दिल्ली को 150 इलेक्ट्रिक बसें और 13 नए वायु गुणवत्ता केंद्र मिले
भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 150 इलेक्ट्रिक बसें रवाना कीं और 13 नए निगरानी केंद्र शुरू किए, जिससे नेटवर्क 60 केंद्रों का हो गया।

चर्चा में क्यों
13 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आनंद विहार हॉटस्पॉट की समीक्षा की, 150 इलेक्ट्रिक बसें रवाना कीं और 13 नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों का उद्घाटन किया।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 13 अक्टूबर 2026 को आनंद विहार हॉटस्पॉट पर वायु प्रदूषण रोकने के उपायों की जमीनी समीक्षा की और शास्त्री पार्क में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया।
क्या शुरू हुआ
दोनों नेताओं ने सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वामी विवेकानंद अंतरराज्यीय बस अड्डे, आनंद विहार से 150 नई इलेक्ट्रिक बसें रवाना कीं। उन्होंने पांच जगहों पर सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए - आनंद विहार बस अड्डा तथा नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर डिपो। इसी अवसर पर समिति द्वारा राजधानी में लगाए गए तेरह नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों का भी उद्घाटन हुआ।
निगरानी का घना जाल
दिल्ली में पहले से 47 ऐसे केंद्र थे, जिन्हें प्रदूषण नियंत्रण समिति, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान और आवास मंत्रालय जैसी एजेंसियां चलाती हैं। नए केंद्रों के जुड़ने से यह जाल 60 केंद्रों का हो गया है। आबादी पर आधारित पुराने मानकों के अलावा अब हर 25 वर्ग किलोमीटर, यानी पांच किलोमीटर गुणा पांच किलोमीटर के खंड पर एक केंद्र का ढांचा अपनाया गया है और मंत्री ने कहा कि इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों तक बढ़ाया जाएगा। आंकड़े बोर्ड के सर्वर और समीर मोबाइल ऐप के जरिये जनता तक पहुंचते हैं।
आनंद विहार हॉटस्पॉट
आनंद विहार बस अड्डे पर भीड़, कच्ची सड़कों और किनारों से उठती धूल, गड्ढे, निर्माण एवं विध्वंस का मलबा, कचरा डालने तथा खुले में कूड़ा जलाने के कारण प्रदूषण का बड़ा केंद्र बन गया था। छोटी और लंबी अवधि के काम ग्यारह एजेंसियों को सौंपे गए। भीतरी सड़कें पक्की की गईं, अतिक्रमण हटाया गया, निर्माण स्थलों पर हरे जाल और धूल नियंत्रण लागू हुआ, अवैध मलबा हटाया गया और जाम कम किया गया, जबकि हरियाली का काम जारी है।
कमान केंद्र
शास्त्री पार्क का यह केंद्र वायु गुणवत्ता, धूल नियंत्रण स्थलों, शोर स्तर, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने, नागरिक शिकायतों और प्रवर्तन वाहनों के आंकड़े एक ही मंच पर लाता है और कैमरों तथा स्थान तकनीक से चौबीसों घंटे नजर रखता है। इसे पंद्रह बाहरी प्रणालियों से जोड़ा जाना है, जिनमें नौ जुड़ चुकी हैं और बाकी चरणबद्ध रूप से जोड़ी जा रही हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| तिथि | 13 अक्टूबर 2026 |
|---|---|
| केंद्रीय पर्यावरण मंत्री | भूपेंद्र यादव |
| दिल्ली की मुख्यमंत्री | रेखा गुप्ता |
| समीक्षा वाला हॉटस्पॉट | आनंद विहार, दिल्ली |
| रवाना की गई इलेक्ट्रिक बसें | 150, सेवा संकल्प अभियान के तहत |
| नए निगरानी केंद्र | 13, जिससे कुल संख्या 60 हुई |
| निगरानी ढांचा | हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक केंद्र |
| कमान केंद्र | शास्त्री पार्क में डीपीसीसी का एआई आधारित आईसीसीसी |
| आंकड़ों की उपलब्धता | सीपीसीबी सर्वर और समीर मोबाइल ऐप |
परीक्षा की दृष्टि से
दोनों नेताओं के नाम, समीक्षा वाला हॉटस्पॉट (आनंद विहार), बसों से जुड़ा अभियान (सेवा संकल्प अभियान), 150 इलेक्ट्रिक बसें और 13 नए केंद्र, जाल का 47 से 60 केंद्रों तक पहुंचना, हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक केंद्र का ढांचा, समीर ऐप तथा शास्त्री पार्क का कमान केंद्र याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के आनंद विहार से कितनी इलेक्ट्रिक बसें रवाना की गईं?
- A.100
- B.150
- C.250
- D.500
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 150 है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वामी विवेकानंद अंतरराज्यीय बस अड्डे, आनंद विहार से 150 नई इलेक्ट्रिक बसें हरी झंडी दिखाकर रवाना कीं, जो राजधानी में स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में कदम है। बाकी तीनों विकल्प गोल-मटोल संख्याएं हैं, पर घोषणा से उनका मेल नहीं बैठता। इसी अवसर पर दोनों नेताओं ने पांच जगहों पर सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू किए - आनंद विहार बस अड्डा तथा नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर डिपो - ताकि नए बेड़े को चार्जिंग की सुविधा मिले। उन्होंने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के तेरह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों का उद्घाटन भी किया और आनंद विहार हॉटस्पॉट के उपायों की समीक्षा की, जहां ग्यारह एजेंसियों को काम सौंपे गए थे।
13 अक्टूबर 2026 को नए केंद्र शुरू होने के बाद दिल्ली में सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की कुल संख्या कितनी हो गई?
- A.47
- B.53
- C.60
- D.75
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 60 है। दिल्ली में पहले सैंतालीस निगरानी केंद्र थे, जिन्हें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान और आवास तथा शहरी कार्य से जुड़े मंत्रालय जैसी एजेंसियां चलाती हैं। समिति द्वारा लगाए तेरह नए केंद्रों के उद्घाटन के बाद यह जाल साठ केंद्रों का हो गया। विकल्प A नए केंद्र जुड़ने से पहले की संख्या है, इसलिए वह पुराना आंकड़ा है। विकल्प B गलत जोड़ से बना आंकड़ा है और घोषणा में कहीं नहीं आता, जबकि विकल्प D बहुत ऊंचा है। मंत्री ने बताया कि आबादी पर आधारित पुराने मानकों के अलावा अब हर पच्चीस वर्ग किलोमीटर पर एक केंद्र का ढांचा अपनाया गया है और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों तक बढ़ाया जाएगा। आंकड़े बोर्ड के सर्वर और समीर मोबाइल ऐप से जनता तक पहुंचते हैं।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का एआई आधारित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र कहां स्थित है?
- A.आनंद विहार
- B.शास्त्री पार्क
- C.केशोपुर
- D.नंद नगरी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर शास्त्री पार्क है, जहां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने अपना एआई आधारित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र बनाया है और जिसका दौरा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री ने किया। यह केंद्र वायु गुणवत्ता, धूल नियंत्रण स्थलों, परिवेशी शोर, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने की घटनाओं, नागरिक शिकायतों और प्रवर्तन वाहनों के आंकड़े एक ही डिजिटल मंच पर लाता है तथा कैमरों और स्थान तकनीक से चौबीसों घंटे नजर रखता है। इसे पंद्रह बाहरी प्रणालियों से जोड़ा जाना है, जिनमें नौ जुड़ चुकी हैं और बाकी छह चरणबद्ध रूप से जोड़ी जा रही हैं। विकल्प A यानी आनंद विहार वह हॉटस्पॉट है जिसकी समीक्षा हुई और जहां से बसें रवाना हुईं, केंद्र का स्थान नहीं। विकल्प C और D उन पांच डिपो में से दो हैं जहां उसी दिन चार्जिंग स्टेशन शुरू हुए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कितनी इलेक्ट्रिक बसें रवाना की गईं?
स्वामी विवेकानंद अंतरराज्यीय बस अड्डे, आनंद विहार से सेवा संकल्प अभियान के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसें रवाना की गईं। इन्हें भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाई।
दिल्ली में अब कितने वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र हैं?
कुल 60 केंद्र। पहले दिल्ली में 47 केंद्र थे, जिन्हें डीपीसीसी, सीपीसीबी, मौसम विभाग और आईआईटीएम जैसी एजेंसियां चलाती हैं, और 13 नए केंद्र 13 अक्टूबर 2026 को शुरू किए गए।
शास्त्री पार्क का आईसीसीसी क्या है?
यह दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का एआई आधारित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र है। यह वायु गुणवत्ता, धूल, शोर, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने और शिकायतों के आंकड़े एक मंच पर लाकर चौबीसों घंटे निगरानी करता है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322719 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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