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GK नोट्सखेल सामान्य ज्ञानकुश्ती, मुक्केबाज़ी और निशानेबाज़ी

कुश्ती, मुक्केबाज़ी और निशानेबाज़ी: नियम तथा पदक विजेता

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कुश्ती, मुक्केबाज़ी और निशानेबाज़ी के नोट्स: शैलियाँ और नियम, रिंग तथा मैट का नाप, खेल शब्दावली, संचालक संस्थाएँ तथा भारतीय ओलंपिक पदक विजेता।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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कुश्ती, मुक्केबाज़ी और निशानेबाज़ी: नियम तथा पदक विजेता — GK24 title card
कुश्ती, मुक्केबाज़ी और निशानेबाज़ी: नियम तथा पदक विजेता — GK24 title card

कुश्ती, मुक्केबाज़ी और निशानेबाज़ी वे तीन युद्धकौशल तथा परिशुद्धता वाले खेल हैं जिन्होंने भारत को उसके सर्वाधिक ओलंपिक पदक दिलाए हैं, इसलिए एसएससी, रेलवे और राज्य परीक्षाओं के स्थिर सामान्य ज्ञान वाले भाग इन्हीं पर बार-बार लौटते हैं। तीनों का निर्णय भिन्न ढंग से होता है: पहलवान प्रतिद्वंद्वी को चित करके या मैट पर उससे अधिक अंक लेकर जीतता है, मुक्केबाज़ रस्सियों से घिरे वर्ग के भीतर अंक दिलाने वाले प्रहार लगाकर, और निशानेबाज़ छर्रों या गोलियों को कागज अथवा इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य के केंद्र के सबसे निकट बैठाकर। यह अध्याय इनके नियम, पारिभाषिक शब्द, संचालक संस्थाएँ और भारतीय पदक विजेता एक ही स्थान पर समेट देता है।

कुश्ती: शैलियाँ, मैट और नियम

कुश्ती इन तीनों में सबसे प्राचीन है और भारत की परंपरागत कुश्ती इसी से विकसित हुई। इसकी विश्व संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग है, जो 2014 तक फिला के नाम से जानी जाती थी और जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के कोर्सिए-सुर-वेवे में है; राष्ट्रीय संस्था भारतीय कुश्ती संघ है। ओलंपिक खेलों में दो शैलियाँ होती हैं। फ्रीस्टाइल कुश्ती में पूरा शरीर पकड़ा जा सकता है और आक्रमण के लिए पैरों का प्रयोग किया जा सकता है। ग्रीको-रोमन कुश्ती में कमर से नीचे कोई पकड़ वर्जित है और पैरों का सक्रिय प्रयोग नहीं हो सकता, इसलिए वह शरीर के ऊपरी भाग के बल और पटकनियों की प्रतियोगिता बन जाती है।

मुकाबला नौ मीटर व्यास वाले गोल मैट पर होता है और तीन-तीन मिनट की दो अवधियों तक चलता है, जिनके बीच तीस सेकंड का विश्राम रहता है। पहलवान तत्काल जीत जाता है यदि वह फॉल कर दे, अर्थात प्रतिद्वंद्वी के दोनों कंधे मैट से सटा दे, अथवा तकनीकी श्रेष्ठता प्राप्त कर ले, जो फ्रीस्टाइल में दस अंक और ग्रीको-रोमन में आठ अंक की बढ़त पर मिलती है; अन्यथा अंत में अधिक अंक वाला विजयी होता है। प्रचलित शब्द हैं टेकडाउन, फॉल, हाफ नेल्सन, गट रेंच और सुप्लेक्स, और भारतीय अखाड़ा इनमें धोबी पछाड़ तथा ढाक जोड़ देता है। रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी और भारत केसरी जैसी पुरानी व्यावसायिक उपाधियाँ इसी खेल की हैं, और रुस्तम-ए-ज़माना कहलाने वाले गामा पहलवान इसका सर्वाधिक प्रसिद्ध भारतीय नाम हैं। द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा पद्म श्री पाने वाले प्रशिक्षक गुरु हनुमान ने दिल्ली में पहलवानों की कई पीढ़ियाँ तैयार कीं।

मुक्केबाज़ी: रिंग, राउंड और शब्दावली

मुक्केबाज़ी गद्देदार दस्तानों के साथ उस विधान के अंतर्गत लड़ी जाती है, जो सबसे पहले 1867 में मार्क्विस ऑफ क्वींसबरी नियमों के रूप में बना और जिसने तीन मिनट का राउंड, दस की गिनती तथा कुश्ती की पकड़ों पर रोक लागू की। रिंग अपने नाम के विपरीत वास्तव में एक वर्गाकार मंच होता है, और ओलंपिक खेलों में रस्सियों के भीतर उसकी भुजाएँ लगभग 6.1 मीटर होती हैं। पुरुष और महिला, दोनों के शीर्ष स्तर के मुकाबले तीन-तीन मिनट के तीन राउंड के होते हैं, जिनके बीच एक मिनट का विश्राम रहता है, और रिंग के भीतर खड़े रेफरी की सहायता वे निर्णायक करते हैं जो अंक दिलाने वाले प्रहार गिनते हैं।

मुकाबला कई प्रकार से समाप्त हो सकता है। नॉकआउट, जिसे संक्षेप में केओ कहते हैं, तब होता है जब कोई मुक्केबाज़ दस की गिनती पूरी होने से पहले उठ न सके। तकनीकी नॉकआउट अर्थात टीकेओ तब घोषित होता है जब मुक्केबाज़ खड़ा रहते हुए भी रेफरी या उसका सहयोगी दल मुकाबला रोक दे। परीक्षक जिन अन्य शब्दों को उठा सकते हैं वे हैं जैब, हुक, अपरकट, क्लिंच, स्पैरिंग, बाएँ हाथ की मुद्रा के लिए साउथपॉ, और कमर से नीचे किए गए अवैध प्रहार के लिए बिलो द बेल्ट। राष्ट्रीय संस्था भारतीय मुक्केबाज़ी महासंघ है। विश्व मुक्केबाज़ी का सर्वाधिक प्रसिद्ध नाम आज भी मुहम्मद अली हैं, जिनका जन्म के समय नाम कैसियस क्ले था और जिन्होंने 1960 के रोम ओलंपिक में लाइट हेवीवेट का स्वर्ण जीता।

निशानेबाज़ी: स्पर्धाएँ और उपकरण

निशानेबाज़ी का संचालन अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ करता है, जिसका मुख्यालय जर्मनी के म्यूनिख में है, और भारत में इसे राष्ट्रीय राइफल संघ चलाता है। स्पर्धाएँ तीन कुलों में बँटती हैं। राइफल स्पर्धाओं में 10 मीटर एयर राइफल तथा तीन मुद्राओं वाली 50 मीटर राइफल आती है, और वे तीन मुद्राएँ हैं लेटकर, खड़े होकर तथा घुटने के बल। पिस्टल स्पर्धाओं में 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल आती है। शॉटगन स्पर्धाएँ हवा में उछाले गए मिट्टी के लक्ष्यों पर चलाई जाती हैं और उनमें ट्रैप, डबल ट्रैप तथा स्कीट आते हैं। एयर राइफल और एयर पिस्टल 10 मीटर से दशमलव अंकन के साथ चलाई जाती हैं, जिसमें एयर राइफल के लक्ष्य का सबसे भीतरी छल्ला 10.9 अंक तक का हो सकता है।

याद रखने योग्य भारतीय पदक विजेता

खिलाड़ीखेल और स्पर्धाउपलब्धि
खाशाबा दादासाहेब जाधवकुश्ती, फ्रीस्टाइल बैंटमवेटहेलसिंकी 1952 में कांस्य, स्वतंत्र भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक
सुशील कुमारकुश्ती, फ्रीस्टाइलबीजिंग 2008 में कांस्य और लंदन 2012 में रजत; 2010 में मॉस्को में विश्व चैंपियन
साक्षी मलिककुश्ती, फ्रीस्टाइलरियो 2016 में कांस्य, ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
राज्यवर्धन सिंह राठौड़निशानेबाज़ी, डबल ट्रैपएथेंस 2004 में रजत
अभिनव बिंद्रानिशानेबाज़ी, 10 मीटर एयर राइफलबीजिंग 2008 में स्वर्ण, भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण
विजेंदर सिंहमुक्केबाज़ी, मिडलवेटबीजिंग 2008 में कांस्य, किसी भारतीय मुक्केबाज़ का पहला ओलंपिक पदक
मैरी कॉममुक्केबाज़ी, फ्लाईवेटलंदन 2012 में कांस्य और विश्व चैंपियनशिप के छह स्वर्ण
मनु भाकरनिशानेबाज़ी, 10 मीटर एयर पिस्टलपेरिस 2024 में दो कांस्य, एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय

प्रश्नपत्रों में आने वाले अन्य नाम हैं योगेश्वर दत्त, जिन्होंने लंदन 2012 में कुश्ती का कांस्य जीता; रवि कुमार दहिया, रजत, तथा बजरंग पुनिया, कांस्य, दोनों ने टोक्यो 2020 में कुश्ती में; गगन नारंग, 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य, और विजय कुमार, 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में रजत, दोनों लंदन 2012 में; लवलीना बोरगोहेन, टोक्यो 2020 में मुक्केबाज़ी का कांस्य; और स्वप्निल कुसाले, पेरिस 2024 में 50 मीटर राइफल तीन मुद्रा का कांस्य। निकहत ज़रीन अपने विश्व खिताबों के लिए और जसपाल राणा अपने एशियाई खिताबों के लिए बार-बार पूछे जाते हैं।

पुरस्कार और शब्दावली संक्षेप में

इन खेलों के खिलाड़ियों को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मिले हैं, उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और निरंतरता के लिए अर्जुन पुरस्कार, जबकि उनके प्रशिक्षकों को द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलता है। मैरी कॉम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। याद रखने योग्य शब्द-सूची इस प्रकार है: फॉल, टेकडाउन और हाफ नेल्सन कुश्ती के हैं; जैब, हुक, अपरकट, क्लिंच, साउथपॉ और बिलो द बेल्ट मुक्केबाज़ी के हैं; तथा बुल्सआई, साइटर, प्रोन और स्कीट निशानेबाज़ी के हैं।

परीक्षा की दृष्टि से

प्रश्नपत्र इस अध्याय से पाँच बातें उठाते हैं। पहली, प्रथम उपलब्धियाँ: भारत के पहले व्यक्तिगत पदक के रूप में जाधव का 1952 का कांस्य, पहले व्यक्तिगत स्वर्ण के रूप में बिंद्रा का 2008 का स्वर्ण, राठौड़ का 2004 का रजत, पहले मुक्केबाज़ी पदक विजेता के रूप में विजेंदर सिंह और पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान के रूप में साक्षी मलिक। दूसरी, खिलाड़ी का उसकी ठीक स्पर्धा से मेल, जहाँ जाल यह है कि डबल ट्रैप को ट्रैप से अथवा 10 मीटर एयर राइफल को एयर पिस्टल से बदल दिया जाता है। तीसरी, फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन का अंतर, जो सामान्यतः कमर से नीचे की पकड़ के नियम के रूप में पूछा जाता है। चौथी, गलत खेल में रखे गए शब्द, इसलिए याद रखें कि हाफ नेल्सन, फॉल तथा टेकडाउन कुश्ती के हैं, जैब, अपरकट, क्लिंच, साउथपॉ और बिलो द बेल्ट मुक्केबाज़ी के, तथा बुल्सआई, साइटर, प्रोन और स्कीट निशानेबाज़ी के। पाँचवीं, संचालक संस्थाएँ और उनके मुख्यालय, निशानेबाज़ी के लिए म्यूनिख तथा कुश्ती के लिए स्विट्जरलैंड, और क्वींसबरी नियमों के लिए वर्ष 1867।

महत्वपूर्ण तथ्य

भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदकके. डी. जाधव, कुश्ती का कांस्य, हेलसिंकी 1952
भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्णअभिनव बिंद्रा, 10 मीटर एयर राइफल, बीजिंग 2008
दो व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीयसुशील कुमार, कुश्ती, 2008 तथा 2012
ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवानसाक्षी मलिक, कांस्य, रियो 2016
ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज़विजेंदर सिंह, कांस्य, बीजिंग 2008
मैरी कॉम के विश्व चैंपियनशिप स्वर्णछह, तथा लंदन 2012 में एक ओलंपिक कांस्य
ओलंपिक में कुश्ती की शैलियाँफ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन
ग्रीको-रोमन की रोककमर से नीचे कोई पकड़ नहीं और पैरों का सक्रिय प्रयोग नहीं
कुश्ती का मैटगोल, नौ मीटर व्यास
तकनीकी श्रेष्ठताफ्रीस्टाइल में दस अंक, ग्रीको-रोमन में आठ अंक
क्वींसबरी नियममुक्केबाज़ी के लिए 1867 में बने
ओलंपिक मुक्केबाज़ी मुकाबलातीन-तीन मिनट के तीन राउंड
कुश्ती की विश्व संस्थायूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग, पहले फिला, स्विट्जरलैंड में
निशानेबाज़ी की विश्व संस्थाअंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ, म्यूनिख
शॉटगन की स्पर्धाएँट्रैप, डबल ट्रैप और स्कीट
कुश्ती की पुरानी भारतीय उपाधियाँरुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी तथा भारत केसरी

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.खेल सामान्य ज्ञानआसान

स्वतंत्र भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक कुश्ती में किसने जीता?

  1. A.सुशील कुमार
  2. B.खाशाबा दादासाहेब जाधव
  3. C.गुरु हनुमान
  4. D.योगेश्वर दत्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खाशाबा दादासाहेब जाधव

व्याख्या

सही उत्तर B, खाशाबा दादासाहेब जाधव है। महाराष्ट्र के सतारा के पहलवान जाधव ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक खेलों में फ्रीस्टाइल बैंटमवेट कुश्ती का कांस्य पदक जीता, और वही स्वतंत्र भारत के किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी द्वारा जीता गया पहला ओलंपिक पदक था, क्योंकि उससे पहले के सभी पदक पुरुष हॉकी टीम को मिले थे। विकल्प A गलत है क्योंकि सुशील कुमार के पदक बहुत बाद में आए, 2008 में बीजिंग में कांस्य और 2012 में लंदन में रजत, जिससे वे दो व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने, परंतु पहले पदक विजेता नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि गुरु हनुमान प्रसिद्ध प्रशिक्षक थे, जिन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार और पद्म श्री मिला; उन्होंने पहलवान तैयार किए, स्वयं ओलंपिक में भाग नहीं लिया। विकल्प D गलत है क्योंकि योगेश्वर दत्त ने अपना कांस्य 2012 के लंदन खेलों में जीता।

Q2.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

कुश्ती की किस शैली में कमर से नीचे की पकड़ वर्जित है?

  1. A.फ्रीस्टाइल
  2. B.ग्रीको-रोमन
  3. C.सूमो
  4. D.बीच रेसलिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रीको-रोमन

व्याख्या

सही उत्तर B, ग्रीको-रोमन है। ग्रीको-रोमन कुश्ती में खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को कमर से नीचे नहीं पकड़ सकता और न ही लंगी मारने या जकड़ने के लिए पैरों का सक्रिय प्रयोग कर सकता है, इसलिए हर आक्रमण बाहों और शरीर के ऊपरी भाग से ही करना पड़ता है और यह शैली अपनी ऊँची पटकनियों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प A गलत है क्योंकि फ्रीस्टाइल कुश्ती में पूरा शरीर पकड़ा जा सकता है, जिसमें एक पैर तथा दो पैर वाले टेकडाउन जैसे पैरों के आक्रमण भी आते हैं, और ओलंपिक खेलों में महिलाएँ केवल इसी शैली में भाग लेती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सूमो जापान का अलग खेल है, जो मिट्टी के घेरे में लड़ा जाता है और जिसमें उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी को बाहर धकेलना या उसे भूमि से छुआ देना होता है, तथा वह ओलंपिक की कुश्ती शैली नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि बीच रेसलिंग रेत पर खेला जाने वाला और अपने सरल नियमों वाला एक प्रकार है, कमर की रोक से परिभाषित शैली नहीं।

Q3.खेल सामान्य ज्ञानआसान

ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान कौन थीं?

  1. A.विनेश फोगाट
  2. B.गीता फोगाट
  3. C.साक्षी मलिक
  4. D.बबीता कुमारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. साक्षी मलिक

व्याख्या

सही उत्तर C, साक्षी मलिक है। हरियाणा के रोहतक की साक्षी मलिक ने 2016 के रियो दि जेनेरो ओलंपिक खेलों में 58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग का कांस्य पदक जीता, और वह भी अपने रेपेचेज मुकाबले के अंतिम क्षणों में पिछड़ने के बाद पलटवार करके, तथा इस प्रकार वे ओलंपिक मंच पर खड़ी होने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं। विकल्प A गलत है क्योंकि विनेश फोगाट राष्ट्रमंडल तथा एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता होते हुए भी ओलंपिक पदक नहीं जीत पाई थीं। विकल्प B गलत है क्योंकि गीता फोगाट ने 2012 में लंदन ओलंपिक के लिए अर्हता पाने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान के रूप में तथा राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण विजेता के रूप में इतिहास रचा, परंतु उन्होंने ओलंपिक पदक नहीं जीता। विकल्प D गलत है क्योंकि बबीता कुमारी के सम्मान राष्ट्रमंडल खेलों के पदक हैं, ओलंपिक का नहीं।

Q4.खेल सामान्य ज्ञानआसान

अभिनव बिंद्रा ने भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक किस स्पर्धा में जीता था?

  1. A.25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल
  2. B.डबल ट्रैप
  3. C.10 मीटर एयर राइफल
  4. D.50 मीटर राइफल तीन मुद्रा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10 मीटर एयर राइफल

व्याख्या

सही उत्तर C, 10 मीटर एयर राइफल है। अभिनव बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता, और वह आज भी ओलंपिक में भारत द्वारा जीता गया पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है; उससे पहले के सभी स्वर्ण पुरुष हॉकी टीम ने जीते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल वह स्पर्धा है जिसमें विजय कुमार ने 2012 में लंदन में रजत पदक जीता। विकल्प B गलत है क्योंकि शॉटगन की स्पर्धा डबल ट्रैप में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 2004 में एथेंस में रजत जीता था, जो निशानेबाज़ी में भारत का पहला व्यक्तिगत रजत था। विकल्प D गलत है क्योंकि लेटकर, खड़े होकर तथा घुटने के बल चलाई जाने वाली 50 मीटर राइफल तीन मुद्रा स्पर्धा में स्वप्निल कुसाले ने 2024 में पेरिस में कांस्य पदक जीता।

Q5.खेल सामान्य ज्ञानआसान

'साउथपॉ' तथा 'बिलो द बेल्ट' शब्द किस खेल से संबंधित हैं?

  1. A.कुश्ती
  2. B.मुक्केबाज़ी
  3. C.निशानेबाज़ी
  4. D.तलवारबाज़ी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुक्केबाज़ी

व्याख्या

सही उत्तर B, मुक्केबाज़ी है। साउथपॉ वह मुक्केबाज़ होता है जो दायाँ पैर आगे रखकर खड़ा होता है और दाएँ हाथ से आगे बढ़ता है, क्योंकि उसका बायाँ हाथ अधिक बलवान होता है, और बिलो द बेल्ट का अर्थ है कमर रेखा के नीचे लगाया गया अवैध प्रहार, जिसके लिए रेफरी चेतावनी देता है या खिलाड़ी को अयोग्य घोषित कर देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कुश्ती की अपनी शब्दावली है, जिसमें फॉल, टेकडाउन, हाफ नेल्सन, गट रेंच और तकनीकी श्रेष्ठता आते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि निशानेबाज़ी में बुल्सआई, साइटर शॉट, लेटकर तथा घुटने के बल की मुद्राएँ, ट्रैप और स्कीट कहे जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तलवारबाज़ी में फॉयल, एपी, सेबर, रिपोस्ट, लंज और आँ गार्द जैसे शब्द चलते हैं। मुक्केबाज़ी के अन्य याद रखने योग्य शब्द हैं जैब, हुक, अपरकट, क्लिंच तथा दस तक गिनकर घोषित किया जाने वाला नॉकआउट।

Q6.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

सन 1867 के मार्क्विस ऑफ क्वींसबरी नियम किस खेल के आधुनिक नियमों का आधार हैं?

  1. A.कुश्ती
  2. B.मुक्केबाज़ी
  3. C.निशानेबाज़ी
  4. D.भारोत्तोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुक्केबाज़ी

व्याख्या

सही उत्तर B, मुक्केबाज़ी है। नौवें मार्क्विस ऑफ क्वींसबरी जॉन डगलस के संरक्षण में 1867 में प्रकाशित उस विधान ने खाली मुक्कों की इनामी लड़ाई को नियमबद्ध खेल बना दिया: उसने गद्देदार दस्ताने अनिवार्य किए, राउंड तीन मिनट का और विश्राम एक मिनट का नियत किया, गिरे हुए मुक्केबाज़ के लिए दस की गिनती आरंभ की तथा कुश्ती की पकड़ों पर रोक लगाई, और आज भी शौकिया तथा व्यावसायिक मुक्केबाज़ी उसी पर टिकी है। विकल्प A गलत है क्योंकि कुश्ती के नियम उस अंतरराष्ट्रीय संस्था से आते हैं जिसे अब यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग कहा जाता है, तथा उससे भी पुरानी शास्त्रीय परंपराओं से। विकल्प C गलत है क्योंकि निशानेबाज़ी का संचालन अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ करता है, जिसकी नियम-पुस्तिका बहुत बाद की है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्नैच तथा क्लीन एंड जर्क वाले भारोत्तोलन के नियम उसके अपने विश्व महासंघ से आते हैं और क्वींसबरी विधान से उनका कोई संबंध नहीं है।

Q7.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

  1. A.लुसाने
  2. B.म्यूनिख
  3. C.ज्यूरिख
  4. D.रोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. म्यूनिख

व्याख्या

सही उत्तर B, म्यूनिख है। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ, जिसका संक्षिप्त नाम आईएसएसएफ है, का मुख्यालय जर्मनी के म्यूनिख में है, उसी नगर में जहाँ 1972 के ओलंपिक खेल हुए थे, और वही राइफल, पिस्टल तथा शॉटगन स्पर्धाओं के नियम बनाता है और विश्व कीर्तिमानों को मान्यता देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि स्विट्जरलैंड का लुसाने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का केंद्र है, और इसी तथ्य को अलग-अलग महासंघों के साथ भ्रमित कर दिया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि स्विट्जरलैंड के ही ज्यूरिख में विश्व फुटबॉल संस्था फीफा बैठती है, और विश्व एथलेटिक्स संस्था का अपना अलग केंद्र मोनाको में है। विकल्प D गलत है क्योंकि रोम निशानेबाज़ी महासंघ का केंद्र नहीं है; इस खेल की भारतीय संचालक संस्था राष्ट्रीय राइफल संघ है, जिसका कार्यालय नई दिल्ली में है।

Q8.खेल सामान्य ज्ञानआसान

ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज़ कौन थे?

  1. A.मैरी कॉम
  2. B.विजेंदर सिंह
  3. C.लवलीना बोरगोहेन
  4. D.निकहत ज़रीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विजेंदर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर B, विजेंदर सिंह है। हरियाणा के भिवानी के विजेंदर सिंह ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक खेलों में मिडलवेट वर्ग का कांस्य पदक जीता और इस प्रकार वे ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के पहले मुक्केबाज़ बने; आगे चलकर उन्हें अर्जुन पुरस्कार तथा पद्म श्री से सम्मानित किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि मैरी कॉम का ओलंपिक कांस्य चार वर्ष बाद, 2012 में लंदन में आया, जिससे वे ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज़ बनीं, परंतु पहली भारतीय मुक्केबाज़ नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि लवलीना बोरगोहेन ने अपना कांस्य पदक 2021 में हुए टोक्यो खेलों में जीता। विकल्प D गलत है क्योंकि निकहत ज़रीन अपने विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण पदकों के लिए जानी जाती हैं, ओलंपिक पदक के लिए नहीं, और वे 2008 से बहुत बाद राष्ट्रीय दल में आईं।

Q9.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

'हाफ नेल्सन' शब्द किस खेल का है?

  1. A.मुक्केबाज़ी
  2. B.कुश्ती
  3. C.निशानेबाज़ी
  4. D.जूडो
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुश्ती

व्याख्या

सही उत्तर B, कुश्ती है। हाफ नेल्सन कुश्ती की वह पकड़ है जिसमें पीछे से एक बाँह प्रतिद्वंद्वी की काँख के नीचे से निकालकर हथेली उसकी गर्दन के पीछे रख दी जाती है, जिससे पहलवान को उसे पलटने और चित करने की दिशा में काम करने का लाभ मिल जाता है; इसी ढंग से दोनों बाँहों का प्रयोग करने पर वह फुल नेल्सन बन जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि मुक्केबाज़ी की शब्दावली प्रहारों तथा मुद्राओं पर बनी है, जैसे जैब, हुक, अपरकट, क्लिंच और साउथपॉ। विकल्प C गलत है क्योंकि निशानेबाज़ी के शब्द लक्ष्य और मुद्राओं का वर्णन करते हैं, अर्थात बुल्सआई, साइटर, लेटकर, घुटने के बल, ट्रैप और स्कीट। विकल्प D गलत है क्योंकि जूडो भी पकड़ का खेल होते हुए भी अपनी क्रियाओं के जापानी नाम रखता है, जैसे इप्पोन, सेओई नागे, ओसोतो गारी और शियाई, और नेल्सन उनमें नहीं आता।

Q10.खेल सामान्य ज्ञानमध्यम

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 2004 के एथेंस ओलंपिक खेलों में किस स्पर्धा में रजत पदक जीता था?

  1. A.स्कीट
  2. B.ट्रैप
  3. C.डबल ट्रैप
  4. D.10 मीटर एयर पिस्टल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. डबल ट्रैप

व्याख्या

सही उत्तर C, डबल ट्रैप है। सेना के अधिकारी राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 2004 में एथेंस में पुरुषों की डबल ट्रैप शॉटगन स्पर्धा का रजत पदक जीता, और वही ओलंपिक खेलों में भारत का पहला व्यक्तिगत रजत पदक था; आगे उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न तथा पद्म श्री से सम्मानित किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि स्कीट शॉटगन की भिन्न स्पर्धा है, जिसमें मिट्टी के लक्ष्य दोनों ओर बने घरों से निशानेबाज़ के आगे से आड़े फेंके जाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि साधारण ट्रैप में एक समय पर एक ही मिट्टी का लक्ष्य छोड़ा जाता है, जबकि डबल ट्रैप, जैसा नाम से ही स्पष्ट है, दो साथ भेजता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 10 मीटर एयर पिस्टल पिस्टल की स्पर्धा है और भीतरी रेंज की है, तथा उसी में मनु भाकर ने 2024 में पेरिस में कांस्य पदक जीता।

Q11.खेल सामान्य ज्ञानकठिन

50 मीटर राइफल तीन मुद्रा स्पर्धा में कौन सी तीन मुद्राएँ अपनाई जाती हैं?

  1. A.लेटकर, बैठकर और खड़े होकर
  2. B.लेटकर, खड़े होकर और घुटने के बल
  3. C.खड़े होकर, बैठकर और घुटने के बल
  4. D.लेटकर, दुबककर और खड़े होकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लेटकर, खड़े होकर और घुटने के बल

व्याख्या

सही उत्तर B, लेटकर, खड़े होकर और घुटने के बल है। 50 मीटर राइफल तीन मुद्रा स्पर्धा में निशानेबाज़ को वही राइफल शरीर की तीन भिन्न मुद्राओं से चलानी पड़ती है, पेट के बल सीधा लेटकर, जिसे प्रोन कहते हैं, दोनों पैरों पर सीधा खड़े होकर, जिसे स्टैंडिंग कहते हैं, और एक घुटने पर टिककर तथा टखने के नीचे गद्दी रखकर, जिसे नीलिंग कहते हैं। लेटकर चलाना सबसे स्थिर और खड़े होकर चलाना सबसे कठिन होता है, इसलिए अंक सामान्यतः खड़े होने के चरण में गिरते हैं और लेटने के चरण में बढ़ते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इस स्पर्धा की मान्य मुद्राओं में बैठना नहीं आता। विकल्प C इसी कारण गलत है, और इसमें तीनों में सबसे स्थिर मुद्रा प्रोन भी छूट गई है। विकल्प D गलत है क्योंकि नियम-पुस्तिका में दुबककर बैठना निशानेबाज़ी की मुद्रा नहीं है; इसी स्पर्धा में स्वप्निल कुसाले ने 2024 में पेरिस में भारत का कांस्य जीता।

Q12.खेल सामान्य ज्ञानकठिन

फ्रीस्टाइल कुश्ती में तकनीकी श्रेष्ठता से मुकाबला जीतने के लिए पहलवान को कितने अंक की बढ़त चाहिए?

  1. A.6 अंक
  2. B.8 अंक
  3. C.10 अंक
  4. D.12 अंक
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सही उत्तर: C. 10 अंक

व्याख्या

सही उत्तर C, 10 अंक है। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के नियमों के अनुसार फ्रीस्टाइल मुकाबला उसी क्षण रुक जाता है जब कोई पहलवान दस अंक आगे हो जाए, और उस जीत को तकनीकी श्रेष्ठता के रूप में लिखा जाता है, क्योंकि इतनी बड़ी बढ़त को निर्णायक मान लिया जाता है और आगे खेलने का कोई अर्थ नहीं रहता। ग्रीको-रोमन कुश्ती में यही नियम आठ अंक की बढ़त पर लागू होता है, और यह छोटी संख्या उस शैली में कम अंक बनने का संकेत देती है। विकल्प A गलत है क्योंकि छह अंक की बढ़त पर किसी भी शैली में मुकाबला नहीं रुकता। विकल्प B गलत है क्योंकि आठ अंक ग्रीको-रोमन का आँकड़ा है और दोनों को आपस में बदल देना इस प्रश्न का सबसे आम जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि बारह अंक कभी सीमा नहीं रही; मुकाबला किसी भी अंक पर फॉल से भी पहले समाप्त हो सकता है, जिसका अर्थ है प्रतिद्वंद्वी के दोनों कंधे मैट से सटा देना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन कुश्ती में क्या अंतर है?

फ्रीस्टाइल में पहलवान शरीर का कोई भी अंग पकड़ सकता है और पैरों पर आक्रमण कर सकता है, इसलिए एक पैर तथा दो पैर वाले टेकडाउन आम हैं। ग्रीको-रोमन में कमर से नीचे कोई पकड़ वर्जित है और पैरों का सक्रिय प्रयोग नहीं हो सकता, जिससे मुकाबला शरीर के ऊपरी भाग की पटकनियों तथा उठान की प्रतियोगिता बन जाता है। ओलंपिक खेलों में महिलाएँ केवल फ्रीस्टाइल शैली में लड़ती हैं।

मुक्केबाज़ी का क्षेत्र वर्गाकार होते हुए भी रिंग क्यों कहलाता है?

आरंभ की इनामी लड़ाइयाँ दर्शकों के घेरे में अथवा भूमि पर खींचे गए रस्सी के घेरे में होती थीं, और वही नाम चल पड़ा। उन्नीसवीं शताब्दी में जब खेल नियमबद्ध हुआ तो लड़ने का क्षेत्र चारों ओर रस्सियों वाला वर्गाकार मंच बना दिया गया, परंतु पुराना शब्द बना रहा। ओलंपिक खेलों में रस्सियों के भीतर उसकी भुजाएँ लगभग 6.1 मीटर होती हैं।

किन भारतीय निशानेबाज़ों ने ओलंपिक पदक जीते हैं?

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 2004 में एथेंस में डबल ट्रैप का रजत लिया, अभिनव बिंद्रा ने 2008 में बीजिंग में 10 मीटर एयर राइफल का स्वर्ण, गगन नारंग ने 10 मीटर एयर राइफल का कांस्य तथा विजय कुमार ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल का रजत 2012 में लंदन में, और 2024 में पेरिस में मनु भाकर ने दो कांस्य पदक जीते, उनमें से मिश्रित टीम का एक पदक सरबजोत सिंह के साथ था, तथा स्वप्निल कुसाले ने 50 मीटर राइफल तीन मुद्रा का कांस्य जीता।

कुश्ती में तकनीकी श्रेष्ठता का अर्थ क्या है?

यह समय समाप्त होने से पहले अंकों के बड़े अंतर से मिलने वाली जीत है। जैसे ही कोई फ्रीस्टाइल पहलवान दस अंक अथवा ग्रीको-रोमन पहलवान आठ अंक आगे हो जाता है, रेफरी मुकाबला रोक देता है और विजेता के नाम तकनीकी श्रेष्ठता से जीत लिखी जाती है। मुकाबला किसी भी अंक पर फॉल से भी समाप्त हो सकता है, जिसका अर्थ है प्रतिद्वंद्वी के दोनों कंधे मैट पर रोक देना।

नॉकआउट और तकनीकी नॉकआउट में क्या अंतर है?

नॉकआउट में गिराया गया मुक्केबाज़ रेफरी की दस की गिनती पूरी होने से पहले उठकर लड़ने की मुद्रा नहीं बना पाता, इसलिए मुकाबला समाप्त हो जाता है। तकनीकी नॉकआउट में मुक्केबाज़ अपने पैरों पर खड़ा रहता है, परंतु रेफरी, रिंग के पास बैठा चिकित्सक अथवा उसका अपना सहयोगी दल यह मान लेता है कि आगे लड़ना सुरक्षित नहीं है और मुकाबला रोक देता है।

इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को कौन से पुरस्कार मिलते हैं?

उत्कृष्ट प्रदर्शन का सर्वोच्च सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार है, वर्षों तक निरंतर अच्छे प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया जाता है, और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षकों को मिलता है, जिसके प्रसिद्ध विजेता कुश्ती के प्रशिक्षक गुरु हनुमान रहे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नागरिक सम्मान भी मिलते हैं, और मैरी कॉम को पद्म विभूषण दिया गया है।

स्रोत

  • अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियम: फ्रीस्टाइल तथा ग्रीको-रोमन — यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग
  • राइफल, पिस्टल तथा शॉटगन स्पर्धाओं के आधिकारिक नियम और विनियम — अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी खेल महासंघ
  • मेजर ध्यानचंद खेल रत्न तथा अर्जुन पुरस्कार विजेताओं की सूची — युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार
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