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8वीं प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी में उत्तराखंड के 27 उपहार

प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के आठवें संस्करण में उत्तराखंड के 27 उपहार रखे गए हैं और इससे मिलने वाली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को जाएगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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8वीं प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी में उत्तराखंड के 27 उपहार

चर्चा में क्यों

संस्कृति मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के आठवें संस्करण में उत्तराखंड के 27 स्मृति चिन्हों को सामने रखा, जो नमामि गंगे कार्यक्रम के लिए राशि जुटाती है और जिसकी अवधि महीने की इकतीस तारीख तक बढ़ाई गई है।

संस्कृति मंत्रालय ने प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के आठवें संस्करण में उत्तराखंड के 27 स्मृति चिन्हों का संग्रह रखा है। देवभूमि कहे जाने वाले इस राज्य की झलक फ्रेमयुक्त कलाकृतियों, फोटो प्रिंट, मंदिर मॉडल और अन्य यादगार वस्तुओं में मिलती है, जो प्रधानमंत्री को भेंट की गई थीं। बिक्री से मिलने वाली राशि नदी के पुनरुद्धार तथा संरक्षण के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाएगी।

लघु रूप में मंदिर

चार मंदिर मॉडल राज्य के कुछ सर्वाधिक पूजनीय स्थलों को दर्शाते हैं। इनमें दो श्री केदारनाथ धाम के हैं। तीसरा उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर का है और चौथा मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का लकड़ी का मॉडल है। ये सभी मिलकर पहाड़ के जीवन में तीर्थयात्रा और भक्ति के स्थान को बताते हैं।

पवित्र परिदृश्य

एक फोटो प्रिंट में चारों धाम एक ही फ्रेम में आ जाते हैं, अर्थात बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री। संग्रह में हरिद्वार की मनसा देवी की फ्रेमयुक्त तस्वीर, आदि कैलाश का दृश्य, महासू देवता मंदिर का चित्र और कार्तिक स्वामी मंदिर को दिखाने वाला एलईडी रोशनी वाला कांच का स्मृति चिन्ह भी है। एक अन्य प्रिंट नारायण आश्रम को कुमाऊं हिमालय की पृष्ठभूमि में दिखाता है और उस पर्वतीय परिवेश को पकड़ता है जो इस क्षेत्र के आध्यात्मिक स्वरूप को गढ़ता है।

लोक कला और क्षेत्रीय पहचान

आस्था राज्य की लोक कला में भी दिखती है। ऐपन कला एक दीवार घड़ी पर और मां दुर्गा की एक कलाकृति में मौजूद है, जो बताती है कि धार्मिक प्रतीक स्थानीय कला परंपरा के भीतर कैसे बसे हुए हैं। सात उत्तराखंडी या पहाड़ी टोपियां राज्य की क्षेत्रीय पहचान का जाना पहचाना चिह्न लेकर आती हैं।

कलाकृतियों के बीच एक रैकेट

संग्रह में खेल जगत की एक वस्तु भी है, उत्तराखंड के लक्ष्य सेन का हस्ताक्षरित बैडमिंटन रैकेट। धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत से गढ़े इस समूह में यह खेल की उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता है।

कैसे भाग लें

मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का मॉडल इस संग्रह को पहल के उद्देश्य से जोड़ता है, क्योंकि गंगा राज्य के आध्यात्मिक जीवन के केंद्र में है और बिक्री उसी नदी की सफाई में सहायक होगी। नीलामी चल रही है और इसकी अवधि महीने की इकतीस तारीख तक बढ़ाई गई है। बोली आधिकारिक प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी पोर्टल पर ऑनलाइन लगाई जा सकती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनप्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी का आठवां संस्करण
मंत्रालयसंस्कृति मंत्रालय
केंद्रित राज्यउत्तराखंड, देवभूमि
स्मृति चिन्हों की संख्या27
राशि किसेनमामि गंगे कार्यक्रम
मंदिर मॉडलदो श्री केदारनाथ धाम, उखीमठ का ओंकारेश्वर मंदिर, मुखबा का लकड़ी का गंगा जी मंदिर
चारों धाम प्रिंटबद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री
एलईडी कांच का चिन्हकार्तिक स्वामी मंदिर
लोक कलाऐपन, दीवार घड़ी और मां दुर्गा की कलाकृति पर
खेल से जुड़ी वस्तुलक्ष्य सेन का हस्ताक्षरित बैडमिंटन रैकेट
अवधिचल रही है, महीने की इकतीस तारीख तक बढ़ाई गई

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण आठवां, उत्तराखंड के स्मृति चिन्हों की संख्या 27, लाभार्थी कार्यक्रम नमामि गंगे, चार मंदिर मॉडल जिनमें मुखबा का लकड़ी का गंगा जी मंदिर, चारों धाम के नाम, एलईडी कांच के चिन्ह पर कार्तिक स्वामी मंदिर, लोक कला ऐपन और लक्ष्य सेन का हस्ताक्षरित रैकेट याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के आठवें संस्करण में उत्तराखंड के कितने स्मृति चिन्ह शामिल हैं?

  1. A.17
  2. B.21
  3. C.27
  4. D.37
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 27

व्याख्या

सही उत्तर 27 है। इस संस्करण में उत्तराखंड से लिया गया संग्रह सत्ताईस स्मृति चिन्हों का है, जो सभी प्रधानमंत्री को भेंट किए गए उपहार हैं, और इनमें फ्रेमयुक्त कलाकृतियां, फोटो प्रिंट, मंदिर मॉडल तथा अन्य यादगार वस्तुएं शामिल हैं, जो राज्य के पवित्र स्थलों, लोक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान को दर्शाती हैं। बाकी तीन विकल्प असली संख्या के आसपास रखे गए हैं, जैसा ऐसे प्रश्नों में आम है, इसलिए सटीक गिनती याद रखनी चाहिए। इतना ही महत्वपूर्ण यह है कि राशि कहां जाती है, क्योंकि नीलामी से मिलने वाला धन नदी के पुनरुद्धार एवं संरक्षण के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम को सहायता देता है। परीक्षार्थी यह भी ध्यान रखें कि यह पहल का आठवां संस्करण है, इसे संस्कृति मंत्रालय चला रहा है और बोली आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन लगती है।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी से मिलने वाली राशि किस कार्यक्रम को दी जाती है?

  1. A.स्वच्छ भारत मिशन
  2. B.नमामि गंगे कार्यक्रम
  3. C.जल जीवन मिशन
  4. D.अटल भूजल योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नमामि गंगे कार्यक्रम

व्याख्या

सही उत्तर नमामि गंगे कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री को भेंट किए गए स्मृति चिन्हों की नीलामी से जुटाया गया धन इस कार्यक्रम के तहत गंगा के पुनरुद्धार तथा संरक्षण में लगाया जाता है, इसी कारण मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर के लकड़ी के मॉडल को उत्तराखंड के संग्रह और इस पहल के उद्देश्य के बीच की कड़ी बताया गया है। विकल्प क, स्वच्छ भारत मिशन, देश का स्वच्छता कार्यक्रम है और यहां लाभार्थी नहीं है। विकल्प ग, जल जीवन मिशन, ग्रामीण घरों तक नल से पेयजल पहुंचाने पर काम करता है। विकल्प घ, अटल भूजल योजना, चुने हुए राज्यों में भूजल प्रबंधन से जुड़ी है। ये तीनों जल और स्वच्छता से जुड़े विश्वसनीय दिखने वाले कार्यक्रम हैं, जिससे यह प्रश्न अच्छी परख बनता है, पर नीलामी की राशि केवल नमामि गंगे कार्यक्रम को जाती है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

उत्तराखंड के स्मृति चिन्ह संग्रह में किस खिलाड़ी का हस्ताक्षरित बैडमिंटन रैकेट शामिल है?

  1. A.लक्ष्य सेन
  2. B.किदांबी श्रीकांत
  3. C.एच. एस. प्रणय
  4. D.सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लक्ष्य सेन

व्याख्या

सही उत्तर लक्ष्य सेन हैं, उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी जिनका हस्ताक्षरित रैकेट इस संग्रह में खेल जगत की एकमात्र वस्तु है, जबकि बाकी संग्रह राज्य की धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत से गढ़ा गया है। परीक्षाओं में जो कड़ी पूछी जाती है वह खिलाड़ी का गृह राज्य है, क्योंकि पूरा संग्रह उत्तराखंड पर केंद्रित है। विकल्प ख, किदांबी श्रीकांत, आंध्र प्रदेश के अग्रणी एकल खिलाड़ी हैं और इस संग्रह से जुड़े नहीं हैं। विकल्प ग, एच. एस. प्रणय, केरल से हैं। विकल्प घ, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, आंध्र प्रदेश के युगल विशेषज्ञ हैं। रैकेट के अलावा संग्रह में चार मंदिर मॉडल, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री का फोटो प्रिंट, ऐपन लोक कलाकृति और सात उत्तराखंडी या पहाड़ी टोपियां शामिल हैं। नीलामी से मिलने वाली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है और बोली आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन लगाई जा सकती है।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

संग्रह में गंगा जी मंदिर का लकड़ी का मॉडल किस स्थान के मंदिर का है?

  1. A.उखीमठ
  2. B.मुखबा
  3. C.गंगोत्री
  4. D.हरिद्वार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मुखबा

व्याख्या

सही उत्तर मुखबा है। लकड़ी का मॉडल मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का है, और इसी वस्तु को उस कड़ी के रूप में बताया गया है जो प्रदर्शित उत्तराखंडी विरासत को नीलामी के उद्देश्य से जोड़ती है, क्योंकि गंगा राज्य के आध्यात्मिक जीवन के केंद्र में है और बिक्री उसी नदी के पुनरुद्धार में सहायक होती है। विकल्प क, उखीमठ, ओंकारेश्वर मंदिर का स्थान है, जो संग्रह के चार मंदिर मॉडलों में से एक और है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत उत्तर बनता है। विकल्प ग, गंगोत्री, फोटो प्रिंट में दिखाए गए चारों धाम में से एक है, इस लकड़ी के मॉडल का स्थान नहीं। विकल्प घ, हरिद्वार, वह स्थान है जहां की मनसा देवी की फ्रेमयुक्त तस्वीर संग्रह में है। प्रत्येक वस्तु को उसके स्थान के साथ याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे पक्का तरीका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी क्या है?

यह संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री को भेंट किए गए उपहारों तथा स्मृति चिन्हों की नीलामी है। आठवें संस्करण में उत्तराखंड की 27 वस्तुएं शामिल हैं और इससे मिलने वाली राशि नदी के पुनरुद्धार एवं संरक्षण के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम को जाती है।

उत्तराखंड के संग्रह में कौन से मंदिर मॉडल हैं?

चार मॉडल रखे गए हैं, दो श्री केदारनाथ धाम के, एक उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर का और एक मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का लकड़ी का मॉडल।

आठवें संस्करण में खेल से जुड़ी कौन सी वस्तु है?

उत्तराखंड के लक्ष्य सेन का हस्ताक्षरित बैडमिंटन रैकेट इस संग्रह का हिस्सा है, जो धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत से गढ़े समूह में खेल की उपलब्धि को दर्शाता है।

स्मृति चिन्हों में उत्तराखंड की कौन सी लोक कला दिखती है?

ऐपन कला, जो एक दीवार घड़ी पर और मां दुर्गा को दर्शाने वाली कलाकृति में मौजूद है। राज्य की क्षेत्रीय पहचान के चिह्न के रूप में सात उत्तराखंडी या पहाड़ी टोपियां भी शामिल हैं।

स्रोत

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