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GK24

सीएक्यूएम ने एनसीआर के लिए संशोधित ग्रैप अनुसूची मंजूर की

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए संशोधित ग्रैप अनुसूची मंजूर की, जिसके चार चरणों में कुल 48 कार्रवाइयां रखी गई हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सीएक्यूएम ने एनसीआर के लिए संशोधित ग्रैप अनुसूची मंजूर की — GK24 title card

चर्चा में क्यों

सीएक्यूएम की पूर्ण आयोग की 30वीं बैठक ने, अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए संशोधित ग्रैप अनुसूची मंजूर की, जिसमें चार चरणों की कुल 48 कार्रवाइयां तथा वाहन और धूल पर कड़े प्रावधान हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) की संशोधित अनुसूची को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय आयोग की पूर्ण आयोग की 30वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा ने की।

संशोधित अनुसूची का ढांचा

नई अनुसूची में अब कुल 48 कार्रवाइयां हैं। इनका बंटवारा इस प्रकार है, चरण एक में 25, चरण दो में 8, चरण तीन में 10 और चरण चार में 5 कार्रवाइयां। धूल नियंत्रण, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और परिवहन से जुड़े दोहराव वाले निर्देशों को चरण एक में मिला दिया गया है, जिससे एक ही निर्देश दो बार जारी न हो।

चरणकार्रवाइयां
चरण एक25
चरण दो8
चरण तीन10
चरण चार5

पहले लागू होने वाले उपाय

डीजी सेटों तथा बीएस चार और उससे नीचे के मानक वाली बसों के एनसीआर और आसपास के राज्यों से प्रवेश पर रोक को चरण दो से हटाकर चरण एक में ला दिया गया है, अर्थात प्रदूषण की स्थिति में ये उपाय अब जल्दी लागू होंगे। चरण तीन में गड्ढों की मरम्मत की छोटी छूट दी गई है।

वाहन प्रतिबंध सोनीपत तक

बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल या उससे पुराने हल्के मोटर वाहनों के संचालन पर रोक अब सोनीपत में भी लागू होगी, जो गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे अधिक वाहन घनत्व वाले जिलों के अतिरिक्त है। आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले पुराने मानक के मालवाहक वाहनों को चरण तीन और चरण चार में मिलने वाली छूट वापस ले ली गई है। दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस चार और उससे नीचे के डीजल मालवाहक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक को चरण तीन के अंतर्गत स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। हर चरण का नागरिक चार्टर नए क्या करें और क्या न करें के साथ बदला गया है।

निर्माण धूल और प्रवर्तन

निर्माण एवं विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण की वेब पोर्टल आधारित निगरानी का दायरा नगरपालिका सीमा से बाहर, नियंत्रित क्षेत्रों, विकास एवं औद्योगिक क्षेत्रों तथा राजमार्ग गलियारा क्षेत्रों की परियोजनाओं तक बढ़ाया गया है। भूखंड का 500 वर्ग मीटर का मानदंड यथावत है। आयोग ने यह भी संज्ञान लिया कि दो पूर्णकालिक तकनीकी सदस्यों, श्री मुकेश शर्मा और श्री त्रिलोक सिंह पंवार, की नियुक्ति तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक के लिए स्वीकृत हुई है। आयोग के प्रवर्तन कार्य बल ने 1,831 उल्लंघनकर्ता इकाइयों को बंदी आदेश जारी किए थे, जिनमें से 1,479 को अनुपालन के बाद पुनः संचालन के लिए विचारित किया गया और 126 मामले राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को भेजे गए।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थाराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
अध्यक्षश्री राजेश वर्मा
बैठकपूर्ण आयोग की 30वीं बैठक
संशोधित ग्रैप में कुल कार्रवाइयां48
चरणवार कार्रवाइयांचरण एक 25, चरण दो 8, चरण तीन 10, चरण चार 5
हल्के वाहन रोक में नया जिलासोनीपत
निर्माण भूखंड मानदंड500 वर्ग मीटर, अपरिवर्तित
नए तकनीकी सदस्यश्री मुकेश शर्मा और श्री त्रिलोक सिंह पंवार

परीक्षा की दृष्टि से

संस्था सीएक्यूएम, अध्यक्ष राजेश वर्मा, बैठक संख्या 30वीं, कुल कार्रवाइयां 48 और चरणवार बंटवारा, हल्के वाहन प्रतिबंध में जोड़ा गया जिला सोनीपत, निर्माण भूखंड का अपरिवर्तित मानदंड 500 वर्ग मीटर तथा दोनों नए तकनीकी सदस्य याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

सीएक्यूएम द्वारा मंजूर संशोधित श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना की अनुसूची में कुल कितनी कार्रवाइयां हैं?

  1. A.36
  2. B.42
  3. C.48
  4. D.54
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 48

व्याख्या

सही उत्तर 48 है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा मंजूर संशोधित ग्रैप अनुसूची में चरण एक की 25, चरण दो की 8, चरण तीन की 10 और चरण चार की 5 कार्रवाइयां हैं, जिनका योग 48 होता है। दोहराव घटाने के लिए धूल नियंत्रण, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और परिवहन से जुड़े बार बार आने वाले निर्देशों को चरण एक में मिला दिया गया। विकल्प क, ख और घ में दिए गए योग चरणवार आंकड़ों से मेल नहीं खाते, चारों चरणों को जोड़कर 36, 42 या 54 नहीं आता, इसलिए ये तीनों गलत हैं। अभ्यर्थियों को कुल संख्या और चरणवार बंटवारा दोनों याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न किसी एक चरण की संख्या पर भी पूछा जा सकता है। यह अनुसूची आयोग की पूर्ण आयोग वाली बैठक में मंजूर हुई थी, जिसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष ने की थी।

Q2.पर्यावरणमध्यम

बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल या पुराने हल्के मोटर वाहनों के संचालन पर रोक में नया कौन सा जिला जोड़ा गया है?

  1. A.सोनीपत
  2. B.पानीपत
  3. C.मेरठ
  4. D.अलवर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सोनीपत

व्याख्या

सही उत्तर सोनीपत है। संशोधित अनुसूची के अंतर्गत बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल या उससे पुराने चारपहिया वाहनों के चलने पर रोक सोनीपत तक बढ़ा दी गई है, जो उन अधिक वाहन घनत्व वाले जिलों के अतिरिक्त है जहां यह पहले से लागू थी, अर्थात गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर। विकल्प ख, पानीपत, हरियाणा का जिला है परंतु इस विस्तार में उसका नाम नहीं है। विकल्प ग, मेरठ, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के उत्तर प्रदेश हिस्से में है, फिर भी इस विशेष रोक के नए दायरे में शामिल नहीं है। विकल्प घ, अलवर, राजस्थान में है और वह भी नहीं जोड़ा गया। अभ्यर्थियों को वे चार जिले भी याद रखने चाहिए जहां यह रोक पहले से लागू थी, क्योंकि प्रश्न उलटकर भी पूछा जा सकता है। नए क्षेत्र के रूप में केवल सोनीपत का नाम लिया गया, इसलिए विकल्प क सही है।

Q3.पर्यावरणकठिन

संशोधित ग्रैप अनुसूची में डीजी सेट और बीएस चार या पुरानी बसों के प्रवेश पर रोक को किस चरण में स्थानांतरित किया गया है?

  1. A.चरण एक
  2. B.चरण दो
  3. C.चरण तीन
  4. D.चरण चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चरण एक

व्याख्या

सही उत्तर चरण एक है। आयोग ने डीजी सेटों तथा एनसीआर और आसपास के राज्यों से आने वाली बीएस चार और उससे नीचे के मानक की बसों के प्रवेश से जुड़ी कार्रवाइयों को चरण दो से निकालकर चरण एक में रखा है। चूंकि ग्रैप के चरण वायु गुणवत्ता बिगड़ने के साथ क्रम से लागू होते हैं, किसी उपाय को चरण एक में लाने का अर्थ है कि वह प्रदूषण की कम गंभीर स्थिति में ही लागू हो जाएगा, जिससे प्रतिक्रिया कड़ी होती है। विकल्प ख वह स्थान है जहां ये कार्रवाइयां पहले थीं, इसलिए वह पुरानी स्थिति है, नई नहीं। विकल्प ग और घ, चरण तीन और चरण चार, गंभीर श्रेणियों से संबंधित हैं और वहां इन्हें नहीं रखा गया। इसलिए विकल्प क सही है।

Q4.पर्यावरणमध्यम

एनसीआर में निर्माण एवं विध्वंस स्थलों की वेब पोर्टल निगरानी के लिए भूखंड क्षेत्र का कौन सा मानदंड यथावत रखा गया है?

  1. A.100 वर्ग मीटर
  2. B.250 वर्ग मीटर
  3. C.500 वर्ग मीटर
  4. D.1000 वर्ग मीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 वर्ग मीटर

व्याख्या

सही उत्तर 500 वर्ग मीटर है। धूल नियंत्रण उपायों की वेब पोर्टल आधारित पंजीकरण और निगरानी व्यवस्था को नगरपालिका सीमा से बाहर, नियंत्रित क्षेत्रों, विकास तथा औद्योगिक विकास क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और राजमार्ग गलियारा क्षेत्रों की निर्माण एवं विध्वंस परियोजनाओं तक बढ़ाने वाले संशोधन को मंजूरी देते समय आयोग ने भूखंड क्षेत्र का मौजूदा मानदंड 500 वर्ग मीटर तथा अन्य मौजूदा शर्तें अपरिवर्तित रखीं। विकल्प क और ख छोटे मानदंड बताते हैं, जिनसे बहुत अधिक स्थल दायरे में आ जाते, और विकल्प घ बड़ा मानदंड बताता है, जिससे कई परियोजनाएं बाहर रह जातीं, परंतु इनमें से कोई अपनाया नहीं गया। याद रखने की बात यह है कि भौगोलिक दायरा बढ़ा, आकार का मानदंड वही रहा। आयोग ने राजमार्ग गलियारा क्षेत्रों तथा औद्योगिक विकास क्षेत्रों की परियोजनाओं को भी इसी निगरानी व्यवस्था में शामिल किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर की संशोधित ग्रैप अनुसूची में कुल कितनी कार्रवाइयां हैं?

कुल 48, जो चरण एक में 25, चरण दो में 8, चरण तीन में 10 और चरण चार में 5 के रूप में बंटी हैं। यह अनुसूची सीएक्यूएम की पूर्ण आयोग की 30वीं बैठक में मंजूर हुई।

पुराने हल्के मोटर वाहनों पर रोक में कौन सा जिला जोड़ा गया है?

सोनीपत। बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल या उससे पुराने चारपहिया वाहनों पर यह रोक गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में पहले से लागू थी।

सीएक्यूएम के अध्यक्ष कौन हैं?

श्री राजेश वर्मा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष हैं और उन्होंने ही उस 30वीं पूर्ण आयोग बैठक की अध्यक्षता की जिसमें संशोधित अनुसूची मंजूर हुई।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS