अंडमान सागर के दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी शुरू
खान सचिव केशव चंद्र ने अंडमान सागर में सेवेल राइज़-01 और वेस्ट सेवेल रिज-01 की नीलामी शुरू की, जिनका संयुक्त क्षेत्रफल 1,632 वर्ग किलोमीटर से अधिक है।

चर्चा में क्यों
1 अक्टूबर 2026 को खान मंत्रालय ने अंडमान सागर के दो अपतटीय खनिज ब्लॉक सेवेल राइज़-01 और वेस्ट सेवेल रिज-01 की नीलामी शुरू की और उसी दिन निविदा दस्तावेजों की बिक्री भी आरंभ हो गई।
खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने अंडमान सागर में दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी वर्चुअली शुरू की। ये ब्लॉक कंपोजिट लाइसेंस देने के लिए रखे गए हैं। इस अवसर पर मंत्रालय के संयुक्त सचिव और प्रशासनिक अधिकारी श्री कदम संदीप वसंत भी मौजूद रहे।
दोनों ब्लॉक
| ब्लॉक | अपतटीय क्षेत्र | खनिज |
|---|---|---|
| सेवेल राइज़-01 | सेवेल राइज़ का दक्षिणी भाग, अंडमान सागर | बहुधात्विक पिंड और परतें |
| वेस्ट सेवेल रिज-01 | ग्रेट निकोबार द्वीप के पास, अंडमान सागर | बहुधात्विक पिंड और परतें |
दोनों ब्लॉक मिलकर 1,632 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं। इनमें मिलने वाले बहुधात्विक पिंड और परतों में कोबाल्ट, निकेल, मैंगनीज, तांबा तथा दुर्लभ पृथ्वी तत्व मौजूद हैं, जो उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी, विद्युत गतिशीलता और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी हैं।
नीलामी की समयसीमा
- निविदा दस्तावेजों की बिक्री 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई
- पूर्व-बोली सम्मेलन 4 नवंबर 2026 को और प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि 13 नवंबर 2026
- निविदा दस्तावेज 21 दिसंबर 2026 शाम 5 बजे तक खरीदे जा सकते हैं और बोलियां 28 दिसंबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा होंगी
बोली एमएसटीसी मंच पर पारदर्शी इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के रूप में होगी, जो अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 तथा अपतटीय क्षेत्र खनिज (नीलामी) नियम, 2024 के अनुसार संचालित होगी।
महत्व क्यों
सचिव ने अपतटीय खनिज संसाधनों को देश के खनिज क्षेत्र का नया आयाम बताया और कहा कि इनका व्यवस्थित अन्वेषण घरेलू खनिज उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों को पूरा करेगा। उन्होंने इन संसाधनों के वैज्ञानिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी विकास पर बल दिया तथा संभावित बोलीदाताओं, उद्योग के हितधारकों और सक्षम खोजकर्ताओं से भाग लेने का आग्रह किया। परीक्षा के लिहाज से ब्लॉक के नाम, सागर, खनिज का प्रकार और संबंधित कानून सबसे अधिक पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| मंत्रालय | खान मंत्रालय |
|---|---|
| शुभारंभ | श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय (वर्चुअली) |
| ब्लॉक | सेवेल राइज़-01 और वेस्ट सेवेल रिज-01 |
| स्थिति | अंडमान सागर; वेस्ट सेवेल रिज-01 ग्रेट निकोबार द्वीप के पास |
| संयुक्त क्षेत्रफल | 1,632 वर्ग किलोमीटर से अधिक |
| खनिज का प्रकार | बहुधात्विक पिंड और परतें |
| मौजूद धातुएं | कोबाल्ट, निकेल, मैंगनीज, तांबा और दुर्लभ पृथ्वी तत्व |
| दिया जाने वाला लाइसेंस | कंपोजिट लाइसेंस |
| पूर्व-बोली सम्मेलन | 4 नवंबर 2026 |
| बोली की अंतिम तिथि | 28 दिसंबर 2026, शाम 5 बजे तक |
| कानूनी ढांचा | अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 और अपतटीय क्षेत्र खनिज (नीलामी) नियम, 2024 |
परीक्षा की दृष्टि से
दोनों ब्लॉक के नाम, दोनों का अंडमान सागर में होना, 1,632 वर्ग किलोमीटर से अधिक संयुक्त क्षेत्रफल, खनिज का प्रकार (बहुधात्विक पिंड और परतें), उनमें मौजूद धातुएं, सचिव का नाम तथा अधिनियम 2002 और नीलामी नियम 2024 याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
जिन दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी शुरू हुई, वे किस सागर में स्थित हैं?
- A.अरब सागर
- B.अंडमान सागर
- C.लक्षद्वीप सागर
- D.बंगाल की खाड़ी, ओडिशा के पास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंडमान सागर
व्याख्या
सही उत्तर अंडमान सागर है। खान मंत्रालय ने सेवेल राइज़-01, जो सेवेल राइज़ के दक्षिणी भाग में है, और वेस्ट सेवेल रिज-01, जो ग्रेट निकोबार द्वीप के पास है, नीलामी के लिए रखे और दोनों ब्लॉक अंडमान सागर में स्थित हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस नीलामी में देश के पश्चिमी किनारे यानी अरब सागर का कोई ब्लॉक शामिल नहीं है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि लक्षद्वीप सागर दक्षिण-पश्चिम में पड़ता है और इस शुभारंभ में उसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ब्लॉक पूर्वी ओर होने के बावजूद ओडिशा के तट के पास नहीं हैं। इनकी स्थिति अंडमान और निकोबार समूह से जुड़ी है और वेस्ट सेवेल रिज-01 को विशेष रूप से ग्रेट निकोबार द्वीप के पास बताया गया है। दोनों ब्लॉक मिलकर 1,632 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं।
सेवेल राइज़-01 और वेस्ट सेवेल रिज-01 में किस प्रकार का खनिज निक्षेप पाया जाता है?
- A.बॉक्साइट और लेटराइट
- B.बहुधात्विक पिंड और परतें
- C.कोयले की परतें
- D.प्लेसर स्वर्ण निक्षेप
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बहुधात्विक पिंड और परतें
व्याख्या
सही उत्तर बहुधात्विक पिंड और परतें है। दोनों ब्लॉकों में इसी प्रकार के निक्षेप बताए गए हैं और इनमें कोबाल्ट, निकेल, मैंगनीज, तांबा तथा दुर्लभ पृथ्वी तत्व मौजूद हैं, जो उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी, विद्युत गतिशीलता और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आवश्यक हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बॉक्साइट और लेटराइट अपक्षय से बने स्थलीय निक्षेप हैं और इन अपतटीय ब्लॉकों में नहीं मिलते। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोयला अवसादी ईंधन खनिज है और वह गहरे समुद्र तल पर पाए जाने वाले पिंड तथा परतें नहीं बनाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लेसर स्वर्ण नदियों और तटीय रेत में जमा होता है, बहुधात्विक पिंड के रूप में नहीं। दोनों ब्लॉकों के लिए कंपोजिट लाइसेंस दिया जाना है और उनमें मौजूद धातुएं इस समाचार का परीक्षा-उपयोगी हिस्सा हैं।
दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी का शुभारंभ किसने किया?
- A.केंद्रीय खान मंत्री
- B.श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय
- C.श्री कदम संदीप वसंत, संयुक्त सचिव
- D.एमएसटीसी के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय है, जिन्होंने कंपोजिट लाइसेंस देने के लिए यह नीलामी वर्चुअली शुरू की। विकल्प A गलत है, क्योंकि शुभारंभ सचिव ने किया, केंद्रीय मंत्री ने नहीं। किसी मंत्रालय के कार्यक्रम में कई अधिकारी शामिल होने पर परीक्षा में यही अंतर पूछा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मंत्रालय के संयुक्त सचिव और प्रशासनिक अधिकारी श्री कदम संदीप वसंत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे, लेकिन शुभारंभ उन्होंने नहीं किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि एमएसटीसी केवल वह इलेक्ट्रॉनिक मंच देता है जिस पर पारदर्शी नीलामी होती है, वह शुभारंभ करने वाला प्राधिकरण नहीं है। सचिव ने इस मौके पर अपतटीय खनिजों को नया आयाम बताया और उद्योग तथा सक्षम खोजकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीलामी के लिए कौन से दो अपतटीय खनिज ब्लॉक रखे गए हैं?
सेवेल राइज़-01, जो सेवेल राइज़ के दक्षिणी भाग में है, और वेस्ट सेवेल रिज-01, जो ग्रेट निकोबार द्वीप के पास है। दोनों अंडमान सागर में हैं और कंपोजिट लाइसेंस के लिए रखे गए हैं।
इन ब्लॉकों में किस तरह के खनिज मिलते हैं?
बहुधात्विक पिंड और परतें, जिनमें कोबाल्ट, निकेल, मैंगनीज, तांबा तथा दुर्लभ पृथ्वी तत्व होते हैं। ये उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, विद्युत गतिशीलता और इलेक्ट्रॉनिक्स में काम आते हैं।
अपतटीय नीलामी किस कानून के तहत होती है?
अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2002 और अपतटीय क्षेत्र खनिज (नीलामी) नियम, 2024 के तहत, एमएसटीसी मंच पर इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के जरिये।
स्रोत
- https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2317680 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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