मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

महाराष्ट्र में भारतनेट के लिए 10,520 करोड़ रुपये मंजूर

डिजिटल भारत निधि ने महाराष्ट्र सरकार, एमडीआईएल, बीएसएनएल और महाआईटी के साथ राज्य की 28,237 ग्राम पंचायतों में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम का करार किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
महाराष्ट्र में भारतनेट के लिए 10,520 करोड़ रुपये मंजूर — GK24 title card

चर्चा में क्यों

1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के संचार भवन में डिजिटल भारत निधि ने महाराष्ट्र सरकार, एमडीआईएल, बीएसएनएल और महाआईटी के साथ संशोधित भारतनेट कार्यक्रम का करार किया, जिसके लिए 10,520 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर है।

दूरसंचार विभाग के अधीन काम करने वाली डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने नई दिल्ली के संचार भवन में करार पर हस्ताक्षर किए, जिससे संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) राज्य-नीत मॉडल के तहत महाराष्ट्र में लागू होगा।

हस्ताक्षर किसने किए

करार में पाँच पक्ष हैं: दूरसंचार विभाग की डिजिटल भारत निधि, महाराष्ट्र सरकार, महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमडीआईएल), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महाराष्ट्र सूचना प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड (महाआईटी)। राज्य में परियोजना एमडीआईएल के जरिये लागू होगी। समारोह में डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा, राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, महाआईटी की प्रबंध निदेशक बुवनेश्वरी एस. और बीएसएनएल के निदेशक (उद्यम व्यवसाय) पापा सुधाकर राव उपस्थित रहे।

राशि और दायरा

मदआँकड़ा
केंद्रीय वित्तीय सहायता10,520 करोड़ रुपये
दायरे में ग्राम पंचायतें28,237
माँग पर जुड़ने वाले गाँव15,799
अपेक्षित ग्रामीण घरेलू फाइबर कनेक्शननौ लाख से अधिक

28,237 पंचायतों का विभाजन

  • 15,171 प्रथम चरण की ग्राम पंचायतें रेखीय से रिंग टोपोलॉजी में बदली जाएँगी, जिससे एक जगह तार कटने पर पूरा नेटवर्क न बैठे
  • 12,740 द्वितीय चरण की ग्राम पंचायतें दायरे में आएँगी
  • 326 नवगठित ग्राम पंचायतें भी इसमें जोड़ी गई हैं

पंचायतों के अलावा 15,799 गाँवों को माँग के आधार पर कनेक्टिविटी दी जाएगी, जो अंतिम छोर तक पहुँच पूरी करने वाला हिस्सा है।

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम क्या है

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को 4 अगस्त 2023 को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, समेकित और विस्तृत करना है, ताकि हर ग्राम पंचायत को मजबूत ब्रॉडबैंड मिले और हर गाँव माँगने पर जुड़ सके। महाराष्ट्र का करार इसी राष्ट्रीय ढाँचे का राज्य-नीत क्रियान्वयन है और सरकार को आशा है कि इससे राज्य के ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल भुगतान बेहतर होंगे।

डिजिटल भारत निधि संक्षेप में

डिजिटल भारत निधि सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष का नया नाम है। यह कोष भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत बना था और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसका नाम बदला। यह दूरसंचार विभाग का संलग्न कार्यालय है और वंचित ग्रामीण, दूरदराज तथा शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार पहुँच के लिए धन देता है। भारतनेट के अलावा यह 4जी सैचुरेशन परियोजना तथा आकांक्षी जिलों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, हिमालयी व सीमावर्ती इलाकों, द्वीपों और पूर्वोत्तर राज्यों में मोबाइल सेवाओं के लिए भी धन देता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमसंशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी), राज्य-नीत मॉडल
राज्यमहाराष्ट्र
केंद्रीय सहायता10,520 करोड़ रुपये
हस्ताक्षरकर्ताडिजिटल भारत निधि (दूरसंचार विभाग), महाराष्ट्र सरकार, एमडीआईएल, बीएसएनएल और महाआईटी
क्रियान्वयन एजेंसीमहानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमडीआईएल)
ग्राम पंचायतें28,237
माँग पर गाँव15,799
एबीपी को मंत्रिमंडल की मंजूरी4 अगस्त 2023
डिजिटल भारत निधिपूर्व सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष, दूरसंचार अधिनियम, 2023 से नया नाम

परीक्षा की दृष्टि से

राशि 10,520 करोड़ रुपये, राज्य महाराष्ट्र, पाँच हस्ताक्षरकर्ता, क्रियान्वयन एजेंसी एमडीआईएल, पंचायत संख्या 28,237, 15,171, 12,740 और 326, माँग पर 15,799 गाँव तथा संशोधित भारतनेट कार्यक्रम की मंजूरी 4 अगस्त 2023 याद रखें। यह भी कि डिजिटल भारत निधि पहले सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष थी, जिसका नाम दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने बदला।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए केंद्र ने कितनी वित्तीय सहायता मंजूर की है?

  1. A.5,240 करोड़ रुपये
  2. B.8,375 करोड़ रुपये
  3. C.10,520 करोड़ रुपये
  4. D.14,600 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10,520 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 10,520 करोड़ रुपये है। राज्य-नीत मॉडल के तहत महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम चलाने के लिए भारत सरकार ने यही वित्तीय सहायता मंजूर की है और संचार भवन में हुआ करार इसे महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के जरिये अमल में लाएगा। विकल्प A, B और D गढ़ी हुई राशियाँ हैं और स्वीकृत सहायता से मेल नहीं खातीं। गलती इसलिए होती है कि इस खबर में कई बड़े अंक हैं जो राशि नहीं हैं: दायरे में 28,237 ग्राम पंचायतें, माँग पर जुड़ने वाले 15,799 गाँव, रिंग टोपोलॉजी में बदली जाने वाली 15,171 प्रथम चरण की पंचायतें, 12,740 द्वितीय चरण की पंचायतें और 326 नवगठित पंचायतें। रुपये के आँकड़े को पंचायत और गाँव की गिनती से अलग रखना ही इस प्रश्न की कुंजी है, इसलिए C सही है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम किस कंपनी के जरिये लागू होगा?

  1. A.महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
  2. B.भारत संचार निगम लिमिटेड
  3. C.महाराष्ट्र सूचना प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड
  4. D.रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है, जिसे एमडीआईएल लिखा जाता है। महाराष्ट्र में परियोजना एमडीआईएल के जरिये लागू होगी, इसीलिए वह करार के पाँच पक्षों में से एक है। विकल्प B गलत है: भारत संचार निगम लिमिटेड ने करार पर हस्ताक्षर किए और उसके उद्यम व्यवसाय निदेशक समारोह में मौजूद थे, पर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एमडीआईएल की है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि महाआईटी हस्ताक्षरकर्ता है और उसकी प्रबंध निदेशक उपस्थित थीं, क्रियान्वयन एजेंसी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह कंपनी पाँच हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल ही नहीं है; बाकी दो पक्ष हैं दूरसंचार विभाग की डिजिटल भारत निधि और महाराष्ट्र सरकार। ध्यान रखें कि करार संचार भवन, नई दिल्ली में हुआ और इसका पूरा दायरा राज्य की 28,237 ग्राम पंचायतें हैं, जिसके लिए केंद्र ने 10,520 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है। हस्ताक्षरकर्ताओं की सूची और क्रियान्वयन एजेंसी की पंक्ति को अलग-अलग पढ़ने पर A ही सही बैठता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

डिजिटल भारत निधि पहले किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन कोष
  2. B.सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष
  3. C.दूरसंचार विकास कोष
  4. D.डिजिटल इंडिया अवसंरचना कोष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष

व्याख्या

सही उत्तर सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष है। यह कोष भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत बना और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसका नाम डिजिटल भारत निधि कर दिया। यह दूरसंचार विभाग का संलग्न कार्यालय है और इसका काम वंचित ग्रामीण, दूरदराज तथा शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा की पहुँच बढ़ाना है। विकल्प A, C और D सुनने में सही लगते हैं, पर इनमें से कोई इस कोष का पुराना नाम नहीं है। याद रखें कि भारतनेट के अलावा यह कोष 4जी सैचुरेशन परियोजना तथा आकांक्षी जिलों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, हिमालयी व सीमावर्ती इलाकों, द्वीपों और पूर्वोत्तर राज्यों में मोबाइल सेवाओं के लिए भी धन देता है। महाराष्ट्र का करार इसी कोष ने महाराष्ट्र सरकार, एमडीआईएल, बीएसएनएल और महाआईटी के साथ किया, इसलिए B सही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में भारतनेट के लिए केंद्र ने कितनी राशि मंजूर की है?

10,520 करोड़ रुपये। यह सहायता राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए है, जिसे राज्य-नीत मॉडल के तहत महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड लागू करेगी।

महाराष्ट्र में कितनी ग्राम पंचायतें दायरे में हैं?

28,237 ग्राम पंचायतें। इनमें 15,171 प्रथम चरण की पंचायतें शामिल हैं, जिन्हें रेखीय से रिंग टोपोलॉजी में बदला जाएगा, साथ ही 12,740 द्वितीय चरण की और 326 नवगठित पंचायतें।

डिजिटल भारत निधि क्या है?

यह सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष का नया नाम है और दूरसंचार विभाग का संलग्न कार्यालय है। कोष भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 से बना और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसका नाम बदल दिया।

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम कब मंजूर हुआ था?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 4 अगस्त 2023 को मंजूरी दी थी, ताकि भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, समेकित और विस्तृत किया जाए और सभी ग्राम पंचायतों को भरोसेमंद ब्रॉडबैंड तथा गाँवों को माँग पर कनेक्टिविटी मिले।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 1 अक्टूबर 2026

  1. स्वच्छता ही सेवा 2026: स्वास्थ्य मंत्रालय में श्रमदानसरकारी योजनाएं
  2. नरेंद्र भूषण ने पर्यावरण मंत्रालय के सचिव का पदभार संभालानियुक्तियां
  3. जल जीवन मिशन 2.0 में जनजातीय गांवों के लिए 5,000 करोड़ रुपयेसरकारी योजनाएं
  4. विशेष अभियान 6.0 दो अक्तूबर से, ई-कचरा निपटान पर विशेष जोरराष्ट्रीय
  5. लोणार, अजंता और एलोरा में सूर्य किरण एयर शो का प्रस्तावराष्ट्रीय
  6. यूपीएससी शताब्दी समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदीराष्ट्रीय
  7. वरुण अभ्यास के 24वें संस्करण में शामिल हुआ आईएनएस त्रिशूलरक्षा
  8. पांचवां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 3 से 5 अक्टूबर तक दिल्ली मेंशिखर सम्मेलन
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CHSLIBPS