खेलों में भारतीय महिलाएं: पहली उपलब्धियाँ और चैंपियन
खेलों में भारतीय महिलाओं के परीक्षा नोट्स: ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेता, विश्व चैंपियन, तथा एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन और पर्वतारोहण की पहली उपलब्धियाँ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

2026 के एशियाई खेलों में भारत की पदक तालिका के केंद्र में फिर भारतीय महिलाएं हैं, जिन्होंने हॉकी, मुक्केबाजी और तीरंदाजी में स्वर्ण दिलाए हैं, इसलिए इन सुर्खियों के पीछे का अध्याय दोहराने का यही सही समय है। स्थिर सामान्य ज्ञान इस विषय को पहली उपलब्धियों की सूची के रूप में पूछता है: ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला, ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला, एवरेस्ट पर पहुँचने वाली पहली महिला, विश्व खिताब जीतने वाली पहली महिला। नाम थोड़े हैं और तिथियाँ निश्चित, इसलिए जो विद्यार्थी यह सूची एक बार याद कर ले, वह प्रश्न के हर रूप का उत्तर दे सकता है।
आरंभिक अग्रणी महिलाएं
भारतीय महिलाओं ने ओलंपिक खेलों में पहली बार 1952 के हेलसिंकी खेलों में भाग लिया, जहाँ निलिमा घोष और मेरी डिसूजा ने एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया; विद्यार्थी निलिमा घोष ओलंपिक में उतरने वाली पहली भारतीय महिला थीं। तैराकी में आरती साहा 1959 में इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली पहली एशियाई महिला बनीं और 1960 में वे पद्म श्री पाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। एशियाई खेलों में कमलजीत संधू ने 1970 के बैंकॉक खेलों में चार सौ मीटर दौड़ जीती और इस प्रकार एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। पर्वतारोहण में बछेंद्री पाल 23 मई 1984 को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
एथलेटिक्स: चूक और सफलता
केरल के अपने गाँव के नाम पर पय्योली एक्सप्रेस कही जाने वाली पी. टी. उषा 1984 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में चार सौ मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रहीं और कांस्य पदक सेकंड के सौवें हिस्से से चूक गईं; ट्रैक पर किसी भारतीय महिला का ओलंपिक पदक के इतने निकट पहुँचना पहली बार हुआ था। दो वर्ष बाद उन्होंने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में चार स्वर्ण जीते। अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में एक कदम आगे बढ़कर पेरिस की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद का कांस्य जीता, जो एथलेटिक्स में किसी भी भारतीय का पहला विश्व चैंपियनशिप पदक था। हाल के वर्षों में हिमा दास ने 2018 में टाम्पेरे की विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में चार सौ मीटर जीती, जो विश्व एथलेटिक्स आयोजन में भारत का पहला ट्रैक स्वर्ण था, और दुती चंद ने 2019 के विश्व विश्वविद्यालय खेलों में सौ मीटर जीती।
ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेता
| खिलाड़ी | खेल और पदक | क्यों पूछा जाता है |
|---|---|---|
| कर्णम मल्लेश्वरी | सिडनी 2000, कांस्य, भारोत्तोलन 69 किग्रा | ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला |
| मैरी कॉम | लंदन 2012, कांस्य, मुक्केबाजी 51 किग्रा | छह बार विश्व एमेच्योर चैंपियन: 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 |
| साइना नेहवाल | लंदन 2012, कांस्य, बैडमिंटन | बैडमिंटन में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय; 2015 में विश्व नंबर एक |
| पी. वी. सिंधु | रियो 2016 रजत और टोक्यो 2020 कांस्य, बैडमिंटन | दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला; 2019 में विश्व चैंपियन |
| साक्षी मलिक | रियो 2016, कांस्य, कुश्ती 58 किग्रा | ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान |
| साइखोम मीराबाई चानू | टोक्यो 2020, रजत, भारोत्तोलन 49 किग्रा | मल्लेश्वरी के बाद भारोत्तोलन में भारत का दूसरा ओलंपिक पदक |
| लवलीना बोरगोहेन | टोक्यो 2020, कांस्य, मुक्केबाजी 69 किग्रा | मुक्केबाजी में भारत का तीसरा ओलंपिक पदक और महिलाओं का दूसरा |
| दीपा मलिक | रियो 2016, रजत, गोला फेंक | पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला |
| अवनि लेखरा | टोक्यो 2020, स्वर्ण, निशानेबाजी | पैरालंपिक स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला |
अन्य खेल और उनकी चैंपियन
- टेनिस: सानिया मिर्जा डब्ल्यूटीए एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं, 2005 में हैदराबाद में, 2015 में युगल की विश्व नंबर एक रैंकिंग तक पहुँचीं और उसी वर्ष मार्टिना हिंगिस के साथ विंबलडन महिला युगल खिताब जीता।
- शतरंज: कोनेरू हंपी 2002 में ग्रैंडमास्टर खिताब पाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और 2019 में विश्व महिला रैपिड शतरंज खिताब जीता।
- क्रिकेट: मिताली राज ने 2005 और 2017 के महिला विश्व कप फाइनल में भारत की कप्तानी की, और झूलन गोस्वामी 2007 में आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुनी गईं, यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय।
- हॉकी: भारतीय महिला टीम ने 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता और टोक्यो 2020 ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही, जो उसका सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक प्रदर्शन है।
- मुक्केबाजी और कुश्ती: मैरी कॉम और साक्षी मलिक के अतिरिक्त गीता फोगाट 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं और 2012 में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली।
इस विषय को दोहराने का तरीका
दो स्तंभ बनाइए। पहले में पहली उपलब्धि लिखिए और उसके सामने नाम: ओलंपिक में पहली भारतीय महिला, पहली ओलंपिक पदक विजेता, एवरेस्ट पर पहली, इंग्लिश चैनल तैरने वाली पहली, एथलेटिक्स में पहला विश्व चैंपियनशिप पदक, पहली पैरालंपिक पदक विजेता, पहला पैरालंपिक स्वर्ण, पहली महिला ग्रैंडमास्टर। दूसरे स्तंभ में खेल और वर्ष लिखिए। इस विषय का हर प्रश्न उसी तालिका की एक पंक्ति है, जिसे किसी एक दिशा में पढ़ा जाता है, और भ्रमित करने वाले विकल्प प्रायः उसी खेल का दूसरा प्रसिद्ध नाम होते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न पत्र इस विषय को पहली उपलब्धियों और नाम-खेल के मेल के रूप में पूछते हैं। ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला, एवरेस्ट पर पहली भारतीय महिला, इंग्लिश चैनल तैरने वाली पहली एशियाई महिला, पहली भारतीय महिला ग्रैंडमास्टर और पहला पैरालंपिक स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला, ये नियमित प्रश्न हैं। भ्रमित करने वाले विकल्प उसी खेल से आते हैं, इसलिए मल्लेश्वरी के सामने मीराबाई चानू, साइना नेहवाल के सामने पी. वी. सिंधु, दीपा मलिक के सामने अवनि लेखरा और साक्षी मलिक के सामने गीता फोगाट रखे जाते हैं। स्पर्धा और वर्ष दूसरा जाल हैं: उषा की चूक 1984 की चार सौ मीटर बाधा दौड़ थी, अंजू बॉबी जॉर्ज का पदक 2003 की लंबी कूद और सिंधु का विश्व खिताब 2019 का। उपनाम भी पूछे जाते हैं, इसलिए पय्योली एक्सप्रेस को पी. टी. उषा और मैग्निफिसेंट मैरी को मैरी कॉम के साथ याद रखिए।
महत्वपूर्ण तथ्य
| ओलंपिक में पहली भारतीय महिलाएं | निलिमा घोष और मेरी डिसूजा, हेलसिंकी 1952 |
|---|---|
| इंग्लिश चैनल तैरने वाली पहली एशियाई महिला | आरती साहा, 1959 |
| पद्म श्री पाने वाली पहली महिला खिलाड़ी | आरती साहा, 1960 |
| एशियाई खेलों में पहला व्यक्तिगत स्वर्ण | कमलजीत संधू, 400 मीटर, 1970 |
| एवरेस्ट पर पहली भारतीय महिला | बछेंद्री पाल, 23 मई 1984 |
| पी. टी. उषा, लॉस एंजेल्स 1984 | 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथा स्थान, सेकंड के सौवें हिस्से से कांस्य से चूक |
| पहली भारतीय महिला ओलंपिक पदक विजेता | कर्णम मल्लेश्वरी, भारोत्तोलन कांस्य, सिडनी 2000 |
| विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक | अंजू बॉबी जॉर्ज, लंबी कूद कांस्य, पेरिस 2003 |
| मैरी कॉम के विश्व खिताब | छह: 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 |
| बैडमिंटन में भारत का पहला ओलंपिक पदक | साइना नेहवाल, कांस्य, लंदन 2012 |
| दो ओलंपिक पदक वाली पहली भारतीय महिला | पी. वी. सिंधु, रियो 2016 रजत और टोक्यो 2020 कांस्य |
| ओलंपिक पदक वाली पहली भारतीय महिला पहलवान | साक्षी मलिक, कांस्य, रियो 2016 |
| पहला पैरालंपिक पदक और पहला पैरालंपिक स्वर्ण | दीपा मलिक, रियो 2016; अवनि लेखरा, टोक्यो 2020 |
| पहली भारतीय महिला शतरंज ग्रैंडमास्टर | कोनेरू हंपी, 2002 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
- A.पी. टी. उषा
- B.कर्णम मल्लेश्वरी
- C.मैरी कॉम
- D.साइखोम मीराबाई चानू
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, कर्णम मल्लेश्वरी। उन्होंने सिडनी ओलंपिक 2000 में भारोत्तोलन के उनहत्तर किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो किसी भी खेल में किसी भारतीय महिला का पहला ओलंपिक पदक था। विकल्प A गलत है, हालाँकि पी. टी. उषा उनसे पहले सबसे निकट पहुँची थीं: 1984 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में वे चार सौ मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रहीं और कांस्य सेकंड के सौवें हिस्से से चूक गईं। विकल्प C गलत है क्योंकि मैरी कॉम का मुक्केबाजी में ओलंपिक कांस्य लंदन 2012 में आया, मल्लेश्वरी के बारह वर्ष बाद। विकल्प D गलत है क्योंकि मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन का रजत टोक्यो 2020 में जीता; वे भारत की दूसरी महिला भारोत्तोलन पदक विजेता हैं, पहली नहीं। जोड़ी याद रखिए: पहली के लिए भारोत्तोलन और सिडनी 2000, अगली के लिए भारोत्तोलन और टोक्यो 2020।
माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
- A.संतोष यादव
- B.बछेंद्री पाल
- C.प्रेमलता अग्रवाल
- D.अरुणिमा सिन्हा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, बछेंद्री पाल, जो 23 मई 1984 को एक भारतीय अभियान दल के साथ शिखर पर पहुँचीं और जिन्हें पद्म श्री तथा बाद में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि संतोष यादव बाद में आईं और 1992 तथा 1993 में दो बार एवरेस्ट चढ़ने के लिए याद की जाती हैं, जो विश्व में किसी महिला द्वारा पहली बार हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि 2011 में चढ़ाई करने वाली प्रेमलता अग्रवाल अपने समय में एवरेस्ट पर पहुँचने वाली सबसे अधिक उम्र की भारतीय महिला के रूप में जानी जाती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2013 में चढ़ाई करने वाली अरुणिमा सिन्हा कृत्रिम पैर के साथ एवरेस्ट पर पहुँचने वाली पहली महिला के रूप में प्रसिद्ध हैं। चारों नाम एक ही कहानी के हैं, इसलिए हर नाम को उसकी अपनी पहली उपलब्धि से जोड़िए।
1984 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में पी. टी. उषा किस स्पर्धा में कांस्य पदक से थोड़े अंतर से चूक गई थीं?
- A.200 मीटर
- B.400 मीटर
- C.400 मीटर बाधा दौड़
- D.लंबी कूद
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है C, 400 मीटर बाधा दौड़। पी. टी. उषा 1984 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में इस स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं और कांस्य विजेता से सेकंड के सौवें हिस्से के अंतर से पीछे रहीं, जो ओलंपिक खेलों में किसी भी भारतीय एथलीट की सबसे निकट की चूक है। विकल्प A गलत है क्योंकि वे अपने करियर के आरंभ में दो सौ मीटर की धाविका थीं, पर उनकी ओलंपिक चूक उस स्पर्धा में नहीं हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि सपाट चार सौ मीटर वह स्पर्धा है जिसमें कमलजीत संधू ने 1970 के एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था, और प्रश्नपत्रों में यही अदला-बदली आम है। विकल्प D गलत है क्योंकि लंबी कूद अंजू बॉबी जॉर्ज से जुड़ी है, जिन्होंने 2003 में एथलेटिक्स में भारत का पहला विश्व चैंपियनशिप पदक जीता। प्रश्न का मर्म यही विवरण है: बाधा दौड़, 1984, सौवें हिस्से से चौथा स्थान।
अंजू बॉबी जॉर्ज विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय किस स्पर्धा और वर्ष में बनीं?
- A.लंबी कूद, 2003
- B.त्रिकूद, 2003
- C.लंबी कूद, 2007
- D.ऊँची कूद, 2001
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, लंबी कूद, 2003। अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में पेरिस की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद का कांस्य जीता, जो इन चैंपियनशिप में किसी भी भारतीय, पुरुष या महिला, का पहला पदक था। विकल्प B गलत है क्योंकि उन्होंने लंबी कूद में भाग लिया, त्रिकूद में नहीं, हालाँकि करियर के आरंभ में उन्होंने त्रिकूद से शुरुआत की थी। विकल्प C गलत है क्योंकि वर्ष 2003 है; 2005 में उन्होंने विश्व एथलेटिक्स फाइनल जीता, जो अलग प्रतियोगिता है और प्रायः भ्रमित करने के लिए रखी जाती है। विकल्प D दोनों दृष्टि से गलत है, क्योंकि स्पर्धा लंबी कूद थी और 2001 की चैंपियनशिप में किसी भारतीय ने पदक नहीं जीता। उनके एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के पदक भी साथ याद रखिए और यह भी कि उनके पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज उनके प्रशिक्षक थे।
ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान कौन हैं?
- A.गीता फोगाट
- B.विनेश फोगाट
- C.साक्षी मलिक
- D.बबीता कुमारी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है C, साक्षी मलिक, जिन्होंने 2016 के रियो डी जनेरियो ओलंपिक में अट्ठावन किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य जीता और अपने मुकाबले के अंतिम क्षणों में पिछड़ने के बाद वापसी की। विकल्प A गलत है, हालाँकि गीता फोगाट के नाम दो अन्य पहली उपलब्धियाँ हैं: वे 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थीं और 2012 में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली। विकल्प B गलत है क्योंकि विनेश फोगाट राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता तथा विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता हैं, पर ओलंपिक की पहली उपलब्धि साक्षी मलिक की है। विकल्प D गलत है क्योंकि बबीता कुमारी राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण विजेता हैं, जिनके पास ओलंपिक पदक नहीं है। सुरक्षित नियम यही है: कुश्ती में ओलंपिक की पहली साक्षी और राष्ट्रमंडल की पहली गीता फोगाट।
किस भारतीय मुक्केबाज ने छह विश्व एमेच्योर मुक्केबाजी चैंपियनशिप खिताब जीते हैं?
- A.लवलीना बोरगोहेन
- B.मैरी कॉम
- C.निकहत जरीन
- D.सरिता देवी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, मैरी कॉम। उन्होंने 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 में विश्व एमेच्योर चैंपियनशिप जीती, कुल छह खिताब, जिसके कारण उन्हें मैग्निफिसेंट मैरी कहा जाता है, और लंदन 2012 में इक्यावन किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक कांस्य भी जीता। विकल्प A गलत है क्योंकि लवलीना बोरगोहेन विश्व चैंपियनशिप की कांस्य विजेता और टोक्यो 2020 की ओलंपिक कांस्य विजेता हैं, छह बार की विश्व चैंपियन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि निकहत जरीन विश्व चैंपियन हैं, पर उनके खिताबों की संख्या कम है। विकल्प D गलत है क्योंकि एल. सरिता देवी ने 2006 में विश्व खिताब तथा कई एशियाई खिताब जीते, पर एक विश्व चैंपियनशिप, छह नहीं। प्रश्नपत्र को छह की संख्या और मैरी कॉम का नाम चाहिए। यह भी याद रखिए कि मणिपुर की मैरी कॉम को पद्म भूषण तथा खेल रत्न से सम्मानित किया गया और वे राज्यसभा की सदस्य भी रहीं।
बैडमिंटन में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय कौन थीं?
- A.पी. वी. सिंधु
- B.साइना नेहवाल
- C.ज्वाला गुट्टा
- D.अश्विनी पोनप्पा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, साइना नेहवाल, जिन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में महिला एकल का कांस्य जीता, जो भारत के लिए बैडमिंटन का पहला ओलंपिक पदक था; 2015 में वे इस खेल में विश्व नंबर एक रैंकिंग तक पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला भी बनीं। विकल्प A गलत है क्योंकि पी. वी. सिंधु उनके बाद आईं, 2016 में रियो डी जनेरियो में रजत और 2020 में टोक्यो में कांस्य के साथ, जिससे वे दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जो अलग रिकॉर्ड है। विकल्प C गलत है क्योंकि ज्वाला गुट्टा युगल की विशेषज्ञ हैं, जिनके पास राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण और विश्व चैंपियनशिप का कांस्य है, पर ओलंपिक पदक नहीं। विकल्प D इसी कारण अश्विनी पोनप्पा के संदर्भ में गलत है। बैडमिंटन की दोनों पहली उपलब्धियाँ अलग रखिए: पहला पदक नेहवाल, पहले दो पदक और 2019 का विश्व खिताब सिंधु।
इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली पहली एशियाई महिला कौन थीं?
- A.बुला चौधरी
- B.आरती साहा
- C.मिहिर सेन
- D.निलिमा घोष
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, आरती साहा, जिन्होंने 1959 में इंग्लिश चैनल पार किया और ऐसा करने वाली पहली एशियाई महिला बनीं; 1960 में वे पद्म श्री पाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बनीं। विकल्प A गलत है क्योंकि बंगाल की ही तैराक बुला चौधरी ने चैनल बाद में तैरा और वे सात समुद्र पार करने के लिए जानी जाती हैं, जो अलग उपलब्धि है। विकल्प C गलत है क्योंकि मिहिर सेन पुरुष थे, जो 1958 में इंग्लिश चैनल तैरने वाले पहले भारतीय बने, और यह विकल्प केवल प्रश्न असावधानी से पढ़ने पर ही चुना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि निलिमा घोष एथलीट थीं, 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली दो भारतीय महिलाओं में एक, तैराक नहीं। वर्षों की जोड़ी याद रखिए: 1958 में मिहिर सेन और 1959 में आरती साहा।
शतरंज में ग्रैंडमास्टर खिताब पाने वाली पहली भारतीय महिला कौन बनीं?
- A.कोनेरू हंपी
- B.एस. विजयलक्ष्मी
- C.तानिया सचदेव
- D.हरिका द्रोणावल्ली
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, कोनेरू हंपी, जिन्होंने 2002 में किशोरावस्था में ग्रैंडमास्टर खिताब अर्जित किया और आगे 2019 में विश्व महिला रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीती। विकल्प B गलत है क्योंकि एस. विजयलक्ष्मी भारतीय महिला शतरंज की अग्रणी थीं और इंटरनेशनल मास्टर बनने वाली पहली भारतीय महिला थीं, जो ग्रैंडमास्टर से एक सीढ़ी नीचे का खिताब है। विकल्प C गलत है क्योंकि तानिया सचदेव के पास इंटरनेशनल मास्टर और वीमेन ग्रैंडमास्टर खिताब हैं और वे खिलाड़ी तथा कमेंटेटर के रूप में प्रसिद्ध हैं, पर वे पहली ग्रैंडमास्टर नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कई बार विश्व चैंपियनशिप की कांस्य विजेता हरिका द्रोणावल्ली ने ग्रैंडमास्टर खिताब हंपी के बाद लिया। इस अध्याय का जाल ध्यान में रखिए: वीमेन ग्रैंडमास्टर खिताब ओपन ग्रैंडमास्टर खिताब से भिन्न है और प्रश्न इसी अंतर पर बनते हैं।
एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
- A.पी. टी. उषा
- B.कमलजीत संधू
- C.शाइनी विल्सन
- D.कमलप्रीत कौर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, कमलजीत संधू, जिन्होंने 1970 के बैंकॉक एशियाई खेलों में चार सौ मीटर दौड़ जीती और इन खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। विकल्प A गलत है क्योंकि पी. टी. उषा के एशियाई खेलों के पदक बाद में आए, जिनमें 1986 के सियोल खेलों के चार स्वर्ण सम्मिलित हैं, और तब तक पहली उपलब्धि हो चुकी थी। विकल्प C गलत है क्योंकि उषा के ही युग की उत्कृष्ट मध्यम दूरी तथा रिले धाविका शाइनी विल्सन एशियाई चैंपियनशिप के खिताबों और ओलंपिक में भारत का ध्वज वहन करने के लिए याद की जाती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कमलप्रीत कौर बहुत बाद की पीढ़ी की चक्का फेंक खिलाड़ी हैं। याद रखने योग्य तीन बातें यही हैं: नाम कमलजीत संधू, स्पर्धा चार सौ मीटर और वर्ष 1970।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
कर्णम मल्लेश्वरी, जिन्होंने सिडनी ओलंपिक 2000 में भारोत्तोलन के उनहत्तर किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले पी. टी. उषा सबसे निकट पहुँची थीं, जो 1984 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में चार सौ मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रहीं।
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
बछेंद्री पाल, जो 23 मई 1984 को एक भारतीय अभियान दल की सदस्य के रूप में शिखर पर पहुँचीं। उन्हें बाद में पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया और उन्होंने युवा पर्वतारोहियों के लिए प्रशिक्षण तथा साहसिक कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
मैरी कॉम ने कितने विश्व मुक्केबाजी खिताब जीते हैं?
छह विश्व एमेच्योर चैंपियनशिप खिताब, जो उन्होंने 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 में जीते, इसी कारण उन्हें मैग्निफिसेंट मैरी कहा जाता है। उन्होंने लंदन 2012 में इक्यावन किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक कांस्य भी जीता।
किस भारतीय महिला ने दो ओलंपिक पदक जीते हैं?
बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु, जिन्होंने 2016 में रियो डी जनेरियो में रजत और 2020 में टोक्यो में कांस्य जीता। वे 2019 में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय भी बनीं।
ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिलाएं कौन थीं?
निलिमा घोष और मेरी डिसूजा, दोनों एथलीट, जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। तब विद्यार्थी रहीं निलिमा घोष ओलंपिक खेलों में उतरने वाली पहली भारतीय महिला थीं।
स्रोत
- राष्ट्रीय खेल पुरस्कार: खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के प्रशस्ति-पत्र — युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार
- ओलंपिक, पैरालंपिक और एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन पर प्रेस विज्ञप्तियाँ — पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार
- ओलंपिक खेलों में भारत: दल और पदक अभिलेख — भारतीय ओलंपिक संघ





