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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: SSC CHSL · 26 May 2022, Shift 2

कमरे के तापमान और वायुमंडलीय दाब पर पदार्थों तथा उनकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता (J kg-1K-1) के संदर्भ में असंगत जोड़ी पहचानें।

  1. A.एल्युमिनियम - 900.0
  2. B.जल - 1200
  3. C.कार्बन - 506.5
  4. D.टंगस्टन - 134.4

सही उत्तर

B. जल - 1200

व्याख्या

सही उत्तर है B, जल - 1200। जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता लगभग 4186 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन है, 1200 नहीं, इसलिए यही जोड़ी गलत है। विशिष्ट ऊष्मा धारिता वह ऊष्मा है जो किसी पदार्थ के एक किलोग्राम का तापमान एक केल्विन बढ़ाने के लिए चाहिए, और सामान्य द्रवों में जल का मान सबसे ऊँचा है। इसी कारण जल को गाड़ियों के रेडिएटर और उद्योगों में शीतलक के रूप में काम में लिया जाता है, समुद्र धीरे गरम और धीरे ठंडा होता है, और तटीय स्थानों की जलवायु भीतरी शहरों से सम रहती है। A सही जोड़ी है क्योंकि एल्युमिनियम को लगभग 900 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन चाहिए। C सही जोड़ी है क्योंकि ग्रेफाइट रूप में कार्बन का मान 506.5 के आसपास है। D सही जोड़ी है क्योंकि भारी धातु टंगस्टन को केवल लगभग 134.4 चाहिए, इसलिए धातुएँ जल्दी गरम हो जाती हैं। परीक्षा टिप: जल का मान लगभग 4186 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन याद रखें, जो एक कैलोरी प्रति ग्राम प्रति डिग्री सेल्सियस के बराबर है।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 1मध्यम

एक विलयन में 320 ग्राम जल में 41 ग्राम साधारण नमक घुला है। विलयन की सांद्रता द्रव्यमान प्रतिशत में ज्ञात कीजिए।

  1. A.12.36%
  2. B.9.35%
  3. C.10.36%
  4. D.11.36%
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 11.36%

व्याख्या

सही उत्तर है D, 11.36%। विलयन का द्रव्यमान प्रतिशत निकालने के लिए विलेय के द्रव्यमान को पूरे विलयन के द्रव्यमान से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। यहाँ विलेय 41 ग्राम साधारण नमक है और विलायक 320 ग्राम जल, इसलिए विलयन का द्रव्यमान 41 और 320 जोड़कर 361 ग्राम हुआ। अतः सांद्रता 41 भाग 361 गुणा 100 यानी 11.36 प्रतिशत आती है। आम भूल यह है कि विद्यार्थी केवल विलायक के द्रव्यमान से भाग दे देते हैं; 41 भाग 320 गुणा 100 से 12.81 प्रतिशत आता है, जो किसी विकल्प में नहीं है। A गलत है क्योंकि 12.36 प्रतिशत के लिए इसी विलयन में लगभग 45 ग्राम नमक चाहिए। B गलत है क्योंकि 9.35 प्रतिशत के लिए लगभग 34 ग्राम नमक चाहिए। C गलत है क्योंकि 10.36 प्रतिशत के लिए लगभग 37 ग्राम नमक चाहिए। परीक्षा टिप: द्रव्यमान प्रतिशत में सदैव विलेय भाग विलेय और विलायक का योग लें, कभी केवल विलायक से भाग न दें।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sept 2022, Shift 2आसान

2NaOH (aq) + H2SO4 (aq) → Na2SO4 (aq) + 2H2O (l)। दी गई अभिक्रिया किसका उदाहरण है?

  1. A.अवक्षेपण अभिक्रिया
  2. B.वियोजन अभिक्रिया
  3. C.उदासीनीकरण अभिक्रिया
  4. D.रेडॉक्स अभिक्रिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उदासीनीकरण अभिक्रिया

व्याख्या

सही उत्तर है C, उदासीनीकरण अभिक्रिया। दी गई अभिक्रिया में क्षारक सोडियम हाइड्रॉक्साइड सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके सोडियम सल्फेट और जल बनाता है, और जिस अभिक्रिया में अम्ल तथा क्षारक एक-दूसरे का प्रभाव समाप्त करके लवण और जल देते हैं, उसे उदासीनीकरण कहते हैं। इसका सामान्य रूप है अम्ल और क्षारक से लवण तथा जल, और इसमें ऊष्मा निकलती है, अतः यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। यहाँ सोडियम हाइड्रॉक्साइड के दो अणु चाहिए क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल द्विक्षारकीय है और दो हाइड्रोजन आयन देता है। पेट की अम्लता में ली जाने वाली अम्लतानाशक दवा, अम्लीय मिट्टी में डाला जाने वाला चूना और मधुमक्खी के डंक पर लगाया जाने वाला खाने का सोडा इसके रोज़मर्रा के उदाहरण हैं। A गलत है क्योंकि अवक्षेपण अभिक्रिया में अविलेय ठोस बनता है, जबकि यहाँ दोनों उत्पाद विलयन में ही रहते हैं। B गलत है क्योंकि वियोजन में एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ देता है। D गलत है क्योंकि रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण संख्या बदलती है, यहाँ वह नहीं बदलती। परीक्षा टिप: अम्ल और क्षारक से लवण तथा जल बने तो वह सदैव उदासीनीकरण है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Sep 2018, Shift 1मध्यम

यदि 418 ओम प्रतिरोध वाली कुंडली में 1 मिनट तक 0.3 A की धारा प्रवाहित की जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा ज्ञात कीजिए।

  1. A.360 कैलोरी
  2. B.540 कैलोरी
  3. C.54 कैलोरी
  4. D.36 कैलोरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 540 कैलोरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, 540 कैलोरी। धारा से उत्पन्न ऊष्मा जूल के तापन नियम से निकलती है, जिसके अनुसार ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के गुणनफल के बराबर होती है। यहाँ धारा 0.3 A, प्रतिरोध 418 ओम और समय 1 मिनट यानी 60 सेकंड है, अतः ऊष्मा 0.09 गुणा 418 गुणा 60 = 2257.2 जूल हुई। एक कैलोरी 4.18 जूल के बराबर होती है, इसलिए 2257.2 भाग 4.18 से 540 कैलोरी मिलती है। जूल का नियम कहता है कि उत्पन्न ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध तथा समय के समानुपाती होती है, इसी से धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा चार गुनी हो जाती है। इसी नियम पर विद्युत इस्तरी, हीटर, गीजर, बल्ब का तंतु और परिपथ की रक्षा करने वाला फ्यूज काम करते हैं। A गलत है क्योंकि 360 कैलोरी के लिए उसी प्रतिरोध और समय पर लगभग 0.245 A धारा चाहिए। C गलत है क्योंकि वह सही मान का दसवाँ भाग है। D गलत है क्योंकि 36 कैलोरी के लिए केवल लगभग 0.077 A धारा चाहिए। परीक्षा टिप: पहले धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय से जूल निकालें, फिर 4.18 से भाग देकर कैलोरी बनाएँ।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 5 Nov 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किसमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं?

  1. A.द्रव्यमान
  2. B.दूरी
  3. C.संवेग
  4. D.चाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संवेग

व्याख्या

सही उत्तर है C, संवेग। जिस राशि में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं, उसे सदिश राशि कहते हैं, और संवेग द्रव्यमान तथा वेग का गुणनफल होने के कारण सदिश है, क्योंकि वेग की दिशा होती है। इसका SI मात्रक किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड है और इसकी दिशा वेग की दिशा ही रहती है। जिन राशियों में केवल परिमाण होता है उन्हें अदिश कहा जाता है। विस्थापन, वेग, त्वरण, बल और भार अन्य प्रमुख सदिश राशियाँ हैं, जबकि द्रव्यमान, दूरी, चाल, समय, कार्य, ऊर्जा और ताप अदिश हैं। सदिशों का योग त्रिभुज या समांतर चतुर्भुज नियम से किया जाता है, साधारण जोड़ से नहीं, इसी कारण विपरीत दिशाओं में लगने वाले दो बराबर बल एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। A गलत है क्योंकि द्रव्यमान अदिश राशि है, वस्तु में पदार्थ की मात्रा। B गलत है क्योंकि दूरी तय किए गए पूरे पथ की लंबाई है और उसकी कोई दिशा नहीं होती; उसका सदिश रूप विस्थापन है। D गलत है क्योंकि चाल अदिश है और उसका सदिश रूप वेग है। परीक्षा टिप: दूरी और चाल अदिश हैं, विस्थापन, वेग तथा संवेग सदिश हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा लवण जलीय विलयन में 7 से कम pH देता है?

  1. A.सोडियम कार्बोनेट
  2. B.सोडियम क्लोराइड
  3. C.अमोनियम क्लोराइड
  4. D.सोडियम बाइकार्बोनेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमोनियम क्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमोनियम क्लोराइड। अमोनियम क्लोराइड प्रबल अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और दुर्बल क्षारक अमोनियम हाइड्रॉक्साइड का लवण है, इसलिए इसका जलीय विलयन अम्लीय होता है और उसका pH 7 से कम रहता है। ऐसा लवण जल में घुलने पर दुर्बल क्षारक का आयन जल-अपघटित होकर हाइड्रोजन आयन छोड़ता है, इसी कारण यह विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है। नियम सरल है: प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक का लवण अम्लीय, दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षारक का लवण क्षारीय तथा प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक का लवण उदासीन होता है। A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट प्रबल क्षारक और दुर्बल कार्बोनिक अम्ल से बनता है, अतः उसका विलयन क्षारीय होता है और pH 7 से अधिक रहता है। B गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक से बनता है, उसका विलयन उदासीन और pH 7 होता है। D गलत है क्योंकि सोडियम बाइकार्बोनेट भी क्षारीय है, इसी से वह खाने का सोडा और अम्लतानाशक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: जो जनक प्रबल है वही निर्णय करता है, प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक का लवण अम्लीय होगा।