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यूआईडीएआई ने आधार संवाद कोलकाता में पांच पहल शुरू कीं

यूआईडीएआई ने 17वें आधार दिवस पर कोलकाता में आयोजित आधार संवाद सम्मेलन में पांच नई पहल शुरू कीं, जिनमें राशन वितरण के लिए चेहरा प्रमाणीकरण भी शामिल है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को यूआईडीएआई ने 17वें आधार दिवस पर कोलकाता में आयोजित आधार संवाद सम्मेलन में पांच नई पहल शुरू कीं, जिनमें राशन वितरण के लिए चेहरा प्रमाणीकरण से लेकर नए स्वरूप की वेबसाइट तक शामिल हैं।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कोलकाता में हुए दिनभर के हितधारक सम्मेलन आधार संवाद में पांच नई पहल शुरू कीं। यह सम्मेलन 17वें आधार दिवस के अवसर पर हुआ और इसमें 600 से अधिक नीति निर्माता, उद्योग जगत के अगुवा, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य पेशेवर शामिल हुए।

कौन शामिल हुआ

मुख्य अतिथि जितिन प्रसाद रहे, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि आधार भारत की विकास गाथा का बेहद अहम हिस्सा और डिजिटल शासन की आधारशिला है, जिसने सेवा वितरण बेहतर किया, बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन बढ़ाया और यह सुनिश्चित किया कि सरकारी लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ विजय ने कहा कि प्राधिकरण के हर कदम के केंद्र में निवासी ही रहता है। उप महानिदेशक विवेक सी वर्मा ने स्वागत भाषण दिया।

पांच पहल

  • इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (ईपीडीएस) के लिए चेहरा प्रमाणीकरण, जिसे यूआईडीएआई, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने मिलकर शुरू किया। यह सहमति आधारित और संपर्क रहित है तथा वहां उपयोगी है जहां अंगुली की छाप से प्रमाणीकरण कठिन हो।
  • स्विक पोर्टल 2.0, जो सुशासन के लिए आधार प्रमाणीकरण ढांचे के अंतर्गत अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल बनाता है और पात्र गैर-सरकारी संस्थाओं को सीधे संबंधित मंत्रालय या विभाग को प्रस्ताव भेजने देता है।
  • सब-एयूए तथा सब-केयूए (लाइट) ढांचा, जिससे कम मात्रा में जरूरत रखने वाली संस्थाएं अपना ढांचा खड़ा किए बिना किसी मौजूदा एयूए या केयूए के प्रमाणीकरण ढांचे का उपयोग कर सकेंगी।
  • राज्य तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में आने वालों के लिए नई टोकन प्रबंधन प्रणाली।
  • राज्य मंत्री द्वारा जारी की गई नए स्वरूप की यूआईडीएआई वेबसाइट।

नई वेबसाइट

नए स्वरूप की वेबसाइट उन चार कारणों के इर्द-गिर्द बनाई गई है जिनके लिए निवासी प्राधिकरण तक पहुंचते हैं: आधार को समझना, कोई सेवा लेना, कोई दस्तावेज खोजना या सहायता मांगना। यह आधार ब्रांड दिशानिर्देशों के अनुरूप है, ताकि वेबसाइट, माय आधार पोर्टल और आधार ऐप की एक जैसी पहचान बने। सुगम्यता के लिए इसमें स्क्रीन रीडर के अनुकूल बनावट, घटाया-बढ़ाया जा सकने वाला अक्षर आकार, बेहतर रंग विरोधाभास और कीबोर्ड से संचालन जैसी सुविधाएं हैं। भाषिणी के साथ जुड़ाव से यह वेबसाइट अंग्रेजी और हिंदी सहित 13 भाषाओं में उपलब्ध है, और इसे 23 भाषाओं तक ले जाने की योजना है। वेबसाइट पर प्रतिनियुक्ति के आवेदन के लिए नया यूआईडीएआई करियर पोर्टल भी है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनआधार संवाद हितधारक सम्मेलन, कोलकाता
अवसर17वां आधार दिवस
संस्थाभारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई)
मंत्रालयइलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
मुख्य अतिथिराज्य मंत्री जितिन प्रसाद
यूआईडीएआई सीईओसौरभ विजय
प्रतिभागी600 से अधिक हितधारक
शुरू की गई पहलईपीडीएस के लिए चेहरा प्रमाणीकरण; स्विक पोर्टल 2.0; सब-एयूए तथा सब-केयूए (लाइट) ढांचा; टोकन प्रबंधन प्रणाली; नए स्वरूप की वेबसाइट
वेबसाइट की भाषाएंभाषिणी के जरिए 13, योजना 23 की

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान (कोलकाता), अवसर (17वां आधार दिवस), पहल की संख्या (पांच), उपस्थिति (600 से अधिक), मुख्य अतिथि (जितिन प्रसाद), यूआईडीएआई के सीईओ (सौरभ विजय) और वेबसाइट की भाषाएं (अभी 13, लक्ष्य 23) याद रखें। यूआईडीएआई इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करता है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

यूआईडीएआई ने पांच नई पहल वाला आधार संवाद सम्मेलन किस शहर में आयोजित किया?

  1. A.बेंगलुरु
  2. B.कोलकाता
  3. C.हैदराबाद
  4. D.नई दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोलकाता

व्याख्या

सही उत्तर है कोलकाता। आधार संवाद नाम का दिनभर चलने वाला हितधारक सम्मेलन वहीं हुआ, यह सत्रहवें आधार दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया और इसमें छह सौ से अधिक नीति निर्माता, उद्योग जगत के अगुवा, तकनीकी विशेषज्ञ तथा पेशेवर शामिल हुए। मुख्य अतिथि रहे राज्य मंत्री ने पश्चिम बंगाल के लोगों को आधार से मिलने वाले लाभ की भी चर्चा की, जिससे आयोजन स्थल और स्पष्ट हो जाता है। विकल्प ए यानी बेंगलुरु प्रौद्योगिकी का बड़ा केंद्र है, पर इस अवसर पर वह आयोजन स्थल नहीं था। विकल्प सी यानी हैदराबाद में भी तकनीकी आयोजन होते रहते हैं, पर यह सम्मेलन वहां नहीं हुआ। विकल्प डी यानी नई दिल्ली में प्राधिकरण का मुख्यालय है, इसलिए यह विकल्प भ्रमित कर सकता है, पर यह सम्मेलन जानबूझकर पूर्वी क्षेत्र में ले जाया गया था। परीक्षार्थी पांचों पहल को कोलकाता से जोड़कर याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चेहरा प्रमाणीकरण यूआईडीएआई ने किन दो संस्थाओं के साथ मिलकर शुरू किया?

  1. A.एनपीसीआई और भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र
  3. C.भारतीय खाद्य निगम और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज
  4. D.दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र

व्याख्या

सही उत्तर है खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र। इन तीनों संस्थाओं ने मिलकर इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए सहमति आधारित और संपर्क रहित चेहरा प्रमाणीकरण का विकल्प शुरू किया, जिससे लाभार्थियों को उन परिस्थितियों में प्रमाणीकरण का एक और रास्ता मिलता है जहां अंगुली की छाप से पहचान कठिन हो, और राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र इसे अपनी राशन वितरण व्यवस्था में जोड़ सकते हैं। विकल्प ए में भुगतान संगठन और केंद्रीय बैंक के नाम हैं, जिनमें से कोई राशन व्यवस्था नहीं चलाता। विकल्प सी में अनाज की खरीद तथा भंडारण करने वाली संस्था और एक सेवा कंपनी के नाम हैं, जो इस पहल की साझेदार नहीं थीं। विकल्प डी में दूरसंचार विभाग और एक दूरसंचार कंपनी है, जिनकी इसमें कोई भूमिका नहीं। याद रखने वाली कड़ी यही है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भाषिणी के साथ जुड़ाव के बाद नए स्वरूप की यूआईडीएआई वेबसाइट फिलहाल कितनी भाषाओं में उपलब्ध है?

  1. A.8
  2. B.11
  3. C.13
  4. D.22
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 13

व्याख्या

सही उत्तर है 13। प्राधिकरण की नए स्वरूप वाली वेबसाइट फिलहाल इतनी ही भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें अंग्रेजी और हिंदी भी शामिल हैं, और इसके लिए भाषिणी भाषा मंच का उपयोग किया गया है। घोषित योजना यह है कि निकट भविष्य में इसे तेईस भाषाओं तक पहुंचाया जाएगा। नए स्वरूप में स्क्रीन रीडर के अनुकूल बनावट, घटाया-बढ़ाया जा सकने वाला अक्षर आकार, बेहतर रंग विरोधाभास और कीबोर्ड से संचालन जैसी सुगम्यता सुविधाएं भी जोड़ी गईं, साथ ही प्रतिनियुक्ति के ऑनलाइन आवेदन के लिए करियर पोर्टल भी। विकल्प ए और बी में दी गई संख्याएं घोषणा से मेल नहीं खातीं, जबकि विकल्प डी का आंकड़ा भविष्य के लक्ष्य के पास तो है पर न मौजूदा संख्या है और न ही नियोजित संख्या। ऐसे प्रश्नों में परीक्षक अक्सर मौजूदा और नियोजित दोनों आंकड़े साथ रखता है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सम्मेलन में यूआईडीएआई द्वारा शुरू की गई पांच पहल में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं था?

  1. A.स्विक पोर्टल 2.0
  2. B.सब-एयूए तथा सब-केयूए (लाइट) ढांचा
  3. C.नई टोकन प्रबंधन प्रणाली
  4. D.आधार से जुड़ा नया भुगतान बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आधार से जुड़ा नया भुगतान बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है आधार से जुड़ा नया भुगतान बैंक, क्योंकि ऐसी किसी शुरुआत की घोषणा हुई ही नहीं। पांच पहल इस प्रकार थीं: इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चेहरा प्रमाणीकरण, स्विक पोर्टल का दूसरा संस्करण, वह ढांचा जो छोटी संस्थाओं को किसी मौजूदा एजेंसी के प्रमाणीकरण ढांचे के उपयोग की छूट देता है, राज्य तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में आने वालों के लिए टोकन प्रबंधन प्रणाली, और प्राधिकरण की नए स्वरूप की वेबसाइट। इसलिए विकल्प ए इन्हीं में शामिल है, क्योंकि यह पोर्टल सुशासन के लिए प्रमाणीकरण ढांचे के अंतर्गत अनुमोदन सरल बनाता है। विकल्प बी भी इन्हीं में है, क्योंकि यह कम मात्रा वाले उपयोगकर्ताओं को अपना ढांचा खड़ा करने की जरूरत से मुक्त करता है। विकल्प सी भी पांच में से एक है, जो कार्यालय आने वाले निवासियों का अनुभव आसान बनाता है। केवल विकल्प डी सूची से बाहर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आधार संवाद सम्मेलन कहां और किस अवसर पर हुआ?

यह कोलकाता में हुआ और 17वें आधार दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। दिनभर चले इस सम्मेलन में 600 से अधिक नीति निर्माता, उद्योग जगत के अगुवा और पेशेवर शामिल हुए।

राशन वितरण प्रणाली के लिए चेहरा प्रमाणीकरण किन तीन संस्थाओं ने मिलकर शुरू किया?

यूआईडीएआई, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने। यह विकल्प सहमति आधारित और संपर्क रहित है तथा वहां काम आता है जहां अंगुली की छाप से प्रमाणीकरण कठिन हो।

नई यूआईडीएआई वेबसाइट कितनी भाषाओं में उपलब्ध है?

यह भाषिणी के साथ जुड़ाव से अंग्रेजी और हिंदी सहित 13 भाषाओं में उपलब्ध है, और प्राधिकरण इसे 23 भाषाओं तक ले जाने की योजना बना रहा है।

स्रोत

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