50 cm लंबाई वाले एक सरल लोलक के गोलक को कम से कम कितनी क्षैतिज चाल दी जाए कि वह एक पूरा वृत्त बना ले? (g = 10 m/s² लें)
- A.5 m/s
- B.7.5 m/s
- C.10 m/s
- D.12.5 m/s
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 5 m/s। धागे से बंधे गोलक को ऊर्ध्वाधर वृत्त पूरा करने के लिए सबसे निचले बिंदु पर कम से कम √(5gL) चाल चाहिए, और √(5 × 10 × 0.5) = √25 = 5 m/s होता है।
धागा केवल खींच सकता है, धक्का नहीं दे सकता। इसलिए वृत्त के शीर्ष पर धागा ठीक उस समय ढीला होता है जब अकेला गुरुत्व ही अभिकेंद्र बल दे, यानी शीर्ष पर v² = gL। शीर्ष से नीचे तक गोलक 2L ऊंचाई गिरता है, तो ऊर्जा संरक्षण से 4gL और जुड़ता है और निचले बिंदु पर v² = gL + 4gL = 5gL बनता है। सूत्र में रखने से पहले 50 cm को 0.5 m में बदलना न भूलें।
B, 7.5 m/s से भी गोलक वृत्त पूरा कर लेगा, लेकिन यह न्यूनतम चाल नहीं है जो प्रश्न में पूछी गई है।
C, 10 m/s और D, 12.5 m/s इससे भी बड़ी चालें हैं; 5 m/s से अधिक कोई भी चाल वृत्त पूरा करा देती है, इसलिए इनमें से कोई भी न्यूनतम मान नहीं है।
Exam tip: धागे वाले लोलक के लिए नीचे √(5gL) और ऊपर √(gL); कठोर छड़ के लिए नीचे केवल √(4gL) काफी है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पराश्रव्य तरंगों की आवृत्ति होती है
- A.20 Hz से कम
- B.20 Hz और 2 kHz के बीच
- C.2 kHz और 20 kHz के बीच
- D.20 kHz से अधिक
उत्तर देखें
पराश्रव्य ध्वनि वह है जिसकी आवृत्ति 20,000 Hz से अधिक हो, जो मानव श्रवण की ऊपरी सीमा है। मनुष्य लगभग 20 Hz से 20 kHz तक की ध्वनि सुन सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा स्वच्छ ईंधन का उदाहरण है?
- A.कोक
- B.प्रोपेन
- C.पेट्रोल
- D.मोम
उत्तर देखें
प्रोपेन एक हल्का गैसीय हाइड्रोकार्बन है जो नीली लौ के साथ पूरी तरह जलता है और धुआं, कालिख या राख नहीं छोड़ता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'मृदु साबुन' के एक नमूने में क्या होता है?
- A.सीज़ियम
- B.पोटैशियम
- C.कैल्शियम
- D.मैग्नीशियम
उत्तर देखें
मृदु साबुन वसीय अम्लों के पोटैशियम लवण होते हैं, जबकि सामान्य कठोर साबुन की टिकियां सोडियम लवण होती हैं। साबुन साबुनीकरण से बनता है, जिसमें किसी तेल या वसा को क्षार के साथ गर्म किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से तत्वों के किस समूह की संयोजकता समान है?
- A.Na, Mg, Ca
- B.Na, Mg, Al
- C.Mg, Ca, K
- D.Mg, Ca, Ba
उत्तर देखें
मैग्नीशियम, कैल्शियम और बेरियम तीनों समूह 2 की क्षारीय मृदा धातुएं हैं, और हर एक की संयोजकता 2 है। आवर्त सारणी के एक ही समूह के तत्वों के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है, इसलिए उनकी संयोजकता भी समान होती है।
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