एक खोखले प्रिज्म में अपवर्तनांक 1.34 वाला जल भरा है और प्रिज्म पर श्वेत प्रकाश आपतित होता है। मान लें कि श्वेत प्रकाश की तरंगदैर्ध्य 4020 Å से 6700 Å तक है। जल में संगत तरंगदैर्ध्य परास क्या होगा?
- A.3000 Å से 5000 Å
- B.4020 Å से 6700 Å
- C.5000 Å से 7000 Å
- D.5386 Å से 8978 Å
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 3000 Å से 5000 Å। प्रकाश जब किसी सघन माध्यम में जाता है तो उसकी तरंगदैर्ध्य उस माध्यम के अपवर्तनांक से भाग हो जाती है।
प्रकाश की आवृत्ति उसके स्रोत से तय होती है और अपवर्तन में नहीं बदलती। चाल = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य, और जल में चाल c/n होती है, इसलिए जल में तरंगदैर्ध्य λ/n होगी। यहां 4020 ÷ 1.34 = 3000 Å और 6700 ÷ 1.34 = 5000 Å, यानी पूरा परास घटकर 3000–5000 Å रह जाता है। रंग आवृत्ति पर निर्भर करता है, इसलिए जल में भी लाल प्रकाश लाल ही दिखता है।
B में तरंगदैर्ध्य वही रखी गई है, जो तभी संभव है जब जल प्रकाश को धीमा न करे।
C, 5000 Å से 7000 Å, 1.34 से भाग देने पर नहीं आता और वायु के मानों के ही करीब है।
D में 1.34 से भाग देने के बजाय गुणा किया गया है, जिसका अर्थ होगा कि जल में प्रकाश वायु से तेज चलता है।
Exam tip: अपवर्तन में आवृत्ति स्थिर रहती है, जबकि चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों n गुना घट जाती हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाल ही में हमारे देश में हिमालयी बिच्छू बूटी (गिरार्डिनिया डाइवर्सिफ़ोलिया) के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ी, क्योंकि यह किसका एक संधारणीय स्रोत पाई गई है?
- A.मलेरिया-रोधी औषधि
- B.जैव-डीज़ल
- C.कागज़ उद्योग के लिए लुगदी
- D.वस्त्र रेशा
उत्तर देखें
हिमालयी बिच्छू बूटी से एक मज़बूत प्राकृतिक रेशा मिलता है, जिसे कातकर और बुनकर कपड़ा बनाया जा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पादप और जंतु कोशिकाओं के बीच सामान्य अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. पादप कोशिकाओं में सेल्युलोज़ की कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिकाओं में नहीं होती। 2. पादप कोशिकाओं में प्लाज़्मा झिल्ली नहीं होती, जबकि जंतु कोशिकाओं में होती है। 3. परिपक्व पादप कोशिका में एक बड़ी रिक्तिका होती है जबकि जंतु कोशिका में कई छोटी रिक्तिकाएँ होती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
पादप कोशिका में सेल्युलोज़ की भित्ति और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, पर उसमें भी जंतु कोशिका की तरह प्लाज़्मा झिल्ली होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ज़ीका वायरस रोग उसी मच्छर से फैलता है जो डेंगू फैलाता है। 2. ज़ीका वायरस रोग का यौन संचरण संभव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
ज़ीका मुख्य रूप से उसी एडीज़ मच्छर से फैलता है जो डेंगू फैलाता है, और यह यौन संपर्क से भी फैल सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (PCV) के उपयोग का क्या महत्व है? 1. ये टीके निमोनिया के साथ-साथ मेनिनजाइटिस और सेप्सिस के विरुद्ध भी प्रभावी हैं। 2. उन एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भरता कम की जा सकती है जो दवा-प्रतिरोधी जीवाणुओं पर प्रभावी नहीं हैं। 3. इन टीकों का कोई दुष्प्रभाव नहीं है और ये कोई एलर्जी नहीं करते। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
यह टीका न्यूमोकोकस से होने वाले कई रोगों से बचाता है और इससे एंटीबायोटिक का उपयोग घटता है, पर कोई भी टीका दुष्प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.इसका उपयोग रासायनिक उद्योगों में अपचायक के रूप में होता है
- B.इसका उपयोग कागज़ कारखानों में लकड़ी की लुगदी के विरंजन के लिए होता है
- C.इसका उपयोग पेयजल को रोगाणुमुक्त करने के लिए होता है
- D.इसका उपयोग वस्त्र उद्योग में लिनन के विरंजन के लिए होता है
उत्तर देखें
विरंजक चूर्ण ऑक्सीकारक है, अपचायक नहीं, इसलिए यही कथन असत्य है। विरंजक चूर्ण, यानी कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂), शुष्क बुझे चूने Ca(OH)₂ पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है।
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