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GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 8

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

154 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q141.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 10 March 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता सबसे कम है?

  1. A.फ्लोरीन
  2. B.क्लोरीन
  3. C.ब्रोमीन
  4. D.आर्गन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आर्गन

व्याख्या

सही उत्तर है D, आर्गन। आर्गन एक उत्कृष्ट गैस है, जिसके बाहरी कोश में पहले से आठ इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए उसमें एक और इलेक्ट्रॉन के लिए आसानी से जगह नहीं है। इलेक्ट्रॉन जोड़ने का अर्थ होगा नया कोश शुरू करना, जिसके लिए ऊर्जा निकलने के बजाय देनी पड़ती है। इसीलिए इसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता व्यावहारिक रूप से शून्य है, यानी चारों में सबसे कम। इलेक्ट्रॉन बंधुता वह ऊर्जा परिवर्तन है जो उदासीन गैसीय परमाणु के एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर होता है; यह आवर्त में बाएँ से दाएँ बढ़ती है और वर्ग में नीचे जाते हुए घटती है। बाकी तीनों हैलोजन हैं, जिन्हें स्थिर अष्टक के लिए केवल एक इलेक्ट्रॉन चाहिए, इसलिए वे इलेक्ट्रॉन लेते समय बहुत ऊर्जा छोड़ते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि फ्लोरीन की बंधुता बहुत अधिक है, यद्यपि छोटे आकार और सघन इलेक्ट्रॉनों के कारण वह क्लोरीन से थोड़ी कम रहती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता सभी तत्वों में सबसे अधिक है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रोमीन की बंधुता क्लोरीन से कम होकर भी आर्गन से कहीं अधिक है। परीक्षा टिप: क्रम है Cl > F > Br > I, और उत्कृष्ट गैसें सबसे नीचे।

Q142.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sept 2018, Shift 2आसान

एक वस्तु को जमीन से कुछ ऊँचाई से छोड़ा जाता है। जमीन को छूते ही उसमें ______ होगी।

  1. A.ऊष्मा ऊर्जा
  2. B.रासायनिक ऊर्जा
  3. C.गतिज ऊर्जा
  4. D.स्थितिज ऊर्जा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गतिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर है C, गतिज ऊर्जा। ऊँचाई पर वस्तु के पास केवल स्थितिज ऊर्जा होती है; गिरते समय यह ऊर्जा लगातार गतिज ऊर्जा में बदलती जाती है, और जमीन छूते ही लगभग पूरी ऊर्जा गतिज रह जाती है। स्थितिज ऊर्जा mgh होती है और गतिज ऊर्जा आधा mv का वर्ग, तथा गुरुत्व के अंतर्गत मुक्त पतन में इन दोनों का योग स्थिर रहता है, जिसे यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम कहते हैं। जमीन छूने के क्षण ऊँचाई शून्य होती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा शून्य हो जाती है, जबकि चाल सबसे अधिक होती है, इसलिए गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है। A गलत है क्योंकि ऊष्मा टकराव के बाद घर्षण और विकृति से पैदा होती है, छूने के क्षण नहीं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ऊर्जा बंधों में संचित रहती है और गिरती वस्तु में इसकी कोई भूमिका नहीं। D गलत है क्योंकि जमीन के स्तर पर स्थितिज ऊर्जा घटकर शून्य हो चुकी होती है। परीक्षा टिप: गिरती वस्तु में स्थितिज ऊर्जा घटती है, गतिज ऊर्जा बढ़ती है, और कुल यांत्रिक ऊर्जा वही रहती है।

Q143.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन द्विबीजपत्री पौधों का लक्षण नहीं है?

  1. A.मूसला जड़
  2. B.जालिकावत शिरा-विन्यास
  3. C.दो बीजपत्र
  4. D.रेशेदार जड़ें
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रेशेदार जड़ें

व्याख्या

सही उत्तर है D, रेशेदार जड़ें। रेशेदार या झकड़ा जड़ें एकबीजपत्री पौधों की पहचान हैं, जैसे गेहूँ, मक्का, धान और घासें; ये द्विबीजपत्री पौधों का लक्षण नहीं हैं। द्विबीजपत्री बीज में दो बीजपत्र होते हैं और उसके अंकुर से एक मजबूत प्राथमिक जड़ निकलती है, जो मोटी होकर मूसला जड़ बनती है और उससे छोटी पार्श्व जड़ें फूटती हैं; चना, मटर, सरसों, नीम और आम इसके जाने-पहचाने उदाहरण हैं। द्विबीजपत्री पत्तियों में जालिकावत शिरा-विन्यास होता है, फूलों में प्रायः चार या पाँच पंखुड़ियाँ होती हैं, और संवहन बंडल कैम्बियम के साथ एक वलय में सजे रहते हैं, जिससे तना वर्ष-दर-वर्ष मोटा होता जाता है। A गलत है क्योंकि मूसला जड़ तो द्विबीजपत्री का ही लक्षण है। B गलत है क्योंकि जालिकावत शिरा-विन्यास द्विबीजपत्री का गुण है, एकबीजपत्री में समांतर शिरा-विन्यास होता है। C गलत है क्योंकि दो बीजपत्र होना ही द्विबीजपत्री की परिभाषा है। परीक्षा टिप: द्विबीजपत्री - दो बीजपत्र, मूसला जड़, जालिकावत शिरा; एकबीजपत्री - एक बीजपत्र, रेशेदार जड़, समांतर शिरा।

Q144.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Oct 2018, Shift 1आसान

16 V विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 5 C आवेश ले जाने में कितना कार्य होता है?

  1. A.65 J
  2. B.45 J
  3. C.40 J
  4. D.80 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 80 J

व्याख्या

सही उत्तर है D, 80 J। विभवांतर के आर-पार आवेश ले जाने में किया गया कार्य W = QV होता है, इसलिए W = 5 × 16 = 80 जूल। विभवांतर की परिभाषा ही यह है कि एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक इकाई आवेश ले जाने में कितना कार्य करना पड़ता है, इसीलिए एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य। यहाँ पाँच कूलॉम आवेश सोलह वोल्ट के आर-पार ले जाया गया है, अतः स्रोत को 80 जूल ऊर्जा देनी पड़ेगी। A गलत है क्योंकि 5 C और 16 V से किसी भी सही गणना में 65 J नहीं आता। B गलत है क्योंकि इतने ही आवेश पर 45 J के लिए विभवांतर 9 V चाहिए होता। C गलत है क्योंकि 40 J के लिए 16 V पर 2.5 C या 8 V पर 5 C आवेश चाहिए होता। परीक्षा टिप: V = W/Q याद रखें, इसलिए W = QV; इस अध्याय में जूल का अर्थ कूलॉम गुणा वोल्ट ही है।

Q145.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q146.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2आसान

कोशिका के किस अंगक को "कोशिका का मास्टर" कहा जाता है?

  1. A.माइटोकॉन्ड्रिया
  2. B.अंतर्द्रव्यी जालिका (एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम)
  3. C.केंद्रिका (न्यूक्लियोलस)
  4. D.केंद्रक (न्यूक्लियस)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केंद्रक (न्यूक्लियस)

व्याख्या

सही उत्तर है D, केंद्रक (न्यूक्लियस)। केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों को निर्देशित करता है, इसलिए इसे कोशिका का मास्टर या नियंत्रण केंद्र कहा जाता है। इसमें गुणसूत्र (क्रोमोसोम) होते हैं जिनमें DNA रहता है; यही DNA प्रोटीन बनाने और माता-पिता के गुण संतान तक पहुँचाने के निर्देश रखता है। केंद्रक दोहरी झिल्ली से घिरा होता है, जिसे केंद्रक आवरण कहते हैं और जिसके छिद्रों से संदेश अंदर-बाहर आते-जाते हैं। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की थी। स्तनधारियों की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता। A गलत है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा देता है और उसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है। B गलत है क्योंकि अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लियों का जाल है जो प्रोटीन और वसा बनाती व पहुँचाती है। C गलत है क्योंकि केंद्रिका केंद्रक के भीतर की छोटी संरचना है जो राइबोसोम बनाती है, वह नियंत्रण केंद्र का केवल एक हिस्सा है। परीक्षा टिप: केंद्रक = नियंत्रण केंद्र, माइटोकॉन्ड्रिया = पावरहाउस, राइबोसोम = प्रोटीन फैक्ट्री, लाइसोसोम = आत्मघाती थैली, गॉल्जी काय = पैकेजिंग इकाई।

Q147.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 30 Aug 2018, Shift 3आसान

पीतल (ब्रास) किन धातुओं से बनी मिश्रधातु है?

  1. A.तांबा और टिन
  2. B.तांबा और जस्ता
  3. C.तांबा और एल्युमिनियम
  4. D.तांबा और लोहा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तांबा और जस्ता

व्याख्या

सही उत्तर है B, तांबा और जस्ता। पीतल तांबे और जस्ते (जिंक) की मिश्रधातु है, जिसमें आमतौर पर लगभग 70 प्रतिशत तांबा और 30 प्रतिशत जस्ता होता है। जस्ता मिलाने से पीतल शुद्ध तांबे से अधिक कठोर हो जाता है, उसमें सुनहरी-पीली चमक आती है और वह जंग व संक्षारण से बचा रहता है। इसी कारण बर्तन, दरवाज़ों के हत्थे, नल, तुरही जैसे वाद्य और कारतूस के खोल पीतल से बनते हैं। मिश्रधातु किसी धातु का दूसरी धातुओं या किसी अधातु के साथ मिश्रण होती है, जिसे मज़बूती, कठोरता या जंग-रोधी गुण बढ़ाने के लिए बनाया जाता है। A गलत है क्योंकि तांबा और टिन मिलकर कांसा बनाते हैं, जिसके नाम पर कांस्य युग कहा जाता है। C गलत है क्योंकि तांबा और एल्युमिनियम मिलकर एल्युमिनियम ब्रॉन्ज़ बनाते हैं, पीतल नहीं। D गलत है क्योंकि तांबा और लोहा कोई प्रचलित मिश्रधातु नहीं बनाते; लोहे में थोड़ा कार्बन मिलाने से स्टील बनता है। परीक्षा टिप: पीतल = Cu + Zn, कांसा = Cu + Sn, टांका (सोल्डर) = Pb + Sn, स्टेनलेस स्टील = Fe + Cr + Ni + C, जर्मन सिल्वर = Cu + Zn + Ni।

Q148.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 30 Aug 2018, Shift 3आसान

ब्लीचिंग पाउडर को पानी में मिलाने पर कौन-सी गैस निकलती है?

  1. A.हाइड्रोजन
  2. B.क्लोरीन
  3. C.कार्बन मोनोऑक्साइड
  4. D.कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्लोरीन

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्लोरीन। ब्लीचिंग पाउडर पानी से क्रिया करके क्लोरीन छोड़ता है और यही क्लोरीन रंग उड़ाने तथा कीटाणु मारने का काम करती है। ब्लीचिंग पाउडर कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड, CaOCl2, है, जो सूखे बुझे चूने, Ca(OH)2, पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है। पानी के साथ यह फिर से कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और क्लोरीन देता है: CaOCl2 + H2O → Ca(OH)2 + Cl2। इससे मिलने वाली क्लोरीन को "उपलब्ध क्लोरीन" कहते हैं। इसी कारण इसमें क्लोरीन जैसी गंध आती है और इसका उपयोग पीने के पानी व स्विमिंग पूल को कीटाणुरहित करने तथा सूती कपड़े और कागज़ को सफेद करने में होता है। A गलत है क्योंकि ब्लीचिंग पाउडर से हाइड्रोजन गैस नहीं निकलती। C गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड ईंधन के अधूरे जलने से बनती है। D गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड तब निकलती है जब अम्ल धोने के सोडा या खाने के सोडा जैसे कार्बोनेट से क्रिया करता है। परीक्षा टिप: ब्लीचिंग पाउडर = CaOCl2 (क्लोरीन देता है), खाने का सोडा = NaHCO3, धोने का सोडा = Na2CO3.10H2O, प्लास्टर ऑफ पेरिस = CaSO4.½H2O।

Q149.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 17 Aug 2018, Shift 2आसान

चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करने पर वह दूधिया हो जाता है। ऐसा किसके बनने के कारण होता है?

  1. A.बेरियम कार्बोनेट
  2. B.कैल्शियम ऑक्साइड
  3. C.कैल्शियम कार्बोनेट
  4. D.कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कैल्शियम कार्बोनेट

व्याख्या

सही उत्तर है C, कैल्शियम कार्बोनेट। कार्बन डाइऑक्साइड चूने के पानी से क्रिया करके अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट बनाती है, जिसके बारीक सफेद कण पानी को दूधिया बना देते हैं। चूने का पानी कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, Ca(OH)2, का साफ घोल होता है और अभिक्रिया है: Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O। यही कार्बन डाइऑक्साइड की पहचान का मानक परीक्षण है, जैसे यह दिखाना कि हमारी छोड़ी हुई साँस में CO2 होती है। यदि बहुत देर तक CO2 प्रवाहित करते रहें तो घुलनशील कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट बनने से दूधियापन गायब हो जाता है। A गलत है क्योंकि चूने के पानी में बेरियम होता ही नहीं, इसलिए बेरियम कार्बोनेट नहीं बन सकता। B गलत है क्योंकि कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) चूना पत्थर को गर्म करने से बनता है, CO2 प्रवाहित करने से नहीं। D गलत है क्योंकि कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट केवल अधिक CO2 से बनता है और घुलनशील होने के कारण दूधियापन को मिटाता है, पैदा नहीं करता। परीक्षा टिप: चूने के पानी में CO2 = दूधिया (CaCO3); अधिक CO2 = फिर साफ (Ca(HCO3)2); चूना पत्थर, चॉक और संगमरमर तीनों CaCO3 हैं।

Q150.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 17 Aug 2018, Shift 2आसान

उस विटामिन का नाम बताइए जिसकी कमी से अत्यधिक रक्तस्राव होता है।

  1. A.विटामिन B
  2. B.विटामिन A
  3. C.विटामिन C
  4. D.विटामिन K
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. विटामिन K

व्याख्या

सही उत्तर है D, विटामिन K। खून का थक्का बनाने वाले प्रोटीन विटामिन K से ही बनते हैं, इसलिए इसकी कमी में छोटी-सी चोट से भी खून बहता रहता है। यकृत (लिवर) विटामिन K की मदद से प्रोथ्रोम्बिन और थक्का बनाने वाले दूसरे कारक बनाता है, जो घाव पर खून को जमा देते हैं। K अक्षर जर्मन शब्द "कोएगुलेशन" से आया है, जिसका अर्थ है थक्का जमना। पालक और पत्तागोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ इसके अच्छे स्रोत हैं और बड़ी आँत के जीवाणु भी कुछ विटामिन K बनाते हैं। नवजात शिशु में यह बहुत कम होता है, इसलिए जन्म के बाद उसे विटामिन K का इंजेक्शन दिया जाता है। A गलत है क्योंकि विटामिन B समूह की कमी से बेरी-बेरी (B1) और पेलाग्रा (B3) जैसे रोग होते हैं। B गलत है क्योंकि विटामिन A की कमी से रतौंधी होती है। C गलत है क्योंकि विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है जिसमें मसूड़ों से खून आता है, पर खून जमाने वाला विटामिन K ही है। परीक्षा टिप: A = रतौंधी, B1 = बेरी-बेरी, C = स्कर्वी, D = रिकेट्स, K = रक्तस्राव; विटामिन A, D, E और K वसा में घुलनशील हैं।

Q151.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 31 Aug 2018, Shift 1आसान

मस्तिष्क का कौन-सा भाग श्वसन (साँस लेने की क्रिया) को नियंत्रित करता है?

  1. A.अग्रमस्तिष्क
  2. B.अनुमस्तिष्क (सेरिबेलम)
  3. C.मध्यमस्तिष्क
  4. D.मेडुला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मेडुला

व्याख्या

सही उत्तर है D, मेडुला। मेडुला ऑब्लॉन्गेटा मस्तिष्क का श्वसन केंद्र है, इसी कारण सोते समय भी हमारी साँस अपने आप चलती रहती है। यह पश्चमस्तिष्क का सबसे निचला भाग है और मस्तिष्क को मेरुरज्जु से जोड़ता है। साँस लेना, दिल की धड़कन, रक्तचाप, निगलना, खाँसना, छींकना और उल्टी जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ इसी के नियंत्रण में होती हैं। यह रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा भाँपकर साँस की गति घटाता-बढ़ाता है, इसलिए खोपड़ी के निचले हिस्से पर लगी चोट जानलेवा हो सकती है। A गलत है क्योंकि अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क या सेरेब्रम) सोचने, याद रखने, बोलने और ऐच्छिक क्रियाओं का काम करता है। B गलत है क्योंकि अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन बनाए रखता है और ऐच्छिक गतियों को सटीक बनाता है। C गलत है क्योंकि मध्यमस्तिष्क मुख्य रूप से देखने और सुनने से जुड़ी प्रतिवर्ती क्रियाएँ सँभालता है। परीक्षा टिप: मेडुला = साँस और धड़कन, अनुमस्तिष्क = संतुलन, प्रमस्तिष्क = सोच और स्मृति, हाइपोथैलेमस = शरीर का तापमान, भूख और प्यास।

Q152.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 29 Oct 2018, Shift 2मध्यम

समूह _______ के तत्वों को 'd' ब्लॉक तत्व कहा जाता है।

  1. A.3 से 12
  2. B.1 और 2
  3. C.13 से 18
  4. D.3 से 10
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 3 से 12

व्याख्या

सही उत्तर है A, 3 से 12। d-ब्लॉक आधुनिक आवर्त सारणी के बीच में समूह 3 से 12 तक फैला है और इसके तत्वों को संक्रमण तत्व भी कहते हैं। इनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन दूसरे-अंतिम कोश के d कक्षक में जाता है, इसीलिए ये परिवर्ती संयोजकता दिखाते हैं, रंगीन यौगिक बनाते हैं और अच्छे उत्प्रेरक होते हैं। लोहा, ताँबा, जिंक, चाँदी, सोना और पारा सब इसी ब्लॉक में हैं। इसमें चार श्रेणियाँ हैं जो 3d, 4d, 5d और 6d कक्षकों को भरती हैं, आवर्त 4 से 7 में एक-एक। B गलत है क्योंकि समूह 1 और 2 s-ब्लॉक हैं, यानी क्षार और क्षारीय मृदा धातुएँ। C गलत है क्योंकि समूह 13 से 18 p-ब्लॉक बनाते हैं, जिसमें अधिकांश अधातुएँ और उत्कृष्ट गैसें हैं। D गलत है क्योंकि d-ब्लॉक समूह 10 पर नहीं रुकता; समूह 12 के जिंक, कैडमियम और पारा भी इसी में हैं। परीक्षा टिप: s-ब्लॉक = समूह 1 और 2, d-ब्लॉक = समूह 3 से 12, p-ब्लॉक = समूह 13 से 18, f-ब्लॉक = सारणी के नीचे रखे लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड।

Q153.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 9 Oct 2018, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प लाल रक्त कणिकाओं (RBC) के बारे में सही नहीं है?

  1. A.आकार - 7.5 μm
  2. B.कार्य - ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन
  3. C.RBC की गिनती हीमोसाइटोमीटर नामक उपकरण से की जा सकती है
  4. D.आकृति - अमीबा जैसी या गोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आकृति - अमीबा जैसी या गोल

व्याख्या

सही उत्तर है D, आकृति - अमीबा जैसी या गोल। लाल रक्त कणिका उभयावतल (biconcave) तश्तरी जैसी होती है, बीच में पतली और किनारों पर मोटी; यह अमीबा जैसी कोशिका नहीं है। इस आकृति से ऑक्सीजन लेने के लिए सतह अधिक मिलती है और कोशिका पतली केशिकाओं में मुड़कर निकल जाती है। मनुष्य की परिपक्व RBC में केंद्रक नहीं होता, इसकी चौड़ाई लगभग 7.5 माइक्रोमीटर, आयु लगभग 120 दिन होती है और यह लाल अस्थि मज्जा में बनती है। इसका लाल रंग हीमोग्लोबिन से आता है, जो फेफड़ों से ऊतकों तक ऑक्सीजन और वापसी में कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ढोता है। A विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि 7.5 μm वास्तव में RBC का आकार है। B गलत है क्योंकि ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड ढोना RBC का ही काम है। C गलत है क्योंकि हीमोसाइटोमीटर सचमुच वह गिनती कक्ष है जिससे सूक्ष्मदर्शी में रक्त कोशिकाएँ गिनी जाती हैं। परीक्षा टिप: RBC = उभयावतल, बिना केंद्रक, 120 दिन; WBC = अमीबा जैसी, केंद्रक सहित; अमीबा जैसी आकृति श्वेत कणिकाओं की है, लाल की नहीं।

Q154.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC 2nd Grade Science - 2015 Official Pमध्यम

किसी पदार्थ का तापमान 27°C बढ़ जाता है। केल्विन पैमाने पर यह वृद्धि होगी -

  1. A.2.46 K
  2. B.7 K
  3. C.27 K
  4. D.300 K
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 27 K

व्याख्या

सही उत्तर है C, 27 K। 27°C की वृद्धि 27 K की ही वृद्धि होती है, क्योंकि एक डिग्री सेल्सियस और एक केल्विन का आकार बिल्कुल बराबर होता है। दोनों पैमानों में अंतर केवल शुरुआत का है: बर्फ का गलनांक 0°C है, पर वही बिंदु 273.15 K होता है। इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15 सूत्र किसी पाठ्यांक को बदलने पर लगता है, ताप के अंतर पर नहीं। जब दो तापमान घटाए जाते हैं तो 273.15 कट जाता है, इसी कारण वृद्धि, कमी या अंतराल दोनों पैमानों पर एक ही संख्या रहती है। विकल्प D, 300 K, इस प्रश्न का जाल है: 27 + 273 उस वस्तु का केल्विन पाठ्यांक है जो 27°C पर है, 27 डिग्री की वृद्धि का माप नहीं। विकल्प A और B किसी गणना से नहीं निकलते; इनके लिए सेल्सियस से छोटे विभाजन वाला पैमाना चाहिए, और केल्विन ऐसा मात्रक नहीं है। परीक्षा टिप: पाठ्यांक में 273.15 जोड़ें, पर अंतराल सीधे वैसा ही लिखें।