एनएसओ ने निजी निवेश पर तीसरा कैपेक्स सर्वे शुरू किया
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने निजी कॉरपोरेट निवेश इरादों पर अपना तीसरा अग्रदर्शी सर्वे कैपेक्स 2026 शुरू किया, जो अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा।

चर्चा में क्यों
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय निवेश इरादों पर तीसरा अग्रदर्शी सर्वेक्षण कैपेक्स 2026 शुरू किया, जो अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय निवेश इरादों पर अग्रदर्शी सर्वेक्षण शुरू किया है, जिसे कैपेक्स 2026 कहा जा रहा है। इसका क्षेत्र कार्य अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा। यह इस कवायद का तीसरा दौर है।
सर्वे में क्या पूछा जाता है
प्रश्नावली में पिछले वित्त वर्षों का पूंजीगत व्यय, चालू वर्ष का अस्थायी खर्च और आगामी वर्ष के लिए कंपनी का निवेश इरादा दर्ज होता है। इसमें यह भी पूछा जाता है कि पैसा किन परिसंपत्ति समूहों और उद्योगों में जा रहा है, निवेश का उद्देश्य क्या है, उसके पीछे रणनीति क्या है और वित्त के स्रोत कौन हैं। हरित ऊर्जा और रोबोटिक्स पर खर्च अलग से दर्ज किया जाता है।
सर्वे कैसे होता है
- इसमें केवल चुनी हुई बड़ी निजी कॉरपोरेट कंपनियां आती हैं, जिनकी सूची कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में पंजीकृत सक्रिय कंपनियों से बनाई जाती है
- सर्वेक्षण सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम, 2008 के तहत कराया जाता है
- कंपनियां सुरक्षित वेब पोर्टल पर खुद जानकारी भरती हैं, जिसमें निर्देश पुस्तिका, वीडियो गाइड, एआई चैटबॉट और द्विभाषी प्रश्नावली मदद करती है
- इकाई स्तर के आंकड़े कभी प्रकाशित नहीं होते, इसलिए नतीजों से कोई कंपनी पहचानी नहीं जा सकती
पिछले दौरों के नतीजे
पहला दौर कैपेक्स 2024 था, जो नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच हुआ। उसमें पाया गया कि 2024-25 में कुल खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा निर्माण क्षेत्र का था, 43.80 प्रतिशत, इसके बाद सूचना और संचार 15.60 प्रतिशत तथा परिवहन और भंडारण 14.00 प्रतिशत पर रहे।
दूसरा दौर अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक चला। 2025-26 के अस्थायी खर्च में उसने निर्माण क्षेत्र को बाकी सबसे बहुत आगे पाया।
| गतिविधि | हिस्सा | राशि |
|---|---|---|
| निर्माण | 50.17 प्रतिशत | 5,73,900 करोड़ रुपये |
| सूचना और संचार | 16.38 प्रतिशत | 1,87,395 करोड़ रुपये |
| बिजली, गैस, भाप और वातानुकूलन आपूर्ति | 8.96 प्रतिशत | 1,02,448 करोड़ रुपये |
| परिवहन और भंडारण | 5.55 प्रतिशत | 63,517 करोड़ रुपये |
याद रखने योग्य आंकड़े
रोबोटिक्स के बारे में लगभग 21.16 प्रतिशत कंपनियों ने अपने पूंजीगत व्यय का चार-पांचवें से अधिक हिस्सा उसमें लगाने की बात कही, जबकि करीब 78.84 प्रतिशत ने कहा कि रोबोटिक्स में उनका पांचवें हिस्से से कम खर्च जाएगा। 2024-25 में वास्तविक खर्च प्रति कंपनी 173.5 करोड़ रुपये बैठा, जिससे वसूली अनुपात 96.3 प्रतिशत निकला, यानी कंपनियों ने अपने इरादे के बहुत करीब खर्च किया। 3,819 कंपनियों के एक निश्चित पैनल ने अपने पहले के खर्च पर लगभग दो प्रतिशत की मामूली बढ़त बताई।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सर्वेक्षण | निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय निवेश इरादों पर अग्रदर्शी सर्वेक्षण (कैपेक्स 2026) |
|---|---|
| कराने वाली संस्था | राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय |
| दौर | तीसरा, कैपेक्स 2024 और कैपेक्स 2025 के बाद |
| सर्वे अवधि | अक्टूबर से दिसंबर 2026 |
| कानूनी आधार | सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम, 2008 |
| कैपेक्स 2025 में अग्रणी क्षेत्र | निर्माण, 50.17 प्रतिशत यानी 5,73,900 करोड़ रुपये |
| वसूली अनुपात | 96.3 प्रतिशत, 2024-25 में प्रति कंपनी 173.5 करोड़ रुपये खर्च |
| पैनल का आकार | 3,819 कंपनियां |
| नई विशेषताएं | हरित ऊर्जा और रोबोटिक्स पर प्रश्न, एआई चैटबॉट की मदद और द्विभाषी प्रश्नावली |
परीक्षा की दृष्टि से
संस्था (मंत्रालय के अधीन एनएसओ), सर्वेक्षण का नाम और यह कि कैपेक्स 2026 तीसरा दौर है, सर्वे अवधि (अक्टूबर से दिसंबर 2026), कानून (सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम, 2008), सूची का स्रोत (कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय), कैपेक्स 2025 में निर्माण क्षेत्र का 50.17 प्रतिशत हिस्सा, 96.3 प्रतिशत वसूली अनुपात और 3,819 कंपनियों का पैनल याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय निवेश इरादों पर अग्रदर्शी सर्वेक्षण कौन करा रहा है?
- A.भारतीय रिजर्व बैंक
- B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
- C.नीति आयोग
- D.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है, जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है और यह दौर कैपेक्स 2026 के नाम से अक्टूबर से दिसंबर के बीच करा रहा है, जो इस कवायद का तीसरा दौर है। विकल्प A गलत है, केंद्रीय बैंक अपने स्तर पर उद्यम और उद्योग सर्वेक्षण कराता है, इसी कारण यह विकल्प लुभाता है, मगर निजी पूंजीगत खर्च के इरादों का यह विशेष सर्वेक्षण सांख्यिकी मंत्रालय का है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नीति संबंधी यह संस्था इस तरह के प्राथमिक आंकड़े नहीं जुटाती और यहां संग्रहण सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम के तहत वैधानिक रूप से होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाजार नियामक प्रतिभूति बाजार और सूचीबद्ध कंपनियों के प्रकटीकरण पर नजर रखता है, पूरी अर्थव्यवस्था के सांख्यिकीय सर्वेक्षण नहीं कराता। सर्वेक्षण के लिए कंपनियों की सूची कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में पंजीकृत सक्रिय कंपनियों से बनती है।
कैपेक्स 2025 के नतीजों में 2025-26 के अस्थायी पूंजीगत खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा किस गतिविधि का था?
- A.सूचना और संचार
- B.परिवहन और भंडारण
- C.निर्माण
- D.बिजली, गैस, भाप और वातानुकूलन आपूर्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. निर्माण
व्याख्या
सही उत्तर निर्माण है। सर्वेक्षण के दूसरे दौर में उस वर्ष के अस्थायी कुल पूंजीगत व्यय में इसका हिस्सा आधे से कुछ अधिक, यानी 50.17 प्रतिशत रहा, जो 5,73,900 करोड़ रुपये बैठता है और यह हर दूसरी गतिविधि श्रेणी से बहुत आगे है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूचना और संचार 16.38 प्रतिशत यानी 1,87,395 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि बिजली, गैस, भाप और वातानुकूलन आपूर्ति 8.96 प्रतिशत यानी 1,02,448 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि परिवहन और भंडारण 5.55 प्रतिशत यानी 63,517 करोड़ रुपये के साथ चौथे स्थान पर रहा। ध्यान देने की बात है कि पहले दौर में भी निर्माण क्षेत्र आगे था, लेकिन तब उसका हिस्सा 43.80 प्रतिशत था, इसलिए दोनों दौरों के बीच उसकी बढ़त चौड़ी हुई है।
निजी कॉरपोरेट कंपनियों का कैपेक्स सर्वेक्षण किस अधिनियम के तहत कराया जाता है?
- A.कंपनी अधिनियम
- B.सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम
- C.सूचना का अधिकार अधिनियम
- D.उद्योग विकास और विनियमन अधिनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम
व्याख्या
सही उत्तर सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम है, जो वर्ष 2008 में बना और सांख्यिकी तंत्र को कंपनियों से जानकारी जुटाने का अधिकार देता है, साथ ही जुटाई गई जानकारी की रक्षा करने की जिम्मेदारी भी डालता है। इसी रक्षा के कारण इस सर्वेक्षण के इकाई स्तर के आंकड़े कभी जारी नहीं किए जाते और यह ध्यान रखा जाता है कि प्रकाशित नतीजों से वह कंपनी पहचानी न जा सके, जिसने आंकड़ा दिया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपनी कानून निगमन, लेखे और प्रशासन को नियंत्रित करता है, उसे लागू करने वाला मंत्रालय सक्रिय कंपनियों की सूची देता है, पर सर्वेक्षण उसके तहत नहीं होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पारदर्शिता कानून नागरिकों को लोक प्राधिकरणों से जानकारी मांगने देता है और उद्यम सांख्यिकी जुटाने से उसका कोई लेना-देना नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह पुराना औद्योगिक लाइसेंस कानून औद्योगिक उपक्रमों को नियंत्रित करता है, सांख्यिकीय संग्रहण को नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैपेक्स सर्वेक्षण कौन कराता है और किस कानून के तहत?
इसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम, 2008 के तहत कराता है और इसमें चुनी हुई बड़ी निजी कॉरपोरेट कंपनियां आती हैं।
कैपेक्स 2025 के नतीजों में निजी पूंजीगत खर्च में कौन सा क्षेत्र आगे रहा?
निर्माण क्षेत्र, जिसका 2025-26 के अस्थायी कुल खर्च में 50.17 प्रतिशत यानी 5,73,900 करोड़ रुपये का हिस्सा रहा, उसके बाद सूचना और संचार 16.38 प्रतिशत पर था।
96.3 प्रतिशत वसूली अनुपात का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि कंपनियों ने 2024-25 में जो पूंजीगत खर्च वास्तव में किया, प्रति कंपनी लगभग 173.5 करोड़ रुपये, वह उनके पहले बताए निवेश इरादे के बहुत करीब था।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2317606 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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