हरियाणा की नदियां और झीलें: यमुना, घग्घर और आर्द्रभूमियां
हरियाणा की नदियों, नहरों तथा आर्द्रभूमियों पर परीक्षोपयोगी नोट्स: यमुना, हथनीकुंड बैराज, घग्घर एवं लुप्त सरस्वती, दक्षिणी धाराएं और रामसर स्थल।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

हरियाणा के पास अपनी नदी का जल बहुत कम है। केवल एक सदावाहिनी नदी उसे छूती है, और वह भी राज्य के हृदय से नहीं, उसके किनारे से बहती है; शेष सब कुछ या शिवालिक से उतरती मौसमी धारा है, या अरावली से आकर बालू में समा जाने वाली धारा, या नहर, या किसी लुप्त नदी का सूखा पाट। इसीलिए हरियाणा सामान्य ज्ञान में जल का अध्याय नदियों जितना ही बैराजों, नहरों तथा आर्द्रभूमियों का अध्याय है, और इसीलिए सरस्वती का प्रश्न प्रश्नपत्र दर प्रश्नपत्र लौटता है।
यमुना: एकमात्र सदावाहिनी नदी
यमुना यमुनानगर जिले में कलेसर के पास हरियाणा में प्रवेश करती है और फिर दक्षिण की ओर बहती हुई उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली से लगी राज्य की पूर्वी सीमा बनाती है। यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल, सभी इसके सहारे बसे हैं। इस पर महत्वपूर्ण निर्माण यमुनानगर जिले का हथनीकुंड बैराज है, जिसने ऊपर की ओर के पुराने ताजेवाला हेडवर्क्स का स्थान लिया और जो हरियाणा की ओर पश्चिमी यमुना नहर तथा उत्तर प्रदेश की ओर पूर्वी यमुना नहर में जल मोड़ता है। चूंकि यमुना राज्य की जीवनरेखा है, पड़ोसी राज्यों के साथ उसके जल बंटवारे का प्रश्न, जो 1994 में बेसिन राज्यों के बीच हुए सहमति पत्र से तय हुआ, राज्य के प्रश्नपत्रों में बना रहता है।
घग्घर और लुप्त सरस्वती
घग्घर हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है, पंचकूला जिले से हरियाणा में आती है और अंबाला, कैथल, फतेहाबाद तथा सिरसा से दक्षिण-पश्चिम बहकर राजस्थान में चली जाती है, जहां उसे हाकड़ा कहा जाता है और वह थार की रेत में लुप्त हो जाती है। यह मौसमी नदी है: मानसून में भरी, शेष वर्ष बालू का पाट, और समुद्र तक कोई निकास नहीं, जिससे यह उत्तर-पश्चिम में आंतरिक अपवाह का शास्त्रीय उदाहरण बनती है। इसकी सहायक नदियां, मारकंडा, टांगरी, सरस्वती तथा चौतांग, सभी उसी शिवालिक पट्टी से आती हैं। बहुत से विद्वान घग्घर को वैदिक सरस्वती और चौतांग को दृषद्वती मानते हैं, और राज्य के हड़प्पाकालीन स्थल, जिनमें हिसार जिले का राखीगढ़ी तथा फतेहाबाद का बनावली प्रमुख हैं, इन्हीं पुराने पाटों के सहारे मिलते हैं। यमुनानगर जिले का आदि बद्री वह स्थान है जिसे परंपरा सरस्वती का उद्गम मानती है, और राज्य में इस नदी की विरासत पर काम करने वाला बोर्ड भी है।
दक्षिण की धाराएं
दक्षिण हरियाणा, अर्थात रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम का अहीरवाल क्षेत्र, उन धाराओं से अपवाहित होता है जो राजस्थान की अरावली में जन्म लेकर उत्तर-पूर्व की ओर राज्य में आती हैं। साहिबी, जिसे साबी भी कहते हैं, इनमें सबसे बड़ी है; वह दिल्ली के पास नजफगढ़ झील तक पहुंचती है और वहां से नजफगढ़ नाले के रास्ते यमुना में मिल जाती है। दोहन, कृष्णावती और इंदौरी छोटी हैं और अक्सर कहीं पहुंचने से पहले ही बलुई मैदान में विलीन हो जाती हैं। ये धाराएं मानसून के कुछ दिनों में प्रचंड बाढ़ लाती हैं और शेष वर्ष सूखी रहती हैं।
| नदी | उद्गम | कहां जाती है |
|---|---|---|
| यमुना | यमुनोत्री, उत्तराखंड | पूर्वी सीमा के सहारे; सदावाहिनी |
| घग्घर | शिवालिक पहाड़ियां, हिमाचल प्रदेश | राजस्थान में हाकड़ा के रूप में; आंतरिक अपवाह |
| मारकंडा | शिवालिक पहाड़ियां, हिमाचल प्रदेश | घग्घर में मिलती है |
| सरस्वती | आदि बद्री, यमुनानगर | घग्घर तंत्र की मौसमी धारा |
| साहिबी (साबी) | अरावली पहाड़ियां, राजस्थान | नजफगढ़ झील, फिर यमुना |
| दोहन और कृष्णावती | अरावली पहाड़ियां, राजस्थान | दक्षिण हरियाणा के बलुई मैदान में लुप्त |
नहरें: हरियाणा की असली नदियां
नदी जल इतना कम होने के कारण असली काम नहरें करती हैं। हथनीकुंड से निकलने वाली पश्चिमी यमुना नहर करनाल, पानीपत, रोहतक, जींद तथा हिसार को सींचती है; इसकी धारा चौदहवीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक के समय काटी गई नहर से चली आती है और उन्नीसवीं शताब्दी में उसका पुनर्निर्माण हुआ। भाखड़ा नहर प्रणाली नरवाना शाखा के रास्ते संयुक्त भाखड़ा नांगल परियोजना से सतलुज का जल कैथल, जींद, हिसार और सिरसा तक लाती है। गुड़गांव नहर ओखला से यमुना का जल पलवल तथा नूंह ले जाती है। जवाहरलाल नेहरू लिफ्ट नहर पश्चिमी यमुना नहर से जल उठाकर महेंद्रगढ़ और भिवानी की ऊंची, शुष्क भूमि तक पहुंचाती है, जहां कोई गुरुत्व नहर नहीं जा सकती। इस तंत्र के साथ दो समस्याएं आती हैं और लघु टिप्पणी के रूप में पूछी जाती हैं: कुरुक्षेत्र, करनाल तथा कैथल की धान पट्टी के नीचे गिरता भूजल स्तर, और रोहतक, झज्जर एवं सोनीपत क्षेत्र में जलजमाव तथा लवणता।
झीलें और आर्द्रभूमियां
हरियाणा की आर्द्रभूमियां छोटी हैं पर महत्वपूर्ण, क्योंकि वे मध्य एशियाई उड़ान मार्ग पर हैं और बड़ी संख्या में प्रवासी जलपक्षी ठहराती हैं। गुरुग्राम जिले के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और झज्जर जिले के भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य को 2021 में रामसर अभिसमय के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में सूचीबद्ध किया गया; ये राज्य के पहले दो रामसर स्थल हैं, और भिंडावास हरियाणा की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है, जिसके पास खापरवास अभयारण्य है। अन्य जलाशयों में कुरुक्षेत्र के थानेसर का ब्रह्म सरोवर तथा सन्निहित सरोवर राज्य के बड़े धार्मिक सरोवर हैं, फरीदाबाद का सूरजकुंड तोमर शासक द्वारा बनवाया पुराना जलाशय है जहां अब शिल्प मेला लगता है, और सोहना के पास दमदमा, फरीदाबाद का बड़खल, करनाल की कर्ण झील, रोहतक का तिलयार, हिसार का ब्लू बर्ड तथा नूंह की कोटला झील प्रश्नपत्रों में सबसे अधिक नाम ली जाने वाली झीलें हैं।
इस प्रतिरूप का अर्थ
मिलाकर देखें तो हरियाणा का जल नक्शा राज्य की खेती और राजनीति, दोनों समझा देता है। उत्तर तथा पूर्व का नहरी क्षेत्र, जिसे यमुना और भाखड़ा प्रणाली सींचती है, हरित क्रांति का गेहूं-धान क्षेत्र है। पश्चिम की मौसमी घग्घर पट्टी मानसून और उस भूजल पर निर्भर है जो अक्सर खारा होता है। दक्षिण का अहीरवाल, जिसकी धाराएं कहीं पहुंचती ही नहीं, राज्य का सबसे शुष्क भाग है और इसी कारण वहां लिफ्ट नहरें बनानी पड़ीं। और सरस्वती का सूखा पाट, जिसके सहारे हड़प्पाकालीन टीले मिलते हैं, राज्य के भूगोल को उसके प्राचीनतम इतिहास से जोड़ देता है।
परीक्षा की दृष्टि से
सबसे पहले यही पूछा जाता है कि यमुना हरियाणा की एकमात्र सदावाहिनी नदी है और राज्य की पूर्वी सीमा के सहारे बहती है, जिसके सामने घग्घर रखा जाता है क्योंकि घग्घर मौसमी है। यमुनानगर का हथनीकुंड और उससे पहले का ताजेवाला हेडवर्क्स, पश्चिमी यमुना नहर के साथ जोड़े में पूछे जाते हैं। घग्घर पर परीक्षक प्रवेश जिला पंचकूला, राजस्थान में हाकड़ा नाम, वैदिक सरस्वती से पहचान, और समुद्र तक न पहुंचने का कारण आंतरिक अपवाह जानना चाहते हैं; यमुनानगर का आदि बद्री सरस्वती के पारंपरिक उद्गम के रूप में प्रिय प्रश्न है। सहायक नदियों के प्रश्न मारकंडा तथा टांगरी पर आते हैं और दक्षिणी धाराओं के प्रश्न साहिबी एवं नजफगढ़ झील पर। आर्द्रभूमियों में याद रखें कि सुल्तानपुर गुरुग्राम में है और भिंडावास झज्जर में, दोनों 2021 के रामसर स्थल, तथा भिंडावास राज्य की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है; सामान्य जाल दोनों जिलों को आपस में बदल देना है। झील और जिले का मिलान आम है: ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र, सूरजकुंड तथा बड़खल फरीदाबाद, तिलयार रोहतक, ब्लू बर्ड हिसार और दमदमा गुरुग्राम के सोहना से।
महत्वपूर्ण तथ्य
| एकमात्र सदावाहिनी नदी | यमुना, राज्य की पूर्वी सीमा के सहारे |
|---|---|
| यमुना पर बैराज | हथनीकुंड, यमुनानगर जिला, ताजेवाला हेडवर्क्स के स्थान पर |
| हथनीकुंड से निकलने वाली नहरें | हरियाणा में पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश में पूर्वी यमुना नहर |
| घग्घर का उद्गम | हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियां; पंचकूला से हरियाणा में प्रवेश |
| राजस्थान में घग्घर | हाकड़ा नाम; रेत में समाप्त, आंतरिक अपवाह तंत्र |
| वैदिक पहचान | घग्घर को सरस्वती और चौतांग को दृषद्वती माना जाता है |
| सरस्वती का पारंपरिक उद्गम | आदि बद्री, यमुनानगर जिला |
| घग्घर की सहायक नदियां | मारकंडा, टांगरी, सरस्वती और चौतांग |
| दक्षिण हरियाणा की नदियां | साहिबी (साबी), दोहन, कृष्णावती और इंदौरी, अरावली से |
| साहिबी का अंत | नजफगढ़ झील, और नजफगढ़ नाले से यमुना |
| रामसर स्थल | सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (गुरुग्राम) तथा भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य (झज्जर), 2021 में सूचीबद्ध |
| सबसे बड़ी आर्द्रभूमि | भिंडावास, झज्जर जिला |
| धार्मिक सरोवर | ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर, थानेसर, कुरुक्षेत्र |
| झीलें और जिले | सूरजकुंड तथा बड़खल फरीदाबाद, तिलयार रोहतक, ब्लू बर्ड हिसार, दमदमा गुरुग्राम |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
हरियाणा की एकमात्र सदावाहिनी (बारहमासी) नदी कौन है?
- A.घग्घर
- B.यमुना
- C.मारकंडा
- D.साहिबी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, यमुना है। यमुना यमुनोत्री से उतरकर यमुनानगर जिले में कलेसर के पास हरियाणा में प्रवेश करती है और उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली से लगी राज्य की पूर्वी सीमा के सहारे दक्षिण बहती है। हरियाणा में यही एक नदी वर्ष भर जल रखती है, और इसी कारण हथनीकुंड बैराज तथा उससे निकाली गई नहरें राज्य की सिंचाई के लिए इतनी महत्वपूर्ण हैं।
विकल्प A, घग्घर, हरियाणा के भीतर सबसे लंबी नदी है पर मौसमी है: मानसून में भरती है और शेष वर्ष बालू के पाट के रूप में रहती है, और अंत में राजस्थान की रेत में समा जाती है। विकल्प C, मारकंडा, शिवालिक की धारा और घग्घर की सहायक है, जो वर्षा के बाद सूख जाती है। विकल्प D, साहिबी, राजस्थान की अरावली से निकलती है और बाढ़ के समय ही नजफगढ़ झील तक पहुंचती है। याद रखने योग्य विरोध यही है: राज्य के किनारे एक सदावाहिनी हिमालयी नदी, और शेष सर्वत्र मौसमी धाराएं।
यमुना पर बना हथनीकुंड बैराज हरियाणा के किस जिले में है?
- A.यमुनानगर
- B.करनाल
- C.पानीपत
- D.पंचकूला
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, यमुनानगर है। हथनीकुंड बैराज यमुनानगर जिले में वहां बना है जहां यमुना पहाड़ों से मैदान में उतरती है, और उसने कुछ ऊपर स्थित पुराने ताजेवाला हेडवर्क्स का स्थान ले लिया। यहीं से पश्चिमी यमुना नहर हरियाणा में जल ले जाती है और पूर्वी यमुना नहर उत्तर प्रदेश में, तथा भारी वर्षा के समय इसी बैराज से छोड़ा गया प्रवाह दिल्ली में बाढ़ की चेतावनी तय करता है।
विकल्प B, करनाल, यमुना के सहारे और दक्षिण में है तथा नहरी क्षेत्र का जिला है, बैराज का स्थल नहीं। विकल्प C, पानीपत, भी नदी पर है पर अपने तीन युद्धों और उद्योग के लिए याद रखा जाता है। विकल्प D, पंचकूला, वह जिला है जहां घग्घर हरियाणा में प्रवेश करती है, अतः वह दूसरे नदी तंत्र का है और इस प्रश्न का सबसे सामान्य भ्रामक विकल्प है। तीन नाम साथ याद रखें: ताजेवाला, हथनीकुंड और पश्चिमी यमुना नहर।
घग्घर नदी हरियाणा के किस जिले से राज्य में प्रवेश करती है?
- A.अंबाला
- B.पंचकूला
- C.कैथल
- D.सिरसा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, पंचकूला है। घग्घर हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है और सुदूर उत्तर-पूर्व में पंचकूला जिले से हरियाणा में आती है, फिर दक्षिण-पश्चिम मुड़कर अंबाला, कैथल, फतेहाबाद तथा सिरसा से बहती हुई राजस्थान में हाकड़ा बन जाती है। प्रवेश जिला जान लेने से नदी के प्रवाह की दिशा भी तय हो जाती है, जो यमुना के विपरीत है।
विकल्प A, अंबाला, उसके मार्ग का अगला जिला है और प्रायः भूल से चुना जाता है, क्योंकि घग्घर तथा उसकी सहायक टांगरी उस नगर से बहुत जुड़ी हैं। विकल्प C, कैथल, और विकल्प D, सिरसा, नीचे की ओर के जिले हैं; सिरसा राजस्थान से पहले अंतिम जिला है। प्रश्नपत्रों में घग्घर को राज्य की सबसे लंबी नदी, उत्तर-पश्चिम भारत में आंतरिक अपवाह के शास्त्रीय उदाहरण, और उस नदी के रूप में भी पूछा जाता है जिसे अधिकांश विद्वान वैदिक सरस्वती मानते हैं।
वर्तमान में किस नदी को सामान्यतः वैदिक सरस्वती माना जाता है?
- A.यमुना
- B.साहिबी
- C.घग्घर
- D.मारकंडा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, घग्घर है। अधिकांश विद्वान घग्घर को, और राजस्थान तथा पाकिस्तान में उसके सूखे विस्तार हाकड़ा को, ऋग्वेद की सरस्वती मानते हैं, तथा पड़ोसी चौतांग को दृषद्वती। सबसे बड़ा आधार पुरातत्व है: इन पाटों के सहारे हड़प्पाकालीन बस्तियों की बहुत बड़ी संख्या मिलती है, जिनमें हिसार जिले का राखीगढ़ी और फतेहाबाद का बनावली प्रमुख हैं, अर्थात उन नगरों के समय इनमें जल था।
विकल्प A, यमुना, जीवित नदी है और उसका अपना वैदिक नाम है; कुछ विद्वान मानते हैं कि उसने सरस्वती के पुराने अपवाह का एक भाग अपनी ओर खींच लिया, पर पहचान का प्रश्न उसका नहीं है। विकल्प B, साहिबी, दक्षिण हरियाणा की अरावली धारा है, जिसका ऐसा कोई संबंध नहीं। विकल्प D, मारकंडा, उसी घग्घर तंत्र की सहायक है, अतः वह उत्तर के बेसिन का भाग है पर स्वयं वह नदी नहीं। यमुनानगर जिले का आदि बद्री परंपरा में सरस्वती का उद्गम माना जाता है।
सरस्वती का पारंपरिक उद्गम माना जाने वाला आदि बद्री हरियाणा के किस जिले में है?
- A.कुरुक्षेत्र
- B.यमुनानगर
- C.फतेहाबाद
- D.झज्जर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, यमुनानगर है। आदि बद्री यमुनानगर जिले में शिवालिक की तलहटी में है, और परंपरा उसे वह स्थान मानती है जहां सरस्वती मैदान में उतरी थी। राज्य की सरस्वती विरासत से जुड़े काम, जिसमें पुराने पाट की खुदाई और उसमें जल प्रवाहित करना तथा ऊपर पहाड़ियों में जलाशय बनाना शामिल है, इसी स्थान पर केंद्रित हैं।
विकल्प A, कुरुक्षेत्र, परंपरा में सरस्वती क्षेत्र का हृदय है, जहां ब्रह्म सरोवर, सन्निहित सरोवर और ज्योतिसर हैं, इसलिए वही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है; पर उद्गम स्थल यमुनानगर में है। विकल्प C, फतेहाबाद, घग्घर पर बहुत नीचे की ओर है और वहां हड़प्पाकालीन स्थल बनावली है। विकल्प D, झज्जर, दक्षिण में है और भिंडावास आर्द्रभूमि का जिला है। जोड़ा याद रखें: उद्गम के लिए यमुनानगर का आदि बद्री, पवित्र सरोवरों के लिए कुरुक्षेत्र।
हरियाणा का रामसर स्थल सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान किस जिले में है?
- A.गुरुग्राम
- B.झज्जर
- C.रोहतक
- D.फरीदाबाद
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, गुरुग्राम है। सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान गुरुग्राम जिले में, गुरुग्राम-झज्जर मार्ग पर सुल्तानपुर गांव के पास है, और यह उथली मौसमी आर्द्रभूमि है जो मानसून में भरती है तथा मध्य एशियाई उड़ान मार्ग के प्रवासी जलपक्षियों को बड़ी संख्या में खींचती है। 2021 में इसे रामसर अभिसमय के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में सूचीबद्ध किया गया, जो हरियाणा के पहले दो ऐसे स्थलों में है।
विकल्प B, झज्जर, 2021 के दूसरे रामसर स्थल भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य का जिला है, जो राज्य की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है, और इस प्रश्न का सामान्य जाल दोनों जिलों को आपस में बदल देना है। विकल्प C, रोहतक, में तिलयार झील है पर कोई रामसर स्थल नहीं। विकल्प D, फरीदाबाद, में सूरजकुंड तथा बड़खल हैं। एक पंक्ति में याद रखें: सुल्तानपुर गुरुग्राम में और भिंडावास झज्जर में, दोनों 2021 में सूचीबद्ध।
हरियाणा की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में स्थित है?
- A.झज्जर
- B.गुरुग्राम
- C.हिसार
- D.सोनीपत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, झज्जर है। भिंडावास झज्जर जिले में है और मानव निर्मित आर्द्रभूमि है, जिसे जल निकासी तथा नहरी जल से भरा जाता है। यह हरियाणा की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है, जलपक्षियों के शीतकालीन पड़ाव के रूप में महत्वपूर्ण है, और 2021 में सुल्तानपुर के साथ इसे भी रामसर अभिसमय के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि घोषित किया गया। उसी जिले में इसके पास छोटा खापरवास अभयारण्य है।
विकल्प B, गुरुग्राम, दूसरे रामसर स्थल सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान का जिला है, और दोनों को बदल देना ही वह भूल है जिसे यह प्रश्न पकड़ना चाहता है। विकल्प C, हिसार, में ब्लू बर्ड झील तथा हड़प्पाकालीन स्थल राखीगढ़ी हैं, पर कोई रामसर आर्द्रभूमि नहीं। विकल्प D, सोनीपत, यमुना के सहारे नहरी पट्टी में है और जलजमाव के लिए जाना जाता है, किसी संरक्षित आर्द्रभूमि के लिए नहीं। भिंडावास को झज्जर और सबसे बड़ी, इन दोनों शब्दों के साथ याद रखें।
दक्षिण हरियाणा की साहिबी (साबी) नदी किस जलाशय में गिरती है?
- A.नजफगढ़ झील
- B.दमदमा झील
- C.भिंडावास झील
- D.ब्रह्म सरोवर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, नजफगढ़ झील है। साहिबी राजस्थान की अरावली पहाड़ियों से निकलती है, रेवाड़ी तथा गुरुग्राम से उत्तर-पूर्व बहती है और हरियाणा-दिल्ली सीमा पर नजफगढ़ झील में समाप्त होती है; वहां से नजफगढ़ नाला उसका जल यमुना तक ले जाता है। यह राज्य की दक्षिणी धाराओं में सबसे बड़ी है और मानसून के कुछ दिनों में प्रचंड बाढ़ लाती है, इसीलिए गुरुग्राम से होकर जाने वाला उसका मार्ग शहरी जलभराव की बार-बार दोहराई जाने वाली कहानी है।
विकल्प B, गुरुग्राम जिले में सोहना के पास दमदमा झील, अरावली की तलहटी का जलाशय है और साहिबी का निकास नहीं। विकल्प C, झज्जर जिले का भिंडावास, नालों तथा नहरों से भरता है, साहिबी से नहीं। विकल्प D, ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र के थानेसर का धार्मिक सरोवर है, जो सैकड़ों किलोमीटर उत्तर में है। दक्षिण की अन्य धाराएं, दोहन, कृष्णावती तथा इंदौरी, अधिकतर किसी जलाशय तक पहुंचे बिना बलुई मैदान में विलीन हो जाती हैं।
हरियाणा का प्रसिद्ध धार्मिक सरोवर ब्रह्म सरोवर कहां स्थित है?
- A.थानेसर, कुरुक्षेत्र में
- B.पेहोवा
- C.थानेसर, करनाल में
- D.फरीदाबाद
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, कुरुक्षेत्र जिले का थानेसर है। ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर का विशाल सरोवर है, और पास के सन्निहित सरोवर के साथ वह वहां लगने वाले स्नान मेलों का केंद्र है, विशेष रूप से सूर्यग्रहण के अवसर पर और गीता जयंती के समय। कुरुक्षेत्र पुराने सरस्वती क्षेत्र में है, और ज्योतिसर, जिसे गीता के उपदेश का स्थान माना जाता है, उसी जिले में है।
विकल्प B, पेहोवा, भी कुरुक्षेत्र जिले में है और उसका अपना सरस्वती तीर्थ है, अतः वह वास्तविक तीर्थ नगर है पर ब्रह्म सरोवर का स्थल नहीं। विकल्प C में नगर सही है पर जिला गलत: थानेसर करनाल में नहीं, कुरुक्षेत्र में है, और यही अदला-बदली प्रश्न जांचता है। विकल्प D, फरीदाबाद, में सूरजकुंड तथा बड़खल हैं, जो पुराने जलाशय हैं, धार्मिक सरोवर नहीं। परीक्षा से पहले जोड़े मिला लें: ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर कुरुक्षेत्र से, सूरजकुंड फरीदाबाद से।
फरीदाबाद के पास स्थित प्राचीन जलाशय सूरजकुंड किस वंश के शासक द्वारा बनवाया माना जाता है?
- A.तोमर
- B.चौहान
- C.तुगलक
- D.मुगल
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, तोमर है। सूरजकुंड फरीदाबाद के पास अरावली पहाड़ियों में बना रंगभूमि जैसा गोलाकार कुंड है, और परंपरा उसे सूरज पाल से जोड़ती है, जो तोमर वंश का शासक था; चौहानों से पहले दिल्ली क्षेत्र इसी वंश के अधीन था। कुंड पहाड़ियों से बहकर आने वाले वर्षा जल को रोकने के लिए बनाया गया था, और आज वह अपने किनारे हर वर्ष लगने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
विकल्प B, चौहान, पृथ्वीराज चौहान के वंश को कहते हैं, जो दिल्ली में तोमरों के बाद आया और तराइन से जुड़ा है, सूरजकुंड से नहीं। विकल्प C, तुगलक, वह सल्तनत वंश है जिसके फिरोज शाह के समय यमुना से नहर काटी गई, अर्थात उसी क्षेत्र में दूसरे प्रकार का जल कार्य। विकल्प D, मुगल, के समय बड़खल जैसे बाद के जलाशय बने। परीक्षा के लिए सूरजकुंड को सूरज पाल तथा तोमरों से और शिल्प मेले को फरीदाबाद से जोड़कर रखें।
हरियाणा की कौन नहर हथनीकुंड बैराज से निकलती है?
- A.गुड़गांव नहर
- B.पश्चिमी यमुना नहर
- C.भाखड़ा नहर की नरवाना शाखा
- D.आगरा नहर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, पश्चिमी यमुना नहर है। पश्चिमी यमुना नहर यमुनानगर जिले के हथनीकुंड बैराज से जल लेती है और यमुना का पानी करनाल, पानीपत, रोहतक, जींद तथा हिसार तक पहुंचाती है, जिससे वह उत्तरी और मध्य हरियाणा की सिंचाई की रीढ़ बन जाती है। इसकी धारा चौदहवीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक के समय काटी गई नहर से चली आती है, जिसका उन्नीसवीं शताब्दी में पुनर्निर्माण हुआ।
विकल्प A, गुड़गांव नहर, दिल्ली के पास ओखला से यमुना का जल दक्षिण-पूर्व में पलवल तथा नूंह ले जाती है, अतः उसका शीर्ष हथनीकुंड से बहुत नीचे है। विकल्प C, नरवाना शाखा, भाखड़ा प्रणाली की है और सतलुज का जल कैथल, जींद तथा हिसार तक लाती है, यमुना का नहीं। विकल्प D, आगरा नहर, भी ओखला से निकलती है और उत्तर प्रदेश को सींचती है। चौथी नहर जवाहरलाल नेहरू लिफ्ट नहर याद रखने योग्य है, जो पश्चिमी यमुना नहर से जल उठाकर महेंद्रगढ़ तथा भिवानी की ऊंची, शुष्क भूमि तक ले जाती है।
हरियाणा की मारकंडा नदी किस नदी की सहायक है?
- A.यमुना
- B.घग्घर
- C.साहिबी
- D.सतलुज
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, घग्घर है। मारकंडा हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है, जहां उसे अरुणा कहा जाता है, अंबाला के पास हरियाणा में आती है और अंबाला तथा कुरुक्षेत्र जिलों से बहकर घग्घर में मिल जाती है। मुख्य नदी की तरह वह भी मौसमी है, मानसून में खतरनाक रूप से चढ़ती है और बाद में बालू के पाट में सिमट जाती है; अंबाला में बाढ़ सामान्यतः मारकंडा और टांगरी, दोनों मिलकर लाती हैं।
विकल्प A, यमुना, की हरियाणा में कोई उल्लेखनीय सहायक नदी नहीं है; राज्य का जल उसमें मुख्यतः नजफगढ़ नाले जैसे नालों से पहुंचता है। विकल्प C, साहिबी, दक्षिण की अरावली धारा है और मारकंडा के मार्ग से बहुत दूर है। विकल्प D, सतलुज, हरियाणा से बहती ही नहीं, यद्यपि उसका जल भाखड़ा नहर प्रणाली से राज्य तक आता है। घग्घर की सहायक नदियां याद रखें: मारकंडा, टांगरी, सरस्वती तथा चौतांग।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरियाणा की एकमात्र सदावाहिनी नदी कौन है?
यमुना। वह यमुनानगर जिले में कलेसर के पास प्रवेश करती है और उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली से लगी राज्य की पूर्वी सीमा के सहारे दक्षिण बहती है। घग्घर सहित हरियाणा की शेष सभी नदियां मौसमी हैं।
घग्घर को आंतरिक अपवाह की नदी क्यों कहा जाता है?
क्योंकि वह समुद्र तक कभी नहीं पहुंचती। वह शिवालिक से निकलकर हरियाणा पार करती है और राजस्थान में हाकड़ा के रूप में थार की रेत में लुप्त हो जाती है, इसलिए उसके बेसिन का महासागर तक कोई निकास नहीं है।
किस नदी को वैदिक सरस्वती माना जाता है?
घग्घर को, और चौतांग को दृषद्वती। हरियाणा के हड़प्पाकालीन स्थल, जैसे हिसार का राखीगढ़ी और फतेहाबाद का बनावली, इन पुराने पाटों के सहारे मिलते हैं, तथा यमुनानगर का आदि बद्री सरस्वती का उद्गम माना जाता है।
हरियाणा के रामसर स्थल कौन-कौन हैं?
गुरुग्राम जिले का सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और झज्जर जिले का भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य, दोनों 2021 में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में सूचीबद्ध हुए। भिंडावास राज्य की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है।
पश्चिमी यमुना नहर को जल कौन बैराज देता है?
यमुनानगर जिले का हथनीकुंड बैराज, जिसने पुराने ताजेवाला हेडवर्क्स का स्थान लिया। वही बैराज पूर्वी यमुना नहर में भी जल मोड़ता है, जो उत्तर प्रदेश की भूमि सींचती है।
स्रोत
- भारत: भौतिक पर्यावरण (कक्षा 11), अध्याय 3: अपवाह तंत्र — एनसीईआरटी
- हरियाणा: नदियां, नहर तंत्र और सिंचाई — सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा सरकार
- रामसर साइट्स इनफॉर्मेशन सर्विस: सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान तथा भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य — रामसर अभिसमय सचिवालय
