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GK24

भारत-कोरिया गणराज्य की 10वीं रक्षा उद्योग संयुक्त समिति बैठक

भारत और कोरिया गणराज्य ने नई दिल्ली में रक्षा उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति बैठक की, जिसकी सह-अध्यक्षता डीएपीए के उप मंत्री ने की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत-कोरिया गणराज्य की 10वीं रक्षा उद्योग संयुक्त समिति बैठक

चर्चा में क्यों

भारत और कोरिया गणराज्य ने नई दिल्ली में रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति बैठक की, जिसमें रक्षा उत्पादन सहयोग की समीक्षा हुई और दोनों देशों की प्रमुख रक्षा कंपनियां चर्चा में शामिल हुईं।

भारत और कोरिया गणराज्य ने अपनी रक्षा औद्योगिक साझेदारी को एक कदम आगे बढ़ाया। नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति बैठक (जेसीएम) हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और उसे और व्यापक बनाने के रास्तों पर बातचीत की। दिन भर की चर्चा का केंद्र रक्षा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स रहा।

बैठक की अध्यक्षता किसने की

बैठक के दो सह-अध्यक्ष थे। भारतीय पक्ष का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) श्री दिनेश माहुर ने किया। कोरियाई पक्ष का नेतृत्व रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के उप मंत्री श्री किम इल डोंग ने किया। डीएपीए कोरिया सरकार की वह संस्था है जो रक्षा खरीद संभालती है और देश के रक्षा उद्योग की देखरेख करती है।

भारत में कोरिया गणराज्य के राजदूत श्री सियोंग हो ली भी बैठक में शामिल हुए। रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव (नौसैनिक प्रणाली) डॉ. विजय नामदेवराव झाड़े तथा दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

उद्योग जगत की भागीदारी

इस दौर की खास बात यह रही कि अधिकारियों के साथ रक्षा कंपनियां भी मेज पर बैठीं। भारत की ओर से लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) शामिल हुईं। कोरियाई उद्योग दल में हनवा एयरोस्पेस, हनवा सिस्टम्स, कोरियन एयर, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (केएआई) और डीएस नेवकोर्स रहीं। सरकारी संवाद में कंपनियों को बिठाने का मकसद नीति को असल ऑर्डर, साझा परियोजनाओं और आपूर्ति व्यवस्था में बदलना है।

रक्षा राज्य मंत्री से भेंट

बैठक से इतर डीएपीए के उप मंत्री ने रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने रक्षा रिश्ते को और गहरा करने की मंशा दोहराई, खासकर उद्योग साझेदारी और लॉजिस्टिक्स सहायता में।

यह क्यों मायने रखता है

लॉजिस्टिक्स सहयोग से मित्र देशों की सेनाएं आपूर्ति, ईंधन भरने और मरम्मत के लिए एक-दूसरे की सुविधाओं का उपयोग कर पाती हैं, जो अपने बंदरगाहों से दूर लंबी तैनाती के दौरान बहुत काम आता है। परीक्षार्थियों के लिए याद रखने लायक बिंदु हैं बैठक का संस्करण, मेजबान शहर, दोनों सह-अध्यक्षों के नाम और डीएपीए का पूरा नाम।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकभारत-कोरिया गणराज्य रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति बैठक (जेसीएम)
स्थाननई दिल्ली
भारतीय सह-अध्यक्षदिनेश माहुर, अपर सचिव (रक्षा उत्पादन), रक्षा मंत्रालय
कोरियाई सह-अध्यक्षकिम इल डोंग, उप मंत्री, रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए)
कोरियाई राजदूतसियोंग हो ली
भारतीय कंपनियांलार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल)
कोरियाई कंपनियांहनवा एयरोस्पेस, हनवा सिस्टम्स, कोरियन एयर, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (केएआई), डीएस नेवकोर्स
इतर भेंटडीएपीए उप मंत्री ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (10वां), स्थान (नई दिल्ली), दोनों सह-अध्यक्ष (दिनेश माहुर और किम इल डोंग), डीएपीए का पूरा नाम, भारतीय कंपनियां (एलएंडटी, बीईएमएल) तथा कोरियाई कंपनियां और भेंट करने वाले मंत्री (रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर नई दिल्ली में कौन-सी संयुक्त समिति बैठक हुई?

  1. A.8वीं
  2. B.9वीं
  3. C.10वीं
  4. D.12वीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10वीं

व्याख्या

सही उत्तर 10वीं है। भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स सहयोग पर चलने वाला यह संवाद नई दिल्ली दौर के साथ अपने दसवें संस्करण तक पहुंचा। इसमें दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और रक्षा उत्पादन तथा लॉजिस्टिक्स में साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर बात की। विकल्प A यानी 8वीं और विकल्प B यानी 9वीं इसी संवाद के पहले के दौर हैं, यहां हुई बैठक नहीं, इसलिए ये दोनों गलत हैं। विकल्प D यानी 12वीं इस संवाद को उससे कहीं आगे पहुंचा देता है जहां वह वास्तव में पहुंचा है, इसलिए यह भी गलत है। इस दौर की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और कोरियाई पक्ष से रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन के उप मंत्री किम इल डोंग ने की। परीक्षार्थी संस्करण संख्या को मेजबान शहर और दोनों सह-अध्यक्षों के नाम से जोड़कर याद रखें।

Q2.रक्षामध्यम

बैठक की सह-अध्यक्षता करने वाली कोरियाई संस्था डीएपीए का पूरा नाम क्या है?

  1. A.रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन
  2. B.रक्षा उन्नत परियोजना एजेंसी
  3. C.रक्षा एवं एयरोस्पेस खरीद प्राधिकरण
  4. D.रक्षा गठबंधन साझेदारी प्रशासन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन

व्याख्या

सही उत्तर रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन है। डीएपीए कोरिया गणराज्य की वह सरकारी संस्था है जो रक्षा खरीद का काम देखती है और देश के रक्षा उद्योग की देखरेख करती है। इसके उप मंत्री किम इल डोंग ने नई दिल्ली में हुई संयुक्त समिति बैठक की सह-अध्यक्षता अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर के साथ की। विकल्प B यानी रक्षा उन्नत परियोजना एजेंसी नाम को अनुसंधान से जुड़ी एजेंसियों के साथ मिला देता है और डीएपीए का विस्तार नहीं है, इसलिए गलत है। विकल्प C यानी रक्षा एवं एयरोस्पेस खरीद प्राधिकरण सुनने में सही लगता है क्योंकि यह संस्था खरीद ही देखती है, पर यह उसका आधिकारिक नाम नहीं है, अतः गलत है। विकल्प D यानी रक्षा गठबंधन साझेदारी प्रशासन एक गढ़ा हुआ नाम है और इसका कोरियाई खरीद संस्था से कोई संबंध नहीं, इसलिए वह भी गलत है। बैठक से इतर डीएपीए उप मंत्री ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी भेंट की।

Q3.रक्षामध्यम

भारत-कोरिया गणराज्य रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स बैठक में कौन-सी भारतीय कंपनियां शामिल हुईं?

  1. A.एचएएल और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड
  2. B.लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड
  3. C.मझगांव डॉक और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स
  4. D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोचीन शिपयार्ड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड है। नई दिल्ली दौर में भारतीय उद्योग का प्रतिनिधित्व एलएंडटी और बीईएमएल ने किया, जो अधिकारियों के साथ रक्षा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स पर हुई चर्चा में शामिल रहीं। कोरियाई उद्योग पक्ष में हनवा एयरोस्पेस, हनवा सिस्टम्स, कोरियन एयर, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और डीएस नेवकोर्स थीं। विकल्प A में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड हैं, जो महत्वपूर्ण रक्षा सार्वजनिक उपक्रम तो हैं पर इस बैठक में शामिल नहीं थीं, इसलिए गलत है। विकल्प C में दो पोत निर्माण कंपनियां हैं और विकल्प D में एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी तथा एक और शिपयार्ड है, इनमें से कोई भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं था, अतः दोनों गलत हैं। ध्यान रहे कि अधिकारियों के साथ कंपनियों की मौजूदगी ही ऐसी बैठक को नीति से असल ऑर्डर तक ले जाने में उपयोगी बनाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में भारत-कोरिया गणराज्य रक्षा उद्योग बैठक का कौन-सा संस्करण हुआ?

रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति बैठक, जिसकी सह-अध्यक्षता अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और डीएपीए के उप मंत्री किम इल डोंग ने की।

डीएपीए का पूरा नाम क्या है?

रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन, जो कोरिया गणराज्य की रक्षा खरीद संस्था है। इसके उप मंत्री किम इल डोंग ने बैठक की सह-अध्यक्षता की और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भेंट भी की।

इस बैठक में कौन-सी भारतीय कंपनियां शामिल हुईं?

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल)। कोरियाई पक्ष से हनवा एयरोस्पेस, हनवा सिस्टम्स, कोरियन एयर, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और डीएस नेवकोर्स शामिल हुईं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS