आध्यात्मिक सत्य की खोज के लिए स्थापित तत्वबोधिनी सभा की स्थापना किसने की थी?
- A.केशव चंद्र सेन
- B.राजा राम मोहन राय
- C.देवेंद्रनाथ टैगोर
- D.दयानंद सरस्वती
सही उत्तर
C. देवेंद्रनाथ टैगोर
व्याख्या
सही उत्तर है C, देवेंद्रनाथ टैगोर। देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1839 में कलकत्ता में तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य उपनिषदों और वेदांत का अध्ययन करना तथा राजा राम मोहन राय के तर्कसंगत धर्म का प्रचार करना था। सभा ने एक विद्यालय चलाया और तत्वबोधिनी पत्रिका निकाली, जिसमें धर्म, विज्ञान और समाज सुधार पर लेख छपते थे; ईश्वर चंद्र विद्यासागर और अक्षय कुमार दत्त इसके सदस्यों में थे। रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ 1843 में ब्रह्म सभा से जुड़े और उसे ब्रह्म समाज के रूप में नया रूप दिया, तथा 1859 में तत्वबोधिनी सभा उसी में मिल गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि केशव चंद्र सेन बहुत बाद में ब्रह्म समाज से जुड़े और 1866 में अलग होकर भारतवर्षीय ब्रह्म समाज बनाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजा राम मोहन राय ने 1828 में ब्रह्म सभा बनाई और 1833 में उनका निधन हो गया, यानी इस सभा की स्थापना से पहले। विकल्प D गलत है, क्योंकि दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की। परीक्षा टिप: ब्रह्म सभा 1828 राम मोहन राय, तत्वबोधिनी सभा 1839 देवेंद्रनाथ टैगोर, आर्य समाज 1875 दयानंद सरस्वती।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसोवियत संघ का विघटन निम्नलिखित में से किस वर्ष शुरू हुआ?
- A.1990
- B.1989
- C.1991
- D.1992
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1991
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1991। सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ का विघटन 1991 में हुआ: उस वर्ष अगस्त में मिखाइल गोर्बाचेव के विरुद्ध हुए असफल तख्तापलट ने केंद्र की सत्ता तोड़ दी, गणराज्य एक के बाद एक स्वतंत्रता घोषित करते गए, और 25 दिसंबर 1991 को गोर्बाचेव ने इस्तीफा दे दिया। अगले ही दिन क्रेमलिन से सोवियत ध्वज उतार लिया गया और सोवियत संघ की जगह पंद्रह अलग-अलग देश बन गए, जिनमें रूस उसका उत्तराधिकारी राज्य बना। इनमें से अधिकांश दिसंबर 1991 की अल्मा-अता घोषणा से बने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल में शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1990 में जर्मनी का एकीकरण हुआ और गणराज्यों में संप्रभुता की पहली आवाजें उठीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1989 में बर्लिन की दीवार गिरी और पूर्वी यूरोप साम्यवाद से मुड़ गया, पर सोवियत संघ बना रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 तक विघटन पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: बर्लिन दीवार 1989 → जर्मनी एकीकरण 1990 → सोवियत संघ विघटन 1991, और शीत युद्ध समाप्त।
निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया?
- A.ज्योतिराव फुले
- B.ई वी रामास्वामी नायकर
- C.के केलप्पन
- D.बी आर आंबेडकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बी आर आंबेडकर
व्याख्या
सही उत्तर है D, बी आर आंबेडकर। 20 मार्च 1927 को डॉ बी आर आंबेडकर हजारों दलितों के साथ महाराष्ट्र के महाड़ में चवदार तालाब पहुँचे और उसका पानी पिया, जिससे दलित वर्गों का सार्वजनिक जल स्रोत पर अधिकार जताया गया। बाद में ऊँची जातियों के समूहों ने गोबर और दही डालकर तालाब का शुद्धिकरण किया, और उसी वर्ष दिसंबर में आंबेडकर महाड़ लौटे तथा मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन किया। इस दिन को सामाजिक सशक्तीकरण दिवस के रूप में याद किया जाता है और महाड़ को आधुनिक भारत में दलित स्वाभिमान की पहली सामूहिक कार्रवाई कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ज्योतिराव फुले का निधन 1890 में ही हो गया था, हालाँकि उनके 1873 के सत्यशोधक समाज ने जमीन तैयार की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि पेरियार कहे जाने वाले ई वी रामास्वामी नायकर ने दक्षिण में आत्म-सम्मान आंदोलन और वैकोम सत्याग्रह चलाया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल गांधी कहे जाने वाले के केलप्पन ने 1931 का गुरुवायूर सत्याग्रह चलाया। परीक्षा टिप: महाड़ 1927 और कालाराम मंदिर 1930 — दोनों का नेतृत्व आंबेडकर ने किया।
बुद्ध से जुड़े अवसरों के प्रतीकों में 'स्तूप' किसका प्रतीक है?
- A.मृत्यु
- B.प्रथम उपदेश
- C.जन्म
- D.गृहत्याग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मृत्यु
व्याख्या
सही उत्तर है A, मृत्यु। आरंभिक बौद्ध कला में बुद्ध को मनुष्य रूप में नहीं दिखाया जाता था, इसलिए उनके जीवन की घटनाएँ प्रतीकों के रूप में गढ़ी गईं, और स्तूप उनके महापरिनिर्वाण यानी कुशीनगर में हुई मृत्यु का प्रतीक है। स्तूप अवशेषों पर बना गुंबदनुमा टीला होता है; कहा जाता है कि अशोक ने ऐसे अनेक स्तूप बनवाए, और साँची, भरहुत तथा अमरावती के स्तूप सबसे प्रसिद्ध हैं। प्रतीकों की यह सूची तय है और परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सारनाथ के प्रथम उपदेश का प्रतीक धर्मचक्र है, जिसके साथ मृगदाव की याद में प्रायः दो हिरण दिखाए जाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि लुंबिनी में हुए जन्म के प्रतीक कमल और साँड़ हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि गृहत्याग का प्रतीक घोड़ा है, जबकि बोधगया में ज्ञानप्राप्ति का प्रतीक बोधि वृक्ष है। परीक्षा टिप: कमल जन्म का, घोड़ा गृहत्याग का, बोधि वृक्ष ज्ञान का, चक्र प्रथम उपदेश का और स्तूप मृत्यु का प्रतीक है।
आइन-ए-अकबरी की रचना किसने की?
- A.बदायूँनी
- B.गुलबदन बेगम
- C.अबुल फजल
- D.फैजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अबुल फजल
व्याख्या
सही उत्तर C, अबुल फजल है। अकबर के नवरत्नों में गिने जाने वाले अबुल फजल ने फारसी में अकबरनामा लिखा और उसका तीसरा भाग आइन-ए-अकबरी है, जिसमें साम्राज्य के सूबों, राजस्व, सेना, पदों, फसलों और कीमतों का विस्तृत विवरण है। अकबर के प्रशासन के लिए यह आज भी सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला स्रोत है। विकल्प A गलत है क्योंकि बदायूँनी ने मुंतखब-उत-तवारीख लिखी, जो अकबर की धार्मिक नीति के विरुद्ध लिखा गया इतिहास है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाबर की पुत्री गुलबदन बेगम ने अपने भाई के शासन पर हुमायूँनामा लिखा। विकल्प D गलत है क्योंकि अबुल फजल के भाई फैजी दरबार के राजकवि थे और उन्होंने अनुवाद किए, परंतु आइन-ए-अकबरी नहीं लिखी। ग्रंथ और लेखक का मेल एक नियमित प्रश्न है, इसलिए ये चार जोड़ियाँ तैयार रखिए।
ताजमहल का प्रमुख वास्तुकार किसे बताया जाता है?
- A.उस्ताद ईसा
- B.उस्ताद अहमद लाहौरी
- C.मीर अब्दुल करीम
- D.मकरमत खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उस्ताद अहमद लाहौरी
व्याख्या
सही उत्तर B, उस्ताद अहमद लाहौरी है। मुगल अभिलेखों में ताजमहल के प्रमुख वास्तुकार के रूप में उस्ताद अहमद लाहौरी का नाम आता है; यह वही मकबरा है जो शाहजहाँ ने आगरा में अपनी बेगम मुमताज महल के लिए बनवाया। शाहजहानाबाद के लाल किले से भी उसका नाम जोड़ा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उस्ताद ईसा का नाम बाद की परंपरा और लोकप्रिय कथाओं में आता है, समकालीन प्रमाणों में नहीं, और प्रश्नपत्र इसे उत्तर नहीं मानते। विकल्प C गलत है क्योंकि मीर अब्दुल करीम जहाँगीर के काल का वास्तुकार था जिसने अन्य शाही निर्माणों में काम किया। विकल्प D गलत है क्योंकि मकरमत खान निर्माण का पर्यवेक्षक था, जिसने काम की व्यवस्था देखी, डिजाइन नहीं बनाया। ताजमहल को शाहजहाँ, मुमताज महल, आगरा और उस्ताद अहमद लाहौरी के साथ जोड़कर याद रखिए, और यह भी कि यह लाल बलुआ पत्थर के चबूतरे पर सफेद संगमरमर से बना है।