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डीआरडीओ ईएसटीआईसी-2026 में सेमीकंडक्टर सत्र की अगुवाई करेगा

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक भारत मंडपम में होने वाले ईएसटीआईसी-2026 में सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के चिप्स पर सत्र की अगुवाई करेगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डीआरडीओ ईएसटीआईसी-2026 में सेमीकंडक्टर सत्र की अगुवाई करेगा

चर्चा में क्यों

13 अक्टूबर 2026 को डीआरडीओ ने घोषणा की कि वह नई दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले ईएसटीआईसी-2026 में सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के चिप्स पर विशेष सत्र की अगुवाई करेगा और इसी दिन बेंगलुरु में प्रारंभिक कार्यक्रम हुआ।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) 'सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के चिप्स' विषय पर एक विशेष सत्र की अगुवाई करेगा। यह सत्र उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी-2026) का हिस्सा होगा, जो नई दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यह सम्मेलन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में 12 मंत्रालयों और विभागों द्वारा मिलकर आयोजित किया जा रहा है। इसका मकसद विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के रास्ते 'विकसित भारत @ 2047' के लक्ष्य को आगे बढ़ाना और देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

सत्र में कौन बोलेंगे

इस सत्र में रक्षा उद्योग, शिक्षा जगत, देश के स्वदेशी चिप निर्माण तंत्र और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे। मुख्य भाषण माइक्रोन इंडिया के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक देंगे। इसके बाद भारत सेमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेत्रसेमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईआईटी मद्रास के निदेशक अपनी बात रखेंगे। चर्चा सेमीकंडक्टर विनिर्माण, चिप डिजाइन, विशेष उद्देश्यों के लिए बने एआई सिस्टम-ऑन-चिप, सिलिकॉन स्तर पर इंटेलिजेंस और माइक्रोप्रोसेसर के बदलते परिदृश्य पर केंद्रित रहेगी।

बेंगलुरु में प्रारंभिक कार्यक्रम

डीआरडीओ ने 13 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु में इसका प्रारंभिक कार्यक्रम रखा। इसकी अध्यक्षता प्रख्यात वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार प्रणाली) डॉ. बी.के. दास ने की। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के चिप्स आर्थिक प्रतिस्पर्धा, डिजिटल संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं। उनका कहना था कि एक मजबूत और संपूर्ण माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स तंत्र ही दूरसंचार, ऑटोमोटिव सिस्टम, औद्योगिक स्वचालन, एआई हार्डवेयर और रणनीतिक रक्षा प्रणालियों को ताकत देगा। उन्होंने जोड़ा कि घरेलू क्षमता ही देश की अर्थव्यवस्था को आपूर्ति शृंखला की बाधाओं, भू-राजनीतिक अस्थिरता और दूसरे देशों के प्रौद्योगिकी निर्यात नियंत्रणों से बचा सकती है।

महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. अनुपम शर्मा ने आधुनिक युद्ध में इन चिप्स की भूमिका रेखांकित की और कहा कि सैन्य अभियानों के लगभग हर पहलू में ये तकनीकें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र का कारोबार वर्ष 2035 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

आउटरीच स्टॉल पर क्या दिखेगा

  • उन्नत संचार प्रणाली और क्वांटम प्रौद्योगिकी के प्रोटोटाइप।
  • अत्यधिक ठंडे मौसम के कपड़े और महिलाओं के लिए 'प्रबला' फुल-बॉडी प्रोटेक्टर।
  • पैसिव और पावर्ड एक्सोस्केलेटन तथा पोर्टेबल हाइब्रिड ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली।
  • हाई-पावर पल्स लेजर डायोड और स्क्रैमजेट इंजन तकनीक।

बेंगलुरु के कार्यक्रम में एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स निदेशालय, सॉलिड स्टेट फिजिक्स प्रयोगशाला और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट के निदेशक तथा कॉम्बैट एयरक्राफ्ट सिस्टम्स डेवलपमेंट एंड इंटीग्रेशन सेंटर के प्रमुख भी मौजूद रहे।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनईएसटीआईसी-2026, उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन
स्थान और तिथिभारत मंडपम, नई दिल्ली, 27 से 29 अक्टूबर 2026
आयोजक12 मंत्रालय और विभाग, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में
डीआरडीओ का सत्र'सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के चिप्स' विषय पर विशेष सत्र
मुख्य वक्तामाइक्रोन इंडिया के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
अन्य वक्ताभारत सेमी और नेत्रसेमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आईआईटी मद्रास के निदेशक
प्रारंभिक कार्यक्रम13 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु, कर्नाटक में; अध्यक्षता डॉ. बी.के. दास, महानिदेशक (इलेक्ट्रॉनिक्स व संचार प्रणाली) ने की
बाजार अनुमानडॉ. अनुपम शर्मा के अनुसार सेमीकंडक्टर कारोबार वर्ष 2035 तक 200 अरब डॉलर
जुड़ा लक्ष्यविकसित भारत @ 2047 और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता

परीक्षा की दृष्टि से

ईएसटीआईसी का पूरा नाम (उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन), तारीखें (27 से 29 अक्टूबर 2026), स्थान (भारत मंडपम, नई दिल्ली), आयोजक मंत्रालयों की संख्या (12), मार्गदर्शन (प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार), डीआरडीओ का सत्र, प्रारंभिक कार्यक्रम का शहर (बेंगलुरु), दोनों महानिदेशकों के नाम और 2035 तक 200 अरब डॉलर का आंकड़ा याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

डीआरडीओ जिस सेमीकंडक्टर सत्र की अगुवाई करेगा, वह ईएसटीआईसी-2026 किस स्थान पर आयोजित होगा?

  1. A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  2. B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  3. C.यशोभूमि, द्वारका
  4. D.बेंगलुरु पैलेस ग्राउंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत मंडपम, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर भारत मंडपम, नई दिल्ली है। उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन, जिसे ईएसटीआईसी-2026 कहा जा रहा है, वहीं 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा और डीआरडीओ उसमें सेमीकंडक्टर तथा अगली पीढ़ी के चिप्स पर विशेष सत्र की अगुवाई करेगा। विकल्प A का विज्ञान भवन और विकल्प C का यशोभूमि राजधानी के जाने-पहचाने सम्मेलन स्थल हैं, लेकिन यह सम्मेलन इनमें से किसी में नहीं हो रहा है। विकल्प D, बेंगलुरु, वह गलती है जो जल्दबाजी में सबसे ज्यादा होती है, क्योंकि डीआरडीओ ने इस सत्र का प्रारंभिक कार्यक्रम 13 अक्टूबर 2026 को उसी शहर में किया था; सम्मेलन खुद दिल्ली में है। अभ्यर्थी दोनों जगहों को अलग-अलग नोट करें: तैयारी वाले कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु और सम्मेलन के लिए भारत मंडपम। यह सम्मेलन 12 मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

ईएसटीआईसी-2026 का आयोजन कितने मंत्रालय और विभाग मिलकर कर रहे हैं?

  1. A.आठ
  2. B.दस
  3. C.बारह
  4. D.पंद्रह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बारह

व्याख्या

सही उत्तर बारह है। यह सम्मेलन 12 मंत्रालयों और विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है और पूरा आयोजन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में हो रहा है। इतने मंत्रालयों की भागीदारी ही इसे किसी एक विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहल बनाती है, और इसका घोषित उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के जरिये विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाना तथा आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। विकल्प A, B और D यानी आठ, दस और पंद्रह ऐसे गोल आंकड़े हैं जो अंतर-मंत्रालयी आयोजनों के साथ आम तौर पर जोड़ दिए जाते हैं, पर इस सम्मेलन के लिए घोषित संख्या इनमें से कोई नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह है कि इस खबर के दो आंकड़े साथ रखें: बारह आयोजक मंत्रालय एवं विभाग, और भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले तीन दिन।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

प्रारंभिक कार्यक्रम में बताए गए अनुमान के अनुसार सेमीकंडक्टर कारोबार किस वर्ष तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचेगा?

  1. A.2030
  2. B.2035
  3. C.2040
  4. D.2047
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2035

व्याख्या

सही उत्तर 2035 है। प्रख्यात वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. अनुपम शर्मा ने बेंगलुरु के प्रारंभिक कार्यक्रम में कहा कि सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्र का कारोबार वर्ष 2035 तक बढ़कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने यह बात आधुनिक युद्ध में इन चिप्स की भूमिका बताते हुए कही, और जोड़ा कि सैन्य अभियानों के लगभग हर पहलू में ये तकनीकें शामिल हो चुकी हैं। विकल्प A और C यानी 2030 और 2040 प्रौद्योगिकी से जुड़े अनुमानों में आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले वर्ष हैं, लेकिन इस अनुमान के साथ ये नहीं जुड़े हैं। विकल्प D, 2047, सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि यह सम्मेलन विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य से जुड़ा है; वह वर्ष विकास के लक्ष्य का है, बाजार अनुमान का नहीं। अभ्यर्थी दोनों वर्ष अलग रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईएसटीआईसी-2026 कहां और कब आयोजित होगा?

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक। उभरता विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन को 12 मंत्रालय और विभाग भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के मार्गदर्शन में मिलकर आयोजित कर रहे हैं।

डीआरडीओ ईएसटीआईसी-2026 में किस सत्र की अगुवाई करेगा?

'सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के चिप्स' विषय पर विशेष सत्र की। इसमें मुख्य भाषण माइक्रोन इंडिया के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक देंगे, तथा भारत सेमी और नेत्रसेमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईआईटी मद्रास के निदेशक भी बोलेंगे।

प्रारंभिक कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर कारोबार का कौन सा आंकड़ा बताया गया?

महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. अनुपम शर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र का कारोबार वर्ष 2035 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम 13 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में हुआ।

आउटरीच स्टॉल पर डीआरडीओ की कौन सी तकनीकें प्रदर्शित होंगी?

उन्नत संचार प्रणाली, क्वांटम प्रौद्योगिकी के प्रोटोटाइप, अत्यधिक ठंडे मौसम के कपड़े, महिलाओं के लिए 'प्रबला' फुल-बॉडी प्रोटेक्टर, पैसिव और पावर्ड एक्सोस्केलेटन, पोर्टेबल हाइब्रिड ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली, हाई-पावर पल्स लेजर डायोड और स्क्रैमजेट इंजन तकनीक।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 13 अक्टूबर 2026

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