गढ़ा कटंगा के किस गोंड शासक के अधीन बावन गढ़ बताए जाते हैं?
- A.दलपत शाह
- B.संग्राम शाह
- C.वीर नारायण
- D.बख्त बुलंद शाह
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, संग्राम शाह है। संग्राम शाह, जिसे अमन दास भी कहते हैं, सोलहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में गढ़ा कटंगा का गोंड शासक था और परंपरा कहती है कि उसने बावन गढ़ अपने अधीन किए, इसी कारण इस राज्य को कभी कभी बावन गढ़ों का राज्य कहा जाता है। वह रानी दुर्गावती का श्वसुर था।
विकल्प A, दलपत शाह उसका पुत्र और दुर्गावती का पति था; उसकी असमय मृत्यु से ही दुर्गावती को संरक्षिका का भार मिला। विकल्प C, वीर नारायण दलपत शाह और दुर्गावती का पुत्र था, जो मुगल आक्रमण के समय बालक था और 1564 में चौरागढ़ दुर्ग की रक्षा करते हुए मारा गया। विकल्प D, बख्त बुलंद शाह देवगढ़ के गोंड राज्य का था और बहुत बाद में नागपुर बसाने के लिए स्मरण किया जाता है। याद रखने की कड़ी है, संग्राम शाह, फिर दलपत शाह, फिर संरक्षिका दुर्गावती, फिर वीर नारायण।
पूरा लेख पढ़ें: मध्यकालीन मध्य प्रदेश: परमार, चंदेल और गोंड राज्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधार मालवा के किस राजवंश की राजधानी थी?
- A.चंदेल
- B.परमार
- C.कलचुरि
- D.बुंदेला
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परमारों ने लगभग नौवीं शताब्दी से 1305 तक, जब अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने यह प्रदेश ले लिया, धार से मालवा पर शासन किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्थापत्य पर लिखा संस्कृत ग्रंथ समरांगण सूत्रधार किस शासक से संबद्ध है?
- A.राजा भोज
- B.विद्याधर
- C.संग्राम शाह
- D.धंग
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ग्यारहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में धार के परमार राजा भोज के नाम से अनेक ग्रंथ जुड़े हैं, जिनमें स्थापत्य और नगर नियोजन पर समरांगण सूत्रधार तथा काव्यशास्त्र पर सरस्वतीकंठाभरण सबसे प्रसिद्ध हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खजुराहो के मंदिर किस राजवंश के शासकों ने बनवाए थे?
- A.परमार
- B.चंदेल
- C.गोंड
- D.कलचुरि
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जेजाकभुक्ति के चंदेलों ने खजुराहो के मंदिर लगभग दसवीं शताब्दी के मध्य से ग्यारहवीं शताब्दी के मध्य के बीच नागर शैली में बनवाए, जिनमें ऊंची जगती पर बने देवालय के ऊपर शिखरों का गुच्छ उठता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खजुराहो समूह का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है?
- A.लक्ष्मण मंदिर
- B.विश्वनाथ मंदिर
- C.कंदरिया महादेव मंदिर
- D.चौंसठ योगिनी मंदिर
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कंदरिया महादेव खजुराहो का सबसे बड़ा और सबसे विकसित मंदिर है, जो शिव को समर्पित है और सामान्यतः ग्यारहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में विद्याधर के शासनकाल से जोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चंदेल शासक परमर्दिदेव को 1182 में किसने पराजित किया था?
- A.महमूद गजनवी
- B.पृथ्वीराज चौहान
- C.कुतुबुद्दीन ऐबक
- D.अलाउद्दीन खिलजी
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अजमेर और दिल्ली के पृथ्वीराज तृतीय ने 1182 में चंदेल राज्य पर आक्रमण किया और महोबा के पास परमर्दिदेव को, जिसे परमाल भी कहते हैं, पराजित किया।
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