एक उभयोत्तल लेंस अपवर्तनांक 2 वाले पदार्थ से बना है और उसके दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं का अनुपात 1 : 2 है। वायु में रखा एक बिंदु स्रोत इस लेंस के मुख्य अक्ष पर लेंस से u दूरी पर है। यदि प्रतिबिंब ठीक उतनी ही दूरी पर बने जितनी दूरी पर बिंदु स्रोत है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा सही है? (जहां R पहले पृष्ठ की वक्रता त्रिज्या है)
- A.u = R
- B.u = 2R
- C.2u = 3R
- D.3u = 4R
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 3u = 4R। उत्तल लेंस वस्तु के बराबर दूरी पर प्रतिबिंब तभी बनाता है जब वस्तु 2f पर हो, और यहां 2f का मान 4R/3 आता है।
लेंस निर्माता सूत्र है 1/f = (μ − 1)(1/R₁ − 1/R₂)। यहां μ = 2, पहले पृष्ठ की त्रिज्या R और दूसरे की 2R है (उभयोत्तल लेंस में दूसरी त्रिज्या −2R ली जाती है)। तब 1/f = (2 − 1)(1/R + 1/2R) = 3/(2R), यानी f = 2R/3। 2f पर रखी वस्तु का वास्तविक, उल्टा और उतने ही आकार का प्रतिबिंब दूसरी ओर 2f पर बनता है, इसलिए u = 2f = 4R/3, जो 3u = 4R के बराबर है।
A, u = R में वस्तु f और 2f के बीच है, इसलिए प्रतिबिंब वस्तु से अधिक दूरी पर बनेगा।
B, u = 2R में वस्तु 2f से आगे है, इसलिए प्रतिबिंब लेंस के अधिक पास बनेगा।
C, 2u = 3R का अर्थ u = 1.5R है, यह भी 2f से आगे है और दूरियां बराबर नहीं होंगी।
Exam tip: उत्तल लेंस में वस्तु और प्रतिबिंब की बराबर दूरी का मतलब u = v = 2f है; पहले लेंस निर्माता सूत्र से f निकालें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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