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GK नोट्समध्य प्रदेश1857 और मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम

1857 की क्रांति और मध्य प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम

एमपी परीक्षाओं के लिए नोट्स: मध्य प्रदेश में 1857 की क्रांति, नीमच, महू, जबलपुर, रानी अवंतीबाई, ग्वालियर में तात्या टोपे और आगे का स्वतंत्रता संग्राम।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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1857 की क्रांति और मध्य प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम — GK24 title card
1857 की क्रांति और मध्य प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम — GK24 title card

सन 1857 में वर्तमान मध्य प्रदेश का क्षेत्र एक नहीं, अनेक सत्ताओं में बँटा था: इंदौर की होलकर रियासत, ग्वालियर की सिंधिया रियासत, बेगम के अधीन भोपाल, उत्तर और पूर्व के बुंदेला तथा बघेल राजा, और सीधे अंग्रेजी शासन वाले सागर-नर्मदा प्रदेश। जब सिपाहियों ने विद्रोह किया तो अधिकांश राजा कंपनी के साथ रहे और उनकी सेनाएँ विद्रोहियों के साथ चली गईं। यही विभाजन इस अध्याय का सार है। एमपीपीएससी, एमपीईएसबी, एसएससी और रेलवे के प्रश्न केंद्र, नेता और तिथि पूछते हैं, इसलिए इसे एक नक्शे की तरह याद कीजिए: नीमच, महू, जबलपुर, रामगढ़, ग्वालियर और शिवपुरी।

क्रांति का मध्य भारत पहुँचना

क्षेत्र का पहला विद्रोह नीमच में 3 जून 1857 को हुआ, जहाँ सिपाहियों ने छावनी जला दी और दिल्ली की ओर बढ़ गए। ग्वालियर कंटिंजेंट, जिसका खर्च सिंधिया रियासत उठाती थी पर अफसर अंग्रेज थे, जून के मध्य में विद्रोह कर कानपुर की लड़ाइयों में सबसे प्रशिक्षित विद्रोही सेना सिद्ध हुआ। 1 जुलाई 1857 को होलकर रियासत की सेना और भील सैनिकों ने इंदौर की अंग्रेजी रेजीडेंसी पर हमला किया। रेजीडेंट कर्नल हेनरी ड्यूरंड सीहोर भाग गया, हमले का नेतृत्व सआदत खान ने किया, और उसी दिन महू की बड़ी छावनी भी विद्रोह में शामिल हो गई। इसके बाद सागर, दमोह और रहतगढ़ में विद्रोह फैला।

जबलपुर, मंडला और नर्मदा घाटी

जबलपुर में 52वीं नेटिव इन्फैंट्री ने सितंबर 1857 में विद्रोह किया। अंग्रेजों ने इससे पहले ही गढ़ा-मंडला के गोंड राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह को जनता को विद्रोह के लिए उत्साहित करने वाली कविताओं के कारण बंदी बना लिया था, और 18 सितंबर 1857 को दोनों को तोप के मुँह से बाँधकर उड़ा दिया गया। परीक्षा में इस खंड से यही तथ्य सबसे अधिक पूछा जाता है। इसी क्षेत्र में मंडला की छोटी रियासत रामगढ़ की शासिका रानी अवंतीबाई लोधी ने अपनी रियासत पर कंपनी द्वारा बैठाए गए कोर्ट ऑफ वार्ड्स को अस्वीकार किया, गाँव-गाँव से सेना जुटाई और खैरी में अंग्रेजों का सामना किया। पहाड़ियों में घिर जाने पर उन्होंने 1858 में आत्मसमर्पण के बजाय प्राण त्याग दिए; प्रदेश उन्हें वीरांगना अवंतीबाई के नाम से याद करता है।

ग्वालियर, तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई

क्रांति का अंतिम अभियान इसी भूमि पर लड़ा गया। सर ह्यू रोज महू से अपनी सेंट्रल इंडिया फील्ड फोर्स लेकर उत्तर बढ़ा, रहतगढ़ और गढ़ाकोटा जीते, सागर को मुक्त कराया, मदनपुर दर्रा पार किया और अप्रैल 1858 में झाँसी पर अधिकार कर लिया। इसके बाद तात्या टोपे, राव साहब और रानी लक्ष्मीबाई ने जून 1858 में ग्वालियर पर कब्जा किया, क्योंकि सिंधिया की सेना उनके साथ हो गई, और नाना साहब को वहाँ पेशवा घोषित किया गया। 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा-की-सराय में लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं और कुछ दिनों में रोज ने किला फिर जीत लिया। तात्या टोपे ने गुना, राजगढ़ और चंबल के बीहड़ों में दस महीने छापामार युद्ध चलाया, पारोन के जंगल में विश्वासघात से पकड़े गए और 18 अप्रैल 1859 को शिवपुरी में फाँसी दी गई। निमाड़ में भील नेता टंट्या भील ने अगली पीढ़ी तक सशस्त्र प्रतिरोध चलाया और 1889 में फाँसी पर चढ़े।

एक दृष्टि में प्रमुख केंद्र

केंद्रकबनेता या घटना
नीमच3 जून 1857क्षेत्र का पहला विद्रोह; सिपाही दिल्ली की ओर बढ़े
इंदौर और महू1 जुलाई 1857सआदत खान का रेजीडेंसी पर हमला; ड्यूरंड का भागना
जबलपुर18 सितंबर 1857राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह तोप से उड़ाए गए
रामगढ़, मंडला1857-58रानी अवंतीबाई लोधी का खैरी में युद्ध और 1858 में बलिदान
ग्वालियरजून 1858कोटा-की-सराय में रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान; रोज का किला जीतना
शिवपुरी18 अप्रैल 1859तात्या टोपे को फाँसी

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय आंदोलन

1857 के बाद संघर्ष कांग्रेस और रियासतों के अपने आंदोलनों के रास्ते चला। 1923 का झंडा सत्याग्रह, जो जबलपुर और नागपुर में हुआ और जिसमें स्वयंसेवकों ने सरकारी भवनों के सामने राष्ट्रीय ध्वज ले जाने पर अड़े रहे, यहाँ का पहला जनांदोलन था। सविनय अवज्ञा के दौर में वन कानूनों के विरुद्ध 1930 का जंगल सत्याग्रह हुआ, जिसका सबसे प्रसिद्ध केंद्र बैतूल का घोड़ाडोंगरी था, और 1931 में छतरपुर के चरण पादुका में कांग्रेस की सभा पर हुए गोलीकांड को बुंदेलखंड का जलियाँवाला बाग कहा जाता है। चंद्रशेखर आजाद, जिनका जन्म 1906 में अलीराजपुर क्षेत्र के गाँव भाबरा में हुआ, क्रांतिकारी मार्ग पर चले और 1931 में इलाहाबाद में शहीद हुए। बाबई के कवि माखनलाल चतुर्वेदी ने कर्मवीर का संपादन किया और जेल गए; सुभद्रा कुमारी चौहान, जिनकी झाँसी की रानी पर लिखी कविता हर विद्यार्थी जानता है, जबलपुर में सक्रिय रहीं और कारावास गईं। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में जबलपुर, छिंदवाड़ा और होशंगाबाद के स्कूल-कचहरी बंद रहे, और रियासतों के विलीनीकरण आंदोलन यह संघर्ष 1949 तक ले गए।

परीक्षा की दृष्टि से

एमपीपीएससी, एमपीईएसबी, एसएससी और रेलवे इस अध्याय से केंद्र, नेता और तिथि पूछते हैं। पहले छह जोड़े पक्के कीजिए: नीमच के साथ 3 जून 1857, इंदौर-महू के साथ 1 जुलाई 1857 और सआदत खान, जबलपुर के साथ 18 सितंबर 1857 और राजा शंकर शाह, मंडला का रामगढ़ के साथ रानी अवंतीबाई लोधी, ग्वालियर के साथ रानी लक्ष्मीबाई और 18 जून 1858, तथा शिवपुरी के साथ तात्या टोपे और 18 अप्रैल 1859। भ्रम इनमें होता है: तात्या टोपे की फाँसी का स्थान शिवपुरी के बजाय जबलपुर बता देना, अवंतीबाई की रामगढ़ को राघोगढ़ या रतनपुर समझ लेना, ग्वालियर के शासक जयाजीराव सिंधिया को विद्रोही मान लेना, और जंगल सत्याग्रह को बैतूल से बाहर रख देना। राष्ट्रीय आंदोलन से आजाद का जन्मस्थान भाबरा और 1923 के झंडा सत्याग्रह का केंद्र जबलपुर सबसे अधिक दोहराए जाते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

क्षेत्र का पहला विद्रोहनीमच, 3 जून 1857
इंदौर रेजीडेंसी पर हमला1 जुलाई 1857, नेतृत्व सआदत खान
इंदौर का रेजीडेंटकर्नल हेनरी ड्यूरंड, जो सीहोर भाग गया
जबलपुर की मृत्युदंड घटनाराजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह, 18 सितंबर 1857 को तोप से उड़ाए गए
शंकर शाह का वंशगढ़ा-मंडला का गोंड राजवंश
रानी अवंतीबाई लोधीमंडला की रामगढ़ रियासत की शासिका; खैरी में युद्ध, 1858 में बलिदान
मध्य भारत का अंग्रेज सेनापतिसर ह्यू रोज, सेंट्रल इंडिया फील्ड फोर्स
झाँसी पर अधिकारअप्रैल 1858, सर ह्यू रोज द्वारा
रानी लक्ष्मीबाई18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा-की-सराय में शहीद
तात्या टोपे18 अप्रैल 1859 को शिवपुरी में फाँसी
अंग्रेजों के साथ रहे शासकग्वालियर के जयाजीराव सिंधिया, होलकर दरबार और भोपाल की बेगम
निमाड़ का जनजातीय प्रतिरोधटंट्या भील, 1889 में फाँसी
झंडा सत्याग्रह1923, जबलपुर और नागपुर
जंगल सत्याग्रह1930, प्रमुख केंद्र बैतूल का घोड़ाडोंगरी
चरण पादुका गोलीकांड1931, छतरपुर; बुंदेलखंड का जलियाँवाला बाग कहा जाता है
चंद्रशेखर आजादजन्म 1906, अलीराजपुर क्षेत्र का भाबरा; 1931 में इलाहाबाद में शहीद

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.मध्य प्रदेशआसान

नर्मदा घाटी में 1857 की क्रांति का नेतृत्व करने वाली रानी अवंतीबाई लोधी किस रियासत की शासिका थीं?

  1. A.रामगढ़
  2. B.रतनपुर
  3. C.राघोगढ़
  4. D.रामपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रामगढ़

रानी अवंतीबाई लोधी अपने पति की मृत्यु के बाद नर्मदा घाटी में मंडला क्षेत्र की छोटी रियासत रामगढ़ का शासन चला रही थीं।

Q2.मध्य प्रदेशमध्यम

सितंबर 1857 में जबलपुर में तोप से उड़ाए गए राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह किस राजवंश के थे?

  1. A.ओरछा के बुंदेला
  2. B.गढ़ा-मंडला के गोंड
  3. C.रीवा के बघेल
  4. D.धार के पवार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गढ़ा-मंडला के गोंड

शंकर शाह गढ़ा-मंडला के गोंड राजवंश के मुखिया थे, वही वंश जिसमें संग्राम शाह और रानी दुर्गावती हुए और जिसे कंपनी ने केवल पेंशन पर ला दिया था।

Q3.मध्य प्रदेशमध्यम

1857 की क्रांति के अंतिम प्रमुख सेनानायक तात्या टोपे को अप्रैल 1859 में वर्तमान मध्य प्रदेश के किस स्थान पर फाँसी दी गई?

  1. A.ग्वालियर
  2. B.शिवपुरी
  3. C.जबलपुर
  4. D.इंदौर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शिवपुरी

जून 1858 में ग्वालियर हाथ से निकलने के बाद तात्या टोपे ने लगभग दस महीने गुना, राजगढ़, झालावाड़ और चंबल के बीहड़ों में छापामार युद्ध चलाया और अंग्रेजी टुकड़ियों से बचने के लिए बार-बार नर्मदा पार की।

Q4.मध्य प्रदेशकठिन

होलकर रियासत की सेना ने इंदौर की अंग्रेजी रेजीडेंसी पर किस तिथि को हमला किया, जिसके बाद उसी दिन महू छावनी भी विद्रोह में शामिल हो गई?

  1. A.3 जून 1857
  2. B.10 मई 1857
  3. C.1 जुलाई 1857
  4. D.18 सितंबर 1857
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 जुलाई 1857

इस दिन होलकर रियासत की तोपखाना टुकड़ी और भील सैनिकों ने इंदौर की अंग्रेजी रेजीडेंसी पर हमला किया।

Q5.मध्य प्रदेशआसान

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई जून 1858 में कोटा-की-सराय में लड़ते हुए वर्तमान मध्य प्रदेश के किस नगर के पास वीरगति को प्राप्त हुईं?

  1. A.ग्वालियर
  2. B.सागर
  3. C.उज्जैन
  4. D.भोपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ग्वालियर

अप्रैल 1858 में झाँसी के पतन के बाद रानी तात्या टोपे और राव साहब से मिल गईं, और जून 1858 में सिंधिया की सेना के विद्रोहियों के साथ हो जाने पर तीनों ने ग्वालियर पर अधिकार कर लिया।

Q6.मध्य प्रदेशमध्यम

किस अंग्रेज सेनानायक ने अप्रैल 1858 में झाँसी और जून 1858 में ग्वालियर पर अधिकार किया?

  1. A.सर कॉलिन कैंपबेल
  2. B.सर ह्यू रोज
  3. C.जनरल हेनरी हैवलॉक
  4. D.कर्नल जेम्स नील
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सर ह्यू रोज

रोज सेंट्रल इंडिया फील्ड फोर्स का सेनापति था, जो महू से चला, रहतगढ़ और गढ़ाकोटा जीते, सागर को मुक्त कराया, विंध्य का मदनपुर दर्रा पार किया, अप्रैल 1858 में झाँसी लिया और जून 1858 में ग्वालियर का किला फिर अंग्रेजी अधिकार में लाया।

Q7.मध्य प्रदेशमध्यम

चंद्रशेखर आजाद का जन्म भाबरा गाँव में हुआ था, जो मध्य प्रदेश के किस वर्तमान जिले में है?

  1. A.अलीराजपुर
  2. B.बैतूल
  3. C.छतरपुर
  4. D.मंडला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अलीराजपुर

आजाद का जन्म 1906 में पुराने झाबुआ क्षेत्र के अलीराजपुर भाग के गाँव भाबरा में हुआ और बचपन उन्होंने वहीं भीलों के बीच बिताया, फिर बनारस चले गए।

Q8.मध्य प्रदेशपूछा गया: दिल्ली · 16 March 2022, shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? I. सन 1801 में अवध पर सहायक संधि लागू की गई। II. बहादुर शाह जफर की मृत्यु नवंबर 1862 में रंगून जेल में हुई।

  1. A.न I न II
  2. B.I और II दोनों
  3. C.केवल II
  4. D.केवल I
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. I और II दोनों

सन 1801 की सहायक संधि के अंतर्गत अवध के नवाब ने अपना लगभग आधा क्षेत्र कंपनी को दे दिया और अपने खर्च पर अंग्रेजी सेना रखना स्वीकार किया; इसी ने अवध को परावलंबी बनाया और 1856 के विलय तक पहुँचाया, जो 1857 की क्रांति का एक बड़ा कारण था।

Q9.मध्य प्रदेशपूछा गया: दिल्ली · 15 Oct 2018, Shift 3आसान

महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि किसने दी?

  1. A.सुभाष चंद्र बोस
  2. B.जी के गोखले
  3. C.रवींद्रनाथ टैगोर
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सुभाष चंद्र बोस

बोस ने 1944 में रंगून से किए गए रेडियो प्रसारण में गांधीजी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया और यही नाम उनके साथ जुड़ गया।

Q10.मध्य प्रदेशपूछा गया: दिल्ली · 15 Oct 2018, Shift 3आसान

महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु कौन थे?

  1. A.गोपाल कृष्ण गोखले
  2. B.न्यायमूर्ति रानाडे
  3. C.दादाभाई नौरोजी
  4. D.फिरोजशाह मेहता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गोपाल कृष्ण गोखले

गांधीजी ने गोखले को अपना राजनीतिक गुरु कहा था। दक्षिण अफ्रीका से लौटने पर वे गोखले से मिले और उनकी सलाह पर एक वर्ष पूरे भारत में भ्रमण किया, तब सार्वजनिक कार्य आरंभ किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी अवंतीबाई लोधी कौन थीं?

मंडला क्षेत्र की छोटी रियासत रामगढ़ की शासिका, जिन्होंने अपनी रियासत पर कंपनी के कोर्ट ऑफ वार्ड्स को अस्वीकार किया, ग्रामीणों की सेना बनाई, खैरी में अंग्रेजों से युद्ध किया और 1858 में बंदी बनने के बजाय प्राण त्याग दिए। मध्य प्रदेश उन्हें वीरांगना अवंतीबाई कहकर सम्मान देता है।

तात्या टोपे को कहाँ फाँसी दी गई?

शिवपुरी में, जिसे तब सिप्री कहा जाता था, 18 अप्रैल 1859 को। ग्वालियर हाथ से निकलने के बाद उन्होंने लगभग दस महीने गुना, राजगढ़ और चंबल के बीहड़ों में छापामार युद्ध चलाया और पारोन के जंगल में विश्राम के समय विश्वासघात से पकड़े गए।

सितंबर 1857 में जबलपुर में क्या हुआ?

52वीं नेटिव इन्फैंट्री ने विद्रोह किया, और जनता को विद्रोह के लिए प्रेरित करने वाली कविताएँ लिखने के आरोप में बंदी बनाए गए गढ़ा-मंडला के गोंड राजा शंकर शाह तथा उनके पुत्र रघुनाथ शाह को 18 सितंबर 1857 को तोप के मुँह से बाँधकर उड़ा दिया गया।

1857 में इस क्षेत्र के किन शासकों ने अंग्रेजों का साथ दिया?

ग्वालियर के जयाजीराव सिंधिया, इंदौर का होलकर दरबार और भोपाल की बेगम कंपनी के साथ रहे, जबकि ग्वालियर कंटिंजेंट, होलकर सेना और महू छावनी क्रांति में शामिल हो गई।

चंद्रशेखर आजाद का जन्म कहाँ हुआ था?

मध्य प्रदेश के पुराने झाबुआ क्षेत्र के अलीराजपुर भाग के गाँव भाबरा में, 1906 में। काकोरी कांड के बाद उन्होंने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का नेतृत्व किया और 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस से लड़ते हुए शहीद हुए।

1930 का जंगल सत्याग्रह क्या था?

मध्य प्रांत में वन कानूनों के विरुद्ध चलाया गया सविनय अवज्ञा आंदोलन, जिसमें ग्रामीणों ने आरक्षित वनों में नियम तोड़कर घास और लकड़ी काटी। मध्य प्रदेश में इसका सबसे प्रसिद्ध केंद्र बैतूल जिले का घोड़ाडोंगरी था।

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