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GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 5

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

156 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q81.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022मध्यम

यदि किसी लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन +2 है, तो प्रतिबिंब होगा

  1. A.सीधा, आभासी और वस्तु से छोटा
  2. B.उल्टा, वास्तविक और वस्तु से छोटा
  3. C.सीधा, आभासी और वस्तु से बड़ा
  4. D.उल्टा, वास्तविक और वस्तु से बड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सीधा, आभासी और वस्तु से बड़ा

व्याख्या

सही उत्तर है C, सीधा, आभासी और वस्तु से बड़ा। लेंस में आवर्धन m प्रतिबिंब की ऊंचाई और वस्तु की ऊंचाई का अनुपात है, और यह v/u के बराबर भी होता है। धन चिह्न बताता है कि प्रतिबिंब सीधा और आभासी है, और 2 का मान बताता है कि वह वस्तु से दोगुना बड़ा है। ऐसा प्रतिबिंब केवल उत्तल लेंस बना सकता है, जब वस्तु प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकस के बीच रखी हो; आवर्धक लेंस और सरल सूक्ष्मदर्शी इसी तरह काम करते हैं। अवतल लेंस भी सीधा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है, पर वह हमेशा छोटा होता है, इसलिए उसका आवर्धन 0 और +1 के बीच रहता है। A गलत है, सीधे, आभासी और छोटे प्रतिबिंब के लिए m 0 और 1 के बीच होना चाहिए, जैसे अवतल लेंस में। B गलत है, वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब का आवर्धन हमेशा ऋणात्मक होता है। D गलत है, वास्तविक, उल्टे और बड़े प्रतिबिंब के लिए m का मान -1 से कम होगा, जैसे -2। परीक्षा टिप: चिह्न से प्रकार, धन यानी आभासी और सीधा, ऋण यानी वास्तविक और उल्टा; 1 से अधिक मान यानी बड़ा प्रतिबिंब।

Q82.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

तारों का टिमटिमाना वायुमंडल में तारों के प्रकाश के किस कारण से होता है?

  1. A.विवर्तन (diffraction)
  2. B.परावर्तन (reflection)
  3. C.अपवर्तन (refraction)
  4. D.प्रकीर्णन (scattering)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अपवर्तन (refraction)

व्याख्या

सही उत्तर है C, अपवर्तन (refraction)। तारे का प्रकाश आँख तक पहुँचने से पहले वायु की कई परतों से गुज़रता है, और इन परतों का तापमान व घनत्व लगातार बदलता रहता है, इसलिए उनका अपवर्तनांक भी बदलता रहता है। प्रकाश हर क्षण थोड़ा अलग मुड़ता है, तारे की आभासी स्थिति थोड़ी खिसकती रहती है और आँख में आने वाले प्रकाश की मात्रा घटती-बढ़ती है। यही झिलमिलाहट (twinkling) है। तारा इतना दूर है कि बिंदु-स्रोत जैसा दिखता है, इसलिए छोटे बदलाव भी आसानी से दिखते हैं। ग्रह पास हैं और छोटी तश्तरी जैसे दिखते हैं; उनके कई बिंदुओं का प्रकाश औसत हो जाता है, इसलिए ग्रह नहीं टिमटिमाते। A, विवर्तन, किनारों के पास प्रकाश का मुड़ना है, यह कारण नहीं है। B, परावर्तन, सतह से प्रकाश को लौटाता है, इससे तारा नहीं झिलमिलाता। D, प्रकीर्णन से आकाश नीला दिखता है, पर झिलमिलाहट नहीं होती। परीक्षा टिप: तारों का टिमटिमाना और जल्दी सूर्योदय वायुमंडलीय अपवर्तन से; नीला आकाश और लाल सूर्यास्त प्रकीर्णन से।

Q83.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 21 Jul 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विटामिन A की कमी से होता है?

  1. A.रतौंधी
  2. B.स्कर्वी
  3. C.मरास्मस
  4. D.क्वाशियोरकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रतौंधी

व्याख्या

सही उत्तर है A, रतौंधी। विटामिन A, जिसे रासायनिक रूप से रेटिनॉल कहते हैं, रेटिना की शलाका कोशिकाओं में रोडोप्सिन नामक प्रकाश-संवेदी वर्णक बनाने के लिए जरूरी है, जिससे हम कम रोशनी में देख पाते हैं। इसकी कमी में आंख अंधेरे के अनुसार ढल नहीं पाती और व्यक्ति रात में या कम रोशनी में ठीक से नहीं देख पाता; इसी को रतौंधी (नाइट ब्लाइंडनेस) कहते हैं। कमी बनी रहे तो आंख सूखने लगती है और कॉर्निया को नुकसान होता है, इसे जीरोफ्थैल्मिया कहते हैं, जिससे पूरा अंधापन हो सकता है। विटामिन A वसा में घुलनशील है और गाजर, पपीता, आम, हरी पत्तेदार सब्जियों, दूध, अंडे और मछली के तेल से मिलता है। B गलत है क्योंकि स्कर्वी, जिसमें मसूड़ों से खून आता है, विटामिन C की कमी से होती है। C गलत है क्योंकि मरास्मस छोटे बच्चों में कैलोरी और प्रोटीन दोनों की भारी कमी से होता है। D गलत है क्योंकि क्वाशियोरकर प्रोटीन की कमी का रोग है जिसमें पेट फूल जाता है। परीक्षा टिप: विटामिन A रतौंधी, C स्कर्वी, D रिकेट्स, K रक्तस्राव; मरास्मस और क्वाशियोरकर प्रोटीन-ऊर्जा की समस्याएं हैं, विटामिन रोग नहीं।

Q84.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 08 Dec 2022, Shift 2मध्यम

सीसे (लेड) की परमाणु संख्या __________ है।

  1. A.81
  2. B.78
  3. C.82
  4. D.79
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 82

व्याख्या

सही उत्तर है C, 82। सीसे के नाभिक में 82 प्रोटॉन होते हैं, इसलिए इसकी परमाणु संख्या 82 है। इसका प्रतीक Pb है, जो लैटिन शब्द plumbum से आया है, और इसी से अंग्रेज़ी का "plumber" शब्द बना क्योंकि रोमन पानी के पाइप सीसे के होते थे। यह आवर्त सारणी के समूह 14 और आवर्त 6 में, कार्बन, सिलिकॉन, जर्मेनियम और टिन के नीचे है, और यह सबसे भारी तत्व है जिसके स्थायी समस्थानिक हैं; यूरेनियम और थोरियम की क्षय श्रृंखलाएँ सीसे पर खत्म होती हैं। सीसा नरम, घना और ज़हरीला है, इसीलिए इसे पेट्रोल और पेंट से हटाया गया है, और इसका उपयोग गाड़ियों की बैटरी और विकिरण से बचाव की ढाल में होता है। चारों विकल्प सारणी में पास-पास के तत्व हैं, इसलिए परीक्षा सटीक संख्या जाँच रही है। A, 81, थैलियम (Tl) है। B, 78, प्लैटिनम (Pt) है। D, 79, सोना (Au) है। परीक्षा टिप: भारी धातुओं का क्रम है 78 प्लैटिनम, 79 सोना, 80 पारा, 81 थैलियम, 82 सीसा।

Q85.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)मध्यम

जल का घनत्व लगभग ______ केल्विन पर सबसे अधिक होता है।

  1. A.0
  2. B.227
  3. C.277
  4. D.273
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 277

व्याख्या

सही उत्तर है C, 277। जल का घनत्व लगभग 4 डिग्री सेल्सियस पर सबसे अधिक होता है, और 4 में 273 जोड़ने पर लगभग 277 केल्विन आता है। अधिकांश द्रव ठंडे होने पर सिकुड़ते जाते हैं, पर जल का व्यवहार अलग है: 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे यह फिर फैलने लगता है क्योंकि इसके अणु बर्फ की खुली, षट्कोणीय संरचना बनाने लगते हैं। इसी असामान्य प्रसार के कारण बर्फ पानी से हल्की होती है और तैरती है, और झील ऊपर से जमती है जबकि 4 डिग्री वाला पानी नीचे बैठ जाता है, जिससे मछलियाँ सर्दी में जीवित रहती हैं। इस बिंदु पर इसका घनत्व लगभग 1 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। D गलत है क्योंकि 273 केल्विन यानी 0 डिग्री सेल्सियस हिमांक है, जहाँ जल 4 डिग्री की तुलना में कम घना होता है। A गलत है क्योंकि 0 केल्विन परम शून्य है, जहाँ द्रव जल हो ही नहीं सकता। B गलत है क्योंकि 227 केल्विन लगभग शून्य से 46 डिग्री सेल्सियस नीचे है, हिमांक से बहुत नीचे। परीक्षा टिप: जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस = 277 K; हिमांक 273 K, क्वथनांक 373 K।

Q86.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 6)मध्यम

आधुनिक आवर्त सारणी के अनुसार निम्नलिखित में से किस तत्व का परमाणु क्रमांक 30 है?

  1. A.Ni
  2. B.Fe
  3. C.Zn
  4. D.Co
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Zn

व्याख्या

सही उत्तर है C, Zn। जिंक (जस्ता) का परमाणु क्रमांक 30 है, यानी जिंक के हर परमाणु के नाभिक में 30 प्रोटॉन होते हैं। यह आधुनिक आवर्त सारणी के आवर्त 4 की पहली संक्रमण श्रेणी का अंतिम तत्व है, इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d10 4s2 है और यह समूह 12 में रखा गया है। जिंक नीली-सफेद धातु है जो लोहे को जंग से बचाने के लिए गैल्वनीकरण में, ताँबे के साथ पीतल बनाने में और शुष्क सेलों में काम आती है। चारों विकल्प एक ही आवर्त के पड़ोसी हैं, इसीलिए परीक्षक यह प्रश्न पसंद करते हैं: लोहा 26, कोबाल्ट 27, निकल 28, ताँबा 29 और जिंक 30। A गलत है क्योंकि Ni यानी निकल का परमाणु क्रमांक 28 है। B गलत है क्योंकि Fe यानी लोहे का परमाणु क्रमांक 26 है। D गलत है क्योंकि Co यानी कोबाल्ट का परमाणु क्रमांक 27 है। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें Fe 26, Co 27, Ni 28, Cu 29, Zn 30।

Q87.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Dec 2021आसान

सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलने पर बनाती है-

  1. A.सल्फर ट्राइऑक्साइड
  2. B.सल्फ्यूरस अम्ल
  3. C.सल्फ्यूरिक अम्ल
  4. D.सल्फर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सल्फ्यूरस अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है B, सल्फ्यूरस अम्ल। सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाती है, जो H2SO3 सूत्र वाला दुर्बल अम्ल है; अभिक्रिया है SO2 + H2O से H2SO3। सल्फर डाइऑक्साइड एक अधातु का ऑक्साइड है और ऐसे ऑक्साइड प्रकृति में अम्लीय होते हैं, इसी कारण इसका विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है। कोयला और डीज़ल जलने पर निकलने वाली यही गैस वायु में वर्षा-जल में घुलती है और फिर धीरे-धीरे आगे ऑक्सीकृत हो जाती है, इसलिए सल्फर डाइऑक्साइड अम्लीय वर्षा के मुख्य कारणों में एक है। A गलत है क्योंकि सल्फर ट्राइऑक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में सल्फर डाइऑक्साइड के ऑक्सीजन से ऑक्सीकरण पर बनती है, जल में घुलने से नहीं। C गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल तब बनता है जब सल्फर ट्राइऑक्साइड, न कि डाइऑक्साइड, जल से मिलती है। D गलत है क्योंकि सल्फर स्वयं तत्व है और उसके ऑक्साइड को जल में घोलकर उसे वापस नहीं पाया जा सकता। परीक्षा टिप: SO2 + जल = H2SO3; SO3 + जल = H2SO4।

Q88.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021आसान

निम्न में से कौन से विटामिन्स वसा में घुलनशील हैं?

  1. A.B12 एवं D
  2. B.C एवं E
  3. C.A एवं C
  4. D.A एवं D
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A एवं D

व्याख्या

सही उत्तर है D, A एवं D। विटामिन A, D, E और K वसा में घुलते हैं, जबकि B समूह और विटामिन C पानी में घुलते हैं। वसा में घुलनशील विटामिन भोजन की वसा के साथ अवशोषित होते हैं और यकृत तथा वसा ऊतकों में जमा रहते हैं, इसलिए शरीर इनका भंडार बना लेता है; इसी कारण इनकी अधिक मात्रा, खासकर गोलियों के रूप में A और D, नुकसान भी कर सकती है। अधिकांश जल में घुलनशील विटामिन बड़ी मात्रा में जमा नहीं होते, अतिरिक्त मात्रा मूत्र से बाहर निकल जाती है, इसलिए इन्हें रोज़ के भोजन से लेना पड़ता है। विटामिन A आँखों को स्वस्थ रखता है और इसकी कमी से रतौंधी होती है, जबकि विटामिन D धूप में त्वचा में बनता है और इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि D भले ही वसा में घुलनशील है, पर B12 जल में घुलनशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विटामिन C जल में घुलनशील है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें वसा में घुलनशील A के साथ जल में घुलनशील C जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: वसा में घुलनशील विटामिन 'ADEK' याद रखें; B समूह और C जल में घुलते हैं।

Q89.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 25 Jul 2021आसान

भोजन में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) का उपयोग किया जाता है

  1. A.रंग बढ़ाने में
  2. B.स्वाद बढ़ाने में
  3. C.सुरक्षित रखने में
  4. D.पायसीकरण में
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्वाद बढ़ाने में

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्वाद बढ़ाने में। मोनोसोडियम ग्लूटामेट एक अमीनो अम्ल, ग्लूटामिक अम्ल, का सोडियम लवण है, जिसे सूप, सॉस, नूडल्स और नमकीन में उनका चटपटा स्वाद बढ़ाने के लिए डाला जाता है। इस स्वाद को उमामी कहते हैं, जो मीठा, खट्टा, नमकीन और कड़वा के बाद पाँचवाँ मूल स्वाद है; इसे 1908 में जापानी रसायनज्ञ किकुने इकेदा ने पहचाना, जिन्होंने समुद्री शैवाल के शोरबे से पहली बार MSG बनाया। भारत में MSG ज़्यादातर ‘अजीनोमोटो’ नाम से बिकता है, जो इसे बनाने वाली जापानी कंपनी का नाम है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कैरामेल या अनुमत डाई जैसे खाद्य रंग भोजन का रूप बदलते हैं, स्वाद नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोडियम बेंज़ोएट, या नमक और सिरका जैसे परिरक्षक भोजन को ख़राब होने से बचाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लेसिथिन जैसे पायसीकारक मेयोनीज़ और आइसक्रीम जैसी चीज़ों में तेल और पानी को मिलाए रखने में मदद करते हैं। परीक्षा टिप: MSG से उमामी स्वाद, सोडियम बेंज़ोएट से परिरक्षण, लेसिथिन से पायसीकरण।

Q90.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।

Q91.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

आलू-चिप्स के पैकेटों को निम्नलिखित में से किस गैस से सामान्यतया प्रक्षालित किया जाता है ताकि विकृत-गंध पनप न सके?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.नाइट्रोजन
  4. D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है C, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन क्रिया न करने वाली गैस है, इसलिए यह पैकेट से ऑक्सीजन बाहर कर देती है और चिप्स का तेल ऑक्सीकृत नहीं हो पाता। विकृतगंधिता (रैंसिडिटी) भोजन में मौजूद वसा और तेल का ऑक्सीकरण है, जिससे उनकी गंध और स्वाद बिगड़ जाते हैं। चिप्स तेल में तले जाते हैं, इसलिए हवा के संपर्क में आते ही जल्दी खराब होते हैं। पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन बाहर रहती है और यह गद्दी का काम भी करती है, जिससे ढुलाई में चिप्स टूटते नहीं। विकृतगंधिता रोकने के दूसरे तरीके हैं प्रतिऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट) मिलाना, भोजन को वायुरोधी डिब्बों में रखना और फ्रिज में रखना। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड कोल्ड ड्रिंक और कुछ दूसरे खाद्यों में इस्तेमाल होती है, पर चिप्स के लिए मानक गैस नाइट्रोजन है, जो सस्ती और बहुत कम क्रियाशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील है और खाद्य पैकेट में असुरक्षित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑक्सीजन ही वह गैस है जो विकृतगंधिता पैदा करती है। परीक्षा टिप: विकृतगंधिता वसा का ऑक्सीकरण है; नाइट्रोजन भरना और प्रतिऑक्सीकारक इसे रोकते हैं।

Q92.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021कठिन

प्रेशर कुकर में जिस तापमान पर भोजन पकता है, वह मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?

1. ढक्कन के छेद का क्षेत्रफल

2. लौ का तापमान

3. ढक्कन का भार

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। पकाने का तापमान कुकर के अंदर के दाब से तय होता है, और यह दाब वेंट पर रखे भार और उसके नीचे के छेद के क्षेत्रफल से तय होता है। दाब बढ़ने पर पानी का क्वथनांक बढ़ता है। खुले बर्तन में पानी 100°C पर उबलता है, लेकिन जब भाप बंद रहती है, तो दाब तब तक बढ़ता है जब तक वह भार, यानी सीटी, को वेंट से उठा न दे। दाब बल को क्षेत्रफल से भाग देने पर मिलता है, इसलिए भारी वजन या छोटा छेद हो तो भाप निकलने से पहले दाब अधिक होता है, और पानी लगभग 120°C पर उबलता है, इसी से खाना जल्दी पकता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि तेज लौ केवल पानी को जल्दी उबालती और सीटी जल्दी बजाती है; भाप निकलने के बाद तापमान उस दाब के क्वथनांक पर ही रहता है, और अतिरिक्त ऊष्मा बस अधिक भाप बनाती है। कथन 1 और 3 ऊपर बताए कारण से सही हैं। इसलिए कथन 2 वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: अधिक दाब तो अधिक क्वथनांक; लौ गति बदलती है, तापमान नहीं।

Q93.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

जल किसी भी अन्य द्रव की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है, क्योंकि

  1. A.यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है
  2. B.यह ऊष्मा का सुचालक है
  3. C.इसकी विशिष्ट ऊष्मा का मान उच्च है
  4. D.यह हाइड्रोजन का ऑक्साइड है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है

व्याख्या

सही उत्तर है A, यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है। पानी को सार्वत्रिक विलायक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसका अणु ध्रुवीय है: ऑक्सीजन वाले सिरे पर आंशिक ऋण आवेश और दोनों हाइड्रोजन सिरों पर आंशिक धन आवेश होता है। अणु लगभग 104.5° के कोण पर मुड़ा होता है, इसलिए ये आवेश एक-दूसरे को खत्म नहीं करते। जब सोडियम क्लोराइड जैसा लवण पानी में डाला जाता है, तो ऑक्सीजन के ऋण सिरे सोडियम आयनों को और हाइड्रोजन के धन सिरे क्लोराइड आयनों को घेर लेते हैं और क्रिस्टल को तोड़ देते हैं; इसे जलयोजन कहते हैं। पानी चीनी और अल्कोहल जैसे ध्रुवीय पदार्थों से हाइड्रोजन बंध भी बनाता है, इसलिए वे आसानी से घुलते हैं, जबकि अध्रुवीय तेल नहीं घुलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि पानी असल में ऊष्मा का कुचालक है, और ऊष्मा चालन का घुलने से कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊँची विशिष्ट ऊष्मा बताती है कि पानी धीरे गर्म क्यों होता है, यह नहीं कि वह घोलता क्यों है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल हाइड्रोजन का ऑक्साइड होना किसी द्रव को अच्छा विलायक नहीं बनाता। परीक्षा टिप: ध्रुवीय पानी ध्रुवीय और आयनिक पदार्थ घोलता है, यानी समान समान को घोलता है।

Q94.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Nov 2021, Shift 1आसान

पीनियल ग्रंथि द्वारा ________ का स्राव किया जाता है।

  1. A.मेलाटोनिन
  2. B.प्रोजेस्टेरोन
  3. C.एपिनेफ्रीन
  4. D.इंसुलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेलाटोनिन

व्याख्या

सही उत्तर है A, मेलाटोनिन। मस्तिष्क के अंदर गहराई में स्थित चीड़ के शंकु जैसी छोटी पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन हार्मोन स्रावित करती है। मेलाटोनिन शरीर की दिन-रात की लय, यानी सर्केडियन रिदम, को नियंत्रित करता है और नींद को नियमित रखने में मदद करता है। यह ग्रंथि अंधेरे में ज्यादा और तेज रोशनी में कम मेलाटोनिन छोड़ती है, इसी कारण देर रात तक मोबाइल स्क्रीन देखने से नींद बिगड़ सकती है। मेलाटोनिन यौवनारंभ के समय और कुछ जानवरों में मौसमी बदलावों में भी भूमिका निभाता है। फ्रांसीसी दार्शनिक देकार्त ने पीनियल ग्रंथि को 'आत्मा का आसन' कहा था। B गलत है क्योंकि प्रोजेस्टेरोन मुख्य रूप से अंडाशय (कॉर्पस ल्यूटियम) बनाता है और यह गर्भावस्था की तैयारी और उसे बनाए रखने में मदद करता है। C गलत है क्योंकि एपिनेफ्रीन, यानी एड्रेनालिन, अधिवृक्क मज्जा से निकलता है और शरीर को 'लड़ो या भागो' के लिए तैयार करता है। D गलत है क्योंकि इंसुलिन अग्न्याशय में लैंगरहैंस के द्वीपों की बीटा कोशिकाएं बनाती हैं और यह रक्त शर्करा घटाता है। परीक्षा टिप: पीनियल ग्रंथि, मेलाटोनिन, नींद; अग्न्याशय, इंसुलिन; अधिवृक्क मज्जा, एड्रेनालिन।

Q95.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021मध्यम

अतिरिक्त वायु की उपस्थिति में प्रबल तापन द्वारा सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइडों में रूपांतरित करने की प्रक्रिया का नाम क्या है?

  1. A.निस्तापन
  2. B.भर्जन (रोस्टिंग)
  3. C.प्रगलन
  4. D.भस्मीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भर्जन (रोस्टिंग)

व्याख्या

सही उत्तर है B, भर्जन (रोस्टिंग)। भर्जन में सल्फाइड अयस्क को भरपूर हवा में तेज गर्म किया जाता है, जिससे सल्फाइड ऑक्साइड में बदल जाता है और सल्फर, सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनकर निकल जाता है। मानक उदाहरण जिंक ब्लेंड है: 2ZnS + 3O2 से 2ZnO + 2SO2 बनता है। ऑक्साइड को कार्बन से धातु में अपचयित करना आसान होता है, इसीलिए जिंक, लेड और कॉपर के अयस्क पहले इस चरण से गुजरते हैं। मुख्य अंतर याद रखें: भर्जन में अधिक हवा और सल्फाइड अयस्क, जबकि निस्तापन में कम या बिना हवा और कार्बोनेट अयस्क। A गलत है, निस्तापन में कैलामाइन जैसे कार्बोनेट अयस्क को सीमित हवा में गर्म करते हैं, जैसे ZnCO3 से ZnO और CO2 बनते हैं। C गलत है, प्रगलन बाद का चरण है, जिसमें भट्टी में अपचायक और गालक (फ्लक्स) के साथ ऑक्साइड को धातु में बदला जाता है। D गलत है, भस्मीकरण कचरे को ऊंचे तापमान पर जलाना है, धातु निष्कर्षण का कोई चरण नहीं। परीक्षा टिप: सल्फाइड अयस्क, भर्जन, अधिक हवा; कार्बोनेट अयस्क, निस्तापन, कम या बिना हवा।

Q96.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 2मध्यम

विटामिन ______ की कमी से पेलाग्रा होता है।

  1. A.B3
  2. B.B6
  3. C.B2
  4. D.B12
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. B3

व्याख्या

सही उत्तर है A, B3। पेलाग्रा विटामिन B3 की कमी से होता है, जिसे नियासिन या निकोटिनिक अम्ल भी कहते हैं। शरीर ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो अम्ल से भी नियासिन बना लेता है, इसलिए यह रोग वहां ज्यादा होता है जहां लोग मुख्य रूप से मक्का खाते हैं, क्योंकि उसमें दोनों की कमी होती है। पेलाग्रा को 'चार D' से याद रखा जाता है: डर्मेटाइटिस (धूप लगने वाली त्वचा का खुरदरा और काला पड़ना), डायरिया, डिमेंशिया और इलाज न हो तो डेथ यानी मृत्यु। नियासिन मांस, मछली, मूंगफली, साबुत अनाज और दूध में मिलता है। B गलत है क्योंकि विटामिन B6 (पाइरिडॉक्सिन) की कमी से एनीमिया, त्वचा रोग और शिशुओं में दौरे पड़ते हैं। C गलत है क्योंकि विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) की कमी से होंठ फटते हैं और मुंह के कोनों पर घाव होते हैं, जिसे एरिबोफ्लेविनोसिस कहते हैं। D गलत है क्योंकि विटामिन B12 (कोबालामिन) की कमी से घातक एनीमिया और नसों को नुकसान होता है। परीक्षा टिप: B1 बेरीबेरी, B2 एरिबोफ्लेविनोसिस, B3 पेलाग्रा, B12 घातक एनीमिया; पेलाग्रा = चार D।

Q97.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 16 Aug 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जल में घुलनशील विटामिन है?

  1. A.विटामिन K
  2. B.विटामिन C
  3. C.विटामिन A
  4. D.विटामिन D
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विटामिन C

व्याख्या

सही उत्तर है B, विटामिन C। विटामिन दो समूहों में बँटे हैं: जल में घुलनशील, यानी विटामिन C और पूरा B-कॉम्प्लेक्स, और वसा में घुलनशील, यानी A, D, E और K। विटामिन C एस्कॉर्बिक अम्ल है, जो खट्टे फलों, आँवला, अमरूद और टमाटर में मिलता है; इसकी कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है और घाव धीरे भरते हैं। जल में घुलनशील विटामिन शरीर में जमा नहीं होते और अतिरिक्त मात्रा मूत्र से बाहर निकल जाती है, इसलिए इन्हें रोज़ लेना पड़ता है, जबकि वसा में घुलनशील विटामिन यकृत और वसा ऊतकों में जमा रहते हैं। A, विटामिन K, वसा में घुलनशील है और खून के थक्के बनने के लिए ज़रूरी है। C, विटामिन A यानी रेटिनॉल, वसा में घुलनशील है और इसकी कमी से रतौंधी होती है। D, विटामिन D यानी कैल्सिफेरॉल, वसा में घुलनशील है, धूप में त्वचा में बनता है और इसकी कमी से रिकेट्स होता है। परीक्षा टिप: याद रखें "ADEK वसा में घुलनशील"; बाकी सब, B-कॉम्प्लेक्स और C, पानी में घुलते हैं।

Q98.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण भट्टियों जैसे अपेक्षाकृत उच्च तापमान को मापने के लिए प्रयोग होता है?

  1. A.बोलोमीटर
  2. B.पायरोमीटर
  3. C.अमीटर
  4. D.फ्लक्समीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पायरोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पायरोमीटर। पायरोमीटर बहुत ऊँचे तापमान, जैसे भट्टियों, भट्ठों और पिघली धातु का तापमान, गर्म वस्तु को छुए बिना मापता है। इसका सिद्धांत यह है कि हर गर्म वस्तु ऊष्मीय विकिरण छोड़ती है जिसकी तीव्रता और रंग उसके तापमान पर निर्भर करते हैं; उपकरण इसी विकिरण को पढ़कर तापमान बताता है। साधारण पारे वाले थर्मामीटर लगभग 350 डिग्री सेल्सियस तक ही काम करते हैं, इसलिए इस्पात संयंत्र, काँच कारखाने और सीमेंट भट्ठे पायरोमीटर पर निर्भर रहते हैं, जो 1,000 डिग्री सेल्सियस से बहुत ऊपर तक पढ़ सकता है। यह शब्द ग्रीक 'पायरो' यानी आग से बना है। A गलत है क्योंकि बोलोमीटर आने वाले विद्युत-चुंबकीय विकिरण, जैसे अवरक्त या माइक्रोवेव, की शक्ति मापता है, भट्टी का तापमान नहीं। C गलत है क्योंकि अमीटर विद्युत धारा को एम्पियर में मापता है। D गलत है क्योंकि फ्लक्समीटर चुंबकीय फ्लक्स मापता है। परीक्षा टिप: भट्टी की गर्मी के लिए पायरोमीटर, शरीर की गर्मी के लिए थर्मामीटर, धारा के लिए अमीटर, चुंबकत्व के लिए फ्लक्समीटर।

Q99.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB JE Civil Degree Dec 2020 Officialआसान

दाब के परम शून्य से ऊपर मापा गया दाब क्या कहलाता है?

  1. A.गेज दाब
  2. B.परम दाब
  3. C.निर्वात दाब
  4. D.वायुमंडलीय दाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परम दाब

व्याख्या

सही उत्तर है B, परम दाब। परम दाब की गिनती दाब के परम शून्य से होती है, जो पूर्ण निर्वात है, इसलिए यह कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता। इसका सरल संबंध यह है: परम दाब बराबर गेज दाब जोड़ वायुमंडलीय दाब। यदि किसी टायर का गेज 30 मात्रक दिखा रहा है, तो उसका वास्तविक दाब 30 और स्थानीय वायुमंडलीय दाब का योग है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेज दाब स्थान के वायुमंडलीय दाब से ऊपर मापा जाता है, इसी कारण खुली हवा में साधारण दाबमापी शून्य पढ़ता है, जबकि हवा उस पर दाब डालती रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निर्वात दाब, जिसे ऋणात्मक गेज दाब भी कहते हैं, वह मात्रा है जितना दाब वायुमंडलीय दाब से नीचे रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायुमंडलीय दाब किसी स्थान के ऊपर की वायु स्तंभ का भार है और समुद्र तल पर लगभग 101.325 किलोपास्कल, अर्थात 760 मिलीमीटर पारा या 1.01325 बार होता है। परीक्षा टिप: परम दाब बराबर गेज जोड़ वायुमंडलीय, और परम शून्य से केवल परम दाब गिना जाता है।

Q100.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020आसान

विभवांतर क्या है?

  1. A.दो बिंदुओं के बीच धारिता का अंतर।
  2. B.यह किसी विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर है।
  3. C.दो बिंदुओं के बीच धारा का अंतर।
  4. D.दो बिंदुओं के बीच प्रतिरोध का अंतर।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह किसी विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। किसी परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभवांतर उनके विद्युत विभव का अंतर है, और यह एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक एकांक धन आवेश ले जाने में किए गए कार्य के बराबर होता है। सूत्र रूप में V = W/Q, इसलिए इसका मात्रक वोल्ट है और एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य। विभवांतर ही वह धक्का है जो धारा चलाता है, इसे दो बिंदुओं के समांतर क्रम में जोड़े गए वोल्टमीटर से मापा जाता है, और ओम के नियम के अनुसार V = IR। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारिता वह आवेश है जो संधारित्र प्रति वोल्ट संचित करता है और इसका मात्रक फैरड है; यह उपकरण का गुण है, दो बिंदुओं का अंतर नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि धारा आवेश प्रवाह की दर है, इसे श्रेणीक्रम में लगे अमीटर से एम्पियर में मापा जाता है और श्रेणी परिपथ में यह हर जगह समान रहती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रतिरोध धारा का विरोध करता है और ओम में मापा जाता है। परीक्षा टिप: V = W/Q, वोल्टमीटर समांतर, अमीटर श्रेणी में।