शतरंज और भारतीय ग्रैंडमास्टर: प्रथम, उपाधियां और रिकॉर्ड
शतरंज के परीक्षोपयोगी नोट्स: चतुरंग से उत्पत्ति, पटल और मोहरे, फिडे उपाधियां तथा एलो रेटिंग, आनंद एवं भारतीय ग्रैंडमास्टर, और ओलंपियाड के परिणाम।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

शतरंज वह विरला खेल है जिसे भारत ने संसार को दिया और फिर उसे जीतकर वापस पाया। यह खेल गुप्तकाल में भारत में खेले जाने वाले चतुरंग से विकसित हुआ, फारस पहुंचकर शतरंज कहलाया और अरबों के माध्यम से यूरोप गया, जहां उसने आधुनिक रूप लिया। बीसवीं शताब्दी के अधिकांश वर्षों तक भारत के पास विश्वस्तरीय खिलाड़ी नहीं था; फिर विश्वनाथन आनंद 1988 में देश के पहले ग्रैंडमास्टर बने और आगे चलकर विश्व चैंपियन भी, तथा उनके पीछे युवा भारतीय खिलाड़ियों की एक कतार शिखर तक पहुंची। परीक्षकों को यह अध्याय इसलिए भाता है कि इसका हर तथ्य कोई प्रथम, कोई वर्ष या कोई नाम है, और यह एसएससी, रेलवे, बैंकिंग तथा राज्य परीक्षाओं के खेल खंड में आता है।
चतुरंग से आधुनिक शतरंज तक
चतुरंग का अर्थ है चार अंग, अर्थात प्राचीन भारतीय सेना के चार विभाग: पैदल, अश्व, गज और रथ, जो आज पटल पर प्यादा, घोड़ा, ऊंट और हाथी के रूप में जीवित हैं। यह खेल पश्चिम की ओर फारस पहुंचा, जहां इसे शतरंज कहा गया और जहां राजा को दी जाने वाली चेतावनी शाह मात से अंग्रेजी शब्द चेकमेट बना। पंद्रहवीं शताब्दी में यूरोपीय खिलाड़ियों ने वजीर और ऊंट को दूर तक चलने की शक्ति दी और खेल को तेज बना दिया। अतः शतरंज भारतीय आविष्कार है जिसे अंतिम रूप यूरोप में मिला, और प्रश्नपत्र प्रायः इसी बिंदु को एक पंक्ति में पूछते हैं।
पटल, मोहरे और विशेष चालें
शतरंज का पटल आठ पंक्तियों और आठ स्तंभों का वर्ग होता है, अतः उसमें 64 खाने होते हैं, जो बारी-बारी से हल्के और गहरे रंग के होते हैं, और पटल इस प्रकार रखा जाता है कि हर खिलाड़ी के दाएं निचले कोने में हल्का खाना पड़े। हर खिलाड़ी 16 मोहरों से आरंभ करता है, अर्थात कुल 32 मोहरे।
| मोहरा | प्रत्येक पक्ष के पास | चाल |
|---|---|---|
| राजा | 1 | किसी भी दिशा में एक खाना |
| वजीर | 1 | पंक्ति, स्तंभ या विकर्ण पर कितनी भी दूर |
| हाथी | 2 | पंक्ति या स्तंभ पर कितनी भी दूर |
| ऊंट | 2 | विकर्ण पर कितनी भी दूर, एक ही रंग पर रहते हुए |
| घोड़ा | 2 | अंग्रेजी अक्षर L के आकार में, और केवल यही मोहरा कूद सकता है |
| प्यादा | 8 | एक खाना आगे, पहली चाल में दो, और काटता विकर्ण पर है |
तीन विशेष चालें बार-बार पूछी जाती हैं। कैसलिंग एकमात्र ऐसी चाल है जिसमें एक ही पक्ष के दो मोहरे एक साथ चलते हैं, जिसमें राजा हाथी की ओर दो खाने बढ़ता है और हाथी उसके ऊपर से कूदकर दूसरी ओर आ जाता है। आं पासां वह चाल है जिसमें प्यादा उस शत्रु प्यादे को काटता है जिसने अभी-अभी दो खाने की छलांग लगाकर उसके पास से निकलने का प्रयास किया हो। प्रोमोशन में अंतिम पंक्ति तक पहुंचा प्यादा राजा को छोड़कर किसी भी मोहरे में बदल जाता है, और प्रायः वजीर बनाया जाता है। खेल चेकमेट पर समाप्त होता है, जब आक्रमण में घिरे राजा के पास कोई वैध बचाव न बचे, और स्टेलमेट पर बराबरी पर छूटता है, जब खिलाड़ी शह में न होते हुए भी कोई वैध चाल न चल सके।
फिडे, उपाधियां और रेटिंग प्रणाली
शतरंज की विश्व संस्था फिडे है, जिसका पूरा नाम फेडरेशन इंटरनेशनल देस एशेक्स है और जिसकी स्थापना 1924 में पेरिस में हुई थी; उसका ध्येय वाक्य जेन्स ऊना सुमुस है, जिसका अर्थ है हम एक ही जन हैं। उसका स्थापना दिवस 20 जुलाई अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में मनाया जाता है। फिडे आजीवन उपाधियां सीढ़ी के क्रम में देती है: कैंडिडेट मास्टर, फिडे मास्टर, इंटरनेशनल मास्टर और सबसे ऊपर ग्रैंडमास्टर, जिसके लिए सामान्यतः तीन अर्हक प्रदर्शन, जिन्हें नॉर्म कहते हैं, तथा 2500 की रेटिंग चाहिए। इनके साथ-साथ महिला उपाधियां भी चलती हैं, वूमन कैंडिडेट मास्टर से लेकर वूमन ग्रैंडमास्टर तक। खिलाड़ी की शक्ति एलो रेटिंग प्रणाली से नापी जाती है, जो उसे बनाने वाले हंगरी में जन्मे अमेरिकी भौतिकविद अर्पद एलो के नाम पर है: अधिक मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराने पर अंक बढ़ते हैं और कमजोर से हारने पर अधिक घटते हैं। भारत में यह खेल अखिल भारतीय शतरंज महासंघ चलाता है, जिसका गठन 1951 में हुआ।
विश्वनाथन आनंद और उनके बाद के खिलाड़ी
चेन्नई के मैनुअल आरोन 1961 में भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर बने और वर्षों तक राष्ट्रीय खिताब अपने पास रखा। मयिलाडुतुरै में जन्मे और चेन्नई में पले विश्वनाथन आनंद 1988 में किशोरावस्था में ही भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने, और पटल पर इतने तेज थे कि उन्हें लाइटनिंग किड कहा गया। वे राजीव गांधी खेल रत्न पाने वाले पहले खिलाड़ी थे, जो इस सम्मान का पहला ही वर्ष था, और बाद में उन्हें पद्म विभूषण दिया गया। उन्होंने 2000 में फिडे विश्व खिताब जीता और 2007 में निर्विवाद विश्व चैंपियन बने, फिर व्लादिमीर क्रैमनिक, वेसेलिन टोपालोव और बोरिस गेलफैंड के विरुद्ध खिताब बचाया तथा 2013 में मैग्नस कार्लसन से हार गए।
| खिलाड़ी | नाम क्यों पूछा जाता है |
|---|---|
| विश्वनाथन आनंद | 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर; विश्व चैंपियन तथा पहले खेल रत्न विजेता |
| कोनेरू हम्पी | 2002 में किशोरावस्था में ग्रैंडमास्टर उपाधि पाने वाली पहली भारतीय महिला |
| द्रोणवल्ली हरिका | महिला विश्व चैंपियनशिप में तीन बार कांस्य पदक विजेता |
| पेंटाला हरिकृष्णा | किशोरावस्था में ग्रैंडमास्टर बनने वाले आरंभिक भारतीयों में |
| गुकेश डोम्माराजू | 2024 में विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीती, सबसे कम उम्र के निर्विवाद चैंपियन |
| आर प्रज्ञानानंदा | 2023 के फिडे विश्व कप में उपविजेता |
| मैनुअल आरोन | 1961 में भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर |
शतरंज ओलंपियाड में भारत
शतरंज ओलंपियाड टीम विश्व चैंपियनशिप है, जो हर दो वर्ष में ओपन वर्ग और महिला वर्ग में खेली जाती है। भारत ने इसकी मेजबानी पहली बार 2022 में की, जब 44वां ओलंपियाड चेन्नई के निकट खेला गया और भारतीय टीमों ने दोनों वर्गों में कांस्य पदक जीते। 2024 में बुडापेस्ट में हुए 45वें ओलंपियाड में भारत ने ओपन वर्ग और महिला वर्ग, दोनों में स्वर्ण पदक जीता, जिसने देश को टीम शतरंज के शीर्ष पर पहुंचा दिया। शतरंज एशियाई खेलों में 2006 के दोहा संस्करण और 2010 के ग्वांगझू संस्करण में भी सम्मिलित था, जहां भारत ने पदक जीते।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से प्रश्न प्रथम, वर्ष और नाम के रूप में आते हैं। सबसे आम प्रश्न यह है कि भारत के पहले ग्रैंडमास्टर कौन बने, जिसमें मैनुअल आरोन को भ्रमित करने के लिए रखा जाता है, क्योंकि वे पहले इंटरनेशनल मास्टर थे। जोड़ी याद रखें: 1961 में आरोन इंटरनेशनल मास्टर, 1988 में आनंद ग्रैंडमास्टर। इसके बाद पटल की संख्याएं आती हैं, 64 खाने और 32 मोहरे, तथा कूदने वाला मोहरा घोड़ा। फिडे से जुड़े प्रश्न स्थापना वर्ष 1924, नगर पेरिस और 20 जुलाई के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर टिके रहते हैं। दूसरी श्रेणी पुरस्कारों की है: पहले खेल रत्न विजेता के रूप में आनंद शतरंज और पुरस्कार, दोनों अध्यायों में पूछे जाते हैं। अंत में ओलंपियाड के स्थल, भारत के पदक तथा 2024 की विश्व चैंपियनशिप पूछी जाती है। रेटिंग सूची पर आधारित उत्तर से बचें, क्योंकि वह हर माह बदलती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| शतरंज का प्राचीन भारतीय पूर्वज | चतुरंग, अर्थात सेना के चार अंग |
|---|---|
| खेल का फारसी नाम | शतरंज; शाह मात से चेकमेट बना |
| पटल पर खाने | 64, आठ गुणा आठ के जाल में |
| आरंभ में मोहरे | हर खिलाड़ी के 16, कुल 32 |
| कूदने वाला एकमात्र मोहरा | घोड़ा |
| शतरंज की विश्व संस्था | फिडे, स्थापना 1924, पेरिस |
| फिडे का ध्येय वाक्य | जेन्स ऊना सुमुस, अर्थात हम एक ही जन हैं |
| अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस | 20 जुलाई, फिडे का स्थापना दिवस |
| फिडे की सर्वोच्च उपाधि | ग्रैंडमास्टर, तीन नॉर्म तथा 2500 रेटिंग आवश्यक |
| रेटिंग प्रणाली | एलो प्रणाली, अर्पद एलो के नाम पर |
| भारत के पहले ग्रैंडमास्टर | विश्वनाथन आनंद, 1988 |
| भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर | मैनुअल आरोन, 1961 |
| पहली भारतीय महिला ग्रैंडमास्टर | कोनेरू हम्पी, 2002 |
| राष्ट्रीय महासंघ | अखिल भारतीय शतरंज महासंघ, गठन 1951 |
| 2024 के विश्व चैंपियन | गुकेश डोम्माराजू, सबसे कम उम्र के निर्विवाद चैंपियन |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
आधुनिक शतरंज का विकास किस प्राचीन भारतीय खेल से हुआ माना जाता है?
- A.चतुरंग
- B.पचीसी
- C.गिल्ली डंडा
- D.चौसर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चतुरंग
व्याख्या
सही उत्तर A, चतुरंग है। चतुरंग गुप्तकाल में भारत में खेला जाता था और उसके नाम का अर्थ है चार अंग, अर्थात प्राचीन सेना के चार विभाग: पैदल, अश्व, गज और रथ। ये चारों आज के पटल पर प्यादा, घोड़ा, ऊंट और हाथी के रूप में मौजूद हैं। यह खेल फारस पहुंचा, जहां इसे शतरंज कहा गया और जहां शाह मात वाक्यांश से, जिसका अर्थ है राजा असहाय है, अंग्रेजी शब्द चेकमेट बना, और वहां से अरबों के द्वारा यूरोप पहुंचा। विकल्प B गलत है क्योंकि पचीसी कौड़ियों से क्रॉस आकार के कपड़े पर खेला जाने वाला दौड़ खेल है, जो लूडो का पूर्वज है। विकल्प C गलत है क्योंकि गिल्ली डंडा गांवों का बल्ले और छड़ी का खेल है, जिसमें कोई पटल नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि महाभारत की कथा वाला पासों का खेल चौसर पचीसी से संबंधित है, शतरंज से नहीं।
भारत के पहले ग्रैंडमास्टर कौन बने?
- A.पेंटाला हरिकृष्णा
- B.विश्वनाथन आनंद
- C.मैनुअल आरोन
- D.दिब्येंदु बरुआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विश्वनाथन आनंद
व्याख्या
सही उत्तर B, विश्वनाथन आनंद है। मयिलाडुतुरै में जन्मे और चेन्नई में पले आनंद ने 1988 में किशोरावस्था में ही ग्रैंडमास्टर उपाधि अर्जित की और फिडे द्वारा दी जाने वाली सर्वोच्च आजीवन उपाधि पाने वाले पहले भारतीय बने। पटल पर उनकी तेजी के कारण उन्हें लाइटनिंग किड कहा गया। आगे चलकर उन्होंने 2000 में फिडे विश्व खिताब जीता और 2007 में निर्विवाद विश्व चैंपियन बने तथा 2013 तक यह ताज अपने पास रखा। विकल्प A गलत है क्योंकि पेंटाला हरिकृष्णा को यह उपाधि अगली पीढ़ी में, बहुत बाद में मिली। विकल्प C गलत है क्योंकि मैनुअल आरोन 1961 में भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर बने थे, जो निचली उपाधि है, और वे ग्रैंडमास्टर कभी नहीं बने। विकल्प D गलत है क्योंकि दिब्येंदु बरुआ ग्रैंडमास्टर आनंद के बाद बने।
ग्रैंडमास्टर उपाधि प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
- A.कोनेरू हम्पी
- B.द्रोणवल्ली हरिका
- C.तानिया सचदेव
- D.वैशाली रमेशबाबू
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोनेरू हम्पी
व्याख्या
सही उत्तर A, कोनेरू हम्पी है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की हम्पी ने 2002 में किशोरावस्था में ही ओपन ग्रैंडमास्टर उपाधि अर्जित की और उस समय ऐसा करने वाली संसार की सबसे कम उम्र की महिला थीं। वे खेल के रैपिड प्रारूप में विश्व चैंपियन भी रही हैं। ओपन ग्रैंडमास्टर उपाधि को अलग वूमन ग्रैंडमास्टर उपाधि से नहीं मिलाना चाहिए, जो कई भारतीय खिलाड़ियों ने पहले प्राप्त कर ली थी। विकल्प B गलत है क्योंकि महिला विश्व चैंपियनशिप की तीन बार कांस्य पदक विजेता द्रोणवल्ली हरिका को यह उपाधि हम्पी के बाद मिली। विकल्प C गलत है क्योंकि तानिया सचदेव के पास इंटरनेशनल मास्टर तथा वूमन ग्रैंडमास्टर उपाधियां हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि आर प्रज्ञानानंदा की बहन वैशाली रमेशबाबू ग्रैंडमास्टर बहुत बाद में बनीं।
मानक शतरंज पटल पर कुल कितने खाने होते हैं?
- A.36
- B.49
- C.64
- D.81
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 64
व्याख्या
सही उत्तर C, 64 है। शतरंज का पटल एक वर्ग है जो आठ पंक्तियों और आठ स्तंभों में बंटा होता है, अतः खानों की संख्या 8 गुणा 8 अर्थात 64 होती है। ये बारी-बारी से हल्के और गहरे रंग के होते हैं, प्रत्येक रंग के 32, और पटल इस प्रकार घुमाया जाता है कि हर खिलाड़ी के दाएं निचले कोने में हल्का खाना रहे। हर पक्ष 16 मोहरों से आरंभ करता है, जो पहली दो पंक्तियां भर देते हैं, अतः आरंभ में 64 में से 32 खाने घिरे होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 36 खाने छह गुणा छह के पटल पर होते। विकल्प B गलत है क्योंकि 49 का अर्थ सात गुणा सात होता। विकल्प D गलत है क्योंकि 81 खाने सुडोकू के नौ गुणा नौ जाल के हैं, शतरंज के नहीं। जोड़ी याद रखें: 64 खाने और 32 मोहरे।
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज संघ फिडे की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1912
- B.1924
- C.1936
- D.1951
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1924
व्याख्या
सही उत्तर B, 1924 है। फिडे, अर्थात फेडरेशन इंटरनेशनल देस एशेक्स, की स्थापना 1924 में पेरिस में हुई थी और उसका ध्येय वाक्य जेन्स ऊना सुमुस है, जो लैटिन में है और जिसका अर्थ है हम एक ही जन हैं। चूंकि इसकी स्थापना 20 जुलाई को हुई थी, इसलिए वही तिथि प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में मनाई जाती है। फिडे कैंडिडेट मास्टर, फिडे मास्टर, इंटरनेशनल मास्टर और ग्रैंडमास्टर की आजीवन उपाधियां देती है तथा विश्व चैंपियनशिप चक्र और शतरंज ओलंपियाड का संचालन करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1912 में शतरंज प्रशासन की कोई प्रमुख घटना नहीं हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1936 स्थापना के एक दशक बाद का वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1951 में अखिल भारतीय शतरंज महासंघ बना था।
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.20 जुलाई
- B.19 नवंबर
- C.29 अगस्त
- D.6 अप्रैल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 20 जुलाई
व्याख्या
सही उत्तर A, 20 जुलाई है। यह तिथि 20 जुलाई 1924 को पेरिस में अंतर्राष्ट्रीय शतरंज संघ फिडे की स्थापना की स्मृति में है, और इस दिन संसार भर के शतरंज संघ प्रतियोगिताएं तथा विद्यालयी आयोजन करते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि 19 नवंबर विश्व शौचालय दिवस के रूप में मनाया जाता है और उसका शतरंज से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि 29 अगस्त भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस है, जो हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 6 अप्रैल विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस है, जो संयुक्त राष्ट्र का आयोजन है और किसी एक खेल का नहीं, बल्कि समग्र खेल का दिवस है। सूत्र सरल है: विश्व संस्था का स्थापना दिवस ही खेल का दिवस बना।
शतरंज का कौन-सा मोहरा दूसरे मोहरों के ऊपर से कूद सकता है?
- A.ऊंट
- B.हाथी
- C.घोड़ा
- D.वजीर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. घोड़ा
व्याख्या
सही उत्तर C, घोड़ा है। घोड़ा अंग्रेजी अक्षर L के आकार में चलता है, अर्थात पंक्ति या स्तंभ पर दो खाने और फिर समकोण पर एक खाना, और यही एकमात्र मोहरा है जो अपने मार्ग में खड़े किसी भी मोहरे के ऊपर से, चाहे वह अपना हो या विपक्षी का, निकल सकता है। इसी कारण भीड़ भरी स्थिति में घोड़ा अत्यंत घातक होता है और बिना रुके वजीर पर आक्रमण कर सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ऊंट विकर्ण पर सरकता है और मार्ग में आए पहले मोहरे पर रुक जाता है तथा सदैव एक ही रंग के खानों पर रहता है। विकल्प B गलत है क्योंकि हाथी पंक्ति और स्तंभ पर सरकता है और इसी प्रकार रुक जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि वजीर में हाथी और ऊंट दोनों की शक्ति होने पर भी वह कूद नहीं सकता।
2024 में विश्व शतरंज चैंपियनशिप मुकाबला जीतकर सबसे कम उम्र के निर्विवाद विश्व चैंपियन कौन भारतीय खिलाड़ी बने?
- A.आर प्रज्ञानानंदा
- B.गुकेश डोम्माराजू
- C.अर्जुन एरिगैसी
- D.विदित गुजराती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गुकेश डोम्माराजू
व्याख्या
सही उत्तर B, गुकेश डोम्माराजू है। चेन्नई के गुकेश ने 2024 में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता और उसी वर्ष सिंगापुर में हुए खिताबी मुकाबले में चीन के गत चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर अठारह वर्ष की आयु में ताज अपने नाम किया तथा खेल के इतिहास में सबसे कम उम्र के निर्विवाद विश्व चैंपियन बने। विश्वनाथन आनंद के बाद क्लासिकल विश्व खिताब पाने वाले वे दूसरे भारतीय हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि आर प्रज्ञानानंदा 2023 के फिडे विश्व कप के फाइनल तक अवश्य पहुंचे, किंतु उन्होंने विश्व चैंपियनशिप मुकाबला नहीं जीता। विकल्प C गलत है क्योंकि अर्जुन एरिगैसी रेटिंग के अनुसार भारत के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में हैं, पर उन्होंने खिताबी मुकाबला नहीं खेला। विकल्प D गलत है क्योंकि विदित गुजराती ओलंपियाड पदक विजेता हैं, विश्व चैंपियन नहीं।
भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता कौन थे?
- A.विश्वनाथन आनंद
- B.कपिल देव
- C.पीटी उषा
- D.लिएंडर पेस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विश्वनाथन आनंद
व्याख्या
सही उत्तर A, विश्वनाथन आनंद है। 1991 में स्थापित यह पुरस्कार, जिसे अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न कहा जाता है, अपने पहले ही वर्ष में शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद को मिला, जो तीन वर्ष पहले ग्रैंडमास्टर बने थे और उस समय विश्व शतरंज में तेजी से आगे बढ़ रहे थे। बाद में उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया। विकल्प B गलत है क्योंकि 1983 में भारत को क्रिकेट विश्व कप दिलाने वाले कपिल देव को अर्जुन पुरस्कार और पद्म भूषण मिले, पहला खेल रत्न नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि एशियाई खेलों के अपने रिकॉर्ड के बावजूद धाविका पीटी उषा को अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री से सम्मानित किया गया। विकल्प D गलत है क्योंकि टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को खेल रत्न उसी दशक में कुछ वर्ष बाद मिला।
भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर कौन बने?
- A.विश्वनाथन आनंद
- B.मैनुअल आरोन
- C.दिब्येंदु बरुआ
- D.प्रवीण ठिपसे
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मैनुअल आरोन
व्याख्या
सही उत्तर B, मैनुअल आरोन है। चेन्नई के मैनुअल आरोन ने 1961 में इंटरनेशनल मास्टर उपाधि अर्जित की और वे कोई भी अंतर्राष्ट्रीय शतरंज उपाधि पाने वाले पहले भारतीय थे; उन्होंने लगभग दो दशक तक राष्ट्रीय चैंपियनशिप पर अधिकार रखा, जबकि उस समय देश में कोई व्यावसायिक शतरंज व्यवस्था नहीं थी। उनकी सफलता को ही भारत में संगठित प्रतियोगी शतरंज का आरंभ माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विश्वनाथन आनंद बहुत बाद की पीढ़ी के हैं और उन्हें 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर के रूप में याद किया जाता है, पहले इंटरनेशनल मास्टर के रूप में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि कोलकाता के दिब्येंदु बरुआ ने अपनी उपाधियां अस्सी के दशक में अर्जित कीं। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रवीण ठिपसे भी आरोन के बहुत बाद आए।
शतरंज खिलाड़ियों की शक्ति मापने वाली रेटिंग प्रणाली किस व्यक्ति के नाम पर है?
- A.अर्पद एलो
- B.विल्हेम स्टाइनिट्ज
- C.इमैनुएल लास्कर
- D.हावर्ड स्टॉन्टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अर्पद एलो
व्याख्या
सही उत्तर A, अर्पद एलो है। अर्पद एलो हंगरी में जन्मे अमेरिकी भौतिकी प्राध्यापक और स्वयं एक मजबूत शौकिया खिलाड़ी थे, जिन्होंने खिलाड़ियों की तुलना करने की सांख्यिकीय विधि बनाई और फिडे ने उसे अपनाया। इस प्रणाली में अधिक रेटिंग वाले प्रतिद्वंद्वी को हराने पर अंक मिलते हैं और कम रेटिंग वाले से हारने पर अधिक अंक कटते हैं, इसलिए यह संख्या पुरानी उपाधियों के स्थान पर वर्तमान शक्ति दर्शाती है। ग्रैंडमास्टर उपाधि की एक शर्त 2500 की रेटिंग है। विकल्प B गलत है क्योंकि विल्हेम स्टाइनिट्ज 1886 से पहले आधिकारिक विश्व चैंपियन थे, रेटिंग के सिद्धांतकार नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इमैनुएल लास्कर ने सत्ताईस वर्ष तक विश्व खिताब अपने पास रखा, जो सबसे लंबा कार्यकाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि हावर्ड स्टॉन्टन के नाम पर मोहरों की मानक बनावट है।
2022 का 44वां शतरंज ओलंपियाड, जिसकी मेजबानी भारत ने पहली बार की, किस शहर के निकट आयोजित हुआ था?
- A.चेन्नई
- B.कोलकाता
- C.हैदराबाद
- D.नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चेन्नई
व्याख्या
सही उत्तर A, चेन्नई है। 44वां शतरंज ओलंपियाड 2022 में तमिलनाडु में चेन्नई के निकट मामल्लपुरम में खेला गया, जो पहला अवसर था जब भारत ने शतरंज की टीम विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की, और भारतीय टीमों ने ओपन वर्ग तथा महिला वर्ग, दोनों में कांस्य पदक जीते। चेन्नई विश्वनाथन आनंद तथा उनके बाद आए कई युवा ग्रैंडमास्टरों का भी गृहनगर है, इसलिए यह स्थान उपयुक्त माना गया। विकल्प B गलत है क्योंकि कोलकाता भारतीय शतरंज का पुराना केंद्र होते हुए भी इस आयोजन का स्थल नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि हैदराबाद ने अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है, ओलंपियाड की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि नई दिल्ली स्थल नहीं थी। दो वर्ष बाद 2024 में बुडापेस्ट में भारत ने दोनों वर्गों में स्वर्ण जीता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या शतरंज वास्तव में भारत में उत्पन्न हुआ था?
हां। इतिहासकार इसका मूल चतुरंग में मानते हैं, जो गुप्तकाल का खेल था और जिसके चार अंग, अर्थात पैदल, अश्व, गज और रथ, आगे चलकर प्यादा, घोड़ा, ऊंट और हाथी बने। यह फारस में शतरंज के नाम से फैला और फिर अरब जगत के द्वारा यूरोप पहुंचा, जहां पंद्रहवीं शताब्दी में वजीर तथा ऊंट को दूर तक चलने की शक्ति देकर आज का खेल बनाया गया।
इंटरनेशनल मास्टर और ग्रैंडमास्टर में क्या अंतर है?
दोनों फिडे द्वारा दी जाने वाली आजीवन उपाधियां हैं, किंतु ग्रैंडमास्टर उपाधि ऊंची है। इंटरनेशनल मास्टर के लिए सामान्यतः तीन अर्हक प्रदर्शन तथा 2400 की रेटिंग चाहिए, जबकि ग्रैंडमास्टर के लिए तीन ग्रैंडमास्टर नॉर्म और 2500 की रेटिंग आवश्यक है। भारत में मैनुअल आरोन 1961 में पहले इंटरनेशनल मास्टर और विश्वनाथन आनंद 1988 में पहले ग्रैंडमास्टर बने।
एलो रेटिंग प्रणाली किस प्रकार काम करती है?
हर खिलाड़ी के साथ एक संख्या जुड़ी रहती है जो उसकी शक्ति का अनुमान देती है। खेल से पहले प्रणाली दोनों रेटिंग के अंतर से अपेक्षित परिणाम बता देती है। जो खिलाड़ी अपेक्षा से अच्छा करता है उसके अंक बढ़ते हैं और जो खराब करता है उसके घटते हैं, इसलिए बहुत मजबूत खिलाड़ी को हराने पर बहुत अंक मिलते हैं और बहुत कमजोर से हारने पर बहुत अंक कटते हैं।
20 जुलाई को ही अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस क्यों मनाया जाता है?
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज संघ फिडे की स्थापना 20 जुलाई 1924 को पेरिस में हुई थी, और बाद में यही तिथि संसार भर में इस खेल के दिवस के रूप में अपनाई गई। इस दिन संघ सामूहिक प्रदर्शन, विद्यालयी प्रतियोगिताएं और रैपिड मुकाबले कराते हैं, इसीलिए दिवस एवं तिथि वाले खंड में भी यह प्रश्न बार-बार आता है।
किन भारतीय खिलाड़ियों ने शतरंज का विश्व खिताब जीता है?
विश्वनाथन आनंद ने 2000 में फिडे विश्व चैंपियनशिप जीती और 2007 से 2013 तक निर्विवाद विश्व चैंपियन रहे तथा तीन बार खिताब बचाया। गुकेश डोम्माराजू ने 2024 का खिताबी मुकाबला जीतकर सबसे कम उम्र के निर्विवाद चैंपियन बनने का गौरव पाया। कोनेरू हम्पी खेल के रैपिड प्रारूप में विश्व खिताब जीत चुकी हैं, और 2024 में भारतीय टीमों ने ओलंपियाड के दोनों स्वर्ण जीते।
स्रोत
- FIDE Handbook, Title Regulations and Rating Regulations — Federation Internationale des Echecs (FIDE)
- खेल रत्न पुरस्कार: विजेताओं की सूची — युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार
- महासंघ के बारे में तथा राष्ट्रीय चैंपियनशिप — अखिल भारतीय शतरंज महासंघ





