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GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 6

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

156 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q101.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 19 March 2020, Shift 1आसान

किस संघ के जंतुओं के पैर संधियुक्त होते हैं?

  1. A.मोलस्का
  2. B.निमेटोडा
  3. C.आर्थ्रोपोडा
  4. D.इकाइनोडर्मेटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्थ्रोपोडा

व्याख्या

सही उत्तर है C, आर्थ्रोपोडा। नाम में ही उत्तर छिपा है - ग्रीक में आर्थ्रोस का अर्थ संधि और पोडोस का अर्थ पैर है, इसलिए आर्थ्रोपोडा वे जंतु हैं जिनके पैर संधियुक्त होते हैं। इनके शरीर पर काइटिन का कठोर बाह्य कंकाल होता है, शरीर खंडों में बँटा रहता है और परिसंचरण तंत्र खुला होता है। बढ़ने के लिए ये अपना कंकाल उतारते हैं, जिसे निर्मोचन कहते हैं। आर्थ्रोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसमें कीट, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा, झींगा, कनखजूरा आदि आते हैं; ज्ञात जंतु जातियों में लगभग अस्सी प्रतिशत इसी संघ की हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि घोंघा, ऑक्टोपस और सीपी जैसे मोलस्का का शरीर कोमल होता है, जिसमें पेशीय पाद और प्रायः कवच होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एस्केरिस जैसे निमेटोड बिना खंड वाले गोल कृमि हैं, जिनके पैर होते ही नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तारा मछली और समुद्री अर्चिन जैसे इकाइनोडर्म काँटेदार त्वचा वाले समुद्री जंतु हैं, जो नाल पाद से चलते हैं। परीक्षा टिप: आर्थ्रोपोडा सबसे बड़ा संघ, मोलस्का दूसरा सबसे बड़ा।

Q102.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 12 Jan 2020मध्यम

एक ही पौधे के एक पुष्प के परागकोश से परागकण का उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण कहलाता है

  1. A.स्वक युग्मन
  2. B.सजातपुष्पी परागण
  3. C.पर-परागण
  4. D.उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सजातपुष्पी परागण

व्याख्या

सही उत्तर है B, सजातपुष्पी परागण। जब किसी पौधे के एक पुष्प के परागकोश से परागकण उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, तो इसे सजातपुष्पी परागण (गाइटोनोगैमी) कहते हैं। होने के ढंग में यह पर-परागण जैसा है, क्योंकि पराग को कोई बाहरी वाहक, जैसे कीट या हवा, ले जाता है; पर आनुवंशिक रूप से यह स्व-परागण जैसा ही है, क्योंकि पराग उसी पौधे का होता है और कोई नया जीन नहीं लाता। यह शब्द यूनानी शब्द ‘गाइटन’ से बना है, जिसका अर्थ है पड़ोसी; याद रखने का आसान तरीका यही है कि पराग पड़ोसी फूल तक जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि स्वक युग्मन (ऑटोगैमी) एक ही पुष्प के भीतर होता है, जहाँ पराग उसी फूल के वर्तिकाग्र पर पहुँचता है, जैसा बंद रहने वाले अनुन्मील्य पुष्पों में होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर-परागण (ज़ीनोगैमी) में पराग किसी दूसरे पौधे के फूल तक जाता है, और यही अकेला प्रकार है जो आनुवंशिक रूप से अलग पराग लाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस प्रक्रिया का सही नाम सजातपुष्पी परागण ही है। परीक्षा टिप: स्वक युग्मन एक ही फूल, सजातपुष्पी परागण एक ही पौधा, पर-परागण दूसरा पौधा।

Q103.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन मनुष्य में रक्त के जमने के लिए जिम्मेदार है?

  1. A.विटामिन के
  2. B.विटामिन ई
  3. C.विटामिन ए
  4. D.विटामिन सी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विटामिन के

व्याख्या

सही उत्तर है A, विटामिन के। यकृत (लीवर) को प्रोथ्रॉम्बिन समेत ख़ून जमाने वाले कई कारक बनाने के लिए विटामिन K की ज़रूरत होती है, जो घाव पर थक्का बनाकर ख़ून बहना रोकते हैं। इसका नाम जर्मन शब्द ‘कोएगुलेशन’ से आया है। इसकी कमी होने पर छोटी सी चोट से भी देर तक ख़ून बहता है और आसानी से नील पड़ जाते हैं। नवजात शिशुओं में यह बहुत कम होता है, इसलिए अस्पताल जन्म के समय उन्हें विटामिन K का इंजेक्शन देते हैं। पालक, पत्तागोभी और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ इसके अच्छे स्रोत हैं और हमारी आँतों के जीवाणु भी कुछ मात्रा में इसे बनाते हैं। यह A, D और E की तरह वसा में घुलनशील विटामिन है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विटामिन E (टोकोफेरॉल) मुख्य रूप से कोशिकाओं की रक्षा करने वाला एंटीऑक्सीडेंट है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विटामिन A (रेटिनॉल) देखने के लिए ज़रूरी है और इसकी कमी से रतौंधी होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) की कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से ख़ून आता है, पर यह थक्का बनाने वाला विटामिन नहीं है। परीक्षा टिप: K यानी कोएगुलेशन; A – रतौंधी, C – स्कर्वी, D – रिकेट्स।

Q104.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC 66th CCE Pre, 2020आसान

रक्त का थक्का जमने में प्रभावी विटामिन कौन-सा है?

  1. A.विटामिन A
  2. B.विटामिन K
  3. C.विटामिन D
  4. D.विटामिन B
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विटामिन K

व्याख्या

सही उत्तर है B, विटामिन K। यकृत (लिवर) को प्रोथ्रोम्बिन और थक्का जमाने वाले दूसरे कारक बनाने के लिए विटामिन K चाहिए, इसलिए इसके बिना खून का थक्का बहुत देर से जमता है। K अक्षर जर्मन शब्द Koagulation से आया है, जिससे इसे याद रखना आसान है। विटामिन K1 यानी फिलोक्विनोन पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियों से मिलता है, और बड़ी आँत के बैक्टीरिया भी इसका एक रूप बनाते हैं। नवजात शिशु में विटामिन K बहुत कम होता है, इसीलिए जन्म के समय खून बहने से रोकने के लिए उसे विटामिन K का इंजेक्शन दिया जाता है। इसकी कमी से आसानी से नील पड़ना और न रुकने वाला रक्तस्राव होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि विटामिन A यानी रेटिनॉल आँखों की रोशनी के लिए ज़रूरी है और इसकी कमी से रतौंधी होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विटामिन D यानी कैल्सिफेरॉल कैल्शियम सोखने में मदद करता है और इसकी कमी से रिकेट्स होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि B विटामिन भोजन से ऊर्जा निकालने में मदद करते हैं और इनकी कमी से बेरी-बेरी और घातक रक्ताल्पता जैसे रोग होते हैं। परीक्षा टिप: K यानी थक्का (Koagulation); A आँखों के लिए, D हड्डियों के लिए।

Q105.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC 66th CCE Pre, 2020आसान

दूध किसका एक खराब (कमज़ोर) स्रोत है?

  1. A.कैल्शियम
  2. B.प्रोटीन
  3. C.विटामिन C
  4. D.कार्बोहाइड्रेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विटामिन C

व्याख्या

सही उत्तर है C, विटामिन C। दूध में विटामिन C बहुत कम होता है, और जो थोड़ा होता है वह दूध उबालने पर और नष्ट हो जाता है। वैसे दूध को लगभग संपूर्ण आहार कहा जाता है: इसमें हड्डियों और दाँतों के लिए कैल्शियम और फॉस्फोरस, अच्छा प्रोटीन (मुख्य रूप से केसीन), लैक्टोज़ नाम की शर्करा, वसा और विटामिन A, B2 व B12 होते हैं। इसकी दो जानी-मानी कमियाँ हैं, विटामिन C और लोहा। विटामिन C यानी एस्कॉर्बिक अम्ल आँवला, अमरूद, नींबू और संतरे जैसे ताज़े फलों से मिलता है, और इसकी कमी से स्कर्वी होता है, जिसका पहचान वाला लक्षण मसूड़ों से खून आना है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दूध रोज़ के आहार में कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोतों में से है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दूध अच्छा प्रोटीन देता है, इसीलिए बढ़ते बच्चों को यह दिया जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि दूध में अपना कार्बोहाइड्रेट, लैक्टोज़ यानी दुग्ध शर्करा, होता है। परीक्षा टिप: दूध में विटामिन C और लोहा कम, कैल्शियम, प्रोटीन और लैक्टोज़ भरपूर।

Q106.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 14 Oct 2020, Shift 2आसान

ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) मापने के लिए निम्नलिखित में से किस मात्रक का उपयोग किया जाता है?

  1. A.कैंडेला
  2. B.मोल
  3. C.केल्विन
  4. D.एम्पियर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैंडेला

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैंडेला। ज्योति तीव्रता किसी स्रोत से एक दिशा में प्रति इकाई घन कोण निकलने वाले दृश्य प्रकाश की मात्रा है, और इसका SI मूल मात्रक कैंडेला (cd) है, जो मोटे तौर पर एक साधारण मोमबत्ती की रोशनी के बराबर है। यह सात SI मूल मात्रकों में से एक है: लंबाई के लिए मीटर, द्रव्यमान के लिए किलोग्राम, समय के लिए सेकंड, विद्युत धारा के लिए एम्पियर, ताप के लिए केल्विन, पदार्थ की मात्रा के लिए मोल और ज्योति तीव्रता के लिए कैंडेला। इसे ल्यूमेन से न मिलाएँ, जो ज्योति फ्लक्स (कुल प्रकाश निर्गम) का मात्रक है, न ही लक्स से, जो प्रदीप्ति (सतह पर प्रति वर्ग मीटर पड़ने वाले ल्यूमेन) का मात्रक है। विकल्प B गलत है क्योंकि मोल पदार्थ की मात्रा मापता है, 6.022 × 10²³ कण। विकल्प C गलत है क्योंकि केल्विन ऊष्मागतिक ताप मापता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा मापता है। परीक्षा टिप: सात मूल मात्रक एक पंक्ति में: m, kg, s, A, K, mol, cd; कैंडेला = तीव्रता, ल्यूमेन = फ्लक्स, लक्स = प्रदीप्ति।

Q107.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 07 Mar 2020, Shift 3आसान

'टॉर' (Torr) ________ की इकाई है।

  1. A.शक्ति
  2. B.दाब
  3. C.ऊर्जा
  4. D.बल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दाब

व्याख्या

सही उत्तर है B, दाब। टॉर दाब की इकाई है, जिसका नाम इतालवी वैज्ञानिक इवेंजेलिस्टा टॉरिसेली के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1643 में पारे का बैरोमीटर बनाया था। एक टॉर पारे के एक मिलीमीटर ऊँचे स्तंभ का दाब है, यानी 1 टॉर = 1 mm Hg, और यह लगभग 133.3 पास्कल के बराबर है। समुद्र तल पर सामान्य वायुमंडलीय दाब 760 टॉर होता है, जो 760 mm Hg, 1 वायुमंडल या 101,325 पास्कल के बराबर है। पास्कल दाब की SI इकाई है, यानी एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर, लेकिन रक्तचाप और निर्वात के काम में आज भी टॉर और mm Hg चलते हैं। A, शक्ति, वाट में मापी जाती है, और हॉर्सपावर इसकी पुरानी इकाई है। C, ऊर्जा, जूल में मापी जाती है, कैलोरी और इलेक्ट्रॉन-वोल्ट इसकी अन्य इकाइयाँ हैं। D, बल, न्यूटन में मापा जाता है, या CGS प्रणाली में डाइन में। परीक्षा टिप: दाब की इकाइयाँ पास्कल, बार, वायुमंडल, टॉर और mm Hg हैं; 760 टॉर = 1 atm।

Q108.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 29 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)आसान

बेरीबेरी रोग किसकी कमी से होता है?

  1. A.विटामिन B1
  2. B.विटामिन A
  3. C.विटामिन C
  4. D.विटामिन D
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विटामिन B1

व्याख्या

सही उत्तर है A, विटामिन B1। बेरीबेरी थायमिन यानी विटामिन B1 की कमी से होता है। थायमिन शरीर को कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा बनाने में मदद करता है और नसों व हृदय को चलाए रखता है, इसलिए इसकी कमी से मांसपेशियाँ और नसें कमजोर होती हैं (शुष्क बेरीबेरी) या सूजन और हृदय की विफलता होती है (आर्द्र बेरीबेरी)। यह रोग एशिया में उन लोगों में आम था जो मुख्यतः पॉलिश किए सफेद चावल पर रहते थे, क्योंकि मिलिंग में दाने की थायमिन-युक्त बाहरी परत हट जाती है; साबुत अनाज, दालें, मेवे और अंडे इसे देते हैं। विटामिन B1 जल में घुलनशील है, इसलिए शरीर इसे कम जमा करता है और रोज़ लेना पड़ता है। B गलत है क्योंकि विटामिन A की कमी से रतौंधी और ज़ीरोफ्थैल्मिया होता है। C गलत है क्योंकि विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। D गलत है क्योंकि विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स और बड़ों में ऑस्टियोमलेशिया होता है। परीक्षा टिप: B1 बेरीबेरी, B3 पेलाग्रा, B12 घातक रक्ताल्पता, C स्कर्वी, D रिकेट्स।

Q109.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 29 Dec 2020, Shift 1 (CBT 1)आसान

निम्नलिखित में से किस रक्त समूह वाले लोगों को सार्वत्रिक ग्राही (universal recipient) माना जाता है?

  1. A.O+
  2. B.A+
  3. C.AB+
  4. D.B+
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. AB+

व्याख्या

सही उत्तर है C, AB+। AB पॉज़िटिव रक्त वाला व्यक्ति हर ABO और Rh समूह की लाल रक्त कोशिकाएँ ले सकता है, इसलिए AB+ को सार्वत्रिक ग्राही कहते हैं। कारण सीधा है: AB+ की लाल कोशिकाओं पर A प्रतिजन, B प्रतिजन और Rh (D) प्रतिजन तीनों होते हैं, इसलिए उसके प्लाज़्मा में anti-A, anti-B या anti-Rh कोई प्रतिरक्षी नहीं होती जो दान किए गए रक्त पर हमला करे। इसका उल्टा मामला O नेगेटिव का है, जिसकी कोशिकाओं पर इनमें से कोई प्रतिजन नहीं होता, इसलिए O− सार्वत्रिक दाता है। कार्ल लैंडस्टीनर ने 1900 में ABO समूह खोजे और 1930 में नोबेल पुरस्कार पाया। A गलत है क्योंकि O+ के प्लाज़्मा में anti-A और anti-B दोनों प्रतिरक्षी होती हैं, इसलिए वह केवल O रक्त ले सकता है। B गलत है क्योंकि A+ में anti-B होती है, इसलिए वह B या AB रक्त नहीं ले सकता। D गलत है क्योंकि B+ में anti-A होती है, इसलिए वह A या AB रक्त नहीं ले सकता। परीक्षा टिप: AB+ सबसे लेता है, O− सबको देता है।

Q110.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3आसान

ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?

  1. A.कंपन
  2. B.घर्षण
  3. C.चूषण
  4. D.घसीटना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, घर्षण। ब्रेक घर्षण के सिद्धांत पर काम करते हैं: एक लाइनिंग घूमते ड्रम या डिस्क पर दबाई जाती है और रगड़ से पैदा हुआ बल पहिए की गति घटा देता है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच गति का विरोध करता है। ड्रम ब्रेक में ब्रेक शू बाहर की ओर दबकर ड्रम की भीतरी सतह से रगड़ खाते हैं, जबकि डिस्क ब्रेक में पैड घूमती डिस्क को दोनों ओर से पकड़ते हैं; दोनों में वाहन की गतिज ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है, इसीलिए लंबी ढलान पर ब्रेक गर्म हो जाते हैं। इसके बाद टायर और सड़क के बीच का घर्षण वाहन को रोकता है, इसलिए चिकनी या गीली सड़क पर रुकने की दूरी बढ़ जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपन केवल पिंड को हिलाता है, नियंत्रित रूप से ऊर्जा नहीं घटाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि चूषण दाब का अंतर है; वैक्यूम बूस्टर केवल पैडल दबाने में मदद करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि घसीटना कोई भौतिक सिद्धांत नहीं है। परीक्षा टिप: ब्रेक घर्षण से गतिज ऊर्जा को ऊष्मा में बदलते हैं।

Q111.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा त्रिसंयोजी (ट्राइवैलेंट) अपमिश्रक तत्व है?

  1. A.आर्सेनिक
  2. B.एंटीमनी
  3. C.बोरॉन
  4. D.फॉस्फोरस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बोरॉन

व्याख्या

सही उत्तर है C, बोरॉन। बोरॉन के बाहरी कोश में तीन इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह त्रिसंयोजी तत्व है और p-टाइप अपमिश्रक के रूप में प्रयोग होता है। जब बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम या इंडियम जैसा त्रिसंयोजी परमाणु सिलिकॉन या जर्मेनियम में मिलाया जाता है, तो वह अपने चार पड़ोसी परमाणुओं के साथ केवल तीन सहसंयोजी बंध बना पाता है और एक बंध अधूरा रह जाता है। यह खाली स्थान कोटर (होल) कहलाता है, जो धन आवेश वाहक की तरह व्यवहार करता है, और अपमिश्रित क्रिस्टल p-टाइप अर्धचालक बन जाता है, जिसमें कोटर बहुसंख्यक वाहक होते हैं। इसके बजाय पंचसंयोजी परमाणु मिलाने पर एक मुक्त इलेक्ट्रॉन बचता है और n-टाइप अर्धचालक बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि आर्सेनिक में पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि एंटीमनी भी पंचसंयोजी है और n-टाइप अपमिश्रण में काम आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि फॉस्फोरस पंचसंयोजी है और क्रिस्टल को एक इलेक्ट्रॉन देता है। परीक्षा टिप: त्रिसंयोजी अपमिश्रक p-टाइप, पंचसंयोजी अपमिश्रक n-टाइप बनाते हैं।

Q112.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

पूर्ण तरंग दिष्टकारी परिपथ (सेंटर-टैप) के लिए कितने P-N संधि डायोड की आवश्यकता होती है?

  1. A.2
  2. B.1
  3. C.4
  4. D.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2। सेंटर-टैप पूर्ण तरंग दिष्टकारी में दो p-n संधि डायोड लगते हैं, निवेश चक्र के हर आधे भाग के लिए एक। ट्रांसफार्मर की द्वितीयक कुंडली बीच से टैप की जाती है, जिससे उसके दोनों आधे भाग बराबर पर विपरीत चिह्न की वोल्टता देते हैं। एक आधे चक्र में ऊपर वाला डायोड चालन करता है और अगले आधे चक्र में नीचे वाला, और दोनों लोड में धारा एक ही दिशा में भेजते हैं, इसलिए निर्गत में हर चक्र में दो स्पंद मिलते हैं। यही कारण है कि पूर्ण तरंग दिष्टकारी का औसत निर्गत अधिक और तरंगिका (रिपल) कम होती है। पूर्ण तरंग दिष्टकारी बनाने का दूसरा तरीका ब्रिज परिपथ है, जिसमें चार डायोड लगते हैं पर सेंटर टैप की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक डायोड से अर्ध तरंग दिष्टकारी बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चार डायोड ब्रिज दिष्टकारी में लगते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि छह डायोड तीन-फेज दिष्टकारी में प्रयोग होते हैं। परीक्षा टिप: अर्ध तरंग 1, सेंटर-टैप पूर्ण तरंग 2, ब्रिज 4 डायोड।

Q113.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

यदि कोई सिलिकॉन डायोड 12 V आपूर्ति और 240 Ω प्रतिरोधक वाले परिपथ में अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में कार्य कर रहा है, तो डायोड के सिरों पर वोल्टता पात कितना होगा?

  1. A.1.5 V
  2. B.6 V
  3. C.12 V
  4. D.0.7 V
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 0.7 V

व्याख्या

सही उत्तर है D, 0.7 V। अग्र अभिनति में सिलिकॉन डायोड के सिरों पर लगभग 0.7 वोल्ट का पात होता है, चाहे आपूर्ति वोल्टता कितनी भी हो। यह मान सिलिकॉन p-n संधि की अवरोध या नी वोल्टता कहलाता है। लगाई गई वोल्टता जब तक लगभग 0.7 वोल्ट पार नहीं करती, तब तक धारा नहीं बहती, और उसके बाद डायोड पर पात लगभग 0.7 वोल्ट ही बना रहता है, जबकि शेष वोल्टता प्रतिरोधक पर आ जाती है। यहाँ 12 वोल्ट में से 0.7 वोल्ट घटाने पर बचे 11.3 वोल्ट 240 ओम के प्रतिरोधक पर पड़ते हैं और परिपथ की धारा तय करते हैं। जर्मेनियम डायोड की नी वोल्टता लगभग 0.3 वोल्ट होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.5 वोल्ट शुष्क सेल की वोल्टता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आधी आपूर्ति डायोड पर तभी आती जब वह उतने ही मान के प्रतिरोधक जैसा व्यवहार करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरी 12 वोल्ट तब दिखती है जब डायोड उत्क्रम अभिनति में हो या परिपथ खुला हो। परीक्षा टिप: सिलिकॉन 0.7 वोल्ट, जर्मेनियम 0.3 वोल्ट।

Q114.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-2, 22 Jan 2019, Shift 3आसान

विभवांतर का SI मात्रक ______ है।

  1. A.एम्पियर
  2. B.टेस्ला
  3. C.कूलॉम
  4. D.वोल्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वोल्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, वोल्ट। दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश को ले जाने में किया गया कार्य विभवांतर कहलाता है और इसका SI मात्रक वोल्ट है। V = W/Q, इसलिए 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम। इसे वोल्टमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ के उस भाग के सिरों पर हमेशा समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यह मात्रक इटली के वैज्ञानिक एलेसांद्रो वोल्टा के नाम पर है, जिन्होंने पहली विद्युत बैटरी, वोल्टीय पुंज, बनाई थी। भारत में घरों की बिजली 230 V की होती है, जबकि एक पेंसिल सेल 1.5 V देता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक है, जिसे श्रेणी क्रम में जुड़े एमीटर से मापते हैं। B गलत है क्योंकि टेस्ला चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (चुंबकीय फ्लक्स घनत्व) का मात्रक है। C गलत है क्योंकि कूलॉम विद्युत आवेश का मात्रक है; एक कूलॉम लगभग 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश है। परीक्षा टिप: धारा = एम्पियर, आवेश = कूलॉम, विभवांतर = वोल्ट, प्रतिरोध = ओम, शक्ति = वाट, ऊर्जा = जूल।

Q115.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3मध्यम

N कोश में अधिकतम ________ इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

  1. A.2
  2. B.8
  3. C.16
  4. D.32
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 32

व्याख्या

सही उत्तर है D, 32। N कोश चौथा कोश (n = 4) है और किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2n² सूत्र से निकलती है, यानी 2 × 4² = 32। नाभिक के चारों ओर के कोशों के नाम n = 1, 2, 3 और 4 के लिए K, L, M और N हैं, और इसी सूत्र से इनमें क्रमशः 2, 8, 18 और 32 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। यह कक्षा 9 में पढ़ाया जाने वाला बोर–बरी नियम है। इसके साथ एक और नियम पूछा जाता है: किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश में 8 से अधिक इलेक्ट्रॉन नहीं रह सकते, इसीलिए पोटैशियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 1 लिखा जाता है, 2, 8, 9 नहीं। A गलत है क्योंकि 2 इलेक्ट्रॉन K कोश की क्षमता है। B गलत है क्योंकि 8 इलेक्ट्रॉन L कोश की क्षमता है। C गलत है क्योंकि 16 किसी भी कोश की क्षमता नहीं है; M कोश में 18 इलेक्ट्रॉन आते हैं। परीक्षा टिप: 2n² याद रखें, यानी K = 2, L = 8, M = 18 और N = 32।

Q116.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q117.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 26 May 2019, Shift 2आसान

गोलीय दर्पणों द्वारा प्रकाश के परावर्तन से जुड़े प्रश्न हल करते समय कौन-सी चिह्न परिपाटी अपनाई जाती है?

  1. A.सिस्टम परिपाटी
  2. B.चिह्न परिपाटी
  3. C.दर्पण परिपाटी
  4. D.नई कार्तीय चिह्न परिपाटी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नई कार्तीय चिह्न परिपाटी

व्याख्या

सही उत्तर है D, नई कार्तीय चिह्न परिपाटी (New Cartesian sign convention)। गोलीय दर्पणों से परावर्तन और दर्पण सूत्र के सवाल इसी मानक नियम से हल किए जाते हैं। इस परिपाटी में दर्पण का ध्रुव (pole) मूल बिंदु होता है और मुख्य अक्ष को x-अक्ष माना जाता है। वस्तु हमेशा दर्पण के बाईं ओर रखी जाती है और सभी दूरियाँ ध्रुव से मापी जाती हैं; आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरी धनात्मक और उसकी उलटी दिशा में ऋणात्मक होती है। मुख्य अक्ष के ऊपर की ऊँचाई धनात्मक और नीचे की ऋणात्मक होती है, इसलिए अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक और उत्तल दर्पण की धनात्मक होती है। A गलत है क्योंकि 'सिस्टम परिपाटी' प्रकाशिकी का कोई नियम नहीं है। B गलत है क्योंकि 'चिह्न परिपाटी' केवल सामान्य नाम है; प्रयोग होने वाला खास नियम नई कार्तीय परिपाटी ही है। C गलत है क्योंकि 'दर्पण परिपाटी' कोई मान्य शब्द नहीं है। परीक्षा टिप: दूरी हमेशा ध्रुव से मापें; अवतल दर्पण की f ऋणात्मक, उत्तल की धनात्मक; दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f।

Q118.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

जब किसी प्रिज्म पर श्वेत प्रकाश के एक किरण पुंज को आपतित होने दिया जाता है, तब निर्गत होने वाले किस प्रकाश के लिए अधिकतम विचलन होता है?

  1. A.लाल प्रकाश
  2. B.बैंगनी प्रकाश
  3. C.पीला प्रकाश
  4. D.नीला प्रकाश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बैंगनी प्रकाश

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंगनी प्रकाश। दृश्य प्रकाश में बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे छोटी होती है, इसलिए काँच उसे सबसे ज़्यादा धीमा करता है और सबसे ज़्यादा मोड़ता है। श्वेत प्रकाश सात रंगों का मिश्रण है, जिन्हें VIBGYOR (बैनीआहपीनाला) से याद रखते हैं। काँच का अपवर्तनांक हर रंग के लिए थोड़ा अलग होता है, बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम। इसलिए प्रिज्म से गुज़रते समय हर रंग अलग कोण पर मुड़ता है और प्रकाश एक रंगीन पट्टी में फैल जाता है, जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। इस बिखराव को विक्षेपण कहते हैं, जिसे आइज़क न्यूटन ने 1666 के अपने प्रयोगों में काँच के प्रिज्म से दिखाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल की तरंगदैर्ध्य सबसे लंबी है और वह सबसे कम मुड़ता है, इसलिए वह स्पेक्ट्रम में बैंगनी के दूसरे छोर पर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पीला स्पेक्ट्रम के बीच में है और बैंगनी से कम मुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीला पीले से अधिक पर बैंगनी से थोड़ा कम मुड़ता है। परीक्षा टिप: लाल का विचलन सबसे कम, बैंगनी का सबसे अधिक; तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, मोड़ उतना बड़ा।

Q119.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

एल्युमिनियम, लोह, ताम्र और जस्ता किससे निष्कर्षित किए जाते हैं?

  1. A.क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  2. B.क्रमशः मैग्नेटाइट, बाक्साइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  3. C.क्रमशः कैलेमाइन, मैलाकाइट, मैग्नेटाइट और बाक्साइट से
  4. D.क्रमशः मैलाकाइट, मैग्नेटाइट, बाक्साइट और कैलेमाइन से
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से। यहाँ हर धातु अपने सबसे जाने-माने अयस्क के साथ है। बाक्साइट जलयुक्त एल्युमिनियम ऑक्साइड है; इससे एल्युमिना शुद्ध करके हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया में विद्युत अपघटन से एल्युमिनियम निकाला जाता है। मैग्नेटाइट (Fe3O4) लोहे का चुंबकीय अयस्क है, जबकि हेमेटाइट (Fe2O3) भारत का मुख्य लौह अयस्क है। मैलाकाइट हरे रंग का क्षारीय कॉपर कार्बोनेट है, हालाँकि ताँबे का मुख्य व्यावसायिक अयस्क कॉपर पाइराइट है। कैलेमाइन ज़िंक कार्बोनेट (ZnCO3) है और ज़िंक ब्लेंड (ZnS) जस्ते का दूसरा मुख्य अयस्क है; राजस्थान की ज़ावर खदानें इसके लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें एल्युमिनियम को मैग्नेटाइट से और लोहे को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सूची उलटी है और एल्युमिनियम को कैलेमाइन से, जस्ते को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैलाकाइट ताँबे का अयस्क है, एल्युमिनियम का नहीं, और बाक्साइट ताँबे का अयस्क नहीं है। परीक्षा टिप: क्रम से "बा-मै-मै-कै": बाक्साइट-Al, मैग्नेटाइट-Fe, मैलाकाइट-Cu, कैलेमाइन-Zn।

Q120.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

तत्व यूरेनियम-235 के नाभिक में न्यूट्रानों की संख्या कितनी होती है?

  1. A.235
  2. B.92
  3. C.143
  4. D.51
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 143

व्याख्या

सही उत्तर है C, 143। 235 द्रव्यमान संख्या है और यूरेनियम की परमाणु संख्या 92 है, इसलिए नाभिक में 235 में से 92 घटाकर 143 न्यूट्रॉन होते हैं। द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों को गिनती है, जबकि परमाणु संख्या (Z) केवल प्रोटॉन को, इसलिए न्यूट्रॉन = A − Z। यूरेनियम के हर परमाणु में 92 प्रोटॉन होते हैं; उसके समस्थानिक केवल न्यूट्रॉन की संख्या में अलग होते हैं। प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 केवल लगभग 0.7% होता है, बाकी ज़्यादातर U-238 है जिसमें 146 न्यूट्रॉन होते हैं। फिर भी धीमे न्यूट्रॉन के टकराने पर आसानी से टूटने वाला समस्थानिक U-235 ही है, इसलिए रिएक्टर के ईंधन में इसे "संवर्धित" किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 235 प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का कुल योग है, केवल न्यूट्रॉन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 92 प्रोटॉन की संख्या यानी परमाणु संख्या है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 51 का इस नाभिक से कोई संबंध नहीं, यह केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या − परमाणु संख्या; U-235 में 143 और U-238 में 146।