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बिहार में NH-22 का चार लेन चौड़ीकरण, लागत 3,590.73 करोड़ रुपये

बिहार में NH-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड 82.57 किलोमीटर में चार लेन का होगा, कुल लागत 3,590.73 करोड़ रुपये, काम एचएएम पद्धति पर होगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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बिहार में NH-22 का चार लेन चौड़ीकरण, लागत 3,590.73 करोड़ रुपये — GK24 title card

चर्चा में क्यों

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति में बिहार में NH-22 के 82.57 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड के चार लेन चौड़ीकरण का विवरण दिया, जिसे अगस्त 2026 में सीसीईए ने 3,590.73 करोड़ रुपये में मंजूरी दी थी।

बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन का बनाया जाएगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अगस्त 2026 में इस काम को मंजूरी दी, जिसमें 82.57 किलोमीटर लंबाई शामिल है और कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है। यह काम हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर होगा। यह मार्ग उत्तर बिहार के एक बड़े आर्थिक केंद्र को भारत-नेपाल सीमा से जोड़ता है।

नेपाल सीमा तक का रास्ता

NH-22 मुजफ्फरपुर से भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा तक जाता है। मुजफ्फरपुर में यह NH-27 से मिलता है, जो पूर्व-पश्चिम गलियारे का हिस्सा है, और सोनबरसा की ओर यह राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सीमा पार परिवहन सुविधाओं से जोड़ता है। पास के भिठामोड़ लैंड पोर्ट से होने वाली यात्री तथा मालवाहक आवाजाही को चौड़ी सड़क का लाभ मिलने की आशा है।

क्या बनेगा

लंबाई82.57 किलोमीटर
लागत3,590.73 करोड़ रुपये
डिजाइन गति100 किलोमीटर प्रति घंटा
बड़े पुलसात, जिनमें बागमती पर 340 मीटर का एक पुल

परियोजना में सात बड़े पुल हैं, जिनमें सदानीरा बागमती नदी पर 340 मीटर का ढांचा शामिल है, साथ ही तीन रेल ऊपरी पुल और दो फ्लाईओवर भी बनेंगे। राजमार्ग 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति के लिए बनाया गया है, औसत परिचालन गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी और मध्यिका में समतल कट नहीं होंगे, जिससे यात्रा का समय अधिक निश्चित होगा।

घनी बस्तियों से गुजरता मार्ग

मौजूदा मार्ग मुजफ्फरपुर, मुकसुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा जैसी घनी आबादी वाली जगहों से गुजरता है। चौड़ीकरण से इन हिस्सों पर भीड़ कम होने की आशा है।

उद्योग, रेल और खेत से जुड़ाव

यह काम पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत नियोजित है। यह गलियारा पांच आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा, जिनमें चार औद्योगिक क्षेत्र और एक मेगा फूड पार्क है, जिससे निर्माण तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को सहारा मिलेगा। मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों तक बेहतर पहुंच से बहुविध माल ढुलाई में मदद मिलेगी। NH-31 तथा NH-122 से जुड़ाव इस सड़क को राज्य के बड़े नेटवर्क में मिलाता है, जबकि बरौनी के औद्योगिक केंद्र और गंगा के किनारे जलमार्ग केंद्रों की ओर संपर्क से अंतर्देशीय जलमार्ग व्यापार के अवसर खुलेंगे।

मंदिर और आकांक्षी जिले

बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम और बौद्ध परिपथ तक पहुंच सुधरेगी। मुजफ्फरपुर तथा सीतामढ़ी, दोनों आकांक्षी जिलों में गिने जाते हैं, इसलिए बेहतर संपर्क का एक विकास उद्देश्य भी है।

महत्वपूर्ण तथ्य

राजमार्गराष्ट्रीय राजमार्ग-22 (NH-22), बिहार
खंडमुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा
लंबाई82.57 किलोमीटर
पूंजीगत लागत3,590.73 करोड़ रुपये
पद्धतिहाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम)
मंजूरीआर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति, अगस्त 2026
ढांचेसात बड़े पुल, तीन रेल ऊपरी पुल, दो फ्लाईओवर
सबसे बड़ा पुलबागमती नदी पर 340 मीटर
डिजाइन गति100 किलोमीटर प्रति घंटा, औसत परिचालन गति 80
लैंड पोर्टभिठामोड़ लैंड पोर्ट, भारत-नेपाल सीमा
आर्थिक केंद्रपांच, जिनमें चार औद्योगिक क्षेत्र और एक मेगा फूड पार्क
मास्टर प्लानपीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान

परीक्षा की दृष्टि से

राजमार्ग NH-22, खंड मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा, लंबाई 82.57 किलोमीटर, लागत 3,590.73 करोड़ रुपये, पद्धति हाइब्रिड एन्युइटी मोड, मंजूरी देने वाली समिति सीसीईए अगस्त 2026, बागमती पर 340 मीटर का पुल, डिजाइन गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा, भिठामोड़ लैंड पोर्ट और पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राज्य समाचारमध्यम

बिहार में NH-22 के चार लेन चौड़ीकरण के लिए मंजूर खंड की लंबाई कितनी है?

  1. A.62.57 किलोमीटर
  2. B.82.57 किलोमीटर
  3. C.92.57 किलोमीटर
  4. D.112.57 किलोमीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 82.57 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर 82.57 किलोमीटर है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अगस्त 2026 में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड की इसी लंबाई को चार लेन का बनाने की मंजूरी दी, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है और काम हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर होगा। बाकी तीन विकल्प असली आंकड़े के आसपास रखे गए भ्रामक विकल्प हैं, जैसा ऐसे प्रश्नों में आम है, इसलिए गोल संख्या के बजाय दशमलव सहित सटीक आंकड़ा याद रखना चाहिए। लंबाई के साथ गलियारे का उद्देश्य भी याद रखें, यह उत्तर बिहार के बड़े आर्थिक केंद्र मुजफ्फरपुर को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा से जोड़ता है, और मुजफ्फरपुर में यह पूर्व-पश्चिम गलियारे वाले NH-27 से मिलता है। परियोजना में सात बड़े पुल, तीन रेल ऊपरी पुल और दो फ्लाईओवर भी शामिल हैं।

Q2.राज्य समाचारमध्यम

बिहार में NH-22 का चार लेन चौड़ीकरण किस पद्धति पर मंजूर हुआ है?

  1. A.इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन
  2. B.बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (टोल)
  3. C.हाइब्रिड एन्युइटी मोड
  4. D.बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हाइब्रिड एन्युइटी मोड

व्याख्या

सही उत्तर हाइब्रिड एन्युइटी मोड है, जिसे संक्षेप में एचएएम कहा जाता है। इसी मॉडल पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 82.57 किलोमीटर खंड को 3,590.73 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत पर मंजूरी दी। विकल्प क, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन, में पूरी लागत सरकार उठाती है और राजमार्ग निर्माण में यह आम तरीका है, पर यहां यह नहीं चुना गया। विकल्प ख, टोल आधारित बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर, में विकासकर्ता उपयोगकर्ताओं से पैसा वसूलता है और यह भी यहां लागू नहीं है। विकल्प घ, बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर, बुनियादी ढांचे में उपयोग होने वाली एक अन्य रियायत व्यवस्था है पर इस परियोजना के लिए नहीं। परीक्षार्थी यह भी याद रखें कि यह काम पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत नियोजित है।

Q3.राज्य समाचारकठिन

NH-22 चार लेन परियोजना में 340 मीटर का बड़ा पुल किस नदी पर बनेगा?

  1. A.कोसी
  2. B.गंडक
  3. C.बागमती
  4. D.बूढ़ी गंडक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बागमती

व्याख्या

सही उत्तर बागमती है। परियोजना के सात बड़े पुलों में सदानीरा बागमती नदी पर 340 मीटर का ढांचा शामिल है, जिसे यह गलियारा मुजफ्फरपुर से सीमा की ओर बढ़ते हुए पार करता है। विकल्प क, कोसी, उत्तर बिहार की प्रसिद्ध नदी है और राज्य के पुलों से जुड़े प्रश्नों में बार बार आने वाला भ्रामक विकल्प है, पर यहां बताई गई नदी यह नहीं है। विकल्प ख, गंडक, इस मार्ग के पश्चिम में बहती है। विकल्प घ, बूढ़ी गंडक, मुजफ्फरपुर के पास से गुजरती है और इसलिए आकर्षक विकल्प लगती है, फिर भी प्रश्न में बताया गया पुल बागमती पर है। सात बड़े पुलों के अलावा परियोजना में तीन रेल ऊपरी पुल और दो फ्लाईओवर भी हैं, जो सड़क तथा रेल की आवाजाही के टकराव को कम करेंगे।

Q4.राज्य समाचारमध्यम

NH-22 मुजफ्फरपुर को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित किस कस्बे से जोड़ता है?

  1. A.रक्सौल
  2. B.जोगबनी
  3. C.सोनबरसा
  4. D.बीरगंज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सोनबरसा

व्याख्या

सही उत्तर सोनबरसा है। चौड़ा किया जा रहा खंड मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होकर सोनबरसा तक जाता है, जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है, और बेहतर सड़क पास के भिठामोड़ लैंड पोर्ट से गुजरने वाले सीमा पार यातायात को सहारा देगी। विकल्प क, रक्सौल, बीरगंज के सामने स्थित भारत का एक बड़ा सीमावर्ती कस्बा है पर वह दूसरे गलियारे पर पड़ता है। विकल्प ख, जोगबनी, बिहार के अररिया क्षेत्र में सीमा चौकी है और इस मार्ग पर नहीं है। विकल्प घ, बीरगंज, नेपाल में ही है, इसलिए वह इस राजमार्ग का भारतीय छोर नहीं हो सकता। यह सड़क मुकसुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, डुमरा और भुतही से भी गुजरती है तथा बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम और बौद्ध परिपथ तक पहुंच सुधारती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में NH-22 की चार लेन परियोजना क्या है?

यह राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के 82.57 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन का बनाने का काम है, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है और जिसे आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अगस्त 2026 में हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर मंजूरी दी।

यह गलियारा क्यों महत्वपूर्ण है?

NH-22 मुजफ्फरपुर को भारत-नेपाल सीमा पर सोनबरसा से जोड़ता है और मुजफ्फरपुर में पूर्व-पश्चिम गलियारे वाले NH-27 से मिलता है। यह पास के भिठामोड़ लैंड पोर्ट से सीमा पार यात्री एवं मालवाहक आवाजाही में मदद करेगा तथा पांच आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा।

परियोजना में कौन से ढांचे शामिल हैं?

सात बड़े पुल बनेंगे, जिनमें सदानीरा बागमती नदी पर 340 मीटर का पुल शामिल है, साथ ही तीन रेल ऊपरी पुल और दो फ्लाईओवर। सड़क 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति के लिए बनाई गई है और मध्यिका में समतल कट नहीं होंगे।

किन जिलों और स्थलों को लाभ मिलेगा?

आकांक्षी जिलों में गिने जाने वाले मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी को बेहतर संपर्क मिलेगा, तथा बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम और बौद्ध परिपथ तक पहुंच सुधरेगी। मुजफ्फरपुर एवं सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों तक पहुंच भी बेहतर होगी।

स्रोत

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