जनजातीय मंत्रालय ने आदि कर्मयोगी प्रशिक्षण के लिए समझौता किया
जनजातीय कार्य मंत्रालय और कर्मयोगी भारत ने 13 अक्टूबर 2026 को समझौता किया, जिससे आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों को आईजीओटी मंच पर प्रशिक्षण और प्रमाणन मिलेगा।

चर्चा में क्यों
13 अक्टूबर 2026 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और कर्मयोगी भारत ने नई दिल्ली में सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिससे आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों के लिए अलग माइक्रोसाइट बनेगी और गांव स्तर के स्वयंसेवकों को मिशन कर्मयोगी जैसा प्रशिक्षण मिलेगा।
जनजातीय कार्य मंत्रालय और कर्मयोगी भारत ने नई दिल्ली में एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत आईजीओटी कर्मयोगी ढांचे के भीतर जनजातीय कार्य क्षमता निर्माण मंच बनाया और चलाया जाएगा। इस समझौते से मिशन कर्मयोगी का दायरा बढ़ता है, जिसका प्रशिक्षण अब तक सिविल सेवकों पर केंद्रित था और अब इसमें आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक तथा गांव स्तर पर जनजातीय विकास योजनाएं चलाने वाले कार्मिक भी शामिल होंगे।
आदि कर्मयोगी अभियान
यह मंच आदि कर्मयोगी अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत मंत्रालय 76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक स्वयंसेवकों का तंत्र खड़ा कर रहा है। ये गांव स्तर पर सहायता, नागरिक संवाद और योजनाओं के अंतिम छोर पर अभिसरण के स्थायी मंच बनेंगे। राज्यों द्वारा पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 60,507 आदि सेवा केंद्र और 1,22,072 स्वयंसेवक पंजीकृत हो चुके हैं।
माइक्रोसाइट से क्या मिलेगा
- प्रत्येक स्वयंसेवक को मानक और मोबाइल पर चलने वाली पाठ्य सामग्री मिलेगी, जिसे कभी भी और कहीं से भी देखा जा सकेगा।
- सामग्री में जनजातीय विकास योजनाओं तथा क्षेत्र में स्वयंसेवक की भूमिका की जानकारी होगी, साथ ही मूल्यांकन और प्रमाणन भी।
- सामग्री केंद्रीय स्तर पर सुधारी जा सकेगी और एक साथ सभी स्वयंसेवकों तक पहुंचेगी, जबकि प्रगति राज्यवार देखी जा सकेगी।
किसकी क्या जिम्मेदारी
कर्मयोगी भारत मंच को होस्ट करेगी, चलाएगी और उसका रखरखाव करेगी, शिक्षार्थियों को जोड़ेगी, तकनीकी सहायता तथा विश्लेषण देगी और प्रगति की रिपोर्ट भेजेगी। मंत्रालय विषय का स्वामी होने के नाते लक्षित समूह और आवश्यक दक्षताएं तय करेगा, सामग्री तैयार कर उसे मंजूरी देगा, शिक्षार्थियों का नामांकन करेगा और मंच के उपयोग को बढ़ावा देगा। एक संयुक्त संचालन समिति प्रगति की समीक्षा करेगी तथा क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान करेगी।
प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और अब तक की प्रगति
ऑनलाइन सामग्री के साथ स्वयंसेवकों के लिए तीन दिवसीय प्रत्यक्ष प्रशिक्षण भी चलेगा, जिसे राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान राज्यों के जनजातीय कल्याण विभागों के साथ तैयार कर संचालित करेंगे। पहले चरण में चार राज्य रखे गए हैं, महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा, जिन्हें यह प्रशिक्षण 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना है, जबकि सभी राज्यों के लिए समय-सीमा 31 दिसंबर 2026 है। माइक्रोसाइट पहले से चालू है। निर्देशात्मक वीडियो थोक संदेश के जरिए 1,25,000 से अधिक स्वयंसेवकों तक भेजे गए हैं और पाठ्यक्रमों में लॉगिन कर नामांकन कराने वाले स्वयंसेवकों की संख्या 500 पार कर चुकी है। राज्य संस्थानों का अभिमुखीकरण पूरा हो गया है और उन्हें नमूना प्रशिक्षण कैलेंडर तथा मार्गदर्शन सामग्री भेजी गई है। जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने बताया कि मंच पर 646 पाठ्यक्रम नामांकन और 235 पाठ्यक्रम पूर्णताएं हुई हैं तथा 112 स्वयंसेवकों ने कम से कम एक पाठ्यक्रम पूरा किया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| समझौता | जनजातीय कार्य मंत्रालय और कर्मयोगी भारत के बीच सहमति ज्ञापन, नई दिल्ली |
|---|---|
| मंच | आईजीओटी कर्मयोगी पर जनजातीय कार्य क्षमता निर्माण मंच तथा अलग एकेवी माइक्रोसाइट |
| विस्तारित योजना | मिशन कर्मयोगी, जो अब तक सिविल सेवकों के लिए थी |
| अभियान | आदि कर्मयोगी अभियान |
| लक्ष्य | 76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक |
| अब तक पंजीकरण | 60,507 आदि सेवा केंद्र और 1,22,072 स्वयंसेवक |
| प्राथमिक राज्य | महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा, प्रशिक्षण 31 अक्टूबर 2026 तक |
| सभी राज्यों की समय-सीमा | 31 दिसंबर 2026 |
| उपयोग के आंकड़े | 646 पाठ्यक्रम नामांकन, 235 पूर्णताएं, 112 स्वयंसेवकों ने एक पाठ्यक्रम पूरा किया |
परीक्षा की दृष्टि से
दोनों हस्ताक्षरकर्ता, मंच (आईजीओटी कर्मयोगी) और मूल योजना (मिशन कर्मयोगी), आदि कर्मयोगी अभियान के लक्ष्य (76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र, 1,54,000 से अधिक स्वयंसेवक), पंजीकृत आंकड़े (60,507 और 1,22,072), चार प्राथमिक राज्य महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा तथा त्रिपुरा की 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा और सभी राज्यों के लिए 31 दिसंबर 2026 याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने क्षमता निर्माण का सहमति ज्ञापन किस संस्था के साथ किया?
- A.कर्मयोगी भारत
- B.राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान
- C.ट्राइफेड
- D.राष्ट्रीय कौशल विकास निगम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर कर्मयोगी भारत है, जिसने नई दिल्ली में जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ आईजीओटी कर्मयोगी ढांचे के अंतर्गत जनजातीय कार्य क्षमता निर्माण मंच के लिए सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कर्मयोगी भारत इस मंच को होस्ट करेगी, चलाएगी और उसका रखरखाव करेगी, शिक्षार्थियों को जोड़ेगी तथा तकनीकी सहायता, विश्लेषण और प्रगति रिपोर्ट देगी, जबकि मंत्रालय विषय का स्वामी होने के नाते लक्षित समूह, दक्षताएं और सामग्री तय करेगा। शेष विकल्प गलत हैं क्योंकि इनमें से कोई भी इस समझौते का पक्षकार नहीं है, भले वे प्रशिक्षण अथवा जनजातीय और ग्रामीण विकास से किसी रूप में जुड़े हों। इस समझौते का महत्व यह है कि मिशन कर्मयोगी अब गांव स्तर के स्वयंसेवकों तक पहुंच रहा है। एक संयुक्त संचालन समिति इस कार्य की प्रगति की समीक्षा करेगी।
आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण 31 अक्टूबर 2026 तक किन चार राज्यों को पूरा करना है?
- A.झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और असम
- B.महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा
- C.गुजरात, राजस्थान, केरल और मणिपुर
- D.मध्य प्रदेश, ओडिशा, गोवा और नगालैंड
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा है। इन चार राज्यों को स्वयंसेवकों के तीन दिवसीय प्रत्यक्ष प्रशिक्षण में पहले रखा गया है, जिसे राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान जनजातीय कल्याण विभागों के साथ तैयार कर संचालित करेंगे, और इन्हें यह कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा करना है। शेष सभी राज्यों को यही प्रशिक्षण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है। अन्य विकल्पों में ऐसे राज्य जोड़े गए हैं जो चार प्राथमिक राज्यों में नहीं थे, इसलिए वे गलत हैं। यह कक्षा प्रशिक्षण नई माइक्रोसाइट की ऑनलाइन सामग्री के साथ चलेगा, जहां प्रगति राज्यवार देखी जा सकती है, इसलिए दोनों समय-सीमाएं साथ याद रखनी चाहिए। आदि कर्मयोगी अभियान में 76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक स्वयंसेवकों का तंत्र बनाया जा रहा है, जिनमें से अब तक 60,507 केंद्र पंजीकृत हो चुके हैं।
आदि कर्मयोगी अभियान में अब तक पोर्टल पर कितने आदि सेवा केंद्र पंजीकृत हुए हैं?
- A.76,000
- B.60,507
- C.1,22,072
- D.1,54,000
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 60,507 है। राज्यों द्वारा पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार इतने आदि सेवा केंद्र पंजीकृत हैं, और इनके साथ 1,22,072 आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक भी पंजीकृत हुए हैं। विकल्प ग गलत है क्योंकि वह केंद्रों के बजाय पंजीकृत स्वयंसेवकों की संख्या देता है, जो ऐसे प्रश्नों का सामान्य भ्रम है। विकल्प क और घ भी गलत हैं, क्योंकि वे अभियान के लक्ष्य बताते हैं, उपलब्धि नहीं: मंत्रालय 76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक स्वयंसेवकों का तंत्र खड़ा कर रहा है, जो गांव स्तर पर सहायता, नागरिक संवाद और योजनाओं के अभिसरण के स्थायी मंच बनेंगे। केंद्रों तथा स्वयंसेवकों, दोनों के लक्ष्य और उपलब्धि अलग-अलग याद रखें। मंच पर अब तक 646 पाठ्यक्रम नामांकन और 235 पूर्णताएं दर्ज हुई हैं।
किस चल रही योजना का क्षमता निर्माण ढांचा आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों तक बढ़ाया गया है?
- A.मिशन कर्मयोगी
- B.कौशल भारत मिशन
- C.मिशन शक्ति
- D.धरती आबा जनभागीदारी अभियान
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर मिशन कर्मयोगी है। इसका क्षमता निर्माण ढांचा अब तक सिविल सेवकों पर केंद्रित था और इस समझौते से वह आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों तथा जनजातीय विकास योजनाएं लागू करने वाले अन्य कार्मिकों तक बढ़ा दिया गया है। प्रशिक्षण आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर होगा, जहां अलग माइक्रोसाइट स्वयंसेवकों को मानक और मोबाइल पर चलने वाली सामग्री, मूल्यांकन तथा प्रमाणन देती है। शेष विकल्पों में ऐसे कार्यक्रम हैं जो इस विस्तार का आधार नहीं थे, इसलिए वे गलत हैं। शुरुआती उपयोग के प्रमाण के रूप में मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने 646 पाठ्यक्रम नामांकन, 235 पूर्णताएं और 112 स्वयंसेवकों द्वारा कम से कम एक पाठ्यक्रम पूरा करने का उल्लेख किया, जबकि निर्देशात्मक वीडियो 1,25,000 से अधिक स्वयंसेवकों तक पहुंचे। इन आंकड़ों के साथ योजना का नाम भी याद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनजातीय कार्य मंत्रालय और कर्मयोगी भारत के समझौते का उद्देश्य क्या है?
आईजीओटी कर्मयोगी ढांचे के अंतर्गत जनजातीय कार्य क्षमता निर्माण मंच बनाना और चलाना, जिसकी अलग माइक्रोसाइट आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों तथा जनजातीय योजनाएं लागू करने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षण और प्रमाणन देगी।
आदि कर्मयोगी अभियान में कितने आदि सेवा केंद्र और स्वयंसेवक लक्षित हैं?
76,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र और 1,54,000 से अधिक आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक। राज्यों की पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 60,507 केंद्र और 1,22,072 स्वयंसेवक पंजीकृत हुए हैं।
प्रत्यक्ष प्रशिक्षण पहले किन राज्यों को पूरा करना है?
महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा और त्रिपुरा को तीन दिवसीय प्रशिक्षण 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना है, जबकि सभी राज्यों के लिए समय-सीमा 31 दिसंबर 2026 है। यह प्रशिक्षण राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान जनजातीय कल्याण विभागों के साथ देंगे।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322927 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
करेंट अफेयर्स 13 अक्टूबर 2026
- अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम से 590 विद्यार्थी पूर्वोत्तर पहुंचेसरकारी योजनाएं
- खादी बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये परसरकारी योजनाएं
- ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में आयोजितशिखर सम्मेलन
- भाषिणी ने एनसीजीजी मसूरी कार्यक्रम में किया सजीव अनुवादविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- सीपीग्राम्स की 53वीं मासिक रिपोर्ट जारी, 2,38,579 शिकायतों का निपटारारिपोर्ट और सूचकांक
- भारतीय रेल का माल लदान सितंबर 2026 में 6.14 प्रतिशत बढ़ाअर्थव्यवस्था
- एनएलएमसी की पहली ई-नीलामी में आरआईएनएल के 150 भूखंड बिकेअर्थव्यवस्था
- दिल्ली को 150 इलेक्ट्रिक बसें और 13 नए वायु गुणवत्ता केंद्र मिलेपर्यावरण
संबंधित करेंट अफेयर्स
- सरकारी योजनाएं
पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के पांच वर्ष, 1,800 डेटा लेयर जुड़े
13 अक्टूबर 2026 · 2 मिनट
- सरकारी योजनाएं
अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम से 590 विद्यार्थी पूर्वोत्तर पहुंचे
13 अक्टूबर 2026 · 2 मिनट
संबंधित GK
- नर्मदा और मध्य प्रदेश की नदियां: बांध एवं परियोजनाएं
13 अक्टूबर 2026 · मध्य प्रदेश
- मालवा, विंध्य और सतपुड़ा: मध्य प्रदेश के पठार
13 अक्टूबर 2026 · मध्य प्रदेश
- हरियाणा की नदियां और झीलें: यमुना, घग्घर और आर्द्रभूमियां
13 अक्टूबर 2026 · हरियाणा
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
शिक्षण करेंट अफेयर्स क्विज: 13 अक्टूबर 2026
12 प्रश्न12 मिनटक्विज शुरू करें





