पोलो और घुड़सवारी खेल: नियम, शब्दावली और पदक
परीक्षा के लिए पोलो और घुड़सवारी के संपूर्ण नोट्स: खिलाड़ी, चक्का, मैदान, मणिपुर से उद्भव, एजरा कप, एफईआई स्पर्धाएं, भारत के पदक और अश्व नस्लें।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

पोलो और घुड़सवारी की स्पर्धाएं वे दो अश्व खेल हैं जिनसे सामान्य ज्ञान के प्रश्न पत्र लगभग हर वर्ष एक अंक के प्रश्न बनाते हैं: पोलो टीम में खिलाड़ियों की संख्या, खेल की अवधि का नाम, आधुनिक पोलो का जन्मस्थान राज्य, घुड़सवारी की विश्व संस्था, या वह भारतीय सवार जिसने एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीते। ये दोनों भारत में खेले जाने वाले सबसे पुराने संगठित खेल भी हैं और पोलो का आधुनिक रूप भारत से विश्व को मिला, इसी कारण परीक्षक इस अध्याय को करंट अफेयर्स नहीं, बल्कि स्थिर सामान्य ज्ञान मानते हैं।
पोलो: खेल, मैदान और शब्दावली
पोलो घोड़े पर सवार होकर खेला जाता है, जिसमें प्रत्येक पक्ष में चार खिलाड़ी होते हैं और वे लंबे हत्थे वाले मैलेट से छोटी गेंद को विपक्षी गोल में पहुंचाते हैं। इसका मैदान किसी भी संगठित खेल से बड़ा होता है: बोर्ड लगे होने पर लगभग 300 गज लंबा और 160 गज चौड़ा, और बोर्ड न होने पर चौड़ाई 200 गज तक, जिसमें गोल पोस्ट आठ गज की दूरी पर गड़े होते हैं। मैच की अवधियों को चक्का कहा जाता है, प्रत्येक सात मिनट का, और प्रतियोगिता के अनुसार एक मैच में चार से छह चक्के होते हैं। परिश्रम कठोर होने के कारण चक्कों के बीच घोड़े बदले जाते हैं; कोई भी घोड़ा प्रयोग हो सकता है और पुरानी ऊंचाई सीमा समाप्त कर दी गई, इसलिए पोलो पोनी शब्द परंपरागत है, तकनीकी नहीं। घोड़े की ऊंचाई हैंड में नापी जाती है और एक हैंड चार इंच होता है।
- चार स्थान एक से चार तक गिने जाते हैं, जिनमें नंबर एक आगे खेलता है और नंबर चार, यानी बैक, रक्षा करता है।
- प्रत्येक खिलाड़ी का हैंडिकैप गोल में आंका जाता है, ऋण दो से धन दस तक, और टीम का हैंडिकैप चारों का जोड़ होता है; दस गोल का हैंडिकैप इस खेल का सर्वोच्च सम्मान है।
- प्रचलित शब्द हैं राइड-ऑफ, जिसमें खिलाड़ी विपक्षी को गेंद की रेखा से हटाता है, हुक, जिसमें एक मैलेट दूसरे को रोकता है, और थ्रो-इन, जिससे खेल पुनः आरंभ होता है।
- घिरे हुए रेत के मैदान में बड़ी गेंद से खेला जाने वाला एरिना पोलो तीन खिलाड़ियों के पक्षों से होता है।
भारत में पोलो
आधुनिक पोलो मणिपुर के घोड़े पर खेले जाने वाले खेल सागोल कांगजेई से विकसित हुआ, इसीलिए मणिपुर को आधुनिक पोलो का जन्मस्थान कहा जाता है; यह खेल मणिपुरी पोनी पर खेला जाता था। इस खेल को देखने वाले ब्रिटिश चाय बागान मालिकों ने 1859 में असम के सिलचर में सिलचर पोलो क्लब बनाया, जो विश्व का पहला पोलो क्लब था, और 1862 का कलकत्ता पोलो क्लब आज भी चल रहा विश्व का सबसे पुराना पोलो क्लब है। एजरा कप, जो 1880 में आरंभ हुआ, भारत की सबसे पुरानी पोलो प्रतियोगिता है, तथा सर प्रताप सिंह कप और महाराजा जीवाजीराव सिंधिया गोल्ड कप अन्य प्रसिद्ध ट्रॉफियां हैं। देश में इस खेल का संचालन भारतीय पोलो संघ करता है, जबकि फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल पोलो विश्व संस्था है और विश्व पोलो चैंपियनशिप कराती है। जयपुर, जोधपुर और दिल्ली इसके मुख्य केंद्र हैं और जयपुर के सवाई मान सिंह द्वितीय इस खेल के सर्वाधिक स्मरणीय भारतीय संरक्षक तथा खिलाड़ी रहे। पोलो 1900 से 1936 के बीच पांच ओलंपिक आयोजनों में शामिल रहा, उसके बाद हटा दिया गया; प्रमुख पोलो राष्ट्र अर्जेंटीना ने अंतिम ओलंपिक खिताब जीता और पालेर्मो में होने वाला उसका अर्जेंटीना ओपन विश्व की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है।
घुड़सवारी खेल और एफईआई
घुड़सवारी का अर्थ संपूर्ण अश्वारोहण खेल है और इसकी विश्व संस्था फेडरेशन इक्वेस्ट्रे इंटरनेशनेल है, जिसकी स्थापना 1921 में हुई और मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में है। ओलंपिक स्पर्धाओं के अतिरिक्त यह ड्राइविंग, एंड्योरेंस राइडिंग, वॉल्टिंग तथा पैरा-घुड़सवारी स्पर्धाओं को भी मान्यता देती है। घुड़सवारी की दो विशेषताएं परीक्षा में बहुत पूछी जाती हैं: यह एकमात्र ओलंपिक खेल है जिसमें पुरुष और महिलाएं एक ही स्पर्धा में आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं, और एकमात्र खेल जिसमें खिलाड़ी के साथ एक पशु भी भाग लेता है।
तीन ओलंपिक स्पर्धाएं
| स्पर्धा | सवार को क्या करना होता है | निर्णय कैसे होता है |
|---|---|---|
| ड्रेसाज | 20 गुणा 60 मीटर के चिह्नित मैदान में चाल, दुलकी और सरपट की निर्धारित गतियां करनी होती हैं | निर्णायक शुद्धता और आज्ञापालन के अंक देते हैं, इसलिए सर्वाधिक अंक वाला जीतता है |
| जंपिंग | निर्धारित समय में बाधाओं का क्रम पार करना होता है | दंड अंक से, बाधा गिरने पर चार फॉल्ट तथा इनकार या समय अधिक लगने पर अतिरिक्त दंड |
| इवेंटिंग या तीन दिवसीय स्पर्धा | उसी घोड़े के साथ पहले ड्रेसाज, फिर क्रॉस कंट्री और फिर जंपिंग | तीनों चरणों के दंड अंक जोड़े जाते हैं और सबसे कम जोड़ वाला जीतता है |
घुड़सवारी में भारत
देश में इस खेल का संचालन भारतीय घुड़सवारी महासंघ करता है और अधिकांश सवार सशस्त्र बलों से, विशेषकर अश्वारोही रेजिमेंटों तथा रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर से आए हैं। भारत ने अपना पहला घुड़सवारी स्वर्ण 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में जीता। फवाद मिर्जा ने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में इवेंटिंग में व्यक्तिगत और टीम, दो रजत पदक जीतकर इस खेल को फिर चर्चा में लाया और आगे ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हांगझू में हुए 2022 के एशियाई खेलों में भारतीय टीम ने टीम ड्रेसाज में स्वर्ण पदक जीता, जो चार दशकों में देश का पहला घुड़सवारी स्वर्ण था। टेंट पेगिंग, जिसमें सवार सरपट दौड़ते घोड़े पर भाले से जमीन की खूंटी उठाता है, एक और घुड़सवारी स्पर्धा है जिसमें भारतीय सेना के सवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
भारतीय अश्व नस्लें और अन्य अश्व खेल
मान्यता प्राप्त भारतीय अश्व एवं पोनी नस्लें हैं राजस्थान की मारवाड़ी, जो भीतर की ओर मुड़कर मिल जाने वाले कानों के लिए प्रसिद्ध है, गुजरात की काठियावाड़ी, पोलो क्षेत्र की मणिपुरी पोनी तथा पर्वतीय नस्लें स्पीति, जांस्करी, भुटिया और चुमार्ती। घुड़दौड़ टर्फ क्लबों द्वारा संचालित अलग व्यावसायिक खेल है, जिसकी सबसे प्रसिद्ध दौड़ मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स की इंडियन डर्बी है। पोलोक्रॉस और हॉर्सबॉल मिश्रित खेल हैं, जिनमें सवारी के साथ गेंद का खेल जुड़ा रहता है।
परीक्षा के जाल
चार भ्रम अधिकांश प्रश्न तय करते हैं। पोलो टीम में चार खिलाड़ी होते हैं, ग्यारह या छह नहीं। इसकी अवधि चक्का कहलाती है, जबकि क्वार्टर बास्केटबॉल का और पारी क्रिकेट का शब्द है। आधुनिक पोलो का जन्मस्थान मणिपुर है, फारस नहीं, यद्यपि प्राचीन खेल का उद्भव फारस में हुआ। और घुड़सवारी की शासी संस्था एफईआई है, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति या भारतीय पोलो संघ नहीं।
परीक्षा की दृष्टि से
सीधे एक पंक्ति के प्रश्न आते हैं: पोलो में खिलाड़ियों की संख्या, अवधि का नाम, मैदान का माप, उद्भव का राज्य, सबसे पुराना क्लब या प्रतियोगिता, पोलो की अंतिम ओलंपिक उपस्थिति, एफईआई तथा भारतीय पोलो संघ, घुड़सवारी की तीन ओलंपिक स्पर्धाएं और फवाद मिर्जा के पदक। मिलान वाले प्रश्न खेल के साथ शब्द, ट्रॉफी के साथ खेल और अश्व नस्ल के साथ राज्य जोड़ते हैं। सामान्य जाल हैं एफईआई को एफआईपी समझ लेना, आधुनिक पोलो का उद्भव मणिपुर के स्थान पर फारस बताना और पोलो को आज भी ओलंपिक खेल मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पोलो टीम में खिलाड़ी | चार; एरिना पोलो में तीन |
|---|---|
| खेल की अवधि | सात मिनट का चक्का; एक मैच में चार से छह |
| पोलो मैदान | बोर्ड के साथ लगभग 300 गुणा 160 गज, गोल पोस्ट आठ गज की दूरी पर |
| हैंडिकैप सीमा | ऋण दो से धन दस गोल |
| आधुनिक पोलो का उद्भव | मणिपुर का सागोल कांगजेई; प्राचीन उद्भव फारस में |
| विश्व का पहला पोलो क्लब | सिलचर पोलो क्लब, असम, 1859 |
| सबसे पुराना चालू पोलो क्लब | कलकत्ता पोलो क्लब, 1862 |
| भारत की सबसे पुरानी पोलो प्रतियोगिता | एजरा कप, 1880 में आरंभ |
| पोलो की अंतिम ओलंपिक उपस्थिति | 1936 बर्लिन खेल, विजेता अर्जेंटीना |
| घुड़सवारी की विश्व संस्था | एफईआई, स्थापना 1921, मुख्यालय लुसाने, स्विट्जरलैंड |
| ओलंपिक घुड़सवारी स्पर्धाएं | ड्रेसाज, जंपिंग, इवेंटिंग; प्रत्येक में व्यक्तिगत और टीम |
| एशियाई खेलों में भारत | पहला घुड़सवारी स्वर्ण 1982 दिल्ली; 2018 में फवाद मिर्जा के दो रजत; 2022 में टीम ड्रेसाज स्वर्ण |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
पोलो के खेल में प्रत्येक टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं?
- A.चार
- B.पांच
- C.छह
- D.ग्यारह
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पोलो की टीम मैदान में चार घुड़सवार खिलाड़ी उतारती है, जिन्हें एक से चार तक गिना जाता है; नंबर एक आक्रामक फॉरवर्ड होता है और नंबर चार, जिसे बैक कहते हैं, मुख्य रक्षक।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पोलो के खेल में खेल की अवधि को क्या कहा जाता है?
- A.पारी
- B.चक्का
- C.क्वार्टर
- D.रबर
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पोलो का मैच सात-सात मिनट के चक्कों में बंटा होता है, जिन्हें चक्कर भी लिखा जाता है, और प्रतियोगिता के अनुसार एक मैच में चार से छह चक्के होते हैं; सरपट दौड़ घोड़े के लिए अत्यंत कठोर होने के कारण चक्कों के बीच घोड़े बदल दिए जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आधुनिक पोलो का विकास किस भारतीय राज्य के परंपरागत अश्व खेल सागोल कांगजेई से हुआ?
- A.राजस्थान
- B.मणिपुर
- C.पंजाब
- D.हिमाचल प्रदेश
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मणिपुर में छोटी मणिपुरी पोनी पर खेला जाने वाला सागोल कांगजेई वही खेल है जिसे उन्नीसवीं सदी के छठे दशक में ब्रिटिश अधिकारियों तथा चाय बागान मालिकों ने देखकर आधुनिक पोलो के नियम बनाए, इसीलिए मणिपुर को आधुनिक पोलो का जन्मस्थान कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1880 में आरंभ हुआ एजरा कप किस खेल से संबंधित है?
- A.पोलो
- B.घुड़दौड़
- C.हॉकी
- D.नौकायन
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एजरा कप भारत की सबसे पुरानी पोलो प्रतियोगिता है और भारतीय पोलो संघ के अंतर्गत खेली जाती है, जिसके साथ सर प्रताप सिंह कप तथा महाराजा जीवाजीराव सिंधिया गोल्ड कप जैसी प्रसिद्ध ट्रॉफियां भी आती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओलंपिक खेलों के कार्यक्रम में पोलो अंतिम बार किस वर्ष शामिल रहा?
- A.1924
- B.1936
- C.1948
- D.1960
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पोलो 1900 से 1936 के बीच पांच ओलंपिक आयोजनों में खेला गया और 1936 के बर्लिन खेलों के बाद इसे हटा दिया गया, जिसका मुख्य कारण घोड़ों के समूह को ले जाने का खर्च और कठिनाई था; वह अंतिम ओलंपिक खिताब अर्जेंटीना ने जीता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पालेर्मो में अर्जेंटीना ओपन कराने वाला कौन-सा देश विश्व का प्रमुख पोलो राष्ट्र माना जाता है?
- A.इंग्लैंड
- B.अर्जेंटीना
- C.ऑस्ट्रेलिया
- D.भारत
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खेल के इतिहास में दस गोल हैंडिकैप वाले अधिकांश खिलाड़ी अर्जेंटीना ने दिए हैं और ब्यूनस आयर्स के पालेर्मो मैदान पर होने वाला अर्जेंटीना ओपन विश्व की सर्वाधिक महत्वपूर्ण पोलो प्रतियोगिता मानी जाती है; अंतिम ओलंपिक पोलो खिताब भी अर्जेंटीना ने जीता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घुड़सवारी खेल की अंतर्राष्ट्रीय शासी संस्था कौन है?
- A.एफईआई
- B.फीफा
- C.फीबा
- D.एफआईपी
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सही उत्तर है A, एफईआई, अर्थात फेडरेशन इक्वेस्ट्रे इंटरनेशनेल, जिसकी स्थापना 1921 में हुई और मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में है; यह ड्रेसाज, जंपिंग, इवेंटिंग, ड्राइविंग, एंड्योरेंस, वॉल्टिंग तथा पैरा-घुड़सवारी का संचालन करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओलंपिक खेलों में घुड़सवारी की कौन-सी तीन स्पर्धाएं शामिल हैं?
- A.ड्रेसाज, जंपिंग और इवेंटिंग
- B.ड्रेसाज, पोलो और घुड़दौड़
- C.जंपिंग, वॉल्टिंग और ड्राइविंग
- D.इवेंटिंग, एंड्योरेंस और टेंट पेगिंग
उत्तर देखें
ओलंपिक कार्यक्रम में घुड़सवारी की ठीक यही तीन स्पर्धाएं हैं और प्रत्येक में व्यक्तिगत तथा टीम स्पर्धा होती है; ड्रेसाज चिह्नित मैदान में निर्धारित गतियों की परीक्षा है, जंपिंग बाधाओं का क्रम पार करने की और इवेंटिंग उसी घोड़े के साथ ड्रेसाज, क्रॉस कंट्री तथा जंपिंग का मेल।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओलंपिक खेलों में घुड़सवारी किस कारण अनोखी है?
- A.इसका निर्णय केवल इलेक्ट्रॉनिक समय से होता है
- B.पुरुष और महिलाएं एक ही स्पर्धा में आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं
- C.इसमें कोई टीम स्पर्धा नहीं होती
- D.नियम से यह मेजबान नगर के बाहर कराई जाती है
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घुड़सवारी की स्पर्धाएं सवार के लिंग के आधार पर नहीं बंटी होतीं, इसलिए ड्रेसाज, जंपिंग और इवेंटिंग में पुरुष तथा महिला सवार एक ही पदक के लिए भिड़ते हैं; यह एकमात्र ओलंपिक खेल भी है जिसमें खिलाड़ी के साथ एक पशु प्रतिस्पर्धा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घुड़सवारी की कौन-सी स्पर्धा ड्रेसाज, क्रॉस कंट्री और शो जंपिंग को मिलाती है?
- A.वॉल्टिंग
- B.इवेंटिंग
- C.ड्राइविंग
- D.एंड्योरेंस
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सही उत्तर है B, इवेंटिंग, जिसे तीन दिवसीय स्पर्धा भी कहा जाता है और जिसमें वही घोड़ा तथा सवार ड्रेसाज परीक्षण, प्राकृतिक बाधाओं वाला क्रॉस कंट्री मार्ग और शो जंपिंग राउंड पूरा करते हैं; तीनों चरणों के दंड अंक जोड़े जाते हैं और सबसे कम जोड़ वाला जीतता है, इसलिए…
पूरी व्याख्या पढ़ें →फवाद मिर्जा ने भारत के लिए घुड़सवारी की इवेंटिंग स्पर्धा में दो रजत पदक किन एशियाई खेलों में जीते?
- A.2010 ग्वांगझू
- B.2014 इंचियोन
- C.2018 जकार्ता
- D.2006 दोहा
उत्तर देखें
इंडोनेशिया में 2018 में हुए एशियाई खेलों में फवाद मिर्जा ने इवेंटिंग का व्यक्तिगत रजत जीता और टीम रजत जीतने वाले दल के भी सदस्य रहे, जो लंबे अंतराल के बाद एशियाई खेलों में भारत के घुड़सवारी पदक थे; आगे उन्होंने ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भीतर की ओर मुड़कर मिल जाने वाले कानों के लिए प्रसिद्ध भारतीय अश्व नस्ल कौन है?
- A.काठियावाड़ी
- B.मारवाड़ी
- C.मणिपुरी
- D.जांस्करी
उत्तर देखें
राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र का मारवाड़ी घोड़ा अपने भीतर की ओर मुड़े कानों से तुरंत पहचाना जाता है, जिनके सिरे आपस में छू सकते हैं, और यह राठौड़ शासकों का युद्ध अश्व था; आज इसका उपयोग शाही सवारी तथा अश्व नृत्य में होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पोलो टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं और चक्का क्या है?
पोलो टीम में चार घुड़सवार खिलाड़ी होते हैं, जिन्हें एक से चार तक गिना जाता है। चक्का सात मिनट की खेल अवधि है और एक मैच में चार से छह चक्के होते हैं, जिनके बीच सामान्यतः घोड़े बदले जाते हैं।
किस राज्य को आधुनिक पोलो का जन्मस्थान कहा जाता है?
मणिपुर, जहां यह खेल मणिपुरी पोनी पर सागोल कांगजेई के रूप में खेला जाता था। वहां इसे देखने वाले ब्रिटिश बागान मालिकों ने 1859 में असम के सिलचर में विश्व का पहला पोलो क्लब बनाया और खेल भारत से विश्व में फैला।
ओलंपिक खेलों में घुड़सवारी की तीन स्पर्धाएं कौन हैं?
ड्रेसाज, जिसमें चिह्नित मैदान में निर्धारित गतियों का अंकन होता है; जंपिंग, जिसमें निर्धारित समय में बाधाएं पार करनी होती हैं; और इवेंटिंग, यानी तीन दिवसीय स्पर्धा, जो उसी घोड़े के साथ ड्रेसाज, क्रॉस कंट्री और जंपिंग को मिलाती है।
घुड़सवारी को ओलंपिक में अनोखा क्यों माना जाता है?
क्योंकि इसमें पुरुष और महिलाएं अलग वर्गों के बिना एक ही स्पर्धा में आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं, और क्योंकि यह एकमात्र ओलंपिक खेल है जिसमें खिलाड़ी के साथ एक पशु भी भाग लेता है।
2018 के एशियाई खेलों में घुड़सवारी में दो रजत पदक जीतने वाला भारतीय सवार कौन था?
फवाद मिर्जा, जिन्होंने जकार्ता में इवेंटिंग का व्यक्तिगत रजत जीता और रजत जीतने वाली टीम के भी सदस्य रहे, तथा जिन्होंने आगे ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
क्या पोलो आज भी ओलंपिक खेलों में खेला जाता है?
नहीं। पोलो 1900 से 1936 के बीच पांच ओलंपिक आयोजनों में रहा और बर्लिन खेलों के बाद हटा दिया गया, जिसका मुख्य कारण घोड़ों को ले जाने का खर्च था। घुड़सवारी स्पर्धाएं, तथापि, आज भी कार्यक्रम में हैं।
स्रोत
- भारतीय पोलो संघ, प्रतियोगिताएं तथा खेल के नियम — भारतीय पोलो संघ
- भारतीय घुड़सवारी महासंघ, स्पर्धाएं और राष्ट्रीय रिकॉर्ड — भारतीय घुड़सवारी महासंघ
- ओलंपिक खेल परिणाम संग्रह, पोलो तथा घुड़सवारी स्पर्धाएं — अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति
- भारत की पंजीकृत अश्व एवं पोनी नस्लें — भाकृअनुप राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो





