2022 का 44वां शतरंज ओलंपियाड, जिसकी मेजबानी भारत ने पहली बार की, किस शहर के निकट आयोजित हुआ था?
- A.चेन्नई
- B.कोलकाता
- C.हैदराबाद
- D.नई दिल्ली
सही उत्तर
A. चेन्नई
व्याख्या
सही उत्तर A, चेन्नई है। 44वां शतरंज ओलंपियाड 2022 में तमिलनाडु में चेन्नई के निकट मामल्लपुरम में खेला गया, जो पहला अवसर था जब भारत ने शतरंज की टीम विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की, और भारतीय टीमों ने ओपन वर्ग तथा महिला वर्ग, दोनों में कांस्य पदक जीते। चेन्नई विश्वनाथन आनंद तथा उनके बाद आए कई युवा ग्रैंडमास्टरों का भी गृहनगर है, इसलिए यह स्थान उपयुक्त माना गया। विकल्प B गलत है क्योंकि कोलकाता भारतीय शतरंज का पुराना केंद्र होते हुए भी इस आयोजन का स्थल नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि हैदराबाद ने अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है, ओलंपियाड की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि नई दिल्ली स्थल नहीं थी। दो वर्ष बाद 2024 में बुडापेस्ट में भारत ने दोनों वर्गों में स्वर्ण जीता।
पूरा लेख पढ़ें: शतरंज और भारतीय ग्रैंडमास्टर: प्रथम, उपाधियां और रिकॉर्ड
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंआधुनिक शतरंज का विकास किस प्राचीन भारतीय खेल से हुआ माना जाता है?
- A.चतुरंग
- B.पचीसी
- C.गिल्ली डंडा
- D.चौसर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चतुरंग
व्याख्या
सही उत्तर A, चतुरंग है। चतुरंग गुप्तकाल में भारत में खेला जाता था और उसके नाम का अर्थ है चार अंग, अर्थात प्राचीन सेना के चार विभाग: पैदल, अश्व, गज और रथ। ये चारों आज के पटल पर प्यादा, घोड़ा, ऊंट और हाथी के रूप में मौजूद हैं। यह खेल फारस पहुंचा, जहां इसे शतरंज कहा गया और जहां शाह मात वाक्यांश से, जिसका अर्थ है राजा असहाय है, अंग्रेजी शब्द चेकमेट बना, और वहां से अरबों के द्वारा यूरोप पहुंचा। विकल्प B गलत है क्योंकि पचीसी कौड़ियों से क्रॉस आकार के कपड़े पर खेला जाने वाला दौड़ खेल है, जो लूडो का पूर्वज है। विकल्प C गलत है क्योंकि गिल्ली डंडा गांवों का बल्ले और छड़ी का खेल है, जिसमें कोई पटल नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि महाभारत की कथा वाला पासों का खेल चौसर पचीसी से संबंधित है, शतरंज से नहीं।
भारत के पहले ग्रैंडमास्टर कौन बने?
- A.पेंटाला हरिकृष्णा
- B.विश्वनाथन आनंद
- C.मैनुअल आरोन
- D.दिब्येंदु बरुआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विश्वनाथन आनंद
व्याख्या
सही उत्तर B, विश्वनाथन आनंद है। मयिलाडुतुरै में जन्मे और चेन्नई में पले आनंद ने 1988 में किशोरावस्था में ही ग्रैंडमास्टर उपाधि अर्जित की और फिडे द्वारा दी जाने वाली सर्वोच्च आजीवन उपाधि पाने वाले पहले भारतीय बने। पटल पर उनकी तेजी के कारण उन्हें लाइटनिंग किड कहा गया। आगे चलकर उन्होंने 2000 में फिडे विश्व खिताब जीता और 2007 में निर्विवाद विश्व चैंपियन बने तथा 2013 तक यह ताज अपने पास रखा। विकल्प A गलत है क्योंकि पेंटाला हरिकृष्णा को यह उपाधि अगली पीढ़ी में, बहुत बाद में मिली। विकल्प C गलत है क्योंकि मैनुअल आरोन 1961 में भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर बने थे, जो निचली उपाधि है, और वे ग्रैंडमास्टर कभी नहीं बने। विकल्प D गलत है क्योंकि दिब्येंदु बरुआ ग्रैंडमास्टर आनंद के बाद बने।
ग्रैंडमास्टर उपाधि प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
- A.कोनेरू हम्पी
- B.द्रोणवल्ली हरिका
- C.तानिया सचदेव
- D.वैशाली रमेशबाबू
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोनेरू हम्पी
व्याख्या
सही उत्तर A, कोनेरू हम्पी है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की हम्पी ने 2002 में किशोरावस्था में ही ओपन ग्रैंडमास्टर उपाधि अर्जित की और उस समय ऐसा करने वाली संसार की सबसे कम उम्र की महिला थीं। वे खेल के रैपिड प्रारूप में विश्व चैंपियन भी रही हैं। ओपन ग्रैंडमास्टर उपाधि को अलग वूमन ग्रैंडमास्टर उपाधि से नहीं मिलाना चाहिए, जो कई भारतीय खिलाड़ियों ने पहले प्राप्त कर ली थी। विकल्प B गलत है क्योंकि महिला विश्व चैंपियनशिप की तीन बार कांस्य पदक विजेता द्रोणवल्ली हरिका को यह उपाधि हम्पी के बाद मिली। विकल्प C गलत है क्योंकि तानिया सचदेव के पास इंटरनेशनल मास्टर तथा वूमन ग्रैंडमास्टर उपाधियां हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि आर प्रज्ञानानंदा की बहन वैशाली रमेशबाबू ग्रैंडमास्टर बहुत बाद में बनीं।
मानक शतरंज पटल पर कुल कितने खाने होते हैं?
- A.36
- B.49
- C.64
- D.81
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 64
व्याख्या
सही उत्तर C, 64 है। शतरंज का पटल एक वर्ग है जो आठ पंक्तियों और आठ स्तंभों में बंटा होता है, अतः खानों की संख्या 8 गुणा 8 अर्थात 64 होती है। ये बारी-बारी से हल्के और गहरे रंग के होते हैं, प्रत्येक रंग के 32, और पटल इस प्रकार घुमाया जाता है कि हर खिलाड़ी के दाएं निचले कोने में हल्का खाना रहे। हर पक्ष 16 मोहरों से आरंभ करता है, जो पहली दो पंक्तियां भर देते हैं, अतः आरंभ में 64 में से 32 खाने घिरे होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 36 खाने छह गुणा छह के पटल पर होते। विकल्प B गलत है क्योंकि 49 का अर्थ सात गुणा सात होता। विकल्प D गलत है क्योंकि 81 खाने सुडोकू के नौ गुणा नौ जाल के हैं, शतरंज के नहीं। जोड़ी याद रखें: 64 खाने और 32 मोहरे।
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज संघ फिडे की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1912
- B.1924
- C.1936
- D.1951
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1924
व्याख्या
सही उत्तर B, 1924 है। फिडे, अर्थात फेडरेशन इंटरनेशनल देस एशेक्स, की स्थापना 1924 में पेरिस में हुई थी और उसका ध्येय वाक्य जेन्स ऊना सुमुस है, जो लैटिन में है और जिसका अर्थ है हम एक ही जन हैं। चूंकि इसकी स्थापना 20 जुलाई को हुई थी, इसलिए वही तिथि प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में मनाई जाती है। फिडे कैंडिडेट मास्टर, फिडे मास्टर, इंटरनेशनल मास्टर और ग्रैंडमास्टर की आजीवन उपाधियां देती है तथा विश्व चैंपियनशिप चक्र और शतरंज ओलंपियाड का संचालन करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1912 में शतरंज प्रशासन की कोई प्रमुख घटना नहीं हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1936 स्थापना के एक दशक बाद का वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1951 में अखिल भारतीय शतरंज महासंघ बना था।