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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड: डेजर्ट नेशनल पार्क में चार नर पक्षी छोड़े गए

अक्टूबर 2026 में जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में चार नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जंगल में छोड़े गए, जो इसके लिए चुने गए 10 पक्षियों में पहले हैं।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड: डेजर्ट नेशनल पार्क में चार नर पक्षी छोड़े गए

चर्चा में क्यों

अक्टूबर 2026 में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण कार्यक्रम नए चरण में पहुंचा। जैसलमेर के सैम गांव के पास डेजर्ट नेशनल पार्क में चार नर कैप्टिव-नस्ल जीआईबी जंगल में छोड़े गए, जो छोड़े जाने के लिए चुने गए 10 पक्षियों में पहले हैं।

लगभग एक दशक तक पिंजरों में प्रजनन कराने के बाद ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) को अब खुले रेगिस्तान में लौटाने का काम शुरू हो गया है। अक्टूबर 2026 में जैसलमेर जिले के सैम गांव के पास डेजर्ट नेशनल पार्क में चार नर जीआईबी जंगल में छोड़े गए। सैम और रामदेवरा के संरक्षण-प्रजनन केंद्रों से छोड़े जाने के लिए कुल 10 पक्षी चुने गए हैं और यह उनका पहला जत्था है।

पक्षी पर संकट क्यों

जीआईबी को गंभीर रूप से लुप्तप्राय श्रेणी में रखा गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की 2016-17 की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले के 30 वर्षों में इसकी आबादी 75 प्रतिशत घट चुकी थी। कभी देश के पश्चिमी हिस्से में बड़े इलाके में मिलने वाला यह पक्षी आवास के नुकसान और मानव-जनित दबावों के कारण सिमटता गया, और इसकी धीमी प्रजनन दर के चलते आबादी अपने आप नहीं सुधर पाती। इसी वजह से एक कैप्टिव आबादी तैयार करने का रास्ता चुना गया।

कार्यक्रम के आंकड़े

संरक्षण-प्रजनन कार्यक्रम को वर्ष 2016 में पांच वर्ष के लिए 33.85 करोड़ रुपये के परिव्यय से मंजूरी मिली थी। इसके तहत सैम और रामदेवरा में केंद्र बने, संस्थापक आबादी का हिस्सा जुटाया गया, कैप्टिव प्रजनन शुरू हुआ और सर्वेक्षण तथा टेलीमेट्री से आवास सुधार की दिशा तय हुई। पहला कैप्टिव-नस्ल चूजा मार्च 2023 में सैम केंद्र में निकला। दिसंबर 2024 में राष्ट्रीय सीएएमपीए ने जीआईबी और लेसर फ्लोरिकन के लिए पांच वर्ष की संरक्षण कार्य योजना हेतु 77.05 करोड़ रुपये मंजूर किए, जिसमें जनसंख्या सर्वेक्षण, कृत्रिम गर्भाधान, आवास सुधार, शिकारियों से बचाव, सामुदायिक भागीदारी और निगरानी शामिल है।

अक्टूबर 2026 तक दोनों केंद्रों में पक्षी96
जंगली मूल के अंडों से40
कैप्टिव में जन्मे56
प्रजनन के लिए रखे गए86
छोड़े जाने के लिए चुने गए10
वर्ष 2025 में जीवित चूजे24
वर्ष 2026 में जीवित चूजे29

जम्पस्टार्ट दृष्टिकोण

गुजरात के कच्छ में जंगल में केवल तीन मादा बस्टर्ड बची थीं और अंडा निषेचित करने वाला कोई नर नहीं था। इसलिए सैम केंद्र से एक व्यवहार्य अंडा पोर्टेबल इनक्यूबेटर में 770 किमी दूर नलिया पहुंचाया गया। 19 घंटे से अधिक की यात्रा के बाद अंडा एक जंगली मादा के घोंसले में रखा गया। मादा ने उसे अपना लिया, ऊष्मायन पूरा किया और चार दिन बाद चूजा बाहर आया। बाद में फील्ड टीम ने पालक मां को उसी प्राकृतिक आवास में चूजे को पालते देखा। इस जम्पस्टार्ट दृष्टिकोण से अब तक राजस्थान में छह और गुजरात में दो चूजे मिले हैं।

जंगल के लिए तैयारी

रामदेवरा में बनी रीवाइल्डिंग एवियरी पक्षियों को बाहर के जीवन के लिए तैयार करती है। यह स्तंभ-रहित ढांचा 160 मीटर लंबा, 64 मीटर चौड़ा और 14 मीटर ऊंचा है, ताकि पक्षी उड़ान की मांसपेशियां विकसित कर सकें और स्वाभाविक व्यवहार दिखा सकें। डेजर्ट नेशनल पार्क के भीतर लगभग 200 वर्ग किलोमीटर बाड़ वाले घास के मैदान तैयार किए गए हैं, जिन्हें लंबी अवधि के टेलीमेट्री अध्ययनों ने प्रमुख प्रजनन आवास बताया था। एक सॉफ्ट-रिलीज सुविधा चुने हुए पक्षियों को पहले अनुकूलन का मौका देती है और छोड़ने के समय मानव उपस्थिति कम रखी गई। गुजरात में नलिया के पास भी एक जीआईबी सॉफ्ट रिलीज सेंटर बना है।

महत्वपूर्ण तथ्य

प्रजातिग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी), गंभीर रूप से लुप्तप्राय
रिलीज स्थलडेजर्ट नेशनल पार्क, सैम के पास, जैसलमेर, राजस्थान
छोड़े गए पक्षीचार नर; कुल 10 पक्षी छोड़े जाने के लिए चुने गए
प्रजनन केंद्रसैम और रामदेवरा, जैसलमेर
कार्यक्रम की मंजूरीवर्ष 2016, पांच वर्ष के लिए 33.85 करोड़ रुपये
पहला कैप्टिव-नस्ल चूजामार्च 2023, सैम कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर
सीएएमपीए मंजूरीदिसंबर 2024 में 77.05 करोड़ रुपये, जीआईबी और लेसर फ्लोरिकन के लिए
कैप्टिव आबादी (अक्टूबर 2026)96 पक्षी (40 जंगली मूल के अंडों से, 56 कैप्टिव में जन्मे); 86 प्रजनन के लिए
चूजेवर्ष 2025 में 24 और वर्ष 2026 में 29
रीवाइल्डिंग एवियरी, रामदेवरास्तंभ-रहित; 160 मीटर लंबी, 64 मीटर चौड़ी, 14 मीटर ऊंची
बाड़ वाले घास के मैदानडेजर्ट नेशनल पार्क में लगभग 200 वर्ग किलोमीटर
जम्पस्टार्ट दृष्टिकोणसैम से नलिया 770 किमी अंडा ले जाया गया; राजस्थान में छह और गुजरात में दो चूजे

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: प्रजाति (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गंभीर रूप से लुप्तप्राय), स्थान (डेजर्ट नेशनल पार्क, सैम, जैसलमेर, राजस्थान), दो केंद्र (सैम और रामदेवरा), वर्ष 2016 का 33.85 करोड़ रुपये का परिव्यय, दिसंबर 2024 में सीएएमपीए की 77.05 करोड़ रुपये की मंजूरी, अक्टूबर 2026 तक 96 पक्षी, और 770 किमी अंडा स्थानांतरण वाला जम्पस्टार्ट दृष्टिकोण।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

अक्टूबर 2026 में डेजर्ट नेशनल पार्क में कितने कैप्टिव-नस्ल नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जंगल में छोड़े गए?

  1. A.दो
  2. B.चार
  3. C.छह
  4. D.दस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चार

अक्टूबर 2026 में राजस्थान के जैसलमेर जिले में सैम गांव के पास स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में चार नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जंगल में छोड़े गए थे।

Q2.पर्यावरणमध्यम

किस संस्थान की 2016-17 की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की आबादी में 30 वर्षों में 75 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई थी?

  1. A.भारतीय प्राणि सर्वेक्षण
  2. B.भारतीय वन्यजीव संस्थान
  3. C.बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी
  4. D.राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय वन्यजीव संस्थान

इसी संस्थान की 2016-17 की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट में दर्ज किया गया था कि उससे पहले के 30 वर्षों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की आबादी 75 प्रतिशत घट गई थी।

Q3.पर्यावरणमध्यम

राष्ट्रीय सीएएमपीए ने दिसंबर 2024 में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और लेसर फ्लोरिकन की पांच वर्षीय संरक्षण कार्य योजना के लिए कितनी राशि मंजूर की?

  1. A.33.85 करोड़ रुपये
  2. B.77.05 करोड़ रुपये
  3. C.96.50 करोड़ रुपये
  4. D.200 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 77.05 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय सीएएमपीए ने दिसंबर 2024 में यह राशि पांच वर्ष की उस संरक्षण कार्य योजना के लिए मंजूर की, जो ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और लेसर फ्लोरिकन दोनों को कवर करती है।

Q4.पर्यावरणमध्यम

जम्पस्टार्ट दृष्टिकोण के तहत सैम संरक्षण-प्रजनन केंद्र से अंडा गुजरात में किस स्थान पर ले जाकर जंगली मादा के घोंसले में रखा गया?

  1. A.नलिया
  2. B.भुज
  3. C.द्वारका
  4. D.जामनगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नलिया

कच्छ में जंगल में केवल तीन मादा ग्रेट इंडियन बस्टर्ड बची थीं और अंडे को निषेचित करने वाला कोई नर जीवित नहीं था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में कहां छोड़ा गया?

राजस्थान के जैसलमेर जिले में सैम गांव के पास डेजर्ट नेशनल पार्क में। अक्टूबर 2026 में चार नर कैप्टिव-नस्ल पक्षी वहां छोड़े गए, जो सैम और रामदेवरा केंद्रों से चुने गए 10 पक्षियों में पहले हैं।

जम्पस्टार्ट दृष्टिकोण क्या है?

इसमें संरक्षण-प्रजनन केंद्र का अंडा किसी जंगली मादा के घोंसले में रखा जाता है ताकि वह खुद चूजे को पाले। सैम से एक अंडा पोर्टेबल इनक्यूबेटर में 770 किमी दूर गुजरात के नलिया ले जाया गया था। इस तरीके से राजस्थान में छह और गुजरात में दो चूजे मिले हैं।

अक्टूबर 2026 तक कितने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड कैप्टिव में थे?

सैम और रामदेवरा केंद्रों में 96 पक्षी थे, जिनमें 40 जंगली मूल के अंडों से उत्पन्न हुए और 56 कैप्टिव में जन्मे। इनमें से 86 प्रजनन के लिए रखे गए हैं और 10 को जंगल में छोड़ने के लिए चुना गया है।

दिसंबर 2024 में राष्ट्रीय सीएएमपीए ने क्या मंजूरी दी?

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और लेसर फ्लोरिकन के लिए पांच वर्ष की संरक्षण कार्य योजना हेतु 77.05 करोड़ रुपये। इसमें जनसंख्या सर्वेक्षण, कृत्रिम गर्भाधान तकनीक, आवास सुधार, शिकारियों से सुरक्षा और टेलीमेट्री शामिल हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS