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GK24

13 अक्टूबर 2026 करेंट अफेयर्स: मुख्य समाचार और MCQ

4 अपडेट· 50 MCQअंतिम अपडेट

13 अक्टूबर 2026 के करेंट अफेयर्स में 4 प्रमुख समाचार और 12 अभ्यास प्रश्न शामिल हैं। इस अंक में सरकारी योजनाएं, शिखर सम्मेलन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विषय शामिल हैं। सभी तथ्य आधिकारिक सरकारी विज्ञप्तियों से लिए गए हैं और प्रत्येक लेख में उसका स्रोत दिया गया है। एसएससी, बैंकिंग, यूपीएससी, रेलवे और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी नीचे दिए गए वन-लाइनर्स से दिन भर के महत्वपूर्ण बिंदु तेज़ी से दोहरा सकते हैं।

आज का क्विज12 प्रश्न · 12 मिनटक्विज शुरू करें

मुख्य समाचार

  1. अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम से 590 विद्यार्थी पूर्वोत्तर पहुंचे
  2. खादी बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये पर
  3. ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में आयोजित
  4. भाषिणी ने एनसीजीजी मसूरी कार्यक्रम में किया सजीव अनुवाद

वन-लाइनर करेंट अफेयर्स

  • पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के तहत एक वर्ष में 590 से अधिक विद्यार्थी पूर्वोत्तर भारत की यात्रा कर चुके हैं।
  • यह कार्यक्रम डोनर मंत्रालय चलाता है और यह युवाओं के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा अनुभव आधारित पहल है।
  • संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मिजोरम के दो दिवसीय दौरे में मिजोरम विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया।
  • मंत्री जिन विद्यार्थियों से मिले, वे कार्यक्रम के तहत गोवा और चंडीगढ़ से पूर्वोत्तर आए थे।
  • अष्टलक्ष्मी का आशय पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से है और मंत्रालय इस पहल को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ता है।
  • खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये रही, जो 2013-14 से 501 प्रतिशत अधिक है; उत्पादन 380 प्रतिशत बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये हुआ।
  • क्षेत्र में रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया और खादी के लगभग पांच लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।
  • कारीगर का पारिश्रमिक 2013-14 के 4 रुपये प्रति लच्छी से बढ़कर 15 रुपये प्रति लच्छी हुआ, यानी लगभग 275 प्रतिशत; एक लच्छी 840 गज सूत और एक पाउंड के बराबर है।
  • केवीआईसी खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956 के तहत वैधानिक निकाय है; पीएमईजीपी ने इसके जरिए मार्च 2008 से करीब 97.95 लाख लोगों को रोजगार दिया।
  • खादी महोत्सव हर साल 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलता है; ग्रामोद्योग विकास योजना से 2025-26 में 37,769 मशीनें और टूलकिट बांटे गए।
  • ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में आयोजित हुआ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इसे संबोधित किया।
  • प्रधानमंत्री ने पावर टू एम्पावर का विचार रखा, यानी शक्ति का उपयोग नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को सक्षम बनाने और सहयोग के लिए हो।
  • देश में स्टार्टअप 2014 से पहले के कुछ सौ से बढ़कर ढाई लाख से अधिक हो गए, करीब आधे छोटे शहरों से हैं और 45 प्रतिशत से अधिक में एक महिला निदेशक या भागीदार है।
  • पेरिस समझौते के 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य को भारत ने नवंबर 2021 में ही, नौ साल पहले हासिल किया और ऐसा करने वाला पहला जी20 देश बना।
  • अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत, पिछले साल चालू खाता घाटा 0.61 प्रतिशत और विदेशी मुद्रा भंडार सात सौ अरब डॉलर से अधिक रहा।
  • भाषिणी के श्रुतलेख मंच ने मसूरी में कई देशों के सिविल सेवकों के एनसीजीजी क्षमता निर्माण कार्यक्रम में अंग्रेजी और स्पेनिश के बीच दोनों दिशाओं का सजीव अनुवाद किया।
  • शहरी सेवा वितरण पर यह कार्यक्रम 12 से 23 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है, विदेश मंत्रालय इसे प्रायोजित करता है और डीएआरपीजी के अधीन एनसीजीजी इसे आईटीईसी के तहत आयोजित करता है।
  • प्रतिभागी पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फलस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन सहित कई देशों से आए हैं।
  • डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन में काम करता है।
  • भाषिणी की तकनीक 2,353 सरकारी मंचों में जुड़ी है, जिनमें 800 से अधिक वेबसाइटें हैं; यह 36 भारतीय भाषाओं को लिखित, 23 को वाणी और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सहयोग देती है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

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सरकारी योजनाएं

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शिखर सम्मेलन

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आज के MCQ

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2026, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. प्रतिनिधित्व की फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली में चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी को ज़रूरी नहीं कि बहुमत मत मिलें 2. प्रतिनिधित्व की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी को बहुमत मत मिलते हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट में प्रत्याशी को बस बाकी सभी से अधिक मत चाहिए, बहुमत नहीं; और आनुपातिक प्रतिनिधित्व में भी विजेता के लिए बहुमत ज़रूरी नहीं होता।

फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट यानी सरल बहुलता प्रणाली भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपनाई जाती है। इसमें सबसे अधिक मत पाने वाला प्रत्याशी जीतता है। कई प्रत्याशी हों तो विजेता को अक्सर डाले गए मतों के आधे से काफी कम मत मिलते हैं, इसलिए कथन 1 सही है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व में सीटें मतों के अनुपात में बँटती हैं, या एकल संक्रमणीय मत में प्रत्याशी एक कोटा पार करके जीतता है, जैसे राज्यसभा और राष्ट्रपति चुनाव में। यह कोटा सामान्यतः बहुमत से बहुत कम होता है, इसलिए कथन 2 गलत है।

B गलत है: कथन 2 गलत है, क्योंकि आनुपातिक प्रणाली मतों के हिस्से या कोटे पर चलती है, बहुमत पर नहीं।

C गलत है: केवल कथन 1 सही है।

D गलत है: कथन 1 बहुलता मतदान का सही वर्णन करता है।

परीक्षा टिप: FPTP = सबसे अधिक मत वाला जीतता है; एकल संक्रमणीय मत वाली आनुपातिक प्रणाली = राज्यसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKआसान

एक विश्व शतरंज चैंपियन के बाल घुंघराले हैं, कान की लोलकियाँ जुड़ी हुई हैं और चेहरे पर झाइयाँ (फ्रेकल्स) हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षण उसकी संतानों में जाने की संभावना नहीं है?

  1. A.शतरंज का कौशल
  2. B.घुंघराले बाल
  3. C.जुड़ी हुई कान की लोलकियाँ
  4. D.झाइयाँ (फ्रेकल्स)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शतरंज का कौशल

व्याख्या

सही उत्तर है A, शतरंज का कौशल। शतरंज का कौशल सीखने और अभ्यास से मिला उपार्जित लक्षण है, और उपार्जित लक्षण जीनों के ज़रिए आगे नहीं जाते।

अगली पीढ़ी तक केवल वे वंशागत लक्षण पहुँचते हैं जो जनन कोशिकाओं के DNA में दर्ज होते हैं। कौशल, ज्ञान, कसरत से बना शरीर या चोट का निशान किसी व्यक्ति की शरीर कोशिकाओं को बदलते हैं, पर शुक्राणु या अंडाणु के जीन वैसे ही रहते हैं, इसलिए संतान को ये नहीं मिलते। इसी कारण लैमार्क का उपार्जित लक्षणों की वंशागति का विचार अस्वीकार हुआ और वाइज़मैन का जननद्रव्य सिद्धांत माना गया। बालों की बनावट, लोलकी का प्रकार और झाइयाँ जीन तय करते हैं।

B गलत है: घुंघराले बाल आनुवंशिक लक्षण है, जो संतान में जा सकता है।

C गलत है: जुड़ी या मुक्त लोलकी आनुवंशिकी का जाना-माना वंशागत लक्षण है।

D गलत है: झाइयाँ मुख्यतः जीनों से तय होती हैं और परिवारों में चलती हैं।

परीक्षा टिप: उपार्जित लक्षण (कौशल, मांसपेशियाँ, चोट) वंशागत नहीं होते; आनुवंशिक लक्षण (आँखों का रंग, लोलकी, बालों का प्रकार) होते हैं।

Q3.पुरस्कार और सम्मानपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सी. राजगोपालाचारी भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति थे। 2. पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 'एकात्म मानववाद' की अवधारणा प्रस्तुत की। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। 1954 के पहले भारत रत्न सम्मानितों में सी. राजगोपालाचारी का नाम पहले आता है, और एकात्म मानववाद का दर्शन दीनदयाल उपाध्याय ने दिया।

भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न 1954 में शुरू हुआ। उस वर्ष पहले तीन सम्मानित थे भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी, दार्शनिक सर्वपल्ली राधाकृष्णन और भौतिकविद सी. वी. रमन; सूची में राजगोपालाचारी का नाम सबसे पहले है। भारतीय जनसंघ के नेता दीनदयाल उपाध्याय ने 1965 में व्याख्यानों की एक श्रृंखला में एकात्म मानववाद प्रस्तुत किया। यह व्यक्ति, समाज और प्रकृति को एक पूरी इकाई मानता है और पूँजीवाद तथा साम्यवाद दोनों का भारतीय विकल्प रखता है।

A गलत है: कथन 2 भी सही है।

B गलत है: कथन 1 भी सही है।

D गलत है: दोनों कथन सही हैं।

परीक्षा टिप: भारत रत्न 1954 = राजगोपालाचारी, राधाकृष्णन, सी. वी. रमन; एकात्म मानववाद = दीनदयाल उपाध्याय, 1965।

Q4.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-I 2025, GKआसान

निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर मेघ की पहचान कीजिए: I. ये रुई के ढेर जैसे दिखते हैं। II. ये टुकड़ों में पाए जाते हैं और इनका आधार सपाट होता है। III. ये सामान्यतः 4 से 7 किमी की ऊँचाई पर बनते हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.पक्षाभ (सिरस)
  2. B.कपासी (क्यूमुलस)
  3. C.वर्षा मेघ (निम्बस)
  4. D.स्तरी (स्ट्रेटस)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कपासी (क्यूमुलस)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कपासी (क्यूमुलस)। कपासी मेघ रुई के ढेर जैसे दिखते हैं, बिखरे टुकड़ों में मिलते हैं, इनका आधार सपाट होता है और ये प्रायः 4 से 7 किमी की ऊँचाई पर बनते हैं।

आकार और ऊँचाई के आधार पर मेघों के चार मूल रूप हैं: पक्षाभ, कपासी, स्तरी और वर्षा मेघ। कपासी मेघ तब बनते हैं जब गर्म हवा संवहन से ऊपर उठती है; इसलिए ये ऊपर की ओर फूले, गोल शीर्ष वाले होते हैं, जबकि इनका आधार उस स्तर पर सपाट रहता है जहाँ उठती हवा संघनित होती है। साफ़ गर्मी के दिनों में ये आम दिखते हैं। लगातार बढ़ने पर कपासी मेघ ऊँचे कपासी-वर्षा मेघ में बदलकर गरज-तूफान ला सकता है।

A गलत है: पक्षाभ मेघ बहुत ऊँचाई, 8 से 12 किमी पर बनते हैं और पतले, रेशेदार होते हैं।

C गलत है: वर्षा मेघ काले, घने और नीचे बनने वाले होते हैं, रुई जैसे नहीं दिखते।

D गलत है: स्तरी मेघ परतों में फैलकर आकाश के बड़े भाग को ढकते हैं, अलग टुकड़ों में नहीं।

परीक्षा टिप: पक्षाभ = पंख जैसे और सबसे ऊँचे, कपासी = रुई जैसे सपाट आधार वाले, स्तरी = परतें, वर्षा मेघ = काले बरसने वाले।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2024, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पौधों में संवहन बंडल का भाग नहीं है?

  1. A.फ्लोएम
  2. B.जाइलम
  3. C.कैंबियम (एधा)
  4. D.अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)

व्याख्या

सही उत्तर है D, अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)। अंतस्त्वचा वल्कुट (कॉर्टेक्स) की सबसे भीतरी परत है जो संवहन ऊतक को घेरती है; यह स्वयं संवहन बंडल का भाग नहीं है।

संवहन बंडल पौधे का संवाहक धागा है। इसमें जाइलम होता है, जो जड़ों से पानी और खनिज ऊपर ले जाता है, और फ्लोएम, जो पत्तियों में बना भोजन बाकी भागों तक पहुँचाता है। द्विबीजपत्री तनों में जाइलम और फ्लोएम के बीच कैंबियम की पट्टी होती है; ऐसे खुले बंडल नया ऊतक बनाकर तने को मोटा करते हैं। अंतस्त्वचा ढोलाकार कोशिकाओं की एक परत है, जिसमें जड़ों में कैस्पेरियन पट्टी होती है; यह स्टील के बाहर रहकर उसमें पानी के प्रवेश को नियंत्रित करती है।

A गलत है: फ्लोएम हर संवहन बंडल के दो संवाहक ऊतकों में से एक है।

B गलत है: जाइलम संवहन बंडल का जल-संवाहक भाग है।

C गलत है: कैंबियम द्विबीजपत्रियों के खुले संवहन बंडल में जाइलम और फ्लोएम के बीच होता है।

परीक्षा टिप: संवहन बंडल = जाइलम + फ्लोएम (+ खुले बंडल में कैंबियम); कैस्पेरियन पट्टी वाली अंतस्त्वचा इसके बाहर होती है।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम

दिल्ली सल्तनत काल में निम्नलिखित में से किस स्थान पर हीरे का खनन होता था?

  1. A.अवध
  2. B.खंभात
  3. C.पन्ना
  4. D.लखनौती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पन्ना

व्याख्या

सही उत्तर है C, पन्ना। बुंदेलखंड का पन्ना, जो अब मध्य प्रदेश में है, भारत की ऐतिहासिक हीरा पट्टी है और मध्यकाल में यहाँ हीरे निकाले जाते थे।

पन्ना के आसपास विंध्य श्रेणी की हीरा-युक्त चट्टानों से सदियों से रत्न निकलते रहे हैं, और बाद में बुंदेला शासक छत्रसाल के समय यह नगर खूब प्रसिद्ध हुआ। आज भी भारत में हीरे का खनन केवल पन्ना क्षेत्र में होता है, जहाँ राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की मझगवाँ खान है। मध्यकाल का दूसरा बड़ा स्रोत दक्कन का गोलकुंडा क्षेत्र था, जिसकी कृष्णा नदी किनारे की खानों से कोहिनूर जैसे प्रसिद्ध हीरे मिले।

A गलत है: अवध गंगा मैदान का उपजाऊ कृषि प्रांत था, खनन क्षेत्र नहीं।

B गलत है: गुजरात का खंभात कपड़ा और व्यापार का बड़ा बंदरगाह था, खान नहीं।

D गलत है: लखनौती (गौड़) बंगाल प्रांत की राजधानी थी, जो चावल और वस्त्रों के लिए जानी जाती थी।

परीक्षा टिप: भारतीय इतिहास में हीरे = पन्ना (बुंदेलखंड) और गोलकुंडा (दक्कन); खंभात = गुजरात का बंदरगाह।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2023, GKआसान

एक सामान्य मनुष्य का रक्तचाप 120/80 mmHg पाया जाता है। ये 'संख्याएँ' किस समय का रक्तचाप दर्शाती हैं?

  1. A.क्रमशः निलय संकुचन और निलय शिथिलन
  2. B.क्रमशः निलय शिथिलन और निलय संकुचन
  3. C.क्रमशः आलिंद संकुचन और आलिंद शिथिलन
  4. D.क्रमशः निलय संकुचन और आलिंद संकुचन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्रमशः निलय संकुचन और निलय शिथिलन

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः निलय संकुचन और निलय शिथिलन। 120 mmHg सिस्टोलिक दाब है जब निलय सिकुड़ते हैं, और 80 mmHg डायस्टोलिक दाब है जब वे शिथिल होते हैं।

रक्तचाप धमनियों की दीवारों पर रक्त का दबाव है, जिसे स्फिग्मोमैनोमीटर से मापा जाता है। जब निलय सिकुड़ते हैं (सिस्टोल), तो वे रक्त को महाधमनी में धकेलते हैं और दाब सबसे ऊँचा, स्वस्थ वयस्क में लगभग 120 mmHg, हो जाता है। जब निलय शिथिल होकर फिर भरते हैं (डायस्टोल), तो धमनियों में दाब सबसे कम, लगभग 80 mmHg, रह जाता है। लगातार 140/90 mmHg या अधिक रहने को उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) माना जाता है।

B गलत है: इसमें क्रम उलटा है; बड़ी संख्या संकुचन की होती है।

C गलत है: यह माप धमनियों से लिया जाता है और निलयों को दर्शाता है, आलिंदों को नहीं।

D गलत है: छोटी संख्या निलय शिथिलन की है, आलिंद संकुचन की नहीं।

परीक्षा टिप: सिस्टोलिक 120 = निलय संकुचन; डायस्टोलिक 80 = निलय शिथिलन; मापक यंत्र = स्फिग्मोमैनोमीटर।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2022, GKआसान

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.NBFC माँग जमा स्वीकार नहीं कर सकतीं।
  2. B.NBFC ऋण नहीं दे सकतीं।
  3. C.NBFC स्वयं पर आहरित चेक जारी नहीं कर सकतीं।
  4. D.NBFC निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) की जमा बीमा सुविधा नहीं दे सकतीं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. NBFC ऋण नहीं दे सकतीं।

व्याख्या

सही उत्तर है B, NBFC ऋण नहीं दे सकतीं। यह कथन गलत है, क्योंकि ऋण और अग्रिम देना ही अधिकांश NBFC का मुख्य कारोबार है।

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत वह कंपनी है जिसका मुख्य कारोबार ऋण और अग्रिम, शेयर और प्रतिभूतियाँ खरीदना, लीजिंग, किराया-खरीद, बीमा या चिट फंड है। इनका नियमन भारतीय रिज़र्व बैंक करता है और ये बैंकों जैसा काम करती हैं, पर इनके पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं होता। इसलिए RBI तीन अंतर बताता है: NBFC माँग जमा नहीं ले सकती, भुगतान और निपटान प्रणाली का हिस्सा न होने से स्वयं पर चेक जारी नहीं कर सकती, और इसके जमाकर्ताओं को DICGC का जमा बीमा नहीं मिलता।

A उत्तर नहीं है: यह कथन सही है; NBFC माँग जमा नहीं ले सकतीं।

C उत्तर नहीं है: यह सही है; NBFC स्वयं पर चेक जारी नहीं कर सकतीं।

D उत्तर नहीं है: यह सही है; DICGC बीमा बैंक जमा पर है, NBFC जमा पर नहीं।

परीक्षा टिप: NBFC बनाम बैंक = माँग जमा नहीं, स्वयं पर चेक नहीं, DICGC बीमा नहीं; ऋण देना अनुमत है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2022, GKआसान

यदि एक वस्तु का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए और दोनों वस्तुओं के बीच की दूरी भी दोगुनी कर दी जाए, तो उनके बीच के गुरुत्वाकर्षण बल का क्या होगा?

  1. A.बल वही रहेगा
  2. B.बल दोगुना हो जाएगा
  3. C.बल आधा हो जाएगा
  4. D.बल 4 गुना बढ़ जाएगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बल आधा हो जाएगा

व्याख्या

सही उत्तर है C, बल आधा हो जाएगा। एक द्रव्यमान दोगुना करने से बल दोगुना होता है, जबकि दूरी दोगुनी करने से बल एक-चौथाई रह जाता है, इसलिए कुल परिणाम 2 × 1/4 = 1/2 है।

न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम कहता है कि F = G m1 m2 / r², जहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है। बल दोनों द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और उनके केंद्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। दूरी वर्ग के रूप में आती है, इसलिए उसे बदलने का असर द्रव्यमान को उतना ही बदलने से कहीं अधिक होता है। यहाँ नया बल G (2m1) m2 / (2r)² = (2/4) F = F/2 है।

A गलत है: दोनों बदलाव एक-दूसरे को निष्प्रभावी नहीं करते, क्योंकि दूरी का असर वर्ग में है।

B गलत है: ऐसा तभी होता जब दूरी न बदलती।

D गलत है: बल घटता है; यह 4 गुना तभी होता जब दूरी आधी की जाती।

परीक्षा टिप: F ∝ m1 m2 / r²; दूरी दोगुनी तो बल एक-चौथाई, दूरी आधी तो बल चार गुना।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2021, GKआसान

सोल्डर (टाँका) मिश्रधातु के घटक कौन-से हैं?

  1. A.Pb और Zn
  2. B.Pb और Sn
  3. C.Pb और Si
  4. D.Pb और Co
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. Pb और Sn

व्याख्या

सही उत्तर है B, Pb और Sn। सामान्य सोल्डर सीसा (Pb) और टिन (Sn) की मिश्रधातु है, जिसमें प्रायः लगभग 40:60 का अनुपात होता है।

सोल्डर का उपयोग धातु के भागों, खासकर विद्युत परिपथों में तारों और पुर्ज़ों को जोड़ने में होता है। सीसा-टिन मिश्रधातु का खास गुण इसका कम गलनांक है, गलनक्रांतिक मिश्रण में लगभग 183 °C, जो दोनों शुद्ध धातुओं से कम है। इससे यह सोल्डरिंग आयरन से पिघलकर जल्दी जम जाता है और जोड़े जाने वाले पुर्ज़ों को नुकसान नहीं होता। सीसा विषैला होने के कारण अब इलेक्ट्रॉनिक्स में मुख्यतः टिन, थोड़ी चाँदी और ताँबे वाले सीसा-मुक्त सोल्डर भी खूब प्रयोग होते हैं।

A गलत है: सीसा और जस्ता सोल्डर नहीं बनाते; जस्ता पीतल और यशदलेपन में काम आता है।

C गलत है: सिलिकॉन अर्धचालक है और सोल्डर के लिए सीसे के साथ नहीं मिलाया जाता।

D गलत है: कोबाल्ट चुंबकों और विशेष मिश्रधातुओं में काम आता है, सोल्डर में नहीं।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा + टिन; पीतल = ताँबा + जस्ता; काँसा = ताँबा + टिन।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKमध्यम

1931 के गांधी-इरविन समझौते के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.सरकार उन कैदियों को रिहा नहीं करेगी जो अहिंसक रहे थे।
  2. B.सरकार उन कैदियों को रिहा नहीं करेगी जिन्होंने शराब और विदेशी कपड़े की दुकानों पर शांतिपूर्ण धरना दिया था।
  3. C.कांग्रेस सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित करने पर सहमत नहीं हुई।
  4. D.कांग्रेस दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमत हुई।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कांग्रेस दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमत हुई।

व्याख्या

सही उत्तर है D, कांग्रेस दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमत हुई। 5 मार्च 1931 को हुए इस समझौते के तहत कांग्रेस लंदन के अगले सम्मेलन में जाने को राज़ी हुई, और गांधीजी उसके एकमात्र प्रतिनिधि बनकर गए।

गांधी-इरविन समझौते से 1930 की दांडी यात्रा से शुरू हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन का पहला चरण समाप्त हुआ। वायसराय लॉर्ड इरविन ने हिंसा के दोषी न ठहराए गए राजनीतिक कैदियों को रिहा करने, ज़ब्त पर अभी न बिकी संपत्ति लौटाने, शराब और विदेशी कपड़े की दुकानों पर शांतिपूर्ण धरने की अनुमति देने और तटीय लोगों को अपने उपयोग के लिए नमक बनाने देने पर सहमति दी। बदले में कांग्रेस ने आंदोलन स्थगित किया। मार्च 1931 के कराची अधिवेशन ने समझौते का समर्थन किया।

A गलत है: सरकार अहिंसक रहे कैदियों को रिहा करने पर सहमत हुई थी।

B गलत है: शांतिपूर्ण धरने की अनुमति मिली और ऐसे कैदी रिहा हुए।

C गलत है: कांग्रेस आंदोलन स्थगित करने पर सहमत हुई थी।

परीक्षा टिप: गांधी-इरविन समझौता, 5 मार्च 1931 = आंदोलन स्थगित, दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भागीदारी, कराची अधिवेशन ने समर्थन किया।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2020, GKआसान

ध्वनि तरंगों का वह गुण जो ध्वनि का तारत्व (पिच) तय करता है, उसकी

  1. A.आवृत्ति है
  2. B.आयाम है
  3. C.तरंगदैर्ध्य है
  4. D.तीव्रता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आवृत्ति है

व्याख्या

सही उत्तर है A, आवृत्ति। तारत्व वह गुण है जिससे ध्वनि कान को ऊँची या नीची लगती है, और यह कंपन की आवृत्ति पर निर्भर करता है: आवृत्ति जितनी अधिक, तारत्व उतना ऊँचा।

आवृत्ति किसी स्रोत द्वारा प्रति सेकंड किए गए कंपनों की संख्या है, जिसे हर्ट्ज़ (Hz) में मापते हैं। सीटी या बच्चे की आवाज़ तेज़ी से कंपन करती है और तीखी लगती है, जबकि ढोल या शेर की दहाड़ धीमे कंपन से भारी लगती है। स्त्रियों की आवाज़ प्रायः पुरुषों से ऊँचे तारत्व की होती है, क्योंकि उनके स्वर-तंतु छोटे होकर तेज़ी से कंपन करते हैं। मनुष्य का कान लगभग 20 Hz से 20,000 Hz तक सुनता है; इससे नीचे अवश्रव्य और ऊपर पराश्रव्य ध्वनि होती है।

B गलत है: आयाम ध्वनि की प्रबलता तय करता है, तारत्व नहीं।

C गलत है: एक ही स्वर की तरंगदैर्ध्य माध्यम के साथ बदलती है; तारत्व आवृत्ति से तय होता है।

D गलत है: तीव्रता प्रति इकाई क्षेत्रफल ऊर्जा है और प्रबलता से जुड़ी है।

परीक्षा टिप: तारत्व = आवृत्ति, प्रबलता = आयाम, गुणता (टिम्बर) = तरंग का आकार।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKकठिन

1859 में अंग्रेज़ों द्वारा पारित परिसीमन कानून (लिमिटेशन लॉ) निम्नलिखित में से किस मुद्दे से संबंधित था?

  1. A.ऋण-पत्रों की कोई कानूनी वैधता नहीं होगी।
  2. B.साहूकार और रैयत के बीच हस्ताक्षरित ऋण-पत्र केवल तीन वर्ष तक वैध रहेंगे।
  3. C.साहूकार भूमि-पत्र निष्पादित नहीं कर सकेंगे।
  4. D.ऋण-पत्र दस वर्ष तक वैध रहेंगे।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. साहूकार और रैयत के बीच हस्ताक्षरित ऋण-पत्र केवल तीन वर्ष तक वैध रहेंगे।

व्याख्या

सही उत्तर है B, साहूकार और रैयत के बीच हस्ताक्षरित ऋण-पत्र केवल तीन वर्ष तक वैध रहेंगे। 1859 के परिसीमन कानून का उद्देश्य कर्ज़ को वर्षों तक बढ़ते जाने से रोकना था।

दक्कन में रैयत साहूकारों से कर्ज़ लेकर बंधपत्र पर हस्ताक्षर करते थे। अंग्रेज़ों ने 1859 में परिसीमन कानून बनाया ताकि ऐसा बंधपत्र तीन वर्ष बाद समाप्त हो जाए और ब्याज का अंतहीन बोझ रुके। साहूकारों ने इसका तोड़ निकाला और हर तीन वर्ष में रैयत से नया बंधपत्र लिखवाने लगे, जिसमें बकाया ब्याज मूलधन में जोड़ दिया जाता था। इसी कर्ज़ के गुस्से ने 1875 के दक्कन दंगों को जन्म दिया, जब रैयतों ने साहूकारों पर हमला कर बही-खाते जलाए। 1879 में दक्कन कृषक राहत अधिनियम आया।

A गलत है: कानून ने ऋण-पत्र रद्द नहीं किए, केवल उनकी वैधता की अवधि सीमित की।

C गलत है: कानून में साहूकारों पर बंधपत्र निष्पादित करने की रोक जैसी कोई बात नहीं थी।

D गलत है: वैधता की अवधि तीन वर्ष थी, दस नहीं।

परीक्षा टिप: परिसीमन कानून 1859 = ऋण-पत्र तीन वर्ष वैध; दक्कन दंगे 1875; दक्कन कृषक राहत अधिनियम 1879।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2018, GKमध्यम

निम्नलिखित में से किन दो अभिकारकों की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस बनेगी?

  1. A.मैग्नीशियम और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
  2. B.ताँबा और तनु नाइट्रिक अम्ल
  3. C.कैल्शियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
  4. D.जस्ता और नाइट्रिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मैग्नीशियम और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है A, मैग्नीशियम और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल। अभिक्रियाशीलता श्रेणी में मैग्नीशियम हाइड्रोजन से ऊपर है, इसलिए वह अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित करता है: Mg + 2HCl → MgCl2 + H2।

हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ, जैसे मैग्नीशियम, जस्ता और लोहा, तनु हाइड्रोक्लोरिक या सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया कर लवण बनाती हैं और हाइड्रोजन गैस छोड़ती हैं। जलती तीली पास लाने पर यह गैस 'पॉप' की आवाज़ के साथ जलती है, जिससे इसकी पहचान होती है। नाइट्रिक अम्ल अलग व्यवहार करता है: प्रबल ऑक्सीकारक होने से यह बनी हाइड्रोजन को पानी में ऑक्सीकृत कर देता है और स्वयं नाइट्रोजन के ऑक्साइडों में अपचयित होता है। केवल बहुत तनु नाइट्रिक अम्ल ही मैग्नीशियम या मैंगनीज़ के साथ हाइड्रोजन देता है।

B गलत है: ताँबा हाइड्रोजन से नीचे है, उसे विस्थापित नहीं करता; नाइट्रिक अम्ल के साथ नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है।

C गलत है: कार्बोनेट और अम्ल से कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, हाइड्रोजन नहीं।

D गलत है: नाइट्रिक अम्ल हाइड्रोजन को ऑक्सीकृत कर देता है, इसलिए जस्ता नाइट्रोजन के ऑक्साइड देता है।

परीक्षा टिप: धातु + तनु HCl या H2SO4 = लवण + हाइड्रोजन (पॉप परीक्षण); कार्बोनेट + अम्ल = CO2; नाइट्रिक अम्ल प्रायः हाइड्रोजन नहीं देता।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GKआसान

विद्युत बल्ब में टंगस्टन के तार के साथ आर्गन गैस का प्रयोग क्यों किया जाता है?

  1. A.बल्ब की आयु बढ़ाने के लिए
  2. B.बिजली की खपत घटाने के लिए
  3. C.उत्सर्जित प्रकाश को रंगीन बनाने के लिए
  4. D.बल्ब की लागत घटाने के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बल्ब की आयु बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है A, बल्ब की आयु बढ़ाने के लिए। आर्गन अक्रिय गैस है, इसलिए यह अत्यधिक गर्म टंगस्टन तंतु से अभिक्रिया नहीं करती और उसके वाष्पन को धीमा करती है, जिससे बल्ब अधिक चलता है।

तापदीप्त बल्ब में टंगस्टन तंतु 2,500 °C से भी अधिक ताप पर चमकता है। हवा में यह ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर तुरंत जल जाता, और निर्वात में भी गर्म टंगस्टन धीरे-धीरे वाष्पित होकर पतला होता है और काँच को काला करता है। बल्ब में आर्गन जैसी रासायनिक रूप से निष्क्रिय गैस, प्रायः कुछ नाइट्रोजन के साथ, भरने से ऑक्सीकरण रुकता है और उड़ते टंगस्टन परमाणु वापस दबते हैं। टंगस्टन को उसके बहुत ऊँचे गलनांक, लगभग 3,400 °C, के कारण चुना जाता है।

B गलत है: आर्गन बिजली की खपत नहीं घटाती; यह तंतु के प्रतिरोध और रेटिंग से तय होती है।

C गलत है: बल्ब सामान्य सफ़ेद-पीला प्रकाश ही देता है; आर्गन रंग के लिए नहीं है।

D गलत है: आर्गन टिकाऊपन के लिए डाली जाती है, लागत घटाने के लिए नहीं।

परीक्षा टिप: बल्ब का तंतु = टंगस्टन (बहुत ऊँचा गलनांक); भरी गैस = आर्गन या नाइट्रोजन (अक्रिय), तंतु की रक्षा के लिए।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2017, GKआसान

एड्स मानव प्रतिरक्षा-अपूर्णता विषाणु (HIV) से होता है। HIV संक्रमण का संचरण सामान्यतः किसके द्वारा होता है?

  1. A.दूषित भोजन और पानी खाने-पीने से
  2. B.दूषित रक्त और रक्त उत्पादों के आधान से
  3. C.प्रदूषित वायु में साँस लेने से
  4. D.संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दूषित रक्त और रक्त उत्पादों के आधान से

व्याख्या

सही उत्तर है B, दूषित रक्त और रक्त उत्पादों के आधान से। HIV रक्त जैसे शारीरिक द्रवों से फैलता है, इसलिए संक्रमित रक्त चढ़ाने पर विषाणु सीधे रक्तप्रवाह में पहुँच जाता है।

HIV प्रतिरक्षा तंत्र की सहायक T-कोशिकाओं (CD4 कोशिकाओं) पर हमला करता है, और वर्षों में शरीर संक्रमणों से लड़ने की शक्ति खो देता है; यही अंतिम अवस्था एड्स है। विषाणु रक्त, वीर्य, योनि द्रव और माँ के दूध में रहता है। यह असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित सुई-सिरिंज साझा करने, बिना जाँचे रक्त चढ़ाने और संक्रमित माँ से गर्भ, जन्म या स्तनपान के दौरान बच्चे में फैलता है। सामान्य जाँच ELISA है, इसीलिए दान किया हर रक्त उपयोग से पहले जाँचा जाता है।

A गलत है: HIV भोजन या पानी से नहीं फैलता; हैजा या टाइफाइड ऐसे फैलते हैं।

C गलत है: HIV इन्फ्लुएंज़ा की तरह हवा से फैलने वाला विषाणु नहीं है।

D गलत है: हाथ मिलाने या गले मिलने जैसे सामान्य संपर्क से HIV नहीं फैलता।

परीक्षा टिप: HIV = रक्त, यौन संपर्क, साझा सुई और माँ से बच्चे में; CD4 सहायक T-कोशिकाओं पर हमला; जाँच = ELISA।

Q17.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में बिजली का सबसे बड़ा स्रोत है?

  1. A.जलविद्युत संयंत्र
  2. B.परमाणु ऊर्जा संयंत्र
  3. C.ताप विद्युत संयंत्र
  4. D.पवन ऊर्जा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ताप विद्युत संयंत्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, ताप विद्युत संयंत्र। कोयला आधारित ताप संयंत्र भारत की बिजली का सबसे बड़ा हिस्सा, उत्पादित बिजली का लगभग तीन-चौथाई, बनाते हैं।

ताप विद्युत संयंत्र में ईंधन, मुख्यतः कोयला और कुछ हद तक गैस या लिग्नाइट, जलाकर पानी को भाप बनाया जाता है, जो टरबाइन घुमाती है। भारत में झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में कोयले के बड़े भंडार हैं, इसलिए अधिकतर बड़े ताप बिजलीघर कोयला क्षेत्रों में या उनके पास होते हैं या रेल से उनसे जुड़े होते हैं। NTPC देश का सबसे बड़ा बिजली उत्पादक है। सौर और पवन जैसे नवीकरणीय स्रोत तेज़ी से बढ़ रहे हैं, पर उत्पादन में कोयला अब भी काफी आगे है।

A गलत है: जलविद्युत भारत की बिजली का लगभग दसवाँ हिस्सा ही देती है।

B गलत है: परमाणु संयंत्र देश की बिजली का केवल लगभग तीन प्रतिशत देते हैं।

D गलत है: पवन ऊर्जा बढ़ता हुआ नवीकरणीय स्रोत है, पर उत्पादन में ताप बिजली से बहुत पीछे है।

परीक्षा टिप: भारत में बिजली = पहले ताप (कोयला), फिर नवीकरणीय और जलविद्युत, सबसे कम परमाणु।

Q18.भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेशपूछा गया: CDS · CDS-II 2026, GKमध्यम

केंद्रशासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. केंद्रशासित प्रदेशों दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव का विलय भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा प्रभावी किया गया 2. दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के विलय के बाद लोकसभा में तीन सीटें आवंटित की गई हैं 3. इस केंद्रशासित प्रदेश पर बॉम्बे उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार बना हुआ है नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.केवल 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। विलय संसद के अधिनियम से हुआ और बॉम्बे उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार बना हुआ है, पर विलय वाले केंद्रशासित प्रदेश की लोकसभा सीटें दो हैं, तीन नहीं।

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव (केंद्रशासित प्रदेशों का विलय) अधिनियम, 2019 ने दोनों केंद्रशासित प्रदेशों को 26 जनवरी 2020 से एक कर दिया, जिसकी राजधानी दमन है। अनुच्छेद 3 और 4 के तहत संसद कानून बनाकर इकाइयाँ बना या बदल सकती है, और विलय इसी तरह हुआ। अधिनियम ने लोकसभा की पहले से चली आ रही दो सीटें बनाए रखीं, एक दादरा और नगर हवेली की और एक दमन और दीव की। इसने पूरे प्रदेश पर बॉम्बे उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार भी जारी रखा।

A गलत है: कथन 2 गलत है, क्योंकि केवल दो सीटें आवंटित हैं।

B गलत है: इसमें गलत कथन 2 शामिल है और सही कथन 1 छूट गया है।

D गलत है: केवल कथन 2 ही गलत है।

परीक्षा टिप: DNH और DD का विलय 26 जनवरी 2020, 2019 के अधिनियम से; राजधानी दमन, 2 लोकसभा सीटें, बॉम्बे उच्च न्यायालय।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKआसान

मनुष्यों में हृदय का कौन-सा कक्ष फेफड़ों से ऑक्सीजन-युक्त रक्त सबसे पहले प्राप्त करता है?

  1. A.बायाँ आलिंद
  2. B.दायाँ आलिंद
  3. C.बायाँ निलय
  4. D.दायाँ निलय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बायाँ आलिंद

व्याख्या

सही उत्तर है A, बायाँ आलिंद। फुफ्फुसीय शिराएँ फेफड़ों से ऑक्सीजन-युक्त रक्त सीधे बाएँ आलिंद में लाती हैं।

मानव हृदय में चार कक्ष होते हैं और यह दो पंपों की तरह काम करता है। दायाँ भाग ऑक्सीजन-रहित रक्त सँभालता है: दायाँ आलिंद इसे महाशिराओं से शरीर से प्राप्त करता है और दायाँ निलय इसे फुफ्फुसीय धमनी से फेफड़ों में भेजता है। फेफड़ों में रक्त ऑक्सीजन लेकर चार फुफ्फुसीय शिराओं से बाएँ आलिंद में लौटता है। वहाँ से यह द्विवलनी (माइट्रल) कपाट से होकर बाएँ निलय में जाता है, जो सबसे मोटी दीवार वाला कक्ष है और रक्त को महाधमनी से पूरे शरीर में भेजता है।

B गलत है: दायाँ आलिंद शरीर से ऑक्सीजन-रहित रक्त प्राप्त करता है।

C गलत है: बायाँ निलय ऑक्सीजन-युक्त रक्त बाएँ आलिंद के बाद पाता है और उसे शरीर में भेजता है।

D गलत है: दायाँ निलय ऑक्सीजन-रहित रक्त फेफड़ों में भेजता है।

परीक्षा टिप: फुफ्फुसीय शिराएँ ऑक्सीजन-युक्त रक्त बाएँ आलिंद में लाती हैं; फुफ्फुसीय धमनी ऑक्सीजन-रहित रक्त फेफड़ों में ले जाती है।

Q20.कला और संस्कृतिपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKकठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एरोक सिम मुख्यतः संथाल समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। 2. सांगकेन अरुणाचल प्रदेश में मनाया जाने वाला एक बौद्ध त्योहार है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। एरोक सिम संथालों का बुआई का त्योहार है, और सांगकेन अरुणाचल प्रदेश का बौद्ध नववर्ष जल-उत्सव है।

संथाल भारत के सबसे बड़े जनजातीय समुदायों में से हैं, जो मुख्यतः झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में रहते हैं, और उनके त्योहार खेती के चक्र से जुड़े हैं। एरोक सिम बीज बोने के समय मनाया जाता है, जबकि सोहराय फसल कटने के बाद का त्योहार है। सांगकेन अप्रैल के मध्य में अरुणाचल प्रदेश के नामसाई और आसपास के थेरवाद बौद्ध खाम्ती और सिंगफो समुदाय मनाते हैं। इसमें बुद्ध प्रतिमाओं को स्नान कराया जाता है और लोग एक-दूसरे पर पानी छिड़कते हैं, जैसे थाईलैंड का सोंगक्रान और म्यांमार का थिंगयान।

A गलत है: कथन 2 भी सही है।

B गलत है: कथन 1 भी सही है।

D गलत है: दोनों कथन सही हैं।

परीक्षा टिप: संथाल त्योहार = एरोक सिम (बुआई), सोहराय (फसल); सांगकेन = अरुणाचल के खाम्ती बौद्धों का जल-उत्सव।

Q21.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-I 2025, GKमध्यम

निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर जलवायु के प्रकार की पहचान कीजिए: I. पूरे वर्ष तापमान ऊँचा रहता है। II. वर्षा परिवर्तनशील होती है, जिसमें छोटी आर्द्र ऋतु और लंबी शुष्क ऋतु होती है। III. सूडान और पराग्वे की जलवायु इस प्रकार का उदाहरण है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.उपोष्ण स्टेपी जलवायु
  2. B.मध्य-अक्षांशीय स्टेपी
  3. C.उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
  4. D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु। यह सवाना (सूडान तुल्य) जलवायु है: पूरे वर्ष गर्म, छोटी बरसाती गर्मी और लंबी शुष्क ऋतु।

उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु, कोपेन योजना में Aw, भूमध्यरेखीय वर्षावन पट्टी और उष्ण मरुस्थलों के बीच, भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 5° से 20° तक मिलती है। वर्षा गर्म ऋतु में होती है जब सिर पर चमकता सूर्य वर्षा पट्टी को खींच लाता है, और बाकी वर्ष शुष्क रहता है। प्राकृतिक वनस्पति बिखरे पेड़ों वाली लंबी घास, यानी सवाना, है। अफ्रीका का सूडान क्षेत्र, ब्राज़ील के कैम्पोस और पराग्वे के आसपास का ग्रान चाको इसके उदाहरण हैं।

A गलत है: उपोष्ण स्टेपी अर्ध-शुष्क होती है, जिसमें बहुत कम वर्षा और ठंडी सर्दियाँ होती हैं।

B गलत है: मध्य-अक्षांशीय स्टेपी, जैसे प्रेयरी, में गर्मियाँ गर्म और सर्दियाँ ठंडी होती हैं, सालभर गर्मी नहीं।

C गलत है: उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु में मौसमी हवाओं से भारी वर्षा होती है और यह सूडान तुल्य नहीं है।

परीक्षा टिप: सवाना = उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क = सूडान तुल्य; भूमध्यरेखीय = सालभर वर्षा; स्टेपी = अर्ध-शुष्क घास भूमि।

Q22.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2024, GKमध्यम

निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि की चाल अधिकतम होगी?

  1. A.आसुत जल
  2. B.समुद्री जल
  3. C.पीने का पानी
  4. D.मेथेनॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. समुद्री जल

व्याख्या

सही उत्तर है B, समुद्री जल। घुले लवण समुद्री जल को कम संपीड्य बनाते हैं, इसलिए उसमें ध्वनि शुद्ध या पीने के पानी से तेज़, 25 °C पर लगभग 1,530 m/s, चलती है।

किसी माध्यम में ध्वनि की चाल उसकी प्रत्यास्थता (संपीडन का कितना विरोध करता है) और घनत्व के अनुपात पर निर्भर करती है। लवण पानी के आयतन प्रत्यास्थता गुणांक को घनत्व से अधिक बढ़ाता है, इसलिए लवणता बढ़ने पर चाल बढ़ती है। यही कारण है कि इन द्रवों में समुद्री जल में ध्वनि सबसे तेज़ है। आसुत जल में 25 °C पर ध्वनि लगभग 1,498 m/s से चलती है, और थोड़े खनिज वाला पीने का पानी इसके बहुत करीब है। सामान्यतः ध्वनि ठोस में सबसे तेज़, फिर द्रव में और गैस में सबसे धीमी चलती है।

A गलत है: आसुत जल में घुले लवण नहीं होते, इसलिए उसमें ध्वनि समुद्री जल से धीमी है।

C गलत है: पीने के पानी में थोड़े ही खनिज होते हैं, इसलिए उसकी चाल शुद्ध पानी के करीब है।

D गलत है: मेथेनॉल बहुत अधिक संपीड्य है और उसमें ध्वनि केवल लगभग 1,100 m/s से चलती है।

परीक्षा टिप: ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस; समुद्री जल > मीठा पानी; ताप बढ़ने पर चाल बढ़ती है।

Q23.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम

दिसंबर 2021 में प्रक्षेपित जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  1. A.यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर रहकर सूर्य की परिक्रमा करती है।
  2. B.यह लगभग 15 लाख किमी दूर रहकर पृथ्वी की परिक्रमा करती है।
  3. C.यह पृथ्वी से लगभग 10 लाख किमी दूर अंतरिक्ष में स्थिर है।
  4. D.यह पृथ्वी से लगभग 3-5 लाख किमी दूर चंद्रमा की परिक्रमा करती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर रहकर सूर्य की परिक्रमा करती है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर रहकर सूर्य की परिक्रमा करती है। दूरबीन पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर दूसरे लैग्रेंज बिंदु (L2) के पास है और पृथ्वी के साथ सूर्य का चक्कर लगाती है।

जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन NASA ने यूरोपीय और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ बनाई और इसे 25 दिसंबर 2021 को फ्रेंच गयाना से एरियन 5 रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया। यह मुख्यतः अवरक्त प्रकाश में सबसे पुरानी आकाशगंगाओं, तारों के जन्म और बाह्य ग्रहों के वायुमंडल का अध्ययन करती है। L2 पृथ्वी के उस ओर है जो सूर्य से दूर है; वहाँ सूर्य और पृथ्वी का संयुक्त खिंचाव इसे पृथ्वी की वार्षिक कक्षा के साथ चलाता है। बड़ा सनशील्ड इसके 6.5 मीटर चौड़े सुनहरे दर्पण को बहुत ठंडा रखता है।

B गलत है: यह पृथ्वी की परिक्रमा नहीं करती; L2 पर यह सूर्य के चारों ओर घूमती है।

C गलत है: यह स्थिर नहीं है, और इसकी दूरी लगभग 15 लाख किमी है, 10 लाख किमी नहीं।

D गलत है: यह चंद्रमा की परिक्रमा नहीं करती; चंद्रमा केवल लगभग 3.84 लाख किमी दूर है।

परीक्षा टिप: JWST = 25 दिसंबर 2021 को प्रक्षेपण, अवरक्त दूरबीन, लगभग 15 लाख किमी दूर L2 बिंदु, हबल की उत्तराधिकारी।

Q24.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2023, GKमध्यम

दीवारों की सफ़ेदी के दौरान बुझा चूना हवा की कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे अभिक्रिया कर दीवारों पर कैल्शियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया इसे सही रूप में दर्शाती है?

  1. A.CaO (s) + CO2 (g) → CaCO3 (s)
  2. B.CaO (l) + CO2 (g) → CaCO3 (s)
  3. C.Ca(OH)2 (l) + CO2 (l) → CaCO3 (s) + H2O (l)
  4. D.Ca(OH)2 (aq) + CO2 (g) → CaCO3 (s) + H2O (l)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. Ca(OH)2 (aq) + CO2 (g) → CaCO3 (s) + H2O (l)

व्याख्या

सही उत्तर है D, Ca(OH)2 (aq) + CO2 (g) → CaCO3 (s) + H2O (l)। बुझा चूना कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड है जिसे जलीय विलयन के रूप में लगाया जाता है, और यह हवा से कार्बन डाइऑक्साइड गैस लेकर ठोस कैल्शियम कार्बोनेट और पानी बनाता है।

सफ़ेदी बनाने के लिए बिना बुझे चूने (कैल्शियम ऑक्साइड) में पानी मिलाया जाता है; यह अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया बुझा चूना देती है: CaO + H2O → Ca(OH)2। इसी बुझे चूने का विलयन दीवारों पर पोता जाता है। दो-तीन दिन में यह हवा की कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया कर कैल्शियम कार्बोनेट की पतली, कठोर परत छोड़ता है, जिससे दीवारें चमकदार सफ़ेद दिखती हैं। कैल्शियम कार्बोनेट वही यौगिक है जो चूना पत्थर, खड़िया और संगमरमर में होता है।

A गलत है: यह बिना बुझे चूने (CaO) से शुरू होती है, बुझे चूने से नहीं।

B गलत है: इसमें बिना बुझा चूना है और उसे गलत ढंग से द्रव दिखाया गया है।

C गलत है: बुझा चूना जलीय विलयन के रूप में लगता है और CO2 गैस के रूप में अभिक्रिया करती है, इसलिए अवस्थाएँ गलत हैं।

परीक्षा टिप: बिना बुझा चूना CaO + पानी = बुझा चूना Ca(OH)2; बुझा चूना + CO2 = CaCO3, सफ़ेदी की चमकदार परत।

Q25.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2023, GKआसान

एक व्यक्ति ने एक खड़ी चट्टान के सामने पटाखा जलाया और फटने के 5 s बाद उसकी प्रतिध्वनि सुनी। यदि ध्वनि की चाल 340 m/s हो, तो व्यक्ति से चट्टान की दूरी लगभग कितनी है?

  1. A.1700 m
  2. B.170 m
  3. C.85 m
  4. D.850 m
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 850 m

व्याख्या

सही उत्तर है D, 850 m। ध्वनि 5 s में चट्टान तक जाकर लौटती है, इसलिए कुल 340 × 5 = 1,700 m चलती है, और चट्टान इसकी आधी, 850 m, दूर है।

प्रतिध्वनि परावर्तित ध्वनि है जो मूल ध्वनि से अलग सुनाई देती है। ध्वनि आने-जाने की पूरी यात्रा करती है, इसलिए परावर्तक सतह की दूरी d = (चाल × समय) / 2 होती है। यहाँ d = (340 × 5) / 2 = 850 m है। मनुष्य का कान किसी ध्वनि को लगभग 0.1 सेकंड तक याद रखता है, इसलिए हवा में 344 m/s की चाल पर स्पष्ट प्रतिध्वनि के लिए सतह कम से कम लगभग 17.2 m दूर होनी चाहिए। यही सिद्धांत समुद्र की गहराई नापने वाले SONAR और चमगादड़ों के प्रतिध्वनि-निर्धारण में काम आता है।

A गलत है: 1,700 m चट्टान तक जाने और लौटने का कुल रास्ता है, चट्टान की दूरी नहीं।

B गलत है: 170 m होने पर प्रतिध्वनि केवल 1 सेकंड बाद सुनाई देती।

C गलत है: 85 m होने पर प्रतिध्वनि केवल आधे सेकंड बाद सुनाई देती।

परीक्षा टिप: प्रतिध्वनि की दूरी = चाल × समय ÷ 2; स्पष्ट प्रतिध्वनि के लिए न्यूनतम दूरी लगभग 17 m।

Q26.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2022, GKआसान

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का आधार वर्ष संशोधित किया है, जिनका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में संयुक्त भार लगभग 40.27 प्रतिशत है। निम्नलिखित में से कौन-सा आठ प्रमुख उद्योगों में से एक नहीं है?

  1. A.कोयला
  2. B.रिफाइनरी उत्पाद
  3. C.रबड़ उत्पाद
  4. D.सीमेंट
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रबड़ उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर है C, रबड़ उत्पाद। रबड़ उत्पाद आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक में शामिल उद्योगों में नहीं हैं।

आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक हर महीने मुख्य आधारभूत क्षेत्रों का उत्पादन मापता है और इसे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के DPIIT का आर्थिक सलाहकार कार्यालय जारी करता है। आठ उद्योग हैं: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली। 2011-12 आधार पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इनका संयुक्त भार लगभग 40.27 प्रतिशत है। इनमें रिफाइनरी उत्पादों का भार सबसे अधिक है, उसके बाद बिजली और इस्पात, जबकि उर्वरकों का भार सबसे कम है।

A उत्तर नहीं है: कोयला आठ प्रमुख उद्योगों में से एक है।

B उत्तर नहीं है: रिफाइनरी उत्पाद प्रमुख उद्योग है और इसका भार सबसे अधिक है।

D उत्तर नहीं है: सीमेंट आठ प्रमुख उद्योगों में से एक है।

परीक्षा टिप: आठ प्रमुख उद्योग = कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, बिजली; सबसे अधिक भार रिफाइनरी उत्पादों का।

Q27.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2022, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्सीकरण अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?

  1. A.अधिक समय तक रखे रहने पर मक्खन का स्वाद बदल जाता है
  2. B.बेरियम क्लोराइड के जलीय विलयन को सोडियम सल्फेट विलयन में मिलाने पर एक सफ़ेद पदार्थ बनता है
  3. C.लोहे की वस्तुओं पर लाल-भूरा चूर्ण जम जाता है
  4. D.समय के साथ वाइन खट्टी हो जाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बेरियम क्लोराइड के जलीय विलयन को सोडियम सल्फेट विलयन में मिलाने पर एक सफ़ेद पदार्थ बनता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेरियम क्लोराइड के जलीय विलयन को सोडियम सल्फेट विलयन में मिलाने पर एक सफ़ेद पदार्थ बनता है। यह द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है, जिसमें कोई तत्व ऑक्सीजन ग्रहण नहीं करता या इलेक्ट्रॉन नहीं खोता।

दोनों विलयन मिलाने पर आयन अपने साथी बदल लेते हैं: BaCl2 + Na2SO4 → BaSO4 + 2NaCl। बेरियम सल्फेट पानी में अघुलनशील है, इसलिए सफ़ेद अवक्षेप के रूप में अलग हो जाता है, जबकि सोडियम क्लोराइड घुला रहता है। किसी भी तत्व की ऑक्सीकरण संख्या नहीं बदलती, इसलिए यह अपचयोपचय परिवर्तन नहीं है। बाकी तीनों हवा की ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकरण के रोज़मर्रा के उदाहरण हैं, जिनसे NCERT विकृतगंधिता और संक्षारण समझाता है।

A उत्तर नहीं है: मक्खन के वसा और तेल हवा से ऑक्सीकृत होकर बासी (विकृतगंधी) हो जाते हैं।

C उत्तर नहीं है: लोहे पर लाल-भूरा जंग जलयोजित आयरन(III) ऑक्साइड है, जो ऑक्सीकरण से बनता है।

D उत्तर नहीं है: वाइन का एथेनॉल ऑक्सीकृत होकर ऐसीटिक अम्ल बनता है, इसलिए वह खट्टी होती है।

परीक्षा टिप: BaCl2 + Na2SO4 = सफ़ेद BaSO4 अवक्षेप, द्विविस्थापन; विकृतगंधिता, जंग और वाइन का खट्टा होना ऑक्सीकरण है।

Q28.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2021, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कारक किसी खाद्य श्रृंखला में पोषी स्तरों की संख्या को सीमित करता है?

  1. A.भोजन की कमी
  2. B.प्रदूषित वायु
  3. C.उच्च पोषी स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा में कमी
  4. D.परजीवी जीव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उच्च पोषी स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा में कमी

व्याख्या

सही उत्तर है C, उच्च पोषी स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा में कमी। खाद्य श्रृंखला के हर चरण पर ऊर्जा तेज़ी से घटती है, इसलिए कुछ स्तरों के बाद उपभोक्ताओं के अगले स्तर के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं बचती।

पारितंत्र में ऊर्जा एक ही दिशा में बहती है: सूर्य से उत्पादकों तक, फिर शाकाहारियों और मांसाहारियों तक। रेमंड लिंडमैन का दस प्रतिशत नियम कहता है कि एक पोषी स्तर की केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा अगले स्तर तक पहुँचती है; बाकी श्वसन में खर्च होकर ऊष्मा के रूप में नष्ट होती है। पौधों में 10,000 इकाई ऊर्जा हो तो शाकाहारियों को लगभग 1,000, प्राथमिक मांसाहारियों को 100 और द्वितीयक मांसाहारियों को केवल 10 मिलती है। इसीलिए अधिकतर खाद्य श्रृंखलाओं में तीन-चार, शायद ही पाँच, पोषी स्तर होते हैं और ऊर्जा का पिरामिड सदा सीधा होता है।

A गलत है: भोजन की उपलब्धता स्थानीय रूप से बदलती है, पर मूल सीमा स्तरों के बीच ऊर्जा की हानि है।

B गलत है: वायु प्रदूषण पोषी स्तरों की संख्या तय नहीं करता।

D गलत है: परजीवी खाद्य श्रृंखला का हिस्सा हैं, पर उसकी लंबाई तय नहीं करते।

परीक्षा टिप: दस प्रतिशत नियम (लिंडमैन) = अगले स्तर तक केवल 10% ऊर्जा; ऊर्जा का पिरामिड सदा सीधा।

Q29.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKमध्यम

निम्नलिखित में से किसने 1922 में भील सेवा मंडल की स्थापना की?

  1. A.दयाराम गिदूमल
  2. B.गुरुसदय दत्त
  3. C.धोंडो केशव कर्वे
  4. D.अमृतलाल विट्ठलदास ठक्कर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अमृतलाल विट्ठलदास ठक्कर

व्याख्या

सही उत्तर है D, अमृतलाल विट्ठलदास ठक्कर। ठक्कर बापा के नाम से प्रसिद्ध ए. वी. ठक्कर ने 1922 में गुजरात के पंचमहाल ज़िले के भील आदिवासियों के लिए भील सेवा मंडल की स्थापना की।

ठक्कर बापा इंजीनियर थे, जिन्होंने अपना करियर छोड़कर सबसे गरीब समुदायों की सेवा का रास्ता चुना। वे गोपाल कृष्ण गोखले की सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी से जुड़े और महात्मा गांधी के निकट सहयोगी बने। भील सेवा मंडल के ज़रिए उन्होंने भीलों के बीच स्कूल, छात्रावास और कल्याण कार्य चलाए। बाद में वे 1932 में बने हरिजन सेवक संघ के महासचिव रहे, और स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा के सदस्य बने, जहाँ उन्होंने अपवर्जित और आंशिक रूप से अपवर्जित जनजातीय क्षेत्रों की उप-समिति की अध्यक्षता की।

A गलत है: दयाराम गिदूमल सिंधी समाज सुधारक थे, जिन्होंने बहरामजी मालाबारी के साथ सेवा सदन की स्थापना की।

B गलत है: गुरुसदय दत्त ने बंगाल की लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने के लिए ब्रतचारी आंदोलन शुरू किया।

C गलत है: डी. के. कर्वे ने स्त्री शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह के लिए काम किया और SNDT महिला विश्वविद्यालय स्थापित किया।

परीक्षा टिप: ठक्कर बापा = भील सेवा मंडल (1922), हरिजन सेवक संघ; कर्वे = महिला विश्वविद्यालय; गुरुसदय दत्त = ब्रतचारी।

Q30.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-II 2020, GKआसान

निम्नलिखित में से किस भारतीय स्थान पर वर्ष में न्यूनतम वर्षा होती है?

  1. A.जोधपुर
  2. B.लेह
  3. C.नई दिल्ली
  4. D.बेंगलुरु
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लेह

व्याख्या

सही उत्तर है B, लेह। लेह महान हिमालय के वृष्टि-छाया क्षेत्र में है और यहाँ साल में केवल लगभग 100 mm वर्षण होता है, जिससे यह भारत के सबसे शुष्क स्थानों में से एक है।

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख का लेह समुद्र तल से लगभग 3,500 m ऊँचाई पर एक ठंडा मरुस्थल है। मानसूनी हवाएँ अपनी लगभग सारी नमी हिमालय और पीर पंजाल की दक्षिणी ढलानों पर गिरा देती हैं, इसलिए उनके पार सिंधु घाटी तक बहुत कम नमी पहुँचती है। लेह का थोड़ा-सा वर्षण भी अधिकतर सर्दियों में पश्चिमी विक्षोभों से हल्की बर्फ़ के रूप में होता है। पतली हवा, तेज़ धूप और बहुत कम आर्द्रता लद्दाख को उसका नंगा, भूरा रूप देती है।

A गलत है: थार क्षेत्र का जोधपुर शुष्क है, पर यहाँ साल में लगभग 350-400 mm वर्षा होती है।

C गलत है: नई दिल्ली में लगभग 700-800 mm वर्षा होती है, अधिकतर दक्षिण-पश्चिम मानसून से।

D गलत है: बेंगलुरु में दोनों मानसूनों से लगभग 900 mm या अधिक वर्षा होती है।

परीक्षा टिप: भारत के सबसे शुष्क क्षेत्र = लेह (ठंडा मरुस्थल) और पश्चिमी राजस्थान (गर्म मरुस्थल); सबसे आर्द्र = मासिनराम और चेरापूंजी।

Q31.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2020, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा X-किरणों का गुण नहीं है?

  1. A.ये विद्युत क्षेत्रों द्वारा विक्षेपित होती हैं।
  2. B.ये चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा विक्षेपित नहीं होतीं।
  3. C.पदार्थ में इनकी भेदन लंबाई अधिक होती है।
  4. D.इनकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से बहुत कम होती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ये विद्युत क्षेत्रों द्वारा विक्षेपित होती हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है A, ये विद्युत क्षेत्रों द्वारा विक्षेपित होती हैं। X-किरणें विद्युत चुंबकीय तरंगें हैं जिन पर कोई आवेश नहीं होता, इसलिए विद्युत क्षेत्र इन्हें विक्षेपित नहीं कर सकते।

X-किरणों की खोज 1895 में विल्हेम रॉन्टजन ने की, जिसके लिए उन्हें 1901 में भौतिकी का पहला नोबेल पुरस्कार मिला। ये तब बनती हैं जब तेज़ इलेक्ट्रॉन किसी धातु लक्ष्य से टकराते हैं, और इनकी तरंगदैर्ध्य लगभग 0.01 से 10 नैनोमीटर होती है, जो 400-700 nm वाले दृश्य प्रकाश से हज़ारों गुना कम है। उच्च ऊर्जा फोटॉन होने से ये कोमल ऊतक को पार कर जाती हैं पर घनी हड्डी इन्हें सोख लेती है, इसलिए इनसे फ्रैक्चर की तस्वीर ली जाती है। सभी विद्युत चुंबकीय तरंगों की तरह ये प्रकाश की चाल से चलती हैं और विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्रों से प्रभावित नहीं होतीं।

B उत्तर नहीं है: यह सही गुण है; आवेशहीन X-किरणें चुंबकीय क्षेत्र में विक्षेपित नहीं होतीं।

C उत्तर नहीं है: अधिक भेदन क्षमता ही X-किरणों को चिकित्सा और सुरक्षा जाँच में उपयोगी बनाती है।

D उत्तर नहीं है: इनकी तरंगदैर्ध्य वास्तव में दृश्य प्रकाश से बहुत कम है।

परीक्षा टिप: X-किरणें और गामा किरणें आवेशहीन हैं, क्षेत्रों में विक्षेपण नहीं; अल्फा और बीटा कण आवेशित हैं, विक्षेपित होते हैं।

Q32.पुरस्कार और सम्मानपूछा गया: CDS · CDS-II 2019, GKमध्यम

संयुक्त राष्ट्र का 'सासाकावा पुरस्कार' किस क्षेत्र में किए गए कार्य की मान्यता में दिया जाता है?

  1. A.आपदा न्यूनीकरण
  2. B.शांति स्थापना
  3. C.स्वास्थ्य सेवाएँ
  4. D.गरीबी उन्मूलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आपदा न्यूनीकरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, आपदा न्यूनीकरण। आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र सासाकावा पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है जो आपदाओं का जोखिम घटाने का काम करते हैं।

यह पुरस्कार 1986 में जापान की परोपकारी संस्था, जो अब निप्पॉन फाउंडेशन कहलाती है, के संस्थापक र्योइची सासाकावा के दान से शुरू हुआ। इसका प्रबंधन संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (UNDRR) करता है और यह आपदा जोखिम न्यूनीकरण के वैश्विक मंच पर एक वर्ष छोड़कर दिया जाता है। भारत के प्रदीप कुमार मिश्रा, जो तब प्रधानमंत्री के अपर प्रधान सचिव थे, को 2019 में आपदा प्रबंधन के काम के लिए यह मिला, इसीलिए उस वर्ष यह परीक्षाओं में आया।

B गलत है: संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को डैग हैमरशोल्ड पदक से सम्मानित किया जाता है, सासाकावा पुरस्कार से नहीं।

C गलत है: स्वास्थ्य कार्य के लिए WHO का अलग पुरस्कार है; संयुक्त राष्ट्र सासाकावा पुरस्कार आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए है।

D गलत है: यह पुरस्कार गरीबी उन्मूलन के लिए नहीं दिया जाता।

परीक्षा टिप: संयुक्त राष्ट्र सासाकावा पुरस्कार = आपदा जोखिम न्यूनीकरण, UNDRR द्वारा; 2019 में पी. के. मिश्रा को मिला।

Q33.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व COP-26 में प्रस्तुत भारत की जलवायु कार्रवाई के 'पंचामृत' का भाग नहीं है?

  1. A.2030 तक अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करना
  2. B.2047 तक शुद्ध शून्य (नेट ज़ीरो) उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करना
  3. C.2030 तक अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता में 2005 के स्तर की तुलना में 45 प्रतिशत की कमी
  4. D.2030 तक कुल अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में एक अरब टन की कमी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2047 तक शुद्ध शून्य (नेट ज़ीरो) उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करना

व्याख्या

सही उत्तर है B, 2047 तक शुद्ध शून्य (नेट ज़ीरो) उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करना। COP-26 में भारत ने नेट ज़ीरो का लक्ष्य वर्ष 2070 रखा था, 2047 नहीं।

नवंबर 2021 में ग्लासगो में हुए COP-26 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाँच संकल्प घोषित किए, जिन्हें पंचामृत कहा गया। ये हैं: 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता; 2030 तक ऊर्जा की 50 प्रतिशत ज़रूरत नवीकरणीय स्रोतों से; 2030 तक अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में एक अरब टन की कटौती; 2030 तक कार्बन तीव्रता में 2005 के स्तर से 45 प्रतिशत की कमी; और 2070 तक नेट ज़ीरो। वर्ष 2047 विकसित भारत का लक्ष्य है, जो स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष होगा, इसलिए इसे भ्रम पैदा करने वाले विकल्प के रूप में रखा गया है।

A गलत है: 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से लेना पंचामृत का ही एक तत्व है।

C गलत है: कार्बन तीव्रता में 45 प्रतिशत की कमी भी पंचामृत में शामिल है।

D गलत है: अनुमानित उत्सर्जन में एक अरब टन की कटौती भी इसका हिस्सा है।

परीक्षा टिप: पंचामृत = 500 GW, 50 प्रतिशत, 1 अरब टन, 45 प्रतिशत और 2070 तक नेट ज़ीरो।

Q34.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iआसान

किसी परमाणु की परमाणु संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.न्यूट्रॉनों की संख्या परमाणु संख्या के बराबर होती है
  2. B.इलेक्ट्रॉनों और न्यूट्रॉनों का योग परमाणु संख्या के बराबर होता है
  3. C.प्रोटॉनों की संख्या परमाणु संख्या के बराबर होती है
  4. D.प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों का योग परमाणु संख्या के बराबर होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रोटॉनों की संख्या परमाणु संख्या के बराबर होती है

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रोटॉनों की संख्या परमाणु संख्या के बराबर होती है। परमाणु संख्या (Z) की परिभाषा ही यह है कि परमाणु के नाभिक में कितने प्रोटॉन हैं।

किसी तत्व के हर परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या समान होती है, इसलिए परमाणु संख्या से ही तत्व की पहचान होती है: हाइड्रोजन की 1, कार्बन की 6 और ऑक्सीजन की 8। उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी प्रोटॉनों के बराबर होती है। मोज़ले के 1913 के कार्य पर आधारित आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व बढ़ती परमाणु संख्या के क्रम में रखे गए हैं।

A गलत है: एक ही तत्व के परमाणुओं में न्यूट्रॉनों की संख्या अलग-अलग हो सकती है; ऐसे परमाणु समस्थानिक कहलाते हैं।

B गलत है: इलेक्ट्रॉन और न्यूट्रॉन का योग परमाणु संरचना में कोई परिभाषित राशि नहीं है।

D गलत है: प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का योग द्रव्यमान संख्या (A) है, परमाणु संख्या नहीं।

परीक्षा टिप: परमाणु संख्या Z = प्रोटॉन; द्रव्यमान संख्या A = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन; न्यूट्रॉन = A घटा Z।

Q35.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iकठिन

अर्थशास्त्र में राजा के लिए निर्धारित दैनिक समय-सारणी में निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधि शामिल नहीं थी?

  1. A.रक्षा संबंधी सूचनाएँ प्राप्त करना
  2. B.वेश बदलकर नगर का भ्रमण करना
  3. C.नकद राजस्व प्राप्त करना
  4. D.अपनी मंत्रिपरिषद से परामर्श करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वेश बदलकर नगर का भ्रमण करना

व्याख्या

सही उत्तर है B, वेश बदलकर नगर का भ्रमण करना। कौटिल्य की बताई राजा की दिनचर्या में वेश बदलकर नगर घूमना शामिल नहीं है; राजा प्रजा की जानकारी गुप्तचरों के माध्यम से लेता है।

चंद्रगुप्त मौर्य के मंत्री कौटिल्य (चाणक्य) के अर्थशास्त्र में राजा के दिन और रात, दोनों को आठ-आठ भागों में बाँटा गया है। दिन के पहले भाग में राजा रक्षा तथा आय-व्यय की सूचनाएँ सुनता है; आगे वह नागरिकों के मामले देखता है, नकद राजस्व लेता है और विभागाध्यक्षों की नियुक्ति करता है, मंत्रिपरिषद से पत्राचार करता है और गुप्त सूचनाएँ लेता है, तथा सेना का निरीक्षण कर सेनापति के साथ अभियानों की योजना बनाता है। सूचनाएँ जुटाने का काम गुप्तचरों के विस्तृत तंत्र का है, राजा की गुप्त यात्राओं का नहीं।

A गलत है: रक्षा की सूचनाएँ सुनना दिन के पहले भाग का कार्य है।

C गलत है: नकद राजस्व प्राप्त करना दिन के चौथे भाग का निर्धारित कर्तव्य है।

D गलत है: मंत्रिपरिषद से परामर्श भी दिनचर्या का हिस्सा है।

परीक्षा टिप: अर्थशास्त्र = कौटिल्य, 15 अधिकरण; राजा के दिन और रात के आठ-आठ भाग।

Q36.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

जब कैल्शियम धातु सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया करती है, तो कुछ समय बाद अभिक्रिया रुक जाती है। क्यों?

  1. A.कमरे के तापमान पर कैल्शियम की सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया संभव नहीं है
  2. B.बना हुआ कैल्शियम सल्फेट जल में अघुलनशील है और कैल्शियम धातु को ढक लेता है, जिससे आगे अभिक्रिया रुक जाती है
  3. C.बने हुए कैल्शियम सल्फेट को जिप्सम के रूप में क्रिस्टलीकृत होने के लिए जल के दो अणुओं की आवश्यकता होती है
  4. D.बना हुआ कैल्शियम सल्फेट अस्थायी होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बना हुआ कैल्शियम सल्फेट जल में अघुलनशील है और कैल्शियम धातु को ढक लेता है, जिससे आगे अभिक्रिया रुक जाती है

व्याख्या

सही उत्तर है B, बना हुआ कैल्शियम सल्फेट जल में अघुलनशील है और कैल्शियम धातु को ढक लेता है, जिससे आगे अभिक्रिया रुक जाती है। उत्पाद की परत अम्ल को धातु तक पहुँचने नहीं देती।

कैल्शियम तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया करके कैल्शियम सल्फेट और हाइड्रोजन गैस बनाता है: Ca + H2SO4 से CaSO4 + H2। कैल्शियम सल्फेट जल में बहुत कम घुलता है, इसलिए वह बहता नहीं बल्कि धातु की सतह पर परत बनाकर जम जाता है। धातु ढक जाने पर नया अम्ल उस तक नहीं पहुँच पाता और बुलबुले बनना जल्द बंद हो जाता है। सीसे को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में डालने पर भी यही होता है, क्योंकि लेड सल्फेट भी अघुलनशील है।

A गलत है: अभिक्रिया कमरे के तापमान पर तुरंत शुरू होती है, तभी हाइड्रोजन दिखती है।

C गलत है: जिप्सम (CaSO4.2H2O) में जल के दो अणु होते हैं, पर इससे अभिक्रिया रुकने का कारण नहीं समझ आता।

D गलत है: कैल्शियम सल्फेट एक स्थायी यौगिक है।

परीक्षा टिप: अघुलनशील सल्फेट की परत (कैल्शियम, सीसा) सल्फ्यूरिक अम्ल से धातु की अभिक्रिया रोक देती है।

Q37.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

एक इलेक्ट्रॉन और एक फोटॉन की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य समान है। इसका तात्पर्य है कि उनका/उनकी समान है

  1. A.रैखिक संवेग
  2. B.ऊर्जा
  3. C.चाल
  4. D.कोणीय संवेग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रैखिक संवेग

व्याख्या

सही उत्तर है A, रैखिक संवेग। दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य केवल संवेग पर निर्भर करती है, इसलिए समान तरंगदैर्ध्य का अर्थ है समान संवेग।

1924 में लुई दे ब्रॉग्ली ने बताया कि प्रत्येक गतिशील कण के साथ एक तरंग जुड़ी होती है, जिसकी तरंगदैर्ध्य λ = h/p है, जहाँ h प्लांक स्थिरांक और p रैखिक संवेग है। फोटॉन के लिए भी यही संबंध लागू होता है, p = h/λ। अतः यदि इलेक्ट्रॉन और फोटॉन की तरंगदैर्ध्य समान है, तो उनका संवेग भी समान होगा। बाकी राशियाँ फिर भी अलग रहती हैं: फोटॉन की ऊर्जा pc है, जबकि इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा p²/2m है, जो उसी संवेग पर बहुत कम होती है। 1927 के डेविसन-जर्मर प्रयोग ने इस विचार की पुष्टि की।

B गलत है: समान संवेग पर फोटॉन की ऊर्जा इलेक्ट्रॉन से कहीं अधिक होती है।

C गलत है: फोटॉन सदा प्रकाश की चाल से चलता है, इलेक्ट्रॉन उससे बहुत धीमा।

D गलत है: कोणीय संवेग दे ब्रॉग्ली संबंध में आता ही नहीं।

परीक्षा टिप: λ = h/p; समान तरंगदैर्ध्य = समान संवेग, समान ऊर्जा या चाल नहीं।

Q38.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

यदि मुद्रास्फीति की दर 10% है, तो 24% वार्षिक ब्याज वाले क्रेडिट कार्ड ऋण पर वास्तविक ब्याज दर क्या है?

  1. A.240%
  2. B.34%
  3. C.14%
  4. D.4%
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 14%

व्याख्या

सही उत्तर है C, 14%। वास्तविक ब्याज दर, नाममात्र ब्याज दर में से मुद्रास्फीति दर घटाकर मिलती है: 24 में से 10 घटाने पर 14 प्रतिशत।

नाममात्र ब्याज दर वह दर है जो ऋण पर लिखी होती है, यहाँ 24 प्रतिशत वार्षिक। मुद्रास्फीति लौटाए गए पैसे की क्रय शक्ति घटा देती है, इसलिए उधार लेने की वास्तविक लागत या ऋणदाता का वास्तविक लाभ कम हो जाता है। अर्थशास्त्री इसे फिशर संबंध से मापते हैं: वास्तविक दर ≈ नाममात्र दर − मुद्रास्फीति दर। जब मुद्रास्फीति नाममात्र दर से अधिक हो, तो वास्तविक दर ऋणात्मक हो जाती है, जिससे बचत करने वालों की तुलना में उधार लेने वालों को लाभ होता है। RBI जैसे केंद्रीय बैंक रेपो दर तय करते समय वास्तविक दरों पर ध्यान देते हैं।

A गलत है: 240 प्रतिशत दोनों दरों को गुणा करने से आता है, जिसका कोई आर्थिक अर्थ नहीं।

B गलत है: 34 प्रतिशत में मुद्रास्फीति घटाने के बजाय जोड़ दी गई है।

D गलत है: 4 प्रतिशत इन दोनों आँकड़ों के किसी सही प्रयोग से नहीं निकलता।

परीक्षा टिप: वास्तविक ब्याज दर = नाममात्र दर − मुद्रास्फीति (फिशर प्रभाव); ऊँची मुद्रास्फीति से उधार लेने वाले को लाभ।

Q39.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से किन क्षेत्रों में झरने (स्रोत) सामान्यतः पाए जाते हैं? 1. सुसंधित (अधिक जोड़ों वाली) चट्टानें 2. नीचे चट्टानों वाले शुष्क क्षेत्र 3. कार्स्ट स्थलाकृति 4. झुके हुए स्तर नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 3
  2. B.1, 3 और 4
  3. C.2 और 4
  4. D.केवल 3 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 3 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 3 और 4। झरने (भूमिगत जल-स्रोत) वहाँ बनते हैं जहाँ भूजल को कोई अवरोध या सतह पर निकलने का रास्ता मिलता है; ऐसा जोड़ों वाली चट्टानों, कार्स्ट क्षेत्रों और झुके स्तरों में होता है, शुष्क क्षेत्रों में सामान्यतः नहीं।

झरना भूजल का सतह पर प्राकृतिक निकास है। ग्रेनाइट जैसी जोड़ों वाली चट्टानों में पानी जोड़ों से नीचे जाता है और जहाँ कोई जोड़ घाटी की ढलान से मिलता है, वहाँ बाहर निकल आता है। कार्स्ट (चूना पत्थर) क्षेत्रों में पानी भीतर नालियाँ और गुफाएँ बना लेता है और चूना पत्थर के आधार पर बड़े झरनों के रूप में निकलता है। झुके हुए स्तरों में पानी अपारगम्य परत के ऊपर स्थित पारगम्य परत में रिसता है और जहाँ यह सीमा सतह पर आती है, वहाँ बह निकलता है।

A गलत है: इसमें झुके हुए स्तर छूट गए हैं, जो झरनों के प्रमुख स्थान हैं।

C गलत है: शुष्क क्षेत्रों में वर्षा इतनी कम होती है कि अधिक झरने नहीं बनते; इसमें जोड़ों वाली चट्टानें और कार्स्ट भी छूट गए हैं।

D गलत है: इसमें जोड़ों वाली चट्टानें छूट गई हैं।

परीक्षा टिप: झरने के लिए पानी का प्रवेश, नीचे का रास्ता और निकास चाहिए: जोड़, कार्स्ट नालियाँ, अपारगम्य पर पारगम्य परत।

Q40.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iआसान

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निम्नलिखित में से किस मामले में पिछड़े वर्गों के बीच 'क्रीमी लेयर' का मुद्दा उठाया गया था?

  1. A.के. एम. नानावटी बनाम बॉम्बे राज्य
  2. B.इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ
  3. C.मधु लिमये बनाम वेद मूर्ति
  4. D.सज्जन सिंह बनाम पंजाब राज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ

व्याख्या

सही उत्तर है B, इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ। 1992 के इस मामले में, जिसे मंडल मामला भी कहते हैं, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि क्रीमी लेयर को OBC आरक्षण से बाहर रखा जाए।

नौ न्यायाधीशों की पीठ ने मंडल आयोग की सिफ़ारिश के अनुसार केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को वैध ठहराया। न्यायालय ने कहा कि पिछड़े वर्गों के संपन्न हिस्से, यानी क्रीमी लेयर, को इसका लाभ नहीं मिलना चाहिए; सामान्य परिस्थितियों में कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत रखी; और पदोन्नति में आरक्षण न होने की बात कही, जिसे बाद में 77वें संशोधन ने बदला। इसके बाद सरकार ने क्रीमी लेयर पहचानने के लिए आय और पद की सीमाएँ तय कीं।

A गलत है: 1961 का नानावटी मामला एक हत्या का मुकदमा था, जिसके बाद भारत में जूरी प्रणाली समाप्त हुई।

C गलत है: मधु लिमये बनाम वेद मूर्ति न्यायालय की अवमानना से जुड़ा मामला था।

D गलत है: सज्जन सिंह (1965) मामला मौलिक अधिकारों में संशोधन की संसद की शक्ति से जुड़ा था।

परीक्षा टिप: इंद्रा साहनी (1992) = मंडल मामला: 27 प्रतिशत OBC आरक्षण, क्रीमी लेयर बाहर, 50 प्रतिशत की सीमा।

Q41.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा ऊष्माशोषी (एंडोथर्मिक) प्रक्रम का उदाहरण है?

  1. A.कार्बन का दहन
  2. B.अम्ल और क्षार को मिलाना
  3. C.प्रकाश संश्लेषण
  4. D.श्वसन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रकाश संश्लेषण

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रकाश संश्लेषण। प्रकाश संश्लेषण में सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर ग्लूकोज़ बनता है, इसलिए यह ऊष्माशोषी प्रक्रम है।

ऊष्माशोषी प्रक्रम अपने परिवेश से ऊष्मा या प्रकाश ग्रहण करता है, जबकि ऊष्माक्षेपी प्रक्रम ऊर्जा बाहर निकालता है। प्रकाश संश्लेषण में हरे पौधे क्लोरोफिल द्वारा पकड़ी गई प्रकाश ऊर्जा से कार्बन डाइऑक्साइड और जल को मिलाकर ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन बनाते हैं: 6CO2 + 6H2O + प्रकाश ऊर्जा से C6H12O6 + 6O2। यह ऊर्जा ग्लूकोज़ के रासायनिक बंधों में संचित रहती है। बर्फ का पिघलना, जल का वाष्पन और गर्म करने पर कैल्शियम कार्बोनेट का अपघटन भी ऊष्माशोषी परिवर्तन हैं।

A गलत है: कार्बन के जलने पर ऊष्मा निकलती है; यह ऊष्माक्षेपी है।

B गलत है: अम्ल और क्षार की उदासीनीकरण अभिक्रिया में ऊष्मा निकलती है, इसलिए मिश्रण गर्म होता है।

D गलत है: श्वसन में ग्लूकोज़ टूटकर ऊर्जा मुक्त करता है; यह ऊष्माक्षेपी है और प्रकाश संश्लेषण का उल्टा है।

परीक्षा टिप: प्रकाश संश्लेषण ऊर्जा संचित करता है (ऊष्माशोषी); श्वसन, दहन और उदासीनीकरण ऊर्जा छोड़ते हैं (ऊष्माक्षेपी)।

Q42.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iआसान

यूकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक के अतिरिक्त किस कोशिकांग का अपना DNA, राइबोसोम और प्रोटीन होता है?

  1. A.गॉल्जी
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया
  3. C.लाइसोसोम
  4. D.न्यूक्लियोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. माइटोकॉन्ड्रिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, माइटोकॉन्ड्रिया। माइटोकॉन्ड्रिया में अपना वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं, इसलिए ये अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकते हैं।

माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सी श्वसन होता है और ATP बनता है, इसलिए इन्हें कोशिका का बिजलीघर कहा जाता है। इनकी दोहरी झिल्ली होती है, जिसकी भीतरी झिल्ली क्रिस्टी के रूप में मुड़ी रहती है। इनका DNA जीवाणुओं की तरह वृत्ताकार है और राइबोसोम छोटे 70S प्रकार के हैं, जिससे अंतःसहजीवी सिद्धांत को बल मिलता है कि ये कभी स्वतंत्र जीवाणु थे। पादप कोशिकाओं के हरितलवक भी अपना DNA और राइबोसोम रखते हैं, और माइटोकॉन्ड्रियल DNA माता से मिलता है।

A गलत है: गॉल्जी उपकरण प्रोटीन को पैक करके भेजता है, पर उसका अपना DNA नहीं होता।

C गलत है: लाइसोसोम में पाचक एंज़ाइम होते हैं, DNA नहीं।

D गलत है: न्यूक्लियोसोम कोशिकांग नहीं हैं; ये केंद्रक में हिस्टोन प्रोटीन पर लिपटे DNA की इकाइयाँ हैं।

परीक्षा टिप: अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग = माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक (अपना DNA, 70S राइबोसोम)।

Q43.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

जब श्वेत प्रकाश की किरण-पुंज को जल से भरे खोखले प्रिज़्म पर डाला जाता है, तो यह सात घटक रंगों में बँट जाती है। निम्नलिखित में से किस रंग का विचलन कोण अधिकतम होता है?

  1. A.लाल
  2. B.बैंगनी
  3. C.हरा
  4. D.सभी का विचलन समान होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंगनी

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंगनी। दृश्य रंगों में बैंगनी प्रकाश की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, इसलिए माध्यम उसे सबसे अधिक मोड़ता है।

श्वेत प्रकाश का अपने रंगों में बँटना वर्ण-विक्षेपण कहलाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि काँच या जल जैसे माध्यम का अपवर्तनांक हर तरंगदैर्ध्य के लिए थोड़ा अलग होता है: बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम। अधिक अपवर्तनांक का अर्थ है अधिक मुड़ना, इसलिए बैंगनी का विचलन सबसे अधिक और लाल का सबसे कम होता है। रंग VIBGYOR क्रम में निकलते हैं; स्पेक्ट्रम में लाल ऊपर और बैंगनी नीचे होता है। न्यूटन ने सबसे पहले काँच के प्रिज़्म से यह दिखाया था, और इंद्रधनुष भी वर्षा की बूँदों में यही प्रभाव है।

A गलत है: लाल की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक है और उसका विचलन सबसे कम होता है।

C गलत है: हरा स्पेक्ट्रम के बीच में है, इसलिए उसका विचलन मध्यम होता है।

D गलत है: यदि सभी रंग बराबर मुड़ते, तो श्वेत प्रकाश बँटता ही नहीं।

परीक्षा टिप: कम तरंगदैर्ध्य, अधिक अपवर्तनांक, अधिक विचलन: बैंगनी सबसे अधिक, लाल सबसे कम।

Q44.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

तेल और जल किस गुण के कारण आपस में नहीं मिलते?

  1. A.आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (बल्क मॉड्यूलस)
  2. B.अपरूपण विकृति
  3. C.आयतन प्रभाव
  4. D.पृष्ठ तनाव
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पृष्ठ तनाव

व्याख्या

सही उत्तर है D, पृष्ठ तनाव। जहाँ तेल और जल मिलते हैं, वहाँ उनके अणुओं के असमान आकर्षण से एक अंतरापृष्ठीय तनाव बनता है, जो दोनों द्रवों को अलग परतों में रखता है।

जल के अणु ध्रुवीय होते हैं और हाइड्रोजन बंधों से एक-दूसरे को मज़बूती से पकड़ते हैं, जबकि तेल के अणु अध्रुवीय होते हैं और जल को बहुत कम आकर्षित करते हैं। दोनों द्रवों के अणु अपने ही जैसे अणुओं के साथ रहना पसंद करते हैं, इसलिए उनकी सीमा एक खिंची हुई झिल्ली की तरह व्यवहार करती है जो सबसे छोटे क्षेत्रफल में सिकुड़ना चाहती है। इसी कारण जल के साथ हिलाया गया तेल बूँदों में टूटकर फिर एक परत बना लेता है और कम घनत्व के कारण ऊपर तैरता है। साबुन और डिटर्जेंट यह तनाव घटाकर तेल को इमल्शन के रूप में जल में फैला देते हैं।

A गलत है: बल्क मॉड्यूलस बताता है कि किसी पदार्थ को दबाना कितना कठिन है, द्रवों का मिलना नहीं।

B गलत है: अपरूपण विकृति किसी वस्तु के आकार में पार्श्व बल से होने वाला परिवर्तन है।

C गलत है: 'आयतन प्रभाव' वह भौतिक गुण नहीं है जो मिश्रण तय करता है।

परीक्षा टिप: समान, समान में घुलता है; डिटर्जेंट तेल-जल पृष्ठ तनाव घटाकर इमल्शन बनाते हैं।

Q45.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से किसे 'काष्ठ स्पिरिट' (वुड स्पिरिट) के नाम से जाना जाता है?

  1. A.मेथेनॉल
  2. B.एथेनॉल
  3. C.फॉर्मेल्डिहाइड
  4. D.एसीटैल्डिहाइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेथेनॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, मेथेनॉल। मेथेनॉल (CH3OH) को काष्ठ स्पिरिट या काष्ठ ऐल्कोहॉल कहते हैं, क्योंकि यह पहले लकड़ी के भंजक आसवन से प्राप्त किया गया था।

मेथेनॉल सबसे सरल ऐल्कोहॉल है। लकड़ी को हवा की अनुपस्थिति में तेज़ गर्म करने पर जो वाष्प निकलते हैं, उनसे मेथेनॉल अलग किया जाता था, इसी से यह पुराना नाम पड़ा। आजकल यह मुख्यतः संश्लेषण गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन) से बनाया जाता है। मेथेनॉल अत्यंत विषैला है: थोड़ी मात्रा भी अंधापन या मृत्यु का कारण बन सकती है, और इसे औद्योगिक एथेनॉल में मिलाकर विकृत स्पिरिट बनाई जाती है ताकि उसे पिया न जा सके। इसका उपयोग विलायक, हिमरोधी और ईंधन के रूप में होता है।

B गलत है: एथेनॉल (C2H5OH) अनाज ऐल्कोहॉल या स्पिरिट ऑफ़ वाइन है, जो शर्करा के किण्वन से बनता है।

C गलत है: फॉर्मेल्डिहाइड (मेथेनैल) एक गैस है, जिसका 40 प्रतिशत जलीय विलयन फॉर्मेलिन है और नमूने सुरक्षित रखने में काम आता है।

D गलत है: एसीटैल्डिहाइड (एथेनैल) एथेनॉल के ऑक्सीकरण से बनता है; इसे काष्ठ स्पिरिट नहीं कहते।

परीक्षा टिप: काष्ठ स्पिरिट = मेथेनॉल (विषैला); अनाज ऐल्कोहॉल = एथेनॉल; फॉर्मेलिन = फॉर्मेल्डिहाइड का विलयन।

Q46.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iमध्यम

क्रिप्स मिशन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.मार्च 1942 में क्रिप्स ने युद्ध मंत्रिमंडल को एक प्रारूप घोषणा पर सहमत कराया
  2. B.जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल ने मिशन से वार्ता के लिए कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया
  3. C.मिशन ने युद्ध के बाद डोमिनियन दर्जे की पेशकश की
  4. D.मिशन ने युद्ध के बाद संविधान निर्मात्री निकाय के गठन की पेशकश की
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल ने मिशन से वार्ता के लिए कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया

व्याख्या

सही उत्तर है B, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल ने मिशन से वार्ता के लिए कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस की ओर से वार्ता जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने की थी, सरदार पटेल ने नहीं।

दक्षिण-पूर्व एशिया में जापान के बढ़ते कदमों के बीच ब्रिटिश युद्ध मंत्रिमंडल ने मार्च 1942 में सर स्टैफ़र्ड क्रिप्स को भारत भेजा, जब उन्होंने मंत्रिमंडल को एक प्रारूप घोषणा पर राज़ी कर लिया था। इसमें युद्ध के बाद डोमिनियन दर्जा, प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा चुना गया और रियासतों के सदस्यों वाला संविधान निर्मात्री निकाय, तथा किसी भी प्रांत को नए संघ से अलग रहने का अधिकार देने का वादा था। कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया, क्योंकि रक्षा अभी अंग्रेज़ों के हाथ में रहती और प्रांतों के विकल्प से विभाजन का खतरा था; गांधीजी ने इसे 'पोस्ट-डेटेड चेक' कहा।

A गलत है: युद्ध मंत्रिमंडल ने मार्च 1942 में क्रिप्स की प्रारूप घोषणा स्वीकार की थी।

C गलत है: युद्ध के बाद डोमिनियन दर्जा ही मुख्य प्रस्ताव था।

D गलत है: युद्ध के बाद संविधान निर्मात्री निकाय का प्रस्ताव भी दिया गया था।

परीक्षा टिप: क्रिप्स मिशन 1942: कांग्रेस की ओर से नेहरू और आज़ाद; 'पोस्ट-डेटेड चेक'; विफलता के बाद भारत छोड़ो आंदोलन।

Q47.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से किसका उपयोग पराबैंगनी (अल्ट्रा-वायलेट) रोधी चश्मों/काँच के निर्माण में किया जाता है?

  1. A.ऐलुमिनियम ऑक्साइड
  2. B.टंगस्टन ऑक्साइड
  3. C.मॉलिब्डेनम ऑक्साइड
  4. D.सीरियम ऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सीरियम ऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीरियम ऑक्साइड। सीरियम ऑक्साइड (CeO2) पराबैंगनी किरणों को प्रबलता से अवशोषित करता है और दृश्य प्रकाश को जाने देता है, इसलिए इसे काँच में मिलाकर उसे UV-रोधी बनाया जाता है।

सीरियम एक दुर्लभ मृदा तत्व है, जो लैंथेनाइड श्रेणी में आता है। इसका ऑक्साइड UV विकिरण को सोख लेता है और तेज़ धूप या विकिरण में काँच को काला पड़ने से बचाता है। इसी कारण इसका उपयोग धूप के चश्मों, चश्मे के लेंसों, वाहनों और भवनों के काँच तथा इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़ों को बचाने वाले काँच में होता है। सीरियम ऑक्साइड काँच और लेंस चमकाने का मानक चूर्ण भी है और वाहनों के उत्प्रेरक परिवर्तकों में उत्प्रेरक का काम करता है।

A गलत है: ऐलुमिनियम ऑक्साइड (ऐलुमिना) अपघर्षक और कठोर सिरेमिक में प्रयुक्त होता है, काँच में UV अवशोषक के रूप में नहीं।

B गलत है: टंगस्टन ऑक्साइड विद्युत-वर्णी (इलेक्ट्रोक्रोमिक) स्मार्ट खिड़कियों के लिए जाना जाता है, जो वोल्टेज से रंग बदलती हैं।

C गलत है: मॉलिब्डेनम ऑक्साइड मुख्यतः उत्प्रेरक और मिश्रधातुओं में काम आता है, UV-रोधी काँच में नहीं।

परीक्षा टिप: सीरियम ऑक्साइड = UV-रोधी काँच और काँच की पॉलिश; सीरियम एक लैंथेनाइड (दुर्लभ मृदा) है।

Q48.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iआसान

प्रोटीन संश्लेषण के लिए अमीनो अम्लों को कौन पहचानता है और ले जाता है?

  1. A.mRNA
  2. B.snRNA
  3. C.miRNA
  4. D.tRNA
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. tRNA

व्याख्या

सही उत्तर है D, tRNA। ट्रांसफ़र RNA एक विशेष अमीनो अम्ल को पकड़कर राइबोसोम तक लाता है, जहाँ उसे बनती हुई प्रोटीन श्रृंखला से जोड़ा जाता है।

प्रत्येक tRNA अणु तिपतिया (क्लोवर-लीफ़) आकार में मुड़ा होता है। उसके एक सिरे पर अमीनो अम्ल जुड़ा रहता है, जिसे एक एंज़ाइम हर tRNA के अपने अमीनो अम्ल से मिलाकर जोड़ता है, और दूसरी ओर के एंटीकोडॉन लूप में तीन क्षारक होते हैं जो mRNA के कोडॉन से जोड़ी बनाते हैं। इस तरह tRNA अनुकूलक (एडैप्टर) का काम करता है, जो अनुवाद के दौरान आनुवंशिक कूट पढ़कर सही अमीनो अम्ल सही क्रम में पहुँचाता है। ऐसे अनुकूलक अणु का विचार सबसे पहले फ़्रांसिस क्रिक ने दिया था।

A गलत है: mRNA, DNA से राइबोसोम तक कूटबद्ध संदेश ले जाता है, अमीनो अम्ल नहीं।

B गलत है: snRNA (छोटा केंद्रकीय RNA) स्प्लाइसिंग, यानी प्री-mRNA से इंट्रॉन हटाने में मदद करता है।

C गलत है: miRNA (माइक्रो RNA) कुछ mRNA को निष्क्रिय करके जीनों का नियमन करता है।

परीक्षा टिप: mRNA = संदेश (कोडॉन); tRNA = अमीनो अम्ल ले जाने वाला अनुकूलक (एंटीकोडॉन); rRNA = राइबोसोम का भाग।

Q49.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

त्रिक बिंदु (ट्रिपल पॉइंट) पर पदार्थ किन प्रावस्थाओं में एक साथ रहता है? 1. द्रव प्रावस्था 2. ठोस प्रावस्था 3. वाष्प प्रावस्था नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। त्रिक बिंदु वह एकमात्र ताप और दाब है जिस पर किसी पदार्थ की ठोस, द्रव और वाष्प, तीनों प्रावस्थाएँ साम्यावस्था में एक साथ रहती हैं।

प्रावस्था आरेख पर ठोस-द्रव, द्रव-वाष्प और ठोस-वाष्प को अलग करने वाली रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं, यही त्रिक बिंदु है। जल के लिए यह 273.16 K (0.01 °C) ताप और लगभग 611.66 पास्कल दाब पर है, जो सामान्य वायुदाब से बहुत कम है। यह स्थिर और आसानी से दोहराया जा सकता है, इसलिए लंबे समय तक केल्विन की परिभाषा जल के त्रिक बिंदु से दी जाती थी। त्रिक बिंदु से कम दाब पर ठोस सीधे वाष्प बन जाता है, जिसे ऊर्ध्वपातन कहते हैं; शुष्क बर्फ सामान्य दाब पर ऐसा करती है।

A गलत है: केवल द्रव प्रावस्था सामान्य स्थिति है, त्रिक बिंदु नहीं।

B गलत है: ठोस और द्रव एक साथ गलनांक पर रहते हैं, जहाँ वाष्प आवश्यक नहीं।

C गलत है: ठोस और वाष्प एक साथ ऊर्ध्वपातन वक्र पर रहते हैं, जो त्रिक बिंदु से नीचे है।

परीक्षा टिप: त्रिक बिंदु = तीनों प्रावस्थाएँ; जल का 0.01 °C (273.16 K) और लगभग 611.66 Pa पर।

Q50.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iकठिन

इलाहाबाद की संधि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इस पर वर्ष 1765 में हस्ताक्षर हुए थे
  2. B.मुग़ल सम्राट ने एक फ़रमान द्वारा बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी औपचारिक रूप से ईस्ट इंडिया कंपनी को प्रदान की
  3. C.50 लाख रुपये के भुगतान पर अवध उसके नवाब को लौटा दिया गया
  4. D.बनारस और उसके आसपास के क्षेत्र अवध से अलग करके शाह आलम द्वितीय को सौंप दिए गए
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बनारस और उसके आसपास के क्षेत्र अवध से अलग करके शाह आलम द्वितीय को सौंप दिए गए

व्याख्या

सही उत्तर है D, बनारस और उसके आसपास के क्षेत्र अवध से अलग करके शाह आलम द्वितीय को सौंप दिए गए। अवध से लेकर शाह आलम द्वितीय को दिए गए ज़िले कड़ा और इलाहाबाद थे, बनारस नहीं।

बक्सर के युद्ध (1764) के बाद रॉबर्ट क्लाइव ने अगस्त 1765 में इलाहाबाद में दो संधियाँ कीं। पहली संधि से मुग़ल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने फ़रमान जारी कर कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी, यानी राजस्व वसूलने का अधिकार दिया और बदले में 26 लाख रुपये वार्षिक पाए; उन्हें कड़ा और इलाहाबाद भी मिले। दूसरी संधि से नवाब शुजाउद्दौला ने युद्ध हर्जाने के रूप में 50 लाख रुपये देकर अवध वापस पाया, और बनारस के ज़मींदार बलवंत सिंह की जागीर बनी रही।

A गलत है: संधि वास्तव में 1765 में हुई थी।

B गलत है: सम्राट के फ़रमान से दीवानी मिलना इस संधि की सबसे प्रसिद्ध शर्त है।

C गलत है: 50 लाख रुपये के बदले अवध शुजाउद्दौला को लौटाया गया था।

परीक्षा टिप: इलाहाबाद की संधि 1765: दीवानी कंपनी को; कड़ा और इलाहाबाद शाह आलम द्वितीय को; अवध से 50 लाख।

आज का क्विज

और करेंट अफेयर्स

परीक्षा के अनुसार करेंट अफेयर्स:SSCबैंकिंगUPSCरेलवेराज्य परीक्षाएंरक्षाशिक्षण