भारतीय मुक्केबाजी को इंडियन ऑयल से 40 करोड़ रुपये मिलेंगे
एनएसडीएफ, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बीच समझौता ज्ञापन हुआ, जिसके तहत कंपनी दो वर्ष में मुक्केबाजी पर 40 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

चर्चा में क्यों
13 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने समझौता ज्ञापन किया, जिसके तहत इंडियन ऑयल देश में मुक्केबाजी की व्यवस्था मजबूत करने के लिए दो वर्ष में 40 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन देश में मुक्केबाजी को मजबूत करने के लिए एक साझेदारी में आए हैं। नई दिल्ली में हुए समझौता ज्ञापन के तहत यह तेल कंपनी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से दो वर्ष में 40 करोड़ रुपये देगी। हस्ताक्षर के समय केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया उपस्थित रहे।
राशि कहां खर्च होगी
- प्रतिभा की पहचान और खिलाड़ियों का विकास।
- मुक्केबाजों के लिए कोचिंग, खेल विज्ञान सहायता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव।
- देश भर में मुक्केबाजी अकादमियों को मजबूत करना।
- कोचों, रेफरियों और तकनीकी अधिकारियों की क्षमता निर्माण।
इस व्यवस्था में तीन ताकतें एक साथ आई हैं: कंपनी का सीएसआर धन, कोष की संसाधन जुटाने की भूमिका और भारतीय खेल प्राधिकरण की तकनीकी विशेषज्ञता। मुक्केबाजों को अच्छी कोचिंग, वैज्ञानिक सहायता, प्रशिक्षण सुविधाएं तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अवसर मिलेंगे।
यह अब क्यों संभव हुआ
यह समझौता लोक उद्यम विभाग के साझा सीएसआर विषय ढांचे में खेल को एक अलग विषय क्षेत्र के रूप में शामिल करने के बाद हुआ है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए खेल में निवेश का रास्ता खुला। खेल मंत्री ने इस कदम को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर नई खेलो इंडिया योजना से जोड़ा, जिसके तहत सरकार कॉर्पोरेट साझेदारों के साथ काम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि खेल को शुरुआती दौर में सहारे की जरूरत होती है, उसके बाद व्यवस्था खुद चलने लगती है और निवेश अपने आप आता है। उन्होंने कंपनियों से हर खेल के लिए आगे आने का आग्रह किया।
भारतीय मुक्केबाजी का हाल का प्रदर्शन
यह साझेदारी खेल के लिए अच्छे समय पर आई है। एशियाई खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल छह पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य शामिल थे। नया कार्यक्रम इसी प्रदर्शन पर आगे बढ़ते हुए उभरते तथा शीर्ष मुक्केबाजों के विकास का रास्ता मजबूत करेगा।
राष्ट्रीय खेल विकास कोष के बारे में
इस कोष की स्थापना भारत सरकार ने 1998 में चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट 1890 के अंतर्गत की थी। यह व्यक्तियों और कंपनियों से खेल विकास के लिए संसाधन जुटाता है तथा सार्वजनिक एवं निजी संगठनों के साथ भागीदारी से खिलाड़ियों के विकास, खेल अधोसंरचना, अकादमियों, विशेष कोचिंग, उपकरण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव में सहयोग करता है। हस्ताक्षर के अवसर पर खेल सचिव हरि रंजन राव, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह तथा इंडियन ऑयल की मानव संसाधन निदेशक रश्मि गोविल भी मौजूद थीं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| साझेदार | राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन |
|---|---|
| खेल | मुक्केबाजी |
| सीएसआर सहायता | दो वर्ष में 40 करोड़ रुपये |
| केंद्रीय खेल मंत्री | डॉ. मनसुख मांडविया |
| नीतिगत जुड़ाव | नई खेलो इंडिया योजना, मंत्रिमंडल से मंजूर |
| सहायक ढांचा | लोक उद्यम विभाग का साझा सीएसआर विषय ढांचा |
| एशियाई खेल 2026 में मुक्केबाजी पदक | कुल छह - तीन स्वर्ण और तीन कांस्य |
| कोष की स्थापना | 1998, चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट 1890 के तहत |
| खेल सचिव | हरि रंजन राव |
| भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष | अजय सिंह |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें तीनों साझेदार (एनएसडीएफ, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल), दो वर्ष की 40 करोड़ रुपये की राशि, मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, नई खेलो इंडिया योजना तथा लोक उद्यम विभाग के साझा सीएसआर ढांचे से जुड़ाव, एशियाई खेल 2026 में छह पदक जिनमें तीन स्वर्ण, और कोष की स्थापना 1998 में चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट 1890 के तहत।
अभ्यास प्रश्न
भारत में मुक्केबाजी को मजबूत करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन दो वर्ष में कितनी राशि देगा?
- A.20 करोड़ रुपये
- B.40 करोड़ रुपये
- C.60 करोड़ रुपये
- D.100 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 40 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय खेल विकास कोष तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन यह राशि दो वर्ष की अवधि में अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से उपलब्ध कराएगा। यह धन प्रतिभा की पहचान, खिलाड़ियों के विकास, कोचिंग, खेल विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय अनुभव, मुक्केबाजी अकादमियों को मजबूत करने तथा कोचों, रेफरियों और तकनीकी अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर खर्च होगा। विकल्प A, C और D में दी राशियां इस साझेदारी में घोषित नहीं हुईं। यह व्यवस्था इसलिए खास है कि इसमें तीन ताकतें मिलती हैं: कंपनी का सीएसआर सहयोग, कोष की संसाधन जुटाने की भूमिका और भारतीय खेल प्राधिकरण की तकनीकी विशेषज्ञता, जिससे मुक्केबाजों को कोचिंग, वैज्ञानिक सहायता और प्रतिस्पर्धा के अवसर मिलेंगे।
एशियाई खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने कितने पदक जीते?
- A.चार, जिनमें दो स्वर्ण
- B.छह, जिनमें तीन स्वर्ण
- C.आठ, जिनमें एक स्वर्ण
- D.तीन, सभी कांस्य
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर छह पदक, जिनमें तीन स्वर्ण है। भारतीय मुक्केबाजों ने एशियाई खेल 2026 में कुल छह पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य शामिल थे, और इसी प्रदर्शन के कारण नई साझेदारी को खेल के लिए महत्वपूर्ण समय पर आई बताया गया है। राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के इस कार्यक्रम का उद्देश्य उस नतीजे पर आगे बढ़ते हुए उभरते तथा शीर्ष स्तर के मुक्केबाजों के विकास का रास्ता मजबूत करना है। विकल्प A कुल संख्या और स्वर्ण दोनों कम बताता है, विकल्प C में कुल संख्या तथा स्वर्ण दोनों गलत हैं, और विकल्प D स्वर्ण पदकों को ही छोड़ देता है, जो इस आंकड़े का सबसे अहम हिस्सा है। ध्यान दें कि इस पदक तालिका में कोई रजत पदक शामिल नहीं था।
राष्ट्रीय खेल विकास कोष की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत हुई थी?
- A.सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860
- B.चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890
- C.भारतीय न्यास अधिनियम, 1882
- D.कंपनी अधिनियम, 1956
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890 है। राष्ट्रीय खेल विकास कोष की स्थापना भारत सरकार ने 1998 में इसी अधिनियम के अंतर्गत की थी, और इसका उद्देश्य व्यक्तियों तथा कंपनियों से देश में खेल के विकास के लिए संसाधन जुटाना है। यह कोष सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ भागीदारी के जरिये खिलाड़ियों के विकास, खेल अधोसंरचना, अकादमियों, विशेष कोचिंग, उपकरण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव में सहयोग करता है, और यही भूमिका वह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ मुक्केबाजी समझौते में निभा रहा है। विकल्प A, C और D में सोसायटी, न्यास तथा कंपनियों से जुड़े जाने-माने कानून हैं, जो ऐसे निकाय के लिए संभावित लगते हैं, पर इस कोष का आधार कानून इनमें से कोई नहीं है। स्थापना वर्ष 1998 भी परीक्षा के लिए याद रखें।
केंद्रीय खेल मंत्री ने सीएसआर आधारित इस मुक्केबाजी साझेदारी को किस योजना से जोड़ा?
- A.फिट इंडिया मूवमेंट
- B.टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना
- C.नई खेलो इंडिया योजना
- D.राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नई खेलो इंडिया योजना है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर इस योजना के तहत सरकार कॉर्पोरेट साझेदारों के साथ सहयोग गहरा कर रही है और इस तरह की सीएसआर आधारित साझेदारियां सही अर्थों में राष्ट्रीय खेल व्यवस्था बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि खेल को शुरुआती और विकासशील दौर में सहारे की जरूरत होती है, बाद में व्यवस्था स्वयं चलने लगती है और निवेश अपने आप आता है, तथा कंपनियों को केवल मुक्केबाजी नहीं बल्कि हर खेल के लिए आगे आना चाहिए। विकल्प A, B और D खेल से जुड़ी वास्तविक सरकारी पहलें हैं, इसलिए संभावित लगती हैं, पर मंत्री ने इस समझौते को नई खेलो इंडिया योजना से जोड़ा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंडियन ऑयल भारतीय मुक्केबाजी में कितना निवेश करेगा?
दो वर्ष में 40 करोड़ रुपये, जो उसके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से आएंगे। यह राशि प्रतिभा पहचान, खिलाड़ियों के विकास, कोचिंग, खेल विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय अनुभव, अकादमियों तथा कोचों और रेफरियों के प्रशिक्षण पर खर्च होगी।
मुक्केबाजी का यह समझौता किन तीन संस्थाओं के बीच हुआ?
राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बीच। इसमें कंपनी का सीएसआर धन, कोष की संसाधन जुटाने की भूमिका और प्राधिकरण की तकनीकी विशेषज्ञता एक साथ आई है।
एशियाई खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन कैसा रहा?
उन्होंने छह पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य थे। नई साझेदारी का उद्देश्य इसी प्रदर्शन पर आगे बढ़कर उभरते और शीर्ष मुक्केबाजों का रास्ता मजबूत करना है।
राष्ट्रीय खेल विकास कोष कब बना था?
भारत सरकार ने इसे 1998 में चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट 1890 के अंतर्गत स्थापित किया था। यह व्यक्तियों और कंपनियों से खेल विकास के लिए संसाधन जुटाता है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322887 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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