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GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 7

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

156 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q121.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

प्रकाश ऊर्जा का ऑप्टिकल फाइबर में संचरण निम्नांकित घटना के अनुप्रयोग द्वारा किया जाता है

  1. A.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  2. B.विवर्तन
  3. C.प्रकीर्णन
  4. D.अपवर्तन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर है A, पूर्ण आंतरिक परावर्तन। सघन से विरल माध्यम में जाता प्रकाश जब सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर टकराता है, तो बाहर निकलने के बजाय पूरा वापस परावर्तित हो जाता है। ऑप्टिकल फाइबर इसी सिद्धांत पर काम करता है। इसमें अधिक अपवर्तनांक वाले काँच या प्लास्टिक का पतला कोर होता है, जिस पर कम अपवर्तनांक वाली परत (क्लैडिंग) चढ़ी रहती है, इसलिए एक सिरे से घुसा प्रकाश बार-बार परावर्तित होकर मोड़ों पर भी बहुत कम हानि के साथ दूर तक पहुँचता है। इसी से इंटरनेट और टेलीफ़ोन के संकेत जाते हैं और एंडोस्कोप से शरीर के भीतर देखा जाता है। भारतीय मूल के भौतिक विज्ञानी नरिंदर सिंह कपानी को फाइबर ऑप्टिक्स का जनक कहा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विवर्तन छोटी बाधाओं के किनारों या पतली झिरी से प्रकाश का मुड़ना है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रकीर्णन प्रकाश को कई दिशाओं में बिखेरता है, जिससे आकाश नीला दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अपवर्तन केवल नए माध्यम में जाते समय प्रकाश का मुड़ना है, जबकि फाइबर प्रकाश को बाहर निकलने से रोककर काम करता है। परीक्षा टिप: ऑप्टिकल फाइबर, मरीचिका और हीरे की चमक, तीनों पूर्ण आंतरिक परावर्तन से।

Q122.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 4 Jul 2019, Shift 1आसान

दाब का SI मात्रक क्या है?

  1. A.वोल्ट
  2. B.एम्पियर
  3. C.पास्कल
  4. D.ओम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पास्कल

व्याख्या

सही उत्तर है C, पास्कल। दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, इसलिए इसका SI मात्रक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर है, जिसे फ्रांसीसी वैज्ञानिक ब्लेज़ पास्कल के नाम पर पास्कल (Pa) कहा जाता है; उन्होंने द्रवों में दाब के संचरण का नियम दिया, जो हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट में काम आता है। एक पास्कल बहुत छोटा दाब है, इसलिए बड़े मात्रक चलन में हैं: 1 बार = 10⁵ Pa, 1 वायुमंडल = 101,325 Pa = पारे का 760 मिमी, मौसम रिपोर्ट में हेक्टोपास्कल (1 hPa = 100 Pa) चलता है, जबकि रक्तचाप आज भी mm Hg में पढ़ा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वोल्ट विद्युत विभवांतर का SI मात्रक है (1 V = 1 J/C)। विकल्प B गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा का SI मूल मात्रक है। विकल्प D गलत है क्योंकि ओम विद्युत प्रतिरोध का SI मात्रक है (1 Ω = 1 V/A)। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, N/m² = पास्कल; और बिजली की तिकड़ी: वोल्टेज के लिए वोल्ट, धारा के लिए एम्पियर, प्रतिरोध के लिए ओम।

Q123.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sep 2018, Shift 1मध्यम

40 किग्रा की एक लड़की 5 मीटर ऊँची सीढ़ियाँ 4 सेकंड में चढ़ती है। उसके द्वारा विकसित शक्ति होगी ________। (g = 10 मी/से² लें)

  1. A.100 W
  2. B.200 W
  3. C.500 W
  4. D.2000 W
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 W

व्याख्या

सही उत्तर है C, 500 W। गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य mgh = 40 × 10 × 5 = 2000 जूल है, और शक्ति = कार्य ÷ समय, अर्थात 2000 ÷ 4 = 500 वाट।

शक्ति कार्य करने की दर है, जिसका मात्रक वाट है और एक वाट का अर्थ एक जूल प्रति सेकंड है। सीढ़ियाँ चढ़ने में उपयोगी कार्य स्थितिज ऊर्जा की वृद्धि mgh होता है, जिसमें केवल ऊर्ध्वाधर ऊँचाई गिनी जाती है, सीढ़ी की लंबाई का महत्व नहीं होता। यदि वही लड़की 2 सेकंड में चढ़ती तो कार्य 2000 जूल ही रहता, परंतु शक्ति दोगुनी होकर 1000 वाट हो जाती, जिससे स्पष्ट है कि शक्ति इस पर निर्भर करती है कि कार्य कितनी तेजी से हुआ।

विकल्प A गलत है क्योंकि 100 वाट गलत राशि से भाग देने पर आता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 200 वाट के लिए 10 सेकंड चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि 2000 जूल कार्य है, वाट में शक्ति नहीं।

परीक्षा टिप: कार्य = mgh, शक्ति = कार्य ÷ समय, और एक अश्व शक्ति लगभग 746 वाट।

Q124.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sept 2018, Shift 2आसान

एक वस्तु उत्तर दिशा में नियत वेग से चल रही है। वस्तु पर लगने वाला कुल बल होगा

  1. A.दक्षिण की ओर
  2. B.पूर्व की ओर
  3. C.शून्य
  4. D.उत्तर की ओर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शून्य

व्याख्या

सही उत्तर है C, शून्य। नियत वेग का अर्थ है त्वरण शून्य, और न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार बल = द्रव्यमान × त्वरण होता है, इसलिए कुल बल शून्य ही होगा।

न्यूटन का प्रथम नियम कहता है कि कोई वस्तु विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है, जब तक उस पर बाह्य बल न लगे। इसी कारण नियत चाल और नियत दिशा में चलती वस्तु को गति बनाए रखने के लिए बल की आवश्यकता नहीं होती। बल केवल चाल या दिशा बदलने के लिए चाहिए। सीधी सड़क पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की नियत चाल से चलती कार की भी यही स्थिति है, क्योंकि इंजन का बल केवल घर्षण और वायु प्रतिरोध को संतुलित करता है, अतः कुल बल शून्य रहता है। ऐसी वस्तु संतुलन की अवस्था में कही जाती है।

विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि किसी भी दिशा में कुल बल होने पर त्वरण उत्पन्न होता और वेग बदल जाता, जो नियत वेग की दी गई शर्त के विरुद्ध है।

परीक्षा टिप: नियत वेग यानी त्वरण शून्य और कुल बल शून्य, बल का पूर्ण अभाव नहीं।

Q125.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 7 Dec 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अपनी मूल अवस्था में पाई जाती है?

  1. A.ताँबा
  2. B.प्लैटिनम
  3. C.लोहा
  4. D.पोटैशियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्लैटिनम

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्लैटिनम। चारों में प्लैटिनम सबसे कम क्रियाशील है, इसलिए यह प्रकृति में मुक्त या मूल अवस्था में धातु रूप में ही मिलता है।

कोई धातु मुक्त अवस्था में तभी मिलती है जब वह अपने चारों ओर की वायु, जल और अन्य पदार्थों से क्रिया न करे। क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे की धातुएँ, अर्थात सोना, प्लैटिनम और चाँदी, उत्कृष्ट धातु कहलाती हैं और मूल अवस्था में पाई जाती हैं; इनसे ऊपर की धातुएँ ऑक्साइड, सल्फाइड या कार्बोनेट के रूप में मिलती हैं और उन्हें अयस्क से निकालना पड़ता है। इसी कारण नदी की रेत में सोने की डलियाँ मिल जाती हैं, जबकि एल्युमिनियम को बॉक्साइट से विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त करना पड़ता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि ताँबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट जैसे अयस्कों से निकाला जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि लोहा सदैव हेमेटाइट या मैग्नेटाइट जैसे ऑक्साइड रूप में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पोटैशियम इतना क्रियाशील है कि जल के संपर्क में जल उठता है और मुक्त अवस्था में कभी नहीं मिलता।

परीक्षा टिप: सोना, प्लैटिनम और चाँदी मूल अवस्था में मिलते हैं; जितनी अधिक क्रियाशीलता, उतनी मजबूती से धातु अयस्क में बँधी रहती है।

Q126.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Oct 2018, Shift 2मध्यम

सहसंयोजक बंध वाले अणुओं के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं, क्योंकि:

  1. A.अंतराअणुक बल मध्यम होते हैं
  2. B.अंतराअणुक बल प्रबल होते हैं
  3. C.अंतराअणुक बल अत्यंत प्रबल होते हैं
  4. D.अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है D, अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं। गलन और क्वथन में केवल अणुओं के बीच के दुर्बल बल तोड़ने होते हैं, अणु के भीतर के प्रबल बंध नहीं, इसलिए कम ऊष्मा से ही काम चल जाता है।

सहसंयोजक बंध इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से बनता है और स्वयं प्रबल होता है, परंतु वह केवल अणु के भीतर कार्य करता है। पृथक अणु एक दूसरे से दुर्बल वान डर वाल्स बलों द्वारा बँधे रहते हैं, और ये बल कम ताप पर ही टूट जाते हैं, इसी कारण जल, अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अधिकांश कार्बनिक यौगिक सरलता से पिघलते और उबलते हैं। सोडियम क्लोराइड जैसे आयनिक यौगिक इसके विपरीत व्यवहार करते हैं, क्योंकि उनमें प्रबल स्थिरवैद्युत बल पूरे क्रिस्टल में फैला होता है और गलनांक बहुत ऊँचा होता है। हीरा तथा सिलिकॉन कार्बाइड जैसे विशाल सहसंयोजक ठोस अपवाद हैं।

विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि तीनों अणुओं के बीच मध्यम या प्रबल बल बताते हैं, जिससे गलनांक और क्वथनांक बढ़ते, घटते नहीं।

परीक्षा टिप: अणु के भीतर प्रबल बंध, अणुओं के बीच दुर्बल बल, इसलिए कम गलनांक।

Q127.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1मध्यम

एक बल 1.0 किग्रा की वस्तु की चाल 4 मी/से से 8 मी/से कर देता है। बल द्वारा किया गया कार्य होगा ______।

  1. A.8 J
  2. B.32 J
  3. C.24 J
  4. D.16 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 24 J

व्याख्या

सही उत्तर है C, 24 J। कार्य ऊर्जा प्रमेय के अनुसार किया गया कार्य गतिज ऊर्जा के परिवर्तन के बराबर होता है, अर्थात 0.5 × 1.0 × (8 का वर्ग घटा 4 का वर्ग) = 0.5 × (64 - 16) = 24 जूल।

गतिज ऊर्जा का सूत्र आधा m v वर्ग है, इसलिए 4 मी/से पर वस्तु की गतिज ऊर्जा 8 जूल और 8 मी/से पर 32 जूल होती है; बल को यही 24 जूल का अंतर देना पड़ता है। ध्यान रहे कि चाल दोगुनी करने पर गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है, क्योंकि सूत्र में चाल का वर्ग आता है। कार्य ऊर्जा प्रमेय पथ पर निर्भर नहीं करता, इसी कारण बल या दूरी जाने बिना भी यह प्रश्न हल हो जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि 8 जूल केवल प्रारंभिक गतिज ऊर्जा है। विकल्प B गलत है क्योंकि 32 जूल अंतिम गतिज ऊर्जा है, परिवर्तन नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 16 जूल चालों के वर्गों का अंतर गलत ढंग से लेने पर आता है।

परीक्षा टिप: कार्य = अंतिम गतिज ऊर्जा घटा प्रारंभिक गतिज ऊर्जा; चाल दोगुनी तो गतिज ऊर्जा चार गुनी।

Q128.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किनके संयोग से सोल्डर बनता है?

  1. A.सीसा और ताँबा
  2. B.टिन और लोहा
  3. C.सीसा और लोहा
  4. D.सीसा और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सीसा और टिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीसा और टिन। सोल्डर सीसा और टिन का मिश्रधातु है, जिसमें दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है।

मिश्रधातु किसी धातु के साथ एक या अधिक तत्वों का मिश्रण है, जिसे ऐसा गुण पाने के लिए बनाया जाता है जो शुद्ध धातु में नहीं होता। सोल्डर का महत्व इसलिए है कि यह मिश्रण सीसा या टिन दोनों से बहुत कम ताप पर पिघल जाता है, इसलिए यह सरलता से बहकर तारों और विद्युत जोड़ों को जोड़ने में काम आता है। परीक्षा में पूछी जाने वाली अन्य मिश्रधातुएँ हैं पीतल, जो ताँबा और जस्ता से बनता है, काँसा जो ताँबा और टिन से, स्टेनलेस स्टील जो लोहा, क्रोमियम और निकल से तथा जर्मन सिल्वर जो ताँबा, जस्ता और निकल से बनता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा और ताँबा का मिश्रण सोल्डर नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि टिन और लोहे से टिन की परत चढ़ाई जाती है, जिससे डिब्बे बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और लोहा सोल्डर के रूप में प्रयुक्त नहीं होते।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा और टिन, कम गलनांक; पीतल = ताँबा और जस्ता, काँसा = ताँबा और टिन।

Q129.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निषेचित अंड, अर्थात युग्मनज, ________ में स्थापित होता है।

  1. A.गर्भाशय ग्रीवा
  2. B.अंडाशय
  3. C.योनि
  4. D.गर्भाशय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गर्भाशय

व्याख्या

सही उत्तर है D, गर्भाशय। युग्मनज फैलोपियन नलिका से नीचे आते हुए विभाजित होता रहता है और कोशिकाओं का यह पिंड गर्भाशय की मोटी आंतरिक परत में स्थापित हो जाता है।

निषेचन स्वयं फैलोपियन नलिका में होता है, जहाँ शुक्राणु अंडाणु से संयुग्मन कर युग्मनज बनाता है। बार-बार विभाजन से यह भ्रूण बनता है, जो लगभग एक सप्ताह में गर्भाशय तक पहुँचकर एंडोमेट्रियम यानी हार्मोन द्वारा तैयार कोमल भित्ति में धँस जाता है। वहीं प्लेसेंटा विकसित होता है, जो माता के रक्त से भ्रूण तक भोजन और ऑक्सीजन पहुँचाता है तथा अपशिष्ट बाहर ले जाता है। मनुष्य में गर्भावधि लगभग नौ माह की होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय का सँकरा मुख है, जो योनि में खुलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंडाशय अंडाणु और हार्मोन बनाता है, भ्रूण धारण नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि योनि शुक्राणु ग्रहण करने वाला तथा प्रसव का मार्ग है।

परीक्षा टिप: निषेचन फैलोपियन नलिका में, स्थापन गर्भाशय में और पोषण प्लेसेंटा से।

Q130.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 4 Dec 2018, Shift 2मध्यम

5.5 किलोवाट घंटा = ?

  1. A.14.0 × 10⁶ J
  2. B.19.8 × 10⁶ J
  3. C.14.4 × 10⁸ J
  4. D.14.4 × 10⁵ J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 19.8 × 10⁶ J

व्याख्या

सही उत्तर है B, 19.8 × 10⁶ J। एक किलोवाट घंटा 3.6 × 10⁶ जूल के बराबर होता है, इसलिए 5.5 किलोवाट घंटा = 5.5 × 3.6 × 10⁶ = 19.8 × 10⁶ जूल।

किलोवाट घंटा विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक है, इसी में बिजली विभाग घरों का बिल बनाता है और इसे बिजली की एक यूनिट भी कहा जाता है। यह ऊर्जा = शक्ति × समय से निकलता है, अर्थात एक किलोवाट शक्ति एक घंटे तक ली जाए तो 1000 वाट × 3600 सेकंड = 3600000 जूल ऊर्जा खर्च होती है। जूल ऊर्जा का SI मात्रक है और एक वाट का अर्थ एक जूल प्रति सेकंड है।

विकल्प A गलत है क्योंकि 14.0 × 10⁶ जूल लगभग 3.9 किलोवाट घंटा है। विकल्प C गलत है क्योंकि 14.4 × 10⁸ जूल 400 किलोवाट घंटा होगा, जो सौ गुना अधिक है। विकल्प D गलत है क्योंकि 14.4 × 10⁵ जूल केवल 0.4 किलोवाट घंटा है।

परीक्षा टिप: 1 किलोवाट घंटा = 3.6 × 10⁶ जूल यानी बिजली की एक यूनिट।

Q131.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018आसान

5V विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 2 कूलॉम आवेश ले जाने में कितना कार्य किया जाता है?

  1. A.0.4 जूल
  2. B.2.5 जूल
  3. C.10 जूल
  4. D.20 जूल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10 जूल

व्याख्या

सही उत्तर है C, 10 जूल। विभवांतर की परिभाषा है दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश ले जाने में किया गया कार्य, अर्थात V = W/Q, और इसी से W = QV निकलता है। यहाँ आवेश 2 कूलॉम है और विभवांतर 5 वोल्ट, इसलिए कार्य 2 गुणा 5 अर्थात 10 जूल होगा। पूरा प्रश्न इसी परिभाषा पर टिका है: एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम एक जूल, इसलिए दो कूलॉम आवेश को पाँच वोल्ट के आर-पार ले जाने में दस जूल कार्य लगेगा। विकल्प A, 0.4 जूल, आवेश को वोल्टता से गुणा करने के बजाय भाग देने पर आता है। विकल्प B, 2.5 जूल, वोल्टता में आवेश का भाग देने पर आता है, जिससे वोल्ट प्रति कूलॉम मिलता है और वह ऊर्जा ही नहीं है। विकल्प D, 20 जूल, सही मान का दोगुना है और इसके लिए 4 कूलॉम आवेश या 10 वोल्ट विभवांतर चाहिए। परीक्षा टिप: W = QV, और एक वोल्ट का अर्थ प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य।

Q132.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1आसान

यांत्रिक ऊर्जा किसके बराबर होती है?

  1. A.गतिज ऊर्जा + रासायनिक ऊर्जा
  2. B.गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा
  3. C.गतिज ऊर्जा + ऊष्मा ऊर्जा
  4. D.गतिज ऊर्जा + विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर है B, गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा। किसी पिंड की यांत्रिक ऊर्जा उसकी गति की ऊर्जा और स्थिति की ऊर्जा का योग होती है। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है और गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा mgh, तथा जब तक केवल गुरुत्व काम करता है और घर्षण नहीं होता, इनका योग स्थिर रहता है। यही यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम है: ऊपर फेंकी गई गेंद जितनी गतिज ऊर्जा खोती है, उतनी ही स्थितिज ऊर्जा पाती है, और गिरती गेंद में इसका उल्टा होता है; इसीलिए सरल लोलक एक ही दो ऊँचाइयों के बीच झूलता रहता है। जब घर्षण या वायु प्रतिरोध लगता है, तो यांत्रिक ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा और ध्वनि में बदल जाता है और वह संरक्षित नहीं रहती, यद्यपि निकाय की कुल ऊर्जा तब भी बनी रहती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि रासायनिक ऊर्जा ईंधन और भोजन के बंधों में होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊष्मा अणुओं की अनियमित गति की ऊर्जा है और अलग गिनी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विद्युत ऊर्जा आवेशों की गति से मिलती है। परीक्षा टिप: यांत्रिक ऊर्जा = गतिज + स्थितिज, और यह केवल घर्षणरहित स्थिति में स्थिर रहती है।

Q133.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1आसान

तनी हुई धनुष से तीर छोड़ते समय धनुष की स्थितिज ऊर्जा किसमें बदल जाती है?

  1. A.रासायनिक ऊर्जा
  2. B.गतिज ऊर्जा
  3. C.ध्वनि ऊर्जा
  4. D.ऊष्मा ऊर्जा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गतिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर है B, गतिज ऊर्जा। तना हुआ धनुष प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा संचित करता है, और डोरी छोड़ते ही यह संचित ऊर्जा उड़ते हुए तीर की गतिज ऊर्जा में बदल जाती है। स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी पिंड में उसकी स्थिति या आकृति के कारण होती है। डोरी खींचने पर धनुष की आकृति बदलती है, इसलिए धनुर्धर द्वारा किया गया कार्य प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा हो जाता है; ऐसी ही ऊर्जा दबी हुई कमानी या घड़ी की चाबी वाली स्प्रिंग में भी जमा रहती है। डोरी छोड़ते ही धनुष अपनी पुरानी आकृति में लौटकर तीर को आगे धकेलता है और संचित ऊर्जा गति की ऊर्जा बन जाती है। थोड़ी ऊर्जा ध्वनि और ऊष्मा के रूप में भी जाती है, पर मुख्य परिवर्तन स्थितिज से गतिज ही है। विकल्प A गलत है, क्योंकि रासायनिक ऊर्जा ईंधन और भोजन के बंधों में होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ध्वनि केवल छोटी सी हानि है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊष्मा भी यहाँ मामूली हानि है। परीक्षा टिप: तना धनुष, दबी कमानी और खिंची गुलेल, तीनों प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा संचित करते हैं।

Q134.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1आसान

एक लड़का 120 N भार वाले एक बक्से को 2 m की ऊँचाई तक उठाता है। उसके द्वारा किया गया कार्य ________ है।

  1. A.60 J
  2. B.120 J
  3. C.240 J
  4. D.130 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 240 J

व्याख्या

सही उत्तर है C, 240 J। गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य भार और ऊँचाई का गुणनफल होता है, इसलिए 120 × 2 = 240 जूल मिलता है। कार्य तब होता है जब कोई बल किसी पिंड को अपनी दिशा में खिसकाता है, और इसे W = F × s से नापा जाता है। यहाँ लड़के को कम से कम बक्से के भार 120 N के बराबर बल लगाना पड़ता है और वह उसे 2 मीटर ऊपर ले जाता है, इसलिए किया गया कार्य 240 जूल है। यह कार्य बक्से में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा हो जाता है, और बक्सा वापस अपनी पुरानी जगह गिरे तो वही 240 जूल लौटा देगा। ध्यान रहे कि भार पहले ही न्यूटन में दिया गया है, इसलिए उसे g से दोबारा गुणा करने की ज़रूरत नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 60 J में भार को ऊँचाई से गुणा करने के बजाय भाग दिया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 120 J केवल भार है, ऊँचाई छूट गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 130 J किसी चरण से मेल नहीं खाता। परीक्षा टिप: W = F × s, और गुरुत्व के विरुद्ध कार्य mgh होता है, जहाँ mg भार है।

Q135.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1कठिन

5 N बल लगाने पर m1 kg द्रव्यमान का एक लकड़ी का गुटका 10 m/s² से त्वरित होता है। उतना ही बल लगाने पर m2 kg द्रव्यमान का दूसरा गुटका 20 m/s² से त्वरित होता है। यदि दोनों गुटकों को एक साथ बाँधकर उन पर वही बल लगाया जाए, तो त्वरण लगभग कितना होगा?

  1. A.6.67 m/s²
  2. B.1.67 m/s²
  3. C.5.67 m/s²
  4. D.4.67 m/s²
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 6.67 m/s²

व्याख्या

सही उत्तर है A, 6.67 m/s²। पहले F = ma से दोनों द्रव्यमान निकालें, उन्हें जोड़ें और फिर उसी बल को कुल द्रव्यमान से भाग दें। पहले गुटके से m1 = 5 ÷ 10 = 0.5 kg और दूसरे से m2 = 5 ÷ 20 = 0.25 kg मिलता है। बाँधने पर दोनों एक ही पिंड की तरह चलते हैं, जिसका द्रव्यमान 0.5 + 0.25 = 0.75 kg है, और वही 5 N बल अब 5 ÷ 0.75 यानी लगभग 6.67 m/s² का त्वरण देता है। बँधे हुए गुटकों का त्वरण हमेशा दोनों अलग-अलग त्वरणों से कम होता है, क्योंकि उतने ही बल को अधिक द्रव्यमान खिसकाना पड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1.67 m/s² इस हल के किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि 5.67 m/s² के लिए कुल द्रव्यमान लगभग 0.88 kg चाहिए। विकल्प D गलत है, क्योंकि 4.67 m/s² के लिए कुल द्रव्यमान लगभग 1.07 kg चाहिए। परीक्षा टिप: एक ही बल पर बँधे गुटकों में व्युत्क्रम जुड़ते हैं, यानी 1/a = 1/a1 + 1/a2।

Q136.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2आसान

22 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 5 m/s के वेग से गतिमान है। उसकी गतिज ऊर्जा है:

  1. A.275 J
  2. B.110 J
  3. C.1100 J
  4. D.2750 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 275 J

व्याख्या

सही उत्तर है A, 275 J। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है, इसलिए ½ × 22 × 5 × 5 = 275 जूल मिलता है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी पिंड में उसकी गति के कारण होती है। यह द्रव्यमान के सीधे अनुपात में बढ़ती है, पर वेग के वर्ग के अनुपात में; इसीलिए वेग दोगुना होने पर ऊर्जा चार गुना हो जाती है और तेज़ चलते वाहन को रुकने के लिए कहीं अधिक दूरी चाहिए। जूल ऊर्जा का SI मात्रक है और एक न्यूटन मीटर के बराबर होता है, अर्थात एक न्यूटन बल किसी पिंड को एक मीटर खिसकाए तो एक जूल कार्य होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 110 द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, जो संवेग देता है, ऊर्जा नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1100 J में सूत्र का आधा छोड़ दिया गया है, यानी केवल mv² लिया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2750 J सही उत्तर का दस गुना है। परीक्षा टिप: ½mv² लिखते समय आधा और वेग का वर्ग, दोनों का ध्यान रखें।

Q137.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

2 kg द्रव्यमान के एक पिंड को 20 m/s के प्रारंभिक वेग से ऊपर की ओर फेंका जाता है। 2 सेकंड बाद उसकी गतिज ऊर्जा होगी: (g = 10 m/s²)

  1. A.100 J
  2. B.0 J
  3. C.400 J
  4. D.200 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 0 J

व्याख्या

सही उत्तर है B, 0 J। पिंड को 20 m/s से ऊपर फेंका गया है और गुरुत्व हर सेकंड 10 m/s वेग घटाता है, इसलिए 2 सेकंड बाद उसका वेग शून्य हो जाता है। v = u − gt से v = 20 − 10 × 2 = 0 m/s मिलता है। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है और v = 0 रखने पर गतिज ऊर्जा भी शून्य हो जाती है। उस क्षण पिंड अपने पथ के उच्चतम बिंदु पर होता है और उसकी पूरी ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में होती है, अर्थात mgh = 2 × 10 × 20 = 400 J, क्योंकि पिंड 20 मीटर ऊपर चढ़ चुका है। इसके तुरंत बाद वह नीचे गिरना शुरू करता है और गतिज ऊर्जा फिर बढ़ने लगती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 100 J के लिए वेग 10 m/s चाहिए, जो पिंड के पास केवल एक सेकंड बाद होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 400 J फेंकते समय की गतिज ऊर्जा और शिखर पर की स्थितिज ऊर्जा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 200 J इस गति के किसी बिंदु से मेल नहीं खाता। परीक्षा टिप: ऊर्ध्वाधर फेंक के उच्चतम बिंदु पर वेग और गतिज ऊर्जा शून्य होती है।

Q138.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2आसान

12°C पर जल की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  1. A.द्रव
  2. B.आयनिक
  3. C.गैस
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. द्रव

व्याख्या

सही उत्तर है A, द्रव। सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C से 100 °C के बीच द्रव अवस्था में रहता है और 12 °C इसी परास में आता है। एक वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C पर जमकर बर्फ़ बनता है, जो इसका गलनांक है, और 100 °C पर उबलकर भाप बनता है, जो इसका क्वथनांक है। इन दोनों स्थिर बिंदुओं के बीच अणुओं में इतनी ऊर्जा होती है कि वे एक-दूसरे पर फिसल सकें, पर इतनी नहीं कि अलग होकर उड़ जाएँ; इसीलिए जल बहता है और बर्तन का आकार ले लेता है, जबकि उसका आयतन निश्चित रहता है। 12 °C पर खुली सतह से जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, पर यह केवल ऊपरी परत से होता है और नीचे के जल की अवस्था नहीं बदलती। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयनिक पदार्थ की कोई अवस्था नहीं, बल्कि बंध का प्रकार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल 100 °C से ऊपर ही गैस बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जल 0 °C या उससे नीचे ही ठोस बनता है। परीक्षा टिप: जल के दो स्थिर बिंदु 0 °C और 100 °C याद रखें।

Q139.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 14 Aug 2018, Shift 1कठिन

यदि किसी पिंड की गतिज ऊर्जा अपने प्रारंभिक मान की 256 गुना हो जाती है, तो नया रैखिक संवेग होगा:

  1. A.प्रारंभिक मान के बराबर
  2. B.प्रारंभिक मान का 8 गुना
  3. C.प्रारंभिक मान का 16 गुना
  4. D.प्रारंभिक मान का 32 गुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रारंभिक मान का 16 गुना

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रारंभिक मान का 16 गुना। गतिज ऊर्जा संवेग के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए संवेग ऊर्जा के वर्गमूल के अनुपात में बढ़ता है। m द्रव्यमान के पिंड के लिए गतिज ऊर्जा को p का वर्ग बटा 2m के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p रैखिक संवेग है। यदि द्रव्यमान नहीं बदलता तो p = 2mE का वर्गमूल होता है, अर्थात p, E के वर्गमूल के समानुपाती है। जब गतिज ऊर्जा 256 गुना हो जाती है, तो संवेग 256 का वर्गमूल यानी 16 गुना हो जाता है और वेग भी 16 गुना हो जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संवेग वही रहते हुए पिंड की ऊर्जा नहीं बढ़ सकती। विकल्प B गलत है, क्योंकि संवेग 8 गुना होने पर ऊर्जा 64 गुना होती, 256 गुना नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि संवेग 32 गुना होने पर ऊर्जा 1024 गुना हो जाती। परीक्षा टिप: E = p²/2m, अतः ऊर्जा n गुना होने पर संवेग √n गुना और संवेग n गुना होने पर ऊर्जा n² गुना होती है।

Q140.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 17 Aug 2018, Shift 1आसान

फूल में प्रजनन के लिए आवश्यक अंग हैं:

  1. A.बाह्यदल और पुंकेसर
  2. B.पुंकेसर और स्त्रीकेसर
  3. C.बाह्यदल और पंखुड़ी
  4. D.पंखुड़ी और स्त्रीकेसर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुंकेसर और स्त्रीकेसर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुंकेसर और स्त्रीकेसर। पुंकेसर और स्त्रीकेसर ही नर और मादा युग्मक बनाते हैं, इसलिए ये फूल के आवश्यक या जननांग कहलाते हैं। पुंकेसर नर भाग है, जिसमें परागकोश परागकण बनाता है और तंतु उसे सहारा देता है। स्त्रीकेसर, जिसे अंडप भी कहते हैं, मादा भाग है और इसके तीन हिस्से होते हैं: वर्तिकाग्र, जो परागकण ग्रहण करता है, वर्तिका और अंडाशय, जिसमें बीजांड रहते हैं। परागण और निषेचन के बाद अंडाशय फल में और बीजांड बीज में बदल जाते हैं। बाह्यदल और पंखुड़ियाँ सहायक अंग कहलाते हैं, क्योंकि ये केवल कली की रक्षा करते हैं और परागण के लिए कीटों को आकर्षित करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाह्यदल केवल हरा पत्ती जैसा रक्षक भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बाह्यदल और पंखुड़ी युग्मक बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाते। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दी गई पंखुड़ी सहायक अंग है। परीक्षा टिप: पुंकेसर और स्त्रीकेसर आवश्यक अंग, बाह्यदल और पंखुड़ी सहायक अंग।