Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान
- A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
- B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
- C.अंध बिंदु
- D.फोविया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
व्याख्या
सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।
Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 Sept 2017आसान
- A.वायुदाब कम होता है
- B.बाहरी तापमान कम होता है
- C.गुप्त ऊष्मा कम होती है
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वायुदाब कम होता है
व्याख्या
सही उत्तर है A, वायुदाब कम होता है। कोई द्रव तब उबलता है जब उसका वाष्प दाब सतह पर पड़ रहे वायुदाब के बराबर हो जाता है, इसलिए कम वायुदाब का अर्थ है कम क्वथनांक। समुद्र तल पर वायुमंडल लगभग 101 किलोपास्कल का दाब डालता है और जल 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है। पहाड़ों पर ऊपर की हवा का स्तंभ छोटा होता है, दाब घट जाता है और जल 90 डिग्री या उससे भी कम पर उबलने लगता है। यही कारण है कि पहाड़ों पर चावल और दाल देर से पकते हैं तथा प्रेशर कुकर, जो भीतर दाब बढ़ा देता है, उन्हें जल्दी पकाने के लिए काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आसपास का तापमान केवल यह तय करता है कि गरम होने में कितना समय लगेगा, उबलने का तापमान नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वाष्पन की गुप्त ऊष्मा जल का गुण है और ऊँचाई से घटती नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सही कारण विकल्प A में दिया ही गया है। परीक्षा टिप: दाब बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है और ऊँचाई बढ़ने पर घटता है।
Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम
- A.ब्रायोफाइटा
- B.थैलोफाइटा
- C.टेरिडोफाइटा
- D.जिम्नोस्पर्म
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ब्रायोफाइटा
व्याख्या
सही उत्तर है A, ब्रायोफाइटा। ब्रायोफाइट पौधे जमीन पर उगते हैं, पर उनके प्रजनन के लिए पानी जरूरी रहता है, इसीलिए इन्हें पादप जगत का उभयचर कहते हैं। मॉस, लिवरवर्ट और हॉर्नवर्ट इसी समूह में आते हैं। ये नम और छायादार जगहों पर उगते हैं, इनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती तथा संवहन ऊतक भी नहीं होता, इसलिए पानी साधारण अवशोषण से ही भीतर जाता है। इनके नर युग्मक पानी की पतली परत में तैरकर अंडाणु तक पहुँचते हैं, जैसे मेंढक तालाब से बँधा रहता है वैसे ही ये नमी से बँधे रहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि थैलोफाइटा शैवाल हैं, जो अधिकतर पानी में ही रहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न पहले पौधे हैं जिनमें असली संवहन ऊतक, जाइलम और फ्लोएम मिलते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि चीड़ और साइकस जैसे जिम्नोस्पर्म नग्न बीज बनाते हैं और परागकण का प्रयोग करते हैं। परीक्षा टिप: ब्रायोफाइटा उभयचर, टेरिडोफाइटा पहले संवहनी पौधे और जिम्नोस्पर्म पहले बीजधारी पौधे हैं।
Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान
- A.जेम्स चैडविक
- B.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- C.जे. जे. थॉमसन
- D.जॉन डाल्टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जेम्स चैडविक
व्याख्या
सही उत्तर है A, जेम्स चैडविक। चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की और इसी कार्य के लिए उन्हें 1935 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बौछार की और पाया कि निकलने वाला विकिरण विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से मुड़ता नहीं, फिर भी पैराफिन से प्रोटॉन बाहर निकाल देता है। इसका एक ही अर्थ था कि यह आवेशरहित कण है जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर है, और उन्होंने इसे न्यूट्रॉन नाम दिया। इस खोज ने परमाणु का चित्र पूरा किया, क्योंकि नाभिक का द्रव्यमान पहले कम पड़ रहा था, और आगे चलकर नाभिकीय विखंडन संभव हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि रदरफोर्ड ने स्वर्ण पत्र प्रयोग से नाभिक खोजा और प्रोटॉन का श्रेय उन्हें दिया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जे. जे. थॉमसन ने 1897 में कैथोड किरण नली से इलेक्ट्रॉन खोजा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि जॉन डाल्टन ने 1803 में परमाणु सिद्धांत दिया, तब उपपरमाणु कण ज्ञात ही नहीं थे। परीक्षा टिप: इलेक्ट्रॉन थॉमसन, प्रोटॉन और नाभिक रदरफोर्ड, न्यूट्रॉन चैडविक।
Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · 16 Dec 2015मध्यम
- A.एशिया
- B.यूरोप
- C.अफ्रीका
- D.उत्तरी अमेरिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एशिया
व्याख्या
सही उत्तर है A, एशिया। भारत के कुल निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा, लगभग आधा, एशिया को जाता है और कोई दूसरा महाद्वीप इसके पास भी नहीं है। इसका कारण भूगोल और व्यापार नीति दोनों हैं। भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय बाजार उसका अपना पड़ोस और पश्चिम एशिया हैं, जहाँ संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, बांग्लादेश, चीन और सऊदी अरब पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, रत्न-आभूषण, चावल और दवाइयाँ खरीदते हैं। छोटे समुद्री मार्ग, आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौता और खाड़ी देशों में बसा बड़ा भारतीय समुदाय भी इस व्यापार को बढ़ाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूरोप दूसरा बड़ा क्षेत्र जरूर है, पर एशिया से काफी पीछे है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अफ्रीका भारतीय दवाओं और वाहनों का बढ़ता बाजार होते हुए भी छोटा हिस्सा ही लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उत्तरी अमेरिका में मुख्य रूप से अमेरिका है, जो भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात साझेदार है, फिर भी एक देश पूरे महाद्वीप से बड़ा नहीं हो सकता। परीक्षा टिप: महाद्वीप में एशिया, देश में अमेरिका।
Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Apr 2016मध्यम
- A.अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता
- B.अंतराअणुक प्रतिकर्षण बलों की प्रबलता
- C.आणविक द्रव्यमान
- D.अणु का आकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता
व्याख्या
सही उत्तर है A, अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता। पिघलने का अर्थ है कणों को उन बलों से मुक्त करना जो उन्हें एक निश्चित जालक में बाँधे रखते हैं, इसलिए ऊँचा गलनांक मजबूत आकर्षण बल दिखाता है। गलनांक पर दी गई ऊष्मा तापमान नहीं बढ़ाती; वह गलन की गुप्त ऊष्मा के रूप में इन्हीं आकर्षण बलों को तोड़ने में लगती है। यही कारण है कि साधारण नमक जैसे आयनिक ठोस लगभग 800 डिग्री सेल्सियस पर पिघलते हैं, जबकि कमजोर बलों से बँधा मोम हाथ की गर्मी से ही पिघल जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रतिकर्षण बल तभी काम करते हैं जब कण बहुत पास धकेले जाएँ, वे ठोस को जोड़कर नहीं रखते। विकल्प C गलत है, क्योंकि आणविक द्रव्यमान भरोसेमंद संकेत नहीं है, भारी आयोडीन हल्के सिलिका से बहुत पहले पिघल जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आकार का असर केवल इतना है कि वह बलों की प्रबलता बदलता है। परीक्षा टिप: अंतराअणुक बल जितने मजबूत, गलनांक और क्वथनांक दोनों उतने ही ऊँचे।
Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Apr 2016आसान
- A.सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
- B.सोडियम कार्बोनेट
- C.पोटैशियम बाइकार्बोनेट (पोटैशियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
- D.पोटैशियम कार्बोनेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
व्याख्या
सही उत्तर है A, सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)। बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी NaHCO3 है, जो एक हल्का क्षार है और सॉल्वे विधि से नमकीन पानी, अमोनिया तथा कार्बन डाइऑक्साइड से बनाया जाता है। गरम करने पर या बेकिंग पाउडर में मिले टार्टरिक अम्ल जैसे किसी अम्ल के संपर्क में आने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, और इन्हीं बुलबुलों से ब्रेड तथा केक फूलते हैं। यही अभिक्रिया इसे सोडा अम्ल अग्निशामक में और पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने वाली एंटासिड दवा में उपयोगी बनाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोडियम कार्बोनेट यानी Na2CO3 धोने का सोडा है, जो अधिक प्रबल क्षार है और सफाई तथा काँच बनाने में काम आता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पोटैशियम बाइकार्बोनेट अलग लवण है, जो कुछ अग्निशामकों और उर्वरकों में प्रयोग होता है, रसोई में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पोटैशियम कार्बोनेट पोटाश है, जो साबुन और काँच में काम आता है। परीक्षा टिप: बेकिंग सोडा NaHCO3, धोने का सोडा Na2CO3.10H2O, कास्टिक सोडा NaOH।
Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान
- A.खुदीराम बोस
- B.श्यामजी कृष्ण वर्मा
- C.हर दयाल
- D.वी. डी. सावरकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वी. डी. सावरकर
व्याख्या
सही उत्तर है D, वी. डी. सावरकर। विनायक दामोदर सावरकर ने अपने भाई गणेश के साथ मिलकर 1904 में नासिक में अभिनव भारत की स्थापना की। यह संस्था पहले की मित्र मेला नामक टोली से बनी थी और इसका नाम मैजिनी के यंग इटली से लिया गया, जिनकी जीवनी का सावरकर ने मराठी में अनुवाद किया था। संस्था नौजवानों को हथियार चलाना सिखाती थी, क्रांतिकारी साहित्य बाँटती थी और महाराष्ट्र के अलावा बाद में लंदन में भी इसकी शाखा बनी, जहाँ सावरकर छात्रवृत्ति पर गए और उन्होंने 1857 का भारतीय स्वातंत्र्य समर लिखा। यह संस्था अंततः 1952 में भंग की गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस अनुशीलन समिति के युवा क्रांतिकारी थे, जिन्हें मुजफ्फरपुर बम कांड में 1908 में फाँसी हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्यामजी कृष्ण वर्मा ने 1905 में लंदन में इंडिया हाउस और इंडियन होम रूल सोसाइटी शुरू की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाला हरदयाल ने 1913 में सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी बनाई। परीक्षा टिप: अभिनव भारत 1904, इंडिया हाउस 1905, गदर पार्टी 1913।
Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 10 Sept 2017मध्यम
- A.इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे।
- B.इसने भारतीयों को यूरोपीयों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी।
- C.इसने भारतीय आई.सी.एस. अधिकारियों को अदालतों में यूरोपीयों पर मुकदमा चलाने का अधिकार दिया।
- D.यह इल्बर्ट द्वारा राष्ट्रवादियों के समर्थन में चलाया गया आंदोलन था।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे।
व्याख्या
सही उत्तर है A, इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे। 1883 का इल्बर्ट बिल उस नियम को हटाना चाहता था जिसके अनुसार यूरोपीय ब्रिटिश नागरिकों का मुकदमा केवल यूरोपीय न्यायाधीश ही सुन सकते थे। इसे लॉर्ड रिपन की परिषद के विधि सदस्य सर कोर्टनी इल्बर्ट ने तैयार किया था और इससे भारतीय जिला मजिस्ट्रेट तथा सेशन जज यूरोपीयों के आपराधिक मामले सुन सकते। भारत में रह रहे यूरोपीय समुदाय ने इतना तीखा विरोध किया कि 1884 में बिल को कमजोर कर दिया गया और यूरोपीय को ऐसी जूरी से सुनवाई का अधिकार मिला जिसके आधे सदस्य यूरोपीय हों। इस प्रकरण ने शिक्षित भारतीयों को संगठन का महत्व सिखाया और इसे 1885 में कांग्रेस की स्थापना के तात्कालिक कारणों में गिना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऐसे मुकदमे भारतीय पहले से दायर कर सकते थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिल आम तौर पर भारतीय न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों की बात करता था, केवल आई.सी.एस. अधिकारियों की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इल्बर्ट ने बिल लिखा था; आंदोलन तो इसके विरुद्ध हुआ। परीक्षा टिप: इल्बर्ट बिल 1883, लॉर्ड रिपन, कांग्रेस 1885।
Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 18 Sept 2016मध्यम
- A.केंद्रक
- B.कोशिकाद्रव्य
- C.कोशिका झिल्ली
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोशिकाद्रव्य
व्याख्या
सही उत्तर है B, कोशिकाद्रव्य। जीवाणु प्रोकैरियोट होते हैं, इसलिए उनका डीएनए किसी केंद्रक में बंद रहने के बजाय कोशिकाद्रव्य में खुला पड़ा रहता है। उनका एक ही गोलाकार गुणसूत्र कोशिकाद्रव्य के जिस भाग में रहता है उसे न्यूक्लिऑयड कहते हैं, जिसके चारों ओर कोई केंद्रक झिल्ली नहीं होती। कई जीवाणुओं में डीएनए के छोटे अतिरिक्त छल्ले भी होते हैं, जिन्हें प्लाज्मिड कहते हैं; इनमें अक्सर प्रतिजैविक प्रतिरोध के जीन रहते हैं और जैव प्रौद्योगिकी में जीन स्थानांतरण के लिए इन्हीं का उपयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि झिल्ली वाला असली केंद्रक केवल यूकैरियोट जैसे पौधों, जंतुओं और कवकों में मिलता है, जीवाणुओं में ऐसा कोई अंगक नहीं होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोशिका झिल्ली केवल यह तय करती है कि कोशिका में क्या आए और क्या जाए, यद्यपि गुणसूत्र एक जगह उससे हल्का जुड़ा रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जीवाणुओं के 70S राइबोसोम डीएनए के निर्देश से प्रोटीन बनाते हैं, आनुवंशिक सामग्री नहीं रखते। परीक्षा टिप: प्रोकैरियोट में न्यूक्लिऑयड और 70S राइबोसोम, यूकैरियोट में असली केंद्रक और 80S राइबोसोम।
Q11.भूगोलपूछा गया: NDA · 17 Nov 2019मध्यम
- A.स्वेज नहर का निर्माण 1869 में हुआ था
- B.यह भूमध्य सागर और लाल सागर को जोड़ती है
- C.इसमें छह लॉक की प्रणाली है और जहाज इन लॉकों से होकर अलग-अलग स्तरों को पार करते हैं
- D.इसने यूरोप को हिंद महासागर तक पहुँचने का नया रास्ता दिया है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. इसमें छह लॉक की प्रणाली है और जहाज इन लॉकों से होकर अलग-अलग स्तरों को पार करते हैं
व्याख्या
सही उत्तर है C, क्योंकि स्वेज नहर में कोई लॉक है ही नहीं। यह समुद्र तल की नहर है, अर्थात भूमध्य सागर और लाल सागर लगभग एक ही ऊँचाई पर हैं, इसलिए जहाजों को ऊपर या नीचे किए बिना सीधे निकाला जाता है। लगभग 193 किलोमीटर लंबी यह नहर फर्डिनेंड डी लेसेप्स के निर्देशन में बनी और नवंबर 1869 में मिस्र के स्वेज स्थलडमरूमध्य पर खोली गई, जो अफ्रीका को एशिया से अलग करता है। मिस्र ने 1956 में इसका राष्ट्रीयकरण किया। विकल्प A, B और D तीनों सही तथ्य बताते हैं, इसलिए उत्तर नहीं हो सकते: नहर सचमुच 1869 में खुली, यह स्वेज की खाड़ी से होकर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है, और इसने यूरोप से भारत की यात्रा हजारों किलोमीटर छोटी कर दी, जिससे उत्तमाशा अंतरीप का लंबा रास्ता समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: स्वेज बिना लॉक की नहर है; लॉक वाली नहर पनामा है, क्योंकि गाटुन झील समुद्र तल से काफी ऊपर है।
Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम
- A.टरबाइन
- B.ऊष्मा विनिमयक
- C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
- D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
व्याख्या
सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।
Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023मध्यम
- A.अपवर्तन
- B.विवर्तन
- C.व्यतिकरण
- D.ध्रुवण
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ध्रुवण
व्याख्या
सही उत्तर है D, ध्रुवण। केवल अनुप्रस्थ तरंग का ही ध्रुवण हो सकता है, इसलिए प्रकाश का ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि उसके कंपन गति की दिशा के लंबवत होते हैं। साधारण प्रकाश में विद्युत क्षेत्र किरण के चारों ओर हर तल में कंपन करता है। पोलेरॉइड शीट केवल एक तल के कंपन आगे जाने देती है, और नब्बे डिग्री घुमाई गई दूसरी पोलेरॉइड उस प्रकाश को पूरी तरह रोक देती है। ध्वनि जैसी अनुदैर्ध्य तरंग में कण गति की दिशा में ही कंपन करते हैं, इसलिए उसका कोई ऐसा तल नहीं होता और उसका ध्रुवण कभी नहीं हो सकता। धूप के चश्मे, कैमरे के फिल्टर और एलसीडी स्क्रीन इसी गुण का उपयोग करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सघन माध्यम में प्रवेश करते समय होने वाला अपवर्तन ध्वनि तरंगों में भी होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि किनारे पर तरंग का फैलना यानी विवर्तन सभी तरंगें दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्यतिकरण केवल इतना बताता है कि प्रकाश तरंग है, यह नहीं कि कैसी तरंग है। परीक्षा टिप: व्यतिकरण और विवर्तन से प्रकाश तरंग सिद्ध होता है, ध्रुवण से अनुप्रस्थ तरंग।
Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 19 April 2022, Shift 2कठिन
- A.6(2)
- B.10(1)
- C.12(2)
- D.8(1)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 8(1)
व्याख्या
सही उत्तर है D, 8(1)। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 की धारा 8(1) ने प्रत्येक नए डोमिनियन की संविधान सभा को उसके विधानमंडल की शक्तियाँ दीं। यह अधिनियम ब्रिटिश संसद ने 18 जुलाई 1947 को पारित किया और यह 15 अगस्त 1947 से लागू हुआ। इसने ब्रिटिश भारत को भारत और पाकिस्तान नामक दो डोमिनियन में बाँटा, देशी रियासतों पर ब्रिटिश सर्वोच्चता समाप्त की, और हर डोमिनियन की संविधान सभा को यह अधिकार दिया कि वह साधारण कानून बनाने वाली संस्था के रूप में भी काम करे और संविधान बनाने वाली संस्था के रूप में भी। कैबिनेट मिशन योजना के तहत 1946 में चुनी गई भारत की संविधान सभा इसी कारण 15 अगस्त 1947 से संप्रभु बन गई और उसे अपने कामों के लिए ब्रिटिश मंजूरी की जरूरत नहीं रही। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारा 6 नए डोमिनियन विधानमंडलों की कानून बनाने की शक्ति से जुड़ी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि धारा 10 सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की सेवाओं के अधिकारियों की सेवा शर्तें जारी रखती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि धारा 12 भारत में तैनात ब्रिटिश सेनाओं से संबंधित है। परीक्षा टिप: 1947 अधिनियम की धारा 8 संविधान सभा की धारा है और अधिनियम 15 अगस्त 1947 से लागू हुआ।
Q15.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 09 Sept, 2024, Shift 3आसान
- A.लू
- B.चिनूक
- C.आम्र वर्षा (मैंगो शावर्स)
- D.पुर्गा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लू
व्याख्या
सही उत्तर है A, लू। लू वह गर्म, शुष्क और धूल भरी पवन है जो गर्मियों में उत्तर भारत के मैदानों पर बहती है। यह मई और जून में विकसित होती है, आमतौर पर पश्चिम या उत्तर-पश्चिम से आती है, और दोपहर में सबसे तेज होती है, जब राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। इसमें देर तक रहने से लू लगना यानी हीट स्ट्रोक हो सकता है, इसलिए लू के दिनों में स्कूल और बाहर का काम दोपहर में रोक दिया जाता है। मानसून मैदानों तक पहुँचने पर यह कमजोर पड़ जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि चिनूक उत्तरी अमेरिका में रॉकी पर्वत की पूर्वी ढाल पर उतरने वाली गर्म शुष्क पवन है, जिसे हिम भक्षक कहा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि आम्र वर्षा केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में मानसून से पहले होने वाली बारिश है, पवन नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पुर्गा साइबेरिया के टुंड्रा की ठंडी बर्फीली पवन है। परीक्षा टिप: लू भारतीय और गर्म, चिनूक अमेरिकी और गर्म, पुर्गा साइबेरियाई और ठंडी।
Q16.पुरस्कार और सम्मानपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 1मध्यम
- A.मनो मूर्ति
- B.रघु दीक्षित
- C.सुभाशीष घोष
- D.रिकी केज
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. रिकी केज
व्याख्या
सही उत्तर है D, रिकी केज। रिकी केज ने 2015 में 57वें ग्रैमी पुरस्कारों में 'विंड्स ऑफ संसारा' के लिए बेस्ट न्यू एज एल्बम का ग्रैमी जीता, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी बाँसुरी वादक वूटर केलरमैन के साथ बनाया था। यह एल्बम महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला के जीवन से प्रेरित था और अमेरिका के बिलबोर्ड न्यू एज चार्ट में पहले स्थान पर पहुँचा, जो किसी भारतीय एल्बम के लिए पहली बार हुआ। केज बेंगलुरु के संगीतकार हैं, पर्यावरण विषयों पर काम करते हैं और यूनिसेफ तथा यूनेस्को से जुड़े रहे हैं; उन्होंने 2022 में द पुलिस बैंड के स्टुअर्ट कोपलैंड के साथ बनाए 'डिवाइन टाइड्स' के लिए दूसरा ग्रैमी जीता। विकल्प A गलत है, क्योंकि मनो मूर्ति कन्नड़ फिल्मों के संगीतकार हैं और उन्हें ग्रैमी नहीं मिला। विकल्प B गलत है, क्योंकि रघु दीक्षित बेंगलुरु के लोक-रॉक गायक हैं और उनके नाम ग्रैमी नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सुभाशीष घोष का इस एल्बम से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: विंड्स ऑफ संसारा यानी रिकी केज और वूटर केलरमैन, ग्रैमी 2015; डिवाइन टाइड्स यानी रिकी केज और स्टुअर्ट कोपलैंड।
Q17.भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेशपूछा गया: SSC CGL · 3 March 2020, Shift 1मध्यम
- A.कर्नाटक
- B.केरल
- C.बिहार
- D.गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केरल
व्याख्या
सही उत्तर है B, केरल। कोलत्तुनाडु, वल्लुवनाड और थेक्कुमकूर केरल के मध्यकालीन छोटे राज्य यानी स्वरूपम थे। कोलत्तिरी राजाओं का कोलत्तुनाडु उत्तरी मलाबार में आज के कण्णूर के आसपास था; वल्लुवनाड पलक्कड़ और मलप्पुरम के क्षेत्र में फैला था और तिरुनावाया के मामांकम उत्सव के लिए याद किया जाता है; थेक्कुमकूर कोट्टायम क्षेत्र में था और अठारहवीं सदी में मार्तंड वर्मा के समय त्रावणकोर में मिला लिया गया। एकीकरण से पहले केरल त्रावणकोर, कोचीन और कालीकट के साथ ऐसे ही छोटे राज्यों में बँटा हुआ था, और वर्तमान राज्य 1 नवंबर 1956 को त्रावणकोर-कोचीन तथा मद्रास के मलाबार जिले को मिलाकर बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि कर्नाटक के पुराने राज्य कदंब, होयसल और विजयनगर थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्राचीन बिहार में मगध, अंग और विदेह थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गुजरात पर अन्हिलवाड़ के सोलंकी और चालुक्य शासकों का राज था। परीक्षा टिप: इस सूची में नाडु या कूर से बनने वाले नाम केरल के मध्यकालीन राज्यों की ओर संकेत करते हैं।
Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 05 Dec 2022, Shift 4आसान
- A.भील विद्रोह
- B.खासी विद्रोह
- C.मुंडा विद्रोह
- D.संथाल विद्रोह
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. संथाल विद्रोह
व्याख्या
सही उत्तर है D, संथाल विद्रोह। संथाल विद्रोह, जिसे हूल कहा जाता है, सिद्धू और कान्हू मुर्मू भाइयों के नेतृत्व में हुआ। यह 1855 में दामिन-ए-कोह क्षेत्र की राजमहल पहाड़ियों में भड़का, जो आज झारखंड में है, जब संथाल किसान उन साहूकारों, जमींदारों, ठेकेदारों और पुलिस के खिलाफ उठ खड़े हुए जिन्होंने उनकी जमीन छीन ली थी और उन्हें कर्ज के बंधन में डाल दिया था। हजारों लोग भगनाडीह में जुटे, अपना शासन घोषित किया और मैदानों की ओर बढ़े; भारी लड़ाई के बाद अंग्रेजों ने 1856 तक इस विद्रोह को दबा दिया और सिद्धू तथा कान्हू मारे गए। इसके बाद सरकार ने विशेष सुरक्षा नियमों वाला अलग संथाल परगना जिला बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि खानदेश के भील विद्रोह का नेतृत्व सेवाराम और बाद में गोविंद गुरु ने किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि मेघालय की पहाड़ियों के खासी विद्रोह का नेता तिरोत सिंह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1899 के मुंडा उलगुलान का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया। परीक्षा टिप: हूल 1855 यानी सिद्धू-कान्हू और उलगुलान 1899 यानी बिरसा मुंडा।
Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 April 2022, Shift 2आसान
- A.गोरखाओं
- B.मुगलों
- C.अंग्रेजों
- D.मराठों
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मुगलों
व्याख्या
सही उत्तर है B, मुगलों। 1708 में नांदेड़ में गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु के बाद बंदा सिंह बहादुर ने पंजाब में मुगल शासन के विरुद्ध सिखों का नेतृत्व किया। उन्होंने मालवा और दोआबा के किसानों को जोड़ा, समाना और सढौरा पर हमला किया, और 1710 में सरहिंद में अपनी सबसे प्रसिद्ध जीत हासिल की, जहाँ गुरु के छोटे साहिबजादों की हत्या के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले सूबेदार वजीर खान को हराकर मार डाला गया। बंदा ने लोहगढ़ को अपना केंद्र बनाया, गुरुओं के नाम पर सिक्के ढलवाए और आदेश जारी किए, तथा अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में जमींदारी प्रथा खत्म करके जमीन जोतने वालों को दी। गुरदासपुर में घेरे जाने पर वे 1715 में पकड़े गए और फर्रुखसियर के शासन में 1716 में दिल्ली में मार डाले गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोरखे नेपाल के शासक थे और उनका युद्ध अंग्रेजों से 1814-16 में हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंग्रेजी सत्ता पंजाब में 1849 में पहुँची। विकल्प D गलत है, क्योंकि मराठे उनका निशाना नहीं थे। परीक्षा टिप: 1708 गुरु गोबिंद सिंह, 1710 सरहिंद, 1716 बंदा का बलिदान।
Q20.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 22 Sept, 2025, Shift 2मध्यम
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 1
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 2
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1 और 2। कथन 3 गलत है, क्योंकि कालेश्वरम परियोजना गोदावरी नदी पर बनी है, कृष्णा पर नहीं। इस योजना का नाम तेलंगाना के कालेश्वरम से पड़ा, जो उस स्थान के पास है जहाँ प्राणहिता नदी गोदावरी में मिलती है, और इसका उद्घाटन जून 2019 में हुआ था, इसलिए कथन 1 सही है। इसे विश्व की सबसे बड़ी बहु-चरणीय, बहुउद्देशीय लिफ्ट सिंचाई परियोजना कहा जाता है, इसलिए कथन 2 भी सही है: पंप हाउस, बैराज, सुरंगों, नहरों और जलाशयों की लंबी श्रृंखला से पानी उठाकर उन खेतों तक पहुँचाया जाता है जो नदी से काफी ऊँचाई पर हैं, और यह उत्तरी तेलंगाना में लाखों हेक्टेयर सिंचाई के साथ पेयजल और उद्योग की जरूरत भी पूरी करती है। विकल्प A और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि दोनों कृष्णा नदी वाले कथन 3 को सही मानते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह सही कथन 2 को छोड़ देता है। परीक्षा टिप: कालेश्वरम तेलंगाना में गोदावरी पर है और पोलावरम आंध्र प्रदेश में गोदावरी पर।
Q21.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 1आसान
- A.खेतड़ी
- B.क्योंझर
- C.गया
- D.सतना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. खेतड़ी
व्याख्या
सही उत्तर है A, खेतड़ी। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थित खेतड़ी ताँबे की खानों के लिए प्रसिद्ध है। खेतड़ी पट्टी अरावली श्रेणी के साथ फैली है और यहाँ के अयस्क का खनन तथा प्रसंस्करण हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड करती है, जिसने वहाँ खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स बनाया। ताँबा उत्पादन में राजस्थान देश में आगे है, उसके बाद बालाघाट की मलांजखंड खान वाला मध्य प्रदेश और सिंहभूम पट्टी वाला झारखंड आता है। ताँबा बिजली और ऊष्मा का अच्छा सुचालक तथा तन्य होता है, इसलिए इसका उपयोग तार, केबल, बर्तन और पीतल तथा काँसे जैसी मिश्रधातुओं में होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ओडिशा का क्योंझर लोहा और मैंगनीज के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिहार का गया अभ्रक पट्टी में आता है और वहाँ ताँबे का खनन नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश का सतना चूना-पत्थर और सीमेंट कारखानों के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा टिप: ताँबे के लिए खेतड़ी (राजस्थान), मलांजखंड (मध्य प्रदेश) और सिंहभूम (झारखंड) याद रखें।
Q22.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 26 Jul 2023, Shift 2मध्यम
- A.केशव चंद्र सेन
- B.राजा राम मोहन राय
- C.देवेंद्रनाथ टैगोर
- D.दयानंद सरस्वती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. देवेंद्रनाथ टैगोर
व्याख्या
सही उत्तर है C, देवेंद्रनाथ टैगोर। देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1839 में कलकत्ता में तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य उपनिषदों और वेदांत का अध्ययन करना तथा राजा राम मोहन राय के तर्कसंगत धर्म का प्रचार करना था। सभा ने एक विद्यालय चलाया और तत्वबोधिनी पत्रिका निकाली, जिसमें धर्म, विज्ञान और समाज सुधार पर लेख छपते थे; ईश्वर चंद्र विद्यासागर और अक्षय कुमार दत्त इसके सदस्यों में थे। रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ 1843 में ब्रह्म सभा से जुड़े और उसे ब्रह्म समाज के रूप में नया रूप दिया, तथा 1859 में तत्वबोधिनी सभा उसी में मिल गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि केशव चंद्र सेन बहुत बाद में ब्रह्म समाज से जुड़े और 1866 में अलग होकर भारतवर्षीय ब्रह्म समाज बनाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजा राम मोहन राय ने 1828 में ब्रह्म सभा बनाई और 1833 में उनका निधन हो गया, यानी इस सभा की स्थापना से पहले। विकल्प D गलत है, क्योंकि दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की। परीक्षा टिप: ब्रह्म सभा 1828 राम मोहन राय, तत्वबोधिनी सभा 1839 देवेंद्रनाथ टैगोर, आर्य समाज 1875 दयानंद सरस्वती।
Q23.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 1मध्यम
- A.1 - A, 2 - B, 3 - C, 4 - D
- B.1 - C, 2 - A, 3 - B, 4 - D
- C.1 - C, 2 - A, 3 - D, 4 - B
- D.1 - D, 2 - A, 3 - B, 4 - C
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 - C, 2 - A, 3 - D, 4 - B
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1 - C, 2 - A, 3 - D, 4 - B। बाल्को यानी भारत एल्युमिनियम कंपनी का संयंत्र छत्तीसगढ़ के कोरबा में है, जहाँ सस्ती ताप बिजली और पास की बॉक्साइट ने एल्युमिनियम गलाना संभव बनाया। इस्को यानी इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी पश्चिम बंगाल में आसनसोल के पास बर्नपुर में काम करती है, जो दामोदर घाटी की कोयला और लोहा पट्टी में है। एनएफएल यानी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड का गैस आधारित यूरिया संयंत्र पंजाब के भटिंडा में है, जो उसके खेती क्षेत्र के पास पड़ता है। आईसीएफ यानी इंटीग्रल कोच फैक्ट्री तमिलनाडु में चेन्नई के पेरंबूर में है और 1955 से रेल डिब्बे बना रही है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह बाल्को को बर्नपुर और इस्को को चेन्नई से जोड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह एनएफएल को चेन्नई और आईसीएफ को भटिंडा भेज देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह बाल्को को भटिंडा और आईसीएफ को कोरबा में दिखाता है। परीक्षा टिप: एल्युमिनियम कोरबा, इस्पात बर्नपुर, उर्वरक भटिंडा और रेल डिब्बे चेन्नई।
Q24.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023कठिन
- A.सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
- B.अंबिका चरण मजूमदार
- C.भूपेंद्र नाथ बोस
- D.मदन मोहन मालवीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
व्याख्या
सही उत्तर है A, सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1915 का अधिवेशन बंबई में हुआ और उसकी अध्यक्षता सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने की, जो बाद में लॉर्ड सिन्हा ऑफ रायपुर कहलाए। वे 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे, और आगे चलकर भारत के अवर राज्य सचिव तथा बिहार और ओडिशा के राज्यपाल बने, यानी किसी प्रांत के पहले भारतीय राज्यपाल। उनकी अध्यक्षता उसी वर्ष हुई जब गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता का निधन हुआ और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से लौटे, इसलिए यह अधिवेशन पार्टी के लिए मोड़ माना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंबिका चरण मजूमदार ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की, जहाँ कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ तथा नरम और गरम दल एक हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूपेंद्र नाथ बोस ने 1914 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मदन मोहन मालवीय 1909 में लाहौर और 1918 के दिल्ली विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष रहे। परीक्षा टिप: 1914 मद्रास बोस, 1915 बंबई सिन्हा, 1916 लखनऊ मजूमदार।
Q25.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 18 August 2017, Shift 1आसान
- A.हुमायूँ
- B.अकबर
- C.जहाँगीर
- D.शाहजहाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जहाँगीर
व्याख्या
सही उत्तर है C, जहाँगीर। मुगल चित्रकला जहाँगीर के शासनकाल में, यानी 1605 से 1627 के बीच, अपने शिखर पर पहुँची। वे चित्रों के गहरे पारखी थे और दावा करते थे कि किसी भी चित्र में हर आकृति बनाने वाले कलाकार का नाम वे बता सकते हैं। उनके कारखाने ने लंबी सचित्र पुस्तकों की जगह अलग-अलग चित्रों पर ध्यान दिया, जिनमें व्यक्ति चित्र, पक्षी, पशु, फूल और दरबारी दृश्य होते थे, और उनमें छाया तथा प्रभामंडल जैसी यूरोपीय बारीकियाँ भी दिखीं। पक्षी-पशु चित्रों के लिए नादिर-उल-अस्र कहे गए उस्ताद मंसूर, नादिर-उज-जमां कहे गए अबुल हसन, व्यक्ति चित्रों के बिशनदास और मनोहर उनके दरबार में थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि हुमायूँ केवल फारसी कलाकार मीर सैयद अली और अब्दुस समद को भारत लाए और उनके अस्थिर शासन के चित्र कम बचे हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अकबर ने रज्मनामा और अकबरनामा जैसी कृतियों से इस शैली की नींव रखी और बढ़ाया, पर उसका सर्वोत्तम दौर बाद में आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि शाहजहाँ के समय चित्रकला औपचारिक हो गई और उनका ध्यान स्थापत्य पर रहा। परीक्षा टिप: अकबर ने शुरू की, जहाँगीर ने निखारी, शाहजहाँ के समय औपचारिक हुई और औरंगजेब ने संरक्षण हटा लिया।
Q26.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 1आसान
- A.दो सदस्यीय निकाय
- B.तीन सदस्यीय निकाय
- C.एक सदस्यीय निकाय
- D.छह सदस्यीय निकाय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एक सदस्यीय निकाय
व्याख्या
सही उत्तर है C, एक सदस्यीय निकाय। संविधान का अनुच्छेद 148 भारत के एक नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की व्यवस्था करता है, इसलिए यह पद एक ही व्यक्ति संभालता है, कोई समूह नहीं। राष्ट्रपति उन्हें अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले अधिपत्र से नियुक्त करते हैं, वे छह वर्ष तक या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, पद पर रहते हैं, और उन्हें केवल उसी तरह हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को, जिससे उनकी स्वतंत्रता सुरक्षित रहती है। वे संघ और राज्यों के लेखों की लेखापरीक्षा करते हैं, और उनके प्रतिवेदन संसद या राज्य विधानमंडल के सामने रखे जाते हैं, जहाँ लोक लेखा समिति उनकी जाँच करती है। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि सीएजी कभी दो, तीन या छह सदस्यीय निकाय नहीं रहा; यह पद एक ही अधिकारी के पास होता है, जिनकी सहायता भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग करता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 148 का सीएजी एकल सदस्यीय पद है, जबकि निर्वाचन आयोग और यूपीएससी बहु-सदस्यीय निकाय हैं।
Q27.भूगोलपूछा गया: SSC CGL · 06 Dec 2022, Shift 1मध्यम
- A.919
- B.909
- C.929
- D.939
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 919
व्याख्या
सही उत्तर है A, 919। जनगणना 2011 के अंतिम आँकड़ों के अनुसार 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग का बाल लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर 919 महिलाएँ था। यह स्वतंत्रता के बाद दर्ज सबसे कम बाल लिंगानुपात था और 2001 की जनगणना के 927 से गिरावट थी, जबकि इसी दशक में कुल लिंगानुपात 933 से बढ़कर 943 हो गया। यह अंतर जन्म से पहले लिंग चयन और बालिकाओं की कमजोर देखभाल की ओर संकेत करता है, इसीलिए गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना इस पर ध्यान देती हैं। राज्यों में सबसे कम बाल लिंगानुपात हरियाणा में दर्ज हुआ और सबसे अधिक कुल लिंगानुपात केरल में 1084 रहा। विकल्प B, 909, इस आयु वर्ग के किसी भी जनगणना आँकड़े से कम है। विकल्प C, 929, 2001 के 927 के करीब है, 2011 का नहीं। विकल्प D, 939, बाल लिंगानुपात के बजाय कुल लिंगानुपात के अधिक निकट है। परीक्षा टिप: जनगणना 2011 यानी कुल लिंगानुपात 943 और बाल लिंगानुपात 919।
Q28.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 3आसान
- A.माल्टोस
- B.ग्लूकोज
- C.ग्लाइकोजन
- D.स्टार्च
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ग्लाइकोजन
व्याख्या
सही उत्तर है C, ग्लाइकोजन। हमारे भोजन के कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज बनाते हैं, और जो ग्लूकोज शरीर को तुरंत नहीं चाहिए वह ग्लाइकोजन के रूप में संचित हो जाता है, जो ग्लूकोज इकाइयों की शाखित शृंखला है और मुख्य रूप से यकृत तथा कंकाल पेशियों में रखा जाता है। इसे अक्सर जंतु स्टार्च कहा जाता है। रक्त शर्करा गिरने पर ग्लूकैगॉन और एड्रीनलीन जैसे हॉर्मोन यकृत से ग्लाइकोजन तोड़कर ग्लूकोज छोड़ते हैं, इसीलिए भूखा शरीर भी घंटों काम करता रह सकता है। ग्लाइकोजन भंडार से अधिक ऊर्जा वसा में बदल जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि माल्टोस स्टार्च के पाचन के दौरान बनने वाली द्विशर्करा है, संचित रूप नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि ग्लूकोज रक्त में बहने वाला और तुरंत उपयोग होने वाला रूप है, संचित रूप नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्टार्च पौधों का संचित कार्बोहाइड्रेट है, जंतुओं का नहीं। परीक्षा टिप: पौधे स्टार्च जमा करते हैं और जंतु यकृत तथा पेशियों में ग्लाइकोजन।
Q29.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 13 April 2022, Shift 1आसान
- A.फॉस्फोरस
- B.हाइड्रोजन
- C.ऑक्सीजन
- D.नाइट्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हाइड्रोजन
व्याख्या
सही उत्तर है B, हाइड्रोजन। मिट्टी की अम्लीयता pH मापक्रम पर नापी जाती है, और pH मिट्टी के जल में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता पर निर्भर करता है। हाइड्रोजन आयन जितने अधिक होंगे, pH उतना कम होगा और मिट्टी उतनी ही अम्लीय होगी। 7 से कम pH अम्लीय, 7 उदासीन और 7 से अधिक क्षारीय होता है, और अधिकांश फसलें लगभग 6 से 7.5 के बीच सबसे अच्छी उगती हैं। अम्लीय मिट्टी अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में आम है, जहाँ पानी कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे क्षारक बहा ले जाता है, और इसे चूना यानी कैल्शियम कार्बोनेट डालकर सुधारा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि फॉस्फोरस पौधों का पोषक तत्व है, जिसकी कमी से वृद्धि रुकती है पर अम्लीयता तय नहीं होती। विकल्प C गलत है, क्योंकि मिट्टी के छिद्रों की ऑक्सीजन वायु संचार और जड़ों के श्वसन से जुड़ी है, pH से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि नाइट्रोजन नाइट्रेट या अमोनियम के रूप में लिया जाने वाला पोषक तत्व है और अम्लीयता फिर भी हाइड्रोजन आयनों से पढ़ी जाती है। परीक्षा टिप: pH हाइड्रोजन आयन नापता है, 7 से कम अम्लीय, और चूना अम्लीय मिट्टी सुधारता है।
Q30.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019 Oआसान
- A.हर्ट्ज़
- B.तरंग संख्या
- C.डेसिबल
- D.cm -1
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डेसिबल
व्याख्या
सही उत्तर है C, डेसिबल। ध्वनि की प्रबलता या तीव्रता का स्तर डेसिबल (dB) में मापा जाता है, और यह नाम अलेक्जेंडर ग्राहम बेल पर रखा गया है। डेसिबल लघुगणकीय मात्रक है, इसलिए हर 10 dB की बढ़त का अर्थ है कि ध्वनि की तीव्रता दस गुनी हो गई; यही कारण है कि लगभग 30 dB की फुसफुसाहट और लगभग 60 dB की सामान्य बातचीत में इतना अंतर लगता है। शहर का यातायात लगभग 80 dB का होता है, 120 dB से ऊपर की ध्वनि कान में दर्द पैदा करती है, और भारत में ध्वनि प्रदूषण के दिन-रात के नियम भी dB में ही लिखे गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हर्ट्ज़ आवृत्ति मापता है, यानी प्रति सेकंड कंपनों की संख्या, जिसे कान तारत्व के रूप में सुनता है, प्रबलता के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि तरंग संख्या एक इकाई लंबाई में तरंगों की गिनती है और वह स्पेक्ट्रमिकी में काम आती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि cm -1 तरंग संख्या का ही मात्रक है। परीक्षा टिप: तारत्व के साथ हर्ट्ज़, प्रबलता के साथ डेसिबल।
Q31.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम
- A.मृत्यु
- B.प्रथम उपदेश
- C.जन्म
- D.गृहत्याग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मृत्यु
व्याख्या
सही उत्तर है A, मृत्यु। आरंभिक बौद्ध कला में बुद्ध को मनुष्य रूप में नहीं दिखाया जाता था, इसलिए उनके जीवन की घटनाएँ प्रतीकों के रूप में गढ़ी गईं, और स्तूप उनके महापरिनिर्वाण यानी कुशीनगर में हुई मृत्यु का प्रतीक है। स्तूप अवशेषों पर बना गुंबदनुमा टीला होता है; कहा जाता है कि अशोक ने ऐसे अनेक स्तूप बनवाए, और साँची, भरहुत तथा अमरावती के स्तूप सबसे प्रसिद्ध हैं। प्रतीकों की यह सूची तय है और परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सारनाथ के प्रथम उपदेश का प्रतीक धर्मचक्र है, जिसके साथ मृगदाव की याद में प्रायः दो हिरण दिखाए जाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि लुंबिनी में हुए जन्म के प्रतीक कमल और साँड़ हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि गृहत्याग का प्रतीक घोड़ा है, जबकि बोधगया में ज्ञानप्राप्ति का प्रतीक बोधि वृक्ष है। परीक्षा टिप: कमल जन्म का, घोड़ा गृहत्याग का, बोधि वृक्ष ज्ञान का, चक्र प्रथम उपदेश का और स्तूप मृत्यु का प्रतीक है।
Q32.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014आसान
- A.भूमि से 90 डिग्री
- B.भूमि से 60 डिग्री
- C.भूमि से 45 डिग्री
- D.भूमि से 30 डिग्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भूमि से 45 डिग्री
व्याख्या
सही उत्तर है C, भूमि से 45 डिग्री। पैर जमीन छोड़ते ही खिलाड़ी प्रक्षेप्य की तरह चलता है, और तय की गई क्षैतिज दूरी यानी परास का सूत्र है, R बराबर u का वर्ग गुणा sin 2 थीटा बटा g। परास तब सबसे अधिक होती है जब sin 2 थीटा अपना अधिकतम मान एक ले, अर्थात जब 2 थीटा 90 डिग्री हो, इसलिए प्रक्षेपण कोण थीटा 45 डिग्री होना चाहिए। यही सूत्र बताता है कि जिन दो कोणों का योग 90 डिग्री हो, उनकी परास बराबर होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 90 डिग्री पर खिलाड़ी सीधा ऊपर जाता है और परास शून्य हो जाती है, यद्यपि ऊँचाई सबसे अधिक रहती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 60 डिग्री ऊँचाई तो देता है पर दूरी घटा देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 30 डिग्री की छलाँग नीची और छोटी रहती है और वह 60 डिग्री जितनी ही दूरी तय करती है। परीक्षा टिप: अधिकतम परास 45 डिग्री पर, अधिकतम ऊँचाई 90 डिग्री पर।
Q33.पुस्तकें और लेखकपूछा गया: बिहार · 5th Feb 2017मध्यम
- A.झुंपा लाहिड़ी
- B.विक्रम सेठ
- C.किरण देसाई
- D.अरुंधति रॉय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. झुंपा लाहिड़ी
व्याख्या
सही उत्तर है A, झुंपा लाहिड़ी। लंदन में बंगाली माता-पिता के घर जन्मी और अमेरिका में पली-बढ़ी झुंपा लाहिड़ी रोम जाकर बस गईं और उन्होंने अंग्रेज़ी के बजाय इतालवी में लिखना शुरू किया। उनकी इतालवी रचनाओं में संस्मरण इन आल्त्रे पारोले, जो अंग्रेज़ी में इन अदर वर्ड्स नाम से आया, और उपन्यास दोवे मी त्रोवो शामिल हैं, जिसका अंग्रेज़ी अनुवाद व्हेयरअबाउट्स उन्होंने स्वयं किया। अंग्रेज़ी में उन्हें पहली प्रसिद्धि कहानी-संग्रह इंटरप्रेटर ऑफ मैलेडीज़ से मिली, जिसे 1999 का पुलित्ज़र पुरस्कार मिला, और उपन्यास द नेमसेक से। विकल्प B गलत है, क्योंकि विक्रम सेठ अंग्रेज़ी में लिखते हैं, जैसे ए सूटेबल बॉय और द गोल्डन गेट। विकल्प C गलत है, क्योंकि किरण देसाई अंग्रेज़ी में लिखती हैं और उन्हें द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस के लिए 2006 का बुकर पुरस्कार मिला। विकल्प D गलत है, क्योंकि अरुंधति रॉय भी अंग्रेज़ी में लिखती हैं, जैसे द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स। परीक्षा टिप: झुंपा लाहिड़ी के साथ इंटरप्रेटर ऑफ मैलेडीज़, 1999 का पुलित्ज़र और इतालवी लेखन याद रखें।
Q34.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम
- A.हिंदी
- B.डोगरी
- C.उर्दू
- D.पंजाबी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पंजाबी
व्याख्या
सही उत्तर है D, पंजाबी। जम्मू और कश्मीर राजभाषा अधिनियम, 2020 इस केंद्रशासित प्रदेश को पाँच राजभाषाएँ देता है, कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी। पंजाबी इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बोली जाती है, पर उसे इस सूची में नहीं रखा गया, इसलिए वही अलग पड़ती है। इस कानून से पहले पुराने राज्य की एकमात्र राजभाषा उर्दू थी, जबकि घरों में उसे बोलने वाले बहुत कम थे; बदलाव इसीलिए किया गया ताकि सरकारी कामकाज में वे भाषाएँ आएँ जिन्हें लोग सचमुच बोलते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हिंदी अधिनियम में गिनाई गई पाँच भाषाओं में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुख्यतः जम्मू संभाग में बोली जाने वाली डोगरी इस केंद्रशासित प्रदेश की राजभाषा भी है और संविधान की आठवीं अनुसूची में भी शामिल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उर्दू राजभाषा है और पहले तो वही अकेली राजभाषा थी। परीक्षा टिप: पाँच नाम याद रखें, कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी।
Q35.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25 March 2022आसान
- A.मैक्सवेल
- B.फ्लेमिंग
- C.ओर्स्टेड
- D.फैराडे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओर्स्टेड
व्याख्या
सही उत्तर है C, ओर्स्टेड। सन 1820 में डेनमार्क के वैज्ञानिक हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने देखा कि किसी तार के पास रखी दिक्सूचक सुई उसी क्षण घूम जाती है जब तार में धारा बहती है, और धारा की दिशा उलटने पर सुई दूसरी ओर घूम जाती है। इस छोटे से प्रेक्षण ने सिद्ध किया कि विद्युत धारा अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बनाती है, जिसे धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं, और यहीं से विद्युत चुंबकत्व का पूरा अध्ययन शुरू हुआ। चुंबकन क्षेत्र की तीव्रता का सीजीएस मात्रक ओर्स्टेड उन्हीं के नाम पर है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जेम्स क्लर्क मैक्सवेल ने बाद में विद्युत और चुंबकत्व के नियमों को चार समीकरणों में समेटा और बताया कि प्रकाश स्वयं विद्युत चुंबकीय तरंग है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जॉन एम्ब्रोस फ्लेमिंग ने केवल बाएँ और दाएँ हाथ के नियम दिए, जो बल या प्रेरित धारा की दिशा बताते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि माइकल फैराडे ने 1831 में विद्युत चुंबकीय प्रेरण खोजा, जो उल्टा प्रभाव है। परीक्षा टिप: ओर्स्टेड 1820 धारा से चुंबकत्व, फैराडे 1831 चुंबकत्व से धारा।
Q36.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · 30 Sept, 2023आसान
- A.गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
- B.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
- C.मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
- D.(1) और (2) दोनों
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
व्याख्या
सही उत्तर है B, केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य। सन 1973 के इस मामले में तेरह जजों की पीठ ने, जो उच्चतम न्यायालय की अब तक की सबसे बड़ी पीठ है, सात के मुकाबले छह मतों से कहा कि संसद संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, पर उसके आधारभूत ढाँचे को नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं कर सकती। संविधान की सर्वोच्चता, गणतांत्रिक और लोकतांत्रिक शासन, पंथनिरपेक्षता, शक्तियों का पृथक्करण, न्यायिक पुनरावलोकन तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तब से इसी आधारभूत ढाँचे के अंग माने जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोलकनाथ (1967) ने बिल्कुल अलग रुख लिया था कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन कर ही नहीं सकती, और वह फैसला केशवानंद में पलट दिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि मिनर्वा मिल्स (1980) ने पहले से मौजूद इसी सिद्धांत को लागू करके 42वें संशोधन के कुछ भाग रद्द किए। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह सिद्धांत एक ही मामले में दिया गया था। परीक्षा टिप: गोलकनाथ 1967, केशवानंद 1973, मिनर्वा मिल्स 1980।
Q37.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014मध्यम
- A.प्वाइज़
- B.पास्कल-सेकंड
- C.स्टोक
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्वाइज़
व्याख्या
सही उत्तर है A, प्वाइज़। गतिक श्यानता बताती है कि कोई तरल बहने का कितना विरोध करता है, और सेंटीमीटर ग्राम सेकंड पद्धति में उसे प्वाइज़ में मापा जाता है। यह नाम फ्रांसीसी चिकित्सक जीन लुई मैरी प्वाज़्यूई पर रखा गया है, जिन्होंने पतली नलियों में रक्त के बहाव का अध्ययन किया था। एक प्वाइज़ का अर्थ है एक डाइन सेकंड प्रति वर्ग सेंटीमीटर, और चूँकि एसआई मात्रक पास्कल सेकंड है, इसलिए एक पास्कल सेकंड दस प्वाइज़ के बराबर होता है। पतले तरलों को प्रायः सेंटीप्वाइज़ में बताया जाता है; कमरे के ताप पर पानी लगभग एक सेंटीप्वाइज़ का है, जबकि शहद हजारों तक जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पास्कल सेकंड गतिक श्यानता का एसआई मात्रक है, जबकि प्रश्न सीजीएस मात्रक पूछ रहा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि स्टोक गतिज श्यानता का सीजीएस मात्रक है, जो गतिक श्यानता में घनत्व का भाग देने पर मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A सही मात्रक बता चुका है। परीक्षा टिप: गतिक श्यानता प्वाइज़ में, गतिज श्यानता स्टोक में।
Q38.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014मध्यम
- A.निकाय गुरुत्वीय क्षेत्र में हो
- B.निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे
- C.गतिज ऊर्जा संरक्षित हो
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे
व्याख्या
सही उत्तर है B, निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे। रैखिक संवेग संरक्षण का नियम सीधे न्यूटन के दूसरे नियम से निकलता है, क्योंकि किसी निकाय के संवेग के परिवर्तन की दर उस पर लगने वाले कुल बाह्य बल के बराबर होती है; जब यह बल शून्य हो, तब कुल संवेग परिमाण और दिशा दोनों में अपरिवर्तित रहता है। पिंड आपस में जो बल लगाते हैं वे आंतरिक होते हैं, क्रिया और प्रतिक्रिया के जोड़ों में आते हैं और एक-दूसरे को काट देते हैं। इसी कारण बंदूक और गोली, या टकराती हुई दो कैरम गोटियाँ, अपना कुल संवेग वही बनाए रखती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुरुत्व स्वयं एक बाह्य बल है और वह गिरते हुए पिंड का संवेग हर क्षण बदलता रहता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अप्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा घट जाती है फिर भी संवेग संरक्षित रहता है, इसलिए ये दोनों अलग नियम हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प B शर्त ठीक बताता है। परीक्षा टिप: संवेग हर टक्कर में संरक्षित, गतिज ऊर्जा केवल पूर्ण प्रत्यास्थ टक्कर में।
Q39.भूगोलपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम
- A.इरुला
- B.पोंग
- C.गारो
- D.खोंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इरुला
व्याख्या
सही उत्तर है A, इरुला। इरुला, जिन्हें इरुलर भी लिखा जाता है, तमिलनाडु की प्रमुख जनजातियों में से एक हैं और मुख्यतः नीलगिरि की पहाड़ियों तथा केरल की सीमा से लगे जिलों में रहते हैं। वे इरुला बोलते हैं, जो तमिल के निकट की द्रविड़ भाषा है, और पूरे देश में साँप तथा चूहे पकड़ने की कुशलता के लिए जाने जाते हैं; चेन्नई में उनकी सहकारी समिति वह विष जुटाती है जिससे प्रतिविष बनाया जाता है। इन्हें राज्य के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों में गिना जाता है, जैसे उन्हीं पहाड़ियों के तोडा, कोटा और कुरुंबा। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस नाम की कोई जनजाति तमिलनाडु में दर्ज नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि गारो पूर्वोत्तर के मेघालय की बड़ी जनजाति है और गारो पहाड़ियों में रहती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि खोंड ओडिशा की जनजाति है, जो पहाड़ी खेती के लिए जानी जाती है। परीक्षा टिप: इरुला और तोडा तमिलनाडु से, गारो और खासी मेघालय से, खोंड ओडिशा से जोड़ें।
Q40.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: बिहार · 5th Feb 2017मध्यम
- A.50%
- B.75%
- C.100%
- D.0%
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 100%
व्याख्या
सही उत्तर है C, 100%। भारत में रेलवे अवसंरचना में स्वचालित मार्ग से शत प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है। यह क्षेत्र 2014 में खोला गया था, और सूची में सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाले उपनगरीय गलियारे, हाई स्पीड ट्रेन परियोजनाएँ, समर्पित माल ढुलाई लाइनें, डिब्बों, इंजनों और ट्रेन सेटों जैसे रोलिंग स्टॉक का निर्माण, रेल विद्युतीकरण, सिग्नल प्रणाली, माल और यात्री टर्मिनल तथा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट प्रणालियाँ शामिल हैं। स्वचालित मार्ग का अर्थ है कि निवेशक को सरकार से पहले अनुमति नहीं लेनी पड़ती, वह केवल भारतीय रिज़र्व बैंक को सूचना देता है। रेल परिचालन आज भी भारतीय रेल के पास है; केवल ऊपर गिनाई गई अवसंरचना खोली गई है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस क्षेत्र में 50 प्रतिशत की सीमा कभी नहीं रही। विकल्प B गलत है, क्योंकि 75 प्रतिशत रेलवे के किसी नियम में नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि लॉटरी, जुआ, चिट फंड, परमाणु ऊर्जा और सिगरेट निर्माण की तरह रेलवे अवसंरचना निषिद्ध क्षेत्र नहीं है। परीक्षा टिप: रेलवे अवसंरचना 100 प्रतिशत स्वचालित, रक्षा 74 प्रतिशत स्वचालित।
Q41.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25 Mar 2022मध्यम
- A.तार पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में बल लगेगा
- B.तार पर कोई बल नहीं लगेगा
- C.तार पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में बल लगेगा
- D.उस पर बल रेखाओं के लंबवत दिशा में बल लगेगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तार पर कोई बल नहीं लगेगा
व्याख्या
सही उत्तर है B, तार पर कोई बल नहीं लगेगा। चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाला बल F बराबर B I L sin थीटा होता है, जहाँ थीटा धारा की दिशा और क्षेत्र की दिशा के बीच का कोण है। जब तार बल रेखाओं के समांतर रखा हो, तब यह कोण शून्य होता है, sin थीटा शून्य हो जाता है, और क्षेत्र या धारा चाहे कितने भी प्रबल हों, बल समाप्त हो जाता है। यही सूत्र बताता है कि बल तब सबसे अधिक होता है जब तार क्षेत्र के लंबवत हो, क्योंकि तब sin थीटा का मान एक होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बल जब लगता भी है तब वह क्षेत्र की दिशा में कभी नहीं होता; फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से वह क्षेत्र और धारा दोनों के लंबवत होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि किसी नियम से क्षेत्र के विपरीत दिशा में बल नहीं मिलता। विकल्प D यहाँ केवल इसलिए गलत है कि कोण शून्य होने पर बल उत्पन्न ही नहीं होता। परीक्षा टिप: समांतर पर शून्य बल, लंबवत पर अधिकतम बल।
Q42.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · Nov 2015 (Advt. 22/2014कठिन
- A.v = gh
- B.v = mgh
- C.v = √(2gh)
- D.v < √(2gh)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. v < √(2gh)
व्याख्या
सही उत्तर है D, अर्थात वेग 2gh के वर्गमूल से कम होगा। चिकने नत तल पर फिसलने वाला पिंड अपनी पूरी स्थितिज ऊर्जा mgh को रैखिक गतिज ऊर्जा में बदल देता है और नीचे पहुँचकर उसका वेग 2gh का वर्गमूल होता है। पर जो बेलन बिना फिसले लुढ़कता है उसे घूमना भी पड़ता है, इसलिए वही mgh रैखिक गति और घूर्णन गति के बीच बँट जाती है और उसके अक्ष का वेग अनिवार्य रूप से कम रहता है। ठोस बेलन के लिए गणना करें तो mgh बराबर आधा m v वर्ग जोड़ एक चौथाई m v वर्ग होता है, जिससे v का मान चार gh बटा तीन का वर्गमूल निकलता है, यानी gh के वर्गमूल का लगभग 1.15 गुना, जबकि फिसलने वाले पिंड के लिए यह 1.41 गुना होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि gh वेग है ही नहीं, उसके मात्रक मेल नहीं खाते। विकल्प B गलत है, क्योंकि mgh ऊर्जा है और द्रव्यमान तो वैसे भी कट जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह मान बिना घूमे फिसलने वाले पिंड का है। परीक्षा टिप: एक ही ढाल पर ठोस गोला ठोस बेलन से और बेलन छल्ले से पहले नीचे पहुँचता है।
Q43.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान
- A.प्रकाश संश्लेषण
- B.श्वसन
- C.वाष्पोत्सर्जन
- D.उत्सर्जन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रकाश संश्लेषण
व्याख्या
सही उत्तर है A, प्रकाश संश्लेषण। हरे पौधे केवल प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऑक्सीजन बाहर छोड़ते हैं, क्योंकि इसी प्रक्रिया में वे प्रकाश ऊर्जा से अपना भोजन बनाते हैं।
प्रकाश संश्लेषण में हरी पत्ती रंध्रों से कार्बन डाइऑक्साइड और जड़ों से पानी लेती है, और सूर्य के प्रकाश तथा पर्णहरित की उपस्थिति में इन्हें ग्लूकोज में बदल देती है। जो ऑक्सीजन निकलती है वह उपोत्पाद है और वह पानी के अणुओं के टूटने से आती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं। इसी प्रक्रिया से वायुमंडल की ऑक्सीजन बनी रहती है, इसलिए वनों को धरती के फेफड़े कहा जाता है।
विकल्प B गलत है क्योंकि श्वसन उल्टा काम करता है, वह ऑक्सीजन लेता है और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वाष्पोत्सर्जन में पत्तियों से जलवाष्प निकलती है, ऑक्सीजन नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि उत्सर्जन शरीर से अपशिष्ट निकालने की क्रिया है और इसमें ऑक्सीजन नहीं निकलती।
परीक्षा टिप: प्रकाश संश्लेषण CO2 लेता है और O2 देता है; श्वसन O2 लेता है और CO2 देता है।
Q44.भूगोलपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Sept 2022, Shift 2मध्यम
- A.खुले क्षेत्रों को टाइल या सीमेंट से ढक देना
- B.कृषि में फसल चक्र अपनाना
- C.बगीचे की बाड़ के रूप में पेड़ों या बड़ी झाड़ियों का उपयोग करना
- D.घर पर सब्जियाँ उगाने के लिए गमलों का उपयोग करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बगीचे की बाड़ के रूप में पेड़ों या बड़ी झाड़ियों का उपयोग करना
व्याख्या
सही उत्तर है C, बगीचे की बाड़ के रूप में पेड़ों या बड़ी झाड़ियों का उपयोग करना। पेड़ों या ऊँची झाड़ियों की कतार वायुरोधक का काम करती है, वह ज़मीन के पास हवा की गति घटा देती है जिससे हवा ढीली मिट्टी को उड़ा नहीं पाती।
वायु अपरदन वहाँ होता है जहाँ भूमि सूखी, नंगी और खुली हो और ऊपरी मिट्टी ढीली हो। हवा की दिशा के आड़े लगाई गई पेड़ों की कतारों को रक्षक मेखला कहते हैं और शुष्क प्रदेशों में यही मुख्य उपाय है; पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर के किनारे ऐसे ही वृक्ष लगाए गए हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बाँधती भी हैं और गिरी पत्तियाँ उसमें ह्यूमस जोड़ती हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि टाइल या सीमेंट डालने से मिट्टी ढक जाती है और खेती के लायक नहीं रहती, यह मृदा संरक्षण नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि फसल चक्र मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाता है, हवा नहीं रोकता। विकल्प D गलत है क्योंकि गमलों में सब्जी उगाने से खुली भूमि की रक्षा नहीं होती।
परीक्षा टिप: रक्षक मेखला वायु अपरदन रोकती है; समोच्च जुताई और सीढ़ीदार खेती जल अपरदन रोकती है।
Q45.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 1मध्यम
- A.मणिपुरी
- B.नेपाली
- C.कोंकणी
- D.सिंधी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सिंधी
व्याख्या
सही उत्तर है D, सिंधी। सिंधी को 1967 के 21वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया था।
आठवीं अनुसूची उन भाषाओं की सूची है जिन्हें संविधान मान्यता देता है, और अभ्यर्थी इनमें से किसी भी भाषा में सिविल सेवा परीक्षा दे सकता है। 1950 में इसमें 14 भाषाएँ थीं। 1967 में सिंधी पंद्रहवीं भाषा बनी, क्योंकि विभाजन के बाद बड़ी सिंधी भाषी आबादी भारत आई जिसका अपना कोई राज्य नहीं था। कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 1992 के 71वें संशोधन से एक साथ जोड़ा गया, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 2003 के 92वें संशोधन से, जिससे सूची 22 भाषाओं की हो गई।
विकल्प A गलत है क्योंकि मणिपुरी 1992 में जोड़ी गई। विकल्प B गलत है क्योंकि नेपाली भी 1992 में आई। विकल्प C गलत है क्योंकि कोंकणी उसी 1992 के समूह में थी।
परीक्षा टिप: 21वाँ संशोधन 1967 में सिंधी; 71वाँ 1992 में कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली; 92वाँ 2003 में बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली।
Q46.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 28 Sept 2022, Shift 3मध्यम
- A.49%
- B.74%
- C.100%
- D.80%
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 100%
व्याख्या
सही उत्तर है C, 100%। भारत में रेल अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है।
यह छूट 2014 में दी गई थी और इसमें सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाले उपनगरीय कॉरिडोर, हाई स्पीड रेल परियोजनाएँ, समर्पित माल ढुलाई लाइनें, रेल डिब्बे बनाने के कारखाने, रेलवे विद्युतीकरण, सिग्नल प्रणाली, माल टर्मिनल और यात्री टर्मिनल शामिल हैं। स्वचालित मार्ग का अर्थ है कि निवेशक को सरकार या भारतीय रिज़र्व बैंक से पहले अनुमति नहीं लेनी पड़ती, वह निवेश आने के बाद केवल आवश्यक सूचना देता है। रेलगाड़ियों का संचालन भारतीय रेल के पास ही रहता है, इसलिए निवेश परिसंपत्तियाँ बनाने और उनके रखरखाव में लगता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि रेल अवसंरचना पर 49 प्रतिशत की कोई सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि 74 प्रतिशत की सीमा कुछ अन्य क्षेत्रों में लगती है, यहाँ नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 80 प्रतिशत भारत की एफडीआई नीति में कहीं सीमा नहीं है।
परीक्षा टिप: रेल अवसंरचना में 100 प्रतिशत एफडीआई स्वचालित मार्ग से, पर रेल संचालन भारतीय रेल के पास।
Q47.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2018, Shift 2मध्यम
- A.गुलाब
- B.पपीता
- C.केला
- D.संतरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पपीता
व्याख्या
सही उत्तर है B, पपीता। पपीता बीज से उगाया जाता है, इसलिए बाकी तीन पौधों की तरह इसका कायिक प्रवर्धन नहीं किया जाता।
कायिक प्रवर्धन का अर्थ है बीज के बिना, जनक पौधे के किसी कायिक भाग जैसे तना, जड़, पत्ती या कली से नया पौधा तैयार करना। बीज न होने के कारण नया पौधा जनक की हूबहू नकल होता है और फल भी जल्दी देता है। पपीते में भरपूर जीवित बीज बनते हैं और उसका मुलायम, बिना शाखा वाला तना कलम से जड़ नहीं पकड़ता, इसलिए नर्सरी में बीज ही बोया जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि गुलाब तना कलम से उगाए जाने का सबसे जाना-पहचाना उदाहरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि केला भूमिगत तने से निकले अंतर्भूस्तारी से उगाया जाता है, उसके बीज बंध्य होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि संतरा और अन्य नींबू वंश के पौधे मूलवृंत पर कलिकायन और रोपण से बढ़ाए जाते हैं।
परीक्षा टिप: कलम से गुलाब और गन्ना, अंतर्भूस्तारी से केला, रोपण और कलिकायन से नींबू वंश तथा आम, और बीज से पपीता।
Q48.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Dec 2018, Shift 1मध्यम
- A.सेलुलोज और पेक्टिन
- B.लिग्निन और क्यूटिन
- C.पेक्टिन और काइटिन
- D.सुबेरिन और सेलुलोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सेलुलोज और पेक्टिन
व्याख्या
सही उत्तर है A, सेलुलोज और पेक्टिन। कोलेनकाइमा की कोशिकाएँ अपनी भित्ति के कोनों पर अतिरिक्त सेलुलोज और पेक्टिन जमा करती हैं, जिससे यह ऊतक मजबूत होते हुए भी लचीला रहता है।
कोलेनकाइमा पौधों का एक सरल स्थायी ऊतक है, जो द्विबीजपत्री पौधों के तने और पर्णवृंत में बाह्यत्वचा के ठीक नीचे तथा पत्ती की मध्य शिरा में मिलता है। इसकी कोशिकाएँ जीवित और लंबी होती हैं, कोनों पर असमान रूप से मोटी होती हैं और उनके बीच लगभग कोई स्थान नहीं होता। यही असमान मोटाई कोमल तने या पर्णवृंत को हवा में टूटे बिना झुकने देती है और आरोही तनों को लिपटने योग्य बनाती है।
विकल्प B गलत है क्योंकि लिग्निन दृढ़ोतक की भित्ति मोटी करता है और क्यूटिन बाह्यत्वचा को जलरोधी बनाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि काइटिन कवक की भित्ति और कीटों के कंकाल में होता है, पादप ऊतक में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुबेरिन कॉर्क कोशिकाओं में जमा होता है।
परीक्षा टिप: मृदूतक में पतली सेलुलोज भित्ति, कोलेनकाइमा में कोनों पर सेलुलोज और पेक्टिन तथा लचीलापन, दृढ़ोतक में लिग्निन, मृत और कठोर।
Q49.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 11 Oct 2018, Shift 2मध्यम
- A.प्लेनेरिया
- B.हाइड्रा
- C.अमीबा
- D.यीस्ट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हाइड्रा
व्याख्या
सही उत्तर है B, हाइड्रा। दिए गए विकल्पों में हाइड्रा ही ऐसा जीव है जो मुकुलन और पुनर्जनन, दोनों से प्रजनन करता है।
मुकुलन में जनक हाइड्रा की देहभित्ति पर एक उभार बनता है, उसमें मुँह और स्पर्शक विकसित होते हैं और फिर वह टूटकर एक छोटा स्वतंत्र हाइड्रा बन जाता है। पुनर्जनन में शरीर से कटा हुआ टुकड़ा अपने शेष भाग फिर से बना लेता है और पूरा जीव बन जाता है, क्योंकि हाइड्रा में ऐसी अविभेदित कोशिकाएँ बड़ी संख्या में रहती हैं जो किसी भी ऊतक में बदल सकती हैं। ये दोनों अलैंगिक प्रजनन के रूप हैं, इसलिए संतान जनक की नकल होती है।
विकल्प A गलत है क्योंकि प्लेनेरिया केवल पुनर्जनन का उदाहरण है, उसमें मुकुलन नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि अमीबा द्विविभाजन से दो भागों में बँटता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यीस्ट केवल मुकुलन करता है और वह जंतु नहीं, कवक है।
परीक्षा टिप: हाइड्रा में मुकुलन और पुनर्जनन, प्लेनेरिया में पुनर्जनन, अमीबा में द्विविभाजन, प्लाज्मोडियम में बहुविभाजन।
Q50.भूगोलपूछा गया: RRB ग्रुप D · 12 Nov 2018, Shift 3आसान
- A.मध्य प्रदेश
- B.आंध्र प्रदेश
- C.तमिलनाडु
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर है D, कर्नाटक। कोलार स्वर्ण क्षेत्र कर्नाटक के कोलार जिले में, प्रायद्वीपीय पठार की धारवाड़ शैलों पर स्थित है।
कोलार लंबे समय तक भारत में सोने का मुख्य स्रोत रहा और दुनिया की सबसे गहरी खानों में गिना जाता था, जिसकी गहराई लगभग तीन किलोमीटर तक पहुँच गई थी। वर्ष 2001 में यहाँ खनन बंद कर दिया गया, क्योंकि बचा हुआ अयस्क कमजोर था और इतनी गहराई पर काम करने की लागत बहुत बढ़ गई थी। कर्नाटक में रायचूर जिले की हट्टी खानें अब भी चालू हैं और सोने के उत्पादन में यह राज्य देश में पहले स्थान पर है। कोलार शहर इन खानों के आसपास ही बसा और इसे शिवसमुद्रम जलविद्युत केंद्र से बिजली मिलती थी, जो एशिया की आरंभिक जलविद्युत आपूर्तियों में थी।
विकल्प A गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश पन्ना के हीरों के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश में कोलार क्षेत्र नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि तमिलनाडु नेवेली की लिग्नाइट के लिए जाना जाता है।
परीक्षा टिप: कर्नाटक में सोना यानी कोलार और हट्टी; कोलार 2001 में बंद, हट्टी अब भी चालू।