बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड शुरू
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोधगया में बीआईएमसीजीएल कंपनी की शुरुआत की, जहां आईएमसी गया की 300 एकड़ भूमि के लिए 4,200 करोड़ रुपये के 12 करार हुए।

चर्चा में क्यों
24 अक्तूबर 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड की शुरुआत की, जहां आईएमसी गया की भूमि के लिए 4,200 करोड़ रुपये के 12 करार हुए।
बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) की औपचारिक शुरुआत 24 अक्तूबर 2026 को बोधगया में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। यह कंपनी वह विशेष उद्देश्य वाहन है, जो गया में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर बनाएगी और यह राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम की परियोजना है। इसी कार्यक्रम में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 का कर्टेन रेजर भी हुआ, जिसमें करीब 250 प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के दूतावासों के राजदूत तथा वरिष्ठ प्रतिनिधि भी थे। बिहार फाउंडेशन के 55 देशों के चैप्टर के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े।
शुरुआत पर हुए निवेश करार
आईएमसी गया में लगभग 300 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए संभावित निवेशकों के साथ बारह समझौता ज्ञापन हुए। इनमें प्रस्तावित निवेश करीब 4,200 करोड़ रुपये का है और रोजगार की संभावना 16,095 आंकी गई है। यह पैसा खाद्य प्रसंस्करण, वाहन कलपुर्जे, औषधीय उत्पाद, दवा तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्रों के लिए है। इससे पहले राज्य सरकार ने इसी क्लस्टर में लगभग 2,586 एकड़ के लिए करार किए थे, जिनमें प्रस्तावित निवेश 31,750 करोड़ रुपये और रोजगार संभावना 52,050 थी। मुख्यमंत्री ने कंपनी का लोगो, उसकी वेबसाइट तथा एकीकृत भूमि आवंटन पोर्टल भी जारी किया, जिससे भूमि आवंटन तेज और पारदर्शी होगा।
गया क्लस्टर क्या है
| गलियारा | अमृतसर–कोलकाता औद्योगिक गलियारा, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत |
| क्षेत्र | गया जिले के डोभी प्रखंड में लगभग 1,670 एकड़ |
| मंजूरी | केंद्र सरकार से 28 अगस्त 2024 को, भूमि लागत सहित 1,339 करोड़ रुपये पर |
| अपेक्षित परिणाम | लगभग 16,500 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 1.10 लाख लोगों को रोजगार |
बीआईएमसीजीएल 6 जनवरी 2025 को गठित हुई और यह बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन न्यास का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी है।
जमीन पर काम
राज्य सरकार ने परियोजना की पूरी भूमि का कब्जा ले लिया है और केंद्र सरकार ने सितंबर 2025 में 415 एकड़ के हस्तांतरण के बदले इक्विटी की पहली किस्त 132 करोड़ रुपये जारी की। परियोजना प्रबंधन एवं निर्माण पर्यवेक्षण सलाहकार तथा ट्रंक अवसंरचना के लिए ईपीसी ठेकेदार पहले ही तय हो चुके हैं और निर्माण शुरू हो गया है। एक विशेष हेलीपैड भी बनने के उन्नत चरण में है। क्लस्टर में आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट जल शोधन, बिजली वितरण, ठोस कचरा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 22 तथा 19 के पास है और गया हवाई अड्डा करीब 39 किलोमीटर दूर है। यहां कृषि आधारित उद्योग, वस्त्र एवं रेडीमेड गारमेंट, फर्नीचर, हस्तशिल्प एवं हथकरघा तथा इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन पर जोर रहेगा। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह उपस्थित रहे।
महत्वपूर्ण तथ्य
| शुरू हुई कंपनी | बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) |
|---|---|
| शुरुआत | बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोधगया में की |
| करार | 12, लगभग 300 एकड़ के लिए, निवेश करीब 4,200 करोड़ रुपये, रोजगार संभावना 16,095 |
| गलियारा | अमृतसर–कोलकाता औद्योगिक गलियारा, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत |
| क्लस्टर क्षेत्र | गया जिले के डोभी प्रखंड में लगभग 1,670 एकड़ |
| मंजूरी | 28 अगस्त 2024, भूमि सहित 1,339 करोड़ रुपये की लागत पर |
| संयुक्त उपक्रम | बीआईएडीए और एनआईसीडीआईटी, बराबर हिस्सेदारी; गठन 6 जनवरी 2025 |
| अपेक्षित परिणाम | लगभग 16,500 करोड़ रुपये निवेश और करीब 1.10 लाख रोजगार |
परीक्षा की दृष्टि से
बीआईएमसीजीएल का पूरा नाम, यह कि यह अमृतसर–कोलकाता औद्योगिक गलियारे के तहत गया के एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर का एसपीवी है, डोभी प्रखंड में इसका लगभग 1,670 एकड़ क्षेत्र, 1,339 करोड़ रुपये की मंजूर लागत तथा शुरुआत पर हुए 4,200 करोड़ रुपये के 12 करार याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
गया का एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर किस औद्योगिक गलियारे के तहत विकसित किया जा रहा है?
- A.दिल्ली–मुंबई औद्योगिक गलियारा
- B.अमृतसर–कोलकाता औद्योगिक गलियारा
- C.चेन्नई–बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा
- D.विजाग–चेन्नई औद्योगिक गलियारा
उत्तर देखें
यह क्लस्टर गया जिले के डोभी प्रखंड में लगभग 1,670 एकड़ में फैला है और केंद्र सरकार ने इसे 28 अगस्त 2024 को भूमि लागत सहित 1,339 करोड़ रुपये की कुल लागत पर मंजूरी दी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीआईएमसीजीएल की शुरुआत पर कितने समझौता ज्ञापन और कितने प्रस्तावित निवेश के हुए?
- A.बारह करार, लगभग 4,200 करोड़ रुपये
- B.बारह करार, लगभग 31,750 करोड़ रुपये
- C.बीस करार, लगभग 16,500 करोड़ रुपये
- D.आठ करार, लगभग 1,339 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
ये करार गया क्लस्टर में लगभग 300 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए संभावित निवेशकों के साथ हुए और इनसे जुड़ी रोजगार संभावना 16,095 आंकी गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीआईएमसीजीएल किन दो संस्थाओं का संयुक्त उपक्रम है?
- A.बीआईएडीए और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन न्यास
- B.बीआईएडीए और बिहार राज्य औद्योगिक विकास बैंक
- C.एनआईसीडीसी और गया नगर निगम
- D.नीति आयोग और बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स
उत्तर देखें
बीआईएमसीजीएल 6 जनवरी 2025 को गया क्लस्टर की समर्पित कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में गठित हुई और वह समन्वित योजना, अवसंरचना विकास, वैधानिक मंजूरियों, उपयोगिता संपर्क तथा निवेशक सुविधा का काम देखेगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लगभग 1,670 एकड़ वाला यह एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर किस प्रखंड और जिले में है?
- A.बाराचट्टी प्रखंड, नवादा जिला
- B.डोभी प्रखंड, गया जिला
- C.बिहटा प्रखंड, पटना जिला
- D.धोबी प्रखंड, जहानाबाद जिला
उत्तर देखें
उद्योग के लिहाज से इसका स्थान सुविधाजनक है, क्योंकि यह राष्ट्रीय राजमार्ग 22 तथा 19 के निकट है और गया हवाई अड्डा करीब 39 किलोमीटर दूर है, जिससे बड़े औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच बनती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बीआईएमसीजीएल क्या है और इसकी शुरुआत किसने की?
यह बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड है, जो गया के एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर का विशेष उद्देश्य वाहन है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अक्तूबर 2026 को बोधगया में इसकी शुरुआत बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के कर्टेन रेजर के साथ की।
आईएमसी गया किस औद्योगिक गलियारे के तहत विकसित हो रहा है?
अमृतसर–कोलकाता औद्योगिक गलियारे के तहत, जो राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। यह क्लस्टर गया जिले के डोभी प्रखंड में लगभग 1,670 एकड़ में है और इसे 28 अगस्त 2024 को भूमि सहित 1,339 करोड़ रुपये की लागत पर मंजूरी मिली थी।
शुरुआत के कार्यक्रम में कितने निवेश का करार हुआ?
लगभग 300 एकड़ के लिए बारह समझौता ज्ञापन हुए, जिनमें करीब 4,200 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश और 16,095 रोजगार की संभावना है। पहले हुए करार लगभग 2,586 एकड़ के लिए थे, जिनमें 31,750 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश था।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2328067 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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