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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: NDA · 10 April 2022

निम्नलिखित में से किस समूह को 'पादप जगत के उभयचर' कहा जाता है?

  1. A.ब्रायोफाइटा
  2. B.थैलोफाइटा
  3. C.टेरिडोफाइटा
  4. D.जिम्नोस्पर्म

सही उत्तर

A. ब्रायोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है A, ब्रायोफाइटा। ब्रायोफाइट पौधे जमीन पर उगते हैं, पर उनके प्रजनन के लिए पानी जरूरी रहता है, इसीलिए इन्हें पादप जगत का उभयचर कहते हैं। मॉस, लिवरवर्ट और हॉर्नवर्ट इसी समूह में आते हैं। ये नम और छायादार जगहों पर उगते हैं, इनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती तथा संवहन ऊतक भी नहीं होता, इसलिए पानी साधारण अवशोषण से ही भीतर जाता है। इनके नर युग्मक पानी की पतली परत में तैरकर अंडाणु तक पहुँचते हैं, जैसे मेंढक तालाब से बँधा रहता है वैसे ही ये नमी से बँधे रहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि थैलोफाइटा शैवाल हैं, जो अधिकतर पानी में ही रहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न पहले पौधे हैं जिनमें असली संवहन ऊतक, जाइलम और फ्लोएम मिलते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि चीड़ और साइकस जैसे जिम्नोस्पर्म नग्न बीज बनाते हैं और परागकण का प्रयोग करते हैं। परीक्षा टिप: ब्रायोफाइटा उभयचर, टेरिडोफाइटा पहले संवहनी पौधे और जिम्नोस्पर्म पहले बीजधारी पौधे हैं।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Dec 2018, Shift 2आसान

मानव शरीर में निषेचन की प्रक्रिया कहाँ होती है?

  1. A.गर्भाशय
  2. B.फैलोपियन ट्यूब
  3. C.अंडाशय
  4. D.योनि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फैलोपियन ट्यूब

व्याख्या

सही उत्तर है B, फैलोपियन ट्यूब। मनुष्य में शुक्राणु और अंडाणु का मिलन फैलोपियन ट्यूब यानी अंडवाहिनी के भीतर होता है।

अंडाशय महीने में एक अंडाणु छोड़ता है और फैलोपियन ट्यूब का कीप जैसा मुँह उसे ग्रहण कर लेता है। शुक्राणु योनि से गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय से गुजरकर इसी नली तक तैरते हैं, और निषेचन प्रायः नली के चौड़े ऊपरी भाग में होता है। निषेचित अंडाणु अब युग्मनज कहलाता है और नली की भित्ति उसे आगे बढ़ाती है, इस बीच वह विभाजित होता रहता है। कुछ दिनों में यह कोशिकाओं के गोले के रूप में गर्भाशय पहुँचता है, उसकी मोटी भित्ति में धँस जाता है और प्लेसेंटा की सहायता से वहीं विकसित होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय में निषेचन के बाद भ्रूण रोपित होकर विकसित होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अंडाशय केवल अंडाणु बनाता और छोड़ता है। विकल्प D गलत है क्योंकि योनि वह मार्ग है जिससे शुक्राणु प्रवेश करते हैं।

परीक्षा टिप: अंडाणु अंडाशय में बनता है, निषेचन फैलोपियन ट्यूब में होता है, विकास गर्भाशय में होता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 3 Oct 2018, Shift 2आसान

हाइड्रा, स्टारफिश और प्लेनेरिया में होता है:

  1. A.बीजाणु समासंघ
  2. B.पुनर्जनन
  3. C.मुकुलन
  4. D.खंडन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुनर्जनन

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुनर्जनन। हाइड्रा, स्टारफिश और प्लेनेरिया अपने कटे या खोए हुए भाग से पूरा जीव बना लेते हैं और इस क्षमता को पुनर्जनन कहा जाता है।

पुनर्जनन इसलिए संभव होता है कि इन जीवों में बड़ी संख्या में अविभेदित कोशिकाएँ रहती हैं, जो विभाजित होकर किसी भी प्रकार के ऊतक में बदल सकती हैं। प्लेनेरिया को कई टुकड़ों में काटा जाए तो हर टुकड़े से पूरा कृमि बन जाता है, स्टारफिश नई भुजा उगा लेती है और भुजा तथा केंद्रीय डिस्क के अंश से अपना पूरा शरीर बना सकती है, और हाइड्रा का टुकड़ा अपना मुँह तथा स्पर्शक बना लेता है। यह इनका सामान्य प्रजनन नहीं, बल्कि मरम्मत की शक्ति है जिससे नए जीव भी बन सकते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि बीजाणु बनना राइजोपस जैसे कवकों में होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मुकुलन हाइड्रा और यीस्ट में होता है, स्टारफिश या प्लेनेरिया में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि खंडन स्पाइरोगायरा जैसे तंतुमय शैवालों में होता है।

परीक्षा टिप: पुनर्जनन हाइड्रा, प्लेनेरिया, स्टारफिश में; मुकुलन हाइड्रा और यीस्ट में; खंडन स्पाइरोगायरा में; बीजाणु राइजोपस में।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 11 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसका उत्पादन पुनर्जनन और मुकुलन द्वारा किया जा सकता है?

  1. A.प्लेनेरिया
  2. B.हाइड्रा
  3. C.अमीबा
  4. D.यीस्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हाइड्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, हाइड्रा। दिए गए विकल्पों में हाइड्रा ही ऐसा जीव है जो मुकुलन और पुनर्जनन, दोनों से प्रजनन करता है।

मुकुलन में जनक हाइड्रा की देहभित्ति पर एक उभार बनता है, उसमें मुँह और स्पर्शक विकसित होते हैं और फिर वह टूटकर एक छोटा स्वतंत्र हाइड्रा बन जाता है। पुनर्जनन में शरीर से कटा हुआ टुकड़ा अपने शेष भाग फिर से बना लेता है और पूरा जीव बन जाता है, क्योंकि हाइड्रा में ऐसी अविभेदित कोशिकाएँ बड़ी संख्या में रहती हैं जो किसी भी ऊतक में बदल सकती हैं। ये दोनों अलैंगिक प्रजनन के रूप हैं, इसलिए संतान जनक की नकल होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि प्लेनेरिया केवल पुनर्जनन का उदाहरण है, उसमें मुकुलन नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि अमीबा द्विविभाजन से दो भागों में बँटता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यीस्ट केवल मुकुलन करता है और वह जंतु नहीं, कवक है।

परीक्षा टिप: हाइड्रा में मुकुलन और पुनर्जनन, प्लेनेरिया में पुनर्जनन, अमीबा में द्विविभाजन, प्लाज्मोडियम में बहुविभाजन।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Dec 2018, Shift 1मध्यम

कोलेनकाइमा ऊतक की कोशिका भित्तियाँ _____ के निक्षेपण के कारण मोटी हो जाती हैं।

  1. A.सेलुलोज और पेक्टिन
  2. B.लिग्निन और क्यूटिन
  3. C.पेक्टिन और काइटिन
  4. D.सुबेरिन और सेलुलोज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सेलुलोज और पेक्टिन

व्याख्या

सही उत्तर है A, सेलुलोज और पेक्टिन। कोलेनकाइमा की कोशिकाएँ अपनी भित्ति के कोनों पर अतिरिक्त सेलुलोज और पेक्टिन जमा करती हैं, जिससे यह ऊतक मजबूत होते हुए भी लचीला रहता है।

कोलेनकाइमा पौधों का एक सरल स्थायी ऊतक है, जो द्विबीजपत्री पौधों के तने और पर्णवृंत में बाह्यत्वचा के ठीक नीचे तथा पत्ती की मध्य शिरा में मिलता है। इसकी कोशिकाएँ जीवित और लंबी होती हैं, कोनों पर असमान रूप से मोटी होती हैं और उनके बीच लगभग कोई स्थान नहीं होता। यही असमान मोटाई कोमल तने या पर्णवृंत को हवा में टूटे बिना झुकने देती है और आरोही तनों को लिपटने योग्य बनाती है।

विकल्प B गलत है क्योंकि लिग्निन दृढ़ोतक की भित्ति मोटी करता है और क्यूटिन बाह्यत्वचा को जलरोधी बनाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि काइटिन कवक की भित्ति और कीटों के कंकाल में होता है, पादप ऊतक में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुबेरिन कॉर्क कोशिकाओं में जमा होता है।

परीक्षा टिप: मृदूतक में पतली सेलुलोज भित्ति, कोलेनकाइमा में कोनों पर सेलुलोज और पेक्टिन तथा लचीलापन, दृढ़ोतक में लिग्निन, मृत और कठोर।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2018, Shift 2मध्यम

एक पौधा जो कायिक प्रवर्धन द्वारा नहीं उगाया जाता है, वह ________ है।

  1. A.गुलाब
  2. B.पपीता
  3. C.केला
  4. D.संतरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है B, पपीता। पपीता बीज से उगाया जाता है, इसलिए बाकी तीन पौधों की तरह इसका कायिक प्रवर्धन नहीं किया जाता।

कायिक प्रवर्धन का अर्थ है बीज के बिना, जनक पौधे के किसी कायिक भाग जैसे तना, जड़, पत्ती या कली से नया पौधा तैयार करना। बीज न होने के कारण नया पौधा जनक की हूबहू नकल होता है और फल भी जल्दी देता है। पपीते में भरपूर जीवित बीज बनते हैं और उसका मुलायम, बिना शाखा वाला तना कलम से जड़ नहीं पकड़ता, इसलिए नर्सरी में बीज ही बोया जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गुलाब तना कलम से उगाए जाने का सबसे जाना-पहचाना उदाहरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि केला भूमिगत तने से निकले अंतर्भूस्तारी से उगाया जाता है, उसके बीज बंध्य होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि संतरा और अन्य नींबू वंश के पौधे मूलवृंत पर कलिकायन और रोपण से बढ़ाए जाते हैं।

परीक्षा टिप: कलम से गुलाब और गन्ना, अंतर्भूस्तारी से केला, रोपण और कलिकायन से नींबू वंश तथा आम, और बीज से पपीता।