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GK24

करेंट अफेयर्स 1 अक्टूबर 2026: आज का करेंट अफेयर्स हिंदी में

5 अपडेट· 50 MCQअंतिम अपडेट

1 अक्टूबर 2026 के करेंट अफेयर्स में 5 प्रमुख समाचार और 20 अभ्यास प्रश्न शामिल हैं। इस अंक में सरकारी योजनाएं, नियुक्तियां, राष्ट्रीय जैसे विषय शामिल हैं। सभी तथ्य आधिकारिक सरकारी विज्ञप्तियों से लिए गए हैं और प्रत्येक लेख में उसका स्रोत दिया गया है। एसएससी, बैंकिंग, यूपीएससी, रेलवे और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी नीचे दिए गए वन-लाइनर्स से दिन भर के महत्वपूर्ण बिंदु तेज़ी से दोहरा सकते हैं।

आज का क्विज20 प्रश्न · 20 मिनटक्विज शुरू करें

मुख्य समाचार

  1. स्वच्छता ही सेवा 2026: स्वास्थ्य मंत्रालय में श्रमदान
  2. नरेंद्र भूषण ने पर्यावरण मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला
  3. जल जीवन मिशन 2.0 में जनजातीय गांवों के लिए 5,000 करोड़ रुपये
  4. विशेष अभियान 6.0 दो अक्तूबर से, ई-कचरा निपटान पर विशेष जोर
  5. लोणार, अजंता और एलोरा में सूर्य किरण एयर शो का प्रस्ताव

वन-लाइनर करेंट अफेयर्स

  • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कर्तव्य भवन-1 के गेट नंबर 3 के पास श्रमदान का आयोजन किया
  • 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान की थीम है 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ'
  • श्रमदान का नेतृत्व स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया
  • आराधना पटनायक (मिशन निदेशक, एनएचएम), डॉ. राकेश गुप्ता (महानिदेशक, नाको) और डॉ. लवनीश जी. कृष्णा (डीजीएचएस) इसमें शामिल हुए
  • नरेंद्र भूषण ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का पदभार ग्रहण कर लिया है।
  • वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1992 बैच के अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से संबंध रखते हैं।
  • इस नियुक्ति से पहले वे ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग में सचिव के पद पर थे।
  • उत्तर प्रदेश में वे ऊर्जा एवं तकनीकी शिक्षा के अपर मुख्य सचिव तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे।
  • जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत पीएम-जनमन तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के गांवों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान रखा गया है।
  • पीएम-जनमन का पूरा नाम प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान है।
  • दूसरी अनुवर्ती समीक्षा बैठक की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के. के. मीना ने की।
  • जनजातीय कार्य मंत्रालय सर्वेसेतु अभ्यास चला रहा है, जिसमें कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन की जांच घर-घर की जाती है।
  • प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग का विशेष अभियान 6.0 दो से 31 अक्तूबर 2026 तक चलेगा।
  • इसका तैयारी चरण 16 से 30 सितंबर 2026 तक चला, जिसमें मंत्रालयों ने सफाई तथा निपटान के लक्ष्य तय किए।
  • इस बार सफाई और अभिलेख प्रबंधन के साथ सरकारी कार्यालयों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निपटान पर विशेष जोर है।
  • संस्कृति मंत्रालय ने सफाई के लिए 595 स्थल तथा समीक्षा के लिए 31,515 भौतिक फाइलें और 323 ई-फाइलें चिन्हित की हैं।
  • आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर महाराष्ट्र में सूर्य किरण एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम के कार्यक्रम का अनुरोध किया है।
  • प्रदर्शन लोणार क्रेटर झील, अजंता गुफाओं तथा एलोरा गुफाओं पर 23, 24 या 25 नवंबर 2026 में किसी एक दिन कराने को कहा गया है।
  • लोणार क्रेटर झील महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में है और अपने खारे तथा क्षारीय जल एवं गड्ढेनुमा भूदृश्य के लिए जानी जाती है।
  • अजंता तथा एलोरा की गुफाएं दोनों यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल हैं।

राष्ट्रीय

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नियुक्तियां

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सरकारी योजनाएं

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आज के MCQ

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014आसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.पाँचवीं अनुसूची
  3. C.आठवीं अनुसूची
  4. D.दसवीं अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है D, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी प्रावधान दसवीं अनुसूची में रखे गए हैं, इसलिए जो विधायक या सांसद उस दल को छोड़ देता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, उसे इसी अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य ठहराया जा सकता है। यह अनुसूची 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी और यह संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू होती है। सदस्य की सदस्यता स्वेच्छा से दल छोड़ने पर या दल के व्हिप के विरुद्ध मत देने पर जाती है, और ऐसे मामले का निर्णय सदन का पीठासीन अधिकारी करता है। विलय की स्थिति में छूट तभी मिलती है जब उस विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय पर सहमत हों। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों तथा अन्य उच्च पदों के वेतन-भत्ते तय करती है। B गलत है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - दसवीं अनुसूची और 1985 का 52वाँ संशोधन।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020मध्यम

निम्नलिखित में से किस एक समूह के चारों देश G20 के सदस्य हैं?

  1. A.अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की
  2. B.ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और न्यूज़ीलैंड
  3. C.ब्राज़ील, ईरान, सऊदी अरब और वियतनाम
  4. D.इंडोनेशिया, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की

व्याख्या

सही उत्तर है A, अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की। ये चारों देश G20 में शामिल हैं, इसलिए यही एक समूह है जिसमें कोई भी नाम इस मंच से बाहर का नहीं है। G20 की शुरुआत 1999 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के रूप में हुई थी, और वैश्विक वित्तीय संकट के बाद 2008 में इसे शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का दर्जा दिया गया। इसमें उन्नीस देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं, तथा नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को भी सदस्य बनाया गया। इसके एशियाई सदस्यों में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और तुर्की आते हैं। B गलत है क्योंकि मलेशिया और न्यूज़ीलैंड सदस्य नहीं हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सदस्य हैं। C गलत है क्योंकि ईरान और वियतनाम इस समूह से बाहर हैं, पर ब्राज़ील और सऊदी अरब इसमें हैं। D गलत है क्योंकि सिंगापुर सदस्य नहीं है, हालाँकि उसे अक्सर अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। परीक्षा टिप: दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में केवल इंडोनेशिया G20 का सदस्य है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 23 Aug, 2015आसान

भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना किसमें किया गया प्रावधान है?

  1. A.संविधान की प्रस्तावना
  2. B.राज्य के नीति निदेशक तत्व
  3. C.मौलिक अधिकार
  4. D.मौलिक कर्तव्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मौलिक कर्तव्य

व्याख्या

सही उत्तर है D, मौलिक कर्तव्य। भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक के कर्तव्य के रूप में गिनाया गया है, इसलिए यह प्रावधान मौलिक कर्तव्यों में आता है, संविधान के किसी अन्य भाग में नहीं। मौलिक कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफ़ारिश पर 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भाग 4क, अनुच्छेद 51क के रूप में जोड़े गए थे; तब दस कर्तव्य जोड़े गए और ग्यारहवाँ कर्तव्य, बच्चों की शिक्षा से जुड़ा, 2002 के 86वें संशोधन से आया। ये नैतिक दायित्व हैं और इन्हें अपने आप न्यायालय से लागू नहीं कराया जा सकता। A गलत है क्योंकि प्रस्तावना राष्ट्र की एकता और अखंडता की बात एक आदर्श के रूप में करती है, नागरिक पर कोई कर्तव्य नहीं डालती। B गलत है क्योंकि नीति निदेशक तत्व राज्य को संबोधित करते हैं, नागरिक को नहीं। C गलत है क्योंकि मौलिक अधिकार वे दावे हैं जो नागरिक राज्य के विरुद्ध रखता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 51क 1976 के 42वें संशोधन से आया।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020कठिन

भारत के इतिहास की निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: 1. राजा भोज के अधीन प्रतिहारों का उत्कर्ष 2. महेंद्रवर्मन प्रथम के अधीन पल्लव शक्ति की स्थापना 3. परांतक प्रथम द्वारा चोल शक्ति की स्थापना 4. गोपाल द्वारा पाल वंश की स्थापना। आरंभ से प्रारंभ करते हुए उपरोक्त घटनाओं का सही कालानुक्रम क्या है?

  1. A.2 - 1 - 4 - 3
  2. B.3 - 1 - 4 - 2
  3. C.2 - 4 - 1 - 3
  4. D.3 - 4 - 1 - 2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 - 4 - 1 - 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 - 4 - 1 - 3। सबसे पहले महेंद्रवर्मन प्रथम आते हैं, उसके बाद गोपाल, फिर भोज और अंत में परांतक प्रथम, और यही क्रम इस विकल्प में दिया गया है। महेंद्रवर्मन प्रथम ने सातवीं शताब्दी के आरंभ में कांची के पल्लवों पर शासन किया और मंडगपट्टु के शैलकृत मंदिरों तथा अपने नाटक मत्तविलास प्रहसन के लिए याद किए जाते हैं। गोपाल आठवीं शताब्दी के मध्य के आसपास बंगाल की गद्दी पर बैठे और उन्होंने पाल वंश की नींव रखी। मिहिर भोज ने नौवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कन्नौज के गुर्जर-प्रतिहारों का नेतृत्व किया, जो त्रिपक्षीय संघर्ष का चरम काल था। चोल शासक परांतक प्रथम दसवीं शताब्दी के आरंभ में शासन कर रहे थे और उन्होंने वेल्लूर में पांड्यों को हराया। A गलत है क्योंकि इसमें भोज को गोपाल से पहले रखा गया है। B और D गलत हैं क्योंकि दोनों की शुरुआत परांतक प्रथम से होती है, जो चारों में सबसे बाद के शासक हैं। परीक्षा टिप: क्रम है पल्लव, फिर पाल, फिर प्रतिहार, फिर चोल।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services Exam (Prelims) 2010मध्यम

लोक अदालतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.लोक अदालतों को केवल मुकदमा-पूर्व अवस्था के मामलों को निपटाने का क्षेत्राधिकार है, किसी न्यायालय में लंबित मामलों का नहीं
  2. B.लोक अदालतें केवल दीवानी प्रकृति के मामले देख सकती हैं, आपराधिक नहीं
  3. C.प्रत्येक लोक अदालत में केवल कार्यरत या सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी होते हैं, कोई अन्य व्यक्ति नहीं
  4. D.ऊपर दिया गया कोई भी कथन सही नहीं है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ऊपर दिया गया कोई भी कथन सही नहीं है

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऊपर दिया गया कोई भी कथन सही नहीं है। तीनों विवरणों में कोई एक बात ग़लत है, इसलिए चौथा विकल्प ही बचता है। लोक अदालतें विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत गठित की जाती हैं ताकि विवाद आपसी समझौते से निपटाए जा सकें, और उनके निर्णय को दीवानी न्यायालय की डिक्री माना जाता है जिसके विरुद्ध कोई अपील नहीं होती। A गलत है क्योंकि लोक अदालत न्यायालय में पहले से लंबित मामला और मुकदमा-पूर्व अवस्था का विवाद, दोनों उठा सकती है। B गलत है क्योंकि वह दीवानी विवाद के साथ-साथ शमनीय आपराधिक मामला भी निपटा सकती है; केवल अशमनीय अपराध इससे बाहर रखे गए हैं। C गलत है क्योंकि लोक अदालत में कार्यरत या सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी के साथ अन्य व्यक्ति भी होते हैं, आमतौर पर एक समाजसेवी और विधि व्यवसाय से जुड़ा एक सदस्य। परीक्षा टिप: 1987 का अधिनियम और यह नियम याद रखें कि लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है, उस पर अपील नहीं।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020आसान

संसदीय शासन प्रणाली वह है जिसमें

  1. A.संसद में सभी राजनीतिक दलों को सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाता है
  2. B.सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी होती है और संसद उसे हटा सकती है
  3. C.सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और जनता उसे हटा सकती है
  4. D.सरकार संसद द्वारा चुनी जाती है, पर एक निश्चित कार्यकाल पूरा होने से पहले उसे हटाया नहीं जा सकता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी होती है और संसद उसे हटा सकती है

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी होती है और संसद उसे हटा सकती है। संसदीय प्रणाली की जड़ इसी बात में है कि कार्यपालिका विधायिका को जवाब देती है, इसलिए मंत्रिपरिषद तभी तक पद पर रहती है जब तक सदन का विश्वास उसके साथ है। भारत ने यह रूप ब्रिटेन से लिया है: मंत्री विधायिका में से ही लिए जाते हैं, अनुच्छेद 75 के अनुसार वे लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होते हैं, और उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने पर पूरी मंत्रिपरिषद गिर जाती है। राष्ट्रपति नाममात्र का प्रमुख होता है और प्रधानमंत्री कार्यपालिका का वास्तविक प्रमुख। A गलत है क्योंकि सभी दलों की सरकार एक राष्ट्रीय या गठबंधन व्यवस्था है, प्रणाली की विशेषता नहीं। C गलत है क्योंकि जनता विधायिका चुनती है और सरकार बनाने-गिराने का काम विधायिका करती है; मतदाताओं द्वारा सीधे हटाने की व्यवस्था भारत में किसी पद के लिए नहीं है। D गलत है क्योंकि सदन जिसे बीच में न हटा सके, ऐसा निश्चित कार्यकाल अध्यक्षात्मक प्रणाली की पहचान है। परीक्षा टिप: संसदीय का अर्थ उत्तरदायी सरकार, अध्यक्षात्मक का अर्थ निश्चित कार्यकाल।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020कठिन

व्यापार से संबंधित निवेश उपाय (TRIMS) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. विदेशी निवेशकों द्वारा आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध वर्जित हैं। 2. ये वस्तुओं और सेवाओं, दोनों के व्यापार से जुड़े निवेश उपायों पर लागू होते हैं। 3. इनका विदेशी निवेश के नियमन से कोई संबंध नहीं है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। कथन 1 और 3 सही हैं तथा कथन 2 सही नहीं है, इसलिए यही युग्म ठीक बैठता है। व्यापार से संबंधित निवेश उपायों पर करार विश्व व्यापार संगठन के उन समझौतों में से एक है जो 1995 में उरुग्वे दौर से निकले। यह किसी सदस्य देश को विदेशी निवेशक पर ऐसी शर्तें लगाने से रोकता है जो वस्तुओं के व्यापार को विकृत करती हैं, और इसमें नामित दो प्रमुख निषेध हैं स्थानीय सामग्री की अनिवार्यता तथा व्यापार संतुलन की अनिवार्यता; इसी कारण निवेशक के आयात पर मात्रात्मक सीमा लगाना वर्जित है। यह करार निवेश उपायों को केवल उतना ही छूता है जितना वे वस्तुओं के व्यापार को प्रभावित करते हैं, इसलिए कथन 2 गलत है; सेवाओं का मामला अलग से गैट्स के अंतर्गत आता है। कथन 3 सही है क्योंकि करार यह तय नहीं करता कि कोई देश किसे निवेशक के रूप में आने दे या किन शर्तों पर, अतः वह विदेशी निवेश का नियमन नहीं करता। A और D गलत हैं क्योंकि दोनों में कथन 2 शामिल है। B गलत है क्योंकि वह केवल कथन 2 पर टिका है। परीक्षा टिप: ट्रिम्स वस्तुओं का, गैट्स सेवाओं का और ट्रिप्स बौद्धिक संपदा का विषय है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन हिंदू फीमेल स्कूल के सचिव के रूप में जुड़े थे, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल के नाम से जाना गया?

  1. A.एनी बेसेंट
  2. B.देवेंद्रनाथ टैगोर
  3. C.ईश्वर चंद्र विद्यासागर
  4. D.सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ईश्वर चंद्र विद्यासागर

व्याख्या

सही उत्तर है C, ईश्वर चंद्र विद्यासागर। विद्यासागर हिंदू फीमेल स्कूल के सचिव थे, और इस विद्यालय का नाम आगे चलकर जॉन इलियट ड्रिंकवाटर बेथ्यून के नाम पर रखा गया, जिन्होंने 1849 में कलकत्ता में इसकी स्थापना की थी। उन्नीसवीं सदी के बंगाल में लड़कियों की पढ़ाई के सबसे मज़बूत पैरोकार विद्यासागर ही थे; विद्यालय निरीक्षक के पद पर रहते हुए उन्होंने ज़िलों में दर्जनों बालिका विद्यालय खोले, और विधवाओं की दुर्दशा के विरुद्ध उनके अभियान से 1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना। उन्होंने बाल विवाह और बहुविवाह को रोकने के लिए भी लगातार दबाव बनाया। A गलत है क्योंकि एनी बेसेंट भारत में लगभग आधी सदी बाद सक्रिय हुईं और उनका नाम बनारस के सेंट्रल हिंदू कॉलेज तथा होम रूल लीग से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि देवेंद्रनाथ टैगोर ने ब्रह्म समाज का नेतृत्व किया और तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की। D गलत है क्योंकि सरोजिनी नायडू बीसवीं सदी के स्वतंत्रता संग्राम की नेता थीं। परीक्षा टिप: बेथ्यून स्कूल, 1849 और सचिव विद्यासागर - यह जोड़ी याद रखें।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म भारतीय दर्शन की छह प्रणालियों का भाग नहीं है?

  1. A.मीमांसा और वेदांत
  2. B.न्याय और वैशेषिक
  3. C.लोकायत और कापालिक
  4. D.सांख्य और योग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लोकायत और कापालिक

व्याख्या

सही उत्तर है C, लोकायत और कापालिक। इनमें से कोई भी छह आस्तिक प्रणालियों में नहीं आता, इसलिए यही युग्म बाहर पड़ता है। छह प्रणालियाँ, जिन्हें षड्दर्शन कहा जाता है, हैं सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदांत, और ये सभी वेदों के प्रामाण्य को स्वीकार करती हैं। इन्हें आमतौर पर तीन जोड़ियों में पढ़ा जाता है: सांख्य के साथ योग, न्याय के साथ वैशेषिक, और मीमांसा के साथ वेदांत। लोकायत भौतिकवादी विचारधारा है, जिसे चार्वाक भी कहते हैं; यह वेद, आत्मा और मृत्यु के बाद के जीवन को नहीं मानती, इसलिए बौद्ध और जैन के साथ इसे नास्तिक दर्शन में गिना जाता है। कापालिक एक शैव तांत्रिक संप्रदाय था, यानी धार्मिक पंथ, दर्शन की शाखा नहीं। A गलत है क्योंकि मीमांसा और वेदांत वेदों पर ही खड़ी दो शाखाएँ हैं। B गलत है क्योंकि न्याय भारतीय तर्कशास्त्र देता है और वैशेषिक परमाणुवाद। D गलत है क्योंकि सांख्य और योग छह में सबसे प्राचीन जोड़ी बनाते हैं। परीक्षा टिप: आस्तिक का अर्थ वेद को मानने वाला; चार्वाक, बौद्ध और जैन तीन नास्तिक दर्शन हैं।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यहाँ केवल एक नागरिकता और एक अधिवास है। 2. केवल जन्म से नागरिक ही राज्याध्यक्ष बन सकता है। 3. विदेशी को एक बार नागरिकता मिल जाने पर किसी भी परिस्थिति में उससे वह नहीं छीनी जा सकती। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। केवल पहला कथन सही है, इसलिए बाकी संयोजन कट जाते हैं। भारत में एकल नागरिकता और एक ही अधिवास की व्यवस्था है, यानी व्यक्ति केवल भारत का नागरिक होता है, अलग से किसी राज्य का नहीं, जबकि अमेरिका में नागरिक राज्य का भी नागरिक होता है। नागरिकता का विषय अनुच्छेद 5 से 11 तथा नागरिकता अधिनियम, 1955 में रखा गया है, जिसके अनुसार यह जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण या किसी क्षेत्र के भारत में मिलने से प्राप्त की जा सकती है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 58 केवल यह चाहता है कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार भारत का नागरिक हो; देशीयकरण से बना नागरिक भी समान रूप से पात्र है। कथन 3 गलत है क्योंकि अधिनियम में परित्याग, पर्यवसान और वंचन से नागरिकता जाने की व्यवस्था है, और देशीयकृत नागरिक से धोखाधड़ी या राजद्रोह के कारण नागरिकता छीनी जा सकती है। B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक में यही दो ग़लत कथन शामिल हैं। परीक्षा टिप: एकल नागरिकता, एक अधिवास - और अनुच्छेद 5 से 11 नागरिकता के अनुच्छेद हैं।

Q11.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services (Prelims) Official Pमध्यम

निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थलों पर विचार कीजिए: 1. अजंता की गुफाएँ 2. लेपाक्षी मंदिर 3. साँची स्तूप। उपरोक्त स्थलों में से कौन-सा/से भित्ति चित्रों के लिए भी जाना जाता है/जाने जाते हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। अजंता और लेपाक्षी, दोनों की दीवारों और छतों पर चित्रकारी है, जबकि साँची में नहीं, इसलिए पहले दो ही ठीक बैठते हैं। महाराष्ट्र की अजंता गुफाओं में भारत के सबसे उत्कृष्ट बचे हुए बौद्ध भित्ति चित्र हैं, जो टेम्परा शैली में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से पाँचवीं शताब्दी ईसवी के बीच बने; इनमें बोधिसत्व पद्मपाणि तथा जातक कथाओं के दृश्य सबसे प्रसिद्ध हैं। आंध्र प्रदेश के लेपाक्षी स्थित वीरभद्र मंदिर सोलहवीं शताब्दी के विजयनगर कालीन भित्ति चित्रों से भरा है, जिनमें शिव के बड़े छत-चित्र और सजीव रंगों वाला नटराज शामिल हैं। A गलत है क्योंकि इसमें लेपाक्षी छूट जाता है। C गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश का साँची अपने स्तूपों और तोरणद्वारों की उत्कीर्ण सज्जा के लिए प्रसिद्ध है, जो मूर्तिकला है, चित्रकला नहीं। D गलत है क्योंकि तीन में से दो स्थलों पर भित्ति चित्र हैं। परीक्षा टिप: अजंता का नाम चित्रकला से और साँची का नाम स्तूप की वेदिकाओं तथा तोरणों की मूर्तिकला से जोड़ें।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pआसान

किसी भी देश के संदर्भ में निम्नलिखित में से किसे उसकी सामाजिक पूँजी का भाग माना जाएगा?

  1. A.जनसंख्या में साक्षरों का अनुपात
  2. B.उसके भवनों, अन्य अवसंरचना और मशीनों का भंडार
  3. C.कार्यकारी आयु वर्ग की जनसंख्या का आकार
  4. D.समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर

व्याख्या

सही उत्तर है D, समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर। सामाजिक पूँजी का अर्थ है वे संबंध, साझा मानदंड और विश्वास जिनके सहारे समाज के लोग मिलकर काम कर पाते हैं, इसलिए इसे वस्तुओं या लोगों की संख्या से नहीं, बल्कि रिश्तों से मापा जाता है। इस विचार को रॉबर्ट पुटनम ने प्रसिद्ध किया, जिनका तर्क था कि जिस समुदाय में विश्वास और नागरिक संगठन अधिक हैं, वहाँ शासन बेहतर और विकास तेज़ होता है, क्योंकि समझौते महँगी निगरानी के बिना ही निभा लिए जाते हैं। भारत में स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियाँ और गाँव की समितियाँ इसका रोज़मर्रा का रूप हैं। A गलत है क्योंकि साक्षरता मानव पूँजी का अंग है, यानी लोगों में बसा कौशल और ज्ञान। B गलत है क्योंकि भवन, अवसंरचना और मशीनें भौतिक या उत्पादित पूँजी हैं। C गलत है क्योंकि कार्यकारी आयु वर्ग का आकार जनसांख्यिकीय लाभांश है, जो जनसंख्या की संरचना का विषय है। परीक्षा टिप: भौतिक पूँजी वह है जो आप बनाते हैं, मानव पूँजी वह जो आप सीखते हैं, और सामाजिक पूँजी वह जिस पर आप भरोसा करते हैं।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services Exam (Prelims) 2010आसान

वित्तीय निवेश की शब्दावली में बेयर शब्द का अर्थ है

  1. A.वह निवेशक जो मानता है कि किसी विशेष प्रतिभूति का भाव गिरने वाला है
  2. B.वह निवेशक जो किसी विशेष शेयर के भाव के बढ़ने की आशा करता है
  3. C.वह अंशधारक या बॉन्डधारक जिसका कंपनी में वित्तीय या अन्य प्रकार का हित है
  4. D.कोई भी ऋणदाता, चाहे ऋण देकर हो या बॉन्ड ख़रीदकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वह निवेशक जो मानता है कि किसी विशेष प्रतिभूति का भाव गिरने वाला है

व्याख्या

सही उत्तर है A, वह निवेशक जो मानता है कि किसी विशेष प्रतिभूति का भाव गिरने वाला है। बेयर भावों के गिरने की आशा करता है और इसलिए बेचता है, इस उम्मीद में कि वही प्रतिभूति सस्ते में फिर ख़रीद लेगा; इसी कारण गिरते बाज़ार को बेयर बाज़ार कहा जाता है। कहा जाता है कि यह नाम भालू के पंजों से नीचे की ओर प्रहार करने से आया है, जबकि साँड़ अपने सींग ऊपर की ओर उठाकर वार करता है। भारतीय शेयर बाज़ारों में बेयर आमतौर पर शॉर्ट सेलिंग करता है, और भारी बिकवाली का वह दौर जो भावों को नीचे खींच ले जाए, बेयर हग या बेयर रेड कहलाता है। B गलत है क्योंकि भाव बढ़ने की आशा करने वाला निवेशक बुल कहलाता है। C गलत है क्योंकि शेयर या बॉन्ड रखने के कारण कंपनी में हित रखने वाला व्यक्ति हितधारक कहा जाता है। D गलत है क्योंकि ऋण देने वाला या बॉन्ड ख़रीदने वाला लेनदार होता है। परीक्षा टिप: बेयर गिरावट की आशा में बेचता है, बुल तेज़ी की आशा में ख़रीदता है; दलाल स्ट्रीट पर दोनों की प्रतिमाएँ हैं।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pकठिन

मुगलकालीन भारत के संदर्भ में जागीरदार और ज़मींदार में क्या अंतर है/हैं? 1. जागीरदार न्यायिक और पुलिस कर्तव्यों के बदले भूमि निर्धारण रखते थे, जबकि ज़मींदार राजस्व वसूली के अतिरिक्त कोई कर्तव्य निभाने की बाध्यता के बिना राजस्व अधिकार रखते थे। 2. जागीरदारों को दिए गए भूमि निर्धारण वंशानुगत थे और ज़मींदारों के राजस्व अधिकार वंशानुगत नहीं थे। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न 1 न ही 2
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. न 1 न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न 1 न ही 2। दोनों कथन इन दो पदों का ग़लत वर्णन करते हैं, इसलिए कोई भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। जागीर किसी क्षेत्र के भू-राजस्व का निर्धारण था, जो मनसबदार को सेवा के बदले नकद वेतन के स्थान पर सैनिक और प्रशासनिक कार्य के लिए दिया जाता था, न्यायिक और पुलिस कर्तव्य के बदले नहीं; धारक निर्धारित राजस्व वसूलता और उसी से सेना रखता था। जागीरें हस्तांतरणीय थीं और हर तीन-चार वर्ष में बदल दी जाती थीं ताकि कोई अमीर एक ज़िले में जड़ न जमा ले, तथा धारक की मृत्यु पर वे बादशाह के पास लौट जाती थीं, इसलिए कथन 1 गलत है। इसके विपरीत ज़मींदार अपने इलाके की भूमि में वंशानुगत अधिकार रखता था, किसानों से राजस्व वसूलता था और राज्य का हिस्सा आगे भेजकर नानकार नामक कमीशन अपने पास रखता था, अतः कथन 2 में वंशानुगत होने की बात ठीक उलटी है। A, B और C गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक इन दो त्रुटिपूर्ण कथनों में से कम से कम एक को मान लेता है। परीक्षा टिप: जागीर हस्तांतरणीय थी और वंशानुगत नहीं, ज़मींदारी वंशानुगत थी और इलाके में जमी हुई।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020मध्यम

बीसवीं शताब्दी के आरंभ तक भारत में नील की खेती का पतन किस कारण हुआ?

  1. A.बागान मालिकों के दमनकारी आचरण के विरुद्ध किसानों का प्रतिरोध
  2. B.नए आविष्कारों के कारण विश्व बाज़ार में इसकी अलाभकारी स्थिति
  3. C.नील की खेती के विरुद्ध राष्ट्रीय नेताओं का विरोध
  4. D.बागान मालिकों पर सरकार का नियंत्रण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नए आविष्कारों के कारण विश्व बाज़ार में इसकी अलाभकारी स्थिति

व्याख्या

सही उत्तर है B, नए आविष्कारों के कारण विश्व बाज़ार में इसकी अलाभकारी स्थिति। जब रसायनशास्त्रियों ने कारख़ाने में ही नील बनाना सीख लिया, तब नील का बाज़ार हाथ से निकल गया, भारतीय फ़सल घाटे की हो गई और खेती सिमट गई। एडोल्फ़ फ़ॉन बेयर ने अठारह सौ अस्सी के दशक में नील की संरचना समझ ली और जर्मन कंपनी बीएएसएफ़ ने 1897 में संश्लेषित नील बेचना शुरू किया; कुछ ही वर्षों में उसने विश्व व्यापार का बड़ा हिस्सा ले लिया, क्योंकि कारख़ाने का रंग पौधे से निकाले रंग की तुलना में सस्ता और अधिक एकसार गुणवत्ता वाला था। बंगाल और बिहार, जो नील के निर्यात पर टिके थे, वहाँ बीसवीं सदी के पहले दशक में रकबा धड़ाम से गिर गया। A गलत है क्योंकि 1859 का बंगाल का नील विद्रोह और 1917 का चंपारण सत्याग्रह कुछ ज़िलों में बागान मालिकों पर अंकुश लगा सके, पर उद्योग को समाप्त नहीं किया। C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय नेताओं ने किसानों की शिकायतें उठाईं, फ़सल के विरुद्ध कोई अभियान नहीं चलाया। D गलत है क्योंकि सरकार बागान मालिकों पर अंकुश लगाने की जगह उनका संरक्षण करती रही। परीक्षा टिप: जर्मनी का संश्लेषित नील, 1897 - इसी ने प्राकृतिक रंग का व्यापार समाप्त किया।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2012 Pमध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस प्रावधान के अनुरूप अधिनियमित किया गया था? 1. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार का भाग माना गया स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार 2. अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण हेतु अनुसूचित क्षेत्रों में प्रशासन का स्तर ऊँचा उठाने के लिए अनुदान का प्रावधान 3. अनुच्छेद 243क में उल्लिखित ग्राम सभा की शक्तियाँ और कार्य। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम जीवन के अधिकार में पढ़े गए स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार पर टिका है, इसलिए केवल पहला प्रावधान प्रासंगिक है। सुभाष कुमार वाद से आगे के फ़ैसलों की एक कड़ी में उच्चतम न्यायालय ने माना है कि अनुच्छेद 21 में स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार शामिल है, और 2010 का अधिनियम इसी अधिकार को अपना मंच देने के लिए पारित किया गया। इसने न्यायिक तथा विशेषज्ञ सदस्यों वाला एक अधिकरण गठित किया, जो पर्यावरण कानूनों से जुड़े दीवानी मामले छह महीने में तय करता है, और इसका आधार स्टॉकहोम तथा रियो घोषणाएँ भी रहीं, जिनमें भारत पक्षकार था। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 275(1) अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के लिए सहायता अनुदान देता है और अधिकरण से उसका कोई संबंध नहीं है। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 243क पंचायत प्रावधानों के अंतर्गत ग्राम सभा की शक्तियों से जुड़ा है। B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक इन दो असंबद्ध अनुच्छेदों में से किसी को ले लेता है। परीक्षा टिप: हरित अधिकरण अधिनियम 2010, अनुच्छेद 21, और पाँच पीठ जिनकी प्रधान पीठ दिल्ली में है।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pमध्यम

चार्टर अधिनियम 1813 के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने चाय के व्यापार तथा चीन के साथ व्यापार को छोड़कर भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया। 2. इसने कंपनी के अधीन भारतीय क्षेत्रों पर ब्रिटिश ताज की संप्रभुता की घोषणा की। 3. भारत के राजस्व अब ब्रिटिश संसद के नियंत्रण में आ गए। उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 2। 1813 के अधिनियम ने कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार तोड़ा और ताज की संप्रभुता की घोषणा की, पर राजस्व को जहाँ था वहीं छोड़ दिया, इसलिए पहले दो कथन सही हैं और तीसरा नहीं। यह अधिनियम ब्रिटेन में मुक्त व्यापार के अभियान के चरम पर आया: इसने भारत का व्यापार सभी ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोल दिया और एकाधिकार केवल चाय तथा चीन के व्यापार में बना रहने दिया, जिसे 1833 के चार्टर अधिनियम ने समाप्त किया। इसने स्पष्ट शब्दों में यह भी घोषित किया कि कंपनी जिन भारतीय क्षेत्रों का शासन करती है, उन पर संप्रभुता ब्रिटिश ताज की है, तथा शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये नियत किए और ईसाई मिशनरियों को भारत आने की अनुमति दी। कथन 3 गलत है क्योंकि भारतीय राजस्व पर नियंत्रण और उसका व्यय कंपनी के ही हाथ में रहा; संसद बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल के ज़रिये निगरानी करती थी, थैली अपने हाथ में नहीं लेती थी। B और D गलत हैं क्योंकि दोनों में कथन 3 शामिल है। C इसी कारण गलत है और उसमें कथन 2 भी छूट जाता है। परीक्षा टिप: 1813 ने चाय और चीन को छोड़कर व्यापार खोला; 1833 ने एकाधिकार पूरी तरह समाप्त किया।

Q18.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services Exam Official 2022 Pकठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: ऐतिहासिक व्यक्ति - किस रूप में विख्यात 1. आर्यदेव - जैन विद्वान 2. दिग्नाग - बौद्ध विद्वान 3. नाथमुनि - वैष्णव विद्वान। उपरोक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?

  1. A.कोई भी युग्म नहीं
  2. B.केवल एक युग्म
  3. C.केवल दो युग्म
  4. D.तीनों युग्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल दो युग्म

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल दो युग्म। दिग्नाग और नाथमुनि के युग्म ठीक हैं, पर आर्यदेव का नहीं, इसलिए ठीक दो युग्म सही हैं। आर्यदेव, जो लगभग तीसरी शताब्दी में हुए, माध्यमिक शाखा के बौद्ध भिक्षु और नागार्जुन के प्रमुख शिष्य थे; उनका ग्रंथ चतुःशतक शून्यता के सिद्धांत की रक्षा करता है, अतः उन्हें जैन विद्वान कहना ग़लत है। पाँचवीं या छठी शताब्दी के दिग्नाग ने बौद्ध न्याय परंपरा की नींव रखी और प्रमाणसमुच्चय लिखा, जिसने प्रत्यक्ष और अनुमान पर सदियों तक चली बहस को दिशा दी। लगभग दसवीं शताब्दी के नाथमुनि श्रीरंगम की श्रीवैष्णव परंपरा के प्रथम आचार्य थे; उन्होंने आलवारों के तमिल भजनों को नालायिर दिव्य प्रबंधम में संकलित किया और वे उसी गुरु-परंपरा में थे जो आगे रामानुज तक पहुँची। A गलत है क्योंकि दो युग्म सुमेलित हैं। B संख्या कम बताता है और D अधिक। परीक्षा टिप: नागार्जुन, आर्यदेव, बुद्धपालित और चंद्रकीर्ति सभी माध्यमिक परंपरा के हैं।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2018 Pमध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से किस प्रकार भिन्न है? 1. एनजीटी की स्थापना एक अधिनियम द्वारा हुई है, जबकि सीपीसीबी का गठन सरकार के कार्यकारी आदेश से किया गया है। 2. एनजीटी पर्यावरणीय न्याय देता है और उच्च न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करने में सहायक है, जबकि सीपीसीबी नदियों और कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है तथा देश में वायु की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य रखता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न 1 न ही 2
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। दूसरा कथन दोनों संस्थाओं का सही वर्णन करता है, जबकि पहला बोर्ड की उत्पत्ति ग़लत बताता है, इसलिए केवल कथन 2 स्वीकार किया जा सकता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक विशेष न्यायालय है, जिसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा इस उद्देश्य से बनाया गया कि पर्यावरण कानूनों से जुड़े विवाद शीघ्र निपटें, और वह ऐसे मामले साधारण न्यायालयों से हटा लेता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु और जल की गुणवत्ता पर काम करता है, नदियों तथा कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है, मानक तय करता है और देशव्यापी निगरानी तंत्र चलाता है। कथन 1 गलत है क्योंकि बोर्ड भी एक अधिनियम से बना है, अर्थात जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 से, किसी कार्यकारी आदेश से नहीं; आगे 1981 के वायु अधिनियम ने उसके कार्य बढ़ाए। A और C गलत हैं क्योंकि दोनों कथन 1 को मान लेते हैं। D गलत है क्योंकि कथन 2 सही है। परीक्षा टिप: सीपीसीबी 1974 के जल अधिनियम से, एनजीटी 2010 के अपने अधिनियम से।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 3मध्यम

'पिकलीहल' और 'उटनूर' महत्वपूर्ण ______ स्थल हैं।

  1. A.मोनोलिथिक
  2. B.महापाषाणिक
  3. C.पुरापाषाणिक
  4. D.नवपाषाणिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नवपाषाणिक

व्याख्या

सही उत्तर है D, नवपाषाणिक। पिकलीहल और उटनूर दक्षिण भारत के नवपाषाण काल के बस्ती-स्थल हैं, जो अपने राख के टीलों के लिए प्रसिद्ध हैं। पिकलीहल कर्नाटक में और उटनूर तेलंगाना में है, और दोनों की खुदाई 1950 के दशक में हुई थी। यहाँ के लोग पशुपालन करते थे, घिसे-चमकाए पत्थर के औजार तथा हाथ से बने भूरे मृद्भांड इस्तेमाल करते थे और गोल झोपड़ियों में रहते थे, इसलिए इन्हें लगभग 2500 से 1000 ईसा पूर्व के दक्कन नवपाषाण चरण में रखा जाता है। राख के ये टीले मवेशियों के बाड़ों में जमा गोबर के जलने से बने हैं, जो इस क्षेत्र की लगभग अनोखी विशेषता है। A गलत है क्योंकि मोनोलिथिक का अर्थ केवल एक बड़े पत्थर से बना होना है, यह कोई पुरातात्विक काल नहीं है। B गलत है क्योंकि महापाषाण स्थल बड़े पत्थरों से चिह्नित बाद के समाधि-स्थल हैं, जो मुख्यतः लौह युग के हैं। C गलत है क्योंकि पुरापाषाण स्थल बहुत पुराने शिकारी शिविर हैं, जहाँ अनगढ़ औजार मिलते हैं और पशुपालन का चिह्न नहीं। परीक्षा टिप: पिकलीहल, उटनूर, मस्की, ब्रह्मगिरि और संगनकल्लू को दक्कन के नवपाषाण राख-टीला स्थलों के रूप में एक साथ याद रखें।

Q21.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 26 March 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस शासक वंश की राजधानी सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.प्रतिहार - कन्नौज
  2. B.पल्लव - कांची
  3. C.चालुक्य - तंजौर
  4. D.सेन - लखनौती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चालुक्य - तंजौर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चालुक्य - तंजौर। तंजौर अर्थात तंजावुर चोलों की राजधानी थी, चालुक्यों की नहीं, इसलिए यह जोड़ी गलत सुमेलित है। बादामी के चालुक्य बादामी से शासन करते थे, जिसे वातापी भी कहा जाता है और जो आज कर्नाटक के बागलकोट जिले में है; उनकी बाद की शाखा कल्याणी से शासन करती थी। तंजौर राजराज चोल प्रथम के समय प्रसिद्ध हुआ, जिन्होंने वहाँ लगभग 1010 ईस्वी में बृहदेश्वर मंदिर बनवाया। A सही सुमेलित है क्योंकि गुर्जर-प्रतिहार कन्नौज से शासन करते थे, जो उन्हें पालों और राष्ट्रकूटों के साथ लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष में मिला था। B सही सुमेलित है क्योंकि कांची यानी कांचीपुरम पल्लवों की राजधानी और उनका मंदिर-निर्माण केंद्र थी। D सही सुमेलित है क्योंकि बंगाल के सेन शासकों की राजधानी लखनौती थी, जिसे गौड़ भी कहा जाता है। परीक्षा टिप: जोड़ियाँ पक्की कर लें - बादामी से चालुक्य, तंजौर से चोल, कांची से पल्लव और मदुरै से पांड्य।

Q22.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 01 Jul, 2024, Shift 2कठिन

बादामी (या वातापी) के चालुक्य मूल रूप से किस शक्ति के अधीन थे?

  1. A.होयसल
  2. B.पांड्य
  3. C.पल्लव
  4. D.कदंब
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कदंब

व्याख्या

सही उत्तर है D, कदंब। बादामी के चालुक्य आरंभ में बनवासी के कदंबों के सामंत थे और कदंब शक्ति के क्षीण होने पर स्वतंत्र हो गए। छठी शताब्दी के मध्य में शासन करने वाले पुलकेशिन प्रथम ने बादामी, जिसे वातापी भी कहा जाता है, को अपनी किलेबंद राजधानी बनाया, अश्वमेध यज्ञ किया और उन्हें पहला स्वतंत्र चालुक्य शासक माना जाता है। यह वंश पुलकेशिन द्वितीय के समय अपने शिखर पर पहुँचा, जिन्होंने नर्मदा के तट पर हर्षवर्धन को हराया और जिनके दरबारी कवि रविकीर्ति ने ऐहोल अभिलेख लिखा। A गलत है क्योंकि द्वारसमुद्र के होयसल बहुत बाद में, लगभग ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी में उठे। B गलत है क्योंकि मदुरै के पांड्य सुदूर दक्षिण में शासन करते थे और कभी बादामी के स्वामी नहीं रहे। C गलत है क्योंकि कांची के पल्लव प्रतिद्वंद्वी थे, स्वामी नहीं, हालाँकि नरसिंहवर्मन प्रथम ने 642 ईस्वी में बादामी को लूटा था। परीक्षा टिप: बनवासी के कदंबों को पुलकेशिन प्रथम के नेतृत्व में बादामी चालुक्यों के उदय से जोड़कर याद रखें।

Q23.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 04 Aug, 2023, Shift 4मध्यम

क्योटो प्रोटोकॉल की पहली प्रतिबद्धता अवधि का लक्ष्य 1990 के स्तर से कितनी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 5.2% की कमी करना है?

  1. A.6
  2. B.10
  3. C.8
  4. D.7
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 6

व्याख्या

सही उत्तर है A, 6। क्योटो प्रोटोकॉल ने छह ग्रीनहाउस गैसों के समूह पर अपना लक्ष्य रखा था, जिनके उत्सर्जन में 1990 के स्तर से औसतन 5.2 प्रतिशत की कटौती करनी थी। ये छह गैसें हैं - कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, हाइड्रोफ्लोरोकार्बन, परफ्लोरोकार्बन और सल्फर हेक्साफ्लोराइड। यह प्रोटोकॉल जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के अंतर्गत 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो में अपनाया गया और 16 फरवरी 2005 को प्रभाव में आया; इसकी पहली प्रतिबद्धता अवधि 2008 से 2012 तक चली और यह अनुसूची एक में सूचीबद्ध औद्योगिक देशों पर बाध्यकारी थी। B, C और D गलत हैं क्योंकि ये संख्या बढ़ाकर बताते हैं: पहली अवधि में केवल छह गैसें शामिल थीं, और नाइट्रोजन ट्राइफ्लोराइड को सातवीं गैस के रूप में बाद में दोहा संशोधन के जरिए दूसरी प्रतिबद्धता अवधि के लिए जोड़ा गया। परीक्षा टिप: आंकड़े एक साथ याद रखें - छह गैसें, 5.2 प्रतिशत, आधार वर्ष 1990 और अवधि 2008 से 2012।

Q24.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 2आसान

किस खनिज/विटामिन की कमी से गर्दन की ग्रंथियाँ सूजी हुई दिखाई देती हैं?

  1. A.विटामिन C
  2. B.विटामिन D
  3. C.आयोडीन
  4. D.कैल्शियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आयोडीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, आयोडीन। आयोडीन की कमी से गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि फूल जाती है, और इस स्थिति को घेंघा या गॉइटर कहते हैं। थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन चाहिए, और जब आयोडीन कम पड़ता है तो ग्रंथि जितना थोड़ा उपलब्ध है उसे पकड़ने के लिए बड़ी हो जाती है, जिससे गर्दन सूजी दिखती है। बच्चों में गंभीर कमी से शारीरिक वृद्धि और मानसिक विकास रुक जाता है, जिसे क्रेटिनिज्म कहते हैं; इसी कारण भारत में नमक में आयोडीन मिलाया जाता है और राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जाता है। A गलत है क्योंकि विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है और घाव देर से भरते हैं। B गलत है क्योंकि विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया होता है, जो हड्डियों के रोग हैं। D गलत है क्योंकि कैल्शियम की कमी से हड्डियाँ और दाँत कमजोर होते हैं तथा मांसपेशियों में ऐंठन होती है, गर्दन नहीं सूजती। परीक्षा टिप: आयोडीन को थायरॉक्सिन और घेंघा से जोड़कर याद रखें, और आयोडीनयुक्त नमक को इसका सरल उपाय मानें।

Q25.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 14 Oct 2020, Shift 3आसान

चूँकि डॉक्टरी थर्मामीटर केवल मानव शरीर का तापमान मापने के लिए बना होता है, इसलिए यह 35°C से ______ तक का परिसर दर्शाता है।

  1. A.42°C
  2. B.44°C
  3. C.48°C
  4. D.46°C
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 42°C

व्याख्या

सही उत्तर है A, 42 डिग्री सेल्सियस। डॉक्टरी थर्मामीटर पर 35 से 42 डिग्री सेल्सियस तक का अंकन होता है, जो फ़ारेनहाइट पैमाने पर 94 से 108 डिग्री बैठता है। यह परिसर छोटा रखा जाता है क्योंकि मानव शरीर का तापमान सामान्य मान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस यानी 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट से बहुत दूर नहीं जाता, और छोटा परिसर होने से अंक इतनी दूर-दूर बन पाते हैं कि दसवें हिस्से का अंतर भी पढ़ा जा सके। पारे वाले थर्मामीटर में बल्ब के ठीक ऊपर एक सँकरा मोड़ होता है, जो पारे को लौटने से रोकता है, इसलिए थर्मामीटर निकालने के बाद भी पाठ्यांक पढ़ा जा सकता है। B, C और D गलत हैं क्योंकि 44, 46 और 48 डिग्री सेल्सियस जीवित शरीर की पहुँच से बहुत बाहर हैं, इसलिए ऐसे अंकन बेकार होते; इतने ऊँचे तापमान के लिए लगभग शून्य से 10 डिग्री नीचे से 110 डिग्री सेल्सियस तक का प्रयोगशाला थर्मामीटर काम आता है। परीक्षा टिप: डॉक्टरी थर्मामीटर 35 से 42 डिग्री सेल्सियस, शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस।

Q26.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 26 May 2022, Shift 2मध्यम

कमरे के तापमान और वायुमंडलीय दाब पर पदार्थों तथा उनकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता (J kg-1K-1) के संदर्भ में असंगत जोड़ी पहचानें।

  1. A.एल्युमिनियम - 900.0
  2. B.जल - 1200
  3. C.कार्बन - 506.5
  4. D.टंगस्टन - 134.4
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जल - 1200

व्याख्या

सही उत्तर है B, जल - 1200। जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता लगभग 4186 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन है, 1200 नहीं, इसलिए यही जोड़ी गलत है। विशिष्ट ऊष्मा धारिता वह ऊष्मा है जो किसी पदार्थ के एक किलोग्राम का तापमान एक केल्विन बढ़ाने के लिए चाहिए, और सामान्य द्रवों में जल का मान सबसे ऊँचा है। इसी कारण जल को गाड़ियों के रेडिएटर और उद्योगों में शीतलक के रूप में काम में लिया जाता है, समुद्र धीरे गरम और धीरे ठंडा होता है, और तटीय स्थानों की जलवायु भीतरी शहरों से सम रहती है। A सही जोड़ी है क्योंकि एल्युमिनियम को लगभग 900 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन चाहिए। C सही जोड़ी है क्योंकि ग्रेफाइट रूप में कार्बन का मान 506.5 के आसपास है। D सही जोड़ी है क्योंकि भारी धातु टंगस्टन को केवल लगभग 134.4 चाहिए, इसलिए धातुएँ जल्दी गरम हो जाती हैं। परीक्षा टिप: जल का मान लगभग 4186 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन याद रखें, जो एक कैलोरी प्रति ग्राम प्रति डिग्री सेल्सियस के बराबर है।

Q27.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 08 Jul, 2024, Shift 2मध्यम

एमएस-ऑफिस 2016 में जब कोई नया टेक्स्ट दस्तावेज़ बनाया जाता है, तो दस्तावेज़ का डिफ़ॉल्ट टेक्स्ट आकार _____ होता है।

  1. A.12 पॉइंट
  2. B.14 पॉइंट
  3. C.10 पॉइंट
  4. D.11 पॉइंट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 11 पॉइंट

व्याख्या

सही उत्तर है D, 11 पॉइंट। एमएस वर्ड 2016 में खाली दस्तावेज़ कैलिब्री फॉन्ट और 11 पॉइंट आकार के साथ खुलता है। पॉइंट छपाई की एक इकाई है जो एक इंच के बहत्तरवें हिस्से के बराबर होती है, इसलिए आकार का अर्थ अक्षरों की ऊँचाई है, और यह सेटिंग होम टैब के फॉन्ट समूह में दिखती है। इस डिफ़ॉल्ट को हमेशा के लिए बदलना हो तो फॉन्ट डायलॉग बॉक्स खोलकर मनचाहा फॉन्ट और आकार चुनें और सेट ऐज़ डिफ़ॉल्ट पर क्लिक करें, जिससे यह नॉर्मल टेम्पलेट में सुरक्षित हो जाता है। A गलत है क्योंकि टाइम्स न्यू रोमन के साथ 12 पॉइंट पुराने वर्ड 2003 और उससे पहले के संस्करणों का डिफ़ॉल्ट था। B गलत है क्योंकि 14 पॉइंट शीर्षक का आकार है, जिसे उपयोगकर्ता स्वयं लगाता है। C गलत है क्योंकि 10 पॉइंट डिफ़ॉल्ट से छोटा है और इसे भी हाथ से चुनना पड़ता है। परीक्षा टिप: वर्ड 2016 कैलिब्री 11 पॉइंट के साथ खुलता है और वर्ड 2003 टाइम्स न्यू रोमन 12 पॉइंट के साथ।

Q28.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 10 Aug 2018, Shift 2आसान

गति का पहला समीकरण _________ के बीच संबंध बताता है।

  1. A.स्थिति और समय
  2. B.स्थिति और वेग
  3. C.वेग और समय
  4. D.वेग और त्वरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वेग और समय

व्याख्या

सही उत्तर है C, वेग और समय। गति का पहला समीकरण v = u + at लिखा जाता है, इसलिए यह बताता है कि किसी वस्तु का वेग समय के साथ कैसे बदलता है। इसमें u प्रारंभिक वेग है, v समय t के बाद का वेग है और a एकसमान त्वरण है। गति के तीनों समीकरण केवल सरल रेखा में एकसमान त्वरण वाली गति पर लागू होते हैं। A गलत है क्योंकि स्थिति और समय का संबंध दूसरा समीकरण s = ut + ½at² बताता है। B गलत है क्योंकि स्थिति और वेग का संबंध तीसरा समीकरण v² = u² + 2as बताता है, जिसमें समय का पद नहीं होता। D गलत है क्योंकि त्वरण तीनों समीकरणों में आता है, पर कोई भी समीकरण केवल वेग और त्वरण को नहीं जोड़ता; उसमें समय या विस्थापन आना ही पड़ता है। परीक्षा टिप: तीनों समीकरणों को इसी क्रम में वेग-समय, स्थिति-समय और वेग-स्थिति के रूप में याद रखें।

Q29.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 10 Aug 2018, Shift 2आसान

रिक्त स्थान को सबसे उपयुक्त विकल्प से भरें। ध्वनि का तारत्व उसकी _____ पर निर्भर करता है।

  1. A.आवृत्ति
  2. B.तरंगदैर्ध्य
  3. C.आयाम
  4. D.गुणता (टिम्बर)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आवृत्ति

व्याख्या

सही उत्तर है A, आवृत्ति। तारत्व यह बताता है कि कोई ध्वनि कान को कितनी तीक्ष्ण या कितनी मंद लगती है, और यह आवृत्ति से तय होता है, अर्थात प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या से, जिसे हर्ट्ज़ में मापा जाता है। आवृत्ति अधिक होने पर ध्वनि अधिक तीक्ष्ण लगती है, इसलिए सीटी या स्त्री की आवाज़ का तारत्व ढोल या पुरुष की आवाज़ से ऊँचा होता है; मनुष्य का कान लगभग 20 से 20000 हर्ट्ज़ तक सुन पाता है। B गलत है क्योंकि तरंगदैर्ध्य माध्यम बदलने के साथ बदल जाती है, जबकि सुनने वाले को तारत्व वही लगता है, इसलिए तारत्व आवृत्ति से तय होता है, तरंगदैर्ध्य से नहीं। C गलत है क्योंकि आयाम प्रबलता तय करता है, इसी कारण ढोल को ज़ोर से पीटने पर आवाज़ तेज़ होती है, तीक्ष्ण नहीं। D गलत है क्योंकि गुणता या टिम्बर के कारण हम एक ही स्वर और एक ही प्रबलता पर बजती बाँसुरी और वायलिन में अंतर कर पाते हैं। परीक्षा टिप: आवृत्ति से तारत्व, आयाम से प्रबलता और तरंग के रूप से गुणता।

Q30.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q31.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 3आसान

स्वाद का पता लगाने वाले ग्राही क्या कहलाते हैं?

  1. A.संवेदी ग्राही
  2. B.रासायनिक ग्राही
  3. C.घ्राण ग्राही
  4. D.स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्वाद ग्राही या गस्टेटरी रिसेप्टर। स्वाद पकड़ने वाले ग्राही गस्टेटरी ग्राही कहलाते हैं और ये जीभ पर स्थित स्वाद कलिकाओं के भीतर रहते हैं। ये केवल लार में घुले पदार्थों पर प्रतिक्रिया करते हैं, इसीलिए सूखी जीभ से स्वाद कम पता चलता है, और ये पाँच मूल स्वाद बताते हैं - मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और उमामी। जीभ से संकेत कपाल तंत्रिकाओं के रास्ते मस्तिष्क तक जाता है, जहाँ स्वाद और गंध मिलकर भोजन का असली ज़ायका बनाते हैं। A गलत है क्योंकि संवेदी ग्राही शरीर के हर ग्राही का सामान्य नाम है, जिसमें प्रकाश, ध्वनि, स्पर्श और दाब के ग्राही भी आते हैं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ग्राही या कीमोरिसेप्टर वह बड़ी श्रेणी है जिसमें स्वाद और गंध दोनों आते हैं, इसलिए यह विशेष रूप से स्वाद ग्राही का नाम नहीं है। C गलत है क्योंकि घ्राण ग्राही नाक की भीतरी परत में होते हैं और गंध का पता लगाते हैं। परीक्षा टिप: गस्टेटरी का अर्थ स्वाद, ओल्फैक्टरी का अर्थ गंध और ऑडिटरी का अर्थ श्रवण।

Q32.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 1मध्यम

ज्वलनशील द्रव किस श्रेणी की आग के अंतर्गत आते हैं?

  1. A.श्रेणी D
  2. B.श्रेणी B
  3. C.श्रेणी C
  4. D.श्रेणी A
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. श्रेणी B

व्याख्या

सही उत्तर है B, श्रेणी B। आग को इस आधार पर श्रेणियों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, तेल, पेंट या थिनर जैसे ज्वलनशील द्रवों से लगी आग श्रेणी B की आग होती है। ऐसी आग को फोम, कार्बन डाइऑक्साइड या सूखे रासायनिक चूर्ण से ढककर बुझाया जाता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कट जाती है। जलते तेल पर पानी कभी नहीं डालना चाहिए, क्योंकि तेल पानी पर तैरकर आग को और फैला देता है। A गलत है क्योंकि श्रेणी D की आग मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलने वाली धातुओं से जुड़ी होती है, जिनके लिए विशेष सूखे चूर्ण चाहिए। C गलत है क्योंकि प्रचलित वर्गीकरण में श्रेणी C विद्युत उपकरणों में लगी आग को और भारतीय मानक में ज्वलनशील गैसों को दर्शाती है। D गलत है क्योंकि श्रेणी A की आग लकड़ी, कागज़ और कपड़े जैसे ठोस पदार्थों की साधारण आग है, जिसमें पानी सबसे सस्ता और सबसे अच्छा साधन है। परीक्षा टिप: A ठोस के लिए, B द्रव के लिए, C विद्युत या गैस के लिए और D धातु के लिए।

Q33.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 13th September 2025मध्यम

मुक्त रूप से गिरती हुई वस्तु की स्थितिज ऊर्जा लगातार घटती जाती है।

  1. A.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता
  2. B.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग होता है
  3. C.गुरुत्वाकर्षण बल भंग होता है
  4. D.गुरुत्वाकर्षण बल भंग नहीं होता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता। वस्तु जैसे-जैसे गिरती है उसकी ऊँचाई घटती जाती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा mgh कम होती जाती है, परंतु ठीक उतनी ही ऊर्जा गतिज ऊर्जा ½mv² के रूप में प्रकट हो जाती है, क्योंकि वस्तु की चाल बढ़ती है। गिरने के हर बिंदु पर इन दोनों का जोड़ वही रहता है, इसलिए कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है और ऊर्जा केवल रूप बदलती है। छोड़ने के क्षण पूरी ऊर्जा स्थितिज होती है और ज़मीन से टकराने से ठीक पहले लगभग पूरी ऊर्जा गतिज हो जाती है। जब वायु प्रतिरोध काम करता है तो थोड़ी ऊर्जा ऊष्मा और ध्वनि के रूप में निकल जाती है, फिर भी पूरा हिसाब बराबर रहता है। B गलत है क्योंकि ऊर्जा नष्ट नहीं होती, केवल रूपांतरित होती है। C और D गलत हैं क्योंकि गुरुत्वाकर्षण एक बल है, कोई नियम नहीं जिसका पालन या उल्लंघन हो, और ये कथन यह नहीं बताते कि घटी हुई स्थितिज ऊर्जा कहाँ गई। परीक्षा टिप: मुक्त पतन में mgh और ½mv² का जोड़ स्थिर रहता है।

Q34.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

सड़क पर चलती कार के पहिये के बारे में कौन-सा विकल्प सही है?

  1. A.लोटनिक घर्षण > स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण
  2. B.स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
  3. C.स्थैतिक घर्षण > लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण
  4. D.लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण > स्थैतिक घर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण। एक ही सतहों के जोड़े के लिए घर्षण का क्रम हमेशा स्थैतिक, फिर गतिज और फिर लोटनिक रहता है। स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है क्योंकि विराम की अवस्था में सतहों की खुरदरी उभार एक-दूसरे में फँसे रहते हैं और गति शुरू करने के लिए इस जकड़न को तोड़ना पड़ता है। सरकना शुरू होने पर संपर्क बार-बार टूटता और बनता रहता है, इसलिए गतिज घर्षण कम होता है। लोटनिक घर्षण तीनों में सबसे कम है, क्योंकि लुढ़कता पहिया सड़क पर सरकता नहीं, केवल संपर्क बिंदु पर उसे थोड़ा दबाता और विकृत करता है। इसी कारण भारी बोझ खिसकाने के लिए पहिये, रोलर और बॉल बेयरिंग काम में लिए जाते हैं। A और D गलत हैं क्योंकि ये लोटनिक घर्षण को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि वह तीनों में सबसे कम है। C गलत है क्योंकि यह लोटनिक घर्षण को गतिज घर्षण से बड़ा बताता है, जो सही क्रम के उलट है। परीक्षा टिप: स्थैतिक > गतिज > लोटनिक; इनमें सबसे कम वाले ने ही हमें पहिया दिया।

Q35.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q36.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 4 Oct 2018, Shift 1आसान

वह प्रक्रिया क्या कहलाती है जिसके द्वारा गैस सीधे ठोस में परिवर्तित हो जाती है?

  1. A.निक्षेपण
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.वाष्पीकरण
  4. D.हिमीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निक्षेपण

व्याख्या

सही उत्तर है A, निक्षेपण। निक्षेपण वह परिवर्तन है जिसमें कोई पदार्थ गैस अवस्था से सीधे ठोस अवस्था में बदल जाता है और बीच में द्रव अवस्था से नहीं गुजरता। यह ऊर्ध्वपातन की ठीक उलटी प्रक्रिया है। जाड़े की सुबह ठंडी खिड़की के शीशे पर जमने वाला पाला इसी का उदाहरण है, जिसमें हवा की जलवाष्प सीधे बर्फ के क्रिस्टल बन जाती है। आयोडीन की वाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड को तेज़ी से ठंडा करने पर भी ऐसा ही होता है। ऐसे परिवर्तन में कणों की ऊर्जा घटती है, वे बहुत पास आ जाते हैं और एक निश्चित व्यवस्था में बैठ जाते हैं, इसलिए पदार्थ का आकार और आयतन निश्चित हो जाता है। B गलत है क्योंकि ऊर्ध्वपातन में ठोस सीधे गैस बनता है, जैसे कपूर और नैफ्थलीन की गोलियाँ। C गलत है क्योंकि वाष्पीकरण में द्रव गैस में बदलता है। D गलत है क्योंकि हिमीकरण में द्रव ठोस बनता है, जैसे जल शून्य डिग्री सेल्सियस पर बर्फ बनता है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें, ऊर्ध्वपातन ठोस से गैस और निक्षेपण गैस से ठोस।

Q37.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

C6H12O6 (aq) + 6O2 (aq) → 6CO2 (aq) + 6H2O (l) + ऊर्जा। दी गई अभिक्रिया का विशेष नाम क्या है?

  1. A.उपापचय
  2. B.पाचन
  3. C.श्वसन
  4. D.ऊर्जा रूपांतरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. श्वसन

व्याख्या

सही उत्तर है C, श्वसन। दी गई अभिक्रिया में ग्लूकोस ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, जल और ऊर्जा देता है, और कोशिका के भीतर भोजन के इस विघटन से ऊर्जा प्राप्त करने की क्रिया को श्वसन कहते हैं। इसमें ऑक्सीजन प्रयुक्त होती है, इसलिए यह ऑक्सी श्वसन है और यह माइटोकॉन्ड्रिया में होता है; इसी कारण माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह कहा जाता है। मुक्त हुई ऊर्जा ATP में संचित रहती है। ऑक्सीजन के अभाव में पेशी कोशिकाएँ ग्लूकोस को लैक्टिक अम्ल तक तोड़ती हैं और यीस्ट उससे एथेनॉल तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है; इन दोनों में ऊर्जा बहुत कम मिलती है। A गलत है क्योंकि उपापचय शरीर में चलने वाली सभी रासायनिक क्रियाओं का समूह है, जिसमें श्वसन केवल एक है। B गलत है क्योंकि पाचन में बड़े भोजन अणु सरल अणुओं में टूटते हैं, उससे इस प्रकार ऊर्जा मुक्त नहीं होती। D गलत है क्योंकि ऊर्जा रूपांतरण एक सामान्य शब्द है, इस अभिक्रिया का नाम नहीं। परीक्षा टिप: ग्लूकोस और ऑक्सीजन से कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा बने तो ऑक्सी श्वसन; ऑक्सीजन बिना पेशी में लैक्टिक अम्ल और यीस्ट में एथेनॉल बनता है।

Q38.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

किसी वस्तु पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल को ________ भी कहा जाता है।

  1. A.आवेग
  2. B.द्रव्यमान
  3. C.त्वरण
  4. D.भार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भार

व्याख्या

सही उत्तर है D, भार। किसी वस्तु का भार वह बल है जिससे पृथ्वी उसे अपनी ओर खींचती है, इसलिए वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ही उसका भार है। इसे W = mg से निकाला जाता है, जहाँ m द्रव्यमान है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो पृथ्वी की सतह पर लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। भार एक बल है, अतः यह सदिश राशि है और इसका SI मात्रक न्यूटन है। g स्थान के साथ बदलता है, इसलिए वही वस्तु भूमध्य रेखा पर ध्रुवों की तुलना में कुछ कम भारी होती है और चंद्रमा पर लगभग छठा भाग, जबकि उसका द्रव्यमान वही रहता है। A गलत है क्योंकि आवेग बल और उसके लगने के समय का गुणनफल है तथा वह वस्तु का संवेग बदलता है। B गलत है क्योंकि द्रव्यमान वस्तु में पदार्थ की मात्रा है, एक अदिश राशि, जिसका मात्रक किलोग्राम है और जो स्थान बदलने पर नहीं बदलता। C गलत है क्योंकि त्वरण वेग परिवर्तन की दर है। परीक्षा टिप: किलोग्राम में द्रव्यमान कभी नहीं बदलता, न्यूटन में भार g के साथ बदलता है।

Q39.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन गर्म रक्त वाला प्राणी है?

  1. A.कबूतर
  2. B.मगरमच्छ
  3. C.टोड
  4. D.मछली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कबूतर

व्याख्या

सही उत्तर है A, कबूतर। पक्षी और स्तनधारी गर्म रक्त वाले प्राणी होते हैं, अर्थात बाहर का तापमान कुछ भी हो, वे अपने शरीर का तापमान लगभग स्थिर बनाए रखते हैं, और कबूतर एक पक्षी है। ऐसे प्राणियों को समतापी कहा जाता है; वे आवश्यक ऊष्मा भोजन के ऑक्सीकरण से बनाते हैं, इसलिए अपने शरीर के आकार के अनुपात में अधिक खाते हैं। सरीसृप, उभयचर और मछलियाँ ठंडे रक्त वाले या असमतापी होते हैं, इसलिए उनका शारीरिक तापमान वातावरण के साथ घटता-बढ़ता है। इसी कारण उनमें से कई धूप में बैठकर शरीर गर्म करते हैं और सर्दी के मौसम में शिथिल पड़ जाते हैं। B गलत है क्योंकि मगरमच्छ सरीसृप है और इसलिए ठंडे रक्त वाला है। C गलत है क्योंकि टोड उभयचर है और वह भी ठंडे रक्त वाला है। D गलत है क्योंकि मछली का शारीरिक तापमान उसके चारों ओर के जल के तापमान के साथ बदलता रहता है। परीक्षा टिप: केवल पक्षी और स्तनधारी गर्म रक्त वाले हैं, अतः विकल्पों में आने वाले सरीसृप, उभयचर और मछली सभी ठंडे रक्त वाले होंगे।

Q40.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sept 2022, Shift 3मध्यम

18 सेमी फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के सामने 12 सेमी की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन ________ होगा।

  1. A.-0.6
  2. B.+3
  3. C.-3
  4. D.+0.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. +3

व्याख्या

सही उत्तर है B, +3। वस्तु अवतल दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच रखी है, इसलिए प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है तथा आवर्धन धनात्मक होता है। चिह्न परिपाटी के अनुसार u = -12 सेमी और f = -18 सेमी। दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f से 1/v = 1/f - 1/u = -1/18 + 1/12 = 1/36 मिलता है, अतः v = +36 सेमी, अर्थात प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 36 सेमी पर बनता है। आवर्धन m = -v/u = -36 भाग -12, यानी +3, इसलिए प्रतिबिंब वस्तु से तीन गुना बड़ा है। इसी गुण के कारण अवतल दर्पण दाढ़ी बनाने के दर्पण और दंत चिकित्सक के दर्पण के रूप में काम आता है। A गलत है क्योंकि ऋणात्मक आवर्धन वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब का संकेत देता है, जो अवतल दर्पण तब बनाता है जब वस्तु फोकस से परे हो। C भी इसी कारण गलत है। D गलत है क्योंकि इस स्थिति में प्रतिबिंब वस्तु से छोटा कभी नहीं बनता। परीक्षा टिप: अवतल दर्पण में वस्तु फोकस के भीतर हो तो प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है।

Q41.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 3आसान

अम्ल में जल मिलाने पर प्रति इकाई आयतन में आयनों की सांद्रता घट जाती है; इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?

  1. A.सांद्रण
  2. B.अम्लीकरण
  3. C.उदासीनीकरण
  4. D.तनुकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तनुकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, तनुकरण। अम्ल में जल मिलाने पर हाइड्रोजन आयनों की वही संख्या अधिक आयतन में फैल जाती है, इसलिए प्रति इकाई आयतन में हाइड्रोजन आयनों की संख्या घट जाती है; इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं। इसी कारण तनु अम्ल का प्रभाव सांद्र अम्ल से कम होता है, भले अम्ल वही पदार्थ रहता है। प्रबल अम्ल का तनुकरण ऊष्माक्षेपी होता है, इसलिए अम्ल को सदैव जल में धीरे-धीरे हिलाते हुए डाला जाता है, जल को अम्ल में नहीं, अन्यथा निकली ऊष्मा से मिश्रण उछल सकता है। क्षारकों के साथ भी यही बात लागू होती है, जहाँ तनुकरण से प्रति इकाई आयतन हाइड्रॉक्साइड आयनों की संख्या घटती है। A गलत है क्योंकि सांद्रण का अर्थ दिए गए आयतन में अम्ल की मात्रा बढ़ाना है, जो इसके ठीक उलट है। B गलत है क्योंकि अम्लीकरण का अर्थ किसी पदार्थ को अम्लीय बनाना है, पहले से मौजूद अम्ल को पतला करना नहीं। C गलत है क्योंकि उदासीनीकरण में अम्ल और क्षारक मिलकर लवण तथा जल बनाते हैं। परीक्षा टिप: अम्ल को जल में डालें, जल को अम्ल में कभी नहीं।

Q42.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q43.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा लवण जलीय विलयन में 7 से कम pH देता है?

  1. A.सोडियम कार्बोनेट
  2. B.सोडियम क्लोराइड
  3. C.अमोनियम क्लोराइड
  4. D.सोडियम बाइकार्बोनेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमोनियम क्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमोनियम क्लोराइड। अमोनियम क्लोराइड प्रबल अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और दुर्बल क्षारक अमोनियम हाइड्रॉक्साइड का लवण है, इसलिए इसका जलीय विलयन अम्लीय होता है और उसका pH 7 से कम रहता है। ऐसा लवण जल में घुलने पर दुर्बल क्षारक का आयन जल-अपघटित होकर हाइड्रोजन आयन छोड़ता है, इसी कारण यह विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है। नियम सरल है: प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक का लवण अम्लीय, दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षारक का लवण क्षारीय तथा प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक का लवण उदासीन होता है। A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट प्रबल क्षारक और दुर्बल कार्बोनिक अम्ल से बनता है, अतः उसका विलयन क्षारीय होता है और pH 7 से अधिक रहता है। B गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक से बनता है, उसका विलयन उदासीन और pH 7 होता है। D गलत है क्योंकि सोडियम बाइकार्बोनेट भी क्षारीय है, इसी से वह खाने का सोडा और अम्लतानाशक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: जो जनक प्रबल है वही निर्णय करता है, प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक का लवण अम्लीय होगा।

Q44.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 5 Nov 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किसमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं?

  1. A.द्रव्यमान
  2. B.दूरी
  3. C.संवेग
  4. D.चाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संवेग

व्याख्या

सही उत्तर है C, संवेग। जिस राशि में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं, उसे सदिश राशि कहते हैं, और संवेग द्रव्यमान तथा वेग का गुणनफल होने के कारण सदिश है, क्योंकि वेग की दिशा होती है। इसका SI मात्रक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड है और इसकी दिशा वेग की दिशा ही रहती है। जिन राशियों में केवल परिमाण होता है उन्हें अदिश कहा जाता है। विस्थापन, वेग, त्वरण, बल और भार अन्य प्रमुख सदिश राशियाँ हैं, जबकि द्रव्यमान, दूरी, चाल, समय, कार्य, ऊर्जा और ताप अदिश हैं। सदिशों का योग त्रिभुज या समांतर चतुर्भुज नियम से किया जाता है, साधारण जोड़ से नहीं, इसी कारण विपरीत दिशाओं में लगने वाले दो बराबर बल एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। A गलत है क्योंकि द्रव्यमान अदिश राशि है, वस्तु में पदार्थ की मात्रा। B गलत है क्योंकि दूरी तय किए गए पूरे पथ की लंबाई है और उसकी कोई दिशा नहीं होती; उसका सदिश रूप विस्थापन है। D गलत है क्योंकि चाल अदिश है और उसका सदिश रूप वेग है। परीक्षा टिप: दूरी और चाल अदिश हैं, विस्थापन, वेग तथा संवेग सदिश हैं।

Q45.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Sep 2018, Shift 1मध्यम

यदि 418 ओम प्रतिरोध वाली कुंडली में 1 मिनट तक 0.3 A की धारा प्रवाहित की जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा ज्ञात कीजिए।

  1. A.360 कैलोरी
  2. B.540 कैलोरी
  3. C.54 कैलोरी
  4. D.36 कैलोरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 540 कैलोरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, 540 कैलोरी। धारा से उत्पन्न ऊष्मा जूल के तापन नियम से निकलती है, जिसके अनुसार ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के गुणनफल के बराबर होती है। यहाँ धारा 0.3 A, प्रतिरोध 418 ओम और समय 1 मिनट यानी 60 सेकंड है, अतः ऊष्मा 0.09 गुणा 418 गुणा 60 = 2257.2 जूल हुई। एक कैलोरी 4.18 जूल के बराबर होती है, इसलिए 2257.2 भाग 4.18 से 540 कैलोरी मिलती है। जूल का नियम कहता है कि उत्पन्न ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध तथा समय के समानुपाती होती है, इसी से धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा चार गुनी हो जाती है। इसी नियम पर विद्युत इस्तरी, हीटर, गीजर, बल्ब का तंतु और परिपथ की रक्षा करने वाला फ्यूज काम करते हैं। A गलत है क्योंकि 360 कैलोरी के लिए उसी प्रतिरोध और समय पर लगभग 0.245 A धारा चाहिए। C गलत है क्योंकि वह सही मान का दसवाँ भाग है। D गलत है क्योंकि 36 कैलोरी के लिए केवल लगभग 0.077 A धारा चाहिए। परीक्षा टिप: पहले धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय से जूल निकालें, फिर 4.18 से भाग देकर कैलोरी बनाएँ।

Q46.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sept 2022, Shift 2आसान

2NaOH (aq) + H2SO4 (aq) → Na2SO4 (aq) + 2H2O (l)। दी गई अभिक्रिया किसका उदाहरण है?

  1. A.अवक्षेपण अभिक्रिया
  2. B.वियोजन अभिक्रिया
  3. C.उदासीनीकरण अभिक्रिया
  4. D.रेडॉक्स अभिक्रिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उदासीनीकरण अभिक्रिया

व्याख्या

सही उत्तर है C, उदासीनीकरण अभिक्रिया। दी गई अभिक्रिया में क्षारक सोडियम हाइड्रॉक्साइड सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके सोडियम सल्फेट और जल बनाता है, और जिस अभिक्रिया में अम्ल तथा क्षारक एक-दूसरे का प्रभाव समाप्त करके लवण और जल देते हैं, उसे उदासीनीकरण कहते हैं। इसका सामान्य रूप है अम्ल और क्षारक से लवण तथा जल, और इसमें ऊष्मा निकलती है, अतः यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। यहाँ सोडियम हाइड्रॉक्साइड के दो अणु चाहिए क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल द्विक्षारकीय है और दो हाइड्रोजन आयन देता है। पेट की अम्लता में ली जाने वाली अम्लतानाशक दवा, अम्लीय मिट्टी में डाला जाने वाला चूना और मधुमक्खी के डंक पर लगाया जाने वाला खाने का सोडा इसके रोज़मर्रा के उदाहरण हैं। A गलत है क्योंकि अवक्षेपण अभिक्रिया में अविलेय ठोस बनता है, जबकि यहाँ दोनों उत्पाद विलयन में ही रहते हैं। B गलत है क्योंकि वियोजन में एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ देता है। D गलत है क्योंकि रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण संख्या बदलती है, यहाँ वह नहीं बदलती। परीक्षा टिप: अम्ल और क्षारक से लवण तथा जल बने तो वह सदैव उदासीनीकरण है।

Q47.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 1मध्यम

एक विलयन में 320 ग्राम जल में 41 ग्राम साधारण नमक घुला है। विलयन की सांद्रता द्रव्यमान प्रतिशत में ज्ञात कीजिए।

  1. A.12.36%
  2. B.9.35%
  3. C.10.36%
  4. D.11.36%
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 11.36%

व्याख्या

सही उत्तर है D, 11.36%। विलयन का द्रव्यमान प्रतिशत निकालने के लिए विलेय के द्रव्यमान को पूरे विलयन के द्रव्यमान से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। यहाँ विलेय 41 ग्राम साधारण नमक है और विलायक 320 ग्राम जल, इसलिए विलयन का द्रव्यमान 41 और 320 जोड़कर 361 ग्राम हुआ। अतः सांद्रता 41 भाग 361 गुणा 100 यानी 11.36 प्रतिशत आती है। आम भूल यह है कि विद्यार्थी केवल विलायक के द्रव्यमान से भाग दे देते हैं; 41 भाग 320 गुणा 100 से 12.81 प्रतिशत आता है, जो किसी विकल्प में नहीं है। A गलत है क्योंकि 12.36 प्रतिशत के लिए इसी विलयन में लगभग 45 ग्राम नमक चाहिए। B गलत है क्योंकि 9.35 प्रतिशत के लिए लगभग 34 ग्राम नमक चाहिए। C गलत है क्योंकि 10.36 प्रतिशत के लिए लगभग 37 ग्राम नमक चाहिए। परीक्षा टिप: द्रव्यमान प्रतिशत में सदैव विलेय भाग विलेय और विलायक का योग लें, कभी केवल विलायक से भाग न दें।

Q48.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Nov 2019मध्यम

किसी धूप वाले दिन एक स्थान का तापमान फ़ारेनहाइट पैमाने पर 113 है। इस तापमान का केल्विन पैमाने पर पाठ्यांक क्या होगा?

  1. A.318 K
  2. B.45 K
  3. C.62·8 K
  4. D.335·8 K
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 318 K

व्याख्या

सही उत्तर है A, 318 K। फ़ारेनहाइट पैमाने पर 113 का पाठ्यांक 45 डिग्री सेल्सियस के बराबर होता है और इसमें लगभग 273 जोड़ने पर 318 K मिलता है। फ़ारेनहाइट को सेल्सियस में बदलने का सूत्र C = (F - 32) x 5/9 है, इसलिए (113 - 32) x 5/9 = 81 x 5/9 = 45 डिग्री सेल्सियस हुआ। केल्विन पैमाना परम शून्य से शुरू होता है और इसकी डिग्री का आकार सेल्सियस डिग्री जितना ही होता है, इसलिए K = C + 273.15 लगाने पर 45 डिग्री सेल्सियस बराबर 318.15 K होता है, जिसे विकल्पों में 318 K लिखा गया है। यह भी याद रखें कि 0 डिग्री सेल्सियस बराबर 273 K होता है तथा पानी 32 F पर जमता और 212 F पर उबलता है। B गलत है क्योंकि 45 सेल्सियस का मान है, केल्विन का नहीं। C गलत है क्योंकि यह अंक पूरे सूत्र के बजाय अधूरे रूपांतरण से आता है। D गलत है क्योंकि इसमें 273 को गलत सेल्सियस मान में जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: दो चरणों में करें, पहले फ़ारेनहाइट से सेल्सियस और फिर 273 जोड़ें।

Q49.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

न्क्रूमा उन पाँच नेताओं में से एक थे जिन्होंने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) का मूल आधार तैयार किया। वे अफ़्रीका के किस देश के नेता थे?

  1. A.नाइजीरिया
  2. B.केन्या
  3. C.युगांडा
  4. D.घाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. घाना

व्याख्या

सही उत्तर है D, घाना। क्वामे न्क्रूमा घाना के नेता थे और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के पाँच संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने 1957 में घाना को स्वतंत्रता दिलाई, जो उपनिवेशी शासन से मुक्त होने वाला उप-सहारा अफ़्रीका का पहला देश था, और वे पहले इसके प्रधानमंत्री तथा बाद में राष्ट्रपति बने। गुटनिरपेक्ष आंदोलन को पाँच नेताओं ने खड़ा किया, भारत के जवाहरलाल नेहरू, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज़ टीटो, इंडोनेशिया के सुकर्णो और घाना के न्क्रूमा, जिन्होंने शीतयुद्ध के दौर में अमेरिकी या सोवियत गुट में शामिल होने से इनकार कर दिया। उनके प्रयास से 1961 में बेलग्रेड में पहला गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन हुआ। A गलत है क्योंकि नाइजीरिया 1960 में स्वतंत्र हुआ और उसके आरंभिक नेता अबूबकर तफ़ावा बालेवा थे। B गलत है क्योंकि केन्या को आज़ादी की ओर जोमो केन्याटा ने ले जाया। C गलत है क्योंकि युगांडा के पहले प्रधानमंत्री मिल्टन ओबोटे थे। परीक्षा टिप: गुटनिरपेक्ष आंदोलन के पाँच संस्थापक और 1961 का बेलग्रेड सम्मेलन याद रखें।

Q50.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

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