भारत में हॉकी: ओलंपिक स्वर्ण, ध्यानचंद और प्रश्न
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हॉकी के पूरे नोट्स: भारत के ओलंपिक स्वर्ण, 1975 का विश्व कप, ध्यानचंद, महान खिलाड़ी, नियम, शब्दावली और पूछी जाने वाली ट्रॉफियाँ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

हॉकी ने भारत को जितने ओलंपिक पदक दिए हैं, उतने किसी और खेल ने नहीं दिए। 1928 से 1980 के बीच भारतीय पुरुष टीम ने आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते, जो इस खेल में किसी भी देश का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, और इस विषय से अधिकतर प्रश्न इसी दौर, मेजर ध्यानचंद तथा खेल के नियमों और शब्दावली से बनते हैं। एक भ्रम पहले दूर कर लेना चाहिए: हॉकी को प्रायः भारत का राष्ट्रीय खेल कहा जाता है, पर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय स्पष्ट कर चुका है कि भारत ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है।
ओलंपिक में भारत
भारत ने अपना पहला ओलंपिक हॉकी मुकाबला 1928 के एम्सटर्डम खेलों में खेला और पहली ही बार में स्वर्ण जीता, जिसमें जयपाल सिंह मुंडा कप्तान थे। इसके बाद लगातार छह स्वर्ण आए: 1928 एम्सटर्डम, 1932 लॉस एंजिल्स, 1936 बर्लिन, 1948 लंदन, 1952 हेलसिंकी और 1956 मेलबर्न। इसी दौर को भारतीय हॉकी का स्वर्ण युग कहा जाता है। दो स्वर्ण और मिले, 1964 टोक्यो में और 1980 मॉस्को में, और मॉस्को का स्वर्ण ही आज तक भारत का अंतिम ओलंपिक स्वर्ण है।
| ओलंपिक | परिणाम | कप्तान |
|---|---|---|
| 1928 एम्सटर्डम | स्वर्ण, भारत का पहला | जयपाल सिंह मुंडा |
| 1936 बर्लिन | स्वर्ण, फाइनल में जर्मनी पर 8–1 की जीत | ध्यानचंद |
| 1948 लंदन | स्वर्ण, स्वतंत्र भारत का पहला | किशन लाल |
| 1964 टोक्यो | स्वर्ण | चरणजीत सिंह |
| 1980 मॉस्को | स्वर्ण, अब तक का अंतिम | वासुदेवन भास्करन |
| 2020 टोक्यो | कांस्य, 41 वर्ष के अंतराल के बाद | मनप्रीत सिंह |
भारत ने 1960 के रोम ओलंपिक में रजत पदक भी जीता तथा 1968 मैक्सिको सिटी, 1972 म्यूनिख और 2020 टोक्यो में कांस्य पदक जीते, जहाँ तीसरे स्थान के मुकाबले में टीम ने जर्मनी को 5–4 से हराया।
मेजर ध्यानचंद
ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ और निधन 3 दिसंबर 1979 को। गेंद पर उनका नियंत्रण ऐसा था कि उन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता था। उन्होंने 1928, 1932 और 1936 में भारत के साथ स्वर्ण जीता और बर्लिन में टीम के कप्तान रहे। 1956 में उन्हें पद्म भूषण मिला। उनके जन्मदिन 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है, और उसी दिन राष्ट्रपति राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान करते हैं। देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहलाता है और नई दिल्ली का नेशनल स्टेडियम मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम है। उनके छोटे भाई रूप सिंह और पुत्र अशोक कुमार भी भारत के लिए खेले; अशोक कुमार ने 1975 के विश्व कप फाइनल में विजयी गोल किया था।
विश्व कप और अन्य खिताब
हॉकी विश्व कप 1971 में शुरू हुआ और भारत ने उसे एक बार जीता, 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में, जहाँ अजीत पाल सिंह की कप्तानी में फाइनल में पाकिस्तान को 2–1 से हराया गया। एशियाई खेलों में भारत ने हॉकी का स्वर्ण पहली बार 1966 में बैंकॉक में जीता और फिर 1998 में बैंकॉक तथा 2014 में इंचियोन में। महिला टीम ने 1982 में दिल्ली के एशियाई खेलों और 2002 में मैनचेस्टर के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीता।
खिलाड़ियों के नाम भी पूछे जाते हैं। बलबीर सिंह सीनियर ने 1948, 1952 और 1956 में स्वर्ण जीता, 1952 के ओलंपिक फाइनल में पाँच गोल किए और पद्म श्री पाने वाले पहले खिलाड़ी बने। लेस्ली क्लॉडियस ने चार ओलंपिक पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण थे। बाद के नामों में धनराज पिल्लै, संदीप सिंह, पी. आर. श्रीजेश, रानी रामपाल और मनप्रीत सिंह याद रखने योग्य हैं।
नियम, शब्दावली और ट्रॉफियाँ
हॉकी टीम में मैदान पर ग्यारह खिलाड़ी होते हैं, जिनमें एक गोलकीपर होता है। मैच पंद्रह पंद्रह मिनट के चार क्वार्टर में खेला जाता है। मैदान 91.4 मीटर लंबा और 55 मीटर चौड़ा होता है, और गेंद एक सिरे पर मुड़ी हुई स्टिक से, केवल उसके सपाट हिस्से से, मारी जाती है। गोल तीन तरह से बनते हैं: फील्ड गोल, पेनल्टी कॉर्नर यानी शॉर्ट कॉर्नर, और गोल के सामने से लिया जाने वाला पेनल्टी स्ट्रोक। हरा कार्ड चेतावनी है, पीला कार्ड खिलाड़ी को कुछ समय के लिए बाहर बैठाता है और लाल कार्ड शेष मैच से बाहर कर देता है। बुली, ड्रिबल, स्कूप, फ्लिक, टैकल, हैट्रिक और एस्ट्रोटर्फ, ये सब हॉकी के शब्द हैं; कृत्रिम एस्ट्रोटर्फ सतह 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक से आई और उसने खेल का ढंग ही बदल दिया।
विश्व संस्था अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ यानी एफआईएच है, जिसकी स्थापना 1924 में हुई और जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में है; भारत में खेल का संचालन हॉकी इंडिया करता है। घरेलू प्रतियोगिताओं में कोलकाता का बेटन कप सबसे पुराना है, और आगा खान कप, रंगास्वामी कप, नेहरू ट्रॉफी, सिंधिया गोल्ड कप तथा ओबैदुल्लाह गोल्ड कप वे नाम हैं जो प्रश्नपत्रों में आते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
हॉकी से पाँच कोणों पर प्रश्न आते हैं। पहला, ओलंपिक रिकॉर्ड: स्वर्ण पदकों की संख्या, पहले और अंतिम स्वर्ण का वर्ष तथा किसी वर्ष की टीम का कप्तान। दूसरा, ध्यानचंद: उनकी जन्मतिथि, राष्ट्रीय खेल दिवस, उनके नाम वाला पुरस्कार और दिल्ली का स्टेडियम। तीसरा, 1975 का विश्व कप: वर्ष, नगर, पराजित प्रतिद्वंद्वी और कप्तान। चौथा, नियम और शब्दावली: बुली, पेनल्टी कॉर्नर, पेनल्टी स्ट्रोक, एस्ट्रोटर्फ, खिलाड़ियों की संख्या और मैच की अवधि। पाँचवाँ, ट्रॉफी को खेल से मिलाने वाले प्रश्न, जिनमें बेटन कप, आगा खान कप और रंगास्वामी कप हॉकी के हैं जबकि कॉर्बिलन कप, रणजी ट्रॉफी और डूरंड कप दूसरे खेलों के। भूल प्रायः तीन जगह होती है: हॉकी को घोषित राष्ट्रीय खेल मान लेना, 1975 के विश्व कप और 1980 के ओलंपिक स्वर्ण को आपस में उलट देना, तथा पेनल्टी कॉर्नर और पेनल्टी स्ट्रोक को एक समझ लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| हॉकी में ओलंपिक स्वर्ण | 8 (1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964, 1980) |
|---|---|
| पहला ओलंपिक स्वर्ण | 1928 एम्सटर्डम, कप्तान जयपाल सिंह मुंडा |
| अंतिम ओलंपिक स्वर्ण | 1980 मॉस्को, कप्तान वासुदेवन भास्करन |
| 41 वर्ष बाद ओलंपिक कांस्य | 2020 टोक्यो, जर्मनी को 5–4 से हराया |
| ध्यानचंद | जन्म 29 अगस्त 1905, निधन 3 दिसंबर 1979; पद्म भूषण 1956 |
| राष्ट्रीय खेल दिवस | 29 अगस्त, ध्यानचंद की जयंती |
| विश्व कप जीत | 1975, कुआलालंपुर; पाकिस्तान को 2–1 से हराया; कप्तान अजीत पाल सिंह |
| पहला एशियाई खेल स्वर्ण | 1966, बैंकॉक |
| टीम में खिलाड़ी | मैदान पर 11, जिनमें गोलकीपर शामिल |
| मैच की अवधि | 15-15 मिनट के चार क्वार्टर |
| मैदान का आकार | 91.4 मीटर × 55 मीटर |
| विश्व संस्था | एफआईएच, स्थापना 1924, मुख्यालय लुसाने (स्विट्जरलैंड) |
| भारत की सबसे पुरानी प्रतियोगिता | बेटन कप, कोलकाता |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत सरकार से पद्म श्री पुरस्कार पाने वाले पहले खिलाड़ी निम्नलिखित में से कौन थे?
- A.मनप्रीत सिंह
- B.मिल्खा सिंह
- C.बलबीर सिंह दोसांझ
- D.धनराज पिल्लै
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बलबीर सिंह दोसांझ
व्याख्या
सही उत्तर C, बलबीर सिंह दोसांझ हैं, जिन्हें बलबीर सिंह सीनियर कहा जाता है और जो हॉकी के सेंटर फॉरवर्ड थे। उन्होंने 1948, 1952 और 1956 में भारत के साथ ओलंपिक स्वर्ण जीता, 1952 के फाइनल में नीदरलैंड के विरुद्ध पाँच गोल किए, और 1957 में वे किसी भी खेल के पहले खिलाड़ी बने जिन्हें पद्म श्री मिला। इसी से नागरिक सम्मानों के द्वार खेल जगत के लिए खुले।
विकल्प A, मनप्रीत सिंह, बहुत बाद के खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में टीम को कांस्य पदक दिलाया। विकल्प B, मिल्खा सिंह, को भी पद्म श्री मिला, पर बलबीर सिंह सीनियर के बाद और एथलेटिक्स के लिए, हॉकी के लिए नहीं। विकल्प D, धनराज पिल्लै, नब्बे और दो हजार के दशक के प्रसिद्ध फॉरवर्ड थे और उन्हें सम्मान इससे कहीं बाद मिला, इसलिए इनमें से कोई भी पहला नहीं था।
भारत ने ओलंपिक खेलों की पुरुष हॉकी में कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?
- A.छह
- B.सात
- C.आठ
- D.नौ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आठ
व्याख्या
सही उत्तर C, आठ है। भारत ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 में ओलंपिक हॉकी का स्वर्ण जीता, जो इस खेल का रिकॉर्ड है। इनके साथ 1960 का रजत तथा 1968, 1972 और 2020 के कांस्य पदक भी जुड़ते हैं, इसलिए हॉकी ने भारत को किसी भी दूसरे खेल से अधिक ओलंपिक पदक दिए हैं।
विकल्प A, छह, 1928 से 1956 तक के उस अटूट क्रम की संख्या है जिसे स्वर्ण युग कहा जाता है, और इसी कारण यह सबसे बड़ा भ्रामक विकल्प है। विकल्प B, सात, लेने पर 1964 टोक्यो या 1980 मॉस्को में से एक स्वर्ण छूट जाता है। विकल्प D, नौ, एक पदक अधिक गिन लेता है, प्रायः 1960 के रोम फाइनल को जोड़कर, जिसमें भारत पाकिस्तान से हार गया था और उसे रजत मिला था।
भारत ने हॉकी में अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक किस वर्ष जीता था?
- A.1920
- B.1928
- C.1932
- D.1936
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1928
व्याख्या
सही उत्तर B, 1928 है। भारत ने अपना पहला ओलंपिक हॉकी मुकाबला 1928 के एम्सटर्डम खेलों में खेला और पहली ही बार में स्वर्ण पदक जीत लिया, जिसमें जयपाल सिंह मुंडा कप्तान थे और ध्यानचंद सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी। यह किसी भी स्पर्धा में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक भी था।
विकल्प A, 1920, एंटवर्प खेलों का वर्ष है, जिनमें भारत ने एथलेटिक्स और कुश्ती में भाग लिया था, हॉकी में नहीं। विकल्प C, 1932, लॉस एंजिल्स खेलों का वर्ष है, जो भारत का दूसरा स्वर्ण था और अमेरिका पर 24–1 की जीत के लिए याद किया जाता है। विकल्प D, 1936, बर्लिन खेलों का वर्ष है, जो क्रम का तीसरा स्वर्ण था और जिसके फाइनल में ध्यानचंद की कप्तानी में भारत ने जर्मनी को 8–1 से हराया था।
भारत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस किस खिलाड़ी की जयंती पर मनाया जाता है?
- A.मेजर ध्यानचंद
- B.बलबीर सिंह सीनियर
- C.मिल्खा सिंह
- D.के. डी. जाधव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेजर ध्यानचंद
व्याख्या
सही उत्तर A, मेजर ध्यानचंद हैं, जिनका जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था। हर वर्ष उनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है और उसी दिन राष्ट्रपति राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान करते हैं, जिनमें खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार शामिल हैं। इनमें सर्वोच्च सम्मान अब उन्हीं के नाम पर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहलाता है।
विकल्प B, बलबीर सिंह सीनियर, 1948, 1952 और 1956 की टीमों के महान सेंटर फॉरवर्ड थे, पर उनके जन्म से कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं जुड़ा। विकल्प C, मिल्खा सिंह, एथलीट थे, जो 1960 के रोम ओलंपिक की 400 मीटर दौड़ में चौथे स्थान पर रहे। विकल्प D, के. डी. जाधव, वे पहलवान थे जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक, कांस्य, जीता। इनमें से किसी का संबंध 29 अगस्त से नहीं है।
भारत ने हॉकी विश्व कप किस वर्ष जीता था?
- A.1971
- B.1973
- C.1975
- D.1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1975
व्याख्या
सही उत्तर C, 1975 है। भारत ने 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में हॉकी विश्व कप जीता और फाइनल में पाकिस्तान को 2–1 से हराया। विजयी गोल ध्यानचंद के पुत्र अशोक कुमार ने किया और टीम का नेतृत्व अजीत पाल सिंह ने किया। यह आज तक इस खेल में भारत का एकमात्र विश्व कप खिताब है।
विकल्प A, 1971, पहले हॉकी विश्व कप का वर्ष है, जो बार्सिलोना में हुआ, जिसे पाकिस्तान ने जीता और जिसमें भारत तीसरे स्थान पर रहा। विकल्प B, 1973, एम्सटलवीन में हुए दूसरे संस्करण का वर्ष है, जिसके फाइनल में भारत नीदरलैंड से पेनल्टी स्ट्रोक पर हार गया। विकल्प D, 1980, मॉस्को ओलंपिक का वर्ष है, जहाँ भारत ने अपना आठवाँ और अब तक का अंतिम ओलंपिक स्वर्ण जीता, और इसी को लेकर सबसे अधिक भ्रम होता है।
1975 में हॉकी विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान कौन थे?
- A.अजीत पाल सिंह
- B.अशोक कुमार
- C.वासुदेवन भास्करन
- D.किशन लाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अजीत पाल सिंह
व्याख्या
सही उत्तर A, अजीत पाल सिंह हैं, जो सेंटर हाफ के रूप में खेलते थे और जिनकी कप्तानी में भारत ने 1975 में कुआलालंपुर में विश्व कप जीता। वे 1971 और 1973 के विश्व कप में भी खेल चुके थे और खेल में उनके योगदान के लिए उन्हें बाद में पद्म श्री दिया गया।
विकल्प B, अशोक कुमार, उस फाइनल में खेले और उन्होंने पाकिस्तान के विरुद्ध विजयी गोल किया, पर वे कप्तान नहीं थे; उन्हें ध्यानचंद के पुत्र के रूप में याद किया जाता है। विकल्प C, वासुदेवन भास्करन, ने 1980 के मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाली टीम की कप्तानी की, जो पाँच वर्ष बाद की बात है। विकल्प D, किशन लाल, ने 1948 के लंदन ओलंपिक में भारत को स्वर्ण दिलाया, जो स्वतंत्रता के बाद का पहला स्वर्ण था।
हॉकी के खेल में मैदान पर किसी टीम के कितने खिलाड़ी होते हैं?
- A.10
- B.16
- C.12
- D.11
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 11
व्याख्या
सही उत्तर D, 11 है। हॉकी टीम एक समय पर ग्यारह खिलाड़ी मैदान पर उतारती है, जिनमें एक गोलकीपर होता है और शेष दस रक्षा पंक्ति, मध्य पंक्ति तथा आक्रमण पंक्ति में बँटे रहते हैं। अतिरिक्त खिलाड़ी मैदान से बाहर रहते हैं और खेल के दौरान उन्हें कितनी ही बार भीतर बाहर किया जा सकता है, जिसे रोलिंग सब्स्टिट्यूशन कहते हैं, पर मैदान पर संख्या ग्यारह से अधिक कभी नहीं होती।
विकल्प A, 10, वह संख्या है जो पीला या लाल कार्ड मिलने पर एक खिलाड़ी के बाहर हो जाने के बाद बचती है, सामान्य संख्या नहीं। विकल्प B, 16, ओलंपिक जैसी प्रतियोगिता के लिए घोषित पूरे दल की संख्या है, जिनमें से ग्यारह मैदान पर उतरते हैं। विकल्प C, 12, खो खो टीम की संख्या है, जिनमें से नौ मैदान में उतरते हैं। क्रिकेट और फुटबॉल में भी ग्यारह खिलाड़ी खेलते हैं, इसीलिए प्रश्न में कभी कभी ग्यारह खिलाड़ियों वाले कई खेल एक साथ दिए जाते हैं।
'पेनल्टी कॉर्नर' शब्द किस खेल से संबंधित है?
- A.वॉलीबॉल
- B.हॉकी
- C.बास्केटबॉल
- D.बैडमिंटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हॉकी
व्याख्या
सही उत्तर B, हॉकी है। पेनल्टी कॉर्नर, जिसे शॉर्ट कॉर्नर भी कहते हैं, तब मिलता है जब कोई रक्षक शूटिंग सर्किल के भीतर नियम तोड़ता है या जानबूझकर गेंद को पीछे की रेखा से बाहर कर देता है। गेंद पीछे की रेखा से बाहर धकेली जाती है, सर्किल के ऊपरी सिरे पर रोकी जाती है और फिर गोल पर मारी जाती है, जबकि रक्षक अपनी गोल रेखा के पीछे खड़े रहते हैं। आधुनिक हॉकी के बड़े हिस्से के गोल इसी तरह बनते हैं।
विकल्प A, वॉलीबॉल, में सर्विस, स्मैश, ब्लॉक, ड्यूस और लिबरो जैसे शब्द चलते हैं। विकल्प C, बास्केटबॉल, में ड्रिबल, पिवट, फ्री थ्रो, रिबाउंड और डंक। विकल्प D, बैडमिंटन, में स्मैश, ड्रॉप शॉट, लेट, ड्यूस और शटल। बुली, पेनल्टी स्ट्रोक, एस्ट्रोटर्फ, स्कूप और फ्लिक भी हॉकी के ही शब्द हैं।
भारत ने हॉकी में अपना अंतिम ओलंपिक स्वर्ण पदक किन खेलों में जीता था?
- A.टोक्यो 1964
- B.मैक्सिको सिटी 1968
- C.म्यूनिख 1972
- D.मॉस्को 1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मॉस्को 1980
व्याख्या
सही उत्तर D, मॉस्को 1980 है। मॉस्को खेलों के फाइनल में भारत ने स्पेन को 4–3 से हराकर अपना आठवाँ ओलंपिक हॉकी स्वर्ण जीता, जिसमें कप्तान वासुदेवन भास्करन थे, और उसके बाद टीम फिर स्वर्ण नहीं जीत सकी। 2020 के टोक्यो खेलों में भारत इकतालीस वर्ष के अंतराल के बाद कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में लौटा।
विकल्प A, टोक्यो 1964, सातवाँ स्वर्ण था, जो फाइनल में पाकिस्तान को हराकर जीता गया। विकल्प B, मैक्सिको सिटी 1968, और विकल्प C, म्यूनिख 1972, वे दो खेल हैं जिनमें भारत तीसरे स्थान पर रहकर कांस्य पदक लाया और जहाँ लंबे स्वर्ण युग में पहली बार गिरावट दिखी। 1976 के मॉन्ट्रियल खेलों से कृत्रिम एस्ट्रोटर्फ मैदानों पर खेल जाने को इस गिरावट का एक बड़ा कारण माना जाता है।
बेटन कप और आगा खान कप किस खेल से संबंधित हैं?
- A.फुटबॉल
- B.क्रिकेट
- C.हॉकी
- D.टेबल टेनिस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हॉकी
व्याख्या
सही उत्तर C, हॉकी है। कोलकाता में खेला जाने वाला बेटन कप भारत की सबसे पुरानी हॉकी प्रतियोगिता है और आगा खान कप भी इसी खेल की पुरानी क्लब प्रतियोगिताओं में से एक है। राष्ट्रीय चैंपियनशिप का रंगास्वामी कप, नेहरू ट्रॉफी, सिंधिया गोल्ड कप और ओबैदुल्लाह गोल्ड कप भी हॉकी की ही ट्रॉफियाँ हैं।
विकल्प A, फुटबॉल, की ट्रॉफियाँ डूरंड कप, संतोष ट्रॉफी, रोवर्स कप और आईएफए शील्ड हैं। विकल्प B, क्रिकेट, की ट्रॉफियाँ रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी, ईरानी कप और विजय हजारे ट्रॉफी हैं। विकल्प D, टेबल टेनिस, में पुरुषों के लिए स्वेथलिंग कप और महिलाओं के लिए कॉर्बिलन कप है। ट्रॉफी को खेल से मिलाने वाला प्रश्न हर वर्ष आता है, इसलिए ये सूचियाँ साथ साथ याद करनी चाहिए और यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इनमें से कोई भी ट्रॉफी एक से अधिक खेलों में नहीं दी जाती।
हॉकी खेल की अंतरराष्ट्रीय संचालन संस्था कौन सी है?
- A.एफआईएच
- B.फीफा
- C.आईसीसी
- D.आईएएएफ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एफआईएच
व्याख्या
सही उत्तर A, एफआईएच है, अर्थात अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ, जिसकी स्थापना 1924 में हुई और जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में है। यही संस्था खेल के नियम बनाती है, विश्व कप तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ कराती है और राष्ट्रीय संघों को मान्यता देती है, जिनमें भारत की सदस्य संस्था हॉकी इंडिया है।
विकल्प B, फीफा, की स्थापना 1904 में हुई, मुख्यालय ज्यूरिख में है और वह फुटबॉल का संचालन करती है। विकल्प C, आईसीसी अर्थात अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, क्रिकेट का संचालन करती है और उसका मुख्यालय दुबई में है। विकल्प D, आईएएएफ, एथलेटिक्स की विश्व संस्था का पुराना नाम है, जिसे अब वर्ल्ड एथलेटिक्स कहा जाता है और जिसका मुख्यालय मोनाको में है। हॉकी से केवल एफआईएच का संबंध है, और संस्था को उसके खेल तथा मुख्यालय के नगर से जोड़ने वाला प्रश्न एक ही सूची के रूप में याद करना चाहिए: एफआईएच के साथ लुसाने, फीफा के साथ ज्यूरिख, आईसीसी के साथ दुबई और वर्ल्ड एथलेटिक्स के साथ मोनाको।
भारत के राष्ट्रीय खेल के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- A.हॉकी को 1928 में राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया था
- B.क्रिकेट को 1983 में राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया था
- C.भारत ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है
- D.कबड्डी को 1950 में राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया था
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है
व्याख्या
सही उत्तर C है। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय स्पष्ट कर चुका है कि भारत सरकार ने किसी भी खेल को देश का राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है। आठ ओलंपिक स्वर्ण पदकों के कारण हॉकी को व्यापक रूप से राष्ट्रीय खेल कहा जाता है, पर यह लोकप्रिय कथन है, कोई सरकारी दर्जा नहीं।
विकल्प A यही आम धारणा है और इसी कारण यह प्रश्न पूछा जाता है; 1928 भारत के पहले ओलंपिक हॉकी स्वर्ण का वर्ष है, किसी घोषणा का नहीं। विकल्प B इसलिए गलत है कि 1983 के विश्व कप के बाद मिली अपार लोकप्रियता के बावजूद क्रिकेट को भी ऐसा कोई दर्जा नहीं मिला। विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है; कबड्डी भारत का प्राचीन खेल है और 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा है, पर उसे राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने हॉकी में कितने ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं?
भारत ने पुरुष हॉकी में आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं, जो 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 में आए। इनमें से छह लगातार 1928 से 1956 के बीच जीते गए, जिसे भारतीय हॉकी का स्वर्ण युग कहते हैं। भारत ने 1960 में एक रजत तथा 1968, 1972 और 2020 में तीन कांस्य पदक भी जीते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1905 में मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था, जिन्होंने 1928, 1932 और 1936 में भारत के साथ ओलंपिक स्वर्ण जीता। इसी दिन राष्ट्रपति राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान करते हैं।
भारत ने हॉकी विश्व कप कब जीता था?
भारत ने हॉकी विश्व कप एक बार जीता, 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में। फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 2–1 से हराया और विजयी गोल ध्यानचंद के पुत्र अशोक कुमार ने किया। उस टीम के कप्तान अजीत पाल सिंह थे।
क्या हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है?
नहीं। ओलंपिक रिकॉर्ड के कारण हॉकी को लोकप्रिय रूप से भारत का राष्ट्रीय खेल कहा जाता है, पर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय स्पष्ट कर चुका है कि भारत सरकार ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है। सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्रों में इसी बात पर भ्रम पैदा किया जाता है।
हॉकी टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं और मैच कितनी देर चलता है?
हॉकी टीम में मैदान पर ग्यारह खिलाड़ी होते हैं, जिनमें एक गोलकीपर होता है, और कुछ अतिरिक्त खिलाड़ी बेंच पर रहते हैं। मैच पंद्रह पंद्रह मिनट के चार क्वार्टर में खेला जाता है, जिनके बीच छोटे विराम और मध्यांतर का एक बड़ा विराम रहता है।
स्रोत
- राष्ट्रीय खेल पुरस्कार और राष्ट्रीय खेल दिवस — युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार
- हॉकी के नियम और महासंघ का इतिहास — अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच)





