हरियाणा का मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास: परीक्षा नोट्स
हरियाणा सामान्य ज्ञान नोट्स: दिल्ली सल्तनत से कंपनी शासन तक हिसार, फतेहाबाद, तैमूर, मुगल नगर, बंदा सिंह बहादुर, जाट, मराठे और 1858 का स्थानांतरण।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

1192 के तराइन के द्वितीय युद्ध और 1857 की क्रांति के बीच हरियाणा कभी अपना स्वतंत्र राज्य नहीं रहा। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, इसलिए जिसके पास दिल्ली रही उसी के पास यह मैदान रहा, और इसके नगर छावनी, राजस्व केंद्र या उत्तर के मार्ग पर पड़ाव के रूप में बसाए गए। परीक्षा इस अध्याय को ठीक इसी रूप में पूछती है: कौन सा नगर किसने बसाया, किस वर्ष किसका आक्रमण हुआ, किस क्षेत्र पर कौन सा वंश रहा, और अंत में यह क्षेत्र लाहौर से शासित कैसे हुआ। इसे स्वामियों की एक श्रृंखला की तरह याद कीजिए: सुल्तान, मुगल, फिर सिख, जाट और मराठे, और अंत में ईस्ट इंडिया कंपनी।
दिल्ली सल्तनत के अधीन
1192 के बाद यह क्षेत्र कुतुबुद्दीन ऐबक और उसके उत्तराधिकारियों के अधीन आया, और हाँसी तथा हिसार वे अग्रिम किले बने जो दिल्ली की उत्तर-पश्चिम से रक्षा करते थे। यहाँ का सबसे स्मरणीय निर्माता फिरोजशाह तुगलक है, जिसने 1354 में हिसार-ए-फिरोजा, अर्थात आज का हिसार, बसाया, उसका किला, महल और गुजरी महल बनवाया, तथा अपने पुत्र फतेह खान के नाम पर फतेहाबाद की स्थापना की। उसने यमुना से हिसार तक नहरें भी लाईं, जिसी पंक्ति को अंग्रेजों ने बाद में पश्चिमी यमुना नहर के रूप में बनाया; इसी कारण हरियाणा में उसे विजेता के बजाय नहर निर्माता के रूप में याद किया जाता है। इस काल का सबसे बुरा वर्ष 1398 था, जब तैमूर यमुना मार्ग से उतरा और दिल्ली जाते हुए टोहाना, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल और हिसार को लूटा।
मुगल शताब्दियाँ
मुगल काल में यह क्षेत्र दिल्ली सूबे के दिल्ली, हिसार-फिरोजा और नारनौल सरकारों में बँटा था और इसका राजस्व दरबार के खर्च में जाता था। फरीदाबाद की स्थापना 1607 में जहाँगीर के खजांची शेख फरीद ने आगरा के मार्ग की रक्षा के लिए की। दक्षिण में नारनौल मकबरों और बागों का नगर बना: शेरशाह सूरी ने वहाँ अपने दादा इब्राहिम खान का मकबरा बनवाया, और 1556 के पानीपत युद्ध में लड़े अमीर शाहकुली खान ने तालाब के बीच जल महल बनवाया। थानेसर में अब्दुर रहीम, जिन्हें शेख चिल्ली कहा जाता है और जो दाराशिकोह के गुरु थे, का मकबरा है। ग्रैंड ट्रंक रोड पर मुगलों ने सरायें और कोस मीनारें बनवाईं, जो दिल्ली और करनाल के बीच आज भी खड़ी हैं। इस काल का सबसे तीव्र विद्रोह 1672 का सतनामी विद्रोह था, जो नारनौल के पास किसानों और दस्तकारों ने किया और जिसे दबाने के लिए औरंगजेब को अपनी सेना भेजनी पड़ी।
सिख, जाट और मराठे
मुगल सत्ता कमजोर होने पर इस मैदान को तीन शक्तियों ने बाँट लिया। सिख संबंध संघर्ष से पुराना है: गुरु गोविंद सिंह अंबाला के लखनौर और यमुनानगर के कपाल मोचन में रुके थे, और उनके बाद बंदा सिंह बहादुर ने 1709 और 1710 में इस क्षेत्र पर अधिकार किया, समाना तथा सढौरा जीते और वर्तमान यमुनानगर जिले की शिवालिक पहाड़ियों में लोहगढ़ को अपनी राजधानी बनाया, जहाँ उसने गुरुओं के नाम से सिक्के ढाले। भरतपुर के जाट सूरजमल के नेतृत्व में उत्तर की ओर बढ़े और बल्लभगढ़, फर्रुखनगर तथा दिल्ली के आसपास का क्षेत्र अपने अधिकार में रखा; शीश महल और नमक व्यापार वाले फर्रुखनगर को उसके पहले नवाब फौजदार खान ने बसाया और नाम मुगल सम्राट फर्रुखसियर के नाम पर रखा। मराठों ने 1757 से दिल्ली और उसके जिलों पर नियंत्रण रखा, 1761 में पानीपत में यह पकड़ खोई और महादजी सिंधिया के समय फिर प्राप्त की। 1790 के दशक में आयरिश साहसी जॉर्ज थॉमस ने हाँसी को राजधानी बनाकर अपनी छोटी रियासत खड़ी की और अपनी तोपें तथा सिक्के तक बनाए, जब तक मराठों ने उसे 1801 और 1802 में खदेड़ नहीं दिया।
कंपनी शासन और पंजाब में स्थानांतरण
1803 में मराठों से दिल्ली अंग्रेजों के हाथ चली गई और उसी वर्ष की सुर्जी-अर्जनगाँव की संधि से यह पूरा क्षेत्र दिल्ली टेरिटरी के रूप में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आ गया। कंपनी ने दिल्ली के रेजीडेंट के माध्यम से शासन किया और छोटे शासकों की शृंखला बनी रहने दी: झज्जर, फर्रुखनगर, बहादुरगढ़, दुजाना, पटौदी और लोहारू के नवाब, बल्लभगढ़ का जाट शासक और कलसिया का सिख सरदार। इनमें से लगभग सभी 1857 की क्रांति में शामिल हुए या उसे आश्रय दिया, जो अपने आप में एक अलग अध्याय है; कंपनी ने उत्तर में प्रमुख शासकों को फाँसी दी या निर्वासित किया और उनकी रियासतें जब्त कर लीं। इसी व्यवस्था के अंतर्गत 1858 में हरियाणा के जिले उत्तर-पश्चिम प्रांत से निकालकर पंजाब प्रांत में मिला दिए गए और उनका शासन लाहौर से होने लगा। इस स्थानांतरण ने अगले सौ वर्ष की दिशा तय कर दी, क्योंकि हरियाणा 1 नवंबर 1966 को राज्य बनने तक पंजाब का भाग रहा।
याद रखने योग्य नगर और स्मारक
| स्थान | बसाने या बनवाने वाला | कब |
|---|---|---|
| हिसार (हिसार-ए-फिरोजा) | फिरोजशाह तुगलक | 1354 |
| फतेहाबाद | फिरोजशाह तुगलक, पुत्र फतेह खान के नाम पर | चौदहवीं शताब्दी |
| फरीदाबाद | शेख फरीद, जहाँगीर का खजांची | 1607 |
| इब्राहिम खान का मकबरा, नारनौल | शेरशाह सूरी, अपने दादा के लिए | सोलहवीं शताब्दी |
| जल महल, नारनौल | शाहकुली खान | अकबर का काल |
| शेख चिल्ली का मकबरा, थानेसर | अब्दुर रहीम, दाराशिकोह के गुरु | शाहजहाँ का काल |
| लोहगढ़, शिवालिक | बंदा सिंह बहादुर की राजधानी | 1710 |
| हाँसी | जॉर्ज थॉमस की राजधानी | 1790 का दशक |
परीक्षा की दृष्टि से
हरियाणा सीईटी, एचएसएससी, एचपीएससी और एसएससी इस अध्याय से पूछते हैं कि कौन सा नगर किसने और कब बसाया। पहले संस्थापक याद कीजिए: फिरोजशाह तुगलक के साथ 1354 का हिसार और फतेहाबाद, शेख फरीद के साथ 1607 का फरीदाबाद, शेरशाह सूरी के साथ नारनौल का इब्राहिम खान मकबरा, शाहकुली खान के साथ जल महल, बंदा सिंह बहादुर के साथ लोहगढ़, और जॉर्ज थॉमस के साथ हाँसी। फिर तिथियाँ: 1398 में तैमूर, 1672 में सतनामी विद्रोह, 1803 में सुर्जी-अर्जनगाँव और 1858 में पंजाब में स्थानांतरण। भ्रम इनमें होता है: हिसार की स्थापना मुहम्मद बिन तुगलक को दे देना, फरीदाबाद के शेख फरीद को फरीदकोट के बाबा फरीद समझ लेना, लोहगढ़ को यमुनानगर के बजाय अंबाला में बता देना, शेख चिल्ली का मकबरा थानेसर से हटाकर नारनौल कर देना, और 1858 के स्थानांतरण को पंजाब के बजाय दिल्ली से जोड़ देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| हिसार की स्थापना | 1354, हिसार-ए-फिरोजा के रूप में, फिरोजशाह तुगलक द्वारा |
|---|---|
| फतेहाबाद | फिरोजशाह तुगलक द्वारा बसाया, पुत्र फतेह खान के नाम पर |
| तैमूर का आक्रमण | 1398; टोहाना, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल और हिसार लूटे गए |
| फरीदाबाद की स्थापना | 1607, जहाँगीर के खजांची शेख फरीद द्वारा |
| इब्राहिम खान का मकबरा, नारनौल | शेरशाह सूरी द्वारा अपने दादा के लिए बनवाया |
| जल महल, नारनौल | अकबर कालीन अमीर शाहकुली खान द्वारा बनवाया |
| शेख चिल्ली का मकबरा | थानेसर, कुरुक्षेत्र जिला; अब्दुर रहीम, दाराशिकोह के गुरु |
| सतनामी विद्रोह | 1672, नारनौल के पास, औरंगजेब के विरुद्ध |
| गुरु गोविंद सिंह के पड़ाव | अंबाला का लखनौर और यमुनानगर का कपाल मोचन |
| लोहगढ़ | बंदा सिंह बहादुर की राजधानी, 1710, यमुनानगर जिले की शिवालिक में |
| जाट शक्ति | भरतपुर के सूरजमल के अधीन बल्लभगढ़ और फर्रुखनगर |
| फर्रुखनगर | नवाब फौजदार खान द्वारा बसाया, नाम सम्राट फर्रुखसियर पर |
| जॉर्ज थॉमस | आयरिश साहसी, 1790 के दशक में हाँसी उसकी राजधानी |
| अंग्रेजों के अधीन आना | सुर्जी-अर्जनगाँव की संधि, 1803; दिल्ली टेरिटरी के रूप में शासन |
| पंजाब में स्थानांतरण | 1858, उत्तर-पश्चिम प्रांत से; 1 नवंबर 1966 तक |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
1354 में हिसार-ए-फिरोजा के रूप में बसाया गया हिसार नगर किस शासक ने स्थापित किया?
- A.फिरोजशाह तुगलक
- B.इल्तुतमिश
- C.बलबन
- D.मुहम्मद बिन तुगलक
उत्तर देखें
उसने 1354 में हिसार-ए-फिरोजा बसाया, वहाँ किला और महल परिसर बनवाया जिसके भीतर गुजरी महल है, और नगर को पानी देने के लिए यमुना से नहरें लाईं; उसी पंक्ति को अंग्रेजों ने बाद में पश्चिमी यमुना नहर के रूप में बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तैमूर ने भारत पर किस वर्ष आक्रमण किया?
- A.1924
- B.1417
- C.1213
- D.1398
उत्तर देखें
समरकंद के तुर्क शासक तैमूर ने नासिरुद्दीन महमूद तुगलक के शासनकाल में 1398 में भारत पर आक्रमण किया, यमुना के मार्ग से उतरा और दिल्ली पहुँचने से पहले हरियाणा के टोहाना, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल तथा हिसार को लूटा, फिर दिल्ली पर अधिकार कर उसे भी लूटा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फरीदाबाद की स्थापना 1607 में शेख फरीद ने की, जो किस मुगल सम्राट के खजांची थे?
- A.अकबर
- B.जहाँगीर
- C.शाहजहाँ
- D.औरंगजेब
उत्तर देखें
शेख फरीद जहाँगीर के खजांची थे और उन्होंने 1607 में दिल्ली से आगरा जाने वाले शाही मार्ग की रक्षा के लिए फरीदाबाद बसाया, जहाँ किला, तालाब और मस्जिद बनवाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोहगढ़, वह पहाड़ी राजधानी जहाँ से बंदा सिंह बहादुर ने अपने सिक्के ढाले, हरियाणा के किस वर्तमान जिले में है?
- A.यमुनानगर
- B.अंबाला
- C.पंचकूला
- D.कुरुक्षेत्र
उत्तर देखें
गुरु गोविंद सिंह के बाद बंदा सिंह बहादुर ने 1709 और 1710 में सिख विद्रोह का नेतृत्व किया, समाना तथा सढौरा जीते और वर्तमान यमुनानगर जिले की शिवालिक पहाड़ियों में लोहगढ़ को किलाबंद कर अपनी राजधानी बनाया, जहाँ गुरुओं के नाम से सिक्के और मुहर जारी की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बल्लभगढ़ किस जाट शासक के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बना?
- A.राजा राम
- B.सूरजमल
- C.रणधीर सिंह
- D.बदन सिंह
उत्तर देखें
भरतपुर के जाट वंश के सबसे योग्य शासक सूरजमल ने अठारहवीं शताब्दी के मध्य में जाट शक्ति को हरियाणा के मैदान में उत्तर की ओर बढ़ाया और बल्लभगढ़, फर्रुखनगर तथा दिल्ली के आसपास का बड़ा क्षेत्र अपने अधिकार में रखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1790 के दशक में अपनी तोपें और सिक्के बनाने वाले आयरिश साहसी जॉर्ज थॉमस ने हरियाणा के किस नगर को अपनी राजधानी बनाया?
- A.हाँसी
- B.रोहतक
- C.झज्जर
- D.रेवाड़ी
उत्तर देखें
आयरलैंड का नाविक जॉर्ज थॉमस भारतीय शासकों की सेवा में आगे बढ़ा और अठारहवीं शताब्दी के अंत में उसने हरियाणा के मैदान में अपनी रियासत खड़ी कर ली, जिसके लिए पुराने किले वाले हाँसी को राजधानी चुना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दाराशिकोह के गुरु शेख चिल्ली का मकबरा हरियाणा के किस स्थान पर है?
- A.थानेसर
- B.नारनौल
- C.पानीपत
- D.सिरसा
उत्तर देखें
शेख चिल्ली कहे जाने वाले अब्दुर रहीम का मकबरा कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर में ऊँचे चबूतरे पर बना है, जिसमें संगमरमर का गुंबद और पास में मदरसे का आँगन है, और यह शाहजहाँ के काल का है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औरंगजेब के विरुद्ध 1672 का सतनामी विद्रोह हरियाणा के किस नगर के पास हुआ?
- A.नारनौल
- B.कैथल
- C.हाँसी
- D.गोहाना
उत्तर देखें
सतनामी नारनौल और मेवात क्षेत्र के किसानों तथा दस्तकारों का संप्रदाय था, जिसने 1672 में एक मुगल सिपाही से हुए झगड़े के बाद सामान्य विद्रोह कर दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुरुग्राम जिले का फर्रुखनगर, जो अपने शीश महल और नमक व्यापार के लिए जाना जाता है, किस मुगल सम्राट के नाम पर है?
- A.फर्रुखसियर
- B.बहादुर शाह प्रथम
- C.मुहम्मद शाह
- D.शाह आलम द्वितीय
उत्तर देखें
यह नगर उत्तर मुगल काल में उसके पहले नवाब फौजदार खान ने बसाया और नाम सम्राट फर्रुखसियर के नाम पर रखा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1857 की क्रांति के बाद 1858 में हरियाणा के जिलों को उत्तर-पश्चिम प्रांत से निकालकर किस प्रांत में मिला दिया गया?
- A.पंजाब
- B.राजपूताना
- C.अवध
- D.मध्य प्रांत
उत्तर देखें
1857 के बाद अंग्रेजों ने इस क्षेत्र को दंडित भूभाग की तरह देखा: क्रांति में शामिल शासकों को फाँसी दी गई या निर्वासित किया गया, उनकी रियासतें जब्त हुईं, और 1858 में हरियाणा के जिले उत्तर-पश्चिम प्रांत से हटाकर पंजाब प्रांत में मिला दिए गए, जिनका शासन लाहौर से होने…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिसार किसने और कब बसाया?
फिरोजशाह तुगलक ने 1354 में इसे हिसार-ए-फिरोजा के रूप में बसाया। उसने वहाँ किला और गुजरी महल वाला महल परिसर बनवाया तथा यमुना से नहर का पानी लाया, इसीलिए हरियाणा की परीक्षाओं में सल्तनत काल का प्रमुख निर्माता उसे ही माना जाता है।
तैमूर ने 1398 में हरियाणा के कौन से नगर लूटे?
तैमूर 1398 में यमुना मार्ग से दिल्ली की ओर बढ़ा और रास्ते में टोहाना, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल तथा हिसार लूटे। इस आक्रमण ने तुगलक सल्तनत तोड़ दी और क्षेत्र सैयद तथा लोदी सुल्तानों के समय तक अशांत रहा।
बंदा सिंह बहादुर की राजधानी कहाँ थी?
वर्तमान यमुनानगर जिले की शिवालिक पहाड़ियों में स्थित लोहगढ़, जिसे उसने समाना और सढौरा जीतने के बाद 1710 में किलाबंद किया। वहाँ उसने गुरुओं के नाम से सिक्के और मुहर जारी की और इसी स्थान को पहली सिख राजधानी कहा जाता है।
जॉर्ज थॉमस कौन था?
आयरलैंड का नाविक, जो भारतीय शासकों की सेवा में सैनिक बना और 1790 के दशक में हरियाणा के मैदान में अपनी रियासत खड़ी कर ली, जिसकी राजधानी हाँसी थी और जहाँ उसने तोपें ढलवाईं तथा सिक्के चलाए। मराठा सेनापति पेरों ने उसे 1801 और 1802 में खदेड़ दिया।
हरियाणा को 1858 में पंजाब का भाग क्यों बनाया गया?
क्योंकि 1857 में यह क्षेत्र विद्रोह में उठ खड़ा हुआ था। अंग्रेजों ने क्रांति में शामिल शासकों को फाँसी दी या निर्वासित किया, उनकी रियासतें जब्त कीं और उसी व्यवस्था के अंतर्गत हरियाणा के जिले उत्तर-पश्चिम प्रांत से हटाकर पंजाब प्रांत में मिला दिए, जिनका शासन लाहौर से होता था। ये जिले 1 नवंबर 1966 तक पंजाब में रहे।
स्रोत
- हमारे अतीत II (कक्षा सात), दिल्ली के सुल्तान और मुगल साम्राज्य अध्याय — एनसीईआरटी
- हरियाणा में राष्ट्रीय महत्व के स्मारक, हिसार, नारनौल और थानेसर सहित — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- प्रदेश का इतिहास, हरियाणा सरकार पोर्टल — हरियाणा सरकार





