एशियाई और राष्ट्रमंडल खेल: मेज़बान, शुभंकर और प्रश्नोत्तर
परीक्षा के लिए एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल: शुरुआत के वर्ष, ध्येय वाक्य, संचालक संस्थाएँ, मेज़बान नगर, 1951, 1982 तथा 2010 के भारतीय आयोजन और शुभंकर।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

ओलंपिक खेलों के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में जिन दो बहु-खेल आयोजनों पर सबसे अधिक प्रश्न आते हैं, वे हैं एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल। दोनों चार-चार वर्ष पर होते हैं, दोनों का एक-एक भारतीय आयोजन इतिहास में दर्ज है, और दोनों के साथ कुछ निश्चित तथ्य जुड़े हैं: पहला वर्ष, पहला नगर, संचालक संस्था, ध्येय वाक्य और शुभंकर। ये तथ्य एक पंक्ति में ही पूछ लिए जाते हैं। दोनों को साथ पढ़ना लाभदायक है, क्योंकि परीक्षक प्रायः एक आयोजन का तथ्य दूसरे के प्रश्न में विकल्प बनाकर रख देते हैं।
एशियाई खेलों की शुरुआत
एशिया के लिए अलग खेल आयोजन का विचार भारत के गुरुदत्त सोंधी का था, जिन्होंने 1948 के लंदन ओलंपिक के समय एशियाई देशों के प्रतिनिधियों के सामने यह प्रस्ताव रखा। एशियाई खेल संघ की स्थापना 1949 में नई दिल्ली में हुई और पहले एशियाई खेल मार्च 1951 में नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में हुए, जिनमें ग्यारह देशों ने भाग लिया और जिनका उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू ने किया। खेलों का ध्येय वाक्य एवर ऑनवर्ड यानी सदा आगे, और उगते सूर्य तथा गुँथे हुए छल्लों वाला प्रतीक चिह्न, दोनों इसी पहले आयोजन से चले आ रहे हैं। 1951 की पदक तालिका में भारत दूसरे स्थान पर रहा और जापान पहले स्थान पर।
वर्ष 1982 में एशियाई खेल संघ का स्थान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया ने ले लिया, जिसका मुख्यालय कुवैत सिटी में है, और नई संस्था के अधीन पहले खेल फिर से नई दिल्ली में, 1982 में हुए। इसी आयोजन ने भारतीय खेल जगत को सबसे यादगार शुभंकर अप्पू हाथी दिया और यही पहला एशियाई खेल था जिसका प्रसारण भारत में रंगीन टेलीविजन पर हुआ। इस प्रकार भारत ने एशियाड की मेज़बानी दो बार की, 1951 और 1982 में, दोनों बार दिल्ली में। बैंकॉक ने इन खेलों की मेज़बानी किसी भी अन्य नगर से अधिक बार की है।
एशियाई खेल: याद रखने योग्य मेज़बान नगर
| वर्ष | मेज़बान नगर | महत्व |
|---|---|---|
| 1951 | नई दिल्ली | पहले एशियाई खेल; ग्यारह देश |
| 1974 | तेहरान | पश्चिम एशिया में पहली बार |
| 1982 | नई दिल्ली | ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अधीन पहला आयोजन; शुभंकर अप्पू |
| 1990 | बीजिंग | कबड्डी पदक खेल बना और भारत ने स्वर्ण जीता |
| 2010 | ग्वांगझू | क्रिकेट पहली बार शामिल हुआ |
| 2022 | हांगझोउ | एक वर्ष टलकर 2023 में आयोजित |
राष्ट्रमंडल खेल: साम्राज्य से मैत्री तक
ब्रिटिश साम्राज्य के देशों के साझा खेल उत्सव का प्रस्ताव सबसे पहले जॉन एस्टले कूपर ने 1891 में रखा था, परंतु आयोजन तब बना जब मेलविल मार्क्स रॉबिन्सन ने 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कराए। राष्ट्रमंडल की राजनीति के साथ नाम भी बदलता रहा: 1950 तक ब्रिटिश एम्पायर गेम्स, 1954 से ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स, 1970 से ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स और 1978 के आयोजन से केवल कॉमनवेल्थ गेम्स अर्थात राष्ट्रमंडल खेल। इनका संचालन राष्ट्रमंडल खेल महासंघ करता है, जिसका ध्येय वाक्य मानवता, समानता, नियति है, और इन्हें प्रायः मैत्री खेल कहा जाता है। बैटन रिले, जो राष्ट्रमंडल के प्रमुख का संदेश उद्घाटन समारोह तक पहुँचाती है, 1958 के कार्डिफ आयोजन से शुरू हुई और वह ओलंपिक मशाल दौड़ के समकक्ष है।
भारत ने पहली बार 1934 के लंदन आयोजन में भाग लिया और राशिद अनवर ने कुश्ती में कांस्य जीतकर देश को इन खेलों का पहला पदक दिलाया। 1958 के कार्डिफ आयोजन में मिल्खा सिंह ने 440 गज की दौड़ जीती, जो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण था और आज भी सबसे अधिक उद्धृत भारतीय प्रदर्शन है। भारत ने इन खेलों की मेज़बानी एक बार की, 2010 में दिल्ली में उन्नीसवें राष्ट्रमंडल खेल, जिनका शुभंकर शेरा बाघ था और नारा था कम आउट एंड प्ले। राष्ट्रमंडल खेलों की सूची इसलिए अलग है कि इसमें लॉन बॉल्स, नेटबॉल और स्क्वैश जैसे खेल भी हैं जो ओलंपिक में नहीं होते, जबकि निशानेबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन और बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ी परंपरा से अच्छा करते आए हैं।
दोनों आयोजनों की तुलना
| बिंदु | एशियाई खेल | राष्ट्रमंडल खेल |
|---|---|---|
| पहला आयोजन | 1951, नई दिल्ली | 1930, हैमिल्टन, कनाडा |
| आरंभिक नाम | आरंभ से एशियाई खेल | ब्रिटिश एम्पायर गेम्स |
| संचालक संस्था | ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया, 1982 से | राष्ट्रमंडल खेल महासंघ |
| ध्येय वाक्य | एवर ऑनवर्ड | मानवता, समानता, नियति |
| प्रचलित नाम | एशियाड | मैत्री खेल |
| भारत में आयोजन | 1951 और 1982, दोनों नई दिल्ली | 2010, दिल्ली |
| भारतीय आयोजन का शुभंकर | अप्पू हाथी, 1982 | शेरा बाघ, 2010 |
इस अध्याय का दोहराव कैसे करें
पाँच वर्ष और पाँच नाम पक्के कर लीजिए, अध्याय पूरा हो जाएगा। वर्ष हैं: एशियाई खेल संघ की स्थापना का 1949, पहले एशियाड का 1951, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया तथा दूसरे दिल्ली एशियाड का 1982, पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स का 1930 और दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों का 2010। नाम हैं: गुरुदत्त सोंधी, अप्पू, शेरा, मिल्खा सिंह और दोनों ध्येय वाक्य। हाल के आयोजनों की पदक तालिका रटने से बचिए, क्योंकि वही तथ्य बदलते रहते हैं और परीक्षक उन्हें उसी वर्ष के प्रश्नपत्र से उठाते हैं जिस वर्ष प्रश्न बना था।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय में प्रश्न केवल पहले आयोजन, ध्येय वाक्य और शुभंकर के स्मरण पर बनते हैं, इसलिए दो स्तंभों की तालिका बनाकर याद करना सबसे सुरक्षित है। सबसे अधिक पूछे जाने वाले तथ्य हैं: पहले एशियाई खेलों का नगर और वर्ष, पहले राष्ट्रमंडल खेलों का नगर और वर्ष, पुराना नाम ब्रिटिश एम्पायर गेम्स, तथा भारतीय आयोजनों के दोनों शुभंकर अप्पू और शेरा। दूसरा वर्ग पूछता है कि एशियाई खेलों का प्रस्ताव किसने रखा, जिसका उत्तर गुरुदत्त सोंधी है, और इनका संचालन कौन करता है, जहाँ 1982 में एशियाई खेल संघ की जगह ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया आई। खेल विशेष के तथ्य भी आते हैं, जैसे 1990 बीजिंग में कबड्डी का प्रवेश और 1958 कार्डिफ में मिल्खा सिंह का स्वर्ण। भूलें ये होती हैं: हैमिल्टन को एशियाई खेलों का स्थल मान लेना, दोनों ध्येय वाक्य आपस में बदल देना, और दिल्ली के दो आयोजनों में से केवल एक याद रखना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| एशियाई खेलों का प्रस्तावक | भारत के गुरुदत्त सोंधी |
|---|---|
| एशियाई खेल संघ की स्थापना | नई दिल्ली, 1949 |
| पहले एशियाई खेल | नई दिल्ली, मार्च 1951, ग्यारह देश |
| एशियाई खेलों का ध्येय वाक्य | एवर ऑनवर्ड, अर्थात सदा आगे |
| एशियाड की वर्तमान संचालक संस्था | ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया, 1982 में गठित, मुख्यालय कुवैत सिटी |
| भारत में एशियाई खेल | 1951 और 1982, दोनों नई दिल्ली में |
| 1982 एशियाई खेलों का शुभंकर | अप्पू, एक हाथी |
| पहले राष्ट्रमंडल खेल | हैमिल्टन, कनाडा, 1930, ब्रिटिश एम्पायर गेम्स नाम से |
| वर्तमान नाम कब से | 1978 के आयोजन से राष्ट्रमंडल खेल |
| राष्ट्रमंडल खेलों का ध्येय वाक्य | मानवता, समानता, नियति |
| राष्ट्रमंडल खेलों का प्रचलित नाम | मैत्री खेल |
| भारत में राष्ट्रमंडल खेल | 2010 में दिल्ली में उन्नीसवाँ आयोजन, शुभंकर शेरा बाघ |
| बैटन रिले की शुरुआत | कार्डिफ, 1958 |
| मिल्खा सिंह का राष्ट्रमंडल स्वर्ण | 440 गज दौड़, कार्डिफ, 1958 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
पहले एशियाई खेल 1951 में किस नगर में आयोजित हुए थे?
- A.मनीला
- B.टोक्यो
- C.नई दिल्ली
- D.बैंकॉक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर है C, नई दिल्ली। पहले एशियाई खेल मार्च 1951 में नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में हुए, इसी नगर में दो वर्ष पहले एशियाई खेल संघ बना था, और इनमें ग्यारह देशों ने भाग लिया। उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू ने किया।
विकल्प A, मनीला, ने 1954 में दूसरा आयोजन कराया था, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत विकल्प है। विकल्प B, टोक्यो, ने 1958 में तीसरा आयोजन कराया और बाद में वह ओलंपिक खेलों की मेज़बानी करने वाला पहला एशियाई नगर बना। विकल्प D, बैंकॉक, 1966 में पहली बार मेज़बान बना पर फिर किसी भी अन्य नगर से अधिक बार मेज़बानी की। परीक्षार्थी प्रायः दिल्ली के आयोजन को याद रखते हैं पर उसे 1982 से जोड़ बैठते हैं, जो दूसरा भारतीय आयोजन था। दोनों वर्ष साथ याद रखिए।
एशियाई खेलों का ध्येय वाक्य क्या है?
- A.एवर ऑनवर्ड
- B.तेज़, ऊँचा, मज़बूत
- C.मानवता, समानता, नियति
- D.कम आउट एंड प्ले
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एवर ऑनवर्ड
व्याख्या
सही उत्तर है A, एवर ऑनवर्ड, अर्थात सदा आगे। यह ध्येय वाक्य 1951 के पहले एशियाई खेलों के साथ अपनाया गया और इसके साथ उगते सूर्य तथा गुँथे हुए छल्लों वाला प्रतीक चलता है, जो दूसरे विश्वयुद्ध के बाद एशियाई देशों की नई ऊर्जा का सूचक माना गया।
विकल्प B, तेज़, ऊँचा, मज़बूत, ओलंपिक खेलों का ध्येय वाक्य है, एशियाड का नहीं। विकल्प C, मानवता, समानता, नियति, राष्ट्रमंडल खेलों का ध्येय वाक्य है और इसी अदला-बदली की परीक्षा इस प्रश्न में ली जाती है। विकल्प D, कम आउट एंड प्ले, केवल 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों का नारा था, किसी आयोजन का स्थायी ध्येय वाक्य नहीं; नारा एक आयोजन तक सीमित रहता है जबकि ध्येय वाक्य हर संस्करण में वही रहता है। ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल, तीनों ध्येय वाक्य एक-एक पंक्ति में साथ याद कर लेने पर यह पूरा वर्ग सुरक्षित हो जाता है।
एशियाई खेलों का विचार रखने का श्रेय किसे दिया जाता है?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.गुरुदत्त सोंधी
- C.पियरे डी कूबर्तिन
- D.मेलविल मार्क्स रॉबिन्सन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गुरुदत्त सोंधी
व्याख्या
सही उत्तर है B, गुरुदत्त सोंधी, वे भारतीय खेल प्रशासक जिन्होंने 1948 के लंदन ओलंपिक के समय एशियाई प्रतिनिधियों के सामने यह प्रस्ताव रखा। इसी से 1949 में नई दिल्ली में एशियाई खेल संघ बना और 1951 में वहीं पहले खेल हुए।
विकल्प A, जवाहरलाल नेहरू, इस आयोजन से गहराई से जुड़े हैं क्योंकि उन्होंने 1951 के खेलों का उद्घाटन किया और उन्हें प्रतिष्ठा दिलाई, पर प्रस्ताव उनका नहीं था। विकल्प C, पियरे डी कूबर्तिन, ने आधुनिक ओलंपिक खेलों को पुनर्जीवित किया और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति बनाई, जो दूसरा अध्याय है। विकल्प D, मेलविल मार्क्स रॉबिन्सन, ने 1930 में हैमिल्टन में पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कराए, इसलिए वे इस विषय के राष्ट्रमंडल वाले भाग से हैं। एशिया के लिए सोंधी और राष्ट्रमंडल के लिए रॉबिन्सन, यही जोड़ी याद रखिए।
नई दिल्ली में हुए 1982 के एशियाई खेलों का शुभंकर क्या था?
- A.शेरा, एक बाघ
- B.अप्पू, एक हाथी
- C.भोला, एक भालू
- D.चीकू, एक बंदर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अप्पू, एक हाथी
व्याख्या
सही उत्तर है B, अप्पू, एक हाथी। 1982 में नई दिल्ली में हुए नौवें एशियाई खेल ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अधीन पहला आयोजन थे और उनका हाथी शुभंकर भारतीय खेल इतिहास की सबसे याद रखी जाने वाली छवियों में गिना जाता है।
विकल्प A, शेरा बाघ, 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर है, और यही वह जोड़ी है जिसे परीक्षक आपस में बदलकर पूछते हैं, क्योंकि दोनों आयोजन दिल्ली के हैं। विकल्प C और D किसी भी आयोजन के शुभंकर नहीं हैं और केवल यह जाँचने के लिए रखे जाते हैं कि परीक्षार्थी ने नाम सीखे हैं या भारतीय पशुओं के आधार पर अनुमान लगा रहा है। वर्ष से जोड़कर याद रखिए: 1982 एशियाड का अप्पू हाथी और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों का शेरा बाघ।
1982 से एशियाई खेलों का आयोजन कौन सी संस्था कराती है?
- A.एशियाई खेल संघ
- B.अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति
- C.ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया
- D.राष्ट्रमंडल खेल महासंघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया
व्याख्या
सही उत्तर है C, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया। इसका गठन 1982 में हुआ, मुख्यालय कुवैत सिटी में है, और उसी वर्ष से इसने एशियाई खेलों का संचालन संभाला, इसीलिए 1982 के दिल्ली एशियाड को नई संस्था के अधीन पहला आयोजन कहा जाता है।
विकल्प A, एशियाई खेल संघ, पुरानी संस्था है जो 1949 में नई दिल्ली में बनी थी और जिसने 1951 से इन खेलों को तब तक चलाया जब तक उसका स्थान नहीं लिया गया, अतः वह केवल पुराने काल के लिए सही है। विकल्प B, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति, एशियाई खेलों को मान्यता देती है पर उनका आयोजन नहीं करती; वह ओलंपिक खेल कराती है। विकल्प D, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ, इस अध्याय के दूसरे भाग का है और उसका एशिया क्षेत्र से कोई संबंध नहीं। यहाँ 1982 दो तथ्य देता है: नई संस्था और दूसरा दिल्ली एशियाड।
पहले राष्ट्रमंडल खेल 1930 में किस नगर में हुए थे?
- A.लंदन
- B.सिडनी
- C.कार्डिफ
- D.हैमिल्टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. हैमिल्टन
व्याख्या
सही उत्तर है D, हैमिल्टन, जो कनाडा में है। पहला आयोजन वहीं 1930 में ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से हुआ, जिसे मेलविल मार्क्स रॉबिन्सन ने कराया, और इसका बीज 1891 में जॉन एस्टले कूपर के उस प्रस्ताव में था जिसमें साम्राज्य के देशों के साझा उत्सव की बात कही गई थी।
विकल्प A, लंदन, ने 1934 में दूसरा आयोजन कराया, जिसमें भारत ने पहली बार भाग लिया। विकल्प B, सिडनी, बाद के किसी आयोजन का मेज़बान रहा और यहाँ इसलिए रखा गया है कि ऑस्ट्रेलिया इन खेलों से गहराई से जुड़ा माना जाता है। विकल्प C, कार्डिफ, ने 1958 के खेल कराए, जो दो और तथ्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं: बैटन रिले की शुरुआत और मिल्खा सिंह का 440 गज का स्वर्ण। तीनों गलत विकल्प वास्तविक मेज़बान नगर हैं, इसलिए नगर के साथ वर्ष भी याद रखना आवश्यक है।
1930 में शुरू होते समय राष्ट्रमंडल खेल किस नाम से जाने जाते थे?
- A.ब्रिटिश एम्पायर गेम्स
- B.एम्पायर ओलंपिक गेम्स
- C.फ्रेंडली गेम्स
- D.पैन-ब्रिटैनिक गेम्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ब्रिटिश एम्पायर गेम्स
व्याख्या
सही उत्तर है A, ब्रिटिश एम्पायर गेम्स। 1930 में हैमिल्टन में हुए पहले आयोजन से 1950 तक यही आधिकारिक नाम रहा। इसके बाद राष्ट्रमंडल की राजनीति के साथ नाम बदलता गया: 1954 से ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स, 1970 से ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स और 1978 से केवल कॉमनवेल्थ गेम्स।
विकल्प B, एम्पायर ओलंपिक गेम्स, इस आयोजन का कभी आधिकारिक नाम नहीं रहा। विकल्प C, फ्रेंडली गेम्स अर्थात मैत्री खेल, प्रचलित उपनाम है, औपचारिक नाम नहीं, इसलिए आरंभिक नाम पूछने वाले प्रश्न में यह गलत है। विकल्प D, पैन-ब्रिटैनिक गेम्स, 1891 में जॉन एस्टले कूपर के मूल प्रस्ताव की शब्दावली के निकट है, पर उस नाम से कोई आयोजन कभी नहीं हुआ, इसीलिए यह इस समूह का सबसे भ्रामक विकल्प है। परीक्षा में यह ध्यान रखिए कि प्रस्ताव का नाम अलग बात है और आयोजित खेलों का आधिकारिक नाम अलग; 1930 से 1950 तक केवल ब्रिटिश एम्पायर गेम्स ही सही उत्तर है।
शेरा नामक बाघ किस खेल आयोजन का शुभंकर था?
- A.1982 के नई दिल्ली एशियाई खेल
- B.2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल
- C.1951 के नई दिल्ली एशियाई खेल
- D.2010 के ग्वांगझू एशियाई खेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल
व्याख्या
सही उत्तर है B, 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल। शेरा नाम का चित्रांकित बाघ उन्नीसवें राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर चुना गया था, जिनका नारा कम आउट एंड प्ले था और जो आज तक भारत द्वारा आयोजित एकमात्र राष्ट्रमंडल खेल हैं।
विकल्प A, 1982 के नई दिल्ली एशियाई खेल, का शुभंकर अप्पू हाथी था, और प्रश्न इसी अदला-बदली पर बना है। विकल्प C, 1951 के एशियाई खेल, दो कारणों से गलत है, क्योंकि उस पहले आयोजन में शुभंकर की परंपरा थी ही नहीं। विकल्प D, 2010 के ग्वांगझू एशियाई खेल, उन परीक्षार्थियों के लिए रखा गया है जो केवल वर्ष 2010 देखकर उत्तर दे देते हैं; ग्वांगझू को क्रिकेट के प्रवेश के लिए याद रखा जाता है। वर्ष और आयोजन का नाम, दोनों पढ़कर ही उत्तर दीजिए।
कबड्डी को किस एशियाई खेल आयोजन में पदक खेल के रूप में शामिल किया गया था?
- A.नई दिल्ली, 1982
- B.सियोल, 1986
- C.बीजिंग, 1990
- D.हिरोशिमा, 1994
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बीजिंग, 1990
व्याख्या
सही उत्तर है C, बीजिंग, 1990। कबड्डी उसी आयोजन में एशियाई खेलों की पदक सूची में आई और भारत ने स्वर्ण जीता, जिससे इस खेल में भारतीय वर्चस्व की लंबी परंपरा शुरू हुई; इसी कारण यह तथ्य बार-बार पूछा जाता है।
विकल्प A, नई दिल्ली 1982, वह आयोजन है जिसमें कबड्डी केवल प्रदर्शन खेल के रूप में खेली गई थी, इसलिए यह प्रश्न का जानबूझकर रखा गया जाल है। विकल्प B, सियोल 1986, भारतीय खेल में पी. टी. उषा के पदकों के लिए याद किया जाता है, कबड्डी के लिए नहीं। विकल्प D, हिरोशिमा 1994, तब आया जब कबड्डी पहले से स्थापित स्पर्धा बन चुकी थी। याद रखने की पंक्ति यही है: 1982 दिल्ली में प्रदर्शन, 1990 बीजिंग में पदक खेल, और बहुत बाद 2010 ग्वांगझू में क्रिकेट।
मिल्खा सिंह ने 1958 के कार्डिफ राष्ट्रमंडल खेलों में किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था?
- A.100 गज दौड़
- B.440 गज दौड़
- C.मैराथन
- D.110 मीटर बाधा दौड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 440 गज दौड़
व्याख्या
सही उत्तर है B, 440 गज दौड़। उड़न सिख कहे जाने वाले मिल्खा सिंह ने 1958 में कार्डिफ में 440 गज की दौड़ जीतकर भारत को राष्ट्रमंडल खेलों का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण दिलाया। उसी वर्ष उन्होंने टोक्यो एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीता, इसीलिए 1958 उनके नाम से सबसे अधिक जुड़ा वर्ष है।
विकल्प A, 100 गज दौड़, उनकी क्षमता से बाहर की स्पर्धा थी; उनकी शक्ति चौथाई मील की लंबी फर्राटा दौड़ में थी। विकल्प C, मैराथन, लंबी दूरी की स्पर्धा है और बिलकुल दूसरे प्रकार के धावक की है। विकल्प D, 110 मीटर बाधा दौड़, तकनीकी स्पर्धा है जिसमें उन्होंने कभी भाग नहीं लिया। स्थान को लेकर भी भ्रम होता है, इसलिए जोड़ी याद रखिए: 1958 कार्डिफ में 440 गज का राष्ट्रमंडल स्वर्ण और 1960 रोम ओलंपिक में 400 मीटर का चौथा स्थान।
राष्ट्रमंडल खेल किस लोकप्रिय नाम से जाने जाते हैं?
- A.मैत्री खेल
- B.एशियाड
- C.ग्रीष्मकालीन खेल
- D.महाद्वीपीय खेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मैत्री खेल
व्याख्या
सही उत्तर है A, मैत्री खेल। यह उपनाम उस भावना को दर्ज करता है जिसमें यह आयोजन बना था, अर्थात साझा इतिहास से जुड़े देशों का मेल, न कि गुटों की प्रतिद्वंद्विता, और यह महासंघ के ध्येय वाक्य मानवता, समानता, नियति से मेल खाता है।
विकल्प B, एशियाड, एशियाई खेलों का प्रचलित संक्षिप्त नाम है और इसी अदला-बदली की परीक्षा इस अध्याय में सबसे अधिक ली जाती है। विकल्प C, ग्रीष्मकालीन खेल, ओलंपिक खेलों के ग्रीष्मकालीन संस्करण के लिए प्रयुक्त होता है, जो शीतकालीन ओलंपिक से अलग है। विकल्प D, महाद्वीपीय खेल, किसी एक आयोजन का नाम नहीं है; कई महाद्वीप अपने क्षेत्रीय खेल कराते हैं। दोहराव की एक पंक्ति: एशियाई खेल एशियाड हैं और राष्ट्रमंडल खेल मैत्री खेल, तथा इसी क्रम में ध्येय वाक्य एवर ऑनवर्ड और मानवता, समानता, नियति हैं।
किस नगर ने एशियाई खेलों की मेज़बानी किसी भी अन्य नगर से अधिक बार की है?
- A.नई दिल्ली
- B.बैंकॉक
- C.टोक्यो
- D.सियोल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंकॉक
व्याख्या
सही उत्तर है B, बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी ने एशियाई खेल चार बार कराए, जो किसी भी अन्य नगर से अधिक हैं, और दो बार उसने तब मेज़बानी संभाली जब कोई दूसरा मेज़बान अंतिम समय में पीछे हट गया; इसी से यह कीर्तिमान बना।
विकल्प A, नई दिल्ली, ने दो बार मेज़बानी की, 1951 और 1982 में, और वह भारतीय आयोजनों वाले अलग प्रश्न का उत्तर है, इस प्रश्न का नहीं। विकल्प C, टोक्यो, ने 1958 में एशियाई खेल कराए और वह ओलंपिक कराने वाले पहले एशियाई नगर के रूप में अधिक याद किया जाता है। विकल्प D, सियोल, ने 1986 के एशियाई खेल और फिर 1988 के ओलंपिक कराए, यह जोड़ी परीक्षकों को प्रिय है, पर वह सर्वाधिक बार का मेज़बान नहीं है। प्रश्न ध्यान से पढ़िए: यहाँ सर्वाधिक बार मेज़बानी पूछी गई है, भारतीय या ओलंपिक संबंध नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पहले एशियाई खेल कब और कहाँ हुए थे?
मार्च 1951 में नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में, जिनमें ग्यारह देशों ने भाग लिया। इससे पहले 1949 में नई दिल्ली में ही एशियाई खेल संघ बना था, जो 1948 के लंदन ओलंपिक के समय भारत के गुरुदत्त सोंधी के प्रस्ताव से निकला था। ध्येय वाक्य एवर ऑनवर्ड और उगते सूर्य का प्रतीक इसी पहले आयोजन से हैं।
भारत ने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी कितनी बार की है?
भारत ने एशियाई खेलों की मेज़बानी दो बार की, 1951 और 1982 में, दोनों बार नई दिल्ली में, और राष्ट्रमंडल खेलों की एक बार, 2010 में दिल्ली में उन्नीसवें आयोजन के रूप में। 1982 के एशियाड का शुभंकर अप्पू हाथी था और 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर शेरा बाघ।
राष्ट्रमंडल खेलों का पुराना नाम क्या था?
ब्रिटिश एम्पायर गेम्स, जो 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुए पहले आयोजन से 1950 तक चला। इसके बाद 1954 से ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स, 1970 से ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स और 1978 के आयोजन से केवल राष्ट्रमंडल खेल नाम चलन में आया।
एशियाई खेलों का संचालन आज कौन सी संस्था करती है?
ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया, जिसका गठन 1982 में हुआ, जिसका मुख्यालय कुवैत सिटी में है और जिसने 1949 में बने पुराने एशियाई खेल संघ का स्थान लिया। इस नई संस्था के अधीन पहले एशियाई खेल 1982 में नई दिल्ली में हुए।
राष्ट्रमंडल खेलों को मैत्री खेल क्यों कहा जाता है?
यह नाम इसलिए चला कि यह आयोजन साझा इतिहास से जुड़े देशों के मेल के रूप में सोचा गया था, जिसमें ओलंपिक जैसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कम रही, और महासंघ ने इसी भावना में मानवता, समानता, नियति का ध्येय वाक्य अपनाया। 1958 के कार्डिफ आयोजन से शुरू हुई बैटन रिले राष्ट्रमंडल के प्रमुख का संदेश उद्घाटन समारोह तक ले जाती है।
स्रोत
- एशियाई खेलों तथा ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया का इतिहास — ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया
- राष्ट्रमंडल खेलों और महासंघ का इतिहास — राष्ट्रमंडल खेल महासंघ
- वार्षिक प्रतिवेदन, खेल विभाग, अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन अध्याय — युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार
