
| संसदीय समिति, 1965 | अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष सरदार हुकम सिंह |
| सीमा आयोग | शाह आयोग, 23 अप्रैल 1966 को गठित, अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे. सी. शाह; रिपोर्ट 31 मई 1966 |
| विभाजन का आधार | तहसील को इकाई और 1961 की जनगणना के भाषा आंकड़े |
| 1966 में जिले | सात: अंबाला, गुड़गांव, हिसार, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़, रोहतक |
| क्षेत्रफल | 44,212 वर्ग किलोमीटर, देश का लगभग 1.3 प्रतिशत |
| राजधानी | चंडीगढ़, केंद्रशासित प्रदेश और पंजाब के साथ संयुक्त राजधानी |
| प्रथम मुख्यमंत्री | पंडित भगवत दयाल शर्मा |
| प्रथम राज्यपाल | धर्म वीरा |
| विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष | राव बिरेंद्र सिंह, बाद में पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री |
| उच्च न्यायालय | पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़, दोनों राज्यों के लिए साझा |
| जल और विद्युत निकाय | भाखड़ा प्रबंध बोर्ड, 1976 में नाम बदलकर भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड |
| सीटें | लोकसभा 10 और राज्यसभा 5 सीटें; 1977 से विधानसभा में 90 सीटें |
| बाद के जिले | फरीदाबाद 1979, पंचकूला 1995, चरखी दादरी 2016 में बाईसवां जिला |
| 1967 का राजनीतिक मुहावरा | आया राम, गया राम, विधायक गया लाल के नाम पर |
| राजभाषा | हिंदी |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
हरियाणा भारतीय संघ के एक पृथक राज्य के रूप में किस तिथि को अस्तित्व में आया?
- A.1 नवंबर 1947
- B.1 नवंबर 1956
- C.1 नवंबर 1966
- D.1 नवंबर 1971
उत्तर देखें
उसी दिन पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 लागू हुआ और तत्कालीन पंजाब राज्य के हिंदीभाषी जिले नया हरियाणा राज्य बने, जिसमें सात जिले थे और चंडीगढ़ साझा राजधानी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा को तत्कालीन पंजाब राज्य से किस कानून के अंतर्गत अलग किया गया?
- A.राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956
- B.पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966
- C.पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971
- D.हरियाणा राज्य अधिनियम, 1965
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संसद ने इसे 1966 के अधिनियम संख्या 31 के रूप में शाह आयोग की रिपोर्ट के बाद पारित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अप्रैल 1966 में गठित किस आयोग ने पंजाब और हरियाणा के बीच की सीमा निर्धारित की?
- A.फजल अली आयोग
- B.धर आयोग
- C.शाह आयोग
- D.सरकारिया आयोग
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यह 23 अप्रैल 1966 को उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. सी. शाह की अध्यक्षता में गठित हुआ, इसने तहसील को इकाई और 1961 की जनगणना के भाषा आंकड़ों को आधार माना और 31 मई 1966 को रिपोर्ट दी, जिसके बाद पंजाब पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
- A.राव बिरेंद्र सिंह
- B.पंडित भगवत दयाल शर्मा
- C.बंसीलाल
- D.देवीलाल
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वे कांग्रेस के नेता थे और राज्य के अस्तित्व में आने के दिन, 1 नवंबर 1966 को, हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा के प्रथम राज्यपाल कौन थे?
- A.धर्म वीरा
- B.गुरदयाल सिंह ढिल्लों
- C.सरदार हुकम सिंह
- D.पंडित भगवत दयाल शर्मा
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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे धर्म वीरा ने राज्य के गठन के दिन, 1 नवंबर 1966 को, हरियाणा के पहले राज्यपाल का पद संभाला और पहले मुख्यमंत्री को शपथ दिलाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1966 में गठन के समय हरियाणा में कितने जिले थे?
- A.पांच
- B.सात
- C.बारह
- D.बाईस
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नया राज्य अंबाला, गुड़गांव, हिसार, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़ और रोहतक से शुरू हुआ, जिनका कुल क्षेत्रफल 44,212 वर्ग किलोमीटर था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1953 के राज्य पुनर्गठन आयोग, जिसने अलग हरियाणा की मांग ठुकरा दी थी, के अध्यक्ष कौन थे?
- A.फजल अली
- B.एस. के. धर
- C.जे. सी. शाह
- D.के. एम. पणिक्कर
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उन्होंने 1953 में गठित राज्य पुनर्गठन आयोग की अध्यक्षता की, जिसने 1955 में रिपोर्ट दी और पंजाबी सूबा तथा अलग हिंदीभाषी हरियाणा, दोनों मांगें अस्वीकार कर दीं; इसके बाद आए राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 ने उलटे पेप्सू को पंजाब में मिला दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1965 में लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित किस संसदीय समिति ने यह स्वीकार किया कि पंजाब का पुनर्गठन भाषा के आधार पर होना चाहिए?
- A.हुकम सिंह समिति
- B.मंडल आयोग
- C.हंटर समिति
- D.कालेलकर आयोग
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संसद ने 1965 में पंजाबी सूबा की मांग पर यह समिति तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सरदार हुकम सिंह की अध्यक्षता में बनाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन 1966 में गठन के समय हरियाणा का जिला नहीं था?
- A.महेंद्रगढ़
- B.जींद
- C.फरीदाबाद
- D.अंबाला
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1966 में आज के फरीदाबाद जिले का क्षेत्र गुड़गांव जिले का भाग था; फरीदाबाद अलग जिला 1979 में बना और पंचकूला 1995 में।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत चंडीगढ़ को क्या दर्जा दिया गया?
- A.इसे हरियाणा में मिला दिया गया
- B.इसे पंजाब में मिला दिया गया
- C.इसे केंद्रशासित प्रदेश तथा पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी बनाया गया
- D.इसे हिमाचल प्रदेश की राजधानी बनाया गया
उत्तर देखें
नगर का प्रशासक पंजाब का राज्यपाल होता है, और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय यहीं बैठता है, जो दोनों राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेश के लिए काम करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1966 के पुनर्गठन में तत्कालीन पंजाब राज्य के पर्वतीय क्षेत्र किस राज्य को हस्तांतरित किए गए?
- A.जम्मू और कश्मीर
- B.हिमाचल प्रदेश
- C.उत्तर प्रदेश
- D.दिल्ली
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पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 ने पुराने पंजाब के पर्वतीय जिले, जिनमें शिमला, कांगड़ा, कुल्लू तथा लाहौल एवं स्पीति शामिल थे, और आसपास के जिलों के कुछ भाग हिमाचल प्रदेश में जोड़ दिए, जो तब केंद्रशासित प्रदेश था और 1971 में पूर्ण राज्य बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत भाखड़ा-नांगल और ब्यास परियोजनाएं किस निकाय के नियंत्रण में रखी गईं?
- A.केंद्रीय जल आयोग
- B.भाखड़ा प्रबंध बोर्ड
- C.हरियाणा सिंचाई विभाग
- D.पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड
उत्तर देखें
चूंकि ये बांध और नहरें एक से अधिक उत्तराधिकारी राज्यों की सेवा करती थीं, अधिनियम ने भाखड़ा-नांगल और ब्यास परियोजनाओं के अधिकार बांटे और उनके संचालन के लिए एक बोर्ड बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरियाणा का गठन कब और किस अधिनियम से हुआ?
हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 से हुआ, जिसने तत्कालीन पंजाब राज्य के हिंदीभाषी जिलों को अलग राज्य बनाया, चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश तथा संयुक्त राजधानी बनाया और पर्वतीय क्षेत्र हिमाचल प्रदेश को दे दिए।
पंजाब और हरियाणा की सीमा किस आयोग ने तय की?
शाह आयोग ने, जो 23 अप्रैल 1966 को उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. सी. शाह की अध्यक्षता में गठित हुआ। इसने तहसील को इकाई और 1961 की जनगणना के भाषा आंकड़ों को आधार बनाकर 31 मई 1966 को रिपोर्ट दी।
1966 में हरियाणा में कितने जिले थे?
सात: अंबाला, गुड़गांव, हिसार, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़ और रोहतक। फरीदाबाद 1979 में, पंचकूला 1995 में और चरखी दादरी 2016 में बाईसवें जिले के रूप में बना।
हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री और पहले राज्यपाल कौन थे?
कांग्रेस के पंडित भगवत दयाल शर्मा ने 1 नवंबर 1966 को पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी धर्म वीरा उसी दिन राज्य के पहले राज्यपाल बने।
चंडीगढ़ अब तक केंद्रशासित प्रदेश क्यों है?
शाह आयोग ने चंडीगढ़ को पंजाब के साथ रखा था, पर संसद ने उसे केंद्रशासित प्रदेश और दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी बनाया। 1970 का निर्णय और 1985 का राजीव-लोंगोवाल समझौता, जिसमें हस्तांतरण के लिए 26 जनवरी 1986 तय थी, कभी लागू नहीं हुए।
आया राम, गया राम मुहावरा कहां से आया?
हरियाणा की 1967 की राजनीति से, जब पहली निर्वाचित विधानसभा के विधायक गया लाल ने पंद्रह दिन में तीन बार दल बदला। इसके बाद यह मुहावरा भारतीय राजनीति में दलबदल के लिए प्रयोग होने लगा।
स्रोत
- पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 (अधिनियम संख्या 31, 1966) — इंडिया कोड, भारत सरकार
- हरियाणा: राज्य का गठन, जिले और प्रशासन — हरियाणा सरकार
- स्वतंत्र भारत में राजनीति (कक्षा 12), अध्याय 1: राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियां — एनसीईआरटी





