राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से किस प्रकार भिन्न है? 1. एनजीटी की स्थापना एक अधिनियम द्वारा हुई है, जबकि सीपीसीबी का गठन सरकार के कार्यकारी आदेश से किया गया है। 2. एनजीटी पर्यावरणीय न्याय देता है और उच्च न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करने में सहायक है, जबकि सीपीसीबी नदियों और कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है तथा देश में वायु की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य रखता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न 1 न ही 2
सही उत्तर
B. केवल 2
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। दूसरा कथन दोनों संस्थाओं का सही वर्णन करता है, जबकि पहला बोर्ड की उत्पत्ति ग़लत बताता है, इसलिए केवल कथन 2 स्वीकार किया जा सकता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक विशेष न्यायालय है, जिसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा इस उद्देश्य से बनाया गया कि पर्यावरण कानूनों से जुड़े विवाद शीघ्र निपटें, और वह ऐसे मामले साधारण न्यायालयों से हटा लेता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु और जल की गुणवत्ता पर काम करता है, नदियों तथा कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है, मानक तय करता है और देशव्यापी निगरानी तंत्र चलाता है। कथन 1 गलत है क्योंकि बोर्ड भी एक अधिनियम से बना है, अर्थात जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 से, किसी कार्यकारी आदेश से नहीं; आगे 1981 के वायु अधिनियम ने उसके कार्य बढ़ाए। A और C गलत हैं क्योंकि दोनों कथन 1 को मान लेते हैं। D गलत है क्योंकि कथन 2 सही है। परीक्षा टिप: सीपीसीबी 1974 के जल अधिनियम से, एनजीटी 2010 के अपने अधिनियम से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंक्योटो प्रोटोकॉल की पहली प्रतिबद्धता अवधि का लक्ष्य 1990 के स्तर से कितनी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 5.2% की कमी करना है?
- A.6
- B.10
- C.8
- D.7
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 6
व्याख्या
सही उत्तर है A, 6। क्योटो प्रोटोकॉल ने छह ग्रीनहाउस गैसों के समूह पर अपना लक्ष्य रखा था, जिनके उत्सर्जन में 1990 के स्तर से औसतन 5.2 प्रतिशत की कटौती करनी थी। ये छह गैसें हैं - कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, हाइड्रोफ्लोरोकार्बन, परफ्लोरोकार्बन और सल्फर हेक्साफ्लोराइड। यह प्रोटोकॉल जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के अंतर्गत 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो में अपनाया गया और 16 फरवरी 2005 को प्रभाव में आया; इसकी पहली प्रतिबद्धता अवधि 2008 से 2012 तक चली और यह अनुसूची एक में सूचीबद्ध औद्योगिक देशों पर बाध्यकारी थी। B, C और D गलत हैं क्योंकि ये संख्या बढ़ाकर बताते हैं: पहली अवधि में केवल छह गैसें शामिल थीं, और नाइट्रोजन ट्राइफ्लोराइड को सातवीं गैस के रूप में बाद में दोहा संशोधन के जरिए दूसरी प्रतिबद्धता अवधि के लिए जोड़ा गया। परीक्षा टिप: आंकड़े एक साथ याद रखें - छह गैसें, 5.2 प्रतिशत, आधार वर्ष 1990 और अवधि 2008 से 2012।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस प्रावधान के अनुरूप अधिनियमित किया गया था? 1. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार का भाग माना गया स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार 2. अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण हेतु अनुसूचित क्षेत्रों में प्रशासन का स्तर ऊँचा उठाने के लिए अनुदान का प्रावधान 3. अनुच्छेद 243क में उल्लिखित ग्राम सभा की शक्तियाँ और कार्य। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 1। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम जीवन के अधिकार में पढ़े गए स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार पर टिका है, इसलिए केवल पहला प्रावधान प्रासंगिक है। सुभाष कुमार वाद से आगे के फ़ैसलों की एक कड़ी में उच्चतम न्यायालय ने माना है कि अनुच्छेद 21 में स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार शामिल है, और 2010 का अधिनियम इसी अधिकार को अपना मंच देने के लिए पारित किया गया। इसने न्यायिक तथा विशेषज्ञ सदस्यों वाला एक अधिकरण गठित किया, जो पर्यावरण कानूनों से जुड़े दीवानी मामले छह महीने में तय करता है, और इसका आधार स्टॉकहोम तथा रियो घोषणाएँ भी रहीं, जिनमें भारत पक्षकार था। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 275(1) अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के लिए सहायता अनुदान देता है और अधिकरण से उसका कोई संबंध नहीं है। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 243क पंचायत प्रावधानों के अंतर्गत ग्राम सभा की शक्तियों से जुड़ा है। B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक इन दो असंबद्ध अनुच्छेदों में से किसी को ले लेता है। परीक्षा टिप: हरित अधिकरण अधिनियम 2010, अनुच्छेद 21, और पाँच पीठ जिनकी प्रधान पीठ दिल्ली में है।
'फ्लाई ऐश', एक सुपरिचित प्रदूषक, किससे उत्पन्न होता है?
- A.तेल शोधनशाला
- B.उर्वरक संयंत्र
- C.सीमेंट संयंत्र
- D.तापीय विद्युत संयंत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तापीय विद्युत संयंत्र
व्याख्या
सही उत्तर है D, तापीय विद्युत संयंत्र। फ्लाई ऐश वह महीन राख है जो कोयला आधारित बिजलीघर में पिसे हुए कोयले के जलने पर धुएं के साथ ऊपर उठती है। बहुत हल्की होने के कारण यह चिमनी से बाहर निकल जाती है, जब तक कि इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर इसे रोक न लें; बाहर निकली राख खेतों और जलाशयों पर बैठ जाती है तथा आर्सेनिक और पारा जैसी भारी धातुएं साथ ले जाती है। भारत की फ्लाई ऐश अधिसूचना तापीय संयंत्रों के लिए इस राख का उपयोग अनिवार्य बनाती है, इसलिए आज इसका अधिकांश भाग सीमेंट, ईंटों, सड़क तटबंधों और खदानों की भराई में जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तेल शोधनशाला से मुख्यतः सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन निकलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि उर्वरक संयंत्र से अमोनिया और नाइट्रोजन के ऑक्साइड निकलते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सीमेंट संयंत्र से सीमेंट धूल और कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है; वह फ्लाई ऐश का उपयोग करता है, उत्पादन नहीं। परीक्षा टिप: फ्लाई ऐश कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्रों से निकलती है, इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर से रोकी जाती है और सीमेंट तथा ईंट में पुनः उपयोग होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा सतत विकास लक्ष्य सभी के लिए जल और स्वच्छता की उपलब्धता तथा उसके सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करता है?
- A.एसडीजी 4
- B.एसडीजी 7
- C.एसडीजी 6
- D.एसडीजी 5
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एसडीजी 6
व्याख्या
सही उत्तर है C, एसडीजी 6। सतत विकास लक्ष्य 6 का विषय स्वच्छ जल और स्वच्छता है, और इसका उद्देश्य सभी के लिए जल तथा स्वच्छता की उपलब्धता और उसका सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना है। सतरह लक्ष्यों को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सितंबर 2015 में सतत विकास के 2030 एजेंडा के हिस्से के रूप में अपनाया था और इन्होंने सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों की जगह ली। लक्ष्य 6 में सुरक्षित पेयजल, शौचालय और खुले में शौच का अंत, अपशिष्ट जल का बेहतर उपचार, खेती और उद्योग में जल का कुशल उपयोग तथा नदियों, झीलों और भूजल की सुरक्षा शामिल है। A गलत है क्योंकि एसडीजी 4 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि एसडीजी 7 सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य है। D गलत है क्योंकि एसडीजी 5 लैंगिक समानता से संबंधित है। परीक्षा टिप: एसडीजी 4 – शिक्षा, एसडीजी 5 – लैंगिक समानता, एसडीजी 6 – स्वच्छ जल और स्वच्छता, एसडीजी 7 – स्वच्छ ऊर्जा; सतरह लक्ष्य 2015 में अपनाए गए, लक्ष्य वर्ष 2030।
क्योटो प्रोटोकॉल किस वर्ष लागू हुआ था?
- A.2004
- B.2005
- C.2006
- D.2007
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2005
व्याख्या
सही उत्तर है B, 2005। क्योटो प्रोटोकॉल 16 फरवरी 2005 को लागू हुआ। इसे 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो शहर में अपनाया गया था और यह 1992 की जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के अंतर्गत पहला बाध्यकारी समझौता था। यह तभी लागू हो सकता था जब कम से कम 55 देश इसका अनुमोदन कर दें, और उनमें वे विकसित देश शामिल हों जिनका 1990 के कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कम से कम 55 प्रतिशत हिस्सा था। नवंबर 2004 में रूस के अनुमोदन से यह शर्त पूरी हुई और उसके नब्बे दिन बाद संधि प्रभावी हो गई। इसकी पहली प्रतिबद्धता अवधि 2008 से 2012 तक चली, जिसमें विकसित देशों को अपने उत्सर्जन 1990 के स्तर से लगभग पाँच प्रतिशत नीचे लाने थे। A गलत है क्योंकि 2004 में रूस ने अनुमोदन किया था, संधि लागू नहीं हुई थी। C और D गलत हैं क्योंकि तब तक प्रोटोकॉल काम कर रहा था; 2007 बाली रोड मैप के लिए याद किया जाता है। परीक्षा टिप: स्वीकृति 1997, लागू 2005, पहली अवधि 2008 से 2012।