निम्नलिखित स्थितियों में प्रेरित विभवांतर के परिमाण और दिशा पर विचार करें: (a) एक चुंबक अपने उत्तरी ध्रुव को स्थिर कुंडली की ओर करके 1 मी/से की चाल से चलता है। (b) वही चुंबक अपने दक्षिणी ध्रुव को उसी स्थिर कुंडली की ओर करके 1 मी/से की चाल से चलता है। इन दोनों स्थितियों में प्रेरित विभवांतर ______ परिमाण के होते हैं और उनके चिह्न ______ होते हैं।
- A.समान, समान
- B.समान, विपरीत
- C.भिन्न, विपरीत
- D.भिन्न, समान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. समान, विपरीत
व्याख्या
सही उत्तर है B, समान, विपरीत। दोनों स्थितियों में वही चुंबक उसी चाल से चल रहा है, इसलिए कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर बराबर रहती है और प्रेरित विभवांतर का परिमाण समान होता है। परंतु कुंडली की ओर दूसरा ध्रुव करने पर कुंडली से गुजरने वाले क्षेत्र की दिशा उलट जाती है, इसलिए प्रेरित विभवांतर का चिह्न विपरीत हो जाता है। यह फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण नियम से निकलता है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युतवाहक बल फ्लक्स परिवर्तन की दर के बराबर होता है, और लेंज के नियम से, जो दिशा तय करता है कि प्रेरित धारा उस परिवर्तन का विरोध करे जिससे वह उत्पन्न हुई। A गलत है क्योंकि ध्रुव बदलने पर चिह्न अवश्य बदलेगा। C गलत है क्योंकि चाल और इसलिए फ्लक्स परिवर्तन की दर वही है, अतः परिमाण बराबर रहेंगे। D दोनों बातों में गलत है। परीक्षा टिप: चाल से परिमाण तय होता है और क्षेत्र की दिशा से चिह्न - परिमाण के लिए फैराडे, दिशा के लिए लेंज।