एथलेटिक्स और भारतीय एथलीट: स्पर्धाएँ और तथ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एथलेटिक्स के नोट्स: ट्रैक, फील्ड और संयुक्त स्पर्धाएँ, नियत दूरियाँ व उपकरणों के भार, संचालक संस्थाएँ तथा पूछे जाने वाले भारतीय एथलीट।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

एथलेटिक्स ओलंपिक कार्यक्रम का सबसे पुराना और सबसे विस्तृत खेल-समूह है: दौड़ना, कूदना, फेंकना और चलना, जो ट्रैक पर, मैदान में और सड़क पर होते हैं। प्रश्नपत्र इसे ट्रैक एंड फील्ड कहते हैं, और प्रश्न चार प्रकार के आते हैं — किसी स्पर्धा की नियत दूरी या भार, खेल का संचालक संगठन, नियमों की शब्दावली, और प्रसिद्ध प्रदर्शनों से जुड़े भारतीय नाम। एथलेटिक्स की संख्याएँ बदलती नहीं, इसलिए जिसने तालिकाएँ एक बार याद कर लीं, उसके लिए यह विषय निश्चित अंक है।
एथलेटिक्स में क्या-क्या आता है
यह खेल ट्रैक स्पर्धाओं में बाँटा जाता है, जो अंडाकार पथ पर होती हैं; फील्ड स्पर्धाओं में, जिनमें खिलाड़ी कूदता या फेंकता है; संयुक्त स्पर्धाओं में, जो कई विधाओं के अंक जोड़ती हैं; और सड़क स्पर्धाओं में, जैसे मैराथन तथा पैदल चाल। मानक बाहरी ट्रैक की भीतरी लेन 400 मीटर की होती है और सामान्यतः आठ लेन होती हैं, इसलिए 100 मीटर की दौड़ सीधे भाग पर होती है और 400 मीटर की दौड़ ठीक एक चक्कर है।
ट्रैक स्पर्धाएँ एक दृष्टि में
| वर्ग | स्पर्धाएँ | याद रखने की बात |
|---|---|---|
| फर्राटा दौड़ | 100 मी, 200 मी, 400 मी | स्टार्टिंग ब्लॉक से आरंभ; गलत शुरुआत पर अयोग्य घोषित |
| मध्यम दूरी | 800 मी, 1500 मी | 1500 मी को मीट्रिक मील कहा जाता है |
| लंबी दूरी | 5000 मी, 10,000 मी | वक्र रेखा से आरंभ, ब्लॉक से नहीं |
| बाधा दौड़ | पुरुष 110 मी, महिला 100 मी, दोनों के लिए 400 मी | इनमें से हर दौड़ में दस बाधाएँ |
| स्टीपलचेज़ | 3000 मी | कुल अट्ठाईस बाधा-छलाँग और सात जल-छलाँग |
| रिले | 4 x 100 मी, 4 x 400 मी | बैटन 30 मीटर के टेक-ओवर क्षेत्र के भीतर बदलनी होती है |
| मैराथन | 42.195 किमी | 26 मील 385 गज के बराबर, सड़क पर दौड़ी जाती है |
फील्ड स्पर्धाएँ और उपकरणों का भार
फील्ड स्पर्धाएँ दो प्रकार की हैं। कूद में खिलाड़ी दूरी या ऊँचाई नापता है; फेंक में उपकरण का भार नियमों से तय है, और वही भार सीधे पूछे जाते हैं।
| स्पर्धा | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| गोला फेंक | 7.26 किग्रा | 4 किग्रा |
| चक्का फेंक | 2 किग्रा | 1 किग्रा |
| हैमर थ्रो | 7.26 किग्रा | 4 किग्रा |
| भाला फेंक | 800 ग्राम | 600 ग्राम |
कूद में लंबी कूद और त्रिकूद दूरी के लिए तथा ऊँची कूद और पोल वॉल्ट ऊँचाई के लिए होती हैं। संयुक्त स्पर्धाएँ हैं डेकाथलॉन, जो पुरुषों के लिए दो दिन में दस स्पर्धाओं की होती है, और हेप्टाथलॉन, जो महिलाओं के लिए सात स्पर्धाओं की होती है।
एथलेटिक्स का संचालन कौन करता है
विश्व संस्था 1912 में इंटरनेशनल एमेच्योर एथलेटिक फेडरेशन के रूप में बनी, आगे इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस कहलाई, और 2019 से इसका नाम वर्ल्ड एथलेटिक्स है। इसका मुख्यालय मोनाको में है। भारत में यह खेल एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया चलाता है, जो 1946 में बना। 1896 के एथेंस ओलंपिक से लेकर हर आधुनिक ओलंपिक में एथलेटिक्स हुआ है, और विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप पहली बार 1983 में हेलसिंकी में हुई।
परीक्षा में पूछे जाने वाले भारतीय एथलीट
| एथलीट | नाम क्यों याद रखा जाता है |
|---|---|
| नॉर्मन प्रिचर्ड | 1900 के पेरिस ओलंपिक में 200 मी और 200 मी बाधा दौड़ में दो रजत, जो ओलंपिक अभिलेखों में भारत के नाम दर्ज हैं |
| मिल्खा सिंह | फ्लाइंग सिख; 1960 के रोम ओलंपिक की 400 मी फाइनल में चौथे स्थान पर रहे और 1958 के कार्डिफ राष्ट्रमंडल खेलों में 440 गज का स्वर्ण जीता |
| गुरबचन सिंह रंधावा | 1964 के टोक्यो ओलंपिक की 110 मी बाधा दौड़ फाइनल में पाँचवें स्थान पर |
| कमलजीत संधू | 1970 के बैंकॉक एशियाई खेलों में 400 मी का स्वर्ण जीता; एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला |
| पी. टी. उषा | पय्योली एक्सप्रेस; 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक की 400 मी बाधा दौड़ में कांस्य से सौवें हिस्से भर से चूकीं और 1986 के सियोल एशियाई खेलों में चार स्वर्ण जीते |
| अंजू बॉबी जॉर्ज | 2003 की पेरिस विश्व चैंपियनशिप में लंबी कूद का कांस्य, जो विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक था |
| कृष्णा पूनिया | 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में चक्का फेंक का स्वर्ण |
| नीरज चोपड़ा | टोक्यो 2020 ओलंपिक में भाला फेंक का स्वर्ण, जो एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण था, और 2023 में बुडापेस्ट का विश्व खिताब |
| हिमा दास | ढींग एक्सप्रेस; 2018 की टैंपियर विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 400 मी का स्वर्ण, जो किसी विश्व स्तरीय ट्रैक स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण था |
नियम और रिपोर्टों में आने वाले शब्द
- गलत शुरुआत पर अब हर व्यक्तिगत दौड़ में तत्काल अयोग्य घोषित किया जाता है।
- फोटो फिनिश कैमरा साथ-साथ रेखा पार करने वाले खिलाड़ियों को अलग करता है; फर्राटा दौड़ों का समय सेकंड के सौवें हिस्से तक पढ़ा जाता है।
- रिले में बैटन गिरने से टीम अयोग्य नहीं होती, परंतु टेक-ओवर क्षेत्र के बाहर बदलने से होती है।
- लंबी कूद फाउल मानी जाती है यदि पैर का कोई भाग टेक-ऑफ बोर्ड के अगले किनारे से आगे जाए।
- फेंक में खिलाड़ी को घेरे के भीतर रहना होता है और उपकरण को चिह्नित क्षेत्र में गिरना होता है।
- फेंक तथा क्षैतिज कूद के फाइनल में हर खिलाड़ी को छह प्रयास मिलते हैं, और अधिकांश प्रतियोगिताओं में पहले दौर के बाद अग्रणी खिलाड़ियों को तीन और।
परीक्षा की दृष्टि से
एथलेटिक्स के प्रश्न चार समूहों में आते हैं। पहला, नियत संख्याएँ: मैराथन की दूरी, स्टीपलचेज़ की दूरी, बाधाओं की गिनती, गोले, चक्के, हैमर और भाले के भार, तथा डेकाथलॉन व हेप्टाथलॉन की स्पर्धाओं की संख्या। दूसरा, संचालक संस्थाएँ और उनके मुख्यालय, जहाँ वर्ल्ड एथलेटिक्स के मोनाको को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के लुसाने से बार-बार मिला दिया जाता है। तीसरा, उपनाम और प्रथम: फ्लाइंग सिख, पय्योली एक्सप्रेस, ढींग एक्सप्रेस, एथलेटिक्स में पहला ओलंपिक स्वर्ण, विश्व चैंपियनशिप का पहला पदक। चौथा, किसी स्पर्धा को ट्रैक या फील्ड में बाँटना, जहाँ स्टीपलचेज़ और बाधा दौड़ जान-बूझकर रखे भ्रमजाल हैं। सुरक्षित तरीका यह है कि हर भारतीय नाम को एक वर्ष और एक स्पर्धा से बाँध लें, क्योंकि प्रश्नपत्र मिल्खा सिंह के 1960 के चौथे स्थान को रंधावा के 1964 के पाँचवें स्थान से और हिमा दास की समतल 400 मीटर को उषा की 400 मीटर बाधा दौड़ से बदल देते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| मैराथन की दूरी | 42.195 किमी, अर्थात 26 मील 385 गज |
|---|---|
| आधी मैराथन | 21.0975 किमी |
| स्टीपलचेज़ | 3000 मीटर, 28 बाधा-छलाँग और 7 जल-छलाँग |
| बाधा दौड़ | पुरुष 110 मी, महिला 100 मी और दोनों के लिए 400 मी, हर दौड़ में दस बाधाएँ |
| रिले का टेक-ओवर क्षेत्र | 30 मीटर |
| पुरुष और महिला भाला | 800 ग्राम और 600 ग्राम |
| गोला फेंक | पुरुष 7.26 किग्रा, महिला 4 किग्रा |
| चक्का फेंक | पुरुष 2 किग्रा, महिला 1 किग्रा |
| डेकाथलॉन और हेप्टाथलॉन | पुरुषों की दस स्पर्धाएँ, महिलाओं की सात स्पर्धाएँ |
| वर्ल्ड एथलेटिक्स | 1912 में स्थापना, 2019 में नया नाम, मुख्यालय मोनाको |
| एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया | 1946 में गठित |
| पहली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप | 1983, हेलसिंकी में |
| एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण | नीरज चोपड़ा, भाला फेंक, टोक्यो 2020 |
| एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला | कमलजीत संधू, 400 मी, बैंकॉक 1970 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
टोक्यो ओलंपिक 2020 में नीरज चोपड़ा ने निम्नलिखित में से किस खेल में स्वर्ण पदक जीता?
- A.भाला फेंक
- B.बैडमिंटन
- C.टेनिस
- D.भारोत्तोलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भाला फेंक
व्याख्या
सही उत्तर A, भाला फेंक है। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो 2020 ओलंपिक, जो 2021 में हुआ, में पुरुषों की भाला फेंक जीती, और यह पदक एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण था तथा 2008 की निशानेबाजी के बाद पहला व्यक्तिगत स्वर्ण। आगे 2023 में उन्होंने बुडापेस्ट में विश्व खिताब भी जीता।
विकल्प B, बैडमिंटन, गलत है क्योंकि ओलंपिक में भारत के बैडमिंटन पदक एक रजत और कांस्य रहे हैं, स्वर्ण नहीं, और उनमें कोई चोपड़ा का नहीं। विकल्प C, टेनिस, गलत है क्योंकि ओलंपिक टेनिस में भारत का एक ही कांस्य है, 1996 का, और चोपड़ा टेनिस खिलाड़ी नहीं हैं। विकल्प D, भारोत्तोलन, गलत है क्योंकि उसी टोक्यो खेलों में मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन का रजत जीता था, इसी कारण यह विकल्प उसे लुभाता है जिसे खेल याद है पर स्पर्धा नहीं। चोपड़ा फेंक के खिलाड़ी हैं और उनकी स्पर्धा भाला फेंक है।
मैराथन दौड़ की मानक दूरी कितनी होती है?
- A.40 किमी
- B.42.195 किमी
- C.45 किमी
- D.50 किमी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 42.195 किमी
व्याख्या
सही उत्तर B, 42.195 किमी है। मैराथन 42.195 किलोमीटर की दौड़ है, जो ठीक 26 मील 385 गज के बराबर है। यह विचित्र अंक 1908 के लंदन ओलंपिक में तय हुआ, जब मार्ग बढ़ाकर राजकीय दीर्घा के सामने समाप्त किया गया, और कुछ वर्षों बाद यही आधिकारिक दूरी बन गई।
विकल्प A, 40 किमी, 1890 के दशक की आरंभिक मैराथनों की दूरी के निकट है, परंतु आज का मानक नहीं। विकल्प C, 45 किमी, किसी भी एथलेटिक्स स्पर्धा से मेल नहीं खाती। विकल्प D, 50 किमी, वर्षों तक ओलंपिक पैदल चाल की दो दूरियों में लंबी दूरी थी, इसी कारण यहाँ भ्रमजाल के रूप में आया है, परंतु पैदल चाल और मैराथन अलग स्पर्धाएँ हैं। इसके साथ याद रखने योग्य है कि आधी मैराथन 21.0975 किलोमीटर की होती है, और मैराथन सड़क स्पर्धा है, ट्रैक स्पर्धा नहीं।
किस भारतीय एथलीट को फ्लाइंग सिख के नाम से जाना जाता था?
- A.गुरबचन सिंह रंधावा
- B.मिल्खा सिंह
- C.श्रीराम सिंह
- D.जोगिंदर सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मिल्खा सिंह
व्याख्या
सही उत्तर B, मिल्खा सिंह है। यह नाम उन्हें पाकिस्तान में लाहौर की एक प्रतियोगिता में मेजबान खिलाड़ी को हराने के बाद मिला और सदा उनके साथ रहा। वे 1960 के रोम ओलंपिक की 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे, 1958 के कार्डिफ राष्ट्रमंडल खेलों में 440 गज का स्वर्ण जीता और 1958 के एशियाई खेलों में दो स्वर्ण लिए।
विकल्प A, गुरबचन सिंह रंधावा, कुशल बाधा धावक थे और 1964 के टोक्यो ओलंपिक की 110 मीटर बाधा दौड़ फाइनल में पाँचवें रहे, परंतु उनका ऐसा कोई उपनाम नहीं था। विकल्प C, श्रीराम सिंह, 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक की 800 मीटर फाइनल तक पहुँचे और लंबे समय तक उस स्पर्धा का राष्ट्रीय कीर्तिमान रखा। विकल्प D, जोगिंदर सिंह, इस उपनाम से याद किए जाने वाले एथलीट नहीं हैं। उपनामों की जोड़ी साथ याद रखें: मिल्खा सिंह फ्लाइंग सिख और पी. टी. उषा पय्योली एक्सप्रेस।
भारतीय एथलीट पी. टी. उषा को किस नाम से पुकारा जाता है?
- A.ढींग एक्सप्रेस
- B.पय्योली एक्सप्रेस
- C.केरल की गोल्डन गर्ल
- D.उड़न परी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पय्योली एक्सप्रेस
व्याख्या
सही उत्तर B, पय्योली एक्सप्रेस है। पी. टी. उषा केरल के कोझिकोड जिले के पय्योली की हैं, और ट्रैक पर उनकी गति ने उन्हें उनके गाँव का नाम दिला दिया। 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में वे 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रहीं और कांस्य से सेकंड के सौवें हिस्से भर से चूक गईं, तथा 1986 के सियोल एशियाई खेलों में उन्होंने चार स्वर्ण और एक रजत जीता।
विकल्प A, ढींग एक्सप्रेस, असम के ढींग की हिमा दास का नाम है, जिन्होंने 2018 की विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 400 मीटर जीती। विकल्प C एक ढीला वर्णन है, वह उपनाम नहीं जो प्रश्नपत्र देते हैं। विकल्प D, उड़न परी, समाचारों में धाविका दुती चंद से जोड़ा जाता है, उषा से नहीं। चार में से दो विकल्प सच्चे एथलेटिक्स उपनाम हैं, इसलिए प्रश्न इसी पर टिकता है कि कौन-सा गाँव किस धाविका का है।
डेकाथलॉन में कुल कितनी स्पर्धाएँ होती हैं?
- A.सात
- B.आठ
- C.दस
- D.बारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दस
व्याख्या
सही उत्तर C, दस है। डेकाथलॉन शब्द यूनानी डेका अर्थात दस और एथलॉन अर्थात मुकाबला से बना है। यह पुरुषों की संयुक्त स्पर्धा है जो दो दिन में होती है, और इसकी दस विधाओं में फर्राटा दौड़, बाधा दौड़, मध्यम दूरी की 1500 मीटर, कूद और फेंक सम्मिलित हैं। अंक एक नियत तालिका से दिए जाते हैं और सर्वाधिक योग वाला विजेता होता है।
विकल्प A, सात, हेप्टाथलॉन की स्पर्धाओं की संख्या है, जो महिलाओं की संयुक्त स्पर्धा है, और यही सबसे आम गलत उत्तर है क्योंकि दोनों सदा साथ पढ़ाई जाती हैं। विकल्प B, आठ, एथलेटिक्स की किसी संयुक्त स्पर्धा से मेल नहीं खाता। विकल्प D, बारह, भी कोई मान्य संख्या नहीं है। तीसरी उल्लेखनीय संयुक्त स्पर्धा पेंटाथलॉन है, जिसमें पाँच स्पर्धाएँ होती हैं और जो आधुनिक पेंटाथलॉन तथा इंडोर प्रतियोगिता में बची है। यूनानी उपसर्ग गिन लें, उत्तर स्वयं निकल आता है।
एथलेटिक्स की स्टीपलचेज़ दौड़ कितनी दूरी की होती है?
- A.1500 मीटर
- B.2000 मीटर
- C.3000 मीटर
- D.5000 मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 3000 मीटर
व्याख्या
सही उत्तर C, 3000 मीटर है। ओलंपिक स्टीपलचेज़ 3000 मीटर की दौड़ है, जिसमें धावक हर चक्कर में ठोस बाधाएँ और एक जल-छलाँग पार करते हैं। पूरी दूरी में खिलाड़ी अट्ठाईस बाधा-छलाँग और सात जल-छलाँग लगाता है, और जल-छलाँग से पहले की बाधा स्थिर होती है, वह पलटती नहीं।
विकल्प A, 1500 मीटर, बिना बाधा की मध्यम दूरी की दौड़ है जिसे मीट्रिक मील कहा जाता है। विकल्प B, 2000 मीटर, कुछ प्रतियोगिताओं में जूनियर स्टीपलचेज़ की दूरी है, इसलिए यह विश्वसनीय भ्रमजाल है, परंतु वरिष्ठ चैंपियनशिप स्पर्धा 3000 मीटर की होती है। विकल्प D, 5000 मीटर, समतल लंबी दूरी की ट्रैक दौड़ है। याद रखें कि स्टीपलचेज़ जल-छलाँग वाली एकमात्र ओलंपिक ट्रैक दौड़ है, और अब पुरुष तथा महिलाएँ दोनों इसे 3000 मीटर पर ही दौड़ते हैं।
विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाला पहला भारतीय एथलीट कौन था?
- A.पी. टी. उषा
- B.अंजू बॉबी जॉर्ज
- C.नीरज चोपड़ा
- D.हिमा दास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंजू बॉबी जॉर्ज
व्याख्या
सही उत्तर B, अंजू बॉबी जॉर्ज है। उन्होंने 2003 की पेरिस विश्व चैंपियनशिप में लंबी कूद का कांस्य जीता, और वरिष्ठ विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यह भारत का पहला पदक था। 2004 में एथेंस में लगाई उनकी 6.83 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद वर्षों तक राष्ट्रीय मानक रही।
विकल्प A, पी. टी. उषा, ने एशियाई स्तर पर पदकों का ढेर जीता और 1984 के ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहीं, परंतु वे विश्व चैंपियनशिप के मंच पर कभी नहीं पहुँचीं। विकल्प C, नीरज चोपड़ा, ने 2023 में विश्व खिताब और 2022 में रजत जीता, जो अंजू के कांस्य के दो दशक बाद है, इसलिए वे पहले नहीं हैं। विकल्प D, हिमा दास, ने 2018 में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 400 मीटर का स्वर्ण जीता, जो जूनियर प्रतियोगिता है और वरिष्ठ विश्व चैंपियनशिप से भिन्न है। प्रश्न में आए पहला और वरिष्ठ शब्द ही उत्तर तय करते हैं।
पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता में प्रयुक्त भाले का भार कितना होता है?
- A.600 ग्राम
- B.700 ग्राम
- C.800 ग्राम
- D.1 किलोग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 800 ग्राम
व्याख्या
सही उत्तर C, 800 ग्राम है। नियमों के अनुसार पुरुषों का भाला न्यूनतम 800 ग्राम का और लगभग 2.6 से 2.7 मीटर लंबा होता है, जबकि महिलाओं का भाला 600 ग्राम का और छोटा होता है। फेंक तभी मान्य होती है जब धातु की नोक पहले भूमि से टकराए और खिलाड़ी चाप के पीछे रहे।
विकल्प A, 600 ग्राम, महिलाओं के भाले का भार है और प्रश्न इसी भ्रम पर बना है। विकल्प B, 700 ग्राम, एथलेटिक्स में किसी प्रतियोगिता का भार ही नहीं है। विकल्प D, 1 किलोग्राम, महिलाओं के चक्के का भार है, इसलिए वह दूसरी स्पर्धा का है। फेंक के चारों भार एक पंक्ति में याद रखें: गोला फेंक पुरुष 7.26 किग्रा और महिला 4, चक्का 2 किग्रा और 1, हैमर 7.26 किग्रा और 4, भाला 800 ग्राम और 600।
एथलेटिक्स की विश्व संचालक संस्था वर्ल्ड एथलेटिक्स का मुख्यालय कहाँ है?
- A.लुसाने
- B.मोनाको
- C.ज्यूरिख
- D.पेरिस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मोनाको
व्याख्या
सही उत्तर B, मोनाको है। यह संस्था 1912 में इंटरनेशनल एमेच्योर एथलेटिक फेडरेशन के रूप में बनी, आगे इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस कहलाई और 2019 में इसका नाम वर्ल्ड एथलेटिक्स हुआ। इसके कार्यालय मोनाको में हैं, और यही नियम बनाती है, विश्व कीर्तिमान प्रमाणित करती है तथा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप कराती है, जो पहली बार 1983 में हेलसिंकी में हुई।
विकल्प A, स्विट्ज़रलैंड का लुसाने, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का केंद्र है, जो भिन्न संगठन है और इस प्रश्न में सबसे आम भ्रम है। विकल्प C, ज्यूरिख, में विश्व फुटबॉल संस्था फीफा का मुख्यालय और एक प्रसिद्ध वार्षिक एथलेटिक्स प्रतियोगिता है, परंतु वर्ल्ड एथलेटिक्स नहीं। विकल्प D, पेरिस, वह नगर है जहाँ राष्ट्रीय संघों की बैठक में यह संस्था बनी और जहाँ 2003 की विश्व चैंपियनशिप हुई, इसलिए यह सुगढ़ भ्रमजाल है।
1960 के रोम ओलंपिक खेलों में मिल्खा सिंह किस स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे?
- A.200 मीटर
- B.400 मीटर
- C.800 मीटर
- D.110 मीटर बाधा दौड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 400 मीटर
व्याख्या
सही उत्तर B, 400 मीटर है। मिल्खा सिंह 1960 में रोम की 400 मीटर फाइनल तक पहुँचे और ऐसी कड़ी दौड़ में चौथे रहे कि पहले चार धावकों ने तत्कालीन ओलंपिक कीर्तिमान तोड़ दिया। उनका समय लगभग चार दशक तक भारत का राष्ट्रीय कीर्तिमान रहा, और 2021 से पहले भारतीय एथलेटिक्स का सर्वाधिक उद्धृत क्षण यही चूक है।
विकल्प A, 200 मीटर, वह स्पर्धा है जो उन्होंने दौड़ी और 1958 के एशियाई खेलों में जीती, परंतु प्रश्न रोम की फाइनल का है। विकल्प C, 800 मीटर, वह स्पर्धा है जिसमें श्रीराम सिंह 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक की फाइनल तक पहुँचे। विकल्प D, 110 मीटर बाधा दौड़, वह है जिसमें गुरबचन सिंह रंधावा 1964 के टोक्यो ओलंपिक में पाँचवें रहे, और प्रश्नपत्र जान-बूझकर इन दोनों को मिलाते हैं। तीनों को साथ बाँध लें: मिल्खा 1960, रंधावा 1964, श्रीराम 1976।
निम्नलिखित में से कौन एथलेटिक्स की फील्ड स्पर्धा है?
- A.110 मीटर बाधा दौड़
- B.4 x 400 मीटर रिले
- C.त्रिकूद
- D.3000 मीटर स्टीपलचेज़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. त्रिकूद
व्याख्या
सही उत्तर C, त्रिकूद है। फील्ड स्पर्धाएँ वे हैं जिनमें खिलाड़ी दौड़ने के स्थान पर कूदता या फेंकता है, और त्रिकूद में हॉप, स्टेप और जंप के बाद बालू के गड्ढे में दूरी नापी जाती है। शेष फील्ड स्पर्धाएँ लंबी कूद, ऊँची कूद, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, चक्का फेंक, हैमर थ्रो और भाला फेंक हैं।
विकल्प A, 110 मीटर बाधा दौड़, ट्रैक स्पर्धा है: यह लेन में दस बाधाओं पर दौड़ी जाती है। विकल्प B, 4 x 400 मीटर रिले, भी ट्रैक स्पर्धा है, जिसे चार खिलाड़ी 30 मीटर के टेक-ओवर क्षेत्र में बैटन बदलते हुए दौड़ते हैं। विकल्प D, 3000 मीटर स्टीपलचेज़, बाधाओं और जल-छलाँग वाली ट्रैक दौड़ है, और उसकी बाधाएँ परीक्षार्थी को उसे फील्ड स्पर्धा कहने को उकसाती हैं। नियम सरल है: यदि खिलाड़ी घड़ी के विरुद्ध नापा जाए तो ट्रैक स्पर्धा, और यदि परिणाम दूरी या ऊँचाई हो तो फील्ड स्पर्धा।
हिमा दास ने 2018 की विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में किस स्पर्धा का स्वर्ण जीता?
- A.100 मीटर
- B.200 मीटर
- C.400 मीटर
- D.लंबी कूद
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 400 मीटर
व्याख्या
सही उत्तर C, 400 मीटर है। असम के ढींग की हिमा दास, जिन्हें ढींग एक्सप्रेस कहा जाता है, ने 2018 में फिनलैंड के टैंपियर में हुई विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर जीती। वे किसी भी आयु वर्ग की विश्व चैंपियनशिप की ट्रैक स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
विकल्प A, 100 मीटर, वह फर्राटा दौड़ है जो उन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में दौड़ी है, परंतु उस स्वर्ण की स्पर्धा यह नहीं थी। विकल्प B, 200 मीटर, वह स्पर्धा है जिसमें उन्होंने भी भाग लिया और एशियाई स्तर पर रिले तथा व्यक्तिगत सम्मान जीते, इसलिए यह विश्वसनीय लगता है। विकल्प D, लंबी कूद, फील्ड स्पर्धा है और अंजू बॉबी जॉर्ज की उपलब्धियों की कड़ी से जुड़ती है, हिमा दास से नहीं। जोड़ी याद रखें: हिमा दास 400 मीटर समतल दौड़ और पी. टी. उषा 400 मीटर बाधा दौड़।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ट्रैक स्पर्धा और फील्ड स्पर्धा में क्या अंतर है?
ट्रैक स्पर्धा वह दौड़ है जो अंडाकार पथ या सड़क पर होती है और समय से आँकी जाती है, जैसे फर्राटा दौड़, बाधा दौड़, स्टीपलचेज़, रिले और मैराथन। फील्ड स्पर्धा दूरी या ऊँचाई से आँकी जाती है, जैसे लंबी कूद, ऊँची कूद, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, चक्का फेंक, हैमर थ्रो और भाला फेंक।
मैराथन 42.195 किलोमीटर की क्यों है, कोई पूर्ण संख्या क्यों नहीं?
1908 के लंदन ओलंपिक में मार्ग इसलिए बढ़ाया गया कि दौड़ राजकीय दीर्घा के सामने समाप्त हो, जिससे दूरी 26 मील 385 गज हो गई। वही माप मानक मान लिया गया और तब से अपरिवर्तित है।
एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण किसने जीता?
नीरज चोपड़ा ने, टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में पुरुषों की भाला फेंक में, जो 2021 में हुए। उनसे पहले ओलंपिक एथलेटिक्स में भारत का श्रेष्ठ परिणाम 1960 में मिल्खा सिंह और 1984 में पी. टी. उषा का चौथा स्थान था।
डेकाथलॉन और हेप्टाथलॉन में कितनी स्पर्धाएँ होती हैं?
डेकाथलॉन में दस स्पर्धाएँ होती हैं और यह पुरुष दो दिन में करते हैं; हेप्टाथलॉन में सात स्पर्धाएँ होती हैं और यह महिलाओं की मानक संयुक्त स्पर्धा है। दोनों में नियत तालिका से अंक मिलते हैं और सर्वाधिक योग वाला जीतता है।
रिले में बैटन गिर जाने पर क्या होता है?
बैटन गिरना स्वयं अयोग्यता नहीं है। जिस धावक से गिरी वह उसे उठा सकता है, बशर्ते किसी दूसरे खिलाड़ी को बाधा न पहुँचे। टीम तब अयोग्य होती है जब बैटन 30 मीटर के टेक-ओवर क्षेत्र के बाहर बदली जाए।
पय्योली एक्सप्रेस और ढींग एक्सप्रेस किन्हें कहा जाता है?
केरल के पय्योली की पी. टी. उषा पय्योली एक्सप्रेस हैं और असम के ढींग की हिमा दास ढींग एक्सप्रेस हैं। इनके साथ मिल्खा सिंह का उपनाम फ्लाइंग सिख भी सामान्यतः पूछा जाता है।
स्रोत
- विधाएँ और प्रतियोगिता नियम — वर्ल्ड एथलेटिक्स
- महासंघ के विषय में — एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
- ओलंपिक खेलों में एथलेटिक्स — अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति





