मध्यकालीन मध्य प्रदेश: परमार, चंदेल और गोंड राज्य
परीक्षा के लिए मध्यकालीन मध्य प्रदेश के नोट्स: धार के परमार और राजा भोज, खजुराहो तथा कालिंजर के चंदेल, और गढ़ा कटंगा के गोंड शासक एवं रानी दुर्गावती।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

गुर्जर प्रतिहारों के पतन और मुगलों के आगमन के बीच आज का मध्य प्रदेश तीन उल्लेखनीय शक्तियों में बंटा था। पश्चिम का मालवा धार के परमारों के पास था, उत्तर पूर्व का बुंदेलखंड खजुराहो के चंदेलों के पास, और सतपुड़ा तथा ऊपरी नर्मदा के वन गोंड राजाओं के पास। तीनों ने कुछ न कुछ ऐसा छोड़ा जो आज भी खड़ा है, कोई मंदिर, कोई दुर्ग या कोई ताल, और राज्य के प्रश्नपत्र तीनों का नाम लेकर प्रश्न पूछते हैं।
मालवा के परमार
परमारों ने लगभग नौवीं शताब्दी से धार से मालवा पर शासन किया। वाक्पति मुंज ने राज्य को शक्ति बनाया और दक्कन के चालुक्य शासक तैलप द्वितीय के विरुद्ध अभियान में मारा गया, जो याद दिलाता है कि मालवा की लड़ाइयां दो मोर्चों पर लड़ी जाती थीं, पश्चिम में गुजरात से और दक्षिण में चालुक्यों से। इस वंश का बड़ा नाम राजा भोज है, जिसने ग्यारहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में राज्य किया और जो विजेता से अधिक विद्वान के रूप में स्मरण किया जाता है। स्थापत्य, काव्यशास्त्र और अनेक विषयों के ग्रंथ उसके नाम से जुड़े हैं, जिनमें भवन निर्माण पर समरांगण सूत्रधार और काव्यशास्त्र पर सरस्वतीकंठाभरण हैं, और यह उक्ति कि भोज के जाने से विद्या चली गई, उसी दरबार के आसपास बनी। धार की भोजशाला, भोजपुर का विशाल लिंग वाला अधूरा शिव मंदिर और भोपाल का वह बड़ा ताल जो आज भी उसी का नाम लिए है, सभी उससे जोड़े जाते हैं। परवर्ती राजा उदयादित्य ने विदिशा जिले के उदयपुर में उदयेश्वर मंदिर बनवाया। मालवा पर परमार शासन चौदहवीं शताब्दी के आरंभ में समाप्त हुआ, जब 1305 में अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने यह प्रदेश ले लिया।
चंदेल और खजुराहो
चंदेलों ने जेजाकभुक्ति अर्थात आज के बुंदेलखंड पर खजुराहो, महोबा तथा कालिंजर और अजयगढ़ के पहाड़ी दुर्गों से शासन किया। वंश की स्थापना नौवीं शताब्दी में नन्नुक ने की। यशोवर्मन ने लक्ष्मण मंदिर बनवाया, धंग ने विश्वनाथ मंदिर, और उनमें सबसे शक्तिशाली विद्याधर को समूह का सबसे बड़ा मंदिर कंदरिया महादेव बनवाने का श्रेय दिया जाता है; उसी ने महमूद गजनवी के आक्रमणों का सामना किया और अपना राज्य नहीं खोया। पतन परमर्दिदेव के साथ आया, जिसे 1182 में पृथ्वीराज चौहान ने हराया, और वह अभियान आल्हा ऊदल की वीरगाथाओं में आज भी जीवित है। कालिंजर दुर्ग, जो लंबे समय तक चंदेलों का गढ़ रहा, वही स्थान है जहां 1545 में बारूद के विस्फोट से शेरशाह सूरी की मृत्यु हुई।
| खजुराहो का मंदिर | याद रखने योग्य बात |
|---|---|
| कंदरिया महादेव | सबसे बड़ा और सबसे विकसित; विद्याधर से संबद्ध |
| लक्ष्मण | यशोवर्मन द्वारा निर्मित; पूर्ण जगती वाला वैष्णव मंदिर |
| विश्वनाथ | धंग द्वारा निर्मित |
| चौंसठ योगिनी | स्थल का सबसे प्राचीन मंदिर, ग्रेनाइट से बना |
| मतंगेश्वर | एकमात्र मंदिर जिसमें आज भी नियमित पूजा होती है |
ये मंदिर लगभग दसवीं शताब्दी के मध्य से ग्यारहवीं शताब्दी के मध्य तक नागर शैली में बने, जिनमें शिखर छोटे छोटे शिखरों के गुच्छ के रूप में उठता है और योजना में मुख्य देवालय के साथ सहायक देवालय रहते हैं। यह स्थल झाड़ियों में छिप गया था और 1838 में ब्रिटिश अभियंता टी. एस. बर्ट ने इसकी सूचना बाहरी जगत को दी। खजुराहो को 1986 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में रखा गया।
गोंड राज्य
गोंडों ने पहाड़ों और वनों में चार राज्य बनाए, जबलपुर और मंडला के आसपास गढ़ा कटंगा, छिंदवाड़ा क्षेत्र में देवगढ़, दक्षिण पूर्व में चांदा और बैतूल में खेरला। प्रश्नपत्र गढ़ा कटंगा के बारे में पूछते हैं। संग्राम शाह, जिसे अमन दास भी कहते हैं, के बारे में कहा जाता है कि उसके अधीन बावन गढ़ थे, और उसी के पुत्र दलपत शाह ने महोबा की चंदेल राजकुमारी दुर्गावती से विवाह किया। दलपत शाह की असमय मृत्यु पर दुर्गावती ने अपने छोटे पुत्र वीर नारायण की संरक्षिका के रूप में शासन किया और अच्छे प्रशासन, तालाबों तथा मार्गों के लिए प्रसिद्ध हुई। वर्ष 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खां ने राज्य पर आक्रमण किया, और युद्ध में घायल रानी दुर्गावती ने बंदी बनने के स्थान पर अपने प्राण दे दिए। कुछ ही समय बाद चौरागढ़ का दुर्ग भी गिर गया। जबलपुर का मदन महल, जो एक विशाल शिला पर बना है, पहले के किसी शासनकाल का गोंड दुर्ग है।
अन्य मध्यकालीन शक्तियां
इनके साथ तीन नाम और आते हैं। जबलपुर के पास त्रिपुरी के कलचुरियों ने चेदि देश पर शासन किया और भेड़ाघाट का चौंसठ योगिनी मंदिर छोड़ा। मालवा सल्तनत पंद्रहवीं शताब्दी के आरंभ में उठी और उसने अपनी राजधानी मांडू की, जहां होशंगशाह का मकबरा भारत का सबसे पुराना संगमरमर का मकबरा है, और जहां जहाज महल, हिंडोला महल तथा बाज बहादुर और रानी रूपमती की कथा जुड़ी है। बुंदेलों ने सोलहवीं शताब्दी में बेतवा के तट पर ओरछा बसाया, वहां बीरसिंह देव ने जहांगीर महल बनवाया, और एक शताब्दी बाद इसी क्षेत्र में पन्ना के छत्रसाल ने औरंगजेब से लोहा लिया।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न शासक और स्मारक की जोड़ियों के रूप में आते हैं, इसलिए जोड़ियां याद करें। परमारों से राजधानी धार, राजा भोज के साथ समरांगण सूत्रधार, भोजपुर, भोजशाला और भोपाल का ताल, तथा खिलजी विजय का वर्ष 1305 पूछा जाता है। चंदेलों से नागर शैली का खजुराहो, सबसे बड़ा मंदिर कंदरिया महादेव, यशोवर्मन के साथ लक्ष्मण और धंग के साथ विश्वनाथ, महमूद गजनवी के सामने विद्याधर, 1182 में पृथ्वीराज चौहान, आल्हाखंड, कालिंजर और 1545 में शेरशाह की मृत्यु, 1838 में टी. एस. बर्ट की सूचना तथा विश्व धरोहर वर्ष 1986। गोंडों से चार राज्य, संग्राम शाह और उसके बावन गढ़, दलपत शाह, वीर नारायण की संरक्षिका रानी दुर्गावती, आसफ खां और वर्ष 1564, तथा चौरागढ़ और मदन महल दुर्ग। त्रिपुरी, मांडू और ओरछा को भी एक पंक्ति के उत्तर के रूप में तैयार रखें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| परमार राजधानी | मालवा में धार |
|---|---|
| राजा भोज | ग्यारहवीं शताब्दी; समरांगण सूत्रधार और सरस्वतीकंठाभरण; भोजपुर और भोजशाला |
| परमार शासन का अंत | 1305 में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा मालवा पर अधिकार |
| चंदेल क्षेत्र | जेजाकभुक्ति अर्थात आज का बुंदेलखंड; खजुराहो, महोबा, कालिंजर, अजयगढ़ |
| कंदरिया महादेव | खजुराहो का सबसे बड़ा मंदिर; विद्याधर से संबद्ध |
| लक्ष्मण और विश्वनाथ मंदिर | यशोवर्मन तथा धंग द्वारा निर्मित |
| परमर्दिदेव | 1182 में पृथ्वीराज चौहान से पराजित; आल्हा ऊदल की गाथाएं |
| कालिंजर | चंदेल दुर्ग, जहां 1545 में शेरशाह सूरी की मृत्यु हुई |
| खजुराहो | 1838 में टी. एस. बर्ट की सूचना; 1986 में विश्व धरोहर; नागर शैली |
| गोंड राज्य | गढ़ा कटंगा, देवगढ़, चांदा और खेरला |
| संग्राम शाह | गढ़ा कटंगा का गोंड शासक, जिसके अधीन बावन गढ़ बताए जाते हैं |
| रानी दुर्गावती | महोबा की चंदेल राजकुमारी; वीर नारायण की संरक्षिका; 1564 में आसफ खां से लड़ते हुए मृत्यु |
| कलचुरि | राजधानी त्रिपुरी, जबलपुर के पास; भेड़ाघाट का चौंसठ योगिनी मंदिर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
धार मालवा के किस राजवंश की राजधानी थी?
- A.चंदेल
- B.परमार
- C.कलचुरि
- D.बुंदेला
उत्तर देखें
परमारों ने लगभग नौवीं शताब्दी से 1305 तक, जब अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने यह प्रदेश ले लिया, धार से मालवा पर शासन किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्थापत्य पर लिखा संस्कृत ग्रंथ समरांगण सूत्रधार किस शासक से संबद्ध है?
- A.राजा भोज
- B.विद्याधर
- C.संग्राम शाह
- D.धंग
उत्तर देखें
ग्यारहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में धार के परमार राजा भोज के नाम से अनेक ग्रंथ जुड़े हैं, जिनमें स्थापत्य और नगर नियोजन पर समरांगण सूत्रधार तथा काव्यशास्त्र पर सरस्वतीकंठाभरण सबसे प्रसिद्ध हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खजुराहो के मंदिर किस राजवंश के शासकों ने बनवाए थे?
- A.परमार
- B.चंदेल
- C.गोंड
- D.कलचुरि
उत्तर देखें
जेजाकभुक्ति के चंदेलों ने खजुराहो के मंदिर लगभग दसवीं शताब्दी के मध्य से ग्यारहवीं शताब्दी के मध्य के बीच नागर शैली में बनवाए, जिनमें ऊंची जगती पर बने देवालय के ऊपर शिखरों का गुच्छ उठता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खजुराहो समूह का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है?
- A.लक्ष्मण मंदिर
- B.विश्वनाथ मंदिर
- C.कंदरिया महादेव मंदिर
- D.चौंसठ योगिनी मंदिर
उत्तर देखें
कंदरिया महादेव खजुराहो का सबसे बड़ा और सबसे विकसित मंदिर है, जो शिव को समर्पित है और सामान्यतः ग्यारहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में विद्याधर के शासनकाल से जोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चंदेल शासक परमर्दिदेव को 1182 में किसने पराजित किया था?
- A.महमूद गजनवी
- B.पृथ्वीराज चौहान
- C.कुतुबुद्दीन ऐबक
- D.अलाउद्दीन खिलजी
उत्तर देखें
अजमेर और दिल्ली के पृथ्वीराज तृतीय ने 1182 में चंदेल राज्य पर आक्रमण किया और महोबा के पास परमर्दिदेव को, जिसे परमाल भी कहते हैं, पराजित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शेरशाह सूरी की मृत्यु 1545 में किस दुर्ग की घेराबंदी के दौरान हुई थी?
- A.ग्वालियर
- B.कालिंजर
- C.मांडू
- D.चौरागढ़
उत्तर देखें
शेरशाह सूरी की मृत्यु 1545 में कालिंजर में हुई, जब दुर्ग की घेराबंदी के समय बारूद के विस्फोट से वह बुरी तरह जल गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रानी दुर्गावती ने किस गोंड राज्य में संरक्षिका के रूप में शासन किया था?
- A.देवगढ़
- B.चांदा
- C.गढ़ा कटंगा
- D.खेरला
उत्तर देखें
जबलपुर और मंडला के आसपास का गोंड राज्य गढ़ा कटंगा वही है जहां पति दलपत शाह की असमय मृत्यु के बाद रानी दुर्गावती ने अपने छोटे पुत्र वीर नारायण की संरक्षिका के रूप में शासन किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रानी दुर्गावती की मृत्यु 1564 में किस मुगल सेनापति की सेना से लड़ते हुए हुई थी?
- A.बैरम खां
- B.आसफ खां
- C.मान सिंह
- D.टोडरमल
उत्तर देखें
अकबर के सेनापति आसफ खां ने 1564 में गढ़ा कटंगा पर आक्रमण किया। रानी दुर्गावती ने रणभूमि में उसका सामना किया, और जब वह बाणों से घायल हुई और युद्ध पलटता दिखा, तब बंदी बनने के स्थान पर उसने अपने प्राण दे दिए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गढ़ा कटंगा के किस गोंड शासक के अधीन बावन गढ़ बताए जाते हैं?
- A.दलपत शाह
- B.संग्राम शाह
- C.वीर नारायण
- D.बख्त बुलंद शाह
उत्तर देखें
संग्राम शाह, जिसे अमन दास भी कहते हैं, सोलहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में गढ़ा कटंगा का गोंड शासक था और परंपरा कहती है कि उसने बावन गढ़ अपने अधीन किए, इसी कारण इस राज्य को कभी कभी बावन गढ़ों का राज्य कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कलचुरियों की राजधानी त्रिपुरी मध्य प्रदेश के किस आधुनिक नगर के पास थी?
- A.जबलपुर
- B.ग्वालियर
- C.इंदौर
- D.सागर
उत्तर देखें
त्रिपुरी, अर्थात जबलपुर के पास का आज का तेवर, चेदि के कलचुरियों की राजधानी थी, जिस वंश के सबसे शक्तिशाली राजा ग्यारहवीं शताब्दी में गांगेयदेव और उसका पुत्र कर्ण थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजा भोज कौन थे?
ग्यारहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में मालवा के परमार राजा, जो धार से शासन करते थे। वे विद्वान राजा के रूप में स्मरण किए जाते हैं, जिनसे स्थापत्य पर समरांगण सूत्रधार जैसे ग्रंथ तथा धार की भोजशाला, भोजपुर का शिव मंदिर और भोपाल का बड़ा ताल जुड़े हैं।
खजुराहो के मंदिर किस वंश ने बनवाए?
जेजाकभुक्ति के चंदेलों ने, लगभग दसवीं शताब्दी के मध्य से ग्यारहवीं शताब्दी के मध्य तक, नागर शैली में। यशोवर्मन ने लक्ष्मण मंदिर, धंग ने विश्वनाथ और विद्याधर ने समूह का सबसे बड़ा मंदिर कंदरिया महादेव बनवाया।
शेरशाह सूरी की मृत्यु कहां हुई थी?
1545 में बुंदेलखंड के कालिंजर दुर्ग में, जब घेराबंदी के समय बारूद के विस्फोट से वह बुरी तरह जल गया। कालिंजर लंबे समय तक चंदेलों का गढ़ रहा था। उसका मकबरा बिहार के सासाराम में बना।
रानी दुर्गावती कौन थीं?
महोबा की चंदेल राजकुमारी, जिनका विवाह गोंड राज्य गढ़ा कटंगा के दलपत शाह से हुआ और जिन्होंने पति की असमय मृत्यु के बाद पुत्र वीर नारायण की संरक्षिका के रूप में शासन किया। 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खां से युद्ध करते हुए उनकी मृत्यु हुई।
चार गोंड राज्य कौन से थे?
जबलपुर और मंडला के आसपास गढ़ा कटंगा, छिंदवाड़ा क्षेत्र में देवगढ़, दक्षिण पूर्व में चांदा और बैतूल क्षेत्र में खेरला। सबसे अधिक प्रश्न गढ़ा कटंगा पर आते हैं, संग्राम शाह और रानी दुर्गावती के कारण।
स्रोत
- भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग दो (कक्षा 12), अध्याय 1: यात्रियों के नजरिए — एनसीईआरटी
- विश्व धरोहर स्थल: खजुराहो स्मारक समूह — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण





