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नीरू धांडा ने एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीता

निशानेबाज नीरू धांडा एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई दी है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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नीरू धांडा ने एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीता — GK24 title card

चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने निशानेबाज नीरू धांडा को एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर बधाई दी।

भारतीय निशानेबाज नीरू धांडा ने एशियाई खेलों की महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस महाद्वीपीय खेल आयोजन की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली वे पहली भारतीय महिला हैं।

यह पदक ऐतिहासिक क्यों है

ट्रैप निशानेबाजी की वह विधा है जिसमें प्रतिस्पर्धी को फायरिंग स्थल से दूर फेंके जा रहे मिट्टी के लक्ष्यों पर निशाना लगाना होता है। इसमें पल भर में सटीक निशाना साधना और लंबी शृंखला तक धैर्य बनाए रखना निर्णायक होता है। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में इससे पहले किसी भारतीय महिला ने व्यक्तिगत स्वर्ण नहीं जीता था, इसलिए धांडा की यह उपलब्धि शॉटगन निशानेबाजी में देश के लिए नया अध्याय खोलती है।

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि पर निशानेबाज को बधाई दी। उन्होंने उनकी असाधारण सटीकता और संयम की सराहना करते हुए कहा कि इस जीत ने देश को गौरव से भर दिया है और भारत को जश्न मनाने का ऐतिहासिक क्षण दिया है। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि यह उपलब्धि और भी अधिक युवा खिलाड़ियों को निशानेबाजी अपनाने तथा सर्वोच्च सम्मान के लिए प्रयास करने को प्रेरित करेगी।

भारतीय निशानेबाजी के लिए महत्व

एशियाई खेलों में निशानेबाजी भारत की सबसे भरोसेमंद पदक विधाओं में रही है, लेकिन महिला ट्रैप का खिताब अब तक दूर था। इस स्पर्धा का स्वर्ण बताता है कि भारतीय महिला निशानेबाज अब केवल राइफल और पिस्टल तक सीमित नहीं, बल्कि शॉटगन स्पर्धाओं में भी प्रतिस्पर्धी हैं। परीक्षा की दृष्टि से यह पदक तीन कारणों से महत्वपूर्ण है, यह स्वर्ण है, व्यक्तिगत है और किसी भारतीय महिला के लिए पहला है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • खिलाड़ी, नीरू धांडा, निशानेबाजी
  • स्पर्धा, महिला ट्रैप, एशियाई खेल
  • विशेषता, एशियाई खेलों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला
  • प्रधानमंत्री ने जिन गुणों को रेखांकित किया, सटीकता और संयम

महत्वपूर्ण तथ्य

खिलाड़ीनीरू धांडा
खेलनिशानेबाजी
स्पर्धामहिला ट्रैप, व्यक्तिगत
आयोजनएशियाई खेल
रिकॉर्डएशियाई खेलों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला
बधाईप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
एशियाई खेल 2026: भारत की पूरी पदक तालिका और सभी विजेताओं की सूची देखें

परीक्षा की दृष्टि से

नीरू धांडा का नाम, उनकी विधा निशानेबाजी, स्पर्धा महिला ट्रैप, आयोजन एशियाई खेल और रिकॉर्ड का स्वरूप याद रखें, वे यहां व्यक्तिगत ट्रैप स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.खेलआसान

एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन बनीं?

  1. A.मनु भाकर
  2. B.नीरू धांडा
  3. C.राही सरनोबत
  4. D.श्रेयसी सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नीरू धांडा

व्याख्या

सही उत्तर नीरू धांडा है। वे एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनकी असाधारण सटीकता और संयम की सराहना की और कहा कि इस जीत ने देश को गौरव से भर दिया है तथा भारत को जश्न मनाने का ऐतिहासिक अवसर दिया है। विकल्प क, मनु भाकर, पिस्टल निशानेबाज हैं और इस ट्रैप स्वर्ण से उनका संबंध नहीं है। विकल्प ग, राही सरनोबत, भी पिस्टल स्पर्धाओं में भाग लेती हैं, इसलिए वे भी इस रिकॉर्ड से नहीं जुड़ी हैं। विकल्प घ, श्रेयसी सिंह, शॉटगन निशानेबाज हैं, जिससे यह विकल्प संभावित लगता है, परंतु इस विशेष स्वर्ण की विजेता वे नहीं हैं। इसलिए केवल विकल्प ख सही है।

Q2.खेलआसान

नीरू धांडा का ऐतिहासिक एशियाई खेल स्वर्ण पदक किस खेल विधा में आया?

  1. A.तीरंदाजी
  2. B.एथलेटिक्स
  3. C.निशानेबाजी
  4. D.कुश्ती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. निशानेबाजी

व्याख्या

सही उत्तर निशानेबाजी है। नीरू धांडा ने जिस ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीता, वह निशानेबाजी की एक विधा है। इसमें प्रतिस्पर्धी शॉटगन से उन मिट्टी के लक्ष्यों पर निशाना लगाता है जिन्हें फायरिंग स्थल से दूर फेंका जाता है, इसलिए परिणाम हर शॉट पर सटीकता और संयम पर निर्भर करता है। प्रधानमंत्री ने बधाई देते हुए यह आशा जताई कि यह उपलब्धि अधिक युवा खिलाड़ियों को निशानेबाजी अपनाने के लिए प्रेरित करेगी, जिससे विधा की पुष्टि होती है। विकल्प क, तीरंदाजी, धनुष बाण का खेल है और पूर्णतः भिन्न है। विकल्प ख, एथलेटिक्स, में दौड़, कूद और फेंक की स्पर्धाएं आती हैं, ट्रैप नहीं। विकल्प घ, कुश्ती, एक मुकाबला खेल है। इसलिए विकल्प ग ही सही विधा बताता है। ट्रैप में प्रतिस्पर्धी को सीमित समय में कई तेज लक्ष्य भेदने होते हैं, इसलिए इसे विशुद्ध रूप से सटीकता और धैर्य की स्पर्धा माना जाता है।

Q3.खेलमध्यम

एशियाई खेलों के ट्रैप स्वर्ण पर बधाई देते समय प्रधानमंत्री ने निशानेबाज के किन दो गुणों को रेखांकित किया?

  1. A.गति और सहनशक्ति
  2. B.सटीकता और संयम
  3. C.शक्ति और लचीलापन
  4. D.अनुशासन और आहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सटीकता और संयम

व्याख्या

सही उत्तर सटीकता और संयम है। अपने बधाई संदेश में प्रधानमंत्री ने निशानेबाज की असाधारण सटीकता और उनके संयम की सराहना की, कहा कि इस उपलब्धि ने देश को गौरव से भर दिया है और यह भी जोड़ा कि यह अधिक युवा खिलाड़ियों को निशानेबाजी अपनाने तथा सर्वोच्च सम्मान के लिए प्रयास करने को प्रेरित करेगी। ट्रैप में ये दोनों गुण निर्णायक होते हैं, क्योंकि निशानेबाज को तेज गति से उड़ते लक्ष्यों को भेदना होता है और लंबी शृंखला तक धैर्य बनाए रखना होता है। विकल्प क, गति और सहनशक्ति, सहनशीलता वाले खेलों का वर्णन है। विकल्प ग, शक्ति और लचीलापन, जिमनास्टिक या भारोत्तोलन पर लागू होता। विकल्प घ, अनुशासन और आहार, इस संदेश में उल्लिखित जोड़ी नहीं थी। इसलिए विकल्प ख सही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियाई खेलों की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन बनीं?

नीरू धांडा। प्रधानमंत्री ने इस जीत को भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया और उनकी सटीकता तथा संयम की सराहना की।

नीरू धांडा किस खेल से जुड़ी हैं?

निशानेबाजी से। ट्रैप एक शॉटगन स्पर्धा है जिसमें निशानेबाज फायरिंग स्थल से दूर फेंके जाने वाले मिट्टी के लक्ष्यों पर निशाना लगाता है और इसमें लंबी शृंखला तक सटीकता व संयम की परीक्षा होती है।

स्रोत

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