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भूपेंद्र यादव ने चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स 2026 प्रदान किए

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स की अध्यक्षता की, जहां 15 वन अधिकारी सम्मानित हुए और बी. के. सिंह को लाइफटाइम अवॉर्ड मिला।

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भूपेंद्र यादव ने चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स 2026 प्रदान किए

चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स और कॉन्क्लेव की अध्यक्षता की, बृज किशोर सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया और 15 वन अधिकारियों को सम्मानित किया।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स और इसके साथ आयोजित इको वॉरियर कॉन्क्लेव की अध्यक्षता की। ये पुरस्कार भारतीय वन सेवा संघ (आईएफएसए) और इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा मिलकर दिए जाते हैं और इनमें वन, वन्यजीव तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए काम को मान्यता दी जाती है।

किन्हें सम्मान मिला

लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड बृज किशोर सिंह को दिया गया, जो कर्नाटक कैडर के 1976 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल में चंदन की तस्करी और कुख्यात डाकू वीरप्पन की गतिविधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई शामिल रही, साथ ही कर्नाटक में वन सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का काम भी। कुल मिलाकर 15 वन अधिकारियों को संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

पुरस्कार की श्रेणियां

संरक्षित क्षेत्र प्रबंधनप्रकाश चंद गोगिनेनी (सिमलीपाल टाइगर रिजर्व, ओडिशा); मनीष सिंह (पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश)
वन्यजीव सुरक्षा एवं संरक्षणसेल्वी एस. सेनबागाप्रिया (कोयंबटूर, तमिलनाडु); संजीव शर्मा (पालमपुर, हिमाचल प्रदेश)
पर्यावरण संरक्षणधर्म सिंह मीणा (भागीरथी सर्कल, उत्तराखंड); सुमन शिवशंकर सिवाचार (वोखा, नगालैंड)
सामुदायिक जुड़ावधवन कुमार रावत (पक्के टाइगर रिजर्व, अरुणाचल प्रदेश); गुरहर्ष सिंह (रामपुर, हिमाचल प्रदेश)
तकनीक का सर्वोत्तम उपयोगएन. जयराज (होसुर, तमिलनाडु); रामसुंदर एम. (राजगीर जू सफारी, बिहार)
विशेष जूरी पुरस्कारसविता दहिया (बाड़मेर, राजस्थान); के. कार्तिकेयनी (तंजावुर, तमिलनाडु)

विशेष परियोजना मान्यता प्रोजेक्ट एलिफेंट तथा राजस्थान की ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना को दी गई। विशेष जूरी पुरस्कार की एक प्रशस्ति उस अभियान पर थी जिसमें हाथियों की सुरक्षा मजबूत करते हुए इलाके से 239 अवैध बंदूकें हटाई गईं, और दूसरी ताल छापर घास के मैदान की बहाली पर, जिससे काले हिरण और चिंकारा का आवास बेहतर हुआ।

मंत्री ने क्या कहा

यादव ने कहा कि संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि राष्ट्र की जिम्मेदारी है। उन्होंने भारत के वनों को जल, जलवायु, मिट्टी, जैव विविधता और आजीविका को सहारा देने वाला महत्वपूर्ण पारिस्थितिक ढांचा बताया और जनजातीय तथा वन पर निर्भर समुदायों को संरक्षण का भागीदार कहा। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, चरम मौसम की घटनाओं, जंगल की आग, जल संकट, आवास के विखंडन और आक्रामक प्रजातियों को उभरती चुनौतियां बताया तथा ऐसे भू-दृश्य आधारित दृष्टिकोण पर जोर दिया जो वन, वन्यजीव, कृषि, जल, आजीविका और मानव बस्तियों को एक साथ जोड़े। कॉन्क्लेव में तीन पैनल चर्चाएं हुईं, जिनके विषय थे संरक्षण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक, वन प्रबंधन में कॉरपोरेट की भूमिका, तथा सतत विकास एवं पर्यावरणीय नैतिकता।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनचौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स और इको वॉरियर कॉन्क्लेव
अध्यक्षताकेंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव
आयोजकभारतीय वन सेवा संघ (आईएफएसए) और इंडियन मास्टरमाइंड्स
स्थाननई दिल्ली
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्डबृज किशोर सिंह, आईएफएस 1976 बैच, कर्नाटक कैडर
सम्मानित अधिकारी15 वन अधिकारी
विशेष परियोजना मान्यताप्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना, राजस्थान
कॉन्क्लेव के पैनलसंरक्षण के लिए एआई और तकनीक; वन प्रबंधन में कॉरपोरेट की भूमिका; सतत विकास एवं पर्यावरणीय नैतिकता

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (चौथा), वर्ष (2026), मंत्री (भूपेंद्र यादव), आयोजक (आईएफएसए और इंडियन मास्टरमाइंड्स), स्थान (नई दिल्ली), लाइफटाइम पुरस्कार विजेता (बृज किशोर सिंह, 1976 बैच, कर्नाटक कैडर) और विशेष मान्यता पाने वाली दो परियोजनाएं याद रखें: प्रोजेक्ट एलिफेंट तथा ग्रेट इंडियन बस्टर्ड परियोजना।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स 2026 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड किसे प्रदान किया गया?

  1. A.सुशील कुमार अवस्थी
  2. B.बृज किशोर सिंह
  3. C.भरत लाल
  4. D.अनीता कर्ण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बृज किशोर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है बृज किशोर सिंह। वे कर्नाटक कैडर के 1976 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं, और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने उन्हें वन तथा वन्यजीव संरक्षण में दशकों के योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। इस योगदान में चंदन की तस्करी तथा डाकू वीरप्पन की गतिविधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई भी शामिल रही। विकल्प ए में पर्यावरण मंत्रालय के महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव का नाम है, जो कार्यक्रम में उपस्थित तो थे पर पुरस्कार पाने वाले नहीं थे। विकल्प सी में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व महासचिव का नाम है, जो अतिथियों में शामिल थे। विकल्प डी में भारतीय वन सेवा संघ की अध्यक्ष का नाम है, यानी उस संस्था की प्रमुख जो यह पुरस्कार आयोजित करती है, जो पुरस्कार पाने वाले की भूमिका से अलग है। इसलिए केवल विकल्प बी ही सही है।

Q2.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

इंडियन मास्टरमाइंड्स के साथ मिलकर इको वॉरियर अवॉर्ड्स का आयोजन कौन सा संगठन करता है?

  1. A.भारतीय वन सेवा संघ
  2. B.भारतीय वन्यजीव संस्थान
  3. C.भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण
  4. D.भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय वन सेवा संघ

व्याख्या

सही उत्तर है भारतीय वन सेवा संघ, जिसे आम तौर पर आईएफएसए लिखा जाता है। यही संगठन इंडियन मास्टरमाइंड्स के साथ मिलकर इको वॉरियर अवॉर्ड्स तथा इको वॉरियर कॉन्क्लेव का आयोजन करता है, और इसका चौथा संस्करण नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में हुआ। विकल्प बी यानी भारतीय वन्यजीव संस्थान वन्यजीव क्षेत्र का शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान है, इन पुरस्कारों का आयोजक नहीं। विकल्प सी यानी भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण देश के पादप संसाधनों का सर्वेक्षण करने वाली संस्था है, जिसका दायित्व बिल्कुल अलग है। विकल्प डी वानिकी के लिए अनुसंधान एवं शिक्षा की परिषद है, जो शोध का संचालन और समन्वय करती है, यह पुरस्कार कार्यक्रम नहीं चलाती। परीक्षार्थियों को इको वॉरियर अवॉर्ड्स को आईएफएसए से जोड़कर याद रखना चाहिए।

Q3.पुरस्कार और सम्मानकठिन

इस कार्यक्रम में विशेष परियोजना मान्यता किन दो परियोजनाओं को दी गई?

  1. A.प्रोजेक्ट टाइगर और प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड
  2. B.प्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना
  3. C.प्रोजेक्ट डॉल्फिन और प्रोजेक्ट चीता
  4. D.प्रोजेक्ट क्रोकोडाइल और प्रोजेक्ट हंगुल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना

व्याख्या

सही उत्तर है प्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना। पुरस्कारों के चौथे संस्करण में विशेष परियोजना मान्यता इन्हीं दो प्रयासों को प्रजातियों तथा आवास के संरक्षण में उनके योगदान के लिए दी गई, जिनमें बस्टर्ड से जुड़ी परियोजना राजस्थान में चल रही है। विकल्प ए में दो जानी-मानी संरक्षण योजनाओं के नाम हैं, पर इस विशेष मान्यता की प्राप्तकर्ता वे नहीं थीं। विकल्प सी में इसी क्षेत्र की दो अपेक्षाकृत नई योजनाएं हैं, जिनका उल्लेख यहां नहीं था। विकल्प डी में प्रजाति विशेष से जुड़ी पुरानी योजनाएं हैं, और वे भी इस कार्यक्रम में मान्यता पाने वाली परियोजनाओं में शामिल नहीं थीं। चूंकि कई संरक्षण परियोजनाओं के नाम मिलते-जुलते हैं, इसलिए हर संस्करण में मान्यता पाने वाली सटीक जोड़ी याद रखना उपयोगी होता है, क्योंकि प्रश्न अक्सर ठीक इसी विवरण पर बनते हैं।

Q4.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

इन पुरस्कारों में पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए कितने वन अधिकारियों को सम्मानित किया गया?

  1. A.10
  2. B.12
  3. C.15
  4. D.20
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 15

व्याख्या

सही उत्तर है 15। इको वॉरियर अवॉर्ड्स के चौथे संस्करण में पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए इतने ही वन अधिकारियों को सम्मानित किया गया, और इसके अलावा सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड अलग से दिया गया। ये सम्मान संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन, वन्यजीव सुरक्षा एवं संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक जुड़ाव, तकनीक के सर्वोत्तम उपयोग तथा विशेष जूरी प्रशस्ति जैसी श्रेणियों में बंटे रहे, और हर श्रेणी में दो अधिकारियों को चुना गया। विकल्प ए, बी और डी में दिए गए आंकड़े समारोह में घोषित संख्या से मेल नहीं खाते। परीक्षा के लिहाज से इस संख्या को पुरस्कार के संस्करण और वर्ष के साथ जोड़कर याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न में तीनों विवरण एक ही कथन में मिलाकर पूछे जा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड किसे मिला?

कर्नाटक कैडर के 1976 बैच के आईएफएस अधिकारी बृज किशोर सिंह को। उनके कार्यकाल में चंदन की तस्करी और डाकू वीरप्पन की गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ कर्नाटक में वन सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का काम शामिल रहा।

इको वॉरियर अवॉर्ड्स का आयोजन कौन करता है?

भारतीय वन सेवा संघ, जिसे आईएफएसए कहा जाता है, इंडियन मास्टरमाइंड्स के साथ मिलकर इनका आयोजन करता है। चौथा संस्करण नई दिल्ली में हुआ और इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने की।

विशेष परियोजना मान्यता किन परियोजनाओं को मिली?

प्रोजेक्ट एलिफेंट और राजस्थान की ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना को, प्रजातियों तथा आवास के संरक्षण में उनके योगदान के लिए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS